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ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी, न्यूजीलैंड की उपलब्धियों की खुलकर सराहना, कहा- ‘हमने आपसे बहुत कुछ सीखा’


नई दिल्ली ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित भारतीय समुदाय के विशेष कार्यक्रम में दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की साझेदारी पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का रिश्ता केवल कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, मित्रता और साझा मूल्यों की मजबूत नींव पर आधारित है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की कई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस देश से बहुत कुछ सीखा है और आज भी सीखने की यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता होने के बावजूद समय के साथ स्वयं को निरंतर बदलता और आधुनिक बनाता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सीखने की क्षमता है। यही कारण है कि देश दुनिया के विभिन्न अनुभवों को अपनाते हुए अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति उसके आकार से नहीं, बल्कि जनकल्याण की भावना और समाज के विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से तय होती है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक विकास की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह वही देश है जिसने दुनिया में सबसे पहले महिलाओं को मतदान का अधिकार देकर समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों की नई मिसाल पेश की। आज न्यूजीलैंड के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी उसकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भी महिला सशक्तिकरण को विकास का प्रमुख आधार मानते हुए शिक्षा, उद्यमिता, नेतृत्व और आर्थिक भागीदारी के नए अवसर लगातार बढ़ा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में न्यूजीलैंड की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस देश ने कृषि और उससे जुड़े मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र किसी भी राष्ट्र की आर्थिक ताकत बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों पर आधारित कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और वैश्विक बाजार से जोड़कर न्यूजीलैंड ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। भारत जैसे विशाल कृषि प्रधान देश के लिए यह अनुभव प्रेरणादायक है और इससे कई उपयोगी सीख प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने यह भी सिद्ध किया है कि सीमित घरेलू बाजार होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और नवाचार के बल पर वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई जा सकती है। भारत भी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और कृषि आधारित उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इस दिशा में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को भविष्य की साझा यात्रा बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक सम्मान की भावना लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड शिक्षा, कृषि, व्यापार, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे, जिससे दोनों देशों की साझेदारी और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनेगी।

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