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भोलेनाथ को खुश करने का सबसे सरल मार्ग, इन नियमों और उपायों से बरसेगी शिव कृपा

नई दिल्ली । भोलेनाथ को देवों के देव महादेव कहा जाता है। शास्त्रों में भगवान शिव को सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाला देवता माना गया है। इसी कारण उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा और निष्कपट भक्ति से भगवान शिव अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए बड़े यज्ञ या महंगे अनुष्ठानों की आवश्यकता नहीं होती बल्कि सादगी और समर्पण ही सबसे बड़ा पूजन माना गया है।

भगवान शिव की पूजा का सबसे उत्तम समय प्रातःकाल माना जाता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर शिवलिंग पर जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो गंगाजल मिश्रित जल से अभिषेक करें। इसके बाद कच्चा दूध दही शहद घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक किया जा सकता है। अंत में पुनः स्वच्छ जल से शिवलिंग का स्नान कराना चाहिए।

शिव पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है। तीन पत्तियों वाला बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना गया है। ध्यान रखें कि बेलपत्र टूटा हुआ या कीड़ों से खराब नहीं होना चाहिए। इसके साथ धतूरा भांग आक के फूल सफेद चंदन और सफेद पुष्प अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान भगवान शिव को अक्षत फल और मौसमी प्रसाद भी अर्पित किया जा सकता है।

महामृत्युंजय मंत्र और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप शिव कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय माना गया है। प्रतिदिन कम से कम 108 बार इन मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। सावन सोमवार प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि के दिन इन मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।

भगवान शिव केवल पूजा से ही नहीं बल्कि अच्छे आचरण से भी प्रसन्न होते हैं। सत्य बोलना जरूरतमंदों की सहायता करना माता पिता और गुरु का सम्मान करना तथा किसी के साथ छल कपट न करना शिव भक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। जो व्यक्ति दूसरों के प्रति दया करुणा और सेवा का भाव रखता है उस पर महादेव की विशेष कृपा बनी रहती है।

सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित माना गया है। इस दिन सात्विक भोजन करना क्रोध से बचना और शिव मंदिर में दीप जलाकर आरती करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो गरीबों को भोजन कराना या जरूरतमंदों को वस्त्र दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है। दान और सेवा के कार्य भगवान शिव को अत्यंत प्रिय बताए गए हैं।

शिव पुराण के अनुसार अहंकार त्यागकर सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण करने वाला व्यक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने की शक्ति प्राप्त करता है। महादेव अपने भक्तों को केवल भौतिक सुख ही नहीं बल्कि आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। इसलिए यदि जीवन में सुख समृद्धि सफलता और मानसिक शांति की कामना है तो प्रतिदिन कुछ समय भगवान शिव की आराधना के लिए अवश्य निकालें। सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई शिव भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती और भोलेनाथ अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं।

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