MORENA TEMPLE ACCIDENT: मुरैना। जिले की जौरा तहसील के ग्राम अहरौली में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ। जहां मंदिर की छत गिरने से तीन बच्चियों की मौत हो गई और सात लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई।
देर शाम कराया गया पोस्टमार्टम और रात में अंतिम संस्कार
प्रशासन ने तीनों बच्चियों का पोस्टमार्टम सोमवार देर शाम को कराया और अधिकारियों की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद परिजन शवों को गांव लेकर पहुंचे और रात में ही तीनों बच्चियों का अंतिम संस्कार किया गया।
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मृतक बच्चियां:
वैश्णवी, पुत्री जीतू सिकरवार, उम्र 11 साल
छाया, पुत्री अशोक गोस्वामी, उम्र 7 साल
करिश्मा, पुत्री अशोक गोस्वामी, उम्र 9 साल

घायलों के नाम:
सतीश गौड, 45 वर्ष
प्रथ्वी गौड, 40 वर्ष
गुंजन, 12 वर्ष
परी, 8 वर्ष
विद्या, 6 वर्ष
प्रांसी, 8 वर्ष
मानसी, 10 वर्ष
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मुख्यमंत्री ने जताया दुख
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि निर्माणाधीन मंदिर की छत गिरने से तीन बच्चियों की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। साथ ही दिवंगतों की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
मंदिर और हादसे का कारण
अहरौली का चामड़ माता मंदिर लगभग 200 साल पुराना है। करीब सात साल पहले ग्रामीणों ने मंदिर का जीर्ण-शीर्ण चबूतरा कमरे में बदलते हुए पतली फर्शी पटिया की छत बनवाई थी। हादसे के दिन मंदिर में ईंटों से गुंबद का निर्माण कराया जा रहा था। अतिरिक्त भार के कारण पुरानी फर्शी झेल नहीं पाई और अचानक छत गिर गई।
घटना के समय सतीश गौड, उनकी पत्नी पृथ्वी और बेटी मानसी प्रसाद वितरण के लिए मंदिर में थीं। गुंबद निर्माण के कारण अचानक छत गिरने से बच्चे और अन्य लोग मलबे में दब गए।
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अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
सभी सात घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि घायलों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।