HIGHLIGHTS:
-
दिव्यांग महिला ने 13 साल बाद नौकरी से हटाने का लगाया आरोप
-
हीरा कॉलोनी में सड़क निर्माण को लेकर विवाद
-
कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए
-
अतिक्रमण और सड़क निर्माण की शिकायतें भी आईं
-
छात्रवृत्ति भुगतान के आदेश जारी

Collectorate Public Hearing: ग्वालियर। दतिया कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया। इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक महिला कर्मचारी कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े के सामने फूट-फूटकर रो पड़ी। महिला ने आरोप लगाया कि 13 वर्षों तक सेवा देने के बाव जूद उसे बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया।
DABRA STAMPEDE NEWS: डबरा में कलश वितरण के दौरान भगदड़, महिला की मौत; बच्ची समेत 8 श्रद्धालु घायल
महिला ने बताया कि वह और उसका पति दोनों दिव्यांग हैं और लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र की महिला वार्ड में कार्यरत हैं। बीमारी के चलते वह पिछले आठ दिनों से ड्यूटी पर नहीं जा सकी, इसी को आधार बनाकर उसे सेवा से हटा दिया गया। महिला ने कलेक्टर से पुनः कार्य पर बहाल करने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत
जनसुनवाई में ग्राम राजापुर निवासी अंकुश अहिरवार ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि मान सिंह अहिरवार द्वारा उनके मकान के सामने अवैध निर्माण किया जा रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। कलेक्टर ने जांच कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
हीरा कॉलोनी में सड़क निर्माण पर सवाल
वार्ड नंबर 33 हीरा कॉलोनी के रहवासियों ने शिकायत की कि गली नंबर 2 में 20 फुट चौड़ी आरसीसी सड़क स्वीकृत होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण केवल 15 फुट सड़क बनाई जा रही है। कलेक्टर ने नगर पालिका को जांच के आदेश दिए।

छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान छात्र
ओबीसी वर्ग के छात्रों ने भी जनसुनवाई में शिकायत की कि सत्र 2022-23 और 2023-24 की छात्रवृत्ति अब तक नहीं मिली है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।