HIGHLIGHTS:
- दूसरी बार जमानती वारंट के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए पटवारी।
- आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है मामला।
- 2024 लोकसभा चुनाव के बयान को लेकर दर्ज हुई थी शिकायत।
- IPC की धारा 188 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज।
- अगली तारीख पर कोर्ट तय करेगा आगे की कार्रवाई।

PCC CHEIF JETU PATWARI: ग्वालियर। जीतू पटवारी एक बार फिर ग्वालियर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश नहीं हुए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें दूसरी बार जमानती वारंट जारी कर तलब किया था, लेकिन शुक्रवार को भी वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति के चलते आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में ट्रायल की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
2024 लोकसभा चुनाव से जुड़ा मामला
यह प्रकरण वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र में दिए गए एक बयान से संबंधित है। चुनाव प्रचार के दौरान पटवारी ने देवाशीष जरारिया पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया था। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद गहराया और मामला कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया।
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बहुजन समाज पार्टी की ओर से 4 मई 2024 को भिंड के ऊमरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया।
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बार-बार गैरहाजिरी पर वारंट
मामले में 15 जुलाई 2024 से विचारण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लगातार अनुपस्थिति के चलते अदालत ने 16 जनवरी को पहला जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी को दूसरी बार जमानती वारंट जारी कर उन्हें उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, लेकिन वे फिर भी अदालत नहीं पहुंचे। अब अदालत अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी।