जैसे ही नकुल दास को अपनी जेब में हलचल महसूस हुई, उन्हें तुरंत शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए युवक का हाथ पकड़ लिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनते ही आसपास मौजूद मरीज, परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही पलों में वहां भीड़ जमा हो गई और लोगों ने आरोपी युवक को घेर लिया।
गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए कि आखिर इतने बड़े अस्पताल में जेबकतरे कैसे आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।
सूचना मिलने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह आरोपी को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद उसे मायागंज अस्पताल स्थित पुलिस कैंप में ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरारी थाना पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ थाने ले गई।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक ने अपना नाम मोहम्मद पप्पू बताया है और वह सकूरा क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
घटना के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत और नाराजगी दोनों देखी गई। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए ताकि मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को इस तरह की घटनाओं का सामना न करना पड़े।
पीड़ित नकुल दास ने बताया कि वह इलाज के लिए आए थे और लाइन में खड़े थे, तभी एक व्यक्ति ने उनकी जेब में हाथ डालने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है।