नई दिल्ली।International Workers’ Day के मौके पर जहां श्रमिकों के अधिकार और सम्मान की बात की जाती है, वहीं उनकी सेहत और सुरक्षा पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है। देश के कई हिस्सों में बढ़ती भीषण गर्मी और Heatwave (लू) के चलते सबसे ज्यादा असर खुले में काम करने वाले मजदूरों पर पड़ रहा है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और जागरूकता बेहद अहम हो जाती है।
मेहनतकश हाथों की मेहनत से ही देश की तरक्की होती है, लेकिन तेज धूप और बढ़ते तापमान में काम करना उनकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। निर्माण कार्य में लगे मजदूर, खेतों में काम करने वाले किसान और सड़क किनारे काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं।
National Health Mission के अनुसार, लू से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले कोशिश करें कि काम के दौरान ज्यादा से ज्यादा समय छाया में बिताया जाए। यदि धूप में काम करना जरूरी हो, तो सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें ताकि सीधे सूरज की किरणों से बचा जा सके।
शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे महत्वपूर्ण है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और प्यास लगने का इंतजार न करें। छोटे-छोटे अंतराल में पानी पीना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है। वहीं, ज्यादा चीनी वाले ठंडे पेय, कोल्ड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स से दूरी बनाना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं।
कपड़ों का चुनाव भी गर्मी से बचाव में अहम भूमिका निभाता है। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनना चाहिए, जो पसीने को सोखते हैं और शरीर को ठंडक देते हैं। इसके अलावा, लगातार धूप में काम करने से बचें और हर 45 से 60 मिनट के बीच 10-15 मिनट का आराम जरूर करें।
खानपान का भी ध्यान रखना जरूरी है। गर्मी में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना शरीर की गर्मी को बढ़ा सकता है, जिससे परेशानी और बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर किसी को लू लग जाए तो चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में तुरंत व्यक्ति को छाया में ले जाकर ठंडे पानी से शरीर को ठंडा करना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।
इसके साथ ही उद्योग संगठनों और ट्रेड यूनियनों की जिम्मेदारी भी बनती है कि वे श्रमिकों के लिए काम के समय को संतुलित करें, पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करें और उन्हें जागरूक बनाएं।
कुल मिलाकर, इस भीषण गर्मी में श्रमिकों की सुरक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक जरूरत है। सही सावधानियां अपनाकर और जागरूक रहकर ही Heatwave के खतरे से बचा जा सकता है और श्रमिकों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है।