यह घटनाक्रम पाकिस्तान द्वारा हाल ही में किए गए हवाई हमलों के दो दिन बाद सामने आया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हमले का दावा
तालिबान का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में की गई। अफगानिस्तान के मीडिया संस्थान ‘टोलो न्यूज’ ने भी इस दावे की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन हमलों के जरिए उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जहां ISIS-K के आतंकी छिपे हुए थे।
खैबर पख्तूनख्वा के सरान क्षेत्र में एक स्कूल को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है, जिसे कथित तौर पर आतंकियों द्वारा गुप्त ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। तालिबान ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में कई आतंकी मारे गए हैं, जबकि किसी भी आम नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पाकिस्तान के हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई का दावा
तालिबान के इस हमले को पाकिस्तान की हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा के भीतर हवाई हमले किए थे।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट (UNAMA) के अनुसार, उस कार्रवाई में कम से कम 28 नागरिकों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। वहीं, अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने मृतकों की संख्या 38 बताई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई
इस घटनाक्रम पर भारत ने भी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी देश की सीमा में घुसकर हमला करना उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है और इससे क्षेत्रीय शांति प्रभावित होती है।
भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक असफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए अक्सर ऐसे कदम उठाता है, जिससे पड़ोसी देशों में अस्थिरता बढ़ती है।
दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा
फिलहाल पाकिस्तान लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है, जबकि तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान में आतंकवाद उसकी अपनी आंतरिक नीतिगत विफलताओं का परिणाम है। ताजा एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है तथा हालात आगे और गंभीर रूप लेने की आशंका जताई जा रही है।