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जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP ने तेज किया अभियान, अभिजीत दीपके बोले- छात्रों के भविष्य के सवाल पर अब राज्यों तक पहुंचेगा आंदोलन

नई दिल्ली । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सक्रिय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की घोषणा की है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि यदि 13 जून 2026 तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह स्वयं विभिन्न राज्यों और शहरों में जाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन और बाद में जारी एक वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार की अराजकता फैलाना नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं की चिंताओं को लोकतांत्रिक तरीके से सामने लाना है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा तक सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जाता तो आंदोलन का अगला चरण देश के अलग-अलग हिस्सों में शुरू किया जाएगा।

दीपके ने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन को व्यापक समर्थन मिला था। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उनके अनुसार यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा, जिसने युवाओं की नाराजगी और उनकी अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले कार्यक्रम भी इसी प्रकार लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से आयोजित किए जाएंगे।

नेपाल और बांग्लादेश में हाल के वर्षों में युवाओं द्वारा किए गए आंदोलनों के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर दीपके ने कहा कि भारत की परिस्थितियां अलग हैं और यहां के आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों की घटनाओं से नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके अभियान को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उनका संगठन संवैधानिक और शांतिपूर्ण माध्यमों से अपनी मांगें रख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था मौजूद है और उसी व्यवस्था के भीतर रहकर आंदोलन संचालित किया जाएगा।

CJP प्रमुख ने यह भी कहा कि यदि राज्यों में प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद भी उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता तो देशभर के छात्रों को एकजुट कर पुनः नई दिल्ली में बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है और जब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अभियान जारी रहेगा।

मई महीने में एक ऑनलाइन पहल के रूप में शुरू हुआ CJP अभियान कम समय में युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर संगठन को व्यापक समर्थन मिला है और इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इसी आधार पर संगठन ने हाल के दिनों में जमीनी स्तर पर भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

दीपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और इसका केंद्र केवल छात्रों तथा युवाओं से जुड़े मुद्दे हैं। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने और कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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