दिल्ली में प्रदूषण का कहर! 5वीं तक के बच्चों की हाइब्रिड मोड में होगी पढ़ाई; स्कूलों को आदेश
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद 5वीं तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराने का फैसला लिया गया है। स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मिलेंगे।


Delhi School Hybrid Mode: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है। शनिवार को इंडिया गेट के आसपास एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 380 दर्ज किया गया। हवा की खराब होती गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी GRAP-3 के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए शिक्षा निदेशालय ने बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली में कक्षा 5वीं तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। यानी बच्चों को स्कूल जाकर पढ़ने के साथ घर से ऑनलाइन क्लास अटेंड करने का विकल्प भी मिलेगा।
शिक्षा निदेशालय ने जारी किए आदेश
शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित स्कूलों को तत्काल प्रभाव से इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश अगले निर्देश तक जारी रहेगा। खास बात यह है कि इसका दायरा केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी स्कूलों के साथ MCD, NDMC और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
GRAP-3 लागू होने के बाद शिक्षा निदेशालय का फैसला
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए GRAP-3 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसी बीच छोटे बच्चों को खराब हवा के संपर्क में आने से बचाने के लिए स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।
प्रदूषण का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प मिलने से अभिभावकों को यह सुविधा मिलेगी कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय घर से पढ़ाई करा सकें। इससे बच्चों की पढ़ाई भी जारी रहेगी और उन्हें बाहर की प्रदूषित हवा में रहने से बचाने का विकल्प भी मिलेगा।
सरकारी और प्राइवेट समेत इन स्कूलों पर लागू होगा आदेश
शिक्षा निदेशालय के निर्देश दिल्ली के सभी संबंधित स्कूलों पर लागू होंगे। इनमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल शामिल हैं।
इसके अलावा दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों को भी आदेश का पालन करना होगा। सभी स्कूलों को कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था करनी होगी।
अभिभावक चुन सकेंगे ऑनलाइन क्लास का विकल्प
हाइब्रिड मोड का मतलब है कि स्कूलों में नियमित कक्षाएं भी संचालित होंगी और ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चे की सुविधा और इलाके में प्रदूषण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन क्लास का विकल्प चुन सकेंगे।
यह स्कूलों को पूरी तरह बंद करने का आदेश नहीं है। इसके तहत पढ़ाई का सिलसिला जारी रखते हुए बच्चों को घर से जुड़ने की सुविधा दी जाएगी। इससे उन अभिभावकों को राहत मिल सकती है, जो प्रदूषण के कारण छोटे बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं।
अगले आदेश तक लागू रहेगी हाइब्रिड व्यवस्था
शिक्षा निदेशालय ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए आगे इसमें बदलाव किया जा सकता है।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल प्रबंधन की ओर से जारी होने वाले संदेशों और ऑनलाइन कक्षाओं के शेड्यूल पर नजर रखें, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।


