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ASHOKNAGAR RAPE CASE: मां ने चुप कराया, सौतेले पिता ने रौंदा बचपन; अशोकनगर में दुष्कर्म के आरोपियों को 40 साल की सजा

MINOR GIRL RAPED

HIGHLIGHTS:

• सौतेले पिता को 20 साल की कठोर कारावास
• मां को भी 20 साल की सजा, आरोपी का साथ देने पर
• 11 साल की बच्ची थाने पहुंची बदहवास हालत में
• पहले भी दो बार दुष्कर्म, मां ने चुप रहने को कहा
• खून साफ करने वाला तोलिया पुलिस ने जब्त किया
ASHOKNAGAR POLICE
ASHOKNAGAR POLICE

ASHOKNAGAR RAPE CASE: अशोकनगर। जिले के शाढौरा थाना क्षेत्र में 2024 की एक दिल दहला देने वाली घटना ने न्यायालय को सख्त फैसला लेने पर मजबूर कर दिया। बता दें कि गुरुवार को विशेष अदालत ने 11 वर्षीय नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। हैरानी की बात यह कि बच्ची की मां को भी आरोपी का साथ देने और उसे चुप कराने के लिए बराबर 20 साल की सजा दी गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मामले की जांच तेज हुई थी।

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रात के अंधेरी में हुई दरिंदगी

पुलिस के अनुसार, घटना 2024 की है। सुबह करीब 6 बजे 11 साल की बच्ची बदहवास हालत में शाढौरा थाने पहुंची। SI संध्या रघुवंशी से पूछताछ में उसने बताया कि मां को बहाना बनाकर मायके छोड़ दिया गया था। घर पर अकेली बच्ची रात में सो रही थी। सौतेले पिता ने उसे बुलाकर अपने पास लिटाया और क्रूरता से दुष्कर्म किया। बच्ची को ब्लीडिंग हुई, लेकिन आरोपी ने रात में कई बार यह अत्याचार दोहराया। मौका मिलते ही बच्ची घर से भागकर थाने पहुंच गई। उसने बताया कि पहले भी दो बार ऐसा हुआ था।

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मां ने किया गुमराह

पुलिस ने POCSO एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज किया। मौके से खून साफ करने वाला तोलिया जब्त हुआ। मां को बयान के लिए बुलाया गया तो वह आरोपी को बचाने लगी और बच्ची पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगी। बच्ची की दोबारा पूछताछ में खुलासा हुआ कि पहले के अत्याचार की जानकारी मां को थी, लेकिन उसने चुप रहने को कहा। इसी आधार पर मां को भी आरोपी बनाया गया।

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर, तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी और विवेचक संध्या रघुवंशी ने मामले की गहन जांच की। कोर्ट का फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चे की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जायेगा ।

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