'सरके चुनर' गाने पर बैन लगाने की मांग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जारी किया नोटिस

नई दिल्ली। केडी: द डेविल’ में संजय दत्त और नोरा फतेही पर फिल्माए हालिया रिलीज गाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता विनीत जिंदल ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के सचिव को लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें गाने पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से इसे हटाने की मांग की गई है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने फिल्म के गाने ‘सरके चुनर’ में आपत्तिजनक और डबल मीनिंग वाले बोलों के इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किया है। हाल ही में रिलीज गाने को अश्लील बोल की वजह से सोशल मीडिया पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। संजय दत्त और नोरा फतेही के गाने के गीतकार रकीब आलम हैं और कोरियोग्राफ प्रेम ने किया है, संगीत अर्जुन जन्या का है और गायन मंगली ने किया है। गाना यूट्यूब पर रिलीज गाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विनीत जिंदल ने अपनी शिकायत में कहा कि गाने के बोल बेहद अश्लील, सेक्सुअली सजेस्टिव और डबल मीनिंग वाले हैं। उन्होंने कुछ पंक्तियों का जिक्र करते हुए इस गाने को बैन करने की मांग की। जिंदल का आरोप है कि भड़काऊ डांस और वीडियो की प्रस्तुति अश्लीलता को और बढ़ावा देती है, जो सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह कंटेंट नाबालिगों सहित आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध है, जिससे युवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। नई दिल्ली। विनीत जिंदल ने एमआईबी से मांग की है कि गाने पर तुरंत बैन लगाया जाए, इसे सभी प्लेटफॉर्म से हटाया जाए और नाबालिगों को ऐसी सामग्री से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है। जिंदल ने पहले ही दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में संजय दत्त, नोरा फतेही और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की है। इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी गाने में कथित आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाले बोलों को लेकर नोटिस जारी किया है। आयोग का यह कदम सोशल मीडिया पर आए भारी विरोध और शिकायतों के बाद उठाया गया है। विवाद बढ़ने के बाद गाने को लेकर कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे अश्लील करार दे रहे हैं, जबकि अभी तक फिल्म के निर्माताओं, संजय दत्त या नोरा फतेही की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
27 मार्च को JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होगा चुनाव, जानिए किसके नाम पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। पार्टी के भीतर इसको लेकर हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर इस बात पर है कि अगला अध्यक्ष कौन बनेगा। पार्टी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 मार्च को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 23 मार्च को नामांकन की जांच होगी और 24 मार्च को नाम वापसी की अंतिम तारीख तय की गई है। अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार होते हैं, तो 27 मार्च को मतदान कराया जाएगा। अगर सिर्फ एक ही नामांकन आता है, तो 24 मार्च को ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। नीतीश कुमार के नाम की सबसे ज्यादा चर्चासूत्रों के मुताबिक, मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इससे पहले भी वह 29 दिसंबर 2023 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए थे। हाल ही में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि वह बिहार से दूर नहीं जाएंगे और राज्य के लिए काम करते रहेंगे। कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी आई सामनेनीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली थी। कई जगहों पर विरोध की खबरें भी सामने आई थीं। इन दिनों नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हटते हैं, तो उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बनाए रखना एक रणनीतिक फैसला हो सकता है। इससे पार्टी में संतुलन बना रहेगा। फिलहाल JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो जाएगी। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
भोपाल में नकली डेयरी उत्पादों का बड़ा खुलासा, मिल्क मैजिक ब्रांड से जुड़े किशन मोदी गिरफ्तार, 20 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मिलावटी डेयरी उत्पादों के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक किशन मोदी को प्रवर्तन निदेशालय ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी कंपनी मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्माण और निर्यात कर रही थी। आरोप है कि असली मिल्क फैट की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर नकली डेयरी प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे थे। इतना ही नहीं इन उत्पादों को असली और गुणवत्तापूर्ण दिखाने के लिए फर्जी लैब परीक्षण रिपोर्ट का सहारा लिया गया। ED के अनुसार इन मिलावटी उत्पादों का निर्यात कई विदेशी देशों में किया गया जिनमें बहराइन हांगकांग सिंगापुर ओमान कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। इस अवैध कारोबार के जरिए कंपनी ने करीब 20.59 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की जिसे एजेंसी ने अपराध की आय माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने 14 मार्च 2026 को आरोपी किशन मोदी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय भोपाल के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने आगे की पूछताछ और जांच के लिए उन्हें 18 मार्च 2026 तक ED की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कंपनी लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पाद भेज रही थी। इससे न केवल उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ हुआ बल्कि देश की खाद्य निर्यात साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर लगाम लगाई जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नाले की सफाई के दौरान एक घातक बम का खोल कवर बरामद हुआ। यह बम कवर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में निर्मित होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वॉड और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर चल रहे सफाई अभियान के दौरान मजदूरों को नाले में संदिग्ध धातु वस्तु दिखाई दी। करीब से देखने पर वह बम का खोल निकला जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सतर्कता बरतते हुए बम के खोल को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जांच प्रक्रिया शुरू की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया प्रबंधन को पत्र लिखकर बम के खोल के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि यह खोल भारतीय सेना के उपयोग में आने वाले गोला-बारूद का हिस्सा हो सकता है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस घटना ने दो साल पहले हुए एक भीषण हादसे की यादें भी ताजा कर दी हैं। इसी क्षेत्र में स्थित एक स्क्रैप गोदाम में विस्फोट हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था। उस मामले में अवैध रूप से गोला-बारूद से जुड़े सामान के भंडारण और कारोबार की आशंका सामने आई थी। अब ताजा बरामदगी के बाद उसी कड़ी को फिर से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस बम के खोल का संबंध इलाके के हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी से भी हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है। गौरतलब है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में भारतीय सेना के लिए अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक गोला-बारूद तैयार किया जाता है। ऐसे में फैक्ट्री से जुड़े किसी भी सामग्री का बाहर मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और इस तरह की सामग्री तो नहीं फेंकी गई है।
BSE Sensex और Nifty 50 सपाट, सीमित दायरे में कारोबार कर रहा बाजार

नई दिल्ली। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआत से ही हल्की उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार सीमित दायरे में सिमट गया। दोपहर 12:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 24 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 75,478 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 13 अंक कमजोर होकर 23,394 के स्तर पर था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,324.73 का निचला स्तर और 76,014 का ऊपरी स्तर जारी किया, वहीं निफ्टी 23,346 से 23,577 के बीच घूम रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी लिमिटेड दायराबाजार की यह सुस्ती केवल लार्जकैप तक लिमिटेड नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी लिमिटेड हलचल देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 92 अंक की हल्की बढ़त के साथ 54,707 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 29 अंक 15,840 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि बाजार के सभी निवेश में निवेशक बचे सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और किसी बड़े ट्रेंड का इंतजार कर रहे हैं। फेड की बैठक बना सबसे बड़ा फैक्टर बाजार के सीमित दायरे में रहने की सबसे बड़ी वजह फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक है, जो मंगलवार से शुरू या बुधवार को खत्म होगी। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर जाने वाले फैसले पर वैश्विक बाजारों की नजर टिकी हुई है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से और वैश्विक महंगाई की खतरों के बीच फेड का रुख बेहद अहम हो गया है। निवेशक इस फैसले से पहले बड़े निवेश से बच रहे हैं, जिससे बाजार में स्थिरता की स्थिति बनी हुई है। कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंतापश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले एक महीने में 50 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से देखी गई है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। यदि महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं, जो शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है। यही कारण है कि निवेशक सतर्क हैं और बाजार में बड़ी खरीदारी से बच रहे हैं। एक्सपायरी और FII बिकवाली का दबावमंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर डेरिवेटिव्स बेंचों की एक्सपायरी भी है, जिसके चलते ट्रेडर्स अपनी व्यवस्था में बदलाव करते हैं। इससे बाजार में मुनाफा कम या एक दायरे में कारोबार होता है। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है। सोमवार को बाजार में तेजी के बावजूद एफआईआई ने 9,365.52 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। आगे की दिशा क्या होगी?एफआईआई के अनुसार, जब तक फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे सामने नहीं आते, तब तक बाजार इसी तरह सीमित दायरे में बना रह सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख पर भी बाजार की दिशा निर्भर करेगी। कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार इस समय इंतजार और जोखिम के दौर से गुजर रहा है। BSE Sensex और Nifty 50 में बड़ी चाल तभी देखने को मिलेगी, जब वैश्विक संकेत स्पष्ट होंगे। अगर जींस के लिए धैर्य और सतर्क रणनीति ही सबसे बेहतर विकल्प मानी जा रही है।
चूड़ियां सिंदूर के साथ मैदान में उतरीं महिलाएं, नरसिंहपुर का सिंदूर कप बना सशक्तिकरण की मिसाल

नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में खेल और महिला सशक्तिकरण का एक अनोखा संगम देखने को मिला जब स्टेडियम ग्राउंड में गृहणियों और कामकाजी महिलाओं ने क्रिकेट के मैदान पर अपने जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया। हाथों में चूड़ियां माथे पर सिंदूर और दिल में जीत का जुनून लिए इन महिलाओं ने सिंदूर कप के जरिए यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी दायरे की मोहताज नहीं होती। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार सफलता से प्रेरित होकर आयोजित इस टूर्नामेंट ने जिले में नई ऊर्जा भर दी। आमतौर पर घर परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली महिलाओं ने जब बल्ला और गेंद थामी तो मैदान पर चौके छक्कों की बारिश होने लगी और दर्शक भी आश्चर्यचकित रह गए। स्टेडियम मैदान पर आयोजित सिंदूर कप में जिले की छह विवाहित महिला टीमों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं। एक ओर महिला पुलिसकर्मियों की टीम थी तो दूसरी ओर शिक्षिकाएं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं मैदान में उतरीं। सभी टीमों ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ मुकाबला किया। दो दिनों तक चले इस रोमांचक टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला पुलिस इलेवन और शिक्षा विभाग की टीम के बीच खेला गया। मैच के दौरान कभी शिक्षिकाओं की बल्लेबाजी हावी नजर आई तो कभी महिला पुलिसकर्मियों की सटीक गेंदबाजी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंततः कड़े संघर्ष के बाद पुलिस इलेवन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंदूर कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकालकर खेल स्वास्थ्य और आत्मविश्वास से जोड़ना था। टूर्नामेंट के दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। वे पूरे जोश के साथ खेलते हुए अपने बचपन के दिनों को फिर से जीती नजर आईं। सिंदूर कप न केवल एक खेल प्रतियोगिता रहा बल्कि यह महिलाओं के आत्मबल सामूहिकता और सामाजिक भागीदारी का भी प्रतीक बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि अगर अवसर मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।
कीटनाशकों के बढ़ते खतरे पर बोले Sangram Singh, ऑर्गेनिक खेती को बताया जरूरी

नई दिल्ली। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में संग्राम सिंह ने कहा कि आज की तेज रफ्तार शहरी जीवन में लोग प्राकृतिक और उपजाऊ भोजन से दूर होते जा रहे हैं।उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले लोग बांस से सीधे फल तोड़कर खाते थे और खेतों से ताजी सब्जियां लाते थे, लेकिन अब यह संस्कृति काफी हद तक खत्म हो गई है। फिटनेस और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है संतुलित आहारसंग्राम सिंह ने बताया कि जैविक फल और सब्जियों शरीर को जरूरी पोषक तत्व देती हैं, जिससे: शारीरिक ताकत बढ़ती है इम्युनिटी मजबूत होती है लंबे समय तक बीमारियों से बचाव होता है उन लोगों से अपील की कि वे अपनी डाइट में प्राकृतिक और शुद्ध भोजन को शामिल करें। किसानों से बढ़ रहा स्वास्थ्य खतराकार्यक्रम में मौजूद शैलेश जरिया ने कहा कि बाजार में मिलने वाले कई फल-सब्जियों में बहुत ज़्यादा केमिकल वाले कीटनाशक होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। उनके अनुसार, यह समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं: कैंसर डायबिटीज़ हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) दिल की बीमारी बीमारियों के पीछे खराब खान-पान और केमिकल युक्त खाद्य पदार्थ एक बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। किसानों के लिए भी अहम संदेश शैलेश जरिया ने किसानों से अपील की कि वे: रासायनिक खाद और कीटनाशकों का कम इस्तेमाल करें जैविक और पारंपरिक खेती अपनाएं मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें उनका कहना है कि इससे न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि लोगों को कसरत और सुरक्षित भोजन भी मिलेगा। खेल के मैदान में भी वापसी की तैयारइस मौके पर संग्राम सिंह ने बताया कि वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय MMA मुकाबले में हिस्सा लेंगे। तारीख: 5 अप्रैल स्थान: अर्जेंटीना इवेंट: समुराई फाइट लीग यह साफ है कि जैविक फूड केवल एक ट्रेंड नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और भविष्य की जरूरत बन रहा है। संग्राम सिंह और एथलीटों का संदेश यही है कि अगर हम अभी से अपने खान-पान में बदलाव नहीं करेंगे, तो आने वाले समय में स्वास्थ्य समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
LPG किल्लत पर अक्षय कुमार का बड़ा बयान ट्विंकल ने घर में मंगवाए इलेक्ट्रिक स्टोव..

नई दिल्ली:देशभर में रसोई गैस की किल्लत को लेकर चल रही चर्चा के बीच बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने अपने घर का उदाहरण देते हुए बताया कि इस समस्या को लेकर उनके परिवार ने भी एहतियात बरतना शुरू कर दिया है हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अक्षय कुमार ने बताया कि उनके घर में फिलहाल गैस की कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना ने पहले से ही तैयारी करते हुए दो इलेक्ट्रिक स्टोव ऑर्डर कर दिए हैं अक्षय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि वे स्टोव घर पहुंचे हैं या नहीं लेकिन यह साफ है कि उन्होंने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बैकअप तैयार कर लिया है यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में LPG को लेकर लोगों के बीच चिंता बनी हुई है सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तरह तरह के मीम और चर्चाएं देखने को मिल रही हैं आम लोगों से लेकर सेलेब्रिटीज तक इस विषय पर अपनी राय रख रहे हैं इसी कार्यक्रम में अक्षय कुमार ने सिर्फ गैस संकट ही नहीं बल्कि शहर की स्वच्छता को लेकर भी अहम बात कही उन्होंने मुंबई में क्लीन मुंबई लीग शुरू करने का प्रस्ताव रखा है इस पहल के जरिए वह चाहते हैं कि शहर के लोग खुद आगे आकर सफाई अभियान में हिस्सा लें उन्होंने कहा कि अगर सभी नागरिक मिलकर काम करें तो शहर को साफ रखना मुश्किल नहीं है अक्षय ने यह भी सुझाव दिया कि शहर में जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है वहां धूल को नियंत्रित करने के लिए बिल्डरों को हरे पर्दे लगाने चाहिए ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके अक्षय कुमार ने एक तरफ जहां LPG संकट पर हल्के अंदाज में अपने घर की स्थिति साझा की वहीं दूसरी तरफ उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया उनका मानना है कि छोटी छोटी तैयारियां और सामूहिक प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं
शहडोल में बेलगाम खनन माफिया, दफ्तर तक कर रहे रेकी; एक साल में 222 केस, 70 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

भोपाल। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मध्यप्रदेश से बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में सरकार ने तेज़ी दिखाई है। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा ने करीब 10 हजार पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। प्रस्तावित भर्ती में सबसे अधिक पद आरक्षक कांस्टेबल के होंगे। जानकारी के अनुसार कुल 10 हजार पदों में से लगभग 7500 पद आरक्षकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 1 हजार पद ड्राइवर के और करीब 1200 पद मिनिस्ट्रियल स्टाफ के शामिल किए गए हैं। यह भर्ती न केवल पुलिस बल को मजबूत करेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को भी गति प्रदान करेगी। दरअसल, मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से पदों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में केवल आरक्षक वर्ग में ही करीब 13 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए इन पदों को भरना बेहद जरूरी हो गया है। यही कारण है कि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रिटायर होते हैं, जिससे विभाग में लगातार रिक्तियां बढ़ती जा रही हैं। अनुमान है कि हर वर्ष लगभग 11 से 12 हजार पुलिसकर्मी सेवा निवृत्त हो जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही 22 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया था। अब उसी योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से भर्तियां की जा रही हैं। वहीं, वर्ष 2025 की पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है और उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट लिए जा रहे हैं। इसके बाद लिखित परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए चयन किया जाएगा। इस बीच नई भर्ती की तैयारी से उन युवाओं में भी उत्साह बढ़ गया है जो लंबे समय से पुलिस विभाग में नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस बल की उपस्थिति बढ़ने से अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश पुलिस में प्रस्तावित यह बंपर भर्ती युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की मंजूरी और भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
कमर्शियल रियल एस्टेट में तेजी, 2026 में ग्रेड A ऑफिस की डिमांड मजबूत रहने के संकेत

नई दिल्ली। भारत का ऑफिस साइन रियल एस्टेट सेक्टर 2026 में मजबूती के साथ बना हुआ है। कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग 70-75 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच सकती है, जबकि ओल्ड 60-65 मिलियन स्क्वायर फीट रहने का अनुमान है। इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार में मांग अधिक और बिक्री कम है, जिससे आने वाले समय में किराये की खेती और खाली कार्यालय स्थान घटने की संभावना है। जीसीसी ने बदली तस्वीरें, बनीं विकास के इंजनरिपोर्ट में सबसे बड़ा फोकस ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पर है, जो अब सिर्फ बैक-ऑफिस नहीं बल्कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और रिसर्च के बड़े हब बन गए हैं 2026 में जीसीसी करीब 30-35 मिलियन स्क्वायर फीट लीजिंग करेगा, जो कुल मांग का 40-50% हिस्सा होगा। आईटी, बीएफएसआई, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर इस ग्रोथ को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे भारत ग्लोबल एसोसिएशन के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बन रहा है। बैंगलोर टॉप पर, सिकंदर-प्रेमी की तेज़ आख़रीरिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु 2026 में भी ऑफिस मार्केट का किंग बना रहेगा और कुल लीज व स्ट्राइक में करीब एक-तिहाई योगदान देगा। वहीं हैदराबाद और दिल्ली एनसीआर में भी 10 मिलियन स्क्वायर फीट की मांग और अंकित प्रविष्टि हो सकती है। यह ट्रेंड दुकानदार है कि भारत के बड़े शहर तेजी से काउंटी हब में बदल रहे हैं। फ़्लेक्स स्पेस और REITs से सांख्यिकीविद् 2026 में फ्लेक्स (को-वर्किंग) स्पेस का योगदान भी तेजी से बढ़ा। अनुमान है कि यह 15-18 मिलियन वर्ग फुट का होगा, जो कुल भागीदारी का 20-25% होगा। साथ ही रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) आम निवेशकों की भागीदारी के माध्यम से रियल एस्टेट सेक्टर का लोकतंत्रीकरण करेगा। 2030 तक नया रिकॉर्ड, 1 रॉक स्क्वायर पार फीट रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक भारत का ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक 1 बेबी स्क्वायर फीट के आंकड़े पार कर जाएगा। निक्की मेहरोत्रा के अनुसार, जीसीसी विस्तार, पिछलग्गू और फ्लेक्स स्पेस की क्रीआम मांग को लगातार मजबूती मिलेगी। वहीं विमल नादर का मानना है कि जो डिजिटल आर्किटेक्चर और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान देगा, वह भविष्य में सबसे ज्यादा सफल होगा। आगे की दिशाकुल मिलाकर 2026 भारत के ऑफिस मार्केट के लिए टर्निंग वेन्ट साबित हो सकता है। मजबूत मांग, बढ़ते निवेश और जीसीसी के विस्तार से यह क्षेत्र जल्द ही 100 मिलियन वर्ग फीट वार्षिक मांग के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। यह साफ संकेत है कि भारत ग्लोबल एसोसिएशन के लिए सिर्फ बैक-ऑफिस नहीं, बल्कि इनोवेशन और बिजनेस का ग्लोबल हब बन रहा है।