सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा

नई दिल्ली। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर पुलिस ने भीड़ प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने योजना बनाई है कि उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश से पहले इंदौर में ही रोका जाएगा। इसके लिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन और पुलिस के बीच हुई संयुक्त बैठक में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा की गई। इंदौर से सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावनापुलिस अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा आवाजाही इंदौर मार्ग से होने की संभावना है। ऐसे में भीड़ का दबाव कम करने के लिए पहले से व्यवस्था तैयार की जा रही है। प्रस्तावित सैटेलाइट टाउन में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, भोजन, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थानों से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से उज्जैन की ओर भेजा जाएगा। बाहरी क्षेत्रों में स्थानों का चयनपुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के बाहरी इलाकों में ऐसे कई स्थानों का चयन किया गया है, जहां अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। इससे उज्जैन में अचानक भीड़ का दबाव नहीं बढ़ेगा। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षणएडिशनल पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) आर.के. सिंह के अनुसार सिंहस्थ को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। तीन नए ट्रैफिक थानों का प्रस्तावशहर में फिलहाल एक ही ट्रैफिक थाना है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तीन नए ट्रैफिक थानों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। इनमें चंदन नगर क्षेत्र में धार रोड, बाणगंगा में सुपर कॉरिडोर और लसूड़िया में महालक्ष्मी नगर में ट्रैफिक थाना बनाने की योजना है। धार रोड के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। कई थानों में बल बढ़ाने का प्रस्तावपुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने तिलक नगर, राऊ और द्वारकापुरी थानों में अतिरिक्त बल बढ़ाने का प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय को भेजा है। इसके अलावा ट्रैफिक थानों के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाएगी। सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए इंदौर पुलिस तैयारियों को लेकर योजना बना रही है।
स्वास्थ्य जागरूकता के लिए मैदान में उतरे खिलाड़ी, ‘टीबी मुक्त भारत’ संदेश के साथ हुआ फ्रेंडली मुकाबला

नई दिल्ली। ‘टीबी मुक्त भारत’ मिशन के तहत नई दिल्ली में एमपी-11 और दिल्ली पुलिस के बीच रविवार को एक क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ। इस मैच का उद्देश्य टीबी के प्रति जागरुकता फैलाना है। शिव सेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, “टीबी मुक्त भारत के तहत एमपी 11 और अन्य टीमों के बीच मैच खेला जाता है। आज का मैच दिल्ली पुलिस के साथ था। ऐसे मैचों के माध्यम से टीबी उन्मूलन का ध्येय पूरा होता दिखायी देता है। ऐसे मैचों का आयोजन होते रहना चाहिए। हम 12 साल से ऐसे मैच खेलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमपी लोगों को मैच खेलने का कम समय मिलता है, लेकिन हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा, “एमपी-11 और दिल्ली पुलिस के मैच में कोई जीते या कोई हारे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमारा अंतिम लक्ष्य टीबी को हराना है और हम इसे प्राप्त करेंगे। सौमित्र खान ने कहा कि इस बार बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहेगा और हम सरकार बनाएंगे। भाजपा नेता अनुराग ठाकुर की पहल पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सांसद ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ का संदेश देने के लिए मैत्रीपूर्ण मैच खेलते हैं। विभिन्न दलों के सांसदों की ‘एमपी-11’ टीम राजनेताओं, पुलिस या सेलिब्रिटी एकादश के खिलाफ मैच खेलती है। इन मैचों का एकमात्र उद्देश्य टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाना और भारत को टीबी मुक्त बनाना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से भारत में टीबी के प्रति जागरुकता बढ़ी है और मरीजों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। अनुराग ठाकुर और मनोज तिवारी जैसे सांसद ऐसे मैचों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। दोनों ही भाजपा सांसद अपने समय में बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं। अनुराग ठाकुर क्रिकेट में प्रशासनिक रूप से भी बेहद सक्रिय रहे हैं। वह हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं।
हरदा के IIT ग्रेजुएट श्रेयांश बड़ोदिया ने 2.3 करोड़ की नौकरी छोड़ यूपीएससी में पहले प्रयास में हासिल की सफलता

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के हरदा निवासी श्रेयांश बड़ोदिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 194वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने 2.3 करोड़ रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर देश और समाज के लिए खुद को समर्पित किया। श्रेयांश ने बताया कि नौकरी से आर्थिक सुविधा तो मिल रही थी, लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिल रही थी। वे चाहते थे कि उनका काम समाज के लिए लाभकारी हो। श्रेयांश ने अपनी स्थिति को इंग्लिश की कहावत “I was in two minds” से जोड़ा, क्योंकि एक तरफ जीवन आरामदायक था, वहीं दूसरी तरफ मन संतुष्ट नहीं था। उन्होंने सोचा कि भविष्य में जब अपने जीवन को देखेंगे तो महसूस हो कि उन्होंने देश और समाज के लिए कुछ किया। श्रेयांश ने 2018 में IIT मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा की ओर झुकाव महसूस किया। उनके कई मित्र पहले ही सिविल सेवा में थे, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली। अगस्त 2024 में श्रेयांश ने नौकरी छोड़कर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में लग गए। उन्होंने मई 2025 में प्रीलिम्स, अगस्त 2025 में मेंस और जनवरी 2026 में इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास किया। करीब नौ माह की मेहनत और फोकस के साथ उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पहले प्रयास में पास कर लिया। श्रेयांश का कहना है कि आईटी सेक्टर में उन्हें कंफर्ट जोन जरूर मिला था, लेकिन संतुष्टि नहीं। प्रशासनिक सेवा में जाकर वे अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करना चाहते थे। उनका उद्देश्य शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार करना है। खासकर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाना और स्वास्थ्य सेवा में लोगों को “आउट ऑफ पॉकेट खर्च” कम करना उनका लक्ष्य है। श्रेयांश का परिवार फिलहाल मुंबई में रहता है। उनके पिता जीडी बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रह चुके हैं और समाज में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। परिवार ने श्रेयांश के इस फैसले का पूरा समर्थन किया और परिणाम घोषित होने के बाद उनका स्वागत किया। UPSC 2025 में कुल 958 उम्मीदवार विभिन्न सेवाओं के लिए क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया, जबकि भोपाल और धार से भी कई युवा टॉप 10 में शामिल हुए। श्रेयांश की कहानी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने आराम और आर्थिक सुविधा को त्याग कर समाज और देश के लिए चुनौतियों से भरा रास्ता चुना। यह साबित करता है कि असली सफलता केवल पैकेज और पद से नहीं, बल्कि समाज के लिए योगदान और संतुष्टि से मापी जाती है।
एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में हीट अटैक जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई इलाकों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मार्च के महीने में पहली बार मावठा गिरने की संभावना बन रही है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर भी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है जिसके असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 16 मार्च को छिंदवाड़ा बालाघाट बैतूल पंढुर्ना मंडला सिवनी अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 17 मार्च को भी कुछ जिलों में बारिश का असर जारी रह सकता है। इस दिन बालाघाट सिवनी मंडला अनूपपुर और डिंडोरी में बादल गरजने के साथ पानी गिरने के असर हैं। वहीं 18 मार्च को मौसम का असर और बढ़ सकता है। इस दौरान ग्वालियर मुरैना भिंड श्योपुर शहडोल के साथ साथ बालाघाट मंडला डिंडोरी सिवनी अनूपपुर पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में बारिश होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस की गईं। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज़्यादा तापमान नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया जहाँ पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इसके अलावा खरगोन में तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शाजापुर सतना सिवनी सागर छिंदवाड़ा खजुराहो खंडवा रतलाम रायसेन मंडला दमोह गुना बैतूल नरसिंहपुर धार उमरिया और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जहां कुछ जिलों में बारिश और आंधी से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है वहीं कई क्षेत्रों में हीट वेव जैसे हालात बने रहेंगे। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
प्रियदर्शन की सख्त शर्त के बाद गोविंदा ने किया कमाल भागम भाग की शूटिंग से जुड़ा दिलचस्प किस्सा आया सामने

नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा के मशहूर फिल्म निर्देशक Priyadarshan अपनी शानदार कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी हैं जिनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। उनकी फिल्मों की खासियत साफ सुथरी कॉमेडी मजबूत कहानी और कलाकारों की शानदार टाइमिंग रही है। यही वजह है कि उनकी बनाई कई फिल्में वर्षों बाद भी दर्शकों को उतना ही हंसाती हैं जितना रिलीज के समय हंसाती थीं। इन दिनों प्रियदर्शन एक बार फिर चर्चा में हैं क्योंकि वह जल्द ही अभिनेता Akshay Kumar के साथ नई फिल्म Bhoot Bangla लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में अपने करियर और पुराने अनुभवों को याद किया। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने अभिनेता Govinda के साथ काम करने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। प्रियदर्शन ने बताया कि एक बार उन्हें पद्म श्री सम्मान मिलने के बाद एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या यही उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी असली उपलब्धि यह है कि उन्होंने गोविंदा और अभिनेता Salman Khan को सुबह पांच बजे फिल्म के सेट पर बुलाया और पूरी फिल्म समय पर खत्म कर ली। दरअसल फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि कुछ कलाकार अक्सर सेट पर देर से पहुंचते हैं। इसी वजह से शूटिंग का शेड्यूल प्रभावित हो जाता है। प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने गोविंदा के बारे में भी ऐसी कई बातें सुन रखी थीं। इसलिए जब उन्होंने गोविंदा को अपनी फिल्म के लिए साइन करने का फैसला किया तो उन्होंने शुरुआत में ही साफ शर्त रख दी थी। प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने गोविंदा से साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने उनके बारे में बहुत सी बातें सुनी हैं। इसलिए अगर वह समय पर सेट पर नहीं आ सकते तो बेहतर होगा कि यह फिल्म ही न करें। निर्देशक के अनुसार उन्होंने यह बात बिल्कुल साफ तरीके से कही थी ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि गोविंदा ने उनकी इस शर्त को पूरी गंभीरता से लिया। प्रियदर्शन ने कहा कि उनके आश्चर्य की बात यह रही कि गोविंदा हर दिन समय पर सेट पर पहुंचते थे। उन्होंने बताया कि गोविंदा के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा और सेट पर उनके साथ काम करते हुए उन्हें काफी मजा आया। निर्देशक ने यह भी कहा कि गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग और अभिनय की शैली वाकई कमाल की है और यही वजह है कि दर्शक उन्हें इतना पसंद करते हैं। हालांकि प्रियदर्शन ने एक और मजेदार बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर अपने डायलॉग में बदलाव कर देते थे या खुद से कुछ नए डायलॉग जोड़ देते थे। कई बार यह बदलाव सीन को और मजेदार बना देते थे लेकिन कभी कभी निर्देशक को स्क्रिप्ट के हिसाब से काम करना जरूरी होता है। इसी बात को लेकर प्रियदर्शन ने एक दिन मजाक में गोविंदा से कहा कि वह पहले ही फिल्म के लेखक Neeraj Vora को पैसे दे रहे हैं इसलिए उन्हें एक और राइटर की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि गोविंदा ने प्रियदर्शन की लोकप्रिय कॉमेडी फिल्म Bhagam Bhag में काम किया था। यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म के संवाद और किरदार आज भी दर्शकों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं जितने रिलीज के समय थे। यही कारण है कि प्रियदर्शन और गोविंदा से जुड़ी यह दिलचस्प कहानी आज भी फिल्म प्रेमियों को काफी पसंद आ रही है।
इंडियन वेल्स ओपन: सेमीफाइनल में मेदवेदेव ने अल्काराज को हराया, फाइनल में होगा सिनर का मुकाबला

नई दिल्ली। डेनियल मेदवेदेव ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इंडियन वेल्स ओपन के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में मेदवेदेव ने दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को 6-3, 7-6(3) से हराकर फाइनल में जगह बनाई। 2026 में लगातार 16 मैच जीतने के बाद अल्काराज की यह पहली हार थी। मेदवेदेव ने 2024 इंडियन वेल्स चैंपियनशिप मैच के बाद अपने पहले एटीपी मास्टर्स 1000 फाइनल में जगह बनाई है। मेदवेदेव ने आक्रामकता के साथ मैच में कदम रखा था। सटीक ग्राउंडस्ट्रोक और लगातार सर्विंग से रैलियों को नियंत्रित किया। शुरुआती सेट में अल्काराज की सर्विस तोड़ी और डीप रिटर्न और सॉलिड बेसलाइन प्ले से दबाव बनाए रखा। अल्काराज, जिन्होंने 2023 और 2024 दोनों में इंडियन वेल्स फाइनल में मेदवेदेव को हराया था, ने दूसरे सेट में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन दबाव में मेदवेदेव का शांत रहना अहम साबित हुआ। 4-5 पर दो सेट पॉइंट का सामना करते हुए, रूसी खिलाड़ी ने मजबूत सर्व की और स्पेन के खिलाड़ी से गलतियाँ करवाईं, आखिरकार सेट को टाई-ब्रेक तक ले गए। वहां पहुंचने के बाद, मेदवेदेव ने अपनी रफ्तार बनाए रखी। उन्होंने अपने बनाए दोनों ब्रेक मौकों को भुनाया और अपने सामने आए पांच में से चार ब्रेक पॉइंट जीते। उन्होंने अपनी दूसरी सर्व के पीछे भी दबदबा बनाया, और उन पॉइंट्स में से 74 प्रतिशत जीते।जीत के बाद मेदवेदेव ने कहा कि अल्काराज का सामना करना एक चुनौती है। इस नतीजे से मेदवेदेव को इस सीजन में अपनी टूर-लीडिंग 18वीं जीत मिली है। वह साल के अपने तीसरे फाइनल में पहुंच गए हैं। 30 साल के मेदवेदेव पहले ही 2026 में ब्रिस्बेन इंटरनेशनल और दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप में टाइटल जीत चुके हैं। वह इस सीजन में फाइनल में अपने परफेक्ट रिकॉर्ड को और आगे बढ़ाना चाहेंगे। रूसी खिलाड़ी मेदवेदेव का फाइनल में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी जानिक सिनर से होगा। सिनर ने अलेक्जेंडर जेवरेव को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। सिनर ने चौथे सीड जेवरेव को 6-2, 6-4 से हराकर सेमी-फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। इटैलियन खिलाड़ी ने बेसलाइन से कॉन्फिडेंस के साथ स्ट्राइक किया और अपनी पहली सर्व के पीछे 83 प्रतिशत अंक जीते। इस जीत ने जेवरेव पर सिनर की लगातार छठी टूर-लेवल जीत को मार्क किया और इंडियन वेल्स फाइनल में उनकी पहली एंट्री पक्की कर दी। वह टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पहले इटैलियन खिलाड़ी बन गए हैं।
टी20 सीरीज: कप्तान अमेलिया केर की तूफानी पारी, न्यूजीलैंड ने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 80 रन से हराया

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम के बीच 5 टी20 मैचों की सीरीज की शुरुआत रविवार को हुई। बे ओवल में खेले गए पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 80 रन के बड़े अंतर से हराकर सीरीज 1-0 की बढ़त ले ली है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 190 रन बनाए थे। सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया प्लिमर ने 44 गेंदों पर 3 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 63 और कप्तान अमेलिया केर ने 44 गेंदों पर 2 छक्कों और 11 चौकों की मदद से 78 रन की पारी खेली। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 83 गेंदों पर 146 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने ही शून्य पर पहला विकेट गंवा चुकी न्यूजीलैंड के बड़े और सुरक्षित स्कोर की नींव रखी। प्लिमर और केर के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। दक्षिण अफ्रीका के लिए मासाबाता क्लास और नाडिन डे क्लार्क ने 2-2 विकेट लिए। अयाबोंगा खाका, एन मल्बा को 1-1 विकेट मिला। 191 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम न्यूजीलैंड की कसी हुई और घातक गेंदबाजी के सामने 20 ओवर में 7 विकेट पर 110 रन ही बना सकी और 80 रन से मुकाबला हार गई। तंजिम ब्रिट्स ने सर्वाधिक 29 और कायला रेनेके ने नाबाद 24 रन बनाए। नाडिन डे क्लार्क ने 19 रन की पारी खेली। न्यूजीलैंड के लिए जेस केर ने 2 और सोफी डिवाइन ने 4 ओवर में 12 रन देकर 4 विकेट लिए। 78 रन की पारी खेलने वाली न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया केर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। न्यूजीलैंड ने इस जीत के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। दूसरा मुकाबला 17 मार्च को हैमिल्टन में खेला जाएगा।
33 साल की हुईं आलिया भट्ट मां सोनी राजदान और ननद रिद्धिमा कपूर ने खास अंदाज में दी जन्मदिन की बधाई

नई दिल्ली: बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री आलिया भट्ट आज अपना 33वां जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर उन्हें परिवार, दोस्तों और फैंस की ओर से ढेरों शुभकामनाएं मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर भी आलिया के जन्मदिन की धूम देखने को मिल रही है। उनके चाहने वाले लगातार पोस्ट शेयर कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं। इसी बीच आलिया की मां सोनी राजदान और उनकी ननद रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी उन्हें बेहद खास अंदाज में जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। आलिया भट्ट इन दिनों अपने व्यस्त शेड्यूल से थोड़ा वक्त निकालकर पति रणबीर कपूर के साथ हांगकांग में अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। दोनों हाल ही में वहां पहुंचे हैं ताकि इस खास दिन को सुकून और खुशी के साथ मनाया जा सके। आलिया के जन्मदिन को लेकर उनके फैंस भी काफी उत्साहित हैं और सोशल मीडिया पर उनके लिए लगातार प्यार भरे संदेश भेज रहे हैं। आलिया की मां सोनी राजदान ने भी अपनी बेटी के लिए एक बेहद प्यारा पोस्ट शेयर किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर आलिया के साथ अपनी एक खूबसूरत तस्वीर साझा की और उसके साथ दिल छू लेने वाला संदेश लिखा। सोनी राजदान ने तस्वीर के कैप्शन में लिखा है हैप्पी बर्थडे स्वीटहार्ट। इस छोटे से लेकिन भावुक संदेश ने फैंस का दिल जीत लिया। मां और बेटी की इस तस्वीर पर भी फैंस खूब प्यार लुटा रहे हैं। वहीं आलिया भट्ट की ननद और रणबीर कपूर की बहन रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। रिद्धिमा ने आलिया और उनकी बहन शाहीन भट्ट के साथ एक प्यारी तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं मेरी आलू पाई लव यू। रिद्धिमा का यह अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है और सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। आलिया भट्ट और कपूर परिवार के बीच की यह प्यारी बॉन्डिंग अक्सर देखने को मिलती है। शादी के बाद से ही आलिया कपूर परिवार के काफी करीब नजर आती हैं और परिवार के हर खास मौके पर सभी साथ दिखाई देते हैं। रिद्धिमा कपूर साहनी भी कई बार सोशल मीडिया पर आलिया के साथ अपनी तस्वीरें साझा करती रहती हैं जिससे दोनों के बीच की अच्छी दोस्ती साफ नजर आती है। वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर भी काफी चर्चा में हैं। वह जल्द ही जासूसी एक्शन फिल्म अल्फा में नजर आने वाली हैं। यह फिल्म यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है और इसमें शरवरी वाघ और बॉबी देओल भी अहम भूमिका में दिखाई देंगे। यह फिल्म 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसके अलावा आलिया भट्ट मशहूर निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर में भी नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और विक्की कौशल मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। यह एक रोमांटिक और ड्रामा से भरपूर फिल्म होगी जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार है। आलिया भट्ट के लिए यह जन्मदिन बेहद खास है क्योंकि एक ओर उन्हें परिवार और फैंस का भरपूर प्यार मिल रहा है तो दूसरी ओर उनके पास आने वाले समय में कई बड़ी फिल्में भी हैं जिनका दर्शकों को इंतजार है।
डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में रहने वाले एक डिफेंस अधिकारी और उनकी पत्नी की साल 2023 में हुई अरेंज मैरिज सामान्य और खुशहाल चल रही थी। दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य और खुशहाल था, लेकिन शादी के दो साल बाद भी संतान न होने पर जब दंपती ने इलाज शुरू कराया, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। जांच में पता चला कि महिला के शरीर में सामान्य महिलाओं की तरह XX क्रोमोसोम नहीं, बल्कि पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम मौजूद थे। बाहरी रूप से महिला पूरी तरह सामान्य दिखाई देती थीं, लेकिन शरीर के अंदर ओवरी की जगह अविकसित अंडकोष पाए गए। यह जानकारी सुनकर दंपती गहरे सदमे में आ गए। इस स्थिति का समाधान कराने के लिए दंपती ने एम्स भोपाल का रुख किया। यहां विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने दो चरणों में सर्जरी कर समस्या का समाधान किया। पहले चरण में माइक्रो प्लास्टिक सर्जरी तकनीक का उपयोग करके विकसित छोटे पुरुष अंग को हटाया गया। दूसरे चरण में पेट के अंदर अविकसित अंडकोष को निकाल दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पति ने पत्नी का पूरा सहयोग किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि इस स्थिति में दंपती के लिए प्राकृतिक रूप से संतान होना संभव नहीं है। पति ने अपने निर्णय में स्पष्टता दिखाई और कहा कि वे पत्नी के साथ जीवनभर निभाएंगे। भविष्य में दंपती ने बच्चा गोद लेने का विकल्प चुना है। एम्स भोपाल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में इस तरह के मामले हर महीने 10 से 12 मरीजों की सर्जरी होती है। यहां ट्रांसजेंडर क्लीनिक में रोगियों की विस्तृत जांच, सर्जरी और काउंसलिंग की जाती है। डॉक्टरों के अनुसार सही समय पर जांच और सामाजिक समर्थन मिलने से मरीज सम्मानजनक और सामान्य जीवन जी सकते हैं। यह घटना न केवल चिकित्सा जगत के लिए अनोखी है, बल्कि यह रिश्तों, समझदारी और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। डिफेंस अधिकारी द्वारा पत्नी का हर परिस्थिति में साथ निभाना दर्शाता है कि सच्चा साथी वही है जो हर कठिन समय में मजबूती और प्रेम के साथ खड़ा रहे।
हाईटेक मोड में मिनी मुंबई की पुलिस: इंदौर के हर थाने में तैयार होंगे साइबर एक्सपर्ट, मौके पर ही सुलझेगी फ्रॉड की शिकायत

इंदौर । इंदौर की पुलिस अब तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए हाईटेक रणनीति पर काम कर रही है। मिनी मुंबई के नाम से पहचाने जाने वाले इस शहर में पुलिस कमिश्नरेट ने फैसला लिया है कि अब हर थाने में ऐसे प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो साइबर फ्रॉड की शिकायत मिलते ही मौके पर ही कार्रवाई कर सकें। इसका उद्देश्य यह है कि पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने या समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें तुरंत राहत मिल सके। इसी योजना के तहत पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक विशेष साइबर ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न थानों से करीब 80 पुलिसकर्मियों को बुलाकर आधुनिक तकनीक और साइबर अपराध से निपटने की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस कमिश्नर Santosh Kumar Singh के निर्देश पर किया गया, जिनका मानना है कि बदलते तकनीकी दौर में पुलिस को भी लगातार खुद को अपडेट रखना होगा। पुलिस कमिश्नरेट की योजना के अनुसार थाना स्तर पर साइबर हेल्प डेस्क को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी या डिजिटल फ्रॉड होने पर वह सीधे थाने में जाकर शिकायत दर्ज करा सके और तत्काल कार्रवाई शुरू हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त Amit Singh और आर.के. सिंह सहित शहर के सभी डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को यह सिखाया गया कि साइबर अपराध की शिकायत मिलते ही किस तरह त्वरित कार्रवाई की जाए। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी Rajesh Dandotiya और उनकी तकनीकी टीम ने पुलिसकर्मियों को कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पोर्टल, एनसीआरपी सिस्टम, संचार साथी, समन्वय, ई-DAR, निदान और साइबर पुलिस पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन पोर्टल्स के जरिए शिकायत मिलते ही ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर पीड़ित के बैंक खाते से जुड़े लेन-देन को तुरंत होल्ड भी कराया जा सकता है। प्रशिक्षण सत्र में यह भी बताया गया कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि तुरंत कार्रवाई की जाए तो ठगी की रकम को ट्रैक कर उसे वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से पुलिस अब हर थाने में ऐसे प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करना चाहती है, जो तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए तत्काल कदम उठा सकें। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इस दौरान कहा कि आज के डिजिटल दौर में अपराधी भी लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को उनसे एक कदम आगे रहना होगा। उनका लक्ष्य है कि शहर का हर थाना साइबर अपराधों से निपटने में सक्षम बने और कोई भी पीड़ित व्यक्ति थाने से निराश होकर वापस न लौटे। कमिश्नरेट के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। आने वाले समय में इंदौर के प्रत्येक थाने में साइबर मामलों में दक्ष पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, ताकि शहर में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सके।