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एमपी में GST चोरी का बड़ा आरोप: गुजरात-महाराष्ट्र से बिना टैक्स का माल खपाने का दावा, नेता प्रतिपक्ष ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

भोपाल। उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रही कथित GST चोरी को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman को पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय स्तर पर उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गुजरात-महाराष्ट्र से आ रहा बिना टैक्स का मालसिंघार ने आरोप लगाया कि Madhya Pradesh में संगठित नेटवर्क के जरिए Gujarat, Maharashtra और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से आयरन, कंस्ट्रक्शन मटेरियल और मसालों की खेप बिना वैध टैक्स चुकाए प्रदेश के बाजारों में खपाई जा रही है। ऐसे किया जा रहा टैक्स में घोटालानेता प्रतिपक्ष के मुताबिक इस नेटवर्क में कई तरीके अपनाए जा रहे हैंफर्जी E-Way बिल: ट्रकों में माल भरा होता है, लेकिन कागजों में फर्जी या हेरफेर किए गए E-Way बिल दिखाए जाते हैं।अंडर-इनवॉइसिंग: टैक्स बचाने के लिए माल की असली कीमत और मात्रा कागजों में कम दिखाई जाती है।बिचौलियों का नेटवर्क: बॉर्डर से लेकर जिलों तक ट्रांसपोर्टरों और बिचौलियों का संगठित सिंडिकेट सक्रिय है, जो बिना टैक्स चुकाए माल को सुरक्षित बाजारों तक पहुंचाता है। हजारों करोड़ के नुकसान का दावाउमंग सिंघार ने अपने पत्र में कहा कि इस संगठित टैक्स चोरी से केंद्र और राज्य सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है और उनके पास इसके पुख्ता प्रमाण भी हैं। इन अधिकारियों को भी भेजी शिकायतमामले की गंभीरता को देखते हुए सिंघार ने अपने पत्र की प्रतियां कई अहम अधिकारियों को भी भेजी हैं, जिनमें शामिल हैं:Central Board of Indirect Taxes and Customs के अध्यक्षमध्यप्रदेश शासन के वित्त मंत्रीवाणिज्यिक कर विभाग (मप्र) के प्रमुख सचिवनेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि पूरे नेटवर्क की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि टैक्स चोरी के इस कथित सिंडिकेट का खुलासा हो सके।

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती, आवेदन आज से शुरू, 15 अप्रैल से ऑनलाइन परीक्षा

भोपाल । सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग से अच्छी खबर है। विभाग ने ग्रुप-5 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवार 30 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि 4 अप्रैल तक आवेदन में सुधार की सुविधा रहेगी। परीक्षा 15 अप्रैल से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPPSC) द्वारा संचालित होगी। स्वास्थ्य विभाग में कुल 373 पद भरे जाएंगे। इनमें स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब अटेंडेंट, डेंटल टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, डायलिसिस टेक्नीशियन, निश्चेतना टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन और टेक्निकल असिस्टेंट समेत कई पैरामेडिकल और तकनीकी पद शामिल हैं। भर्ती मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और अन्य विभागीय संस्थानों में होगी। चयन प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होगी। इसके बाद उम्मीदवारों के दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा और अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी अवश्य जांच लें।

भोपाल में नापतौल विभाग को धमकी, साइनाइड सिलेंडरों से उड़ाने का ईमेल प्राप्त

भोपाल । भोपाल में एम्स और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली धमकियों के बाद राजधानी के नापतौल विभाग को भी धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में दावा किया गया कि विभाग के कार्यालय में साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर या IED रखे गए हैं जो दोपहर 1 बजे फटेंगे और पूरे विभाग को उड़ा देंगे। ईमेल विभाग की आधिकारिक आईडी पर आया था और इसमें धमकी स्पष्ट रूप से लिखी गई थी। इस घटना से विभाग के कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। बम निरोधक दस्ता ने पूरे परिसर की तलाशी ली लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या सिलेंडर नहीं पाया गया। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। भोपाल प्रशासन ने हाल के दिनों में लगातार धमकियों के चलते सुरक्षा कड़ी कर दी है। पहले एम्स भोपाल और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को धमकी मिली थी अब नापतौल विभाग की घटना ने सुरक्षा चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और जांच जारी है।

दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम मोहन यादव, मध्यप्रदेश की योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। Mohan Yadav ने सोमवार को नई दिल्ली में Narendra Modi से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास योजनाओं और किसान कल्याण वर्ष के तहत चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। सीएम मोहन यादव ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत चल रही गतिविधियों और राज्य की प्रगति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया। संसद परिसर में सांसदों के साथ मीडिया से चर्चामुलाकात के बाद संसद भवन परिसर में मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के सांसदों के साथ मीडिया से भी चर्चा की। इस दौरान उनके साथ Shankar Lalwani, Rahul Singh Lodhi, Ashish Dubey और Rajesh Mishra मौजूद रहे। चार वर्गों के लिए काम कर रही सरकारसीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए चार प्रमुख वर्ग – किसान, महिला, गरीब और युवा के कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत करीब 16 विभागों जैसे कृषि, पशुपालन, मछली पालन और बागवानी को जोड़कर योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए आगे भी मार्गदर्शन और आशीर्वाद दिया है, जिससे भविष्य में बेहतर परिणाम मिलेंगे।

अनिवेशकों सावधान! कच्चे तेल के चलते 15 साल के सबसे बड़े संकट की ओर बाजार, सोना और चांदी भी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारतीय निवेशकों की नींद उड़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति निवेश के हर मोर्चे-चाहे वह शेयर बाजार हो, सोना-चांदी हो या म्यूचुअल फंड-के लिए बड़ा झटका साबित हो रही है। इस पूरे संकट की धुरी “कच्चा तेल” बना हुआ है, जिसके बेतहाशा बढ़ते दाम वैश्विक अर्थव्यवस्था के पहियों को जाम कर रहे हैं। यदि तनाव बढ़ता है और होर्मुज जलमार्ग Strait of Hormuzपर तेल की आपूर्ति 4 से 8 सप्ताह तक बाधित रहती है, तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए शेयर बाजार में भारी गिरावट और आसमान छूती महंगाई का दोहरा संकट खड़ा होना तय है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में भारतीय बाजार ने कई युद्ध और वैश्विक संकट देखे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब सभी एसेट क्लास Asset Classesमें एक साथ गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर विदेशी संस्थागत निवेशकों FPI के व्यवहार पर दिख रहा है, जिन्होंने इस महीने भारतीय बाजार से लगभग 52,704 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की है। निवेशक अब जोखिम भरे इक्विटी मार्केट से पैसा निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर और बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं। गौरतलब है कि कच्चे तेल के दाम संघर्ष की शुरुआत के समय 72.48 डॉलर प्रति बैरल थे, जो मार्च तक 65% की उछाल के साथ 119 डॉलर के पार निकल गए थे, और अब एक बार फिर 100 डॉलर के ऊपर बने हुए हैं। इस अनिश्चितता का सबसे चौंकाने वाला असर सोने और चांदी पर पड़ा है। आम तौर पर युद्ध के समय सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार डॉलर की मजबूती ने इसे फीका कर दिया है। फरवरी के अंत से अब तक सोना 6% और चांदी 9% तक टूट चुकी है। चूंकि कच्चे तेल का व्यापार डॉलर में होता है, तेल की कीमतें बढ़ने से डॉलर की मांग और मजबूती बढ़ जाती है, जिसका सीधा दबाव कीमती धातुओं पर पड़ता है। वहीं, म्यूचुअल फंड सेक्टर में भी घबराहट साफ देखी जा सकती है; फरवरी में जहां 65.7 लाख नए SIP खाते खुले, वहीं लगभग 49.7 लाख खाते बंद भी हो गए, जिससे ‘एसआईपी स्टॉपेज अनुपात’ बढ़कर 76% के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का एक धड़ा यह भी मानता है कि भारतीय बाजार हर बड़े झटके से उबरने का माद्दा रखता है। उदाहरण के तौर पर, 2020 के कोविड संकट के दौरान बाजार ने जितनी बड़ी गिरावट देखी थी, उसके अगले कुछ ही वर्षों में निवेशकों को 21-22% तक का शानदार रिटर्न भी दिया। फिलहाल ऑटो, बैंकिंग और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों पर बिकवाली का सबसे ज्यादा दबाव है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इतिहास गवाह है कि संकट के बाद बाजार हमेशा मजबूती से वापसी करता है। आगे की राह इस बात पर टिकी है कि मध्य-पूर्व का यह तनाव कितनी जल्दी शांत होता है।

भोपाल: फरार वारंटी पर 10 हजार का इनाम घोषित, स्टेशन बजरिया पुलिस ने मांगी आमजन से मदद

भोपाल। राजधानी भोपाल में लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की घोषणा की है। Bhopal के Station Bajaria Police Station की पुलिस ने आरोपी की जानकारी देने या उसे पकड़वाने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। आरोपी की पहचानपुलिस के मुताबिक फरार वारंटी Nawab Senting Wala (पिता सैयद साजिद अली, उम्र करीब 58 वर्ष) मूल रूप से बाग फरहत अफजा, ऐशबाग क्षेत्र का निवासी है। वर्तमान में वह गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा क्षेत्र में रहता था। आरोपी लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी है। सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीयपुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इनाम की घोषणाआरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने या पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को नगर पुलिस अधीक्षक जोन-1 की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। यहां दें सूचनापुलिस कंट्रोल रूम: 9479990454 थाना स्टेशन बजरिया: 9479990527 / 9479990523पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आमजन के सहयोग से उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

भोपाल: नापतौल विभाग को साइनाइड सिलेंडर से उड़ाने की धमकी, बम डिस्पोजल स्कॉड ने की सर्चिंग, कुछ नहीं मिला

भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के कार्यालय को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। धमकी भरा ईमेल सोमवार सुबह करीब नौ बजे मिला, जिसमें बताया गया था कि कार्यालय में साइनाइड से भरे 16 सिलेंडर रख दिए गए हैं और दोपहर एक बजे वे फटेंगे। पुलिस और बम स्क्वॉड की कार्रवाईसूचना मिलने के बाद पुलिस ने बम डिस्पोजल स्कॉड और बस स्क्वॉड टीम को मौके पर बुलाया। विभाग में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षा के लिहाज से बाहर निकाला गया। पूरे कार्यालय की सर्चिंग की गई, लेकिन कोई सिलेंडर या बम नहीं मिले। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियांइससे पहले पीपुल्स यूनिवर्सिटी और एम्स भोपाल को भी धमकी भरे ईमेल मिले थे, जो बाद में फर्जी निकले। फिलहाल पुलिस ईमेल करने वाले व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाई है, और मामला जांच के दायरे में है। विशेष जानकारी: विभाग में यह धमकी मिलने के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है। कर्मचारी पूरी सावधानी के साथ बाहर बैठे नजर आए। पुलिस ने बताया कि इस तरह के फर्जी धमकियों के मामले समय-समय पर आते रहते हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में LPG संकट से थोड़ी राहत मिलने लगी है। सोमवार को ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी गैस एजेंसियां खुलीं और बुकिंग के आधार पर सिलेंडर की डिलिवरी शुरू हुई। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग की 40% समस्या अब खत्म हो गई है। भोपाल में हंगामाभोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में सोमवार सुबह गैस सिलेंडर से भरा एक ट्रक पहुंचा। सिलेंडर बांटने के बाद 50 से अधिक लोग खाली हाथ रह गए, जिससे वहां हंगामा हो गया। ग्राहकों का कहना था कि सिलेंडर यहीं मंगवाए जाएं, जबकि कर्मचारियों ने उन्हें एजेंसी जाने के लिए कहा। एक घंटे के बाद कर्मचारियों ने अतिरिक्त ट्रक की व्यवस्था कर लोगों की समस्या दूर की। हरदा में भी लगी लंबी लाइनहरदा में एलपीजी एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग सुबह से ही सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़े हैं। होटल इंडस्ट्री में राहतएमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा, “लगातार 6-7 दिन से प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला। अब सरकार ने हमें भी सिलेंडर देने की बात कही है। यह हमारे लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा है।”सिलेंडर की कमी के कारण प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन, डीज़ल भट्ठी आदि की सुविधा की गई थी, लेकिन यह काफी खर्चीला था। भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरूभोपाल गैस एजेंसियों के मुताबिक, सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हो गई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि अब होटल संचालक इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल और फ्रायर की जगह सिलेंडर का उपयोग कर सकेंगे। ग्वालियर में सभी एजेंसियां खुलींग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर सभी एलपीजी एजेंसियां खुलीं। एजेंसी संचालक धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले 3-4 दिन से सॉफ्टवेयर समस्या के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही थी। सोमवार से सभी को गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और कोई कमी नहीं है।

ईरान तैयार नागरिक इलाकों पर हमलों की जांच में सहयोग देने को, अराघची ने कहा वैध सैन्य कार्रवाई

नई दिल्ली । तेहरान ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच स्पष्ट किया है कि वह नागरिक क्षेत्रों पर हमलों से जुड़े आरोपों की जांच में सहयोग करने को तैयार है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघचीने कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्वतंत्र जांच का समर्थन करेगी और यह साबित करने को तैयार है कि ईरानी सैन्य कार्रवाई केवल वैध सैन्य लक्ष्यों के खिलाफ है। अराघची ने अल अरबी अल जदीद वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में कहा कि ईरान ने जानबूझकर किसी भी आवासीय या नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया है। यदि किसी घटना में नागरिकों को नुकसान हुआ है तो तथ्यों की निष्पक्ष जांच होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कुछ ठिकानों पर हाल में हुए हमले पड़ोसी देशों से किए गए थे और जवाबी कार्रवाई करते समय कोशिश होगी कि आबादी वाले क्षेत्रों को नुकसान न पहुंचे। हाल के दिनों में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमलों के बाद मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार संघर्ष बढ़ने से मध्य पूर्व की सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा बाजार और मानवीय स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।अराघची ने कहा कि ईरान किसी भी क्षेत्रीय पहल का स्वागत करेगा जिससे युद्ध का न्यायसंगत अंत हो सके हालांकि अब तक कोई ठोस प्रस्ताव “मेज पर” नहीं आया है। इसके अलावा ईरानी अधिकारियों ने कहा कि हाल के इजरायली हमले में अयातुल्ला अली खामेनेईघायल हुए थे लेकिन उनकी चोट जानलेवा नहीं है। खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति और स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें फैल रही थीं। उनका पहला सार्वजनिक संबोधन 12 मार्च को सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित किया गया जिसमें उद्घोषक ने उनका संदेश पढ़ा।ईरान की यह पेशकश क्षेत्रीय तनाव कम करने और युद्ध अपराध की संभावित जांच में सहयोग देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

1968 का माई लाई नरसंहार: वियतनाम युद्ध की वह घटना जिसने दुनिया को झकझोर दिया

नई दिल्ली । वियतनाम युद्ध के दौरान 16 मार्च 1968 को दक्षिण वियतनाम के छोटे गांव My Lai में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए नरसंहार ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। अमेरिकी सैनिकों को यह सूचना मिली थी कि गांव में वियतकांग विद्रोही छिपे हुए हैं। इसी आधार पर चार्ली कंपनी को तलाशी अभियान पर भेजा गया जिसका नेतृत्व विलियम कैलीकर रहे थे। जब सैनिक गांव पहुंचे तो वहां कोई संगठित प्रतिरोध नहीं था। बावजूद इसके उन्होंने महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों निहत्थे नागरिकों को मार डाला। कई घरों को जला दिया गया और ग्रामीणों को समूहों में खड़ा कर गोली मारी गई। बाद में सामने आए आंकड़ों के अनुसार लगभग 500 नागरिक मारे गए। शुरुआत में अमेरिकी सेना ने इस अभियान को सफल सैन्य कार्रवाई बताया। हालांकि कुछ सैनिकों और पत्रकारों की कोशिशों से धीरे धीरे सच्चाई सामने आई। विशेषकर अमेरिकी सैनिक ह्यू थॉम्पसन जूनियर की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। वे हेलीकॉप्टर से इलाके का निरीक्षण कर रहे थे और निहत्थे नागरिकों पर हो रही गोलीबारी को देखकर हस्तक्षेप किया। उन्होंने कई ग्रामीणों को बचाने की कोशिश भी की। 1969 में अमेरिकी पत्रकार सीमोर हर्षकी रिपोर्ट के बाद माई लाई नरसंहार वैश्विक सुर्खियों में आया। अमेरिका में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और वियतनाम युद्ध के खिलाफ जनता की नाराजगी बढ़ी।जांच के बाद कई सैनिकों पर मुकदमा चला लेकिन केवल विलियम कैली को दोषी ठहराया गया। उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई हालांकि बाद में यह सजा कम कर दी गई और वे कुछ वर्षों में रिहा हो गए। माई लाई नरसंहार न केवल युद्ध अपराध के प्रतीक के रूप में इतिहास में दर्ज है बल्कि यह उस दौर के मानवाधिकार संकट और युद्ध की क्रूरता को भी उजागर करता है।