Chambalkichugli.com

एमपी में मौसम लेगा करवट, 18 मार्च तक कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, गर्मी से मिलेगी राहत

भोपाल। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। रविवार को उत्तर और दक्षिणी क्षेत्र के 8 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं। विभाग के अनुसार 18 मार्च तक प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में इस साल मार्च में पहली बार मावठा गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और टर्फ सिस्टम की वजह से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा। इन जिलों में बारिश की संभावना16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर।17 मार्च: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर।18 मार्च: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा। गर्मी से मिल सकती है राहतशनिवार को प्रदेश में तेज धूप और गर्मी का असर बना रहा। भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में सुबह से ही कड़ी धूप रही। नर्मदापुरम में पिछले दो दिनों से तीव्र लू का असर दर्ज किया गया, जहां दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मार्च के दूसरे सप्ताह में ही प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ी है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है। नर्मदापुरम सबसे गर्मनर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। शनिवार को यहां लगातार तीसरे दिन तेज गर्म हवाएं चलीं और अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। वहीं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन की तुलना में जबलपुर ज्यादा गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य जिलों का तापमानमौसम विभाग के अनुसार नर्मदापुरम के बाद खरगोन दूसरा सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में भी तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भोपाल का तापमान 37.2 डिग्री, इंदौर 36.6 डिग्री, ग्वालियर 34.1 डिग्री, उज्जैन 36.5 डिग्री और जबलपुर 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तेज धूप में स्किन जल रही है? बाहर निकलने से पहले अपनाएं ये 4 असरदार टिप्स

नई दिल्ली । जैसे ही मार्च का महीना आता है उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर दिखना शुरू हो जाता है। पारा बढ़ने के साथ ही तेज धूप उमस और पसीना लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित हमारी त्वचा होती है। सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा को टैन करती हैं सनबर्न और समय से पहले झुर्रियों का कारण भी बनती हैं।अगर आपको गर्मी में बाहर निकलना पड़ता है तो अपनी त्वचा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर आप त्वचा को तेज धूप से बचा सकते हैं।सनस्क्रीन धूप से सबसे मजबूत सुरक्षा धूप में निकलने से कम से कम 20 मिनट पहले चेहरे गर्दन हाथ और पैरों पर SPF 30+ वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। याद रखें कि एक बार सनस्क्रीन लगाने से काम नहीं चलता। अगर आप लंबे समय तक बाहर हैं तो हर 3-4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है। सनस्क्रीन त्वचा को सीधे यूवी किरणों से बचाता है और टैनिंग को रोकता है। हाइड्रेशन अंदर से रखे त्वचा को नमी से भरपूर त्वचा की चमक सिर्फ क्रीम या लोशन पर निर्भर नहीं करती बल्कि शरीर के अंदर मौजूद नमी भी महत्वपूर्ण होती है। गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर का पानी बाहर निकल जाता है। इसे पूरा करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा तरबूज खरबूजा खीरा और संतरे जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को आहार में शामिल करें। इससे त्वचा प्राकृतिक रूप से हाइड्रेटेड और कोमल बनी रहती है। पहनावा और समय का ध्यान तेज धूप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे अधिक हानिकारक होती है। इस दौरान अगर संभव हो तो घर के अंदर रहें। यदि बाहर निकलना जरूरी है तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। सूती कपड़े पसीने को सोखते हैं और त्वचा को सांस लेने में मदद करते हैं। साथ ही स्कार्फ चौड़े किनारे वाली टोपी धूप का चश्मा और छाता का उपयोग करना न भूलें। सनबर्न और टैनिंग के घरेलू उपाय अगर धूप के कारण त्वचा झुलस गई या टैनिंग हो गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। किचन में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें राहत देती हैं। प्रभावित हिस्से पर ठंडा एलोवेरा जेल लगाएं। इसके अलावा दही खीरे का रस या टमाटर का रस लगाने से भी टैनिंग कम होती है और त्वचा को ठंडक मिलती है। गर्मियों में त्वचा का ख्याल रखना न सिर्फ आपकी सुंदरता बढ़ाता है बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जरूरी है। इन आसान टिप्स को अपनाकर आप धूप के नुकसान से अपनी त्वचा को बचा सकते हैं और प्राकृतिक रूप से कोमल और चमकदार बनाए रख सकते हैं।

चैत्र नवरात्र 2026: पहले तीन दिन रहेगा पंचक का साया, जानिए घटस्थापना पर इसका क्या पड़ेगा प्रभाव

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला पर्व माना जाता है। यह नौ दिनों तक चलने वाला उत्सव देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित होता है। हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से इसकी शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी। नवरात्र के पहले दिन होने वाली सबसे महत्वपूर्ण रस्म कलश स्थापना या घटस्थापना होती है जिसे देवी शक्ति के घर में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख समृद्धि का वास होता है। हालांकि इस वर्ष नवरात्र की शुरुआत के साथ एक विशेष ज्योतिषीय स्थिति भी बन रही है। दरअसल नवरात्र के पहले दिन से पंचक का प्रभाव भी रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पंचक 16 मार्च 2026 की शाम 6 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 21 मार्च 2026 तक रहेगा। इस तरह नवरात्र के शुरुआती तीन दिन पंचक की अवधि में ही पड़ेंगे। पंचक को ज्योतिष शास्त्र में ऐसा समय माना जाता है जब कुछ विशेष प्रकार के शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान वाहन खरीदना नया व्यवसाय शुरू करना गृह प्रवेश करना या विवाह जैसे बड़े और मांगलिक कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है। मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं या उनका अपेक्षित फल नहीं मिल पाता। इसी कारण लोग पंचक के दौरान बड़े आर्थिक या सामाजिक निर्णय लेने में सावधानी बरतते हैं। हालांकि धार्मिक और नियत तिथि वाले पर्व त्योहारों पर पंचक का प्रभाव नहीं माना जाता। इसी वजह से नवरात्र की घटस्थापना पर पंचक का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना करना पूरी तरह से शुभ और शास्त्रसम्मत है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा अर्चना व्रत और मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन में सुख शांति समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस वर्ष नवरात्र के पहले तीन दिन पंचक में पड़ने के कारण श्रद्धालुओं को यह सलाह दी जा रही है कि धार्मिक कार्यों को छोड़कर अन्य मांगलिक गतिविधियों से परहेज करें। जैसे वाहन खरीदना नया व्यापार शुरू करना गृह प्रवेश विवाह या मुंडन जैसे संस्कार इन दिनों में टाल देना बेहतर माना जाता है। नवरात्र के नौ दिनों में भक्त माता दुर्गा के नौ रूपों शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कूष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। इस दौरान लोग व्रत रखते हैं भजन कीर्तन करते हैं दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और घरों तथा मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का आयोजन करते हैं। श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा से जीवन में मानसिक शांति सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है। इस प्रकार पंचक के प्रभाव के बावजूद चैत्र नवरात्र की घटस्थापना और पूजा अर्चना पूरी तरह शुभ मानी जाती है। श्रद्धालु इस पावन पर्व को पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाते हैं और मां दुर्गा से सुख समृद्धि तथा कल्याण की कामना करते हैं।

चैत्र नवरात्र 2026: डोली में आएंगी मां दुर्गा, हाथी पर होगा प्रस्थान; 72 साल बाद बन रहा विशेष संयोग

नई दिल्ली । शक्ति उपासना का महान पर्व चैत्र नवरात्र इस वर्ष 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो रही है जिसके कारण शास्त्रीय मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन डोली पर माना जा रहा है। धार्मिक ग्रंथों में डोली में माता के आगमन को महामारी संघर्ष या प्राकृतिक चुनौतियों का संकेत माना गया है जो समाज को सावधान और सतर्क रहने का संदेश देता है। हालांकि इस बार माता रानी का प्रस्थान हाथी पर होगा जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। हाथी पर माता का गमन अच्छी वर्षा समृद्ध कृषि आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र नवरात्रि कई विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि लगभग 72 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है जब अमावस्या तिथि के साये में ही कलश स्थापना की जाएगी। सामान्यतः प्रतिपदा तिथि में घट स्थापना का विधान होता है लेकिन इस बार सूर्योदय अमावस्या तिथि में होने के कारण शास्त्रों के अनुसार उसी समय विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी। ज्योतिषाचार्य भोला पंडित के अनुसार यह दुर्लभ संयोग आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होगी। हालांकि उस समय सूर्योदय अमावस्या तिथि में रहेगा इसलिए शास्त्र सम्मत नियमों के अनुसार उसी अवधि में कलश स्थापना करना शुभ माना जाएगा। इस दिन शुक्ल योग ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का त्रिवेणी संगम भी बन रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह महासंयोग भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला माना जाता है। गुरुवार से पर्व शुरू होने के कारण मां दुर्गा का आगमन डोली पर होगा जिसे चुनौतियों का संकेत माना गया है लेकिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सुख शांति और समृद्धि के द्वार खोल सकती है। नवरात्रि के पहले दिन यानी 19 मार्च को कलश स्थापना के लिए दो विशेष शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 40 मिनट तक रहेगा जबकि दूसरा शुभ समय सुबह 9 बजकर 16 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन स्थिर लग्नों में घट स्थापना करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवरात्र पर्व को लेकर धार्मिक स्थलों और मंदिरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी अंजोरा से लेकर डोंगरगढ़ तक भक्तों की सुविधा के लिए सेवा पंडाल लगाए जाएंगे। मंदिर समितियों और सेवादारों द्वारा व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं जिला प्रशासन ने भी बैठक कर सुरक्षा यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस तरह चैत्र नवरात्र का यह पावन पर्व न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है बल्कि विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण इस वर्ष इसे और भी अधिक महत्वपूर्ण और फलदायी माना जा रहा है।

OTT पर दस्तक देने जा रही विजय सेतुपति की मिस्ट्री वेब सीरीज ‘मुथु एंगिरा काट्टान’

नई दिल्ली। साउथ के सुपरस्टार विजय सेतुपति अपनी आगामी वेब सीरीज ‘मुथु एंगिरा काट्टान’ की रिलीज़ की तैयारियों में जुटे हैं। इस मिस्ट्री ड्रामा का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ किया गया है, जो दर्शकों को मुख्य किरदार मुथु की रहस्यमयी और जटिल दुनिया की झलक दिखाता है। कहानी की झलकट्रेलर में मुथु एक ऐसा किरदार दिखाई देता है, जिसे हर कोई अलग-अलग नजरिए से देखता है। किसी के लिए मुथु महान हस्ती, किसी के लिए खतरा, और किसी के लिए चमत्कार है। सीरीज की कहानी दर्शकों को मुथु के पीछे की सच्चाई तक पहुँचने का रोमांच देती है और यह समझने की कोशिश करती है कि लोग उसे इतना अलग-अलग नजरिए से क्यों देखते हैं। गहराई और परतों वाला स्टोरीटेलिंग स्टाइल इसे नाटकीय और रोमांचक बनाता है। कास्ट और क्रिएटिव टीममुख्य कलाकार: विजय सेतुपति, मिलिंद सोमनसपोर्टिंग कलाकार: सुदेव नायर, वदिवेल मुरुगन, ऋषा जैकब्स, VJ पार्वती, कलैवनी भास्कर, मुथुकुमारनिर्माता और निर्देशक: M. Manikandan, B. Ajithkumar OTT रिलीज़ की तारीख और प्लेटफ़ॉर्मस्ट्रीमिंग शुरू: 27 मार्च, 2026प्लेटफ़ॉर्म: JioHotstar (Hotstar Specials)“यारू इंथा मुथु एंगिरा काट्टान? Hotstar Specials ‘मुथु एंगिरा काट्टान’ 27 मार्च से सिर्फ JioHotstar पर।” विजय सेतुपति का वर्कफ्रंटइस वेब सीरीज के अलावा विजय सेतुपति की आने वाली फिल्में हैं: स्लम डॉग: 33 टेम्पल रोड पॉकेट नॉवेल जेलर 2 (कैमियो) अरसनइस मिस्ट्री थ्रिलर को देखने के लिए 27 मार्च से Hotstar पर तैयार रहें, और जानें कि मुथु उर्फ काट्टान कौन है!

भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार : विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने कहा है कि भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार है। शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस समय भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है, विशेष रूप से खरीफ 2026 के लिए। यूरिया का हमारा भंडार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक है। डाई-अमोनियम फास्फेट(डीएपी) का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम (एनपीके) का भंडार भी पिछले वर्ष की तुलना में आज काफी अधिक है। यूरिया के हमारे घरेलू उत्पादन की बात करें तो, हमारा वर्तमान उत्पादन हमारी निर्धारित खपत से अधिक होगा, विशेष रूप से रबी का मौसम समाप्त होने वाला है। इसके अलावा, हमने अपने कुछ संयंत्रों के निर्धारित वार्षिक रखरखाव को समय से पहले पूरा कर लिया है, जिसका अर्थ है कि हम उपलब्ध गैस के साथ उत्पादन को अधिकतम करने में सक्षम हैं। पत्रकार वार्ता में रणधीर जायसवाल ने कहा कि उर्वरक विभाग ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय रहते वैश्विक निविदाएं जारी कर दी थीं। इन्हें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और उम्मीद है मार्च के अंत तक विभिन्न स्रोतों से ऑर्डर की गई अधिकांश मात्रा प्राप्त हो जाएगी। उर्वरक विभाग ने प्रतिस्पर्धी आधार पर स्पॉट गैस की खरीद का भी निर्णय लिया है और पहले चरण की खरीद मंगलवार तक पूरी हो जाएगी। 15 मई तक खरीफ की मांग चरम पर पहुंचने तक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार प्राप्त हो जाएगा। उर्वरक विभाग वैश्विक और घरेलू दोनों ही रुझानों पर सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है और आवश्यक कदम उठा रहा है। ब्रिक्स के संबंध में रणधीर जायसवाल ने कहा कि कुछ सदस्य पश्चिम एशिया क्षेत्र की मौजूदा स्थिति में सीधे तौर पर शामिल हैं, जिससे चल रहे संघर्ष पर ब्रिक्स के साझा रुख पर आम सहमति बनाने में बाधा आ रही है। ब्रिक्स के अध्यक्ष के रूप में, भारत शेरपा चैनल के माध्यम से सदस्य देशों के बीच चर्चाओं को सुगम बना रहा है। पिछली वर्चुअल ब्रिक्स शेरपा बैठक 12 मार्च को आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, भारतीय नेतृत्व क्षेत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है। भारत का यह संपर्क जारी रखेगा।

कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए जारी की उम्मीदवारों की दूसरी सूची, 23 नाम घोषित

नई दिल्ली। कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस सूची में 23 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जिसके साथ अब कुल 65 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने बताया कि केंद्रीय चुनाव समिति ने इन उम्मीदवारों का चयन किया है। इस सूची में घोषित उम्मीदवार और उनकी सीटें निम्नलिखित हैं:गोलकगंज – कार्तिक चंद्रा रायबिरसिंग जरुआ – वाजेद अली चौधरीबिलासिपारा – अमृत बादशाहमांकाचार – मोहिबुर रहमानगोलपारा ईस्ट – अबुल कलाम रशीद आलमदूधनई (एसटी) – किशोर कुमार ब्रह्माश्रीजंगराम – नुरुल इस्लाममांडिया – अब्दुल खालेकचमरिया – रकीबुद्दीन अहमदरंगिया – प्रणजीत चौधरीदिमोरिया (एससी) – किशोर कुमार बरुआन्यू गुवाहाटी – संतनु बोराहमंगलदई – श्रीमती रिजुमोनी तालुकदारहोजाई – श्रीमती झिल्ली चौधरीधेकियाजुली – बताश उरांगरंगापारा – कार्तिक चंद्रा कुर्मीगोहपुर – डॉ. शंकर ज्योति कुटुमधेमाजी (एसटी) – शैलेन सोनोवालतिनसुकिया – देविद फुकनटिंगखोंग – बिपुल गोगोईडरगांव – श्रीमती सगोरिका बोराधोलाई (एससी) – ध्रुबज्योति पुरकायस्थकरीमगंज साउथ – अमीनुर रशीद चौधरी पार्टी ने कुछ सीटों को गठबंधन सहयोगी दलों के लिए छोड़ दिया है। इनमें शामिल हैं:भवानीपुर-सोरभोगबजालीपलासबारीगुवाहाटी सेंट्रलगोरेसवारमोरिगांवबरहामपुरबिनाकांडीबेहाली (एससी)सदियाडिब्रूगढ़खोवांगसारुपथारदीफू (एसटी)अमरी (एसटी) पार्टी ने पहले 03 मार्च 2026 को 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को जोरहाट से, देवब्रत सैकिया को नजीरा से और रिपुन बोरा को बरचल्ला से टिकट दिया गया था। कांग्रेस अब गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट-बंटवारे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।

मप्रः इंदौर में पार्किंग में खड़ी तीन बसों में लगी भीषण आग

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में भवरकुआं पुलिस स्टेशन के तीन इमली स्थित प्राइवेट बसों की पार्किंग में खड़ी तीन बसों में आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल का गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीनों बसें जलकर खाक हो गईं। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात तीन इमली स्थित पार्किंग में खड़ी तीन बसों में अचानक आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही भंवरकुआं पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया गया। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर मौजूद रहीं। ट्रैफिक पुलिस के प्रधान आरक्षक मुकेश लश्करी ने बताया कि आग की लपटें दिखाई देने पर वे फौरन मौके पर पहुंचे। सीटी बजाकर ड्राइवरों को अलर्ट किया। ड्राइवरों से बसों को तुरंत बाहर निकालने के लिए कहा। इस दौरान 25 से ज्यादा बसें खड़ी थीं, जिन्हें तुरंत हटवाया। साथ ही सड़क पर मौजूद भीड़ को भी हटाया गया, ताकि वहां जाम की स्थिति न बने। मुकेश लश्करी के अनुसार, पहले एक बस में आग लगी थी, जिसके बाद उसके पास खड़ी दो अन्य बसें भी आग की चपेट में आ गईं। जूनी इंदौर के सहायक पुलिस आयुक्त विजय चौधरी ने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि हादसे में तीन प्राइवेट बसें जलकर खाक हो गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक जली हुई बसें श्रीनाथ बस, निधि बस और देवा बस बताई जा रही हैं। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक आग बुझाने में करीब 30 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल करना पड़ा। मौके पर दमकल की तीन गाड़ियां और तीन से चार पानी के टैंकर पहुंचाए गए थे। इनमें एक गाड़ी गांधी हॉल फायर स्टेशन से और दो गाड़ियां मोती तबेला फायर स्टेशन से भेजी गई थीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। भंवरकुआं पुलिस के मुताबिक आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि आग लगने की असली वजह सामने आ सके।

किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार धरती पुत्र किसान की खुशहाली और विकास के लिए कृत संकल्पित है। राज्य सरकार किसानों और लाड़ली बहनों सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने गांव-गांव तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया है। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी जिले के बरही में आयोजित किसान सम्मेलन कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। जरूरतमंदों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा करते हुए कहा कि कटनी में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कटनी को 1000 करोड़ की सौगात दी एवं जिले के लिए 243 करोड़ रुपये की लागत के 97 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें नवर्निमित पुल, महाविद्यालय और सांदीपनि विद्यालय भी शामिल हैं। किसानों की समृद्धि पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विजयराघवगढ़ के नागरिकों ने भव्य रोड-शो में मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी अभिवादन कर स्वागत के लिये जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के सौंदर्यीकरण की सौगात दी एवं विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। मुख्यमंत्री ने श्री विजयनाथ धाम की नगरी बरही में आयोजित किसान सम्मेलन में किसान कल्याण को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री को प्रतीक स्वरूप हल और स्मृति-चिन्ह के तौर पर लड्डू गोपाल की मूर्ति भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 9 लाख करोड़ की नई रोजगार आधारित औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मध्य प्रदेश देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य बना है। प्रदेश में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है। राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जिले में जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार के साथ ही सड़क निर्माण एवं पुलिया के उन्नयन के कार्य भी किये जाएंगे। बरही में वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम बनाएंगे, साथ ही महानदी और उमड़ार नदी के संगम पर सिंचाई परियोजना की सौगात दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के लिये खेल स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार को बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार लाड़ली बहनों को साढ़े 1800 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और सभी पात्र हितग्राहियों को हर माह 1500 रुपये की सौगात मिल रही है। ग्रामीणों के सिर पर पक्के मकान की छत मिले, इसके लिए बहुत जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए सरकार ने ‘राहवीर योजना’ की शुरुआत की है। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी है। पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल में घायल के लिए डेढ़ लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। नागरिकों की जान बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस का नवाचार प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार सिंचाई के लिए पर्याप्त जल, बिजली और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में वर्ष 2004 से अब तक गेहूं के मूल्य में 2000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की वृद्धि हुई है। किसानों को बोनस का लाभ देकर इस वर्ष 2625 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में पिछले 2 वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है, जिसे आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को सालभर में 12 हजार रुपये की सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूध-दही हजारों साल से भारत की पहचान है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए माता यशोदा योजना में स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट वितरित किये जाएंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब ड्रॉप आउट 6 प्रतिशत से शून्य पर आ गया है। मध्य प्रदेश इस मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुका है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को मौके दिए जा रहे हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत होने वाली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के हितों को सर्वोपरि रखा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच हमारे जहाज तिरंगा लगाकर शान से स्वदेश लौट रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में खाड़ी के देशों में जारी संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान शर्मनाक हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर बार की तरह अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए युद्ध में फंसे विद्यार्थियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। सम्मेलन को सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, विधायकगण संदीप जायसवाल, धीरेंद्र बहादुर सिंह, प्रणय प्रभात पांडे, श्रीकांत चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान बंधु और स्थानीय लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बड़े तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का किया शुभारंभमुख्यमंत्री ने कटनी जिले के बरही भ्रमण के दौरान बड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का शुभारंभ किया। जल गंगा संवर्धन अभियान में बड़ा तालाब बरही का 50 लाख रुपये की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। इसमें तालाब के चारों ओर घाट निर्माण, फव्वारे का निर्माण के साथ ही अन्य सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री ने बरही के श्री विजयनाथ धाम मंदिर में भगवान शंकर का दर्शन-पूजन कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि व आरोग्यमय जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री का आभार रैली में हुआ आत्मीय स्वागतमुख्यमंत्री

मप्रः अपर मुख्य सचिव ने दिए घरेलू उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश

भोपाल। मध्य प्रदेश की खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने शनिवार को घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश ऑइल कंपनियों के प्रतिनिधियों को दिए हैं। अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम एवं मध्य पूर्व देशों की स्थिति के दृष्टिगत प्रदेश में पड़ने वाले प्रभाव की शनिवार को मंत्रालय मे वरिष्ठ अधिकारियों तथा ऑइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने ऑइल कंपनी के प्रतिनिधियों को प्रदेश के सभी जिलों में एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस सम्बन्ध में पूर्व में ही समस्त जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए है कि यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए।साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा गैस कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत किया जाए, जिससे प्रदेश में एलपीजी गैस की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे। एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध भी लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मार्च को प्रदेश में 11 स्थानों पर कार्यवाही कर 228 सिलेंडर जब्त किये गए तथा 03 प्रकरण पंजीबद्ध किये गए| पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी जो प्रदेश में वाणिज्यिक ओर घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी। आयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री अजय श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि प्रदेश में गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के 11 बाटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेन्डर उपलब्ध है। आशंकित उपभोक्ताओं द्वारा अत्यधिक गैस सिलेण्डर की बुकिंग के कारण सर्वर पर अतिरिक्त लोड आने से असुविधा हो रही थी जिसे सुधार लिया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करावे। घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पेट्रोल, डीजल ,घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।