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महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत का जलवा, बड़ी पारियों में एक भारतीय नाम

नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। 11 जून से इंग्लैंड की धरती पर इस मेगा इवेंट का आयोजन होना है। आइए आपको उन 5 बल्लेबाजों के नाम बताते हैं, जिन्होंने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट के वर्ल्ड कप में सबसे बड़ी पारी खेली है। मेग लेनिंग: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज मेग लेनिंग के नाम महिला टी20 विश्व कप में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। लेनिंग ने साल 2014 में आयरलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारी खेली थी। उन्होंने महज 67 गेंदों का सामना कररते हुए 126 रन बनाए थे। अपनी इस पारी में लेनिंग ने 18 चौके और 4 छक्के लगाए थे। डिएंड्रा डॉटिन: वेस्टइंडीज की धाकड़ बल्लेबाज ड्रिएंडा डॉटिन टी20 विश्व कप में दूसरी सबसे बड़ी पारी खेलने वाली बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने 2010 में हुए वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए महज 45 गेंदों में 112 रनों की नाबाद पारी खेली थी। उन्होंने अपनी इस पारी में 7 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के लगाए थे। हीथर नाइट: महिला टी20 विश्व कप में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर इंग्लैंड की बल्लेबाज हीथर नाइट का नाम दर्ज है। उन्होंने 2020 में थाईलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में शानदार बैटिंग करते हुए 66 गेंदों में 108 रनों की नाबाद पारी खेली थी। अपनी इस पारी में नाइट ने 13 चौके और 4 छक्के लगाए थे। हरमनप्रीत कौर:भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 2020 में हुए महिला टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंदों में 103 रनों की दमदार पारी खेली थी। हरमनप्रीत ने अपनी इस पारी में 7 चौके और 8 छक्के लगाए। उन्होंने 103 रनों की अपनी इस पारी में से 76 रन सिर्फ चौके-छक्के से बटोरे थे। मुनीबा अली: पाकिस्तान टीम की बल्लेबाज मुनीबा अली के नाम महिला टी20 विश्व कप में पांचवीं सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 2023 में हुए वर्ल्ड कप में आयरलैंड के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए 68 गेंदों में 102 रनों की दमदार पारी खेली थी। मुनीबा ने अपनी इस इनिंग में 14 चौके जमाए थे।

अटारी-वाघा बॉर्डर पर ए आर रहमान ने लाइव प्रस्तुति देकर रचा नया इतिहास, बीएसएफ जवानों को समर्पित किया ऐतिहासिक कॉन्सर्ट

नई दिल्ली । देश की सीमाओं की रक्षा में मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जांबाज जवानों को सम्मान देने और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुरों से सजाने के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। महान संगीतकार और ऑस्कर विजेता ए आर रहमान ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकी पर लाइव परफॉर्मेंस देकर एक नया इतिहास रच दिया है। इस अनूठे और भव्य कॉन्सर्ट का आयोजन देश के वीर जवानों को समर्पित करने के साथ-साथ एक विशेष सिनेमाई कलाकृति के प्रचार के उद्देश्य से किया गया था। मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने अपनी बहुप्रतीक्षित आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के प्रमोशन के लिए एक बेहद अनूठा और प्रभावशाली रास्ता चुना। वे फिल्म की मुख्य संगीत टीम, जिसमें दिग्गज संगीतकार ए आर रहमान और लोकप्रिय पार्श्व गायक मोहित चौहान शामिल थे, के साथ सीधे भारत-पाकिस्तान की अटारी-वाघा सीमा पर पहुंचे। इस दौरान सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक विशेष म्यूजिकल ट्रिब्यूट का आयोजन किया गया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावविभ्वल कर दिया। अटारी बॉर्डर पोस्ट पर आयोजित इस लाइव कॉन्सर्ट के दौरान ए आर रहमान ने जब अपनी सुरीली और जादुई आवाज में कालजयी गीत ‘वंदे मातरम’ गाना शुरू किया, तो पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों और सुरों से गूंज उठा। सीमाओं की रक्षा करने वाले बीएसएफ के जवानों के लिए यह एक बेहद भावुक और गौरवशाली क्षण था। इस ऐतिहासिक प्रस्तुति में गायक मोहित चौहान ने भी सुर से सुर मिलाकर समां बांध दिया, जिससे वहां उपस्थित जवानों और दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह के प्रमोशन को एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है, जहां व्यावसायिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रहरियों को केंद्र में रखा गया। इम्तियाज अली और ए आर रहमान की इस जोड़ी ने हमेशा अपने संगीत और फिल्मों से दर्शकों के दिलों को छुआ है, लेकिन इस बार सरहद पर दी गई इस लाइव प्रस्तुति ने कला और राष्ट्र सेवा के मेल की एक नई मिसाल पेश की है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों ने इस सम्मान के लिए पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल संगीत की दुनिया में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, बल्कि इसने यह भी संदेश दिया है कि कला और संस्कृति देश के रक्षकों के योगदान की सदैव ऋणी रहेगी। अटारी बॉर्डर पर गूंजे ए आर रहमान के सुरों की गूंज और जवानों के चेहरों पर तैरती मुस्कान सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा के मीडिया में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। देशभक्ति से ओतप्रोत यह कॉन्सर्ट आने वाले लंबे समय तक भारतीय संगीत और संस्कृति के इतिहास में याद रखा जाएगा।

ATM कैश की कमी पर शिकायत, बैंकिंग सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम नेटवर्क को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। देशभर में लगभग 65,000 एटीएम वाले इस नेटवर्क में कैश की कमी को लेकर ATM इंडस्ट्री बॉडी CATMi ने भारतीय रिजर्व बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक को शिकायत भेजी है। संगठन का आरोप है कि कैश सप्लाई में प्राथमिकता बड़े शहरों को दी जा रही है, जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में एटीएम खाली पड़े हैं। ₹100 करोड़ मुआवजे की मांगATM ऑपरेटरों के संगठन CATMi का कहना है कि कैश की अनुपलब्धता के कारण हजारों एटीएम बंद हो गए हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। संगठन ने बैंकिंग सिस्टम से करीब ₹100 करोड़ मुआवजे की मांग भी की है। उनका कहना है कि हर खाली एटीएम का मतलब एक खोया हुआ ट्रांजैक्शन है, जिससे इंटरचेंज और ऑपरेशन फीस का सीधा नुकसान होता है। छोटे शहरों में सबसे ज्यादा असररिपोर्ट के अनुसार समस्या मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में देखने को मिल रही है। कई जगहों पर एटीएम में कैश रिफिल समय पर नहीं हो रहा, जिससे लोग घंटों तक परेशान हो रहे हैं। उद्योग के अनुसार, दिसंबर 2025 के बाद से कई राज्यों में बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट से कैश उपलब्धता में भी दिक्कत बढ़ी है। बढ़ती लागत और घटता ट्रांजैक्शन बना संकट की वजहATM ऑपरेटरों के सामने एक और बड़ी चुनौती ऑपरेशनल कॉस्ट में बढ़ोतरी है। मजदूरी और ईंधन की कीमतें बढ़ने से खर्च 60% तक बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर कैश निकासी में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 में जहां मासिक ट्रांजैक्शन 57 करोड़ थे, वहीं सितंबर 2025 तक यह घटकर 43.95 करोड़ रह गए। ग्रामीण क्षेत्रों में घटते ATMदेश में ATM की संख्या भी धीरे-धीरे कम हो रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल ATM संख्या घटकर लगभग 2.51 लाख रह गई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 2.53 लाख से अधिक था। सबसे ज्यादा गिरावट ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दर्ज की गई है। आम लोगों पर क्या असर होगा?अगर कैश सप्लाई की समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो छोटे शहरों और गांवों में लोगों को नकदी निकालने में और दिक्कत हो सकती है। हालांकि डिजिटल पेमेंट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन भारत में अब भी बड़ी आबादी रोजमर्रा के लेनदेन के लिए कैश पर निर्भर है। ऐसे में ATM संकट सीधे आम जनता की जेब और सुविधा दोनों को प्रभावित कर सकता है।

समस्याओं को सुलझाने का आसान तरीका बताया, अमिताभ बच्चन का अनुभव आया सामने

नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर अपने अनुशासन और कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने हालिया ब्लॉग में बताया कि वह देर रात तक काम करते हैं और कई बार सुबह 4 बजे तक अपने प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रहते हैं। 83 साल की उम्र में भी उनका काम के प्रति समर्पण पहले जैसा ही मजबूत है। ब्लॉग में उन्होंने फैंस को भी स्वास्थ्य का ध्यान रखने और गर्मी में हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी। ‘प्रॉब्लम हमेशा प्रॉब्लम रहती है’  बिग बी का जीवन मंत्रअमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में समस्याओं को लेकर एक गहरी सोच साझा की। उनके अनुसार,“प्रॉब्लम की अच्छी बात यह है कि वे बाद में भी प्रॉब्लम ही रहती हैं, इसलिए उन्हें तुरंत हल करने का दबाव नहीं होना चाहिए।” उनका कहना है कि हर समस्या हमें कुछ नया सिखाती है और समय के साथ हम उनसे निपटना सीखते हैं। यह अनुभव इंसान को अधिक समझदार बनाता है। पॉजिटिविटी और कॉन्फिडेंस पर जोरउन्होंने आगे लिखा कि जीवन में केवल समस्याओं को हल करना ही जरूरी नहीं, बल्कि अनिश्चितताओं को स्वीकार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बिग बी के अनुसार, कॉन्फिडेंस और पॉजिटिविटी ही वह आधार हैं, जिनसे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकता है। उनका मानना है कि अनिश्चितताएं ही जीवन को दिलचस्प और जीने योग्य बनाती हैं। लगातार सक्रिय है करियरवर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म सेक्शन 84 में नजर आ सकते हैं। इसके अलावा वह बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट कल्कि 2898 एडी -पार्ट 2 का भी हिस्सा हैं, जिसमें उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया है। पहले भाग में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई थी, और दूसरे पार्ट से भी दर्शकों को बड़ी उम्मीदें हैं। एक प्रेरणा बने हुए हैं बिग बीसमय बदल गया है, उम्र बढ़ गई है, लेकिन अमिताभ बच्चन का काम करने का जुनून और जीवन को देखने का नजरिया आज भी उतना ही मजबूत है। उनका यह संदेश कि “समस्याएं जीवन का हिस्सा हैं” हर उम्र के लोगों के लिए एक सीख की तरह है।

गाने ने बदल दिया इतिहास, किशोर कुमार की बात आखिरकार साबित हुई सही

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज पार्श्वगायक किशोर कुमार अपनी बेहतरीन आवाज और बहुआयामी प्रतिभा के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हजारों गीत गाए, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके एक खास गाने “मेरे ये गीत याद रखना” को लेकर एक बेहद भावुक किस्सा जुड़ा है, जिसे फिल्म चलते-चलते के लिए रिकॉर्ड किया गया था। गाते-गाते भावुक हो उठे थे किशोर कुमारकहा जाता है कि जब किशोर कुमार इस गाने को रिकॉर्ड कर रहे थे, तब वह बार-बार भावुक हो जाते थे। गीत के बोल और संगीत ने उनकी निजी यादों को ताजा कर दिया, जिससे उनकी आंखें नम हो जाती थीं। रिकॉर्डिंग के दौरान कई बार ऐसा हुआ कि उन्हें खुद को संभालना पड़ा, क्योंकि गाने की भावनात्मक गहराई उन्हें भीतर तक छू रही थी। ‘ये गाना हिट होगा’ किशोर कुमार की भविष्यवाणीइस गाने को लेकर एक दिलचस्प बात यह भी कही जाती है कि किशोर कुमार ने इसके रिकॉर्डिंग के दौरान ही कह दिया था कि यह गीत दर्शकों के दिलों में जगह बनाएगा। उनकी यह बात आगे चलकर सही साबित हुई और यह गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। संगीत और फिल्म की यादगार टीमयह गीत फिल्म चलते-चलते का हिस्सा था, जिसमें कलाकारों की भूमिका भी बेहद यादगार रही। इसके बोल लेखक अमित खन्ना ने लिखे थे, जबकि संगीत निर्देशन बप्पी लाहिड़ी ने किया था। बप्पी लाहिड़ी ने इस गीत के लिए ऐसी धुन तैयार की थी जो सीधे दिल को छू जाए, और यही इसकी सफलता का बड़ा कारण बनी। किशोर कुमार की विरासतकिशोर कुमार सिर्फ गायक ही नहीं, बल्कि अभिनेता, निर्देशक और निर्माता भी थे। उन्होंने अपने करियर में हजारों गाने गाए और कई सुपरस्टार्स के लिए अपनी आवाज दी। उनकी गायकी की खासियत यह थी कि वह हर तरह के गीत रोमांटिक, दर्दभरे, भजन या मस्तीभरे सबमें समान रूप से जान डाल देते थे। एक अमर कलाकार की अमर कहानीकिशोर कुमार का नाम भारतीय संगीत इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उनकी आवाज, उनका अंदाज और उनके गीत आज भी लोगों को भावनाओं से जोड़ते हैं। यह किस्सा उनके उसी जादू को याद दिलाता है, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है।

पत्नी के प्रति वफादारी पर बोले आर माधवन, दिया मजेदार और ईमानदार जवाब

नई दिल्ली। अभिनेता आर. माधवन ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक दिलचस्प और बेहद साफगोई भरा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पत्नी सरिता के साथ उनकी 27 साल लंबी शादी की मजबूत नींव भरोसे, ईमानदारी और आपसी समझ पर टिकी है। माधवन ने कहा कि उनके लिए लॉयल्टी कोई रणनीति नहीं, बल्कि परिवार से मिली हुई एक सीख है। उनके अनुसार, “मुझे लगता है लॉयल रहना हमारे परिवार की परंपरा में है। मेरा पूरा खानदान हमेशा अपनी जिम्मेदारियों के प्रति वफादार रहा है।” ‘डरपोक मद्रासी मिडल क्लास हूं’ -खुद को लेकर खुलकर बोले माधवनअपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आर. माधवन ने हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को “डरपोक मद्रासी मिडल क्लास आदमी” बताया। उन्होंने कहा कि वह भले ही आकर्षण महसूस करते हों, लेकिन अंत में उनके लिए परिवार और पत्नी ही सबसे अहम हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी पत्नी सरिता उनकी जिंदगी के कई अहम पहलुओं को संभालती हैं, यहां तक कि फाइनेंस और अकाउंट्स तक का जिम्मा भी उनके पास है। मणिरत्नम की सीख और रिश्तों की समझमाधवन ने फिल्मकार मणिरत्नम से मिली एक सलाह का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मणिरत्नम ने उन्हें कहा था कि जब रिश्ता अच्छा चल रहा हो, तो उसे बार-बार “टेस्ट” नहीं करना चाहिए। माधवन के मुताबिक, “कभी-कभी रिश्तों को परखने की कोशिश ही उन्हें खराब कर देती है। बेहतर है कि चीजों को स्वाभाविक रूप से चलने दिया जाए। शादी के वक्त भी रखा सच का रास्ताअभिनेता ने यह भी बताया कि जब उन्होंने सरिता से शादी की थी, तब वह अपने करियर के शुरुआती और सफल दौर में थे। उस समय उन्हें सलाह दी गई थी कि शादी को छिपाकर रखें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका मानना है कि रिश्तों में पारदर्शिता ही असली ताकत होती है। इसलिए उन्होंने कभी भी अपनी शादी को छिपाने की कोशिश नहीं की। प्रोफेशनल लाइफ में भी लगातार सक्रियवर्क फ्रंट की बात करें तो आर. माधवन हाल ही में अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनकी परफॉर्मेंस को लगातार सराहा जाता रहा है। आने वाले समय में वह कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं, जिनमें मल्टीस्टार कास्ट भी शामिल है।

सलमान के देर रात पोस्ट ने मचाया हलचल, वरुण धवन ने दिया मजेदार जवाब

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के पीछे की सच्चाई पर बात की। उन्होंने कहा कि बाहर से एक्टर्स की जिंदगी जितनी ग्लैमरस दिखती है, अंदर से उतनी ही अकेली और दबाव से भरी होती है। वरुण के मुताबिक, “अक्सर 90 प्रतिशत एक्टर्स अकेलेपन का सामना करते हैं। स्टारडम का प्रेशर इतना होता है कि लोग मानसिक रूप से भी संघर्ष करते हैं, लेकिन यह सब बाहर नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें करियर की शुरुआत में ही इस हकीकत का एहसास हो गया था, इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वह ऑनस्क्रीन और ऑफस्क्रीन एक जैसी ही पर्सनैलिटी रखेंगे। ‘मैं वही हूं जो मैं हूं’ -वरुण की सोचवरुण धवन ने कहा कि उन्होंने कभी भी अलग-अलग पर्सनैलिटी बनाने की कोशिश नहीं की। उनके अनुसार, यह दिखावा मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा, “मैं वही हूं जो मैं यहां और वहां हूं। अगर आप अलग-अलग चेहरे बनाएंगे तो एक समय के बाद वह बबल फट जाता है और आप खुद को खो देते हैं।” वरुण ने यह भी माना कि सोशल मीडिया के दौर में लोग अब बहुत सोच-समझकर बोलते हैं, लेकिन वह खुद पहले की तरह बेझिझक बात करना पसंद करते हैं। सलमान खान के वायरल पोस्ट पर प्रतिक्रियाइंटरव्यू के दौरान वरुण धवन से सलमान खान के हाल ही में वायरल हुए देर रात के इंस्टाग्राम पोस्ट के बारे में भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि,“जब मैंने सलमान भाई के रात वाले पोस्ट देखे, तो वह अलग ही जोन में चले गए थे। उनका इशारा इस बात की ओर था कि कभी-कभी बड़े सितारे भी अपने निजी मूड या भावनात्मक स्थिति में सोशल मीडिया पर अलग तरह से प्रतिक्रिया दे देते हैं। सोशल मीडिया और सीमाओं की बातवरुण ने यह भी कहा कि आज के समय में हर चीज सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैलती है। ऐसे में कलाकारों को हर कदम सोचकर उठाना पड़ता है, क्योंकि एक छोटी सी बात भी बड़े विवाद में बदल सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चाहे लोग आपको पसंद करें या आलोचना करें, सबसे जरूरी है कि इंसान अपनी असल पहचान बनाए रखे। फिल्मी करियर की बातवर्क फ्रंट की बात करें तो वरुण धवन की हालिया फिल्म “है जवानी तो इश्क होना है” रिलीज हो चुकी है, जिसमें उनके साथ पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है।

विक्रम भट्ट ने रिलेशनशिप और करियर पर की खुलकर बात, कहा- दोनों साथ नहीं चले

नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर और हॉरर फिल्मों के लिए जाने जाने वाले विक्रम भट्ट एक बार फिर अपने निजी जीवन को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने पुराने रिश्तों, खासकर सुष्मिता सेन और अमीषा पटेल के साथ डेटिंग को लेकर खुलकर बातचीत की। विक्रम भट्ट ने बताया कि उनके जीवन का एक दौर ऐसा भी था जब पेशेवर सफलता और निजी जीवन दोनों ही एक साथ उलझे हुए थे। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्मों ने तो सफलता हासिल की, लेकिन उनकी रिलेशनशिप्स लंबे समय तक नहीं टिक सकीं। इसी बात को मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, “मेरी फिल्में तो चलीं, लेकिन रिलेशनशिप नहीं।” विक्रम भट्ट और सुष्मिता सेन की मुलाकात 1996 में फिल्म ‘दस्तक’ के सेट पर हुई थी। उस समय विक्रम, महेश भट्ट को असिस्ट कर रहे थे और सुष्मिता अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं। वहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और डेटिंग शुरू हुई, लेकिन कुछ समय बाद यह रिश्ता खत्म हो गया। इसी तरह विक्रम भट्ट का नाम एक्ट्रेस अमीषा पटेल के साथ भी जुड़ा। दोनों ने साल 2002 से 2007 के बीच एक-दूसरे को डेट किया। हालांकि यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल सका। इंटरव्यू के दौरान विक्रम भट्ट ने अपने संघर्ष के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे। उनके पास साधारण जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं होते थे। उन्होंने कहा, “मैं स्ट्रगलिंग डायरेक्टर था, कई बार हालात ऐसे थे कि मेरे पास सीडी खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे।” उन्होंने यह भी कहा कि जब लोग उन्हें सफल समझ रहे थे, तब भी उनकी जिंदगी आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि उसी दौर में वह सुष्मिता सेन जैसी बड़ी हस्ती को डेट कर रहे थे, लेकिन अंदर से वह संघर्ष कर रहे थे। विक्रम ने आगे कहा कि उनके जीवन में जो भी लोग आए, उन्होंने कुछ न कुछ अच्छा ही दिया। उनके मुताबिक, हर रिश्ता एक सीख लेकर आया। चाहे वह प्यार हो, समय हो या जीवन का अनुभव—हर किसी ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है। उन्होंने अपने पुराने रिश्तों को लेकर किसी तरह की नाराजगी नहीं जताई, बल्कि उन्हें सकारात्मक अनुभव बताया। विक्रम भट्ट ने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें केवल प्यार और सीख ही नजर आती है। अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि असली जीत फिल्मों और मेहनत की होती है, क्योंकि वही समय के साथ लोगों को याद रहती है, जबकि निजी जीवन की कहानियां धीरे-धीरे धुंधली पड़ जाती हैं।

OTT पर धमाका: 8 से 14 जून के बीच 12 फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज, नेटफ्लिक्स पर आएंगी 9 टाइटल्स

नई दिल्ली। जून का दूसरा हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन का बड़ा पैकेज लेकर आ रहा है। 8 जून से 14 जून 2026 के बीच अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कुल 12 फिल्में, वेब सीरीज और एक डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने जा रही हैं। खास बात यह है कि इनमें से 9 टाइटल्स अकेले नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होंगे, जिससे प्लेटफॉर्म पर इस हफ्ते जबरदस्त कंटेंट की भरमार देखने को मिलेगी। इस हफ्ते की शुरुआत बच्चों के लिए लोकप्रिय शैक्षिक कार्यक्रम ‘सेसमे स्ट्रीट’ के नए सीजन से होगी, जो 8 जून को रिलीज होगा। इसके बाद 9 जून को नेटफ्लिक्स पर स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री ‘नॉर्वे: द डार्क हॉर्स’ दर्शकों को फुटबॉल की एक इमोशनल कहानी से जोड़ती नजर आएगी। 10 जून को ओटीटी पर कई बड़े टाइटल रिलीज होंगे। प्राइम वीडियो पर रोमांटिक फिल्म ‘एवरी इयर आफ्टर’ प्रेम और रिश्तों की उलझनों को दिखाएगी। इसी दिन नेटफ्लिक्स पर क्राइम थ्रिलर ‘कलर्स ऑफ इविल: ब्लैक’ और सर्वाइवल रियलिटी शो ‘आउटलास्ट: द जंगल’ भी रिलीज होंगे। फैमिली ड्रामा ‘माई फैमिली’ भी इसी दिन दर्शकों के सामने आएगा, जो परिवार और रिश्तों की भावनात्मक कहानी पेश करेगा। 11 जून को नेटफ्लिक्स पर लीगल क्राइम थ्रिलर ‘द एविल लॉयर’, फील-गुड सीरीज ‘स्वीट मैगनोलियास’ का नया सीजन और जापानी एक्शन सीरीज ‘वायरल हिट’ रिलीज होगी। यह दिन खास तौर पर थ्रिलर और ड्रामा पसंद करने वालों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। 12 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर और भी विविध कंटेंट देखने को मिलेगा। हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ (नेटफ्लिक्स) दर्शकों को मनोरंजन और डर का मिश्रण देगी, जबकि प्राइम वीडियो पर क्राइम थ्रिलर ‘राख’ 1978 के चर्चित रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित कहानी दिखाएगी। वहीं जियो हॉटस्टार पर मलयालम फिल्म ‘ड्रिडम’ एक पुलिस अफसर की जांच पर आधारित थ्रिलर कहानी लेकर आएगी। इन रिलीज़ का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि हर जॉनर के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद है—क्राइम थ्रिलर से लेकर फैमिली ड्रामा, रोमांस, हॉरर और रियलिटी शो तक। नेटफ्लिक्स इस हफ्ते सबसे ज्यादा 9 टाइटल्स के साथ कंटेंट की दौड़ में आगे नजर आ रहा है, जबकि प्राइम वीडियो और जियो हॉटस्टार भी मजबूत लाइनअप के साथ दर्शकों को आकर्षित करने की तैयारी में हैं। ओटीटी की बढ़ती लोकप्रियता के बीच यह हफ्ता दर्शकों के लिए खास साबित होने वाला है। जहां एक तरफ बड़े बजट की सीरीज और फिल्में रिलीज हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ विविध विषयों पर आधारित कंटेंट दर्शकों को लगातार बांधे रखने का वादा कर रहा है।

11 जून को व्रत-पूजा से मिल सकता है विशेष लाभ, ज्योतिषीय दृष्टि से अहम दिन

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन 11 जून 2026 का दिन और भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस दिन परमा एकादशी का दुर्लभ योग बन रहा है। यह एकादशी अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में पड़ रही है, जो तीन साल में एक बार आता है। यही कारण है कि इस दिन का महत्व सामान्य एकादशी से कई गुना अधिक बताया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परमा एकादशी को मोक्षदायिनी तिथि माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से 100 यज्ञों के बराबर फल प्राप्त होता है। साथ ही जीवन में धन, समृद्धि और सुख-शांति का वास होता है। यही नहीं, यह व्रत पापों के नाश और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी खोलता है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 11 जून 2026 को सुबह 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी और उसी दिन रात 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को ही रखा जाएगा। इसके अगले दिन 12 जून को व्रत का पारण किया जाएगा, जिसका शुभ समय सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक बताया गया है। परमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा का विधान है। पूजा के दौरान पीले वस्त्रों का उपयोग शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त पीले कपड़े पर चांदी का सिक्का और हल्दी की गांठ रखकर पूजा करते हैं और उसे बाद में तिजोरी या धन स्थान पर रख देते हैं। मान्यता है कि इससे घर में धन और समृद्धि बढ़ती है। इसके अलावा इस दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का चौमुखी दीपक जलाने का भी विशेष महत्व बताया गया है। दीपक में हल्दी या कुमकुम मिलाना शुभ माना जाता है। भक्त तुलसी की परिक्रमा करते हुए मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हालांकि परिक्रमा के दौरान तुलसी पौधे को स्पर्श नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह भी कहा गया है कि यदि इस दिन व्रत और पूजा का अवसर चूक गया, तो ऐसा दुर्लभ योग लंबे समय तक फिर नहीं मिलता। यही कारण है कि श्रद्धालु इस तिथि को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। परमा एकादशी केवल एक व्रत नहीं बल्कि आस्था, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक मानी जाती है। यह दिन भक्तों को भगवान विष्णु की भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने का अवसर प्रदान करता है।