भोपाल निगम में फर्जी बिलिंग के आरोप पर लोकायुक्त का सेंट्रल वर्कशॉप में छापा

भोपाल। भोपाल नगर निगम में फर्जी बिलिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते रविवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने सेंट्रल वर्कशॉप स्थित नगर निगम कार्यालय में छापेमारी की। यह कार्यवाही सुबह 9 बजे शुरू हुई और अभी भी जारी है। नगर निगम की यह वर्कशॉप गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य मैकेनिकल कार्यों के लिए जानी जाती है। लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को निगम के फतेहगढ़ डाटा सेंटर पर कार्रवाई करते हुए पिछले 10 वर्षों के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त किए थे। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले, जिसके आधार पर सेंट्रल वर्कशॉप में यह छापेमारी की गई। जांच टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन फर्मों और व्यक्तियों की संलिप्तता रही। 11 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की गई। लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि SAP सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार किए गए। इन बिलों के माध्यम से परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि असल में संबंधित काम या तो किया ही नहीं गया या विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया कि नगर निगम के जलकार्य विभाग, सामान्य प्रशासन और सेंट्रल वर्कशॉप के नाम पर गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए, लेकिन कई मामलों में वास्तव में काम नहीं हुआ था। डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच से अब यह पता लगाया जाएगा कि किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तविकता क्या थी। अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर का कहना है कि लेखा शाखा में बिल सीधे पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार नगर निगम आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है। उनका यह बयान यह दर्शाता है कि भुगतान प्रक्रिया में कई स्तरों पर सत्यापन होता है, लेकिन कथित फर्जी बिलिंग के मामले ने प्रणाली में संभावित गड़बड़ियों को उजागर किया है। लोकायुक्त टीम का कहना है कि जब्त SAP सॉफ्टवेयर का डेटा और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में और फर्मों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। यह कार्रवाई भोपाल नगर निगम में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
ज़ाकिर खान का अचानक अस्पताल में दाख़िला, ईद से पहले फैंस में बढ़ी चिंता…

नई दिल्ली:स्टैंड-अप कॉमेडी के मशहूर कलाकार जाकिर खान को लीलावती अस्पताल में अचानक भर्ती होते देख फैंस की चिंता बढ़ गई है। ईद से ठीक पहले यह खबर सामने आई और सोशल मीडिया पर फैंस ने ‘Get Well Soon’ और ‘जल्दी ठीक हो जाओ’ जैसी दुआओं की बाढ़ लगा दी। जाकिर के छोटे भाई अरबाज खान ने हाल ही में अपने रमजान व्लॉग में अस्पताल का वीडियो शेयर किया जिसमें जाकिर गुलाबी अस्पताल गाउन पहने दोस्तों और परिवार के साथ भारत बनाम इंग्लैंड क्रिकेट मैच देखते नजर आए। वीडियो में अरबाज ने पूछा, ‘कैसा है भाई?’ तो जाकिर ने मज़ाक में जवाब दिया, ‘मैच अभी फंसा हुआ है।’ इस वायरल वीडियो के बाद फैंस ने कमेंट्स में उनकी सेहत के बारे में सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई फैंस ने लिखा, ‘जाकिर भाई, आप ठीक तो हैं? ईद से पहले जल्दी ठीक हो जाओ।’ तो किसी ने पूछा, ‘अस्पताल में क्यों भर्ती हो गए?’ सोशल मीडिया पर फैंस का प्यार और समर्थन लगातार बरस रहा है। दरअसल, जाकिर खान ने कुछ दिन पहले ही मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे 1.5 से 2 साल का ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने साफ़ किया कि वे हटना नहीं चाहते, बस थोड़े समय के लिए खुद पर ध्यान देना चाहते हैं। उनका कहना था, ‘थोड़ा स्टूडेंट की तरह जीवन जीना है, सेहत पर ध्यान देना है, यात्रा करनी है और लिखने का काम पूरा करना है।’ जाकिर ने पहले भी खुलासा किया था कि परिवार में कुछ जेनेटिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं और उनकी अपनी लाइफस्टाइल, जैसे नींद की कमी और अनियमित खान-पान ने उनकी सेहत पर असर डाला है। लेकिन उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यह कोई गंभीर या तत्काल खतरा नहीं है और वे पूरी तरह से कॉमेडी छोड़ नहीं रहे। फैंस की प्रतिक्रिया इस खबर पर बेहद इमोशनल रही। कई लोग लिख रहे हैं, ‘ईद से पहले जल्दी ठीक हो जाओ जाकिर भाई,’ ‘आपकी हंसी हमें मिस हो रही है, जल्दी वापस आओ,’ और ‘सेहत पहले, बाकी सब बाद में।’ अस्पताल में भर्ती होने की खबर से लोगों में चिंता बढ़ी, क्योंकि जाकिर पिछले कई महीनों से काम और सोशल मीडिया से दूरी बनाए हुए थे। हालांकि परिवार ने अभी तक कोई स्पेसिफिक मेडिकल विवरण नहीं साझा किया है, लेकिन जाकिर खान ने खुद कहा है कि यह सिर्फ ब्रेक है और वे कॉमेडी से दूर नहीं जा रहे हैं। लीलावती अस्पताल में भर्ती होने की वजह स्वास्थ्य संबंधित बताई जा रही है। फैंस और पूरी कॉमेडी कम्युनिटी की यही दुआ है कि ‘सख्त लौंडा’ जल्दी ठीक होकर वापस आए और ईद से पहले घर लौटे। इस वीडियो में जाकिर का आरामदायक अंदाज़ और उनकी हल्की-फुल्की बातचीत यह दिखाती है कि फिलहाल उनकी हालत गंभीर नहीं है। फैंस के दिलों में चिंता और प्यार एक साथ उमड़ रहा है। सोशल मीडिया पर दुआओं की बाढ़ और प्यार भरे मैसेज उनके लिए उम्मीद और हौसला बनकर आ रहे हैं। जाकिर खान की यह ब्रेक और अस्पताल में भर्ती होने की घटना उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देने की ज़रूरत और फैंस के लिए उनके हंसते-खिलखिलाते चेहरे की याद दिलाती है। सभी को बस यही दुआ है कि वे जल्द स्वस्थ होकर वापस आएं और अपनी हंसी और कॉमेडी से लोगों के दिलों में फिर से जगह बनाएँ।
इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच

नई दिल्ली। नेहरू स्टेडियम में रविवार को सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) सीजन-1 का आखिरी दिन रोमांचक होने वाला है। 12 मार्च से चल रहे इस क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन विशेष फ्रेंडली मैच के साथ होगा, जिसमें संतों और पेशेवर क्रिकेटरों के बीच खेल का आयोजन किया गया है। इस मैच का उद्देश्य न केवल खेल भावना का प्रदर्शन है, बल्कि खिलाड़ियों और संतों के बीच आध्यात्मिक और मानसिक सामंजस्य को भी बढ़ावा देना है। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित संत उपस्थित रहेंगे, जिनमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, चिन्मयानंद बापूजी, पं. प्रदीप मिश्रा, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, देवकीनंदन ठाकुर महाराज, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज, संत त्रिलोचन दर्शनदास और अर्पित दास महाराज शामिल हैं। वहीं क्रिकेट जगत से प्रमुख खिलाड़ी जैसे सुरेश रैना, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, मोहित शर्मा और चेतन शर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे। फाइनल मुकाबले से पहले संतों और खिलाड़ियों के बीच वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह सत्र खिलाड़ियों को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। एसपीएल में कुल आठ टीमों ने भाग लिया और सभी मैच टी-10 फॉर्मेट में खेले गए। लीग के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। शनिवार को मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 5 विकेट से हराया, जबकि उत्तराखंड ने दिल्ली को भी 5 विकेट से मात दी। तीसरे मैच में साउथ डीसीआर ने गुजरात को 25 रन से हराया और चौथे मुकाबले में महाराष्ट्र ने उत्तर प्रदेश को 23 रन से पराजित किया। आज चार महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच दोपहर 2 बजे शुरू होगा। इसके बाद शाम 4 बजे मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच दूसरा मुकाबला होगा। शाम 6 बजे संतों और खिलाड़ियों का वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला रात 8 बजे से होगा, जो इस सीजन का सर्वोच्च रोमांच प्रदान करेगा। एसपीएल के आयोजन में देवकीनंदन ठाकुर का मार्गदर्शन रहा। उन्होंने कहा कि यह लीग नई प्रतिभाओं को निखारने और संत समाज को खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने का अद्भुत मंच है। इस दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मौजूद रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही खेल और आध्यात्मिक मूल्य दोनों को बढ़ावा देती हैं। नेहरू स्टेडियम में खेल का माहौल उत्साहपूर्ण और अनुशासित है। खिलाड़ियों और संतों के बीच यह प्रतियोगिता दर्शकों के लिए खेल, मनोरंजन और आध्यात्मिक एकता का अनूठा संगम पेश करेगी। इस आयोजन से इंदौर का खेल और सांस्कृतिक माहौल भी समृद्ध होगा।
इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा

नई दिल्ली। इंदौर मेट्रो के रेडिसन चौराहे तक विस्तार के लिए आज से सीएमआरएस (Commissioner of Metro Rail Safety) की टीम ने फाइनल निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-2 से शुरू हुए इस निरीक्षण में टीम मेट्रो की सुरक्षा, ट्रैक, सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक और यात्री सुविधाओं का पूरा जायजा लेगी। निरीक्षण चार दिनों तक चलेगा और इसके बाद ही प्रबंधन कमर्शियल संचालन शुरू कर पाएगा। सीएमआरएस की छह सदस्यीय टीम की अगुवाई नीलाभ्र सेनगुप्ता कर रहे हैं। टीम ने निरीक्षण की शुरुआत सुपर कॉरिडोर-2 स्टेशन से की और लवकुश चौराहा व कुमेड़ी स्थित स्टेशनों तक का हिस्सा देखा। टीम 11 मेट्रो स्टेशनों, वायडक्ट, प्रवेश व निकासी गेट, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान मेट्रो को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ब्रेक सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने निरीक्षण से पहले अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्टेशन परिसरों, ट्रैक और यात्री सुविधाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोपरि है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। यह बंदी चार दिन तक लागू रहेगी, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। विजयनगर स्टेशन पर प्रवेश व निकासी गेट का कार्य अभी अधूरा है, इसलिए उसका निरीक्षण बाद में किया जाएगा। वहीं, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, हीरानगर, चंद्रगुप्त चौराहा, आइएसबीटी, एमआर-10 रोड और भौरासला चौराहे के स्टेशनों पर लिफ्ट और फिनिशिंग का कार्य जारी है। यह फाइनल निरीक्षण इस बात का संकेत है कि इंदौर मेट्रो का रेडिसन तक संचालन मार्च माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। निरीक्षण के पूरा होने और सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद, यात्रियों को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक सुविधा प्रदान की जाएगी। इंदौर मेट्रो परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन, ट्रैक और सिग्नलिंग का निर्माण पूरी तरह से हो चुका है। अब मुख्य कार्य शेष है: यात्रियों के लिए सुविधाजनक प्रवेश-निकासी गेट, लिफ्ट और फिनिशिंग। यह कदम यात्रियों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय मेट्रो संचालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
गया: CM के बेटे निशांत और मैथिली ठाकुर की 'आपत्तिजनक AI फोटो' वायरल करने वाला गिरफ्तार

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेकर मशहूर हस्तियों को बदनाम करने का एक बड़ा मामला बिहार के गया जिले में उजागर हुआ है। पुलिस ने विकास कुमार यादव (35) नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और प्रसिद्ध लोक गायिका व विधायक मैथिली ठाकुर की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाली एआई-जनित (AI Generated) तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। आरोपी ने सोशल मीडिया पर रातों-रात लोकप्रियता और फॉलोअर्स पाने की सनक में इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया। साजिश: AI की मदद से तैयार की ‘फर्जी’ तस्वीरेंपुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थाने की जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं: डीपफेक का इस्तेमाल: आरोपी विकास यादव (निवासी: शब्दों गांव, फतेहपुर) ने करीब एक सप्ताह पहले एआई टूल की मदद से निशांत और मैथिली ठाकुर की चेहरे वाली आपत्तिजनक और भ्रामक तस्वीरें तैयार कीं। सोशल मीडिया पर वायरल: इन फर्जी तस्वीरों को उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्ट कर दिया, जिससे तेजी से अफवाहें फैलने लगीं और दोनों हस्तियों की छवि को नुकसान पहुँचा। बयान: आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने केवल लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने की लालच में यह काम किया था, उसे अंदाजा नहीं था कि वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाएगा। पुलिसिया कार्रवाई: आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्जगया पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की: साइबर सर्विलांस: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की निगरानी कर रही टीम ने आईपी एड्रेस और लोकेशन के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया। गिरफ्तारी: फतेहपुर पुलिस ने दबिश देकर विकास कुमार यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसके मोबाइल और कंप्यूटर की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने और किन हस्तियों को निशाना बनाया है। निष्कर्ष“एआई तकनीक का यह दुरुपयोग समाज के लिए एक नया और खतरनाक खतरा बन गया है। महज कुछ लाइक पाने की चाह में किसी की प्रतिष्ठा को सरेराह नीलाम करने की कोशिश करने वाला यह अपराधी अब जेल की सलाखों के पीछे है। यह मामला उन सभी के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया को अपनी मनमानी का जरिया समझते हैं।”
हरदा के भुआणा का गणगौर उत्सव राष्ट्रीय मंच पर, 21 मार्च को दूरदर्शन पर होगा प्रसारण

हरदा जिले के भुआणा क्षेत्र में गणगौर महोत्सव की धूम 9 दिनों तक देखने को मिलती है। इस दौरान गांवों में कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और पूजा के माध्यम से माता गौरा की आराधना करती हैं। मालवा, निमाड़ और भुआणा क्षेत्र की साझा संस्कृति की झलक इस उत्सव में स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है। इस वर्ष भुआणा के कलाकारों ने अपनी कला के दम पर जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी को राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन से प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया। कलाकारों ने गणगौर उत्सव और निमाड़ी संस्कृति पर आधारित अपनी प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग कराई, जिसे 21 मार्च को दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे देश के दर्शक भुआणा क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और उत्सव की धूम को देख सकेंगे। स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी की गायिका मिशा शर्मा अपने मंडल ‘मां कात्यायनी शक्ति गणगौर मंडल’ के साथ दूरदर्शन के स्टूडियो पहुंचीं। मंडल के कलाकारों ने पारंपरिक गणगौर गीतों और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। रिकॉर्डिंग के दौरान कलाकारों ने निमाड़ की लोक संस्कृति और गणगौर उत्सव की परंपराओं को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति से क्षेत्र की लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुति देने वालों में प्रियांशी, भूमी, पूजा, साधना रानी, पायल, लक्ष्मी, हर्षा, दुर्गा और मीनाक्षी शामिल रहीं। गायन में मिशा शर्मा और सुमित शर्मा ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। संगीत में ढोलक पर मयंक मालवीय, तबले पर सान्निध्य गंगराड़े और ऑक्टोपैड पर दिव्यांश शर्मा ने संगत देकर प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया। भुआणा क्षेत्र की गणगौर परंपरा और निमाड़ी संस्कृति को पहले भी कई मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जा चुका है। स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी के सुमित शर्मा लगातार अपने विद्यार्थियों को तैयार कर बड़े मंचों पर प्रस्तुति का अवसर दिला रहे हैं। इस बार दूरदर्शन पर होने वाला प्रसारण हरदा और भुआणा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। गणगौर महोत्सव के माध्यम से भुआणा का यह सांस्कृतिक रंग न केवल जिले बल्कि पूरे देश के दर्शकों तक पहुंच रहा है। भुआणा का गणगौर उत्सव अब सिर्फ स्थानीय या क्षेत्रीय ही नहीं रह गया, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने में सफल हो रहा है। 21 मार्च को प्रसारित यह कार्यक्रम इस क्षेत्र की कला और संस्कृति की गौरवपूर्ण छवि को और मजबूती देगा।
एमएस रोड पर बाइक टकराने के बाद बीच सड़क पर हाथापाई, पुलिस ने दोनों युवकों को किया बंद

नई दिल्ली। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एमएस रोड पर शनिवार को बाइक दुर्घटना के बाद दो युवकों के बीच हाथापाई की घटना सामने आई। यह विवाद अस्पताल के सामने मोड़ पर हुआ, जहां दोनों युवकों के कपड़े तक फट गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराया, जबकि पुलिस ने धारा 151 के तहत दोनों युवकों को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, हिमांशु नामक युवक अपनी बाइक पर गैस सिलेंडर लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान एमएस रोड पर सामने से आ रहे वंश नामक युवक की बाइक से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद दोनों युवकों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई। बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई और दोनों युवकों ने सड़क पर आपस में मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दोनों के कपड़े फट गए और आसपास खड़े लोग दंग रह गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति को संभालते हुए दोनों को अलग किया और विवाद को नियंत्रित करने की कोशिश की। मामले की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। टीआई अमित भदौरिया ने बताया कि दोनों युवक शांत होने के बजाय झगड़े में लगे रहे। उन्होंने कहा, “बाइक भिड़ने से दोनों युवकों के बीच मारपीट हुई, लेकिन जब दोनों शांत नहीं हुए तो धारा 151 के तहत उन्हें बंद किया गया।” इस घटना ने सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क पर किसी भी टकराव को तुरंत शांत न किया जाए तो यह बड़े विवाद या दुर्घटना का रूप ले सकता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि हस्तक्षेप न किया जाता तो यह झगड़ा और बढ़ सकता था और आम जनता के लिए भी खतरा बन सकता था। वहीं, पुलिस ने चेतावनी दी कि सड़क पर सार्वजनिक जगहों पर किसी भी प्रकार के हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हिमांशु और वंश दोनों ही युवकों के लिए यह अनुभव एक सबक साबित हुआ। पुलिस का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सड़क पर सावधानी और संयम जरूरी है। बाइक चलाते समय यातायात नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए, बल्कि अन्य राहगीरों और पड़ोसियों की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है। इस घटना ने यह भी संकेत दिया कि स्थानीय लोगों की जागरूकता और त्वरित हस्तक्षेप विवादों को गंभीर रूप लेने से रोक सकता है। शहर में कोतवाली पुलिस ने आने वाले समय में ऐसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी बनाए रखने का संकल्प लिया है
इंडियन वेल्स ओपन: आंद्रेओजी और गुइनार्ड ने जीता डबल्स का खिताब

नई दिल्ली। गुइडो आंद्रेओजी और मैनुअल गुइनार्ड ने इंडियन वेल्स ओपन के डबल्स का खिताब जीत लिया है। रविवार को हुए फाइनल में आंद्रेओजी और गुइनार्ड की जोड़ी ने आर्थर रिंडरकनेच और वैलेंटिन वचेरोट को 7-6(3), 6-3 से हराकर खिताब जीता। यह मैच 1 घंटा 23 मिनट तक चला। कैलिफोर्निया में उनकी खिताबी जीत के सफर में कई बड़ी जीतें शामिल रहीं। इस जोड़ी ने टूर्नामेंट में पहले चौथी सीड क्रिश्चियन हैरिसन और नील स्कूप्स्की को हराया, फिर टॉप सीड मार्सेल ग्रैनोलर्स और होरासियो जेबालोस को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। 2025 में साथ आए दोनों खिलाड़ियों के करियर में एक और बड़ी कामयाबी जुड़ गई है। गुइनार्ड के लिए, इंडियन वेल्स का टाइटल उनका दूसरा एटीपी मास्टर्स 1000 क्राउन है। इससे पहले, उन्होंने 2025 में रोमेन अर्नेओडो के साथ रोलेक्स मोंटे-कार्लो मास्टर्स में जीत हासिल की थी। आंद्रेओजी ने एटीपी टूर फाइनल्स में अपने मजबूत रिकॉर्ड को पांच में से चार जीत तक बेहतर किया, इससे पहले उन्होंने क्रोएशिया ओपन उमाग (2024), अर्जेंटीना ओपन (2025), और स्वीडिश ओपन (2025) में खिताब जीते थे। जीत के बाद आंद्रेओजी ने कहा, “मैं यहां जीतकर बहुत खुश हूं। यह एक शानदार टूर्नामेंट है, सच में बहुत बड़ा। मुझे मनु के साथ काम करने और पिछले साल अगस्त से इस सफर पर बहुत गर्व है।” गुइनार्ड ने इतने हाई-प्रोफाइल फाइनल में मुकाबला को दबाव वाला मुकाबला मानते हुए कहा, “मुझे पता था कि यह एक खतरनाक मैच होने वाला है। हमने मैच के लिए जितनी अच्छी तैयारी कर सकते थे, की और दबाव का प्रबंधन करने की कोशिश की। हमने साथ मिलकर जो काम किया है, उससे मैं बहुत खुश हूं।” रिंडरकनेच और वाचेरोट इस टूर्नामेंट में 2025 में रोलेक्स शंघाई मास्टर्स में अपने यादगार प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद से उतरे थे। दोनों खिलाड़ियों को फाइनल में पहुंचने के लिए पांच सीडेड विरोधी को हराया था।
सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित, वह पावर प्ले में मैच जीता सकते हैं: गौतम गंभीर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि टी20 विश्व कप 2026 के दौरान संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में लाने का फैसला आक्रामक सोच से प्रेरित था। किसी तकनीकी खामी की वजह से उन्हें टीम में नहीं लाया गया था। गंभीर ने कहा कि संजू के पास पावर प्ले में मैच का रुख अपनी टीम के पक्ष में मोड़ने की क्षमता है। गंभीर ने जियोस्टार पर कहा, “मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बारे में बात करेंगे कि हम टॉप पर मौजूद तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों से हो रही समस्या से कैसे निपटना चाहते थे। हमें लगा कि हम और ज्यादा आक्रामक होना चाहते हैं क्योंकि पिछले डेढ़ साल में हमारी सोच यही रही है कि हम मैदान पर जाकर जितना हो सके उतना आक्रामक रहें। संजू को लाने का कारण दूसरे छोर से ऑफ-स्पिनर को मैनेज करना नहीं था। मेरा मानना है कि एक अच्छा बल्लेबाज किसी भी तरह के गेंदबाज के खिलाफ अच्छा होगा, चाहे वह ऑफ-स्पिनर हो या लेफ्ट-आर्म स्पिनर। यह इस बारे में था कि क्या हम टॉप पर और भी ज्यादा आक्रामक रहते हुए पहले छह ओवरों में और ज्यादा रन बना सकते हैं।” उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और खेल पर किसी को कभी कोई शक नहीं था। अगर वह अच्छा खेलता है, तो वह आपको पहले छह ओवर में ही मैच जिता सकता है। सोचिए कि अभिषेक, संजू और ईशान आपके टॉप तीन खिलाड़ी हैं, और फिर आपके पास सूर्या, हार्दिक, तिलक, शिवम और अक्षर जैसे खिलाड़ी हैं। तो, आप इससे ज्यादा कुछ नहीं मांग सकते।” सैमसन की प्लेइंग इलेवन में वापसी पर विस्तार से बात करते हुए गंभीर ने कहा, “मैंने उसे जिम में यह बताया। हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे। मैंने बस उसे बताया कि तुम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलोगे, और उसने कहा, ‘आने दो।’ हमारी इस तरह की बातचीत होती है। यह हेड कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जहां हमारी ज्यादातर आमने-सामने की बातें अभ्यास सत्र के दौरान होती हैं।” सैमसन ने प्लेइंग इलेवन में वापसी के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेली। इन लगातार तीन पारियों से उन्होंने भारत को चैंपियन बनाते हुए टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीता।
दरोगा भर्ती परीक्षा विवाद: ‘पंडित’ विकल्प पर राजनीति, सीएम योगी ने जताई नाराजगी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में विकल्प में ‘पंडित’ दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को पूछे गए सवाल में पूछा गया था कि “अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को क्या कहेंगे?” इसके विकल्पों में ‘पंडित’, ‘अवसरवादी’, ‘निष्कपट’ और ‘सदाचारी’ थे। सवाल सामने आते ही विरोध शुरू हो गया, विशेषकर ब्राह्मण समुदाय में। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि जाति, धर्म या किसी समाज के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी भर्ती बोर्डों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में नियमों का पालन किया जाए और बार-बार गलती करने वालों पर प्रतिबंध लगाया जाए। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। विवाद के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड ने रविवार सुबह निर्देश जारी किया। इसमें कहा गया कि एग्जाम सेंटर में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों से कलावा, मंगलसूत्र आदि न उतारवाए जाएं, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। इसके बाद दूसरे दिन परीक्षा केंद्रों पर नरमी बरती गई; महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र नहीं उतरवाए गए और पुरुषों के कलावा नहीं काटे गए, जबकि सामान्य सुरक्षा उपाय जैसे जूते, बेल्ट और हाथ के कड़े उतारवाए गए। इस भर्ती परीक्षा में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1,090 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा दो दिन में पूरी की जा रही है और इसमें कुल 4,543 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। भर्ती के लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि पुलिस परीक्षाओं के प्रश्नपत्र गोपनीय तरीके से तैयार किए जाते हैं। हजारों प्रश्नों में से कुछ ही चुनकर प्रश्नपत्र में शामिल किए जाते हैं। उन्होंने सवाल के विवाद को गैरजिम्मेदाराना बताया और कहा कि ‘पंडित’ का अर्थ विद्वान होता है, जाति विशेष के लिए नहीं। उनका मानना है कि यह मुद्दा केवल ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया। भाजपा के तीन ब्राह्मण विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, प्रकाश द्विवेदी और रमेश मिश्र ने भी इस पर सीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही, सहारनपुर के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने भी लिखा कि परीक्षा में विकल्प के इस प्रयोग से ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। ब्राह्मण समाज उत्तर प्रदेश में 9–11 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और कई जिलों में राजनीतिक रूप से प्रभावी भूमिका निभाता है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ब्राह्मण मतदाता चुनाव परिणामों पर बड़ा असर डालते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ब्राह्मण मतदाता भाजपा के लिए महत्वपूर्ण स्विंग वोटबैंक रहे हैं। इस विवाद ने भर्ती परीक्षा में निष्पक्षता, प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक संवेदनशीलता की जरूरत को उजागर किया है। अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और किसी भी जाति विशेष के प्रति अनुचित टिप्पणी से बचने की अपील की है।