इंतजार खत्म! WhatsApp ला रहा नया फीचर, निजी चैट्स होंगी पहले से ज्यादा सुरक्षित..

नई दिल्ली । लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक नया और महत्वपूर्ण प्राइवेसी फीचर लेकर आ रहा है। इस अपडेट का उद्देश्य निजी बातचीत को पहले से अधिक सुरक्षित बनाना और यूजर्स को उनकी व्यक्तिगत जानकारी पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करना है। डिजिटल सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कंपनी लगातार ऐसे फीचर्स विकसित कर रही है जो यूजर्स की गोपनीयता को मजबूत करें। नया फीचर विशेष रूप से उन संदेशों और मीडिया फाइल्स के लिए उपयोगी होगा जिन्हें यूजर्स सीमित समय के लिए साझा करना चाहते हैं। यह सुविधा निजी बातचीत के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और संवेदनशील जानकारी को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक उपलब्ध रहने से बचाने में मदद करेगी। इससे व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों तरह की बातचीत अधिक सुरक्षित हो सकेगी। आज के समय में ऑनलाइन संचार लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी से जुड़े मुद्दे भी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। यूजर्स चाहते हैं कि उनकी निजी तस्वीरें, वीडियो और संदेश केवल निर्धारित व्यक्ति तक ही सीमित रहें। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए WhatsApp लगातार अपने सुरक्षा ढांचे को मजबूत बना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में प्लेटफॉर्म ने चैट लॉक, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, डिसअपीयरिंग मैसेज और अन्य सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन फीचर्स ने यूजर्स को अपनी चैट्स और डेटा पर अधिक नियंत्रण दिया है। नया अपडेट इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे निजी संचार और अधिक सुरक्षित बन सकेगा। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर खतरों और डेटा लीक की बढ़ती घटनाओं के बीच प्राइवेसी आधारित फीचर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता देना आवश्यक हो गया है। WhatsApp का नया फीचर इसी बदलती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया माना जा रहा है। यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हो सकती है जो नियमित रूप से संवेदनशील दस्तावेज, निजी तस्वीरें या गोपनीय जानकारी साझा करते हैं। अतिरिक्त सुरक्षा उपायों से डेटा के दुरुपयोग और अनधिकृत पहुंच की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे यूजर्स का भरोसा भी मजबूत होगा और डिजिटल संचार का अनुभव बेहतर बनेगा। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आने वाले समय में प्राइवेसी-केंद्रित फीचर्स मैसेजिंग सेवाओं की सबसे बड़ी आवश्यकता बन जाएंगे। यूजर्स अब केवल तेज और आसान संचार नहीं चाहते, बल्कि अपने डेटा की सुरक्षा को भी उतना ही महत्व देते हैं। यही कारण है कि तकनीकी कंपनियां लगातार नए सुरक्षा समाधान विकसित कर रही हैं। WhatsApp का यह नया फीचर भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके व्यापक रूप से उपलब्ध होने के बाद यूजर्स को निजी चैटिंग के दौरान अधिक सुरक्षा और सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित संचार को बढ़ावा मिलेगा और प्राइवेसी को लेकर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की

नई दिल्ली । लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में पाकिस्तान ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से पाकिस्तान का दबदबा देखने को मिला। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और मैथ्यू शॉर्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने 19 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार गिरते विकेटों के बीच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती चली गई। एलेक्स कैरी 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरून ग्रीन सिर्फ 7 रन ही जोड़ सके। मिडिल ऑर्डर भी पूरी तरह फ्लॉप रहा और मैट रेनशॉ व कूपर कोनोली सस्ते में आउट होकर लौट गए। पूरी टीम केवल 157 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि एक छोर पर जोश इंग्लिस ने संघर्ष जारी रखा और 71 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का भी लगाया, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा अबरार अहमद और शादाब खान ने 2-2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। साहिबजादा फरहान मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने 27 रन की तेज पारी खेली लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। बाबर आजम ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभालते हुए 40 रन बनाए, हालांकि वह भी अर्धशतक से चूक गए। मिडिल ऑर्डर में गाजी घोरी और सलमान आगा जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच थोड़ा रोमांचक हो गया। लेकिन अंत में अब्दुल समद और शादाब खान ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिलाई। शादाब खान 29 रन और अब्दुल समद 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 41.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू कुहनेमन ने 3 विकेट लेकर प्रयास जरूर किया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली, जिससे घरेलू फैंस में उत्साह का माहौल है।
पटना फायरिंग मामले में खान सर पर FIR, गार्ड्स के खुलासों के बाद जांच ने पकड़ी नई दिशा

नई दिल्ली । बिहार की राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और हिंसा की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में पुलिस ने खान सर उर्फ फैसल खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है। हालिया घटनाक्रम के बाद यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है और छात्रों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है। घटना उस समय सुर्खियों में आई जब शहर के एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के बाहर कथित हमला, तोड़फोड़ और फायरिंग की सूचना सामने आई। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में छात्र तथा स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कुछ वीडियो और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनमें संस्थान से जुड़े सुरक्षाकर्मी हथियारों के साथ दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास मौजूद हथियार भी जब्त कर लिए गए और उनकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार गार्ड्स से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। इन बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और खान सर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। इस मामले से पहले कोचिंग संस्थान पर कथित हमले और तोड़फोड़ को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच एजेंसियों ने उस मामले में भी कई लोगों से पूछताछ की है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिंसा और फायरिंग की घटनाएं किस क्रम में हुईं और इनके पीछे क्या कारण थे। घटना के बाद छात्रों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। कई छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी ओर मामले से जुड़े विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं, जिससे जांच और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है, जिससे घटना के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता आने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। यह मामला केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, निजी सुरक्षा कर्मियों की भूमिका और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
बेरोजगारी से ‘किन्नर गैंग’ तक: ट्रेनों में वसूली का नया नेटवर्क, यूपी–बिहार के युवक निकले मास्टरमाइंड

मध्य प्रदेश । जबलपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों से वसूली के नाम पर चल रहे एक संगठित नेटवर्क का रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कई किन्नर के वेश में दिखने वाले लोग असल में युवक हैं, जो बेरोजगारी और आसान कमाई के लालच में यह तरीका अपना रहे थे। RPF की हालिया कार्रवाई में पकड़े गए तीन संदिग्धों के बाद यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि वे महिलाएं या वास्तविक किन्नर नहीं, बल्कि युवक हैं जो पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से वेश बदलकर ट्रेनों में यात्रियों से पैसे वसूलते हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा नेटवर्क है, जिसमें यूपी और बिहार के कई युवक शामिल हैं। ये लोग जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और इटारसी जैसे बड़े रेलवे जंक्शन वाले क्षेत्रों में सक्रिय हैं और किराए के मकानों में रहकर अपना संचालन करते हैं। पकड़े गए आरोपियों में कानपुर के रहने वाले आशीष (बदला हुआ नाम आशी), महेश (माही) और पिंचू (तरन्नुम) शामिल हैं। ये लोग घर से सामान्य कपड़ों में निकलते हैं, लेकिन स्टेशन के पास पहुंचते ही साड़ी और सूट पहनकर किन्नर का रूप धारण कर लेते हैं। भारी मेकअप, सिंदूर और व्यवहारिक शैली अपनाकर ये यात्रियों को भ्रमित करते हैं और वसूली करते हैं। RPF जांच में सामने आया कि ये लोग यात्रियों से प्रति व्यक्ति ₹10 से ₹100 तक वसूलते हैं। रोजाना इनकी कमाई ₹1,500 से ₹2,000 तक पहुंच जाती है। कई मामलों में तो ये QR कोड के जरिए डिजिटल भुगतान भी स्वीकार करते हैं। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनमें से कुछ युवकों ने पहले नौकरी की तलाश की, लेकिन रोजगार न मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया से प्रेरित होकर यह रास्ता चुना। आसान कमाई और कम कानूनी जोखिम को देखते हुए यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। RPF अधिकारियों के अनुसार, पिछले छह महीनों में करीब 120 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 60 प्रतिशत युवक निकले हैं। यह गिरोह यात्रियों की असहज स्थिति और डर का फायदा उठाकर लगातार अवैध वसूली कर रहा था। इस मामले के सामने आने के बाद असली किन्नर समुदाय ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नकली वसूली करने वाले युवक पूरे समुदाय की छवि खराब कर रहे हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। रेलवे सुरक्षा बल अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि इसके पीछे मौजूद बड़े गिरोह और आर्थिक कनेक्शन का पता लगाया जा सके।
साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़

मध्य प्रदेश । जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे की आड़ में चल रहे अवैध रेल ई-टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए टिकटों की कुल कीमत करीब ₹1,24,549 आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित झा (35) के रूप में हुई है, जो न्यू शोभापुर कॉलोनी का निवासी बताया गया है। आरपीएफ ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध टिकट बुकिंग में किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट जबलपुर को सूचना मिली थी कि रांझी क्षेत्र में स्थित एक साइबर कैफे और ऑनलाइन शॉप के जरिए अवैध रूप से ई-टिकट बेचे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और आरोपी को मौके से पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी “सन साइबर कैफे” के नाम से दुकान संचालित कर रहा था और एमपीऑनलाइन के साथ-साथ छह अलग-अलग आईआरसीटीसी यूजर आईडी का उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बुकिंग कर रहा था। वह यात्रियों से प्रति टिकट ₹50 से ₹100 तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा था, जिससे अवैध कमाई की जा रही थी। आरपीएफ की जांच में 74 ई-टिकट बरामद हुए, जिनमें 6 लाइव टिकट शामिल हैं जिनकी कीमत ₹11,152 है, जबकि 68 पुराने टिकटों की कीमत ₹1,13,397 पाई गई। इस तरह कुल जब्ती की कीमत ₹1,24,549 आंकी गई। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेता था। अब आरपीएफ संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी को आरपीएफ पोस्ट जबलपुर लाया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे बंध पत्र पर रिहा कर दिया गया।
मणिपुर में शांति प्रयासों को झटका, लोइबोल खुल्लेन गांव में गोलीबारी और आगजनी; तीन मृत, सात घर तबाह

नई दिल्ली । मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा की गंभीर घटना सामने आई है। कांगपोकपी जिले के सैतू-गामफाजोल उपखंड स्थित लोइबोल खुल्लेन गांव पर शुक्रवार तड़के सशस्त्र हमलावरों ने हमला कर दिया, जिसमें एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इस दौरान आगजनी की घटनाओं में कम से कम सात घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार हमला सुबह लगभग चार बजे हुआ, जब गांव के अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों और स्थानीय समूहों के बीच कई मिनट तक गोलीबारी होती रही। स्थिति बिगड़ते देख ग्रामीण अपने परिवारों के साथ जान बचाने के लिए आसपास के जंगलों और सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए। घटना में जिन तीन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान लेटखोंगाम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप के रूप में हुई है। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। स्थानीय प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की नई हिंसक घटना को रोका जा सके। हमले के दौरान कई घरों में आग लगा दी गई, जिससे सात मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है। मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद दुखद और अस्वीकार्य घटना बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या और घरों को जलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आने की अपील की। उनके अनुसार राज्य में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस बीच कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इंपी मणिपुर ने भी घटना की तीखी आलोचना की है। संगठन ने बयान जारी कर कहा कि निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाना मानवता और मूलभूत मानवाधिकारों के खिलाफ है। संगठन ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। ऐसे में इस प्रकार की हिंसक घटनाएं शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान और उनके मकसद का पता लगाने में जुटी हुई हैं। फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई

मध्य प्रदेश । जबलपुर में सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर रेलखंड में पदस्थ एक रेलवे अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को जबलपुर लेकर पहुंची और उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 5 दिन की रिमांड की मांग की गई है। मामला रेलवे के सागर रेलखंड से जुड़ा है, जहां गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि इसी राशि को जारी करने के बदले सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से इनकार किया तो अधिकारी ने उसकी सिक्योरिटी राशि रोक दी। इसके बाद ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई एसपी कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को सागर के एक होटल में बुलाया था। तय योजना के तहत सीबीआई टीम सादी वर्दी में पहले से ही होटल के आसपास तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को ₹1 लाख की राशि सौंपी, टीम ने तुरंत उसे मौके पर ही पकड़ लिया। सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी से आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, पंचामृत से लेकर भस्म अर्पण तक पूरी हुई महापूजा

मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और वैदिक विधियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन की ध्वनि गूंज उठी। सभा मंडप में सबसे पहले वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया और उसके बाद घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा ली गई। इसके बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में पुजारियों ने विधिवत पूजा आरंभ की। गर्भगृह में भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारकर सबसे पहले पंचामृत पूजन किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया, जिसके बाद कर्पूर आरती संपन्न हुई। इसके साथ ही नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन भी किया गया। इसके बाद जलाभिषेक कर भगवान महाकाल का पुनः शुद्धिकरण किया गया। फिर उन्हें रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट, रुद्राक्ष की माला, शेषनाग का रजत मुकुट, सुगंधित पुष्पमालाएं और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवे और भस्म अर्पित कर भगवान को अलौकिक स्वरूप प्रदान किया गया। पूजा के अगले चरण में फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। इस संपूर्ण भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरागत रूप से भगवान को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिसे अत्यंत दिव्य और दुर्लभ माना जाता है।
शपथ के दो दिन बाद ही कांग्रेस सरकार में खींचतान, विभाग आवंटन को लेकर वरिष्ठ मंत्रियों की नाराजगी खुलकर सामने आई

नई दिल्ली । कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में गठित नई कांग्रेस सरकार को गठन के शुरुआती दिनों में ही आंतरिक असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रिमंडल में विभागों के आवंटन को लेकर उठे विवाद अब और गहराते दिखाई दे रहे हैं। वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी की नाराजगी के बाद अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने भी अपने विभाग में बदलाव की मांग उठाकर सरकार और पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। सरकार के गठन के बाद विभागों के वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर असंतोष की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। केएच मुनियप्पा ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने मौजूदा मंत्रालय को बदलने का अनुरोध पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखा है। उनका कहना है कि उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें ऐसे विभाग दिए जाने चाहिए जहां वे अधिक प्रभावी ढंग से जनसेवा कर सकें। मुनियप्पा ने संकेत दिया है कि वह इस विषय पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से भी चर्चा करेंगे। उनका मानना है कि वरिष्ठ नेताओं को उनकी अनुभव क्षमता और राजनीतिक योगदान के अनुरूप जिम्मेदारियां मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले कई वर्षों से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़े रहे हैं और अब नई जिम्मेदारी संभालकर जनता के लिए अधिक व्यापक स्तर पर काम करना चाहते हैं। वरिष्ठ मंत्री ने समाज कल्याण, कृषि और सिंचाई जैसे विभागों में रुचि जताई है। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में कार्य करने का उन्हें पर्याप्त अनुभव है और इन विभागों के माध्यम से वह ग्रामीण क्षेत्रों तथा सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर अधिक प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उनके इस बयान ने सरकार के भीतर विभागों के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दे दी है। इससे पहले रामलिंगा रेड्डी भी विभाग आवंटन को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग दिए जाने का आश्वासन मिला था, लेकिन अंतिम समय में उन्हें बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस फैसले के बाद उन्होंने अपनी असहमति खुलकर व्यक्त की थी, जिससे सरकार के भीतर असंतोष पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हालांकि स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा है कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाएगा। उन्होंने रामलिंगा रेड्डी को अपना करीबी सहयोगी और सम्मानित वरिष्ठ नेता बताते हुए भरोसा जताया कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर संवाद जारी है और किसी भी प्रकार के मतभेद को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के शुरुआती चरण में इस तरह की नाराजगी प्रशासनिक स्थिरता और राजनीतिक संदेश दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेतृत्व के सामने चुनौती यह है कि वह वरिष्ठ नेताओं की अपेक्षाओं और सरकार की कार्यक्षमता के बीच संतुलन बनाए रखे। यदि असंतोष को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो यह आगे चलकर संगठनात्मक एकता को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व स्थिति पर नजर बनाए हुए है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नाराज नेताओं से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। विभागों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व और राजनीतिक प्रबंधन क्षमता की पहली बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
उज्जैन के शिवोहम तिवारी का नेशनल टीम में चयन, स्टेट स्विमिंग में 6 पदकों के साथ मचाया धमाल

मध्य प्रदेश । रीवा में आयोजित 54वीं स्टेट ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप में उज्जैन के युवा तैराकों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। 30 मई से 2 जून तक चली इस प्रतियोगिता में उज्जैन के कुल 6 तैराकों ने 19 पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की, जिसमें 2 स्वर्ण, 5 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही उज्जैन की अन्य युवा प्रतिभाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जुनीना हुसैन ने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले, 800 मीटर और 1500 मीटर फ्री स्टाइल जैसी कठिन स्पर्धाओं में 5 पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की। आध्या राय ने बैकस्ट्रोक स्पर्धा में पदक हासिल किया, जबकि समर्थ गेहलोत ने कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में योगदान दिया। कुल मिलाकर उज्जैन के तैराकों ने प्रतियोगिता में शानदार तालमेल और मेहनत का परिचय देते हुए 19 पदकों के साथ जिले का मान बढ़ाया। शिवोहम तिवारी के राष्ट्रीय स्तर पर चयन को स्थानीय खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। परिवार के अनुसार, शिवोहम पूरे वर्ष नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ तैयारी करते हैं। उनके पिता ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि लगातार प्रशिक्षण और समर्पण ने ही यह सफलता दिलाई है। शिवोहम ने अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई रेसों के कारण थकान जरूर थी, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए हर स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। वर्तमान में वे 11वीं कक्षा के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ खेल को संतुलित कर आगे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। यह उपलब्धि उज्जैन के खेल जगत के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है और इससे युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।