पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और मैथ्यू शॉर्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने 19 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार गिरते विकेटों के बीच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती चली गई।
एलेक्स कैरी 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरून ग्रीन सिर्फ 7 रन ही जोड़ सके। मिडिल ऑर्डर भी पूरी तरह फ्लॉप रहा और मैट रेनशॉ व कूपर कोनोली सस्ते में आउट होकर लौट गए। पूरी टीम केवल 157 रन पर ऑलआउट हो गई।
हालांकि एक छोर पर जोश इंग्लिस ने संघर्ष जारी रखा और 71 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का भी लगाया, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी।
पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा अबरार अहमद और शादाब खान ने 2-2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। साहिबजादा फरहान मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने 27 रन की तेज पारी खेली लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। बाबर आजम ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभालते हुए 40 रन बनाए, हालांकि वह भी अर्धशतक से चूक गए।
मिडिल ऑर्डर में गाजी घोरी और सलमान आगा जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच थोड़ा रोमांचक हो गया। लेकिन अंत में अब्दुल समद और शादाब खान ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिलाई।
शादाब खान 29 रन और अब्दुल समद 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 41.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू कुहनेमन ने 3 विकेट लेकर प्रयास जरूर किया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली, जिससे घरेलू फैंस में उत्साह का माहौल है।