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क्षौर कर्म के नियम: भद्रा, श्राद्ध और आयु से जुड़ी मान्यताओं का सच, जानिए क्या है परंपरा

नई दिल्ली। हिंदू परंपरा में क्षौर कर्म को केवल शरीर की सफाई नहीं, बल्कि एक शुद्धिकरण और अनुशासन से जुड़ी धार्मिक क्रिया माना गया है। इसमें बाल कटवाना, दाढ़ी-मूंछ बनवाना और नाखून काटना शामिल होता है। शास्त्रों और परंपराओं में इससे जुड़े कई नियम बताए गए हैं, जिन्हें लोग आस्था के आधार पर मानते हैं। क्या है क्षौर कर्म?क्षौर कर्म का अर्थ है शरीर की स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियाँ जैसे बाल कटवाना या मुंडन कराना दाढ़ी और मूंछ बनवाना नाखून काटना धार्मिक दृष्टि से इसे शुद्धता और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है। किन दिनों में इसे टालने की परंपरा है?परंपरागत मान्यताओं में कुछ तिथियों और दिनों को क्षौर कर्म के लिए कम शुभ माना गया है, जैसे— एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा कुछ धार्मिक पर्व और व्रत के दिन संक्रांति के समय कुछ परंपराओं में मंगलवार और शनिवार को भी इसे टालने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह सभी जगह समान नहीं है और क्षेत्रीय परंपराओं पर निर्भर करता है। भद्रा और मुहूर्त का महत्वशास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य, जिसमें क्षौर कर्म भी शामिल है, करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए कई लोग शुभ मुहूर्त देखकर ही यह कार्य करते हैं। श्राद्ध से जुड़ी परंपराश्राद्ध कर्म के समय शुद्धता और नियमों का विशेष महत्व माना गया है। इसी कारण श्राद्ध करने से पहले शरीर की स्वच्छता पर ध्यान देने की परंपरा रही है, जिसमें क्षौर कर्म को भी शामिल किया जाता है। आयु से जुड़ी मान्यताएंकुछ परंपराओं में अलग-अलग दिनों में क्षौर कर्म करने को लेकर आयु बढ़ने या घटने जैसी मान्यताएं प्रचलित हैं। लेकिन यह पूरी तरह धार्मिक आस्था और लोकविश्वास पर आधारित है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ा सिक्योरिटी अलर्ट: Meta ने दो खामियां कीं फिक्स, तुरंत अपडेट करना जरूरी

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp को लेकर पैरेंट कंपनी Meta ने एक अहम सुरक्षा चेतावनी जारी की है। कंपनी ने बताया है कि ऐप में पाई गई दो तकनीकी कमजोरियों को अब ठीक कर दिया गया है, जो कुछ परिस्थितियों में यूजर्स के डिवाइस और डेटा के लिए खतरा बन सकती थीं। क्या थीं ये खामियां?पहली खामी WhatsApp Desktop (Windows) यूजर्स से जुड़ी थी, जिसमें “अटैचमेंट स्पूफिंग” की समस्या थी। इसमें कोई भी खतरनाक फाइल सामान्य डॉक्यूमेंट की तरह दिखाई दे सकती थी और उसे खोलने पर सिस्टम को नुकसान पहुंचाने का खतरा था। दूसरी खामी Android और iOS दोनों यूजर्स पर असर डाल सकती थी। इसमें मीडिया फाइल्स की प्रोसेसिंग सही तरीके से नहीं हो रही थी, जिससे कुछ मामलों में बाहरी कंटेंट गलत तरीके से लोड होकर डिवाइस को प्रभावित कर सकता था। अब क्या सुधार हुआ?Meta के अनुसार इन दोनों खामियों को अब सुरक्षा अपडेट के जरिए पूरी तरह ठीक कर दिया गया है। कंपनी ने इन्हें मीडियम लेवल की गंभीरता वाली समस्या माना था और समय रहते पैच जारी कर दिया गया।अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इन कमजोरियों का किसी हैकर ने बड़े स्तर पर दुरुपयोग किया हो। यूजर्स के लिए जरूरी सलाहसाइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यूजर्स को तुरंत ये कदम उठाने चाहिए। WhatsApp को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें। किसी भी अनजान फाइल या अटैचमेंट को न खोलेंसंदिग्ध लिंक और मीडिया फाइल से सावधान रहें क्यों जरूरी है यह अपडेट?आज के समय में साइबर खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में छोटी सी तकनीकी खामी भी डेटा चोरी या डिवाइस हैकिंग का कारण बन सकती है। इसलिए समय पर अपडेट करना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। अगर आप भी WhatsApp का उपयोग करते हैं, तो तुरंत अपडेट करना बेहद जरूरी है, ताकि आपका फोन और डेटा सुरक्षित रह सके।

‘जन नायकन’ की रिलीज पर लगा ब्रेक: विवादों में घिरी Jana Nayagan, क्या अब इस तारीख को सिनेमाघरों में आएगी?

नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Thalapathy Vijay ने राजनीति में कदम रखने के बाद अपने फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया है। उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam की चुनावी सफलता के बीच अब फैंस की नजरें उनकी आखिरी फिल्म पर टिक गई हैं, जिसे फिलहाल ‘थलापति 69’ के नाम से जाना जा रहा है। ‘थलापति 69’ नहीं, असली नाम है ‘जन नायकन’विजय की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का असली नाम Jana Nayagan है। चूंकि यह उनके करियर की 69वीं फिल्म है, इसलिए फैंस इसे ‘थलापति 69’ कहकर बुला रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन H. Vinoth ने किया है, जो अपने दमदार कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। क्या था विवाद, क्यों टली रिलीज?फिल्म की रिलीज में देरी के पीछे कई बड़े कारण रहे। सबसे पहले, Central Board of Film Certification (CBFC) ने फिल्म के कुछ दृश्यों और धार्मिक संदर्भों पर आपत्ति जताई थी। मामला इतना बढ़ा कि इसे Madras High Court तक ले जाना पड़ा। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में फिल्म का HD वर्जन ऑनलाइन लीक होने की खबरों ने मेकर्स को बड़ा झटका दिया। वहीं ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इसे Bhagavanth Kesari का रीमेक बताया जाने लगा, हालांकि निर्देशक ने इसे अपनी मौलिक प्रस्तुति बताया। कब रिलीज हो सकती है फिल्म?पहले यह फिल्म पोंगल 2026 पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन विवादों के चलते इसे टाल दिया गया। अब खबरें हैं कि ‘जन नायकन’ 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिल्म में क्या होगा खास?इस फिल्म में विजय एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी ‘वेट्री कोंडन’ की भूमिका निभा रहे हैं, जो भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ जंग छेड़ता है। उनके साथ फिल्म में Pooja Hegde, Bobby Deol और Mamitha Baiju अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत Anirudh Ravichander ने दिया है, जिनके गाने पहले ही चर्चा में हैं। फैंस के लिए इमोशनल विदाई‘जन नायकन’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि विजय के शानदार फिल्मी करियर का आखिरी अध्याय है। ऐसे में फैंस इस फिल्म को लेकर बेहद भावुक और उत्साहित हैं। अब देखना होगा कि रिलीज के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा इतिहास रचती है।

Aaj Ka Panchang: आज अंगारकी एकदंत चतुर्थी, जानें चंद्रोदय समय और शुभ-अशुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। 5 मई 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे एकदंत संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। खास बात यह है कि मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी को अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है, जो अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन भगवान गणेश और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। तिथि, वार और ग्रह स्थितिआज चतुर्थी तिथि सुबह 05:24 बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगी। मंगलवार होने से यह दिन और अधिक पुण्यदायी बन गया है। चंद्रमा आज धनु राशि में गोचर कर रहा है, जिससे कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। साथ ही मंगल और गुरु के बीच केंद्र दृष्टि योग बन रहा है, जो विशेष फलदायी माना जाता है। नक्षत्र और योग का प्रभावआज दोपहर 12:54 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू हो जाएगा। पूरे दिन शिव योग का निर्माण हो रहा है, जो शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए उत्तम माना जाता है। इस योग में किए गए धार्मिक कार्य विशेष फल देते हैं। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र दर्शन का समयसूर्योदय सुबह 05:55 बजे और सूर्यास्त शाम 06:52 बजे होगा। चंद्रोदय रात 10:20 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन सुबह 08:57 बजे रहेगा। संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने वाले श्रद्धालु चंद्रमा को अर्घ्य देकर रात 10:35 बजे तक व्रत का पारण कर सकते हैं। आज के शुभ मुहूर्तब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:18 बजे से 05:06 बजे तक रहेगा, जो साधना और पूजा के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा। आज अमृत काल नहीं है, लेकिन शिवयोग पूरे दिन शुभता प्रदान करेगा। आज के अशुभ काल (राहुकाल समेत)राहुकाल दोपहर 03:37 बजे से शाम 05:14 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। यमगंड सुबह 09:09 बजे से 10:46 बजे तक और कुलिक काल दोपहर 12:23 बजे से 02:00 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 08:30 बजे से 09:22 बजे तक और देर रात 11:17 बजे से 12:01 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् काल रात 09:54 बजे से 11:42 बजे तक रहेगा। क्या करें आज के दिन?आज के दिन व्रत रखकर भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और लड्डू अर्पित करें। साथ ही हनुमान जी की पूजा कर हनुमान चालीसा का पाठ करें। रात में चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलें। ऐसा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

IPL 2026: मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ उम्मीदें जिंदा, LSG पर जीत के बाद बढ़ी हलचल

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और हर मैच के साथ प्लेऑफ की तस्वीर साफ होती जा रही है। ऐसे में 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर अपने फैंस को उम्मीद की वजह दी है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 6 विकेट से हराकर प्लेऑफ की रेस में खुद को जीवित रखा है। हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस इस सीजन में अब तक उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी है। टीम ने 10 मैचों में सिर्फ 3 जीत दर्ज की हैं और 7 मैचों में हार का सामना किया है। फिलहाल टीम अंक तालिका में 7 अंकों के साथ 9वें स्थान पर मौजूद है। खराब शुरुआत ने बिगाड़ा गणित, लेकिन उम्मीद बाकीसीजन की शुरुआत मुंबई के लिए बेहद निराशाजनक रही थी। लगातार हार ने टीम को अंक तालिका में नीचे धकेल दिया। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में अस्थिरता देखने को मिली, जिससे टीम को लगातार दबाव झेलना पड़ा।हालांकि लखनऊ के खिलाफ मिली यह जीत टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी दिखाई और गेंदबाजों ने भी अहम मौकों पर विकेट निकालकर मैच को मुंबई की झोली में डाल दिया। प्लेऑफ का पूरा गणित क्या कहता है?मुंबई इंडियंस के लिए प्लेऑफ की राह आसान नहीं है। टीम को अपने बाकी बचे सभी मुकाबले जीतने होंगे और साथ ही नेट रन रेट (NRR) पर भी ध्यान देना होगा। इसके अलावा अन्य टीमों के परिणाम भी मुंबई के पक्ष में आने जरूरी हैं।IPL के इतिहास में कई बार ऐसा हुआ है कि 12 से 14 अंकों वाली टीमें भी टॉप-4 में जगह बनाने में सफल रही हैं। ऐसे में अगर मुंबई अपने अगले मैचों में लगातार जीत दर्ज करती है, तो वह 13-15 अंकों तक पहुंच सकती है, जो प्लेऑफ की दौड़ में उन्हें मजबूती दे सकता है। आगे का सफर होगा निर्णायकमुंबई इंडियंस के लिए अब हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा होगा। टीम को न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि बड़े अंतर से जीतकर रन रेट भी सुधारना होगा। कप्तान हार्दिक पांड्या पर अब रणनीति और टीम संयोजन को सही करने का बड़ा दबाव रहेगा।फैंस को उम्मीद है कि मुंबई इंडियंस एक बार फिर अपने पुराने चैंपियन अंदाज में वापसी करेगी और प्लेऑफ की दौड़ को रोमांचक बनाए रखेगी।

MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक

भोपाल। मध्य प्रदेश में अभी तक 7 लाख 48 हजार किसानों से 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं गेहूं उपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 75 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है। मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 6490.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ पीपी एचडीपी बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

बंगाल में ममता का अभेद्य दुर्ग ढहाया….BJP की इस प्रचंड जीत का UP पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली। बंगाल और असम (Bengal and Assam) में बीजेपी (BJP) की यह प्रचंड जीत 2026 की राजनीति का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट (Turning point) है. 4 मई 2026 के ये नतीजे न केवल पूर्वी भारत का भूगोल बदल रहे हैं, बल्कि इनका सीधा असर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सियासी समीकरणों पर पड़ना तय है. पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के अभेद्य दुर्ग को ढहाने के बाद ‘भगवा’ खेमे में जो उत्साह है, उसकी गूंज अब लखनऊ के सियासी गलियारों तक भी सुनाई दे रही है? पश्चिम बंगाल में बीजेपी की यह ‘ऐतिहासिक’ जीत महज एक राज्य की जीत नहीं है बल्कि यह 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए एक ‘लॉन्चपैड’ तैयार कर दिया है. बीजेपी ने जिस तरह बंगाल में ममता बनर्जी को मात दी है, उससे अखिलेश यादव के चैलेंज से निपटने में नई ऊर्जा मिलेगी। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए फॉर्मूले से बीजेपी को तगड़ा झटका दिया था. बीजेपी ने दो साल में कमबैक किया है. ऐसे में बंगाल में ममता की हार विपक्ष के लिए बड़ा झटका है तो बीजेपी के लिए यूपी में ‘बुस्टर डोज’ की तरह है, जो सपा-कांग्रेस के लिए किसी सियासी टेंशन से कम नहीं है? बंगाल में ममता का सियासी किला ध्वस्तबंगाल चुनाव में अखिलेश यादव की पूरी तरह ममता बनर्जी के पक्ष में खड़े थे. यही वजह है कि बंगाल चुनाव के नतीजों को यूपी की सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है. क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं. बंगाल जैसे कठिन राज्य में जीत ने बीजेपी कैडर को यह संदेश दिया है कि ‘अजेय’ कुछ भी नहीं है। सियासत में कॉन्फिडेंस जरूरी है, लेकिन ओवर-कॉन्फिडेंस अक्सर घातक साबित होते हैं. अखिलेश यादव के लिए संकेत है कि उन्हें चुनावी आकलन में अधिक संतुलन और सतर्कता बरतनी होगी. 2024 के लोकसभा चुनाव में 37 लोकसभा सीटें जीतने के बाद अखिलेश यादव, उत्साह और आत्मविश्वास से लबरेज हैं, लेकिन कई बार उनका आत्मविश्वास, अतिआत्मविश्वास में बदलता दिखता है. बंगाल में ममता बनर्जी का ओवर-कॉन्फिडेंस ही महंगा पड़ा है। बंगाल चुनाव का यूपी की सियासत पर असर? बंगाल में मिली सफलता के बाद योगी आदित्यनाथ अब 2027 के लिए और भी अधिक आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगे. बंगाल के नतीजों ने साबित कर दिया कि बीजेपी का ‘हिंदुत्व कार्ड’ ने विपक्ष के सारे समीकरण को ध्वस्त कर दिया है। बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम बहुल सीटों पर सेंधमारी ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले नैरेटिव को धार देने के लिए ‘धार्मिक ध्रुवीकरण’ की बिसात बिछाई. इसका नतीजा था कि 30 फीसदी मुस्लिम बंगाल में होने के बाद भी बीजेपी जीतने में सफल रही है. बीजेपी अब सपा के ‘सामाजिक न्याय’ के जवाब में ‘सांस्कृतिक एकीकरण’ को और मजबूती से पेश करेगी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, जो अक्सर ममता बनर्जी को अपनी ‘बड़ी बहन’ और आदर्श मानते रहे हैं, उनके लिए बंगाल में टीएमसी की हार यह बड़ा झटका है. उत्तर प्रदेश में भाजपा उसी सियासी मॉडल को और आक्रामक तरीके से 2027 के विधानसभा चुनाव मैदान में उतर सकती है। सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूला से 2024 में बीजेपी को मात देने में सफल रहे थे. बंगाल चुनाव के बाद बीजेपी यूपी में सपा के पीडीए फॉर्मूले को काउंटर करने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए बंगाल मॉडल को आजमाने का दांव चल सकती है। धार्मिक ध्रवीकरण के दांव से पीडीए को मातबीजेपी उत्तर प्रदेश में 2014 के बाद से लेकर लगातार जीतती आ रही थी, लेकिन उसे 2024 में अखिलेश ने बड़ा झटका दिया था. ऐसे में बीजेपी के लिए सत्ता की हैट्रिक लगाना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन पीएम मोदी की अगुवाई में जिस तरह पार्टी कमबैक कर रही है, उससे यूपी में भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सियासी हौसला मिला है। बंगाल में बीजेपी ने जिस तरह घुसपैठ के मुद्दे को हिंदुत्व के साथ जोड़ा, वो सियासी संजीवनी बना. अब वही फॉर्मूला यूपी में 2027 के लिए ‘ब्लूप्रिंट’ बनेगा।

विजय थलापति की निजी जिंदगी पर चर्चा तेज: कौन हैं संगीता सोर्नालिंगम और क्यों उड़ी अफेयर की अफवाहें?

नई दिल्ली। विजय थलापति की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम मूल रूप से श्रीलंकाई तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं और यूनाइटेड किंगडम में पली-बढ़ी हैं। दोनों की मुलाकात एक फिल्म सेट के दौरान हुई थी, जब संगीता खुद विजय की बड़ी फैन थीं। साल 1999 में दोनों ने शादी की और उनके दो बच्चे हैं बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा। शादी के बाद संगीता हमेशा लाइमलाइट से दूर रही हैं और परिवार को प्राथमिकता देती रही हैं। तलाक की अर्जी और रिश्ते में दरार की खबररिपोर्ट्स के अनुसार, संगीता ने चेन्नई के चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की है। इसमें कथित तौर पर विवाह में दूरी, भावनात्मक तनाव और उपेक्षा को कारण बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पिछले कुछ समय से अलग रह रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी साथ नजर नहीं आते।  तृषा कृष्णन के साथ अफेयर की चर्चा क्यों?अफवाहों की जड़ में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का नाम सामने आ रहा है। फिल्म ‘लियो’ के बाद से दोनों के बीच नजदीकियों की चर्चा तेज हो गई थी। हाल ही में तृषा को विजय के घर और मंदिर में प्रार्थना करते देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर अटकलें और बढ़ गईं। हालांकि दोनों कलाकारों ने कभी भी अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और हमेशा इसे दोस्ती बताया है। राजनीतिक सफलता के बीच निजी जीवन पर सवालविजय थलापति हाल ही में अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की जीत के बाद राजनीति में मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में उनकी निजी जिंदगी को लेकर उठे सवालों ने उनके समर्थकों को भी हैरान कर दिया है।  अफवाह या सच्चाई? अब भी सस्पेंस कायमअब तक न तो विजय और न ही संगीता की ओर से तलाक या रिश्ते में दरार की आधिकारिक पुष्टि की गई है। ऐसे में यह मामला फिलहाल अफवाहों और अटकलों के बीच ही बना हुआ है।  स्टारडम और निजी जिंदगी की उलझनविजय थलापति की लोकप्रियता जहां राजनीति और सिनेमा दोनों में बढ़ रही है, वहीं उनकी निजी जिंदगी पर उठे सवाल लगातार चर्चा में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर उनका रुख ही स्थिति को साफ करेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ हुई झमाझम बारिश.. आज इन राज्यों में अलर्ट

नई दिल्ली। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) के पहाड़ी इलाकों और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ली। आंधी-तूफान (Thunderstorms) के साथ कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश (Light to heavy rain) हुई। कुछ क्षेत्रों में धूल भरी आंधी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को भी उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में छिटपुट से लेकर कई स्थानों पर गरज और चमक के साथ बारिश होने, 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर 11-20 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई है। कुछ जगहों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में ओले गिरे। इसके अलावा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम में बदलाव से अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों, उप-हिमालयी पश्चिमी बंगाल और सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान में अधिकतम तापमान 36-40 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक तेलंगाना के आदिलाबाद में 45.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। आज भी आंधी-पानी का अलर्टमौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद और हिमाचल प्रदेश में 6 मई तक और उत्तराखंड में 8 मई तक छिटपुट से लेकर हल्की बारिश और बर्फबारी होने, गरज और बिजली की कड़क के साथ 30-50 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। मंगलवार को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार में भी बारिश हो सकती है। इससे गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। दिल्ली समेत एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ में बिजली कड़कने, तेज आंधी और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

IPL 2026 ऑरेंज कैप रेस में बड़ा उलटफेर: रियान रिकेल्टन ने कोहली को पछाड़ा, केएल राहुल बन सकते हैं नंबर-1

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में बल्लेबाजों के बीच रन बनाने की होड़ अपने चरम पर पहुंच गई है। हर मैच के साथ ऑरेंज कैप की स्थिति बदल रही है और टॉप ऑर्डर में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।  रिकेल्टन की धमाकेदार छलांग, कोहली पीछेमुंबई इंडियंस के युवा बल्लेबाज रियान रिकेल्टन ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 83 रनों की शानदार पारी खेलकर बड़ा असर डाला। इस पारी के बाद वह रन बनाने वालों की सूची में विराट कोहली से आगे निकल गए हैं। हालांकि वे अभी भी टॉप-5 से बाहर हैं, लेकिन सिर्फ कुछ रनों से पीछे रह गए हैं। मुंबई इंडियंस के इस बल्लेबाज ने अब तक 8 मैचों में 380 रन बनाए हैं। वहीं विराट कोहली 379 रनों के साथ उनसे पीछे खिसक गए हैं। रोहित शर्मा की दमदार वापसी, लेकिन रेस से बाहरएलएसजी के खिलाफ लंबे समय बाद वापसी करने वाले रोहित शर्मा ने 84 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन ऑरेंज कैप की दौड़ में वह काफी पीछे हैं। वे फिलहाल 28वें स्थान पर मौजूद हैं, जिससे साफ है कि उनकी फॉर्म वापसी तो हुई है, लेकिन रैंकिंग में सुधार अभी बाकी है।  टॉप-5 बल्लेबाजों की स्थितिफिलहाल ऑरेंज कैप की रेस में ये खिलाड़ी आगे हैं: अभिषेक शर्मा – 440 रनकेएल राहुल – 433 रनहेनरिक क्लासेन – 425 रनवैभव सूर्यवंशी – 404 रनसाई सुदर्शन – 385 रन केएल राहुल अब सिर्फ 7 रनों के अंतर से नंबर-1 बनने के बेहद करीब हैं।  आज बदल सकता है नंबर-1 का समीकरणआज के मुकाबले में केएल राहुल के पास बड़ा मौका है। अगर वह सिर्फ 8 रन और बना लेते हैं, तो वे अभिषेक शर्मा को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप अपने नाम कर सकते हैं। वहीं अभिषेक शर्मा भी अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। अभिषेक शर्मा और राहुल के बीच यह टक्कर अब टूर्नामेंट की सबसे रोमांचक रेस बन चुकी है।  पर्पल कैप की जंग भी दिलचस्पगेंदबाजी में भी मुकाबला कड़ा है। भुवनेश्वर कुमार 17 विकेट के साथ पर्पल कैप पर कब्जा जमाए हुए हैं, लेकिन अंशुल कंबोज भी बराबरी पर पहुंच चुके हैं। आज का दिन यहां भी बड़ा बदलाव ला सकता है।  हर मैच बदल रहा है समीकरणइंडियन प्रीमियर लीग 2026 में ऑरेंज कैप की दौड़ बेहद रोमांचक हो चुकी है। रिकेल्टन की एंट्री से जहां कोहली पीछे हुए हैं, वहीं राहुल और अभिषेक की टक्कर ने टॉप पोजिशन को और दिलचस्प बना दिया है। आने वाले मैच तय करेंगे कि इस सीजन का असली रन किंग कौन बनेगा।