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MP: भोजशाला मामले में HC बोला- ASI सर्वे की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष 3 दिन में दर्ज कराएं आपत्तियां

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) ने धार के विवादित भोजशाला परिसर (Disputed Bhojshala complex) के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष को 3 दिन के भीतर अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील ने तकनीकी समस्याओं के कारण वीडियोग्राफी नहीं देख पाने की बात कही। इसके बाद अदालत ने आईटी विभाग को तुरंत एक्सेस देने और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) के साथ इसे साझा करने का आदेश दिया। उधर, एएसआई ने स्पष्ट किया कि 1904 से यह स्मारक उनके संरक्षण में है। एएसआई ने दो-टूक कहा कि 1935 के ‘मस्जिद’ घोषित करने वाले दावे की अब कोई कानूनी मान्यता नहीं है। भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर एएसआई द्वारा संरक्षित है। धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील तौसीफ वारसी ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के सामने तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया। तौसीफ वारसी ने कहा कि उन्हें इस परिसर में एएसआई के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के दौरान की गई वीडियोग्राफी तक पहुंच नहीं मिल सकी है। उधर, एएसआई के एक वकील ने कहा कि अदालत के निर्देशानुसार इस वीडियोग्राफी को गूगल ड्राइव पर उपलब्ध कराया गया था। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील को उसका एक्सेस भी दे दिया गया था। खंडपीठ ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद वारसी को वीडियोग्राफी देखने की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए और इसके लिए हाई कोर्ट के आईटी अनुभाग को जरूरी व्यवस्था करने के लिए कहा। अदालत ने यह भी कहा कि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद के ई-मेल पते पर अतिरिक्त पहुंच उपलब्ध कराते हुए उनसे वीडियोग्राफी जल्द से जल्द साझा की जाए। पेश कीं दलीलेंखंडपीठ ने निर्देश दिया कि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी इस वीडियोग्राफी पर 7 मई तक अपनी लिखित आपत्तियां प्रस्तुत करे। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने ASI की ओर से धार के विवादित परिसर के संरक्षण के इतिहास के बारे में दलीलें पेश कीं। मुस्लिम पक्ष का दावा- मस्जिद घोषित था स्मारकअतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने कहा कि यह परिसर साल 1904 से एक संरक्षित स्मारक है। यह एएसआई के नियामकीय नियंत्रण में रहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के एक याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि 1935 में तत्कालीन धार रियासत के दरबार ने 11वीं सदी के इस स्मारक को मस्जिद घोषित किया था। 5 मई को भी जारी रहेंगी दलीलेंअतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने मुस्लिम पक्ष के दावे को काटते हुए कहा कि यह ऐलान ASI संरक्षित स्मारकों से जुड़े प्रावधानों के कारण निष्प्रभावी हो चुका है। इसे कोई कानूनी मान्यता हासिल नहीं है। सुनील कुमार जैन की दलीलें 5 मई को भी जारी रहेंगी। अदालत ने भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर दायर 4 याचिकाओं और एक रिट अपील पर 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई कर रहा है।

मेक्सिकन नेवी हेलिकॉप्टर उड़ान भरते ही लड़खड़ाकर जमीन पर गिरा… कैमरे में कैद हुई घटना

मेक्सिको। सोशल मीडिया (Social media) पर इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक मेक्सिकन नेवी का हेलिकॉप्टर (Mexican Navy Helicopter Crash) उड़ान भरते ही अचानक लड़खड़ा कर गिर जाता है. इस वीडियो ने मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) को झकझोर कर रख दिया है. दावा किया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो मेक्सिको के मिशोआकान (Michoacan) राज्य में लाजारो कार्डेनास (Lazaro Cardenas) बंदरगाह से लगभग 370 किमी दक्षिण-पश्चिम में समुद्र के बीचों-बीच हुआ है. फिलहाल इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। कैसे हुआ यह हादसा?वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) का हेलिकॉप्टर आराम से हेलिपैड पर खड़ा रहता है. इसके बाद वह उड़ान भरने के लिए तैयार होता है. उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद हेलिकॉप्टर अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर जाता है. यह हादसा तब हुआ जब हेलिकॉप्टर महज कुछ मीटर की ऊंचाई पर ही था. इस हादसे की मुख्य वजह इंजन का पावर फेलियर बताया जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि हेलिकॉप्टर के उड़ान भरते ही पायलट नियंत्रण खो बैठा और हेलिकॉप्टर ड्रॉप डेड (सीधे नीचे गिरना) की स्थिति में जमीन से टकरा गया। घटना कहां और कब हुई?इसकी कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह हादसा मेक्सिको के मिशोआकान (Michoacan) राज्य में लाजारो कार्डेनास (Lazaro Cardenas) बंदरगाह से लगभग 370 किमी दक्षिण-पश्चिम में कहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि हेलिकॉप्टर एक गश्त पर जाने के लिए उड़ान भर रहा था, लेकिन टेक-ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद वह अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर गया. फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। कैमरे में कैद हुई घटनावायरल वीडियो में हेलिकॉप्टर के रोटर्स को घूमते हुए और फिर अचानक विमान को डगमगाते हुए देखा जा सकता है. जमीन से टकराते ही धूल का गुबार उठा और वहां मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ते नजर आए. आधिकारिक तौर पर अभी तक घायलों या नुकसान की कोई सटीक संख्या या जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, इतनी कम ऊंचाई से गिरने के कारण बड़े विस्फोट की संभावना कम रही, जो चालक दल के लिए राहत की बात हो सकती है। जांच के आदेशमेक्सिकन नौसेना ने इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. शुरुआती कयासों में इंजन फेलियर या ‘पायलट एरर’ को संभावित कारण माना जा रहा है।

बंगाल : घर की दहलीज से विधानसभा तक पहुंचीं रत्ना देवनाथ, बेटी को खोने का दर्द बना ताकत

कोलकाता । पश्चिम बंगाल में इस बार राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। जहां एक ओर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर आरजी कर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ ने अपनी पहली ही चुनावी पारी में बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 28 हजार से अधिक वोटों से हराया। कौन हैं रत्ना देवनाथरत्ना देवनाथ का राजनीति से कोई लंबा अनुभव नहीं था, लेकिन जीवन की एक बड़ी त्रासदी ने उन्हें जनता के बीच खड़ा कर दिया। 54 वर्षीय रत्ना देवनाथ, पति रंजन देवनाथ के साथ रहती हैं और चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास लगभग 74 लाख रुपये की संपत्ति है। बेटी के साथ हुई दर्दनाक घटना ने उन्हें व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और इसी उद्देश्य के साथ राजनीति में कदम रखा। घर की दहलीज से चुनाव के मैदान तकसाल 2024 में आरजी कर अस्पताल में मेडिकल छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। इस घटना के बाद सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी ने महिला सुरक्षा को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल किया और रत्ना देवनाथ को पानीहाट सीट से उम्मीदवार बनाया। यह कदम उनके जीवन का बड़ा मोड़ साबित हुआ। रत्ना के लिए पीएम मोदी ने की रैलीचुनाव प्रचार के दौरान रत्ना देवनाथ ने खुलकर कहा कि उनका संघर्ष मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है, क्योंकि पीड़िता के मामले में न्याय की उम्मीदें कमजोर पड़ीं। नामांकन के समय पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मौजूद रहीं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को पानीहाट में रैली कर उनके समर्थन में जनसभा की। चुनाव परिणामइस बार पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। 293 सीटों में से बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया, जबकि टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 2 और लेफ्ट फ्रंट को भी 2 सीटें मिलीं। ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट भी नहीं बचा पाईं।

90 दिन जंक फूड से दूरी ने बदली जिंदगी, शरीर ने खुद संभाला हेल्थ का बैलेंस..

नई दिल्ली।25 साल की पूजा की जिंदगी शहर में आने के बाद काफी बदल चुकी थी। पढ़ाई और नौकरी के बीच बाहर का खाना उसकी रोजमर्रा की आदत बन गया था। पिज्जा, बर्गर और फ्राइड फूड उसके लिए सामान्य विकल्प थे, क्योंकि तेज रफ्तार जिंदगी में यही सबसे आसान रास्ता लगता था। शुरुआत में उसे इस पर कोई खास ध्यान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे शरीर ने संकेत देने शुरू कर दिए। लगातार एसिडिटी, पेट में भारीपन, थकान और चेहरे की चमक कम होने जैसी समस्याएं उसे परेशान करने लगीं। इन बदलावों को महसूस करने के बाद उसने अपने खाने की आदतों पर ध्यान देना शुरू किया और एक दिन खुद को चुनौती दी कि वह 90 दिनों तक पूरी तरह जंक फूड से दूरी बनाए रखेगी। यह फैसला उसके लिए आसान नहीं था, क्योंकि यह उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका था। शुरुआत के दिन काफी कठिन रहे, जब बार-बार बाहर का स्वादिष्ट खाना खाने की इच्छा होती थी और पुरानी आदतें उसे बार-बार आकर्षित करती थीं। पहले हफ्ते में सबसे बड़ी चुनौती क्रेविंग्स थीं। शाम के समय खासकर तला-भुना या मसालेदार खाना खाने की इच्छा इतनी बढ़ जाती थी कि वह कई बार अपने निर्णय पर दोबारा सोचने लगती थी। लेकिन उसने खुद को व्यस्त रखने और घर के खाने पर ध्यान देने का तरीका अपनाया। धीरे-धीरे उसने घर पर ही हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प तैयार करने शुरू किए, जिससे उसका मन भी संतुष्ट रहने लगा और शरीर को भी बेहतर पोषण मिलने लगा। तीसरे हफ्ते तक पहुंचते-पहुंचते उसके शरीर में बदलाव दिखने लगे। पाचन पहले से बेहतर हो गया और पेट की समस्याएं काफी हद तक कम हो गईं। जो असहजता और भारीपन पहले रोज महसूस होता था, वह धीरे-धीरे खत्म होने लगा। इसके साथ ही उसकी ऊर्जा में भी सुधार आने लगा और वह पहले से ज्यादा हल्का महसूस करने लगी। एक महीने के बाद सबसे बड़ा बदलाव उसकी खाने की इच्छा में देखा गया। जो फूड पहले उसे बहुत आकर्षित करता था, अब उसकी क्रेविंग्स काफी कम हो चुकी थीं। उसे खुद भी आश्चर्य हुआ कि बिना जंक फूड के भी वह पूरी तरह संतुलित और सामान्य महसूस कर रही थी। धीरे-धीरे उसका शरीर नए पैटर्न के अनुसार ढल गया और पुरानी आदतें कमजोर पड़ने लगीं। 90 दिनों का यह अनुभव उसके लिए सिर्फ एक डाइट चैलेंज नहीं रहा, बल्कि पूरी जीवनशैली बदलने वाली प्रक्रिया बन गया। इस दौरान उसने समझा कि शरीर को अगर सही पोषण और संतुलन मिले तो वह खुद ही अपने आप को बेहतर तरीके से संभाल सकता है। अब उसकी आदतें पहले से ज्यादा स्वस्थ हो चुकी थीं और वह अपनी दिनचर्या में अधिक ऊर्जा और संतुलन महसूस कर रही थी।

गर्मी का कहर: हीट स्ट्रोक से बचना है तो अपनाएं ये जरूरी उपाय

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने चरम पर पहुंचते ही सेहत पर गंभीर असर डालने लगता है। तेज धूप, लू और बढ़ता तापमान शरीर को कमजोर कर देता है, जिससे Heat Stroke यानी लू लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है। मौसम विभाग भी आने वाले दिनों में और भीषण गर्मी की चेतावनी दे रहा है, ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहली बात—गर्मी में अपनी सेहत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। यदि आप असहज महसूस करते हैं, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानेंहीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को समझना बहुत जरूरी है। अचानक चक्कर आना, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, अत्यधिक पसीना आना या पसीना बंद हो जाना, शरीर का तापमान बढ़ जाना ये सभी गंभीर संकेत हो सकते हैं। कई मामलों में व्यक्ति को कमजोरी, उलझन या बेहोशी भी महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं। हीट स्ट्रोक में तुरंत क्या करें?अगर किसी को लू लगने का शक हो, तो उसे तुरंत ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े का इस्तेमाल करें और लगातार तापमान पर नजर रखें। इस दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए Oral Rehydration Solution (ओआरएस), नींबू पानी, छाछ या नमक-शक्कर का घोल देना फायदेमंद होता है।यदि हालत में सुधार न हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी हो सकता है। बचाव ही सबसे बड़ा उपायहीट स्ट्रोक से बचने के लिए दिन के समय, खासकर दोपहर में धूप में निकलने से बचें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें। खानपान में तरल पदार्थ और फल शामिल करें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। कुल मिलाकर, गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए सतर्क रहें, लक्षणों को पहचानें और समय रहते सही कदम उठाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित

नई दिल्ली। उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक में चोरों ने ताले तोड़कर अंदर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरों ने बैंक में रखे लगभग 85 लाख रुपए को बिल्कुल भी नहीं छुआ।  CPU और डेटा सिस्टम को बनाया निशानाचोरों ने बैंक में घुसते ही सबसे पहले CCTV कैमरों के तार काट दिए और रिकॉर्डिंग सिस्टम (DVR) भी चुरा लिया। इसके बाद वे कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ा CPU अपने साथ ले गए, जिसमें बैंक का महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था। सबूत मिटाने की कोशिशघटना से साफ संकेत मिलता है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से बैंक के इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को निशाना बनाया। CCTV कैमरे और DVR चोरी होने से पुलिस की जांच में शुरुआती दिक्कतें सामने आ रही हैं।  संदिग्ध परिस्थितियां, जांच तेजपुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी नहीं लग रही है, क्योंकि नकदी को छोड़कर सिर्फ डेटा सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे किसी अंदरूनी जानकारी या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा। स्टाफ पर भी उठे सवालबैंक के चपरासी ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बावजूद वह बैंक आया था और शाम को ताला लगाकर गया था। इस बयान के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें स्टाफ की भूमिका भी शामिल है।  पुलिस जांच जारीपुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है। चोरी से ज्यादा रहस्य गहराउज्जैन की यह घटना सामान्य चोरी से अलग एक रहस्यमयी मामला बन गई है, जिसमें नकदी सुरक्षित छोड़कर केवल डेटा सिस्टम को निशाना बनाया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

भोपाल। मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत इस बार तेज गर्मी के बजाय आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हो रही है। सोमवार को प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में कहीं ओले गिरे तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम का यही रुख मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने राज्य के 39 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने का अनुमान है। जबलपुर, कटनी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और उमरिया में हवा की रफ्तार सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश के आसार हैं। वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग के जिलों—इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा—में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि सिस्टम के असर से कुछ स्थानों पर बदलाव हो सकता है। प्रदेश में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच कई शहरों में गर्मी भी बनी हुई है। सोमवार को रायसेन में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरे दिन सबसे अधिक रहा। इसके अलावा खरगोन में 43 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, मंडला में 41.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, बैतूल में 40.7 डिग्री, रतलाम में 40.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.2 डिग्री और शाजापुर में 40.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दूसरी ओर, खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पचमढ़ी से भी कम है। दतिया में 34.8 डिग्री और टीकमगढ़ में 35.5 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 34.8 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री और भोपाल में 40.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सोमवार को रीवा और आगर-मालवा जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पास से गुजर रही दो ट्रफ लाइनों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से कहीं ओलावृष्टि तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। 8 मई तक प्रदेश में ऐसे ही मौसम के बने रहने का अनुमान है।

एक वोट ने पलटा चुनावी परिणाम, तमिलनाडु में मंत्री की हार, तिरुप्पत्तूर सीट बनी चर्चा का केंद्र

तिरुप्पत्तूर। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच एक ऐसा परिणाम सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तमिलगा वेत्री कझगम की जीत के बीच तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट पर बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां हार-जीत का फैसला सिर्फ एक वोट से हुआ। इस सीट पर के.आर. पेरियाकरुप्पन, जो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के वरिष्ठ नेता और मंत्री हैं, उन्हें महज एक वोट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उनके खिलाफ टीवीके उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति आर विजयी रहे। मतगणना पूरी होने के बाद सामने आया कि सीनिवास सेतुपति को कुल 83,375 वोट मिले, जो पेरियाकरुप्पन से सिर्फ एक वोट अधिक थे। इस बेहद करीबी मुकाबले ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कितनी अहमियत होती है। कम अंतर से हुए इस नतीजे को हाल के चुनावों के सबसे कड़े मुकाबलों में गिना जा रहा है। यह परिणाम उन उदाहरणों में शामिल हो गया है, जहां जीत या हार का फैसला एक ही वोट से हुआ हो। पूरे राज्य के नतीजों की बात करें तो 234 विधानसभा सीटों की गिनती पूरी हो चुकी है, जिसमें तमिलगा वेत्री कझगम 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम 59 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 47 सीटें मिलीं। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की और पीएमके के खाते में 4 सीटें आईं।

बंगाल-असम में BJP ने की बड़ी जीत दर्ज, केरल में UDF की वापसी, तमिलनाडु में TVK का कमाल

नई दिल्ली। देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसमें कई बड़े राजनीतिक उलटफेर देखने को मिले हैं। पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वापसी करते हुए जीत हासिल की है, जबकि तमिलनाडु में नई पार्टी टीवीके ने दमदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के करीब पहुंचकर सबको चौंका दिया है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बहुमत के लिए जरूरी 148 सीटों के आंकड़े को पार करते हुए 206 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस नतीजे के साथ ही राज्य में लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है और वह 81 सीटों पर सिमट गई। इसे राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। असम में भी बीजेपी ने कांग्रेस को बड़े अंतर से हराते हुए अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। वहीं तमिलनाडु में नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के करीब पहुंचकर राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) बहुमत हासिल करने में सफल रहा है, जिससे राज्य में उसकी वापसी मानी जा रही है। बंगाल की पावन धरा पर एक नया सूर्योदय हुआ है- PM मोदीइस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत को “नया सूर्योदय” बताते हुए इसे जनता का भरोसा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन का परिणाम है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकारें हैं और पार्टी विकास व सुशासन के आधार पर जनता का विश्वास जीत रही है। ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंसउधर, पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार शाम 4 बजे कालीघाट स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी चुनाव नतीजों और हार के कारणों पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। इससे पहले भी उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे।

ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: पेड़ के नीचे बैठे मजदूर को कार ने कुचला, 24 घंटे बाद मौत

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। सिकंदर कंपू क्षेत्र में पेड़ के नीचे बैठकर आराम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर शाकिर खान को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। शाकिर दिनभर काम करने के बाद थककर आराम कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालकप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।  24 घंटे तक चला जिंदगी का संघर्षअस्पताल में शाकिर खान ने करीब 24 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन सोमवार रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।  CCTV फुटेज से जांच तेजपुलिस ने घटना के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। कुछ फुटेज मिल चुके हैं, जिनके आधार पर आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है। माधौगंज थाना पुलिस के अनुसार, वाहन को कब्जे में ले लिया गया है और चालक की तलाश जारी है। पुलिस की कार्रवाईपुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारी ने कहा है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा। सड़क सुरक्षा पर फिर सवालयह हादसा एक बार फिर शहरों में तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों को उजागर करता है। एक मेहनतकश मजदूर की जान ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।