“जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर

नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से गंवा दी। हालांकि मैच में एक समय मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मिली हार ने टीम को निराश जरूर किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे के टूर्नामेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन निर्णायक मौके पर एक विकेट नहीं ले पाने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 180 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत ने नाबाद 56 रन की अहम पारी खेली, जबकि यास्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने 32-32 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 38 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे भारत मजबूत स्थिति में था। लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हेदर नाइट के बीच 127 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। कैप्सी ने 43 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि नाइट 70 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया। हार के बावजूद कप्तान ने कहा कि टीम में कई सकारात्मक पहलू हैं और यह सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से उपयोगी रही है। उन्होंने बताया कि टीम संयोजन को लेकर काफी स्पष्टता है और आने वाले अभ्यास मैचों में कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाएगा। भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है, जहां टीम का लक्ष्य मजबूत वापसी करना रहेगा।
हॉकी: भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में पहुंची

नई दिल्ली । भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को 25-0 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया और टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। मंगलवार को खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले ही मिनटों से सिंगापुर की डिफेंस पर दबाव बना दिया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने दूसरे मिनट में पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, जिसके बाद लगातार गोलों की झड़ी लग गई। मैच की सबसे बड़ी स्टार नौशीन नाज रहीं, जिन्होंने सात गोल दागे और विपक्षी डिफेंस को पूरी तरह तोड़ दिया। गीताश्री नम्मी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच गोल किए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल किए, जबकि प्रियंका मिंज ने हैट्रिक लगाई। इसके अलावा दीया, नैन्सी सरोहा, श्रुति कुमारी, पुष्पा मांझी, रश्मीन कौर और संदीपा कुमारी ने भी एक-एक गोल कर टीम की बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम ने पूरे मैच में तेज पासिंग, आक्रामक मूवमेंट और मजबूत फिनिशिंग का प्रदर्शन किया। पहले हाफ में ही भारत ने एकतरफा बढ़त बना ली थी, जबकि दूसरे हाफ में गोलों की रफ्तार और तेज हो गई। आखिरी क्वार्टर में टीम ने 10 गोल दागकर सिंगापुर को पूरी तरह दबाव में ला दिया। इस जीत के साथ भारत ने पूल ए में अपने सभी मैच जीतकर 9 अंक हासिल किए और बिना हार के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। टीम ने इससे पहले मलेशिया और कोरिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी जीत दर्ज की थी। यह प्रदर्शन अंडर-18 स्तर पर भारतीय महिला हॉकी के अब तक के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है, जिसने टूर्नामेंट में भारत की मजबूत दावेदारी को और पुख्ता कर दिया है।
50 घंटे की बैटरी और 50MP सेल्फी कैमरे के साथ आया Motorola Edge 2026, प्रीमियम फीचर्स से बाजार में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली । स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है और इसी बीच Motorola ने अपने नए प्रीमियम स्मार्टफोन Edge 2026 को पेश कर तकनीक प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कंपनी ने इस डिवाइस को आकर्षक डिजाइन, उन्नत कैमरा सिस्टम, दमदार प्रोसेसर और लंबी बैटरी लाइफ जैसे फीचर्स के साथ उतारा है। यह स्मार्टफोन उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो रोजमर्रा के उपयोग के साथ-साथ बेहतर मल्टीमीडिया अनुभव और फोटोग्राफी क्षमता की तलाश में रहते हैं। Motorola Edge 2026 में 6.3 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। यह स्क्रीन न केवल स्मूथ स्क्रॉलिंग और बेहतर विजुअल अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उच्च ब्राइटनेस क्षमता के कारण तेज धूप में भी स्पष्ट दृश्यता देने में सक्षम है। डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए मजबूत ग्लास प्रोटेक्शन भी दिया गया है, जिससे स्क्रीन को रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। फोन का डिस्प्ले वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और सोशल मीडिया उपयोग के दौरान प्रीमियम अनुभव देने का दावा करता है। परफॉर्मेंस के मोर्चे पर कंपनी ने इसमें MediaTek Dimensity 7450 प्रोसेसर का उपयोग किया है। यह चिपसेट आधुनिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और मल्टीटास्किंग के साथ-साथ गेमिंग के दौरान भी बेहतर प्रदर्शन देने में सक्षम माना जा रहा है। फोन में 8GB LPDDR5x रैम और 128GB स्टोरेज का संयोजन दिया गया है, जिससे ऐप्स तेजी से खुलते हैं और उपयोगकर्ताओं को स्मूथ अनुभव मिलता है। यह डिवाइस नवीनतम एंड्रॉयड आधारित इंटरफेस पर काम करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को नए फीचर्स और बेहतर सुरक्षा सुविधाएं भी मिलती हैं। फोटोग्राफी के क्षेत्र में भी Motorola Edge 2026 को विशेष रूप से मजबूत बनाया गया है। इसके पीछे ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है जिसमें 50 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा शामिल है। इसके साथ 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो सेंसर मौजूद है। यह संयोजन विभिन्न परिस्थितियों में बेहतर तस्वीरें लेने में मदद करता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो हाई-रेजोल्यूशन इमेज और स्पष्ट वीडियो अनुभव प्रदान करने का दावा करता है। बैटरी बैकअप आज के स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने इस डिवाइस में 5,000mAh की बैटरी दी है। फोन 68W फास्ट चार्जिंग और 15W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है। कंपनी का दावा है कि सामान्य उपयोग की स्थिति में यह स्मार्टफोन एक बार चार्ज करने पर लगभग 50 घंटे तक चल सकता है, जिससे बार-बार चार्जिंग की आवश्यकता कम हो जाती है। फोन की मजबूती को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। डिवाइस को धूल और पानी से सुरक्षा प्रदान करने वाली उन्नत रेटिंग मिली है। इसके अलावा मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन इसे कठिन परिस्थितियों में भी उपयोग के लिए सक्षम बनाता है। ऑडियो अनुभव को बेहतर बनाने के लिए Dolby Atmos तकनीक से लैस डुअल स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं, जो मनोरंजन प्रेमियों के लिए आकर्षक साबित हो सकते हैं। कीमत की बात करें तो इस स्मार्टफोन को प्रीमियम श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल इसे चुनिंदा वैश्विक बाजारों में उपलब्ध कराया गया है, जबकि भारतीय बाजार में इसकी लॉन्चिंग को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। तकनीकी विशेषताओं और फीचर्स को देखते हुए यह डिवाइस प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश कर सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर अहमदाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त सर्च ऑपरेशन में 131 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार

नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया है। अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में देर रात छापेमारी कर बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच के बाद 131 लोगों की पहचान अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है। इसके अलावा करीब 160 अन्य संदिग्धों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच जारी है। इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में शहर में चलाए गए सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह विशेष अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया। इसके लिए अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमों को एक साथ विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया था। ऑपरेशन के दौरान शहर के संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कुछ क्षेत्रों में अवैध रूप से विदेशी नागरिकों के रहने की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। क्राइम ब्रांच के अनुसार चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर समेत कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के पहचान दस्तावेजों की जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान 131 लोगों के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक सत्यापन में इन लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई है। हालांकि सभी मामलों में विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए अन्य 160 लोगों के दस्तावेजों और नागरिकता संबंधी विवरणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस विभिन्न सरकारी अभिलेखों और पहचान दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उनके संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जा रही है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस अभियान के साथ-साथ प्रशासन ने चंडोला झील क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों ने क्षेत्र में बने कई अवैध ढांचों को हटाने का अभियान चलाया है। अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित जलाशय क्षेत्र के आसपास अनधिकृत निर्माण पर्यावरण और शहरी नियोजन दोनों के लिए चुनौती बने हुए थे। इसलिए दस्तावेजों के सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के बाद अवैध निर्माणों को हटाने का निर्णय लिया गया। पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शहर में पहचान और दस्तावेज सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन सभी विदेशी नागरिकों से वैध दस्तावेज रखने और संबंधित नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है। वहीं जिन लोगों के पास आवश्यक कानूनी दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार अवैध प्रवास और फर्जी दस्तावेजों के मामलों की रोकथाम के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी मजबूत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पात्र मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अहमदाबाद में चलाया गया यह अभियान सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है।
नॉर्वे चेस: प्रज्ञानंद ने फिर हराया कार्लसन, गुकेश और दिव्या को आठवें राउंड में मिली हार

नई दिल्ली । नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने एक बार फिर दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ियों में शामिल मैग्नस कार्लसन को हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की। काले मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद ने इस मुकाबले में बेहतरीन रणनीति और संयम का परिचय दिया और एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को लगातार चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। यह प्रज्ञानंद की कार्लसन पर इसी टूर्नामेंट में दूसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने व्हाइट मोहरों से भी कार्लसन को मात दी थी। इस उपलब्धि के साथ प्रज्ञानंद अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया है। इस जीत के बाद टूर्नामेंट में खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। वेस्ली सो फिलहाल 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अलीरेजा फिरोजा 13 अंकों के साथ उनसे बेहद करीब हैं। प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ मजबूत दावेदारी में बने हुए हैं और अंतिम राउंड से पहले टाइटल रेस पूरी तरह खुली हुई है। दूसरी ओर, भारतीय वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को अपने मुकाबले में अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। व्हाइट मोहरों से खेलते हुए गुकेश ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टाइम प्रेशर में वह बढ़त बनाए नहीं रख सके और मुकाबला हार गए। महिला वर्ग में भी भारत के लिए मिला-जुला प्रदर्शन रहा। दिव्या देशमुख को बिबिसारा असौबायेवा के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। मुकाबले में असौबायेवा ने दबाव बनाए रखा और दिव्या की टाइम समस्या का फायदा उठाते हुए जीत हासिल की। वहीं, चीन की झू जिनर ने मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस बीच भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने आर्मागेडन टाईब्रेकर में जीत दर्ज कर महत्वपूर्ण अतिरिक्त अंक हासिल किए। राउंड 8 के बाद महिला वर्ग में बिबिसारा असौबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ बराबरी पर बनी हुई हैं। टूर्नामेंट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जहां खिताबी दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है।
RBI MPC बैठक के बीच SBI चेयरमैन का बड़ा बयान, कहा- फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव न होना अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बीच भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने ब्याज दरों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में ब्याज दरों में किसी प्रकार का बदलाव न होना अर्थव्यवस्था के लिए अधिक लाभदायक रहेगा। उनके अनुसार इस समय नीतिगत दरों में स्थिरता बनाए रखने से आर्थिक गतिविधियों को संतुलित समर्थन मिलेगा और विकास की रफ्तार भी बनी रहेगी। बाजार की सामान्य धारणा भी यही संकेत देती है कि आरबीआई फिलहाल रेपो रेट में किसी बड़े बदलाव से बच सकता है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएस शेट्टी ने कहा कि महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना केंद्रीय बैंक की प्रमुख जिम्मेदारी होती है। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में ब्याज दरों को स्थिर रखना एक व्यावहारिक कदम माना जा सकता है। उनका मानना है कि स्थिर ब्याज दरें उद्योग, कारोबार और उपभोक्ताओं को स्पष्ट संकेत देती हैं, जिससे निवेश और ऋण गतिविधियों को निरंतरता मिलती है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था इस समय सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और इसे स्थिर नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है। एसबीआई चेयरमैन ने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि शेयर बाजार में होने वाले रोजाना उतार-चढ़ाव को लेकर अधिक चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक ताकत उसकी दीर्घकालिक आर्थिक क्षमता में निहित है। बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, डिजिटल क्रांति, वित्तीय समावेशन और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता रखता है। उनका कहना है कि निवेशकों को अल्पकालिक बाजार गतिविधियों के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए। सीएस शेट्टी ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी समस्याएं और तकनीकी परिवर्तन जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारत एक स्थिर और भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक सुधारों और निवेश के अनुकूल वातावरण ने भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना दिया है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने भारत की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आज देश की सबसे बड़ी तकनीकी सफलताओं में शामिल है। हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन यूपीआई के माध्यम से किए जा रहे हैं, जिससे नकदी पर निर्भरता कम हुई है और भुगतान प्रणाली अधिक तेज, सुरक्षित तथा पारदर्शी बनी है। उन्होंने बताया कि एसबीआई की डिजिटल सेवाओं की सफलता उसकी मजबूत तकनीकी संरचना और ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने वित्तीय समावेशन में जनधन खाते, आधार और मोबाइल कनेक्टिविटी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार ‘जेएएम ट्रिनिटी’ ने करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में अहम योगदान दिया है। इसके साथ ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद की है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और विभिन्न योजनाओं में होने वाली संभावित अनियमितताओं में कमी आई है। भारत की भविष्य की विकास यात्रा पर बात करते हुए सीएस शेट्टी ने कहा कि आने वाले वर्षों में देश को बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, ऊर्जा परिवर्तन, शहरी विकास, एमएसएमई और नवाचार जैसे क्षेत्रों में विशाल निवेश अवसर मौजूद हैं। उनके अनुसार ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षेत्र भारत की आर्थिक प्रगति के प्रमुख आधार बनेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। उनका मानना है कि भारत एआई तकनीक के उपयोग और विस्तार के मामले में दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक बन सकता है। उन्होंने बताया कि एसबीआई पहले से कई बैंकिंग सेवाओं में एआई आधारित प्रणालियों का उपयोग कर रहा है और इसके लिए जिम्मेदार तथा सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने हेतु विशेष ढांचा भी विकसित किया गया है। कर्ज की मांग के संबंध में उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऋण की मांग मजबूत बनी हुई है। बैंक लगातार उद्यमियों और व्यवसायों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। साथ ही बैंक विलय एवं अधिग्रहण से जुड़े वित्तपोषण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की मजबूत आर्थिक नींव, डिजिटल प्रगति और निवेश क्षमता देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में और अधिक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में मदद करेगी।
सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे

मध्यप्रदेश । जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला मोबाइल टावर पर चढ़ गई और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इस घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक टीम घंटों तक महिला को समझाने में जुटी रही। महिला ने आरोप लगाया कि उसके परिवार के ही कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस व प्रशासन उसकी फरियाद नहीं सुन रहे हैं। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर टावर पर चढ़ गई। घटना की पहचान सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक-3 निवासी सोनम मल्लाह के रूप में हुई है। महिला का कहना है कि उसके बड़े पिता के पुत्र संतोष मल्लाह और गोपाल मल्लाह ने एक स्थानीय व्यवसायी के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उसने यह भी दावा किया कि उसने इस मामले की शिकायत थाने, तहसील कार्यालय और अन्य विभागों में कई बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे महिला थाने पहुंची थी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इसके बाद मौके पर पहुंची सिहोरा पुलिस ने लगातार समझाइश शुरू की। थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को सहित अन्य अधिकारी उसे शांत कराने में लगे रहे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब छह घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार महिला टावर से नीचे उतर आई, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। फिलहाल पुलिस ने संबंधित पक्ष को बयान के लिए तलब किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही महिला की शिकायत को एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका की शुल्क नीति पर उठे सवाल, विशेषज्ञों ने भारत-चीन-रूस समीकरण को बताया उभरती चुनौती

नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति और व्यापारिक संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की टैरिफ नीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हाल के वर्षों में अमेरिकी प्रशासन द्वारा अपनाई गई संरक्षणवादी आर्थिक नीतियों को लेकर दुनिया भर में बहस जारी है। इसी क्रम में यह तर्क सामने आ रहा है कि अमेरिका द्वारा भारत और चीन जैसे बड़े एशियाई देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की रणनीति अनजाने में उन देशों को एक-दूसरे के करीब ला सकती है, जिन्हें अब तक कई मुद्दों पर प्रतिस्पर्धी या विरोधी माना जाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक शक्ति संतुलन के इस दौर में आर्थिक दबाव की नीतियां कभी-कभी ऐसे परिणाम भी पैदा कर देती हैं, जिनकी पहले कल्पना नहीं की गई होती। अमेरिका की ओर से विभिन्न देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में नई चिंताएं पैदा की हैं। भारत और चीन दोनों दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में यदि दोनों देशों को समान प्रकार के आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है, तो उनके बीच व्यापारिक सहयोग और संवाद बढ़ने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सहित कई जटिल मुद्दे मौजूद हैं, फिर भी आर्थिक हितों के आधार पर सहयोग की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत, चीन और रूस की सक्रिय भागीदारी ने भी वैश्विक रणनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। कई विश्लेषकों का मानना है कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ती दुनिया में क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां अपने-अपने हितों के आधार पर नए साझेदारी मॉडल तलाश रही हैं। इसी संदर्भ में रूस-भारत-चीन (RIC) समूह को लेकर भी चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह मंच किसी बड़े रणनीतिक गठबंधन का रूप ले लेगा, लेकिन तीनों देशों के बीच संवाद और सहयोग के कुछ क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ी हैं। दूसरी ओर, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सक्रिय क्वाड (QUAD) समूह को लेकर भी विभिन्न प्रकार के आकलन सामने आते रहते हैं। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के इस समूह का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना बताया जाता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि भारत अपनी विदेश नीति में रणनीतिक स्वायत्तता को प्राथमिकता देता है और वह किसी भी मंच को किसी एक देश के खिलाफ गठबंधन के रूप में नहीं देखना चाहता। यही कारण है कि भारत एक तरफ क्वाड में सक्रिय रहता है, वहीं दूसरी ओर ब्रिक्स, एससीओ और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर भी अपनी भूमिका निभाता है। सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर भी वैश्विक स्तर पर नजरें टिकी हुई हैं। ब्रिक्स देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, वित्तीय सहयोग और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों जैसे विषयों पर चर्चा लंबे समय से होती रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सदस्य देश आपसी आर्थिक सहयोग को और मजबूत करते हैं तो इससे डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में कुछ कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि डॉलर अभी भी वैश्विक वित्तीय प्रणाली की प्रमुख मुद्रा बना हुआ है और निकट भविष्य में उसकी स्थिति में किसी बड़े बदलाव की संभावना सीमित मानी जाती है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि वर्तमान दौर में किसी भी वैश्विक शक्ति के लिए केवल आर्थिक दबाव के जरिए अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को लागू करना आसान नहीं रह गया है। दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां देश अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर अलग-अलग मंचों पर सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों करते हैं। भारत भी इसी संतुलित दृष्टिकोण का पालन करता रहा है, जिसमें अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान और अन्य देशों के साथ संबंधों को समान महत्व दिया जाता है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि वैश्विक व्यापार युद्ध, टैरिफ नीतियां और बदलते भू-राजनीतिक समीकरण आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करते रहेंगे। भारत, चीन और रूस के बीच बढ़ता संवाद, ब्रिक्स की सक्रियता और क्वाड की भूमिका जैसे विषय भविष्य की वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण बने रहेंगे। हालांकि इन सभी संभावनाओं का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में देशों के ठोस कदमों और नीतिगत निर्णयों पर निर्भर करेगा।
MP ALCOHOL DISPUTE: शराब के लिए विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

MP ALCOHOL DISPUTE: मध्यप्रदेश । सागर जिले के गोपालगंज थाना क्षेत्र में खेल परिसर के सामने एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटना 1 जून की रात की है, जब फरियादी अतुल मिश्रा अपने साथियों के साथ मेला ग्राउंड स्थित खेल परिसर के पास मौजूद था। इसी दौरान आरोपी अंकित दक्ष और उसका साथी बिट्टू प्रजापति वहां पहुंचे और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब पीड़ित ने पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। CYBER TEHSIL 2.0: अब सरकारी सेवाएं होंगी और आसान, CM बोले -साइबर तहसील 2.0 से मजबूत हो रहा ई-गवर्नेंस विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने धारदार हथियार से युवक पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया। घटना की शिकायत मिलने के बाद गोपालगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की और लगातार तलाश जारी रखी। इसी कार्रवाई के तहत मंगलवार को मुख्य आरोपी अंकित दक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। EPFO Update: मार्च खत्म हुए दो महीने बीते, पीएफ खाते में कब आएगा 8.25% ब्याज? जानिए ताजा अपडेट थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई है और न्यायालय में पेश किया गया है। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
EPFO Update: मार्च खत्म हुए दो महीने बीते, पीएफ खाते में कब आएगा 8.25% ब्याज? जानिए ताजा अपडेट

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों खाताधारकों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित ब्याज राशि का इंतजार है। मार्च में ब्याज दर तय किए जाने के बावजूद जून की शुरुआत तक खातों में ब्याज जमा नहीं होने से कई कर्मचारियों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पीएफ खाते में ब्याज कब आएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि ब्याज दर घोषित होने और उसे खातों में जमा किए जाने के बीच कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। ईपीएफओ ने मार्च 2026 की शुरुआत में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर बनाए रखने का फैसला किया था। यह निर्णय केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक के बाद लिया गया था। इसके बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से इस संबंध में जानकारी भी साझा की गई थी। हालांकि ब्याज दर की घोषणा के बाद इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार की औपचारिक अधिसूचना जारी होना आवश्यक होता है। इसी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ईपीएफओ अपने करोड़ों सदस्यों के खातों में ब्याज की राशि जमा करता है। देशभर में लगभग सात करोड़ से अधिक पीएफ खाताधारक हैं, जिनकी नजर हर साल अपने खाते में जमा होने वाले ब्याज पर रहती है। वित्त वर्ष समाप्त होने के दो महीने बाद भी ब्याज राशि जमा नहीं होने से कर्मचारियों के बीच चर्चा बढ़ गई है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि जब ब्याज दर मार्च में ही तय हो चुकी है तो राशि अब तक खातों में क्यों नहीं पहुंची। विशेषज्ञों के अनुसार ब्याज क्रेडिट करने से पहले सरकार की मंजूरी, तकनीकी अपडेट और खातों का सत्यापन जैसी कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं, जिनमें कुछ समय लगना सामान्य बात है। वित्तीय मामलों के जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों के अनुभव को देखें तो ईपीएफओ आमतौर पर जून या जुलाई के दौरान खातों में ब्याज की राशि जमा करता है। पहले यह प्रक्रिया सितंबर या अक्टूबर तक चलती थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें तेजी आई है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष भी सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद जून या जुलाई के दौरान करोड़ों खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि दिखाई देने लगेगी। हालांकि अंतिम समयसीमा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ईपीएफओ सदस्य अपने खाते में ब्याज जमा हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी घर बैठे मोबाइल फोन के जरिए भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उमंग ऐप एक आसान विकल्प माना जाता है। उपयोगकर्ता सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में उमंग ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद ईपीएफओ सेवाओं के विकल्प में जाकर ‘व्यू पासबुक’ पर क्लिक करना होगा। ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सदस्य अपने खाते का बैलेंस और ब्याज से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी पीएफ खाते का विवरण देखा जा सकता है। सदस्य पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद ‘मेंबर पासबुक’ विकल्प पर क्लिक करके अपने खाते में जमा राशि, मासिक योगदान और ब्याज संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि ब्याज की राशि खाते में जमा कर दी गई होगी तो वह पासबुक में दिखाई देने लगेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएफ खाताधारकों को फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है। ब्याज राशि में किसी प्रकार की कटौती या देरी की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद ईपीएफओ निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी पात्र खातों में ब्याज जमा करेगा। ऐसे में कर्मचारियों को समय-समय पर अपनी पासबुक जांचते रहना चाहिए और किसी भी अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।