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खरीफ सीजन से पहले खाद की किल्लत, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

खरगोन। जिले के कसरावद और झिरन्या क्षेत्र के वनग्रामों में किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। फार्मर आईडी जनरेट न होने के कारण बड़ी संख्या में वन अधिकार पट्टाधारी किसान रासायनिक खाद से वंचित रह गए हैं। खरीफ सीजन की बुवाई से ठीक पहले खाद वितरण व्यवस्था बाधित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों द्वारा अब खाद का वितरण फार्मर आईडी आधारित टोकन सिस्टम से किया जा रहा है, लेकिन वनग्रामों के अधिकांश किसानों की फार्मर आईडी अब तक नहीं बन पाई है। ऐसे में वे सिस्टम से बाहर हो गए हैं और जरूरी खाद प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। वन अधिकार पट्टाधारी किसानों की बढ़ी मुश्किलेंझिरन्या क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र पूरी तरह आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत है, जहां अधिकांश किसानों को वन अधिकार पट्टे प्राप्त हैं। वर्षों से ये किसान इन्हीं भूमि पर खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन अब डिजिटल व्यवस्था के कारण वे खाद जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि नई व्यवस्था लागू होने से पहले उनके दस्तावेज और फार्मर आईडी अपडेट नहीं की गई, जिससे पूरा वनग्राम सिस्टम से बाहर हो गया है। तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन, समाधान की मांगइस समस्या को लेकर समाजसेवी गजेंद्र पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने तहसीलदार नरेंद्र मुवेल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि वन अधिकार पट्टाधारी किसानों की फार्मर आईडी तत्काल बनाई जाए और उन्हें खाद वितरण के लिए टोकन जारी किए जाएं।किसानों ने साफ कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। खरीफ सीजन की बुवाई पर संकटकिसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की बुवाई का समय बेहद नजदीक है और इस समय खाद का उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। बारिश शुरू होने के साथ ही खेती का कार्य तेज हो जाता है, लेकिन खाद न मिलने से पूरी कृषि तैयारी प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद नहीं मिला तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीदग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तकनीकी और दस्तावेजी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान निकाला जाए। साथ ही वनग्राम के सभी पात्र किसानों को सिस्टम में शामिल कर उन्हें खाद वितरण की सुविधा सुनिश्चित की जाए। फिलहाल क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है और किसान प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर शराब दुकान-ढाबा हटाने की मांग तेज: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

शाजापुर। जिले की ग्राम पंचायत मोहन बड़ोदिया में बस स्टैंड परिसर और प्रसिद्ध गुसाईजी की बैठक मंदिर जाने वाले मार्ग पर संचालित शराब दुकान और नॉनवेज ढाबे को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कलेक्टर के नाम ग्राम पंचायत, थाना और तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान और मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर शराब दुकान का संचालन क्षेत्र के सामाजिक माहौल को प्रभावित कर रहा है। लोगों का आरोप है कि इससे न केवल आम नागरिकों को असुविधा हो रही है, बल्कि धार्मिक वातावरण भी बाधित हो रहा है। स्कूल, पंचायत और मंदिर के पास दुकान से बढ़ी चिंतग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित हो रही है, उसके आसपास ग्राम पंचायत भवन, स्कूल, बस स्टैंड, रिहायशी कॉलोनी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थित है। इसके अलावा यह मार्ग गुसाईजी की बैठक मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी है, जहां नियमित रूप से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से महिलाओं और श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना रहता है, ऐसे में शराब दुकान और ढाबे की मौजूदगी से असुरक्षा का माहौल बनता है। टीनशेड में बैठकर शराब सेवन का आरोपग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब ठेके के पास टीनशेड लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई है, जहां दिनभर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे क्षेत्र में गाली-गलौज, विवाद और अराजकता की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से गांव की शांति और सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देशमामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने नॉनवेज ढाबे के संचालन स्थल की जांच कर ग्राम पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर गंदगी फैलाने और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं आबकारी विभाग की सदस्य मीनाक्षी सिंह ने दो दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों की उम्मीद: जल्द हटे अवैध गतिविधियांग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस मामले में ठोस कदम उठाएगा और बस स्टैंड तथा मंदिर मार्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विवाद और अव्यवस्था से मुक्त कराया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Apple का बड़ा दांव: AI से लैस स्मार्ट चश्मे की तैयारी तेज, 2027 के अंत तक हो सकता है लॉन्च

नई दिल्ली । तकनीक की दुनिया में पहनने योग्य स्मार्ट डिवाइसों को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच Apple अपने पहले स्मार्ट ग्लासेस को लेकर चर्चा में है। कंपनी लंबे समय से ऐसे डिवाइस पर काम कर रही है जो केवल एक तकनीकी उत्पाद न होकर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन सके। नई रिपोर्टों के अनुसार Apple के पहले स्मार्ट ग्लासेस अब 2027 के अंत तक लॉन्च हो सकते हैं। पहले उम्मीद की जा रही थी कि यह डिवाइस 2026 के अंत तक पेश कर दिया जाएगा, लेकिन कंपनी इस उत्पाद को अधिक परिपक्व और उपयोगी बनाने के लिए अतिरिक्त समय ले रही है। बताया जा रहा है कि Apple इस नए डिवाइस को अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य है कि स्मार्ट ग्लासेस केवल नोटिफिकेशन दिखाने या कॉल करने तक सीमित न रहें, बल्कि वे उपयोगकर्ताओं के लिए एक व्यक्तिगत डिजिटल सहायक की तरह काम करें। इसी वजह से Apple Intelligence और Siri को इस डिवाइस के केंद्र में रखा जा रहा है। भविष्य में यह चश्मा उपयोगकर्ता की आवाज समझकर विभिन्न कार्यों को पूरा कर सकेगा और कई जरूरी जानकारियां सीधे सामने उपलब्ध करा सकेगा। तकनीकी जानकारों का मानना है कि Apple का यह कदम पहनने योग्य तकनीक के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। जहां कई कंपनियां ऑगमेंटेड रियलिटी आधारित जटिल फीचर्स पर जोर दे रही हैं, वहीं Apple शुरुआत में एक सरल और व्यावहारिक उत्पाद पेश करने की रणनीति अपना रही है। कंपनी ऐसे स्मार्ट ग्लासेस तैयार करना चाहती है जिन्हें लोग पूरे दिन आराम से पहन सकें और जिनका उपयोग किसी विशेष अवसर तक सीमित न रहे। यही वजह है कि डिजाइन, वजन, बैटरी क्षमता और उपयोगकर्ता अनुभव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार स्मार्ट ग्लासेस में कैमरा, माइक्रोफोन और स्पीकर जैसी सुविधाएं दी जा सकती हैं। इनकी मदद से उपयोगकर्ता फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर सकेंगे, फोन कॉल कर पाएंगे तथा वॉयस कमांड के जरिए विभिन्न सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा नोटिफिकेशन देखने, दिशा-निर्देश प्राप्त करने और दैनिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी हासिल करने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकती हैं। इससे स्मार्टफोन पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है और कई सामान्य कार्य सीधे चश्मे के माध्यम से किए जा सकेंगे। कीमत को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस डिवाइस की कीमत प्रीमियम श्रेणी में रखी जा सकती है, लेकिन इसे आम उपभोक्ताओं की पहुंच के भीतर रखने की भी कोशिश की जाएगी। कंपनी का उद्देश्य केवल तकनीकी उत्साही लोगों तक सीमित रहने के बजाय व्यापक उपभोक्ता वर्ग को आकर्षित करना है। इसी कारण हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच संतुलन बनाकर ऐसा उत्पाद तैयार किया जा रहा है जो उपयोगी होने के साथ-साथ व्यावहारिक भी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है। ऐसे में स्मार्ट ग्लासेस जैसे उपकरण उपयोगकर्ताओं को तकनीक से जोड़ने का नया माध्यम बन सकते हैं। Apple भी इसी दिशा में अपनी दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर रही है। हालांकि शुरुआती मॉडल में सीमित सुविधाएं मिल सकती हैं, लेकिन भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट और नए AI फीचर्स के जरिए इसकी क्षमताओं को लगातार बढ़ाया जा सकेगा। तकनीकी बाजार में स्मार्ट ग्लासेस को अगली बड़ी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। यदि Apple अपने विजन के अनुसार इस उत्पाद को सफलतापूर्वक बाजार में उतारने में कामयाब रहती है, तो यह न केवल पहनने योग्य तकनीक की परिभाषा बदल सकता है बल्कि उपभोक्ताओं के तकनीक इस्तेमाल करने के तरीके को भी नई दिशा दे सकता है।

बढ़ती ईंधन लागत पर सरकार का बड़ा फैसला, घरेलू एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष समर्थन पैकेज

नई दिल्ली । देश के विमानन क्षेत्र को बढ़ती ईंधन लागत के दबाव से राहत देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की अस्थिर और ऊंची कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की विशेष बजटीय सहायता को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से एयरलाइंस को ईंधन लागत में स्थिरता मिलेगी और वे अपने परिचालन को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी। सरकार द्वारा स्वीकृत यह सहायता तेल विपणन कंपनियों को ब्याज-मुक्त अग्रिम राशि के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में आने वाले अचानक उतार-चढ़ाव के दौरान एयरलाइंस को अपेक्षाकृत स्थिर दरों पर एटीएफ उपलब्ध कराना है। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण विमानन ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ा है। नई व्यवस्था के तहत एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण सहायता को 36 महीनों तक लागू रखा जाएगा। हालांकि इसकी वार्षिक समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार इसमें संशोधन भी संभव होगा। योजना का उद्देश्य केवल तत्काल राहत प्रदान करना नहीं है, बल्कि विमानन उद्योग को वित्तीय अनिश्चितताओं से बचाते हुए दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करना भी है। सरकारी व्यवस्था के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की आयात समता कीमत निर्धारित मानक स्तर से अधिक हो जाती है, तो उससे होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार की भरपाई इस सहायता कोष से की जाएगी। दूसरी ओर जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में कमी आएगी, तब तेल विपणन कंपनियों से अंतर की राशि वापस ली जाएगी और उसे सरकारी कोष में जमा कराया जाएगा। इस प्रकार योजना को संतुलित और वित्तीय रूप से जिम्मेदार ढंग से संचालित करने का प्रयास किया गया है। यह सुविधा सभी इच्छुक अनुसूचित भारतीय एयरलाइंस के लिए उपलब्ध होगी और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों पर लागू होगी। योजना में भाग लेने वाली एयरलाइंस को एक निर्धारित अवधि तक केवल अधिकृत तेल विपणन कंपनियों से ही एटीएफ खरीदना होगा। इसके लिए एयरलाइंस और तेल विपणन कंपनियों के बीच औपचारिक समझौता किया जाएगा, जिसमें संबंधित मंत्रालय भी भागीदार होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन उद्योग की लागत संरचना में ईंधन का हिस्सा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में ईंधन कीमतों में तेज वृद्धि सीधे टिकट दरों, परिचालन योजनाओं और एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति को प्रभावित करती है। सरकार की इस पहल से एयरलाइंस को लागत प्रबंधन में मदद मिलेगी और वे भविष्य की व्यावसायिक रणनीतियां अधिक सटीक तरीके से तैयार कर सकेंगी। इस निर्णय का प्रभाव केवल विमानन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। पर्यटन, होटल उद्योग, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क जैसे क्षेत्रों को भी इससे अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। बेहतर और स्थिर हवाई सेवाएं आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे व्यापक स्तर पर विकास को प्रोत्साहन मिल सकता है। हालिया आंकड़े बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की कीमतों में बेहद तेज वृद्धि हुई है। कुछ ही महीनों के भीतर ईंधन लागत में कई गुना बढ़ोतरी ने एयरलाइंस के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर दी थी। ऐसे समय में सरकार का यह कदम विमानन उद्योग को राहत देने और उसकी वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

शिमला से मुंबई तक का यादगार सफर, 45 साल बाद अनुपम खेर ने शहर को कहा धन्यवाद, साझा की संघर्ष की कहानी

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने मुंबई में अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए इस शहर के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। अपने भावुक संदेश में उन्होंने बताया कि कैसे सपनों और उम्मीदों के साथ एक छोटे शहर से आए युवा ने मुंबई की धरती पर कदम रखा था और वर्षों के संघर्ष, मेहनत तथा अनुभवों के बाद आज वह अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंचा है। अभिनेता ने कहा कि मुंबई केवल एक शहर नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सपनों को दिशा देने वाला एक ऐसा मंच है, जो प्रतिभा और परिश्रम को पहचान देता है। अनुपम खेर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार मुंबई पहुंचे थे, तब उनके पास संसाधन बेहद सीमित थे, लेकिन सपने बहुत बड़े थे। जीवन में कुछ कर दिखाने की चाह और अभिनय के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी। उन्होंने माना कि मुंबई ने उन्हें अवसर तो दिए ही, साथ ही ऐसे संघर्ष भी दिए जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया और उन्हें जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराया। अभिनेता के अनुसार, सफलता का सफर कभी आसान नहीं होता और मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि इस शहर ने उन्हें धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व सिखाया। यहां मिलने वाली चुनौतियों ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि असफलताओं ने उन्हें टूटने नहीं दिया, बल्कि हर बार और अधिक मजबूत बनाकर आगे बढ़ाया। मुंबई के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि यह शहर हर व्यक्ति को अपनाने की क्षमता रखता है। चाहे कोई किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो, यदि उसके भीतर मेहनत करने का जज्बा और अपने सपनों को पूरा करने की लगन है तो मुंबई उसे आगे बढ़ने का अवसर जरूर देती है। यही विशेषता इस शहर को दुनिया के अन्य महानगरों से अलग बनाती है। उन्होंने अपने लंबे सफर के दौरान मिले अनुभवों का भी जिक्र किया। अभिनेता ने कहा कि यहां की भागदौड़, लोगों की मेहनत और रोजमर्रा का जीवन लगातार प्रेरणा देने वाला रहा है। शहर की सड़कों से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक, हर जगह उन्होंने जीवन के अलग-अलग रंग देखे और उनसे सीख हासिल की। यही अनुभव आगे चलकर उनके अभिनय और व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बने। अनुपम खेर ने यह भी स्वीकार किया कि अभिनय जगत में मिली सफलता के पीछे केवल व्यक्तिगत प्रयास ही नहीं, बल्कि मुंबई का सहयोग और यहां का माहौल भी बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह शहर लोगों को सपने देखने की हिम्मत देता है और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करने का साहस भी प्रदान करता है। अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि आज भी वह खुद को सीखने की प्रक्रिया में मानते हैं। उनके अनुसार जीवन में सीखने और आगे बढ़ने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने मुंबई को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस शहर ने उन्हें पहचान, सम्मान और जीवन को समझने का अवसर दिया। यही कारण है कि इतने वर्षों बाद भी उनका इस शहर से जुड़ाव पहले की तरह मजबूत और भावनात्मक बना हुआ है।

वाटर पार्क में दर्दनाक हादसा: गोता लगाते समय युवक गंभीर रूप से घायल, इंदौर रेफर

शाजापुर। गर्मी से राहत पाने के लिए वाटर पार्क में मस्ती करने पहुंचे एक युवक के साथ बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के पनवाड़ी गांव स्थित ड्रीम फन वैली वाटर पार्क में नहाते समय गोता लगाते हुए युवक का सिर किसी कठोर सतह से जोरदार टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया और पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। समय रहते मौजूद दोस्तों और वाटर पार्क कर्मचारियों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घटना बुधवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूल में अन्य लोगों के साथ मस्ती कर रहा युवक अचानक गहरे हिस्से में गोता लगाने लगा। इसी दौरान उसका सिर किसी सख्त हिस्से या तल से टकरा गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और वह पानी में ही अचेत हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हरकत में आते हुए उसे बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की। राजगढ़ का युवक, दोस्तों के साथ आया था घूमनेघायल युवक की पहचान राजगढ़ जिले के भेसवा माताजी निवासी सुनील के रूप में हुई है। सुनील अपने दो दोस्तों के साथ गर्मी से राहत पाने और मनोरंजन के लिए वाटर पार्क पहुंचा था। बताया जा रहा है कि सभी लोग सामान्य रूप से पूल में मस्ती कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में यह खुशी का माहौल दर्दनाक हादसे में बदल गया। दोस्तों के अनुसार, सुनील ने जैसे ही गोता लगाया, वैसे ही उसका सिर किसी कठोर सतह से टकराया और वह तुरंत नीचे की ओर डूबने लगा। इस दौरान कुछ सेकंड की देरी भी उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन सतर्कता के चलते उसे समय पर बचा लिया गया। शाजापुर जिला अस्पताल से इंदौर रेफरघटना के बाद घायल युवक को तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गहरी चोट लगने और बेहोशी की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे इंदौर रेफर कर दिया गया। फिलहाल युवक का इलाज इंदौर के अस्पताल में जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिवार में चिंता का माहौल है। प्रशासनिक जांच की संभावनाइस हादसे के बाद वाटर पार्क की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना कैसे हुई और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, इसको लेकर संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक जांच की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में वाटर पार्क में भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

नई ऊंचाइयों की ओर भारत-नेपाल रिश्ते, प्रधानमंत्री मोदी ने रबि लामिछाने से मुलाकात कर मजबूत साझेदारी का दिया संदेश

नई दिल्ली । भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबि लामिछाने से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग, विकास और क्षेत्रीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस मुलाकात को भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे पारंपरिक संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक के दौरान साझा समृद्धि, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध भी मौजूद हैं। मुलाकात के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में भारत और नेपाल को विकास, व्यापार, निवेश और संपर्क बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, सड़क संपर्क, रेलवे, शिक्षा, पर्यटन और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति दे सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि नेपाल की नई राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व के साथ भारत के संबंध और अधिक मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच दशकों से चली आ रही मित्रता आने वाले समय में नई उपलब्धियों का आधार बनेगी। भारत लगातार नेपाल के विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग करता रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दोनों देशों के संबंधों पर देखा गया है। रबि लामिछाने की भारत यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ भारतीय नेताओं के साथ भी उनकी मुलाकातें हुई हैं। इन बैठकों में लोकतांत्रिक व्यवस्था, सुरक्षा सहयोग, राजनीतिक संवाद और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों से दोनों देशों के राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, सांस्कृतिक समानताएं और लोगों के बीच गहरे संबंध दोनों देशों की साझेदारी को विशेष बनाते हैं। हर वर्ष लाखों लोग धार्मिक, व्यापारिक और सामाजिक कारणों से दोनों देशों के बीच आवागमन करते हैं। यही कारण है कि द्विपक्षीय संबंधों को केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत और नेपाल के बीच बढ़ता संवाद क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। दोनों देशों की नेतृत्व स्तर की यह मुलाकात भविष्य में सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है और पारंपरिक मित्रता को और अधिक मजबूत आधार प्रदान कर सकती है।

Jio के ₹200 और ₹500 प्लान में OTT का बड़ा मुकाबला, जानिए किस पैक में मिल रहे ज्यादा डेटा, कॉलिंग और प्रीमियम डिजिटल फायदे

नई दिल्ली । देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों में शामिल जियो ने अपने ग्राहकों के लिए दो नए प्रीपेड प्लान पेश किए हैं, जिनका उद्देश्य केवल कनेक्टिविटी प्रदान करना ही नहीं बल्कि डिजिटल मनोरंजन और प्रीमियम ऑनलाइन सेवाओं का व्यापक अनुभव देना भी है। कंपनी द्वारा पेश किए गए ₹200 और ₹500 के इन दोनों प्लानों में कई आकर्षक सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिनमें विज्ञापन-मुक्त वीडियो देखने का अनुभव, मनोरंजन आधारित कंटेंट और अतिरिक्त डिजिटल सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में उपभोक्ता यह जानना चाहते हैं कि उनकी जरूरतों के हिसाब से कौन सा प्लान ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। ₹200 का प्लान उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो पहले से किसी नियमित मोबाइल प्लान का उपयोग कर रहे हैं और उन्हें अतिरिक्त डेटा तथा मनोरंजन सेवाओं की आवश्यकता है। इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है और इसमें कुल 30GB हाई-स्पीड डेटा उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि यह केवल डेटा आधारित पैक है, इसलिए इसमें वॉयस कॉलिंग और एसएमएस जैसी सुविधाएं शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद यह प्लान उन लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जो मोबाइल पर वीडियो स्ट्रीमिंग, वेब सीरीज, फिल्में और अन्य डिजिटल कंटेंट देखने में अधिक रुचि रखते हैं। इस प्लान के साथ कई लोकप्रिय मनोरंजन सेवाओं का एक्सेस उपलब्ध कराया गया है, जिससे उपयोगकर्ता एक ही रिचार्ज में विविध प्रकार के कंटेंट का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा लाइव टीवी चैनलों की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे समाचार, खेल, मनोरंजन और अन्य कार्यक्रमों को कहीं भी देखा जा सकता है। यही कारण है कि यह पैक उन उपभोक्ताओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा है जो कम कीमत में मनोरंजन आधारित सेवाओं की तलाश कर रहे हैं। दूसरी ओर ₹500 का प्लान एक व्यापक टेलीकॉम और डिजिटल एंटरटेनमेंट पैकेज के रूप में सामने आया है। इस प्लान की वैधता भी 28 दिनों की है, लेकिन इसमें प्रतिदिन 2GB डेटा दिया जाता है, जिससे कुल 56GB डेटा का लाभ मिलता है। इसके साथ अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और प्रतिदिन 100 एसएमएस की सुविधा भी शामिल है। ऐसे में यह प्लान उन ग्राहकों के लिए अधिक उपयुक्त माना जा रहा है जो डेटा उपयोग के साथ-साथ नियमित कॉलिंग और मैसेजिंग सेवाओं का भी व्यापक इस्तेमाल करते हैं। इस प्लान की सबसे बड़ी विशेषता इसके अतिरिक्त डिजिटल लाभ हैं। उपयोगकर्ताओं को लंबे समय के लिए उन्नत एआई सेवाओं का एक्सेस, बड़े स्तर की क्लाउड स्टोरेज सुविधा और डिजिटल डेटा सुरक्षा से जुड़े कई फायदे प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ मनोरंजन संबंधी सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे यह पैक एक संपूर्ण डिजिटल समाधान के रूप में उभरकर सामने आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों प्लान अलग-अलग प्रकार के ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं। यदि किसी उपयोगकर्ता के पास पहले से सक्रिय मोबाइल प्लान मौजूद है और वह केवल अतिरिक्त डेटा तथा मनोरंजन सुविधाएं चाहता है, तो ₹200 वाला विकल्प अधिक किफायती साबित हो सकता है। वहीं जिन ग्राहकों को डेटा, कॉलिंग, मैसेजिंग और प्रीमियम डिजिटल सुविधाओं का एकीकृत पैकेज चाहिए, उनके लिए ₹500 का प्लान बेहतर निवेश माना जा सकता है। कुल मिलाकर कंपनी ने दोनों योजनाओं के माध्यम से मनोरंजन और डिजिटल सेवाओं को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है, जिससे ग्राहकों को उनकी आवश्यकता और बजट के अनुसार विकल्प चुनने की स्वतंत्रता मिल सके।

144Hz रिफ्रेश रेट, Dolby Atmos साउंड और Mini-LED डिस्प्ले से लैस प्रीमियम स्मार्ट TV ने बाजार में मचाई हलचल

नई दिल्ली । घरेलू मनोरंजन और स्मार्ट डिस्प्ले तकनीक के क्षेत्र में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एक नई प्रीमियम स्मार्ट टीवी सीरीज भारतीय बाजार में पेश की गई है। यह नई रेंज उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो बड़ी स्क्रीन, बेहतरीन पिक्चर क्वालिटी, हाई-एंड गेमिंग और शानदार ऑडियो अनुभव की तलाश में हैं। कंपनी ने इस सीरीज को कई स्क्रीन आकारों में लॉन्च किया है, जिसमें 55 इंच से लेकर 100 इंच तक के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। शुरुआती कीमत को प्रतिस्पर्धी स्तर पर रखते हुए इसे प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प के रूप में पेश किया गया है। नई टीवी सीरीज की सबसे बड़ी विशेषता इसका Mini-LED डिस्प्ले है, जो पारंपरिक LED तकनीक की तुलना में अधिक बेहतर ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट और डिटेल प्रदान करता है। इसके साथ फुल एरे लोकल डिमिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे स्क्रीन पर दिखने वाले डार्क और ब्राइट हिस्सों के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। यह फीचर विशेष रूप से फिल्मों, वेब सीरीज और हाई-डेफिनिशन कंटेंट देखने के दौरान बेहतर विजुअल अनुभव प्रदान करता है। टीवी में हाई रिफ्रेश रेट सपोर्ट दिया गया है, जो तेज गति वाले कंटेंट और गेमिंग अनुभव को अधिक स्मूथ बनाता है। बड़े स्क्रीन मॉडल में विशेष गेमिंग मोड भी शामिल किया गया है, जिससे प्रतिस्पर्धी गेम खेलने वाले उपयोगकर्ताओं को बेहतर प्रतिक्रिया समय और कम लैग का लाभ मिलता है। इसके अलावा आधुनिक गेमिंग कंसोल और अन्य हाई-परफॉर्मेंस डिवाइस को ध्यान में रखते हुए एडवांस कनेक्टिविटी फीचर्स भी जोड़े गए हैं। पिक्चर क्वालिटी को और अधिक उन्नत बनाने के लिए टीवी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रोसेसिंग सिस्टम दिया गया है। यह तकनीक स्क्रीन पर चल रहे कंटेंट के अनुसार रंग, ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट और शार्पनेस को स्वतः समायोजित करती है। AI Colour, AI Contrast, AI HDR Upscaler और AI Clarity Upscaling जैसी सुविधाएं कम गुणवत्ता वाले कंटेंट को भी बेहतर दृश्य अनुभव में बदलने का प्रयास करती हैं। इससे उपयोगकर्ताओं को हर प्रकार के वीडियो कंटेंट में अधिक स्पष्टता और प्राकृतिक रंग देखने को मिलते हैं। HDR सपोर्ट के मामले में भी यह नई सीरीज कई आधुनिक फॉर्मेट के साथ आती है। इसके कारण दर्शकों को अधिक जीवंत रंग, बेहतर डायनेमिक रेंज और सिनेमाई अनुभव प्राप्त होता है। साथ ही फिल्म प्रेमियों के लिए विशेष मोड भी शामिल किया गया है, जो कंटेंट को निर्माता की मूल कल्पना के अनुरूप प्रदर्शित करने में मदद करता है। उन्नत कलर वैलिडेशन तकनीक का उपयोग रंगों की सटीकता को बढ़ाने के लिए किया गया है। ऑडियो अनुभव को भी इस सीरीज में विशेष महत्व दिया गया है। टीवी में शक्तिशाली बिल्ट-इन सबवूफर और आधुनिक सराउंड साउंड तकनीक का समावेश किया गया है, जिससे अतिरिक्त स्पीकर के बिना भी गहरा और प्रभावशाली साउंड अनुभव प्राप्त होता है। एक्शन फिल्में, खेल प्रतियोगिताएं और संगीत कार्यक्रम देखने के दौरान यह फीचर दर्शकों को अधिक इमर्सिव अनुभव प्रदान करता है। स्मार्ट फीचर्स की बात करें तो टीवी आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित है और हैंड्स-फ्री वॉयस कंट्रोल सपोर्ट के साथ आता है। उपयोगकर्ता केवल आवाज के माध्यम से कंटेंट सर्च करने, सेटिंग्स नियंत्रित करने और विभिन्न सुविधाओं का उपयोग करने में सक्षम होंगे। कुल मिलाकर यह नई स्मार्ट टीवी सीरीज उन ग्राहकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आई है जो अपने घर में बड़े स्क्रीन वाला आधुनिक और प्रीमियम मनोरंजन अनुभव चाहते हैं।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शाजापुर जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित

मध्यप्रदेश । शाजापुर जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने नियमित कार्यों का बहिष्कार करते हुए अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के कारण खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। मरीजों को इलाज और नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टीकाकरण, पंजीयन और दवाइयों पर असरकर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एएनसी पंजीयन, टीकाकरण, जन्म प्रमाण पत्र जारी करने और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा एनसीडी, टीबी, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित दवाइयां मिलने में भी कठिनाई हो रही है। सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों के निराकरण का काम भी बाधित बताया जा रहा है, जिससे आम लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनसंविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश जैसी कुल आठ प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ के अनुसार, पहले चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया था, जिसके बाद 2 जून से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई। आंदोलन और तेज करने की चेतावनीसंविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और लंबे समय से लंबित होने के कारण अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रशासन पर बढ़ा दबावहड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संघ के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हैं।