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इंदौर का 10वीं छात्र रुद्र उत्तराखंड से सुरक्षित बरामद, प्रेमानंद महाराज से मिलने निकला था

नई दिल्ली।  खजराना क्षेत्र के 10वीं के छात्र रुद्र पांडेय को पुलिस ने चार दिन बाद उत्तराखंड के गुप्तकाशी से सुरक्षित बरामद कर लिया। छात्र घर छोड़ने से पहले पत्र लिख गया था, जिसमें उसने बताया कि वह संत प्रेमानंद महाराज से मिलने और “अपने असली परिवार” के पास जाने के लिए निकल पड़ा है। पुलिस के अनुसार, रुद्र 12 मार्च को घर से निकला था। उसने अपने पत्र में भावुक शब्दों में लिखा था: “मैं रुद्र पांडेय आ रहा हूं महाराज जी, आपके चरणों में। मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। मम्मी-पापा मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। आपके साथ मेरा जीवन पूरा हो गया, अब मैं चलता हूं।” छात्र ने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर संतों के प्रवचन और रील्स देखता था और उन्हीं से प्रभावित होकर आध्यात्मिक खोज में घर छोड़कर निकला। रुद्र ने अपने परिवार को पत्र में यह भी लिखा कि उसके जाने का कारण आध्यात्मिक मार्ग की तलाश है और वे उसे ढूंढने की कोशिश न करें। रुद्र ने घर से निकलते समय लगभग ₹500 अपने साथ लिए थे। उसने पत्र में लिखा था कि पैसे उसके दोस्त के पास हैं और बाद में माता-पिता को लौटवा दिए जाएंगे। बेटे के अचानक गायब होने और पत्र मिलने से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत खजराना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तलाश के दौरान पुलिस को शक था कि रुद्र वृंदावन की ओर गया होगा। इसी बीच, किशोर ने अपने पिता को फोन किया और आधार कार्ड की जरूरत बताई, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन पता चली। इसके बाद इंदौर पुलिस ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग पुलिस की मदद से उसे गुप्तकाशी क्षेत्र से बरामद किया। बरामदगी के बाद रुद्र को उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किशोर पूरी तरह सुरक्षित है और अब उसे काउंसलिंग के माध्यम से समझाइश दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो किशोरों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। रुद्र के इस प्रकरण ने यह दिखाया कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की मानसिक स्थिति और डिजिटल आदतों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

सोमवार का राशिफल

युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – ग्रीष्मचैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी, सोमवार, 16 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल। मेष राशि :- कर्ज तथा रोगों से मुक्ति भी संभव है। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। जमीन जायदाद का लाभ भी हो सकता है। आवास, मकान तथा वाहन की सुविधाएं मिलेंगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंग। रुपए पैसों की सुविधा मिल जाएगी। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्घि व खर्चा बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6 वृष राशि :- बनते हुए कार्यों में बाधा आएगी। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कुछ आर्थिक ङ्क्षचताएं भी कम होगी। नियोजित धन से लाभ होने लगेगा। घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। शुभांक-3-4-5 मिथुन राशि :- बढ़ते घाटे से कुछ राहत मिलने लगेगी। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। ज्ञानार्जन का वातावरण बनेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-4-5 कर्क राशि :– खान-पान में सावधानी रखें। शत्रुभय, ङ्क्षचता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शैक्षणिक क्षेत्र में उदासीनता रहेगी। मित्रों की उपेक्षा करना ठीक नहीं रहेगा। कार्यक्षेत्र में तनाव पैदा होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-4-6-7 सिंह राशि :- महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगें। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8 कन्या राशि :- शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानी पूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई धार्मिक यात्रा करेगें। शुभांक-2-5-7 तुला राशि :– सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां आज पैदा होगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। सभा-सोसायटी में सम्मान मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। शुभांक-3-5-7 वृश्चिक राशि :- कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच आमोद-प्रमोद का दिन होगा। व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। शुभांक-2-4-6 धनु राशि :- स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। मनोरथ सिद्घि का योग है। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे हैं। शुभांक-4-6-8 मकर राशि :- सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंग। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। शुभांक-6-7-9 कुंभ राशि :- दिन-भर का माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी वातावरण में तनाव पैदा करेंगे। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। कुछ कार्यक्रम बदलने होंगे। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। शुभांक-3-5-7 मीन राशि :– अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंग। शुभांक-2-4-6

गावस्कर ने भड़के काव्या मारन पर, पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदने को कहा भारतीय शहादत का अपमान

नई दिल्ली : आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले ही सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीम विवादों में फंस गई है। सोशल मीडिया पर टीम को बॉयकॉट करने की मांग उठ रही है और पूर्व भारतीय क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, सनराइजर्स ग्रुप की टीम सनराइजर्स लीड्स ने इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड (The Hundred) 2026 के ऑक्शन में पाकिस्तानी स्पिनर अब्रार अहमद को £190,000 यानी लगभग 2.32 करोड़ रुपये में खरीदा। इस फैसले के बाद गावस्कर ने सोशल मीडिया और अपने कॉलम के जरिए स्पष्ट किया कि यह कदम भारतीय संवेदनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अनुचित है। गावस्कर ने कहा कि जब कोई भारतीय मालिक किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को पैसा देता है, तो उस राशि का एक हिस्सा टैक्स के रूप में वहां की सरकार को जाता है। यह पैसा अंततः हथियार खरीदने में इस्तेमाल हो सकता है, जिससे सीमा पर भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान को खतरा पैदा होता है। उन्होंने तर्क दिया कि क्या किसी टूर्नामेंट को जीतना भारतीय जिंदगियों की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी है, जिसे दुनिया के केवल कुछ देश खेलते हैं। पूर्व दिग्गज ने टीम के कोच डेनियल विटोरी पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन मालिकों सन टीवी नेटवर्क और काव्या मारन की समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2008 के मुंबई हमलों के बाद आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बैन लगा हुआ है। दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में भी सभी टीमों के भारतीय मालिक होने के बावजूद कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं चुना गया। द हंड्रेड में चार अन्य भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजियों ने इस शैडो बैन का पालन किया, लेकिन सनराइजर्स लीड्स इसका अपवाद बन गई। गावस्कर ने चेतावनी दी कि इस फैसले का असर आगामी आईपीएल सीजन में देखने को मिल सकता है। उनके अनुसार, सनराइजर्स हैदराबाद को अपने घरेलू और बाहरी मैचों के दौरान फैंस के भारी विरोध और प्रदर्शन का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मैनजमेंट को सुझाव दिया कि अभी भी समय है और वे इस गलती को सुधार सकते हैं, अन्यथा टीम को खिलाड़ियों और प्रबंधन दोनों के लिए मुश्किल हालात का सामना करना पड़ सकता है। इस विवाद ने टीम के लिए पहले ही से दबाव बढ़ा दिया है। फैंस, पूर्व खिलाड़ी और क्रिकेट विशेषज्ञ इस मामले पर लगातार अपनी राय दे रहे हैं। गावस्कर का गुस्सा केवल एक आलोचना नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि क्रिकेट में व्यापारिक निर्णय हमेशा भावनाओं, राष्ट्रीय हित और संवेदनाओं के संतुलन के साथ लेने चाहिए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सनराइजर्स हैदराबाद इस विवाद से कैसे निपटती है और क्या टीम आईपीएल 2026 में अपनी स्थिति को सुरक्षित रख पाएगी।

मोनालिसा की शादी को लेकर परिवार की CM से शिकायत, फिल्म निर्देशक बोले- सुनियोजित मामला

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के महेश्वर निवासी मोनालिसा भोंसले के विवाह प्रकरण ने राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज कर दी है। फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के परिवार से मुलाकात की और उनकी शादी को “सुनियोजित लव जिहाद” का हिस्सा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मिश्रा ने बताया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी उनके सामने रखेंगे। मोनालिसा के परिवार का कहना है कि वह अभी नाबालिग हैं। उनके चाचा विजय भोंसले के अनुसार मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी दिखाया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी कहा कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का भी इस्तेमाल करता था। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से देखेगा। मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम युवती को फंसाने का सुनियोजित तरीका है। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था, जिसका विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया। उन्होंने आगे सवाल उठाया कि यह विवाह वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, जबकि कोई अन्य राज्य क्यों नहीं चुना गया। मिश्रा ने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती, तो क्या इसे इसी तरह प्रचारित किया जाता। मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उनकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार ने कहा कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में अपमान का सामना करना पड़ रहा है। फिल्म निर्देशक मिश्रा का कहना है कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि मोनालिसा का फंसाया जाना किसी संकल्पित स्क्रिप्ट की तरह किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई।

भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन: भूमिगत कॉरिडोर निर्माण का बड़ा कदम

भोपाल मेट्रो परियोजना ने एक महत्वपूर्ण मोड़ हासिल किया है। शहर के पुराने और घनी आबादी वाले हिस्सों के नीचे बनने वाले भूमिगत कॉरिडोर के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) का पहला हिस्सा लगभग 15 मीटर की गहराई में उतार दिया गया है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, मशीन की तकनीकी स्थापना और परीक्षण के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में सुरंग की खुदाई शुरू हो सकती है। यह भूमिगत कॉरिडोर भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक लगभग 3.39 किलोमीटर लंबा होगा। इस हिस्से में मेट्रो ट्रेन के संचालन के लिए दो समानांतर सुरंगें बनाई जाएंगी। इंजीनियरों का कहना है कि यह चरण तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि सुरंग पुराने शहर के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों से गुजरने वाली है। TBM मशीन को दिसंबर 2025 में बेंगलुरु से भोपाल लाया गया था। मशीन कई हिस्सों में आती है जिन्हें क्रमिक रूप से जमीन के नीचे उतारकर असेंबल किया जाता है। पूरी तरह स्थापित होने के बाद यह मशीन लगभग 19 से 20 मीटर की गहराई पर सुरंग खोदने का काम शुरू करेगी। इसकी तकनीकी क्षमता प्रतिदिन लगभग 15 मीटर तक खुदाई करने की है। परियोजना के तहत पुल पातरा और सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में अंडरग्राउंड रैंप भी बनाए जाएंगे, जिससे मेट्रो ट्रेन सतह से भूमिगत स्टेशन तक आसानी से पहुंच सके। यह कार्य मेट्रो परियोजना के पैकेज BH-04 के अंतर्गत किया जा रहा है। भोपाल के पुराने शहर में कई इमारतें दशकों पुरानी हैं और कुछ संरचनाएं अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती हैं। निर्माण कार्य के दौरान विशेष सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक भूमिगत तकनीक की मदद से ऊपर की इमारतों और सड़कों पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा और यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा। तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए मेट्रो परियोजना को शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिगत कॉरिडोर तैयार होने के बाद पुराने भोपाल और नए शहर के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होने और यात्रियों को समय की बचत होने की उम्मीद है। मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि आगामी महीनों में सुरंग निर्माण की प्रगति के साथ अन्य चरणों पर भी तेजी से काम किया जाएगा। यदि कार्य तय समय के अनुसार चलता रहा तो आने वाले वर्षों में भोपाल को आधुनिक और बेहतर शहरी परिवहन प्रणाली मिल सकेगी। भोपाल मेट्रो की यह प्रगति शहरवासियों के लिए बेहतर और सुविधाजनक आवागमन का संकेत है। भूमिगत तकनीक और सुरक्षित निर्माण पद्धति के संयोजन से यह परियोजना शहरी परिवहन में नए मानक स्थापित करेगी।

युद्ध से शांति की ओर, सलमान खान की नई फिल्म का नया टाइटल और पोस्टर चर्चा में

नई दिल्ली : बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नाम बदलकर अब ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया है। यह बदलाव सलमान खान फिल्म्स की ओर से आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया और इसके साथ ही नया पोस्टर और टैगलाइन May War Rest in Peace भी जारी किया गया। इस बदलाव ने रिलीज से पहले ही दर्शकों और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा कर दी है। फिल्म की कहानी भारत-चीन सीमा पर हुए ऐतिहासिक गलवान घाटी संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही है। यह घटना भारतीय सैनिकों की बहादुरी और साहस की मिसाल के रूप में जानी जाती है। हालांकि मेकर्स ने स्पष्ट किया है कि फिल्म किसी एक घटना का प्रत्यक्ष चित्रण नहीं होगी, बल्कि इसमें देशभक्ति, बलिदान और मानवता जैसे बड़े सामाजिक और भावनात्मक विषयों को प्रमुखता दी जाएगी। सलमान खान के इस प्रोजेक्ट को उनके सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। फिल्म का नया नाम युद्ध की बजाय शांति का संदेश देता है। इसका उद्देश्य दर्शकों को कहानी के भावनात्मक और नैतिक पहलुओं से जोड़ना है। नया पोस्टर भी इसी संदेश को उजागर करता है, जिसमें युद्ध के माहौल के बावजूद शांति और मानवीय मूल्य प्रमुख दिखाई दे रहे हैं। मेकर्स ने यह भी कहा है कि फिल्म केवल एक एक्शन या वॉर ड्रामा नहीं होगी। इसे दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव पैदा करने वाली कहानी के रूप में तैयार किया जा रहा है। देशभक्ति और वीरता पर आधारित फिल्मों को हमेशा दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और यही कारण है कि इस फिल्म से बड़ी उम्मीदें हैं। सोशल मीडिया पर नए नाम और टैगलाइन के साथ फिल्म की चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स ने “May War Rest in Peace” को सकारात्मक और शक्तिशाली संदेश वाला बताया है। फिल्म इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि टाइटल में यह बदलाव फिल्म को अलग पहचान देगा। पहले फिल्म केवल युद्ध और संघर्ष की कहानी प्रतीत हो रही थी, जबकि अब इसका नया नाम व्यापक सामाजिक और नैतिक संदेश भी प्रस्तुत करता है। फिल्म की रिलीज की तारीख अभी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन मेकर्स का दावा है कि यह अगले साल बड़े पर्दे पर आएगी। फिल्म भारत-चीन सीमा संघर्ष और भारतीय सैनिकों की वीरता को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। सलमान खान का यह प्रोजेक्ट दर्शकों को देशभक्ति, साहस और मानवता के भावनात्मक संदेश के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित होने वाला है। फिल्म के नए पोस्टर और टैगलाइन ने इसे सिर्फ एक मनोरंजक फिल्म से बढ़कर एक संदेशवाहक फिल्म बना दिया है, जिससे दर्शकों में उत्सुकता और उम्मीद दोनों बढ़ गई हैं। इस बदलाव के साथ, सलमान खान की फिल्म अब सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि शांति और मातृभूमि के प्रति सम्मान की कहानी के रूप में पेश की जाएगी।

न्यूजीलैंड को झटका, बेवन जैकब्स साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 से बाहर

नई दिल्ली: न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के दौरान बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख बल्लेबाज बेवन जैकब्स घुटने की चोट के कारण मंगलवार को होने वाले दूसरे टी20 मैच से बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि जैकब्स ने रविवार रात पहले मैच के दौरान फील्डिंग करते समय अपने बाएं घुटने पर जोरदार चोट ली थी और उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। घटना के तुरंत बाद किए गए स्कैन में पता चला कि जैकब्स के घुटने की किनारे की हड्डी में चोट लगी है, जिसे बोन ब्रूज़िंग कहा जाता है। टीम ने यह भी बताया कि जैकब्स के दोबारा खेलने की समय सीमा तय करने के लिए अभी और मेडिकल जांच की आवश्यकता है। उनके बाहर होने से न्यूजीलैंड की टीम को अब रणनीति में बदलाव करना पड़ा। बेवन जैकब्स की अनुपस्थिति में टीम ने कैटेन क्लार्क को टीम में शामिल किया है। क्लार्क को मूल रूप से चौथे और पांचवें टी20 मुकाबलों के लिए टीम में रखा गया था, लेकिन अब वे पहले और दूसरे मैच के लिए भी उपलब्ध होंगे। इससे टीम की बल्लेबाजी और संतुलन पर काफी असर पड़ सकता है। इससे पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट ने बताया था कि लेग-स्पिनर ईश सोढ़ी ट्रेनिंग के दौरान अंगूठा टूटने के कारण पूरी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। सोढ़ी को बे ओवल में गेंदबाजी करते समय चोट लगी थी और स्कैन में उनके अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इस चोट के कारण उन्हें कम से कम चार हफ्तों तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ेगा। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने साफ कहा कि सोढ़ी की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को टीम में नहीं बुलाया जाएगा। टी20 सीरीज का पहला मैच न्यूज़ीलैंड ने बे ओवल में साउथ अफ्रीका के हाथों 7 विकेट से गंवा दिया था। दूसरे मैच के लिए टीम सोमवार को हैमिल्टन पहुंच गई है और मंगलवार को सेडन पार्क में यह मुकाबला खेला जाएगा। दोनों देशों के बीच पांच मैचों की सीरीज के शेष मुकाबले क्रमशः 17 मार्च को हैमिल्टन, 20 मार्च को ईडन पार्क, 22 मार्च को वेलिंगटन और 25 मार्च को क्राइस्टचर्च में खेले जाएंगे। इन मैचों में टीम की रणनीति और खिलाड़ियों का प्रदर्शन दोनों ही अहम भूमिका निभाएंगे। न्यूज़ीलैंड को अब क्लार्क की भूमिका और टीम के अन्य खिलाड़ियों की जिम्मेदारी पर भरोसा करना होगा। जैकब्स की चोट और सोढ़ी की अनुपस्थिति के बावजूद ब्लैककैप्स टीम पूरी ताकत के साथ शेष मैचों में उतरने की तैयारी कर रही है। यह सीरीज अब अधिक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होने वाली है।

तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी और स्टार बल्लेबाज हर्षिता समरविक्रमा समेत तीन खिलाड़ी आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए चुने गए

नई दिल्ली : फरवरी माह के लिए आईसीसी ने महिला क्रिकेट जगत के तीन शीर्ष खिलाड़ियों को ‘विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ’ के लिए नामित किया। भारतीय तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी, पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना और श्रीलंकाई बल्लेबाज हर्षिता समरविक्रमा को इस सम्मान के लिए चुना गया। इन तीनों ने अपने-अपने देशों के लिए शानदार प्रदर्शन कर क्रिकेट प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय टीम की दाएं हाथ की तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारत की गेंदबाजी की कमान संभाली। उन्होंने इस सीरीज में कुल आठ विकेट लिए और 10.87 की औसत से सर्वाधिक विकेट लेने वाली खिलाड़ी के रूप में उभरीं। पहले मैच में उन्होंने 22 रन देकर चार विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे मैच में 30 रन देकर दो विकेट और तीसरे मैच में 35 रन देकर दो विकेट झटके। उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने में निर्णायक रही और अंततः भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की। वहीं श्रीलंका की टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज हर्षिता समरविक्रमा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 57 की औसत से कुल 171 रन बनाए और सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई। हर्षिता ने तीनों मैचों में 66, 35 और 70 रन बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी चुना गया। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को सीरीज जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी क्रीज़ पर धैर्य और तकनीक ने दर्शकों और आलोचकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया। पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने भी फरवरी माह में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 39 की औसत से 117 रन बनाए। सीरीज के दूसरे मैच में 52 रन और दो विकेट हासिल किए जबकि तीसरे मैच में 60 रन और दो विकेट लिए। टी20 सीरीज में फातिमा सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी रही। उन्होंने कुल 146 रन बनाए जिसमें पहले मैच में 90 रन, दूसरे मैच में नौ रन और तीसरे मैच में नाबाद 47 रन शामिल थे। अंतिम मैच में उन्होंने साथ ही दो विकेट भी झटके। उनके प्रदर्शन ने पाकिस्तान की टीम को हर चुनौतीपूर्ण मुकाबले में मजबूत बनाए रखा। आईसीसी की इस घोषणा ने यह साबित कर दिया कि महिला क्रिकेट में लगातार उभरते हुए खिलाड़ियों की प्रतिभा और खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पूरी दुनिया मान्यता दे रही है। अरुंधति रेड्डी की तेज गेंदबाजी, हर्षिता समरविक्रमा की तकनीकी और निडर बल्लेबाजी, और फातिमा सना की ऑल-राउंड क्षमता ने फरवरी माह को महिला क्रिकेट के लिए यादगार बना दिया। इन नामित खिलाड़ियों का चयन न केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर हुआ बल्कि उन्होंने अपनी टीमों को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, रणनीतिक खेल और मानसिक दृढ़ता उन्हें भविष्य में और बड़े पुरस्कार और सम्मान दिलाने में मदद करेगी।

तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ीं, कांग्रेस ने राजद का गणित बिगाड़ा

नई दिल्ली।  बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन के लिए बड़ा झटका आया है। RJD के उम्मीदवार एडी सिंह के लिए वोट देने के लिए कांग्रेस के तीन और RJD के एक विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए। यह स्थिति RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के लिए चिंता का विषय बन गई है। तेजस्वी ने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और मायावती की BSP से समर्थन जुटाकर छह अतिरिक्त वोट जोड़ने की कोशिश की थी। लेकिन महागठबंधन के अपने चार विधायकों के अनुपस्थित रहने से यह रणनीति कमजोर पड़ गई। कांग्रेस के वाल्मीकि नगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, फारबिसगंज के मनोज विश्वास, मनिहारी के मनोहर प्रसाद सिंह और RJD के ढाका के फैसल रहमान वोटिंग में शामिल नहीं हुए। कुल 243 में से 239 विधायकों ने वोट डाला। महागठबंधन की योजना थी कि ओवैसी और मायावती के समर्थन से संख्या 35 से बढ़ाकर 41 हो जाएगी। लेकिन चार विधायकों की अनुपस्थिति से यह घटकर 37 रह गई। इससे एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम की जीत की संभावना मजबूत हो गई है। तेजस्वी यादव ने विधानसभा में मौजूद रहकर भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं दी। उन्होंने कहा कि मतदान शाम 4 बजे तक है और परिणाम आने के बाद ही वह इस पर कुछ कहेंगे। विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना महागठबंधन के भीतर तालमेल की कमी और कांग्रेस के अंदर मतभेदों को उजागर करती है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी महागठबंधन के सीट बंटवारे में देरी और किचकिच को पराजय के कारणों में गिना गया था, और यही माहौल अब राज्यसभा चुनाव में भी देखने को मिला। एनडीए के अन्य चार उम्मीदवार हैं: नीतीश कुमार (JDU अध्यक्ष और CM), नितिन नवीन (BJP अध्यक्ष), रामनाथ ठाकुर (JDU केंद्रीय मंत्री) और उपेंद्र कुशवाहा (RLM अध्यक्ष)। चार विधायकों के वोट न डालने से एनडीए की स्थिति मजबूत हुई है और उनके सभी उम्मीदवार दिल्ली पहुंच सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह घटना महागठबंधन के लिए गंभीर चेतावनी है। कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक कमजोरी और मतभेद गठबंधन की सफलता पर असर डाल सकते हैं। तेजस्वी यादव और RJD को अब संगठन मजबूत करने, सहयोग सुनिश्चित करने और वोटिंग रणनीति पर नजर रखने की जरूरत है।

जंग के बीच भारत पहुंचा पहला LPG जहाज: शिवालिक में 32.4 लाख सिलेंडर के बराबर गैस, नंदा देवी और जग लाडकी कल मुंद्रा पोर्ट पर

नई दिल्ली। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत को राहत देने वाला पहला LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सोमवार शाम पहुंच गया। यह मात्रा लगभग 32.4 लाख घरेलू सिलेंडरों के बराबर है। जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि कल नंदा देवी नामक जहाज भी लगभग 46 हजार टन LPG लेकर और जग लाडकी जहाज 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचेंगे। भारत सरकार ने फारस की खाड़ी में सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि की। वर्तमान में 22 भारतीय झंडा वाले जहाज वहां सक्रिय हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुंद्रा पोर्ट पर शिवालिक जहाज के लिए सभी दस्तावेजी और बर्थिंग व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान से जमीन मार्ग के जरिए 90 भारतीय नागरिक सुरक्षित अजरबैजान पहुंचे हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों को वीजा और इमिग्रेशन सहायता प्रदान की। वहीं, मिडिल-ईस्ट में सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन, जर्मनी और ग्रीस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान में भाग नहीं लेंगे। इजराइल ने ईरान के तेहरान में एयरस्ट्राइक कर एक विमान नष्ट करने का दावा किया है, जिसका इस्तेमाल ईरानी नेतृत्व और सीनियर अधिकारियों द्वारा किया जाता था। यह भारत के लिए जंग के बीच ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में पहला बड़ा कदम है, जिससे घरेलू LPG और कच्चा तेल की निरंतर आपूर्ति बनी रहेगी।