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राजेंद्र कुमार की आंखों में आ गए थे आंसू, जब बेटी की विदाई में गूंजा नील कमल फिल्म का यह सदाबहार गाना

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में साठ का दशक संगीत और अभिनय के लिहाज से स्वर्णिम युग माना जाता है। इस दौर में जहां एक तरफ राजेश खन्ना और राजेंद्र कुमार जैसे दिग्गज अभिनेताओं ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए, वहीं दूसरी ओर संगीत की दुनिया में भी कई ऐसे अमर गीतों का निर्माण हुआ जो आज भी लोगों के दिलों को छू जाते हैं। ऐसा ही एक बेहद भावुक और यादगार किस्सा साठ के दशक के आखिरी सालों से जुड़ा हुआ है, जब फिल्म ‘नील कमल’ का एक प्रसिद्ध गाना अभी रिलीज भी नहीं हुआ था और उसने एक शादी समारोह में मौजूद सभी लोगों की आंखों को नम कर दिया था। इस गाने के बोल इतने मार्मिक थे कि हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता राजेंद्र कुमार खुद को रोने से रोक नहीं पाए थे और उन्होंने बेहद भावुक होकर संगीतकार से इस फिल्म और गाने के बारे में पूछताछ की थी। यह पूरा घटनाक्रम फिल्म नील कमल के निर्माण के समय का है, जिसमें बलराज साहनी, राजकुमार और मनोज कुमार जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले थे। फिल्म के लिए एक विशेष विदाई गीत की आवश्यकता थी, जिसे संगीतकार रवि तैयार कर रहे थे। रवि ने इस खास गीत के लिए मशहूर गीतकार साहिर लुधियानवी से संपर्क किया, जिन्होंने अपनी कलम से बेहद दर्द भरे और दिल को छू लेने वाले बोल लिखे। इसके बाद इस गाने को अमर बनाने की जिम्मेदारी महान गायक मोहम्मद रफी को सौंपी गई, जिन्होंने ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ नामक इस विदाई गीत को अपनी जादुई आवाज से सजाया। गाना पूरी तरह से रिकॉर्ड हो चुका था, लेकिन फिल्म की रिलीज में अभी काफी समय बाकी था, जिसके कारण आम जनता और फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग इस शानदार रचना से पूरी तरह अनजान थे। इसी दौरान फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर गीतकार राजेंद्र कृष्णन की बेटी की शादी का आयोजन हुआ, जिसमें बॉलीवुड के तमाम दिग्गज कलाकारों और संगीतकारों को आमंत्रित किया गया था। इस भव्य शादी समारोह में अभिनेता राजेंद्र कुमार भी शामिल हुए थे। शादी की रस्मों के बीच राजेंद्र कृष्णन ने संगीतकार रवि से अनुरोध किया कि वे अपनी सुरीली आवाज में महफिल में कोई गाना गाएं। रवि ने इस अनुरोध को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन उन्होंने एक अनूठी शर्त रखी कि वे यह गाना केवल बेटी की विदाई के समय ही गाएंगे। जैसे ही विदाई की रस्म शुरू हुई और माहौल में उदासी छाने लगी, रवि ने हाथ में माइक संभाला और पूरी शिद्दत व गहरे भावों के साथ अपनी ही धुन पर तैयार किया हुआ अनरिलीज्ड गाना ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ गाना शुरू कर दिया। रवि की मखमली और भावुक आवाज में इस गाने के बोल जैसे ही गूंजे, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। बेटी की विदाई का वह दृश्य इस गाने के प्रभाव से इतना गमगीन हो गया कि शादी में मौजूद राजेंद्र कुमार अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके और फूट-फूट कर रोने लगे। गाना खत्म होने के बाद राजेंद्र कुमार तुरंत संगीतकार रवि के पास पहुंचे और अत्यंत भावुक होकर उनसे पूछा कि आखिर यह दिल को झकझोर देने वाला गाना किस फिल्म का है। चूंकि उस समय तक फिल्म नील कमल सिनेमाघरों में नहीं आई थी, इसलिए रवि ने उन्हें विस्तार से बताया कि यह उनकी आगामी फिल्म का एक विशेष विदाई गीत है, जिसे मोहम्मद रफी ने गाया है। इस कालजयी गाने से जुड़ा एक और बेहद दिलचस्प और भावनात्मक पहलू गायक मोहम्मद रफी से भी जुड़ा हुआ है। जब रफी साहब स्टूडियो में इस गाने की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब वे खुद भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए थे। दरअसल, उन दिनों रफी साहब ने अपनी खुद की बेटी की सगाई की थी, और रिकॉर्डिंग के समय उनके जेहन में अपनी बेटी की विदाई का ख्याल आ गया था। इस वजह से गाते-गाते उनकी आवाज भारी हो गई और वे रो पड़े। संगीतकार रवि ने मोहम्मद रफी की उस भारी और दर्द भरी आवाज को तकनीकी रूप से सुधारने के बजाय वैसे ही रहने दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि एक पिता का यह वास्तविक दर्द गाने की आत्मा को और अधिक गहरा और जीवंत बना देगा, जो आज भी इस गाने में साफ महसूस होता है। इस प्रकार, यह गाना न केवल फिल्म नील कमल की पहचान बना, बल्कि भारतीय शादियों में बेटी की विदाई का एक अनिवार्य हिस्सा भी बन गया। इतने दशक बीत जाने के बाद भी जब यह गाना कहीं बजता है, तो आज भी लोगों की आंखें नम हो जाती हैं। यह गीत इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब सच्चे भाव, बेहतरीन लेखन और बेहतरीन संगीत का मिलन होता है, तो ऐसी अमर कलाकृतियों का जन्म होता है जो पीढ़ियों तक इंसानी भावनाओं को झकझोरती रहती हैं।

IPL 2026: चोपड़ा की नजर में सबसे खास खिलाड़ी, ओपनर और गेंदबाज दोनों तय

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन रोमांच, रिकॉर्ड और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से बेहद यादगार रहा। इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने इस सीजन के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों की अपनी पसंद साझा की है, जिसमें युवा बल्लेबाजों से लेकर अनुभवी गेंदबाजों तक को जगह मिली है। आकाश चोपड़ा ने सबसे पहले इस सीजन की सर्वश्रेष्ठ पारी के रूप में KL Rahul की धमाकेदार 152 रनों की नाबाद पारी को चुना। यह पारी Delhi Capitals की ओर से खेलते हुए आई थी, जिसमें राहुल ने 67 गेंदों पर 16 चौके और 9 छक्के लगाए थे। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर दिल्ली ने 20 ओवर में 264 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जो सीजन के सबसे बड़े स्कोरों में से एक रहा। सर्वश्रेष्ठ ओपनर के तौर पर आकाश चोपड़ा ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को चुना, जिन्होंने Rajasthan Royals के लिए शानदार प्रदर्शन किया। वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237 रहा। इस सीजन उन्होंने 72 छक्के लगाकर कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए और सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता बनने का गौरव हासिल किया। मिडिल ऑर्डर में आकाश चोपड़ा ने Heinrich Klaasen को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना। Sunrisers Hyderabad की ओर से खेलते हुए क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाए और पूरे सीजन में 160 के स्ट्राइक रेट से आक्रामक बल्लेबाजी की। वह इस सीजन टॉप रन स्कोरर्स में भी शामिल रहे। फिनिशर की भूमिका में आकाश चोपड़ा ने Donovan Ferreira को सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी माना, जिन्होंने दबाव की परिस्थितियों में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। गेंदबाजी में सबसे बड़ा नाम Bhuvneshwar Kumar का रहा, जिन्हें आकाश चोपड़ा ने आईपीएल 2026 का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज चुना। Royal Challengers Bengaluru के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर ने 16 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और 17.89 की शानदार इकॉनमी से रन रोके। वह इस सीजन दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे। आईपीएल 2026 में आकाश चोपड़ा की यह टीम चयन इस बात को दिखाता है कि इस सीजन युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे जहां भविष्य की झलक देते हैं, वहीं भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज आज भी अपनी उपयोगिता साबित करते हैं।

फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले 5 दिग्गज खिलाड़ी

नई दिल्ली । फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच FIFA World Cup हमेशा से दिग्गज खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच रहा है। इस टूर्नामेंट में कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने गोलों से इतिहास रच दिया। जैसे-जैसे FIFA World Cup 2026 करीब आ रहा है, वैसे-वैसे पुराने रिकॉर्ड और दिग्गज खिलाड़ियों की चर्चा भी तेज हो गई है। इस सूची में सबसे ऊपर नाम आता है जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर Miroslav Klose का। क्लोस ने चार विश्व कप (2002, 2006, 2010 और 2014) में खेलते हुए कुल 16 गोल किए और वह अब तक टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत बड़े मुकाबलों में लगातार गोल करने की क्षमता रही। दूसरे स्थान पर ब्राजील के महान स्ट्राइकर Ronaldo Nazário हैं, जिन्हें ‘द फेनोमेनन’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 1994 से 2006 के बीच खेले गए विश्व कप में कुल 15 गोल किए। खास तौर पर 2002 के विश्व कप में उनके 8 गोल ने ब्राजील को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। तीसरे स्थान पर फ्रांस के दिग्गज स्ट्राइकर Just Fontaine हैं, जिन्होंने 1958 के विश्व कप में इतिहास रच दिया था। उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में 13 गोल दागकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो आज तक कायम है। एक ही टूर्नामेंट में इतने गोल करना फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है। चौथे स्थान पर अर्जेंटीना के कप्तान और विश्व कप विजेता Lionel Messi हैं। 2006 से 2022 के बीच उन्होंने विश्व कप में 13 गोल किए। 2022 का कतर विश्व कप उनके करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट रहा, जहां उन्होंने 7 गोल करते हुए अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया। पांचवें स्थान पर फ्रांस के सुपरस्टार Kylian Mbappé हैं। उन्होंने अब तक खेले गए विश्व कप मुकाबलों में 12 गोल किए हैं। 2022 के फाइनल में उनकी हैट्रिक ने उन्हें पूरी दुनिया में सुर्खियों में ला दिया था और वह गोल्डन बूट भी जीतने में सफल रहे थे। फीफा वर्ल्ड कप में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि यह टूर्नामेंट केवल टीम की नहीं बल्कि व्यक्तिगत प्रतिभा को भी इतिहास में अमर कर देता है। आने वाले विश्व कप में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नया खिलाड़ी इन रिकॉर्ड्स को चुनौती दे पाता है या नहीं।

4 विकेट और 102 का औसत, IPL 2026 में नहीं चला बुमराह का जादू

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा, लेकिन Jasprit Bumrah के लिए यह टूर्नामेंट किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। अपनी सटीक यॉर्कर, घातक डेथ बॉलिंग और मैच जिताने वाली क्षमता के लिए मशहूर बुमराह पूरे सीजन संघर्ष करते नजर आए। नतीजा यह रहा कि 13 मुकाबलों में वह सिर्फ 4 विकेट ही अपने नाम कर सके, जो उनके कद और अनुभव के हिसाब से बेहद निराशाजनक आंकड़ा है। टी20 क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार बुमराह से इस सीजन भी बड़ी उम्मीदें थीं। खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि वह आईपीएल में भी अपनी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनकी लय नजर नहीं आई। बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और विकेट निकालने में माहिर बुमराह कई मैचों में पूरी तरह बेअसर दिखाई दिए। आंकड़े उनकी मुश्किलों की कहानी खुद बयां करते हैं। पूरे सीजन में उनका गेंदबाजी औसत 102.50 रहा, जो 30 से अधिक ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में सबसे खराब रिकॉर्ड माना जा रहा है। इतना ही नहीं, 13 में से 9 मुकाबलों में वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। पूरे सीजन में कोई भी ऐसा मैच नहीं रहा, जिसमें उन्होंने एक से अधिक विकेट लिए हों। अगर बुमराह के आईपीएल करियर पर नजर डालें तो यह उनका सबसे खराब सीजन माना जा रहा है। हालांकि 2013 और 2015 में भी उन्होंने सिर्फ 3-3 विकेट लिए थे, लेकिन उन वर्षों में उन्होंने बेहद कम मैच खेले थे। इसके विपरीत आईपीएल 2026 में उन्हें लगातार मौके मिले, फिर भी वह अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे। बुमराह की खराब फॉर्म का असर सीधे तौर पर Mumbai Indians के प्रदर्शन पर भी पड़ा। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी लंबे समय से बुमराह के इर्द-गिर्द घूमती रही है। जब टीम का सबसे भरोसेमंद गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहा तो अन्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। विपक्षी बल्लेबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया और मुंबई की गेंदबाजी को लगातार निशाना बनाया। मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन कुल मिलाकर बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज कर सकी, जबकि 10 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। अंक तालिका में नौवें स्थान पर रहकर पांच बार की चैंपियन टीम ने अपना अभियान समाप्त किया। टीम की असफलता के पीछे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों की कमजोरियां जिम्मेदार रहीं, लेकिन बुमराह की फीकी फॉर्म सबसे बड़ा झटका साबित हुई। अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर टिकी हैं। फैंस को उम्मीद होगी कि आईपीएल 2026 का यह खराब दौर यहीं समाप्त हो और बुमराह एक बार फिर टीम इंडिया के लिए अपनी पुरानी धार और लय हासिल करें।

करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में जहां कई खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं, वहीं कुछ बड़े नाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीमों के लिए निराशा का कारण बना। आईपीएल 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कुछ अनुभवी सितारों ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को सफलता दिलाई। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जिन पर फ्रेंचाइजियों ने भारी-भरकम रकम खर्च की, मगर वे पूरे सीजन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। इन खिलाड़ियों की खराब फॉर्म का असर उनकी टीमों के अभियान पर भी साफ दिखाई दिया। सबसे ज्यादा निराश करने वाले खिलाड़ियों में नाम आता है Cameron Green का। Kolkata Knight Riders ने उन्हें 25.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। ग्रीन से बल्ले और गेंद दोनों से योगदान की उम्मीद थी, लेकिन वह 14 मैचों में केवल 322 रन ही बना सके। उनके बल्ले से सिर्फ दो अर्धशतक निकले और गेंदबाजी में भी वह कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद यह प्रदर्शन केकेआर के लिए निराशाजनक रहा। दूसरे बड़े नाम हैं Rishabh Pant। 27 करोड़ रुपये की कीमत के साथ आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल पंत का सीजन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। Lucknow Super Giants के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में केवल 312 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी टीम को भारी पड़ी। Suryakumar Yadav भी इस सीजन संघर्ष करते नजर आए। Mumbai Indians ने उन्हें 16.35 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन वह 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। दो अर्धशतकों के अलावा उनका प्रदर्शन फीका रहा और मध्यक्रम में उनकी नाकामी का असर टीम के नतीजों पर पड़ा। वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज Nicholas Pooran से भी काफी उम्मीदें थीं। Lucknow Super Giants ने उन्हें 21 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन पूरन 14 मैचों में केवल 234 रन बना सके। पूरे सीजन में उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली छाप छोड़ने में नाकाम रहे। सूची में पांचवां नाम Hardik Pandya का है। Mumbai Indians के कप्तान के रूप में हार्दिक का प्रदर्शन बल्ले और गेंद दोनों से साधारण रहा। 10 मैचों में उन्होंने केवल 206 रन बनाए और एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। गेंदबाजी में भी उनके खाते में सिर्फ चार विकेट आए। कप्तान और ऑलराउंडर दोनों भूमिकाओं में उनका योगदान अपेक्षाओं से काफी कम रहा। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की कीमत और प्रदर्शन की तुलना हमेशा चर्चा का विषय रहती है। आईपीएल 2026 में इन खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उनकी फ्रेंचाइजियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। यही वजह रही कि करोड़ों रुपये की निवेश के बावजूद ये सितारे सीजन के सबसे बड़े निराशाजनक खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं।

वन विभाग और ग्रामीण मिलकर चलाएंगे अभियान, गांधी सागर भेजी जाएंगी नीलगाय

मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में किसानों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी नीलगायों की समस्या के समाधान की दिशा में वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिले में पहली बार आधुनिक ‘बोमा’ तकनीक का उपयोग करते हुए करीब 100 नीलगायों को सुरक्षित रूप से पकड़ने और उनका पुनर्वास करने की तैयारी की जा रही है। इस अभियान के तहत पकड़ी गई नीलगायों को गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा जाएगा, जहां उन्हें प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित जीवन मिल सकेगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नीलगायों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इस दौरान 13 से 14 संभावित स्थानों का सर्वेक्षण किया गया। नीलगायों के झुंड के आकार, उनके आने-जाने के रास्तों और गतिविधियों का अध्ययन करने के बाद अभियान के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया गया है। इस विशेष अभियान के लिए करीब डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल घेराबंदी तैयार की जा रही है। बोमा तकनीक के तहत यह घेराबंदी फनल यानी कीप के आकार में बनाई जाती है, जिससे जानवरों को धीरे-धीरे एक सुरक्षित स्थान की ओर ले जाया जा सके। इसके निर्माण में मजबूत बाड़ और तिरपाल का उपयोग किया जा रहा है ताकि नीलगायों को बिना किसी चोट या तनाव के नियंत्रित किया जा सके। वन विभाग की रणनीति के अनुसार बाड़ा तैयार होने के बाद शुरुआती दो से तीन दिनों तक वहां कोई विशेष गतिविधि नहीं की जाएगी। इस दौरान नीलगायों के लिए चारा और पानी की व्यवस्था की जाएगी ताकि वे स्वाभाविक रूप से उस स्थान पर आने लगें और नए वातावरण के अभ्यस्त हो सकें। इससे अभियान के दौरान उन्हें पकड़ना अपेक्षाकृत आसान और सुरक्षित रहेगा। इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि इसमें हेलीकॉप्टर, ट्रैंक्विलाइजर गन या अन्य महंगे संसाधनों का उपयोग नहीं किया जाएगा। वन विभाग पारंपरिक हांका पद्धति और आधुनिक निगरानी तकनीक का संयोजन अपनाएगा। ड्रोन के जरिए नीलगायों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, जबकि ग्रामीणों और वनकर्मियों की मदद से उन्हें धीरे-धीरे बोमा संरचना की ओर ले जाया जाएगा। ऑपरेशन में लगभग 60 लोगों की टीम शामिल होगी। इसमें चार गांवों के ग्रामीण, वन विभाग के कर्मचारी और वन्यजीव विशेषज्ञ एक साथ काम करेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए राजगढ़ से तीन विशेषज्ञों की टीम उज्जैन पहुंच चुकी है। इसके अलावा शाजापुर वन विभाग की टीम भी अभियान के दौरान सहयोग करेगी। वन विभाग का मानना है कि इस पहल से एक ओर किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर नीलगायों का सुरक्षित और मानवीय तरीके से पुनर्वास भी सुनिश्चित होगा। यदि यह अभियान सफल रहता है, तो भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सकता है।

विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई यादगार प्रदर्शनों का गवाह बना। लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली Royal Challengers Bengaluru की सफलता के बीच कई विदेशी खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से टूर्नामेंट पर गहरी छाप छोड़ी। बल्ले और गेंद दोनों से विदेशी सितारों का जलवा देखने को मिला, जिन्होंने अपनी-अपनी टीमों के अभियान में अहम भूमिका निभाई। सबसे पहले बात करते हैं Heinrich Klaasen की, जिन्होंने Sunrisers Hyderabad के लिए शानदार बल्लेबाजी की। विकेटकीपर-बल्लेबाज क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाकर खुद को सीजन के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया। करीब 160 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने छह अर्धशतक लगाए और कई मौकों पर टीम की लड़खड़ाती पारी को संभाला। गेंदबाजी विभाग में Jofra Archer ने अपनी रफ्तार और सटीकता से खूब प्रभावित किया। Rajasthan Royals के तेज गेंदबाज ने 16 मुकाबलों में 25 विकेट हासिल किए और टीम को दूसरे क्वालीफायर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्चर पूरे सीजन बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बने रहे। आईपीएल 2026 के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी रहे Kagiso Rabada। Gujarat Titans के स्टार तेज गेंदबाज ने 17 मैचों में 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। रबाडा की घातक गेंदबाजी के दम पर गुजरात टाइटंस फाइनल तक पहुंचने में सफल रही। नई गेंद से लेकर डेथ ओवरों तक उन्होंने लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा। इस सीजन की सबसे बड़ी खोजों में से एक रहे Cooper Connolly। Punjab Kings के लिए अपने पहले आईपीएल सीजन में खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 491 रन बनाए। 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए कोनोली ने एक शतक और दो अर्धशतक जड़े। भले ही पंजाब प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी, लेकिन युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। वहीं Mitchell Marsh ने Lucknow Super Giants के लिए अकेले दम पर कई मुकाबलों में संघर्ष किया। टीम के अन्य बल्लेबाजों के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद मार्श ने 13 मैचों में 563 रन बनाए। उन्होंने पूरे सीजन में एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए तथा 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा। आईपीएल 2026 में विदेशी खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित किया कि वे लीग की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। क्लासेन, मार्श और कोनोली ने बल्ले से रंग जमाया, जबकि रबाडा और आर्चर ने गेंद से विपक्षी टीमों की मुश्किलें बढ़ाईं। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे सीजन चर्चा का विषय बना रहा।

भारत में एडटेक ग्रोथ को AI दे रहा नई रफ्तार, डिजिटल विज्ञापन बाजार में बड़ा उछाल

नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव ने वैश्विक विज्ञापन उद्योग की संरचना को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, एआई अब केवल एक सहायक तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह विज्ञापन उद्योग के हर स्तर को अधिक स्वचालित, डेटा-आधारित और परिणाम-केंद्रित मॉडल में बदल रहा है। इस बदलाव के बीच भारत को वैश्विक एडटेक हब के रूप में उभरने की मजबूत संभावना के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विज्ञापन बाजार पहले ही 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है, जिसमें डिजिटल विज्ञापन की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में कुल विज्ञापन खर्च का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर केंद्रित है, जबकि इसका बड़ा भाग प्रोग्रामेटिक तकनीक के जरिए संचालित हो रहा है। एआई इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक सटीक, तेज और प्रभावी बना रहा है, जिससे विज्ञापनदाताओं को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। भारत इस बदलाव में एक अहम भूमिका निभा रहा है। देश में हर साल लाखों इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी छात्र तैयार हो रहे हैं, जिससे एक विशाल तकनीकी प्रतिभा आधार विकसित हो रहा है। इसके साथ ही करोड़ों डेवलपर्स और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स भारत में मौजूद हैं, जो वैश्विक कंपनियों के लिए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। यह मजबूत इकोसिस्टम एआई आधारित विज्ञापन तकनीक के विकास को गति दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, एआई अब विज्ञापन उद्योग की लगभग हर प्रमुख प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। मीडिया खरीद से लेकर क्रिएटिव कंटेंट निर्माण, ग्राहक टारगेटिंग और परफॉर्मेंस मापन तक, हर स्तर पर एआई आधारित सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं। मशीन लर्निंग और ट्रांसफॉर्मर आधारित मॉडल विज्ञापनों को अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी बनाने में मदद कर रहे हैं, जिससे कंपनियों की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार आने वाले वर्षों में तेज गति से बढ़ सकता है। अनुमान के अनुसार, वर्ष 2025 में यह बाजार लगभग 21 अरब डॉलर का होगा, जो 2030 तक बढ़कर 33 से 42 अरब डॉलर के बीच पहुंच सकता है। इस वृद्धि के पीछे ई-कॉमर्स, मोबाइल इंटरनेट की पहुंच और एआई आधारित विज्ञापन तकनीकों का बढ़ता उपयोग प्रमुख कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारतीय मूल की एडटेक कंपनियां अब केवल सेवा प्रदाता के रूप में सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक उत्पाद कंपनियों के रूप में उभर रही हैं। ये कंपनियां अब सॉफ्टवेयर और प्लेटफॉर्म आधारित बिजनेस मॉडल पर काम कर रही हैं, जिससे उनकी आय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता दोनों में वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ेगा, मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञापनदाताओं और प्रकाशकों के बीच बेहतर नेटवर्क और खुले डिजिटल इकोसिस्टम की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। भारत के पास इन सभी क्षेत्रों में मजबूत आधार मौजूद है, जिससे वह वैश्विक एडटेक बाजार में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

पत्थर से सिर कुचलकर की हत्या, शव ठिकाने लगाने की कोशिश नाकाम

मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले के तराना थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। ग्राम कनासिया स्थित आमडी की खाल में मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और बेटे को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों ने मिलकर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था और सबूत छिपाने के लिए शव को पानी से भरी खाल में फेंक दिया था। जानकारी के अनुसार सोमवार को ग्रामीणों ने आमडी की खाल में एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता हुआ देखा था। शव के आसपास खून के निशान भी दिखाई दे रहे थे। सूचना मिलते ही तराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पहचान के प्रयासों के बाद मृतक की शिनाख्त देवास जिले के ग्राम नायता पोलाय निवासी मदनलाल सोलंकी के रूप में हुई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की गहन पड़ताल की। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मृतक की पत्नी सौरम बाई और बेटे संजू सोलंकी पर संदेह हुआ। जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई। पुलिस के मुताबिक मदनलाल सोलंकी शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में अक्सर परिवार के सदस्यों के साथ विवाद और मारपीट करता था। आए दिन होने वाले झगड़ों और प्रताड़ना से परिवार परेशान था। इसी तनाव के चलते पत्नी और बेटे ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने पत्थर से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को आमडी की खाल में फेंक दिया गया ताकि हत्या को दुर्घटना या अन्य घटना का रूप दिया जा सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों के बयान के आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। मंगलवार को मृतक के परिजन तराना थाने पहुंचे और उन्होंने पुलिस के समक्ष आशंका जताई कि इस हत्याकांड में दो से तीन अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संभावित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पत्नी और बेटे से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाल रही है।

ग्लोबल इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए AI सॉल्यूशन, Coforge स्टॉक 5% चढ़ा

नई दिल्ली । ग्लोबल इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा के बाद आईटी और टेक सेक्टर की प्रमुख कंपनी कोफोर्ज के शेयर में मंगलवार को मजबूत तेजी देखने को मिली। कंपनी द्वारा ‘नेक्सा एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म’ पेश किए जाने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और शेयर में 5 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में शेयर ने 1,554 रुपये के उच्च स्तर को भी छुआ, हालांकि बाद में यह कुछ नरमी के साथ कारोबार करता नजर आया। कंपनी का यह नया प्लेटफॉर्म खास तौर पर वैश्विक इंश्योरेंस उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य इंश्योरेंस कंपनियों को उनके मौजूदा सिस्टम को बदले बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमताओं का लाभ देना है। कोफोर्ज के अनुसार यह प्लेटफॉर्म बीमा कंपनियों को नए प्रोडक्ट और सेवाओं को तेजी से बाजार में लॉन्च करने में मदद करेगा और उनके ऑपरेशनल एफिशिएंसी को भी बढ़ाएगा। इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि यह मौजूदा कोर सिस्टम के ऊपर एक अतिरिक्त AI लेयर के रूप में काम करता है, जिससे कंपनियों को भारी तकनीकी बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें 30 से अधिक इंश्योरेंस आधारित एआई एसेट्स का मार्केटप्लेस भी शामिल किया गया है, जो अंडरराइटिंग, क्लेम प्रोसेसिंग, कस्टमर सर्विस और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों को अधिक स्मार्ट और तेज बनाते हैं। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम मॉड्यूलर और फ्लेक्सिबल है, जिससे कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार इसे अनुकूलित कर सकती हैं। कोफोर्ज का यह नया प्लेटफॉर्म केवल तकनीकी अपग्रेड नहीं बल्कि उसकी वैश्विक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह समाधान प्रॉपर्टी एंड कैजुअल्टी इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, स्पेशलिटी इंश्योरेंस और मैनेजिंग जनरल एजेंट्स सहित पूरे इंश्योरेंस इकोसिस्टम के लिए उपयोगी है। इसमें मानव निगरानी और ऑडिट ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखा जा सके। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के AI आधारित इनोवेशन आईटी कंपनियों के लिए लंबे समय में ग्रोथ के नए अवसर खोल सकते हैं। यही कारण है कि घोषणा के तुरंत बाद निवेशकों की खरीदारी बढ़ी और शेयर में तेज उछाल देखने को मिला। पिछले कुछ हफ्तों में भी कोफोर्ज का प्रदर्शन मजबूत रहा है और एक महीने में यह स्टॉक लगभग 32 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। हालांकि लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्टॉक में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बीते छह महीनों में इसमें गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एक साल के आधार पर भी इसमें कमजोरी रही है। इसके बावजूद हालिया तेजी यह संकेत देती है कि कंपनी के नए प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी आधारित रणनीति को बाजार सकारात्मक रूप से देख रहा है। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि AI और इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी का यह संयोजन आने वाले वर्षों में ग्लोबल इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि यह प्लेटफॉर्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करता है, तो कोफोर्ज को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और अधिक बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, कोफोर्ज का यह नया AI प्लेटफॉर्म न केवल कंपनी के शेयर में तेजी का कारण बना है, बल्कि यह भी संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में इंश्योरेंस और टेक्नोलॉजी के मेल से बाजार में नए अवसर तेजी से उभर सकते हैं।