टी20 क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार बुमराह से इस सीजन भी बड़ी उम्मीदें थीं। खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि वह आईपीएल में भी अपनी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनकी लय नजर नहीं आई। बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और विकेट निकालने में माहिर बुमराह कई मैचों में पूरी तरह बेअसर दिखाई दिए।
आंकड़े उनकी मुश्किलों की कहानी खुद बयां करते हैं। पूरे सीजन में उनका गेंदबाजी औसत 102.50 रहा, जो 30 से अधिक ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में सबसे खराब रिकॉर्ड माना जा रहा है। इतना ही नहीं, 13 में से 9 मुकाबलों में वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। पूरे सीजन में कोई भी ऐसा मैच नहीं रहा, जिसमें उन्होंने एक से अधिक विकेट लिए हों।
अगर बुमराह के आईपीएल करियर पर नजर डालें तो यह उनका सबसे खराब सीजन माना जा रहा है। हालांकि 2013 और 2015 में भी उन्होंने सिर्फ 3-3 विकेट लिए थे, लेकिन उन वर्षों में उन्होंने बेहद कम मैच खेले थे। इसके विपरीत आईपीएल 2026 में उन्हें लगातार मौके मिले, फिर भी वह अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे।
बुमराह की खराब फॉर्म का असर सीधे तौर पर Mumbai Indians के प्रदर्शन पर भी पड़ा। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी लंबे समय से बुमराह के इर्द-गिर्द घूमती रही है। जब टीम का सबसे भरोसेमंद गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहा तो अन्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। विपक्षी बल्लेबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया और मुंबई की गेंदबाजी को लगातार निशाना बनाया।
मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन कुल मिलाकर बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज कर सकी, जबकि 10 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। अंक तालिका में नौवें स्थान पर रहकर पांच बार की चैंपियन टीम ने अपना अभियान समाप्त किया। टीम की असफलता के पीछे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों की कमजोरियां जिम्मेदार रहीं, लेकिन बुमराह की फीकी फॉर्म सबसे बड़ा झटका साबित हुई।
अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर टिकी हैं। फैंस को उम्मीद होगी कि आईपीएल 2026 का यह खराब दौर यहीं समाप्त हो और बुमराह एक बार फिर टीम इंडिया के लिए अपनी पुरानी धार और लय हासिल करें।