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CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- MP में जल्द लागू किया जाएगा UCC, जनता से मांगे सुझाव

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने कहा कि राज्य में जल्द ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code.- UCC) लागू किया जाएगा. उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस संबंध में अपने सुझाव एक नए शुरू किए गए खास पोर्टल पर भेजें. मीडिया को दिए एक बयान में यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यों की एक कमेटी राज्य में UCC लागू करने के मुद्दे पर धार्मिक नेताओं की राय लेगी. उन्होंने कहा, “आज के समय में धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक मतभेदों की कोई जरूरत नहीं है; अब UCC की ओर बढ़ने की जरूरत है, और मैं जनता से अपील करता हूं कि वे वेबसाइट पर अपने सुझाव साझा करें.” उन्होंने कहा कि चाहे महिलाओं से जुड़े तलाक के मामले हों, पारिवारिक परंपराएं हों, या अलग-अलग धार्मिक रीति-रिवाज हों, अब उनमें किसी भी तरह के कानूनी और सामाजिक भेदभाव की कोई जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों ने पहले ही इस कोड के लिए एक ढांचा अपना लिया है और मध्य प्रदेश भी उन्हीं के नक्शेकदम पर चलेगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई की अगुवाई वाली यह कमेटी इस समय अलग-अलग जिलों का दौरा कर रही है, ताकि सभी समुदायों से जुड़े लोगों से उनकी राय ली जा सके. CM यादव ने कहा, “अपनी रिपोर्ट तैयार करने के बाद, कमेटी एक ड्राफ़्ट बिल पेश करेगी. राज्य सरकार जल्द से जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है.” नागरिकों, सामाजिक समूहों और धार्मिक संगठनों से इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “UCC के संबंध में एक वेबसाइट शुरू की गई है. मैं जनता से अपील करता हूँ कि वे अपने सुझाव जरूर साझा करें.”

नीट विवाद: PM मोदी के जवाबदेही मॉडल की दिग्विजय सिंह ने की सराहना….

नई दिल्ली। नीट विवाद (NEET Controversy) को लेकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) जहां प्रधानमंत्री (Prime Minister) के साथ आर-पार के मूड में है, वहीं पार्टी के सबसे मुखर चेहरों में से एक दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने प्रधानमंत्री की नीयत और देश की संस्थागत व्यवस्था पर खुलकर भरोसा जताया है। शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह सोमवार को हुए बैठक में साफ कहा कि जब देश का शीर्ष नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के समक्ष परीक्षा प्रणाली को सुधारने की जवाबदेही ले रहा है, तो इस सकारात्मक रुख की सराहना की जानी चाहिए। सूत्रों ने बताया, बैठक में परीक्षा सुधार, एनटीए की कार्यप्रणाली और नीट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान दिग्विजय ने कहा कि जब सरकार जवाबदेही स्वीकार रही है तो इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। हालांकि, उनकी टिप्पणी का आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। वैसे यह पहला अवसर नहीं है जब दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से मोदी की किसी विशेषता का उल्लेख किया हो। पिछले वर्ष उन्होंने भाजपा-आरएसएस की संगठनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए कहा था कि एक साधारण कार्यकर्ता का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना संगठन की ताकत को दर्शाता है। पीएम छात्रों के नाम खुला पत्र लिखेंअध्यक्ष ने कहा, 21 जून की दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों और अभिभावकों में विश्वास जगाना बेहद जरूरी है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान छात्रों के नाम खुला पत्र या फिर संदेश लिखें जिसमें छात्रों को लगे कि वो अकेले नहीं हैं। राजनीतिकरण पर सवाल तो सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीसूत्रों के मुताबिक, भाजपा से जुड़े सदस्यों ने समिति में शामिल विपक्ष के सदस्यों से पूछा कि नीट यूजी की दोबारा परीक्षा पर राजनीति क्यों हो रही है। परीक्षा के बीच जांच के नाम पर ऐसी बैठकें क्योंकि की जा रही हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, राजनीति का तो कोई सवाल ही नहीं है। अध्यक्ष ने मंत्रालय और अधिकारियों को 21 जून को होने वाली दोबारा नीट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं। पुनर्मूल्यांकन फीस पर राहुल बोले- सीबीएसई के जेबकतरों से सावधानकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया और उसकी फीस को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा को एक सेवा के बजाय एक व्यापार के तौर पर देखा जाता है, तो गलतियां सुधारी नहीं जातीं, बल्कि और बढ़ जाती हैं और इसकी सबसे बड़ी कीमत हमारे बच्चे अपने वक्त,अपने आत्मविश्वास खोने और अपने भविष्य के रूप में चुका रहे हैं। इसके साथ उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली की वजह से दिक्कतों का सामना कर रहे सीबीएसई छात्रों संग अपनी बातचीत का वीडियो क्लिप भी साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, जेबकतरों से सावधान रहें। आज वे सीधे सीबीएसई के अंदर ही बैठे हैं। सीबीएसई की वजह से गलत नंबर आने पर आपको डिजिटल स्कैन कॉपी पाने के लिए 100 रुपये प्रति विषय, नंबरों की दोबारा गिनती के लिए 100 रुपये प्रति पेपर और पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 प्रति सवाल शुल्क देना पड़ता है। अपनी ही आंसर सीट की सही जांच के लिए एक छात्र को 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, जरा सोचिए कि जब करीब 4 लाख चार लाख छात्रों ने ऐसे आवेदन दिए हैं, तो सीबीएसई कितनी कमाई कर रहा होगा।

ईरान-US के बीच अगले सप्ताह तक हो सकती है डील, ट्रंप ने दिए होर्मुज खुलने के संकेत

वॉशिंगटन। ईरान (Iran) के साथ बहुप्रतीक्षित समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि संभव है कि अगले सप्ताह समझौता हो जाए और इसके बाद होर्मुज (Hormuz) भी खुल जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि छोटी सी एक समस्या सामने आ रही है लेकिन अगले सप्ताह तक उसे सुलझा लिया जाएगा। उनका मतलब लेबनान पर इजरायली हमले से था जिसको लेकर ईरान काफी नाराज है। युद्ध में जीत से बड़ा होगा समझौताडोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मैंने हिजबुल्लाह से बात की और कहा कि अब कोई गोलीबारी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) से बात की और गोलीबारी, बमबारी रोकने को कहा। इसके बाद दोनों तरफ से हमले बंद हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ साथ समझौता किसी सैन्य विजय से ज्यादा अच्छा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम एक बड़े देश के हित में काम कर रहे हैं इसलिए काम भी उसी हिसाब से करना होगा। लेबनान पर इजरायली हमला आ रहा आड़ेइजरायली सेना ने लेबनान में अपने जमीनी अभियान का विस्तार कर दिया है और नयी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिका की मंजूरी भी मांगी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ व्यापक शांति समझौते की दिशा में क्षेत्रीय तनाव कम करने का प्रयास कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में युद्धविराम भी अमेरिका-ईरान वार्ता के व्यापक ढांचे का हिस्सा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 48 घंटों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग बातचीत कर युद्धविराम बहाल करने की कोशिश की। प्रस्ताव के तहत हिज्बुल्ला को इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले रोकने थे, जबकि इजरायल को लेबनान में आगे सैन्य कार्रवाई से बचना था। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि राष्ट्रपति आउन इस पहल के पक्ष में थे और उन्होंने संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से हिज्बुल्ला पर दबाव बनाने को कहा। शअरी बेरी की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही और उन्होंने पहले इजरायल से हमले रोकने की बात कही। इस बीच, इजरायली और लेबनानी सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को पेंटागन में संभावित युद्धविराम, इजरायली सैनिकों की वापसी, दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना की तैनाती और हिज्बुल्ला के निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों के राजनयिकों के बीच इस सप्ताह एक और बैठक होने की संभावना है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत तीव्र गति से जारी है। तेहरान द्वारा नए सिरे से हमले किए जाने से संघर्षविराम कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच नाममात्र का संघर्षविराम ऐसे जवाबी हमलों और पलटवारों से बार-बार परखा जा रहा है जबकि दोनों देशों के अधिकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

US में थम नहीं रही गोलीबारी की घटनाएं, आयोवा राज्य के मुस्काटीन शहर में फायरिंग में 7 लोगों की मौत

वाशिंगटन। अमेरिका (America) का आयोवा राज्य (Iowa State) सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को गोलियों की आवाज से दहल उठा। यहां के एक शहर में कई जगहों पर हुई गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक संदिग्ध आरोपी ने पहले 6 लोगों की गोली मारकर हत्या की और फिर पुलिस के सामने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कहा है कि शुरुआती जांच से यह मामला पारिवारिक विवाद (Family dispute) का लगता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल दहला देने वाली यह घटना आयोवा के मुस्काटीन शहर (Muscatine City) में हुई। यहां हमलावर ने दो घरों और एक दुकान में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मुस्काटीन पुलिस प्रमुख एंथनी कीस ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिली। हालांकि जब तक पुलिस वहां पहुंची तब तक लोगों की मौत हो चुकी थी। घटनास्थल से चार लोगों के शव बरामद हुए। वहीं पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी घटनास्थल से फरार हो चुका था। पुलिस के मुताबिक संदिग्ध की पहचान 52 वर्षीय रयान विलिस मैकफारलैंड के रूप में हुई है। पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू कर उसे खोज निकाला। हालांकि जैसे ही अधिकारी उसे पकड़ने वाले थे, उसने खुद को गोली मार ली। पुलिस प्रमुख कीस ने बताया, “अधिकारियों और डॉक्टर्स की टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही उसकी मौत हो गई।” वहीं जांच के दौरान पुलिस को कुछ और जगहों पर भी गोलीबारी की सूचना मिली। इसके बाद एक अन्य घर और पास के एक दुकान से दो और लोगों के शव बरामद किए गए। सबकी मौत गोली लगने की वजह से ही हुई। मुस्काटीन पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह गोलीबारी घरेलू विवाद का नतीजा थी। सभी पीड़ितों के आरोपी के परिवार का सदस्य होने की आशंका है।”

Bangladesh: इस्लामी बैंक में नए चेयरमैन की नियुक्ति का विवाद हुआ हिंसक… प्रदर्शन के बीच पुलिस के साथ झड़प

ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) की राजधानी ढाका (Dhaka) में इस्लामी बैंक पीएलसी (Islami Bank PLC) के नए चेयरमैन (New chairman) की नियुक्ति को लेकर उत्पन्न विवाद अब हिंसक रूप ले लिया है। बैंक मुख्यालय के सामने ग्राहकों और कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ जोरदार झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस, साउंड ग्रेनेड और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी ‘सचेत ग्राहक मंच’ के बैनर तले बैंक के मुख्य द्वार पर बैठे थे। पुलिस ने पहले चेतावनी दी, लेकिन प्रदर्शनकारियों के हटने से इनकार करने पर आक्रामक कार्रवाई की गई। आंसू गैस के धुएं से पूरा इलाका भर गया और पानी की तेज धार से कई महिलाएं व बुजुर्ग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालांकि, घायलों की सटीक संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। क्या है पूरा मामला?बांग्लादेश सरकार ने कुछ दिन पहले बांग्लादेश बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर खुर्शीद आलम को इस्लामी बैंक पीएलसी का नया चेयरमैन नियुक्त किया था। इस फैसले का बैंक के कर्मचारियों, अधिकारियों और ग्राहकों ने जमकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शेख हसीना के शासनकाल में खुर्शीद आलम डिप्टी गवर्नर रहते हुए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार में संलिप्त थे। उन्होंने देश के प्रमुख व्यापारी एस. आलम के साथ मिलीभगत कर बैंकों से हजारों करोड़ रुपये के गबन में मदद की थी। कर्मचारी यूनियन और ग्राहक संगठनों का कहना है कि खुर्शीद आलम का राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव इतना ज्यादा है कि उनकी नियुक्ति बैंक की विश्वसनीयता और शरिया अनुपालन को गंभीर खतरे में डाल देगी। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह नियुक्ति न सिर्फ इस्लामी बैंक बल्कि पूरे इस्लामी बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरा है। हम किसी भी कीमत पर इसे स्वीकार नहीं करेंगे। बता दें कि इस्लामी बैंक पीएलसी बांग्लादेश का सबसे बड़ा निजी शरिया-आधारित बैंक है, जो पूरे देश में सैकड़ों शाखाओं के जरिए लाखों ग्राहकों को सेवाएं देता है। इस बैंक पर लंबे समय से विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी का प्रभाव माना जाता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान प्रदर्शन के पीछे जमात-ए-इस्लामी का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन हो सकता है। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद इस्लामी बैंकिंग क्षेत्र में सत्ता परिवर्तन की कोशिशें तेज हुई हैं। कुछ लोग खुर्शीद आलम की नियुक्ति को अवामी लीग के बचे-खुचे प्रभाव को खत्म करने की कवायद मान रहे हैं, जबकि विरोधी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं। अभी क्या हैं हालात?ढाका ट्रिब्यून समेत स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैंक परिसर के बाहर बड़े बैनर और पोस्टर लगाए थे, जिन पर लिखा था कि खुर्शीद आलम इस्तीफा दो… मनी लॉन्ड्रर को चेयरमैन मत बनाओ… इस्लामी बैंक बचाओ। बताया जा रहा है कि विरोध-प्रदर्शन के कारण अभी भी बैंक मुख्यालय और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। सड़कें बंद हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित है। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी तितर-बितर होकर आसपास की गलियों में खड़े हैं और नारेबाजी जारी रखे हुए हैं। बैंक के अंदर कामकाज ठप पड़ा हुआ है। स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे बड़े प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही है।

IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने IPL फ्रेंचाइजियों की स्काउटिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कई टीमें राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में प्रदर्शन देखकर खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर देती हैं, लेकिन वही खिलाड़ी IPL में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते। क्या बोले गावस्कर?स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि कई बड़े हिटर स्थानीय टी20 लीगों में शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन IPL में आने पर उनकी कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। उनके अनुसार, लोकल लीग और IPL के स्तर में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि:राज्य और शहर की लीगों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का स्तर IPL जैसा नहीं होता। ऐसे में स्काउट्स को केवल आंकड़ों या हाइप के आधार पर खिलाड़ियों का चयन नहीं करना चाहिए। स्काउट्स पर उठाए सवालगावस्कर का मानना है कि कई बार स्काउट्स खिलाड़ी एजेंटों, सोशल मीडिया प्रचार और कुछ चुनिंदा पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि फ्रेंचाइजी ऐसे खिलाड़ियों पर बड़ी रकम खर्च कर देती हैं जो बाद में टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी करोड़ों में खरीदा जाए और फिर उसे कुछ मैचों के बाद बेंच पर बैठा दिया जाए, तो यह स्काउटिंग सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। “डमी बेच दिया जाता है”गावस्कर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार फ्रेंचाइजियों को ऐसे खिलाड़ी “बेच” दिए जाते हैं जिनकी क्षमता IPL स्तर की नहीं होती। उनका इशारा इस ओर था कि कुछ खिलाड़ी स्थानीय प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के कारण जरूरत से ज्यादा मूल्य पा लेते हैं। एक मैच के प्रदर्शन पर मिल जाता है नया कॉन्ट्रैक्टगावस्कर ने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी पूरे सीजन में संघर्ष करते हैं, लेकिन किसी एक कम दबाव वाले मुकाबले में अच्छी पारी खेल देते हैं। फिर उसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले सीजन के लिए दोबारा खरीद लिया जाता है। उनके अनुसार IPL में ऐसे “वन-मैच परफॉर्मर्स” की पूरी टीम बनाई जा सकती है, जिन्हें बार-बार मौके मिलते रहते हैं। IPL टीमों के लिए संदेशगावस्कर का साफ संदेश है कि फ्रेंचाइजियों को केवल रन, छक्के या सोशल मीडिया चर्चा देखकर खिलाड़ी नहीं चुनने चाहिए। स्काउट्स को तकनीक, मानसिक मजबूती और उच्च स्तर के क्रिकेट में प्रदर्शन की क्षमता का भी गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब Indian Premier League में कई महंगे खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जबकि कुछ कम कीमत वाले खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को फायदा पहुंचाया।

11 साल बाद शिल्पा शिंदे का बड़ा बयान, केस पर किया चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली । टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने ‘भाबीजी घर पर हैं’ छोड़ने और उस दौरान हुए विवाद पर 11 साल बाद अपनी बात रखते हुए कई बड़े दावे किए हैं। भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उस समय प्रोड्यूसर के खिलाफ लगाया गया सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस उन्होंने “मजबूरी में” किया था और अब वे मानती हैं कि वह आरोप पूरी तरह सच नहीं था। क्या कहा शिल्पा शिंदे ने?शिल्पा शिंदे ने बातचीत में बताया कि शो छोड़ने के बाद उनके और प्रोडक्शन हाउस के बीच तनाव बढ़ गया था। उनके अनुसार, उन पर एक्सक्लूसिव कॉन्ट्रैक्ट साइन करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वे दूसरे प्रोजेक्ट्स में काम न कर सकें। जब उन्होंने इनकार किया, तो उनके मुताबिक उन्हें काम से हटाने और करियर खत्म करने जैसी स्थिति बनाई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि अचानक उन्हें शो से हटा दिया गया, शूटिंग रोक दी गई और मीडिया में उनके बाहर होने की खबरें चलने लगीं। लीगल विवाद और दबाव के आरोपशिल्पा ने कहा कि विवाद के दौरान उन्हें भारी-भरकम लीगल नोटिस (12 से 20 करोड़ रुपये तक) मिले, जिससे वे मानसिक दबाव में आ गई थीं। उनके अनुसार, उस समय उन्हें लगा कि उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा था। “झूठा था केस” वाला बयानसबसे बड़ा खुलासा यही रहा कि उन्होंने कहा- उन्होंने प्रोड्यूसर पर जो सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस किया था, वह “पूरी तरह सच नहीं था” और उन्होंने वह कदम उस समय की परिस्थितियों और दबाव में उठाया था। यह बयान सामने आने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है, क्योंकि उस समय यह टीवी इंडस्ट्री के सबसे बड़े विवादों में से एक माना गया था। आगे क्या कहा?शिल्पा शिंदे ने यह भी कहा कि उस पूरे विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच बाद में समझौता हो गया और अब उनके रिश्ते सामान्य हैं। उन्होंने इसे अपने करियर का सबसे मुश्किल दौर बताया।

UP: आतंकी शहबाज सिद्धीकी से पूछताछ में बड़ा खुलासा, देश को दहलाने की थी साजिश, बस आदेश का था इंतजार

लखनऊ । जैश आतंकी से कनेक्शन में गिरफ्तार आतंकी शहबाज सिद्धीकी पूछताछ में बड़े खुलासे कर रहा है। उसने दावा किया है कि वह खुद देश में फिदायीन हमला करने को तैयार था। बस उसको पाकिस्तानी जैश (Pakistani Jaish) के आतंकी के इशारे का इंतजार था। इससे संबंधित एटीएस को आरोपी के मोबाइल से भी अहम सुबूत मिले हैं। सोशल मीडिया से मिले इनपुट के आधार पर एटीएस ने 18 मई को कासगंज से शहबाज सिद्धीकी को गिरफ्तार किया था। वह पुलवामा हमले से जुड़े जैश के आतंकियों के संपर्क में था। दो दिन पहले ही उसको एटीएस ने कस्टडी रिमांड पर लिया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी के पास से मिले मोबाइल फोन में जैश के आतंकियों से बातचीत की रिकॉर्डिंग व चैट मिली है। इसमें वह पुलवामा हमले को सही बता रहा है और सर्जिकल स्ट्राइक को गलत ठहरा रहा है। भारत में हुई आतंकी घटनाओं को लेकर भी खुशी जाहिर की। पूछताछ में उसने इन सभी बातों को स्वीकारा है। शहबाज के नेटवर्क से भारत के कई और लोगों के भी जुड़ने की आशंकाउसने बताया कि वह भारत में फिदायीन हमला करने के लिए तैयार था। इसको लेकर उसने आतंकियों से बातचीत भी की थी। पाकिस्तानी आतंकी ने उसे भड़काऊ वीडियो भी भेजे थे। ये भी कहा था कि समय आने पर बताया जाएगा कि हमला कहां करना था। जांच एजेंसी को आशंका है कि शहबाज के नेटवर्क से भारत के कई और लोग भी जुड़े हैं, इसलिए उनके बारे में पता करने की जद्दोजहद जारी है। अब जब उसको मुंबई ले जाया जाएगा तो कई सुराग लगने की आशंका है।

गुरु गोचर से चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत, अक्टूबर तक धन, सम्मान और सफलता के योग

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, सुख, सौभाग्य और धर्म का कारक ग्रह माना जाता है। नवग्रहों में गुरु को सबसे शुभ और कल्याणकारी ग्रहों में शामिल किया जाता है। माना जाता है कि बृहस्पति की कृपा सभी राशियों पर रहती है, लेकिन कुछ राशियां ऐसी हैं जिन पर देवगुरु विशेष रूप से मेहरबान रहते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2 जून को बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। गुरु का यह गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसका प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। विशेष रूप से तीन राशियों के लिए यह समय धन लाभ, मान-सम्मान और तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है। कर्क राशि: उच्च राशि में गुरु का विशेष प्रभावबृहस्पति का गोचर कर्क राशि में ही हो रहा है और ज्योतिष के अनुसार कर्क गुरु की उच्च राशि मानी जाती है। ऐसे में इस राशि के जातकों को इसका विशेष लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और व्यक्तित्व में सकारात्मक निखार देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कर्क राशि के जातक संवेदनशील और बुद्धिमान माने जाते हैं। गुरु के प्रभाव से उन्हें भूमि, भवन, वाहन और अन्य भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति के अवसर मिल सकते हैं। करियर और आर्थिक मामलों में भी अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। धनु राशि: स्वामी ग्रह का मिलेगा भरपूर सहयोधनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए इस राशि पर गुरु का प्रभाव विशेष रूप से शुभ माना जाता है। गोचर के दौरान धन लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं और करियर में उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का सहयोग मिलने से कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से पूरे होने की संभावना है। धनु राशि के लोग आमतौर पर आशावादी, ज्ञानप्रिय और धार्मिक स्वभाव के होते हैं। शिक्षा, सलाहकार सेवाओं और नेतृत्व से जुड़े क्षेत्रों में इन्हें विशेष सफलता मिल सकती है। कठिन परिस्थितियों में भी ये अपनी समझदारी से रास्ता निकालने में सक्षम रहते हैं। मीन राशि: तरक्की और आर्थिक लाभ के संकेतमीन राशि भी बृहस्पति के स्वामित्व वाली राशि है। ऐसे में गुरु का गोचर इस राशि के जातकों के लिए भी शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई योजनाओं में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से मीन राशि के जातक शांत, भावुक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। गुरु के प्रभाव से उनकी अंतर्ज्ञान शक्ति मजबूत रहती है, जिससे वे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सफल होते हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिरता और प्रगति के संकेत मिल सकते हैं।

एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान लगातार आठ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में गर्मी का असर काफी कम हुआ है। हीटवेव की स्थिति समाप्त हो गई है और न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है और इस दौरान प्रदेश के 45 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। दिन और रात दोनों में मिली गर्मी से राहतलगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात खंडवा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 19.4 डिग्री रहा। इसके अलावा दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री, दतिया में 23.7 डिग्री, नौगांव और नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, धार में 24.3 डिग्री, रतलाम, टीकमगढ़ और सतना में 24.5 डिग्री तथा मंडला में 24.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। भोपाल में 37.6 डिग्री, इंदौर में 38.1 डिग्री, ग्वालियर में 35.9 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दतिया में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, पचमढ़ी में 33.6 डिग्री, गुना में 33.8 डिग्री और खंडवा में सबसे कम 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मानसून की एंट्री में हो सकती है देरीमौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देर से होने की संभावना जताई जा रही है। आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और इसकी शुरुआत दक्षिणी हिस्से से होती है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार प्रदेश में मानसून 20 से 22 जून के बीच दस्तक दे सकता है। अगले चार दिन भी बदला रहेगा मौसममौसम विभाग ने 2 से 5 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल कहीं भी हीटवेव का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।