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चैत्र नवरात्र: पालकी पर आगमन और हाथी पर प्रस्थान के संकेत..

नई दिल्ली: देशभर में मनाए जाने वाले पावन पर्व चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से माना जाता है। यह पर्व न केवल शक्ति की उपासना का प्रतीक है, बल्कि नए हिंदू वर्ष की शुरुआत और जीवन में आने वाले बदलावों के संकेत भी देता है। इस वर्ष 19 मार्च से नवरात्र की शुरुआत हुई है और श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना में लीन हैं। मान्यता है कि नवरात्र में माता दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी आने वाले समय के संकेत देती है। इस बार मां जगदम्बा का आगमन गुरुवार के दिन पालकी पर हुआ है। शास्त्रों के अनुसार, पालकी पर आगमन को सामान्यतः शुभ संकेत नहीं माना जाता। इसे प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक अस्थिरता या आर्थिक चुनौतियों का संकेत माना जाता है। गुरुवार के दिन आगमन को लेकर यह भी माना जाता है कि यह समय कुछ सावधानियों और सतर्कता की मांग करता है। हालांकि, इस वर्ष मां का प्रस्थान शुक्रवार को हाथी पर होगा, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। हाथी स्थिरता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, जब मां हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं, तो यह संकेत देता है कि आने वाला समय सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता लेकर आएगा। यह स्थिति जीवन में संतुलन और प्रगति का संकेत भी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी सप्ताह के दिन के अनुसार बदलती रहती है और हर सवारी का अलग महत्व होता है। उदाहरण के लिए, रविवार और सोमवार को प्रस्थान होने पर मां की सवारी भैंसा मानी जाती है, जिसे अशुभ माना जाता है क्योंकि यह रोग और शोक का प्रतीक है। वहीं, मंगलवार और शनिवार को प्रस्थान होने पर सवारी मुर्गा होती है, जो कुछ स्थानों पर महामारी या जनहानि का संकेत माना जाता है। इसके विपरीत, बुधवार और शुक्रवार को मां की सवारी हाथी मानी जाती है, जो बेहद शुभ संकेत देता है और जीवन में सुख-समृद्धि, स्थिरता और उन्नति का प्रतीक होता है। गुरुवार को प्रस्थान होने पर मां मनुष्य के कंधे पर सवार होकर जाती हैं, जिसे भक्त और देवी के बीच विशेष आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। विगत वर्ष 2025 की शारदीय नवरात्रि में भी मां का आगमन हाथी पर हुआ था, जो शुभ संकेत था, लेकिन प्रस्थान गुरुवार को भक्तों के कंधे पर हुआ था, जो संतुलन और मिश्रित परिणामों का संकेत माना गया।  नवरात्रि में मां के आगमन और प्रस्थान की सवारी को भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है। इस वर्ष जहां पालकी पर आगमन कुछ सावधानी बरतने का संदेश देता है, वहीं हाथी पर प्रस्थान आने वाले समय में स्थिरता और सकारात्मकता की उम्मीद जगाता है। यह पर्व न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि जीवन में संतुलन और चेतना का संदेश भी देता है।

मध्यप्रदेश के अरबों के महाडिफॉल्टर: टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर लिस्ट में इंदौर, खरगोन, धार की कंपनियां शामिल

मध्यप्रदेश । देशभर में इरादतन ऋण न चुकाने वाले की टॉप 10 लिस्ट में मध्य प्रदेश की कई कंपनियों का नाम शामिल है जिन पर अरबों रुपए का बकाया दबा है। संसद में 2014 से 2025 तक के डिफॉल्टर्स की जानकारी दी गई जिसमें एमपी की टॉप 2 कंपनियों पर ही करीब ₹8 349 करोड़ ₹8 34 919 लाख का कर्ज बकाया है। इस सूची में शामिल प्रमुख कंपनियों में बीटा नेफ्थोल गिल्ट पैक लिमिटेड एस कुमार्स नेशनवाइड और रूची सोया इंडस्ट्रीज हैं। बीटा नेफ्थोल का रजिस्टर्ड ऑफिस इंदौर में है जबकि मुख्य फैक्ट्री खरगोन जिले के बड़वाह में थी। कंपनी ने बैंक लोन लेकर व्यवसाय में निवेश करने की बजाय फंड डाइवर्ट करने के आरोपों का सामना किया और इसे 2014 से विलफुल डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा गया। वर्तमान में कंपनी परिसमापन (Liquidation) प्रक्रिया में है और प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिल्ट पैक लिमिटेड धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। कंपनी पर जानबूझकर लोन न चुकाने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। सेबी ने इसके निदेशकों को पूंजी बाजार में प्रतिबंधित किया और बैंकों ने क्रेडिट सुविधा रोक दी। एस कुमार्स नेशनवाइड का मुख्यालय मुंबई में था लेकिन उत्पादन इकाइयां देवास और खंडवा में थीं। भारी कर्ज न चुकाने और फंड हेराफेरी के कारण 2015 में यह टॉप 10 लिस्ट में पांचवें स्थान पर थी। SFIO ने इसके खिलाफ जांच की और बैंकों ने मिलों को कुर्क कर नीलामी की। रूची सोया इंडस्ट्रीज का जन्म और मुख्यालय इंदौर में था। 2019 की रिपोर्ट में कंपनी ₹1 62 398 लाख के बकाया के साथ टॉप 10 में थी। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद यह IBC दिवाला संहिता के तहत गई और बैंकों का बकाया पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अधिग्रहित किया गया। सबसे बड़ा मामला है जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का जिसे एमपी का सबसे पुराना और बड़ा महाडिफॉल्टर माना जाता है। इसका पंजीकृत कार्यालय इंदौर में है और प्रमोटर विजय चौधरी का मुख्य कार्यक्षेत्र भी इंदौर रहा। यह कंपनी 2014 2015 और 2016 में टॉप 10 विलफुल डिफॉल्टर्स की सूची में पहले स्थान पर रही। बकाया राशि 2014 में ₹1 89 030 लाख 2018 में ₹1 65 657 लाख और 2022 में ₹2 16 617 लाख थी। जूम डेवलपर्स के खिलाफ भारत की प्रमुख जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और विदेशों में फर्जी कंपनियों के जरिए फंड डाइवर्ट करने के आरोप लगाए। सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी में FIR दर्ज की। इंटरपोल ने प्रमोटर विजय चौधरी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। बैंकों ने कंपनी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर परिसमापन प्रक्रिया शुरू की है। मध्य प्रदेश की ये कंपनियां न केवल टॉप 10 लिस्ट में शामिल हैं बल्कि अरबों रुपए का बकाया दबाकर देश में वित्तीय सुशासन पर सवाल खड़े कर रही हैं।

लग्जरी कारों पर महंगाई, BMW Group India 1 अप्रैल से बढ़ाएगा कीमतें

नई दिल्ली भारत में वीजा कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। जर्मन अप्रैल कंपनी बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने घोषणा की है कि वह 1 2026 से अपने ऑटोमोबाइल के शोरूम में 2% तक की पार्टनरशिप करेगी। यह पैकेज बीएमडब्ल्यू और मिनी दोनों रेंज पर लागू होगा। फसल और लागत बढ़ने का असरकंपनी के अनुसार, यह निर्णय बोल्ड लॉजिस्टिक्स लागत, कच्चे माल की रेंज और रुपये के गिरावट के कारण लिया गया है। इन सभी ऑर्केस्ट्रा द्वारा निर्मित उत्पादों और क्रिस्टोफर चेन की लागत प्रभावित हुई है, जिससे कीमत में कमी जरूरी हो गई है। सीईओ का बयान: गुणवत्ता से कोई सहमति नहींकंपनी के अध्यक्ष और सीईओ हरदीप सिंह बराड़ ने कहा कि टोक्यो में इस तरह के बदलावों को बेहतर विचारधारा, नई तकनीक और विश्वस्तरीय सेवा देना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी भारतीय वाणिज्यिक कार बाजार में लगातार नए मानक स्थापित कर रही है और बाजार में मजबूत बनी हुई है। बिज़नेस के लिए फाइनेंस प्लान की शर्तेकीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद उद्यमों को राहत देने के लिए कंपनी की फाइनेंस शाखा में निवेश पेश किया जा रहा है। इसमें आसान ईएमआई, कम ब्याज दर, बाय-बैक प्लेसमेंट और इन्वेंट्री फाइनेंस प्लान शामिल हैं, जिससे ऑनलाइन शॉपिंग करना आसान हो जाता है।भारत में बने हैं कई मशहूर मॉडलभारत में कंपनी कई मशहूर मॉडलों का लोकल प्रोडक्शन करती है, जिनमें बीएमडब्ल्यू 3 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, बीएमडब्ल्यू एक्स1, बीएमडब्ल्यू एक्स5 और बीएमडब्ल्यू एक्स7 जैसे मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक और टेक्नोलॉजी कंपनी के अलावा भी कई प्रीमियम कंपनियां बेचती हैं। रिकॉर्ड बिक्री के बाद आया निर्णयकंपनी ने 2025 में अब तक सबसे ज्यादा 18,001 कारों की बिक्री दर्ज की है, जो कि प्रारंभिक आधार पर 14% की वृद्धि है। बीएमडब्ल्यू iX1 भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार रही, जबकि लॉन्ग व्हीलबेस मॉडल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कुल मिलाकर, घनत्व के दबाव के बीच कंपनी ने मूल्य वृद्धि का निर्णय लिया है, लेकिन मजबूत वित्तीय और बेहतर वित्तीय विकल्पों के उत्साह को बनाए रखा जा सकता है।

पावर सेक्टर में बड़ी साझेदारी, Bharat Heavy Electricals Limited लगाएगा 3,064 करोड़ का निवेश

नई दिल्ली देश की प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने कोल इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उद्यम (जेवी) में करीब 3,064.46 करोड़ रुपये तक निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश आने वाले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे कंपनी के बिजनेस पोर्टफोलियो में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है। क्लास से केमिकल बनाने की दिशा में बड़ा कदमइस ज्वाइंट वेंचर के तहत ‘भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल)’ का निर्माण किया गया, जिसमें बीएचईएल की 49% और कोल इंडिया की 51% हिस्सेदारी वाली कंपनी शामिल है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य अमोनियम नाइट्रेट बनाने का प्लांट स्थापित करना है, जिसकी उत्पादन क्षमता 2,000 टन प्रतिदिन होगी। यह कदम देश में कोल गैसीकरण को बढ़ावा देने और केमिकल सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम माना जा रहा है। रेल सेक्टर में भी विस्तार, वंदे भारत पर फोकसबीएचएल ने टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के साथ मिलकर एक और बड़े पैमाने पर संयुक्त उद्यम बनाने को मंजूरी दे दी है। यह संयुक्त उद्यम वंदे भारत स्लीपर नोटबुक के मेंटेनेंस पर काम करना चाहता है, जिससे रेलवे सेक्टर कंपनी की पहचान और मजबूती होगी। सरकारी मंजूरी के बाद आगे का कामकंपनी के अनुसार, ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट को अंतिम रूप से निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपी एम्स) को मंजूरी दे दी जाएगी। इसमें परिवर्तन की आवश्यकता भी संभव है। स्टॉक में गिरावट, दूसरे की संख्याइन बड़ी घोषणाओं के बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया धीमी रही। बीएचएल के शेयर एन पोर्टफोलियो पर 2.75% 253 रुपये प्रति शेयर। पिछले एक सप्ताह में स्टॉक 4.60% नीचे आया है और साल 2026 में अब तक करीब 13% की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार की सुपरमार्केट बिक्री योजना भी जारीसरकार ने फरवरी में बीएचईएल में 5% स्टॉक स्टॉक सेल (ओएफएस) की पेशकश शुरू की थी। इसमें शुरुआती 3% प्लास्टिक प्लास्टर की आवश्यकता होती है, जबकि अतिरिक्त 2% स्टॉक की आवश्यकता बाजार में भी जारी की जा सकती है। वित्तीय प्रदर्शन में जबरदस्त सुधारवित्तीय संस्थान पर कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। 2025-26 की तीसरी तिमाही में बीएचईएल का शुद्ध दावा करीब तीन गुना बढ़कर 382.49 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 124.77 करोड़ रुपये था। साथ ही, कंपनी की आय 16.4% बढ़कर 8,473.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे पावर और औद्योगिक क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहा। कुल मिलाकर, बीएचईएल का यह भविष्य के निवेश की वृद्धि और नए क्षेत्रों में विस्तार की मजबूत रणनीति को शामिल करता है, भले ही अल्पकाल में शेयर बाजार की प्रतिक्रिया धीमी नकारात्मक रही हो।

मध्य पूर्व में तनाव घटने की उम्मीद, भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में तनाव कम की उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा दी है। शुक्रवार को मार्केट ने शानदार शुरुआत की, जहां प्रमुख एलेस्ट्रीज के साथ खुले और बिजनेस में खरीदारी का शानदार नजारा देखने को मिला। हार्डवेयर-निफ्टी में दमदार उछालसुबह 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 801 अंक यानी 1.08% की तेजी के साथ 75,008 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 248 अंक (1.08%) की बढ़त के साथ 23,250 पर कारोबार करता है। इलेक्ट्रिकल और एनर्जी सेक्टर हीरो बाजार के बनेशुरुआती कारोबार में सरकारी बिजली और ऊर्जा क्षेत्र ने बाजार का नेतृत्व किया। एमएपीएसयू बैंक और एमएडी ग्रेजुएट स्टूडेंट टॉप गेनर में शामिल हैं। इसके अलावा मेटल, ऑटो, आईटी, मेडिसिन, इंफ्रा और डिफेंस जैसे आसपास के सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार में व्यापक तेजी का संकेत मिला। मिड कैप्चर और स्मॉल कैप्चर में भी स्थावर रैपिडकेवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शूट में भी साहिल का उत्साह देखने को मिला। मैथ्यू मिडकैप 100 स्टाल्स 1.73% 55,436 और मैथ्यूज मिडकैप 100 स्टाल्स 1.32% 15,911 पर पहुंच गए। इन दिग्गज स्टॉकिंग्स में दिखीं फोर्सप्लांट पैक में टाटा स्टील, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसे दिग्गज स्टॉक में तेजी से देखने को मिली। वहीं एचडीएफसी बैंक की मंदी लगातार जारी है। तनाव कम होने के संकेत बाजार को सहारा सेसिद्धांतों का मानना ​​है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के साथ चल रहे तनाव में कमी की उम्मीद जगी है। इस वैश्विक कंपनी का भरोसेमंद रिटर्न है और बाजार में खरीदारी की गुंजाइश है। एशियाई सामानों का भी मिलापएशिया के प्रमुख बाज़ार-कोरिया, सिंगापुर, चीन और ऑस्ट्रेलिया-भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे भारतीय बाज़ार को सकारात्मक संकेत मिला। हालाँकि, अमेरिकी बाज़ार में पिछले सत्र में गिरावट जारी रही। एफओआई की बिकवालीरिलीज़, डीओआई का सहाराविदेशी एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (FII) ने गुरुवार को 7,558 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (DII) ने बाज़ार में 3,863 करोड़ रुपये का निवेश कर समर्थन दिया।कुल मिलाकर, विश्वविद्यालयों में सुधार और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद है, भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है, जिससे विश्वविद्यालयों में उत्साह लौटता दिख रहा है।

कीमती धातुओं में तेजी का रुख, सोना-चांदी दोनों के दाम बढ़े

नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उपक्रमों में प्रस्तुति- शुक्रवार को सोने और चांदी के बीच के क्षेत्र में तेजी से देखने को मिला। दोनों अनमोल उद्यम के दाम में 2.83% तक की प्रविष्टि की गई, फिर से उद्यम का रुझान एक बार सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ गया। एमसीएक्स पर सोने की दुकान में उछालमल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:10 बजे सोने का 2 अप्रैल का स्पेक्ट्रम 2.07% यानी 2,996 रुपये की तेजी के साथ 1,47,950 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,47,401 रुपये का न्यूनतम और 1,48,302 रुपये का अधिकतम स्तर बढ़ाया। चाँदी ने भी पकड़ी दुकानचांदी के गोदाम में और भी तेज उछाल देखा गया। 5 मई को एफएमएक्स पर 2.83% यानी 6,540 रुपये की तेजी के साथ 2,38,000 रुपये प्रति रिजॉल्यूशन पर पहुंच गया। दिन के दौरान चांदी 2,37,300 रुपये के निचले स्तर और 2,40,000 रुपये के ऊपरी स्तर पर पहुंच गयी। वैश्विक बाज़ार से मिला समर्थनअंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में भी सोने और चाँदी की दुकानों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कॉमेक्स पर सोना 2.40% उछाल 4,716 डॉलर प्रति शेयर और चांदी 3.61% लाभ 73.78 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर यह तेजी से घरेलू बाजार को भी जगह दे रही है। उद्घोषणा- प्रस्ताव के बीच अकादमी की नीति परिवर्तनविशेषज्ञ के अनुसार, हाल के दिनों में सोने में भारी गिरावट देखने को मिली थी, जहां प्लैंच आकर्षण स्तर पर आ गया था। यही कारण है कि मिर्जा ने कैथेड्रल स्तर पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में तेजी आई। भू राजनीतिक तनाव और तनाव का असरपश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने संकटों को जन्म दिया है। कच्चे तेल के बाजार में तेजी के कारण भी निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने-बेरोजगार की ओर रुख कर रहे हैं। हालाँकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का कारण सोने की तेजी पर कुछ दबाव भी बना है। गुरुवार की गिरावट के बाद आई प्रतियोगितामान्यता है कि गुरुवार को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट आई थी, जहां सोना करीब 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.20 लाख रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। ऐसे में शुक्रवार की रैपिड को बाजार में आम तौर पर देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, वैश्विक भंडार, व्यापारी स्तर पर खरीदारी और सुरक्षित निवेश की भूख मांग के साथ सोने और चांदी के जिले में जगह देखने को मिली है।

अमेरिकी कांग्रेस में एच-1बी वीजा प्रणाली पर बहस तेज: कौशल आधारित सुधार और नौकरी बदलाव की स्वतंत्रता पर जोर

वॉशिंगटन। अमेरिका में एच-1बी वीजा कार्यक्रम जिसके तहत बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर वहां काम करते हैं इस हफ्ते अमेरिकी कांग्रेस में चर्चा का मुख्य विषय बना। संयुक्त आर्थिक समिति की बैठक में नेताओं और विशेषज्ञों ने मौजूदा लॉटरी आधारित वीजा प्रणाली की समीक्षा की और इसमें सुधार के सुझाव दिए। बैठक में प्रमुख मुद्दा यह था कि अमेरिका की बदलती जनसांख्यिकी और कामगारों की कमी को देखते हुए वीजा वितरण प्रणाली को अधिक लचीला और कुशलता आधारित बनाया जाए। कांग्रेस के सदस्य डेविड श्वाइकर्ट ने बताया कि रिटायर होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जबकि काम करने वाले युवा स्थिर हैं। ऐसे में विदेशी कुशल कामगारों की भूमिका अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा सिस्टम में कर्मचारी अधिकतर एक ही नियोक्ता पर निर्भर रहते हैं जिससे उनके वेतन पर दबाव पड़ता है। डॉ. ल्यूक पार्ड्यू ने सुझाव दिया कि अगर कर्मचारियों को नौकरी बदलने की अधिक स्वतंत्रता मिले तो उनकी उत्पादकता और वेतन दोनों बढ़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने अंक आधारित (पॉइंट) सिस्टम बनाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी। डैनियल डी. मार्टिनो ने कहा कि स्थायी निवास में देरी और लॉटरी सिस्टम की खामियां हैं। उन्होंने वीजा आवंटन में वेतन और कौशल आधारित चयन की वकालत की ताकि युवा और कुशल कामगारों को प्राथमिकता मिल सके। डॉ. डगलस होल्ट्ज-ईकिन ने भी कौशल आधारित इमिग्रेशन को बढ़ावा देने का समर्थन किया और कहा कि सुधार केवल एच-1बी तक सीमित नहीं होना चाहिए। जेरेमी न्युफेल्ड ने बताया कि अन्य देशों के अनुभव से पता चलता है कि सिर्फ पॉइंट सिस्टम पर्याप्त नहीं है। नौकरी का ऑफर मिलने पर अतिरिक्त अंक देने वाला मिश्रित सिस्टम अधिक प्रभावी हो सकता है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कुशल विदेशी कामगार अमेरिकी अर्थव्यवस्था की उत्पादकता बढ़ाते हैं और लंबे समय में वेतन में सुधार करते हैं। प्रतिनिधि लॉयड स्मकर ने पूछा कि क्या इमिग्रेशन बढ़ाने से आर्थिक विकास और राष्ट्रीय कर्ज की समस्या में मदद मिल सकती है। इस पर होल्ट्ज-ईकिन ने सहमति जताई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर भी चर्चा हुई जिसमें पार्ड्यू ने कहा कि एआई नौकरियां कम नहीं करेगा बल्कि नई तरह के कौशल की मांग बढ़ाएगा। कांग्रेस सदस्य विक्टोरिया स्पार्ट्ज और अन्य विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इमिग्रेशन नीति में मेहनती और कुशल लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सिस्टम को समय के साथ बदलना चाहिए ताकि यह बदलती आर्थिक और बाजार की जरूरतों के अनुरूप काम करे। अंत में श्वाइकर्ट ने कहा कि प्रतिभा आधारित इमिग्रेशन सुधार अमेरिकी आर्थिक विकास उत्पादकता वेतन और स्थिरता के लिए आवश्यक है। एच-1बी वीजा अभी भी तकनीक और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में विदेशी कुशल पेशेवरों के लिए मुख्य मार्ग है और इस पर किसी भी बदलाव पर भारत भी नजर रखता है।

Directorate General of Civil Aviation का बड़ा आदेश, एयरलाइंस को 9 देशों के ऊपर से उड़ान से बचने का निर्देश

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विमानन नियामक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने बड़ा कदम उठाया है। डीजेसीए ने भारतीय एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे नौ देशों के एयरस्पेस का इस्तेमाल करें। यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव और सुरक्षा घेरे को देखते हुए लिया गया है। इन 9 देशों के ऊपर उड़ान पर रोकडीजीसीए के निर्देश के अनुसार, एयरलाइंस को बहरीन, ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ऊपर से उड़ान भरने से बचने को कहा गया है। इन देशों के एयरस्पेस को उच्च जोखिम वाला माना गया है, जहां नागरिक अधिकारों के लिए खतरा बना हुआ है। ओमान और सऊदी अरब पर सीमित छूटहालांकि, ओमान और सऊदी अरब के कुछ निर्धारित एयरस्पेस में विशेष शर्तों के साथ उड़ान की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन यहां भी विमान को 32,000 फीट (FL320) से नीचे उड़ान भरने से मना किया गया है, जिससे सुरक्षा जोखिम कम किया जा सके। ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव बना वजहडीजीसीए ने अपने निर्देश में कहा कि ईरान, यूनाइटेड स्टेट्स और इज़राइल के बीच हालिया मिलिट्री घटनाओं ने पूरे इलाके में खतरा बढ़ा दिया है। ईरान पर हुए हमले और उसकी जवाबी कार्रवाई के कारण नागरिक उड़ानों के लिए रिस्क काफी बढ़ गया है। एयरलाइंस को सख्त निर्देश और तैयारी के आदेशनियामक ने एयरलाइंस से कहा है कि वे विस्तृत सुरक्षा रिस्क असेसमेंट (रिस्क असेसमेंट) करें और संभावित रूट बदलाव के लिए रैंडम योजनाएं तैयार रखें। साथ ही, फ्लाइट क्रू को लेटेस्ट NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) की जानकारी देना भी जरूरी किया गया है, ताकि उन्हें रियल-टाइम स्थिति का पता रहे। 28 मार्च तक लागू रहेंगे निर्देशयह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 28 मार्च तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, इलाके में हालात के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है। यात्रियों पर भी पड़ सकता है असरइस फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ सकता है। लंबा रूट बदलाव के कारण फ्लाइट टाइम बढ़ सकता है और किराए में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, डीजेसीए का यह फैसला यात्रियों और विमानन कंपनियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया एक अहम कदम है।

बाजार में जबरदस्त रिकवरी, सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से अधिक की बढ़त

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार स्टॉक एक्सचेंज पेश किया। दोपहर 12 बजे बीएसई सेंसेक्स 728 अंक यानी करीब 1% की तेजी के साथ 74,935 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 236 अंक या 1.03% की बढ़त के साथ 23,238 पर कारोबार करता नजर आया। किशोरावस्था के बाद बाजार में आई यह किशोर किशोरों के लिए राहत भरी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जगहेंकेवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी जगह देखने को मिली। मेट्रिक्स मिडकैप 100 स्ट्रेंथ 1.27% की बढ़त के साथ 55,185 पर पहुंच गये, जबकि मार्टियड मिडकैप 100 स्ट्रेंथ में भी 0.65% की बढ़त दर्ज की गयी। इससे साफ होता है कि बाजार में हर स्तर पर दुकान का गोदाम बना हुआ है। कच्चे तेल में नारी बनी बड़ी वजहबाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बाजार में आई गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.21% 107.3 डॉलर प्रति शेयर पर बढ़त। इससे पहले पश्चिम एशिया में तनाव के चलते यह 119 डॉलर तक पहुंच गया था। तेल के भंडार में प्राकृतिक आने से भारत जैसे तीर्थ देश के लिए राहत की स्थिति बनी हुई है, जिससे बाजार में सकारात्मक असर दिख रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतहाल के दिनों में भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नारी के संकेत मिले हैं, जिनमें से किसी का भी भरोसा नहीं है। इससे बाजार में खरीदारी और भावना मजबूत हुई। वैश्विक संस्था से भी मिला सहयोगएशियाई उद्यमों-सोल और शंघाई-में भी तेजी से देखने को मिला, जबकि अमेरिकियों में भी गिरावट के बाकी हिस्सों में बढ़त आई। इस ग्लोबल सपोर्ट ने भारतीय बाजार को स्थान दिया। इंडिया VIX में गिरावट से तेजीबाज़ार में लॉन्च – संकेत देने वाला इंडिया VIX भी लॉन्च हुआ है। आमतौर पर जब VIX गिरता है, तो बाजार में स्थिरता और तेजी देखने को मिलती है। वर्चुअल वैल्यूएशन पर खरीदारीहाल की गिरावट के बाद साझीदारी को कई शेयर साझीदारी पर मिल रहे हैं। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि यही कारण है कि निवेशक फिर से बाजार में लौट रहे हैं। विदेशी आवेदकों के लिए बनाने का मौकाविशेषज्ञ के अनुसार, खिलौनों ने भारतीय बाज़ार को विदेशी बाज़ारों के लिए आकर्षित किया है। इससे आने वाले दिनों में बाजार में और निवेश देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, कच्चे तेल में गिरावट, वैश्विक संकेत और बेहतर वैल्यूएशन जैसे शेयर बाजार में बाजार में वापसी हुई है और आगे भी सकारात्मक रुख बना हुआ है।

मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस को सेंधमारी के संकेत, दिग्विजय सिंह हो सकते हैं उम्मीदवार, BJP को दो सीट पक्की

भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में रणनीति बनाने का दौर जारी है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को तीसरी सीट पर संभावित सेंधमारी के संकेत मिले हैं जबकि दो सीटें बीजेपी के पक्के मानी जा रही हैं। हालांकि यदि कहीं कोई क्रास वोटिंग होती है तो तीसरी सीट भी बीजेपी के खाते में जा सकती है। इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी किसी भी हथकंडे का इस्तेमाल कर सकती है। हॉर्स ट्रेडिंग मंत्रियों के माध्यम से दबाव पैसों और ताकत का इस्तेमाल करके चुनाव प्रभावित करने का प्रयास किया जा सकता है। इसके बावजूद कांग्रेस पूरी निगाह बनाए हुए है और बीजेपी को सफलता नहीं लेने दी जाएगी। बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के रूप में बताया और कहा कि कमलनाथ दिग्विजय सिंह और अन्य नेताओं के बीच चल रही लड़ाई सामने आ रही है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें छोड़कर कोई भी उम्मीदवार हो सकता है और पार्टी तय करेगी कि किसे चुनाव में उतारा जाएगा। दिग्विजय सिंह के उम्मीदवार होने के सवाल पर जीतू ने कहा हो सकते हैं पार्टी निर्णय लेगी। मैं राज्यसभा चुनाव में खुद नहीं जाऊंगा। अध्यक्ष का पद गरिमा और जिम्मेदारी का है। हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि यह देश के लिए चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि बीजेपी सभी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और उनकी सोच राजतंत्र जैसी है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे हर बार कांग्रेस पास होती आई है इस बार भी पार्टी राज्यसभा चुनाव में सफल होगी और परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्यसभा चुनाव में कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ी सियासी लड़ाई देखने को मिलने वाली है। दो सीटें बीजेपी की पक्की हैं लेकिन तीसरी सीट को लेकर मतदाता और नेताओं की रणनीति निर्णायक साबित होगी। कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंक रही है ताकि हॉर्स ट्रेडिंग और दबाव के बावजूद तीसरी सीट पर जीत सुनिश्चित की जा सके।