अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल, मॉर्च्युरी के बाहर पोस्टमॉर्टम से हड़कंप

नई दिल्ली। राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मॉर्च्युरी के बाहर खुले रास्ते पर एक शव का पोस्टमॉर्टम किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि स्ट्रेचर पर रखे शव की खुले में चीर-फाड़ की जा रही है, जबकि आसपास से मरीजों के परिजन और आम लोग लगातार गुजर रहे हैं। मामला बजरिया थाना क्षेत्र से जुड़े एक अज्ञात व्यक्ति के शव का बताया जा रहा है। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंची थी। लेकिन शव को मॉर्च्युरी के अंदर ले जाने के बजाय बाहर जाने वाले रास्ते पर ही स्ट्रेचर पर रख दिया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने वहीं खुले में पोस्टमॉर्टम शुरू कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि डॉक्टर छेनी और हथौड़ी की मदद से शव की खोपड़ी खोल रहे हैं। इस दौरान आसपास खड़े लोग पूरी प्रक्रिया देखते रहे। जैसे ही बदबू फैलनी शुरू हुई, वहां मौजूद लोग दूर हटने लगे। कुछ देर बाद अन्य अस्पतालकर्मी और एक पुलिसकर्मी भी मौके पर नजर आए। सबसे गंभीर बात यह रही कि पोस्टमॉर्टम ऐसी जगह किया गया जहां से अस्पताल के भीतर लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। न तो वहां कोई पर्दा लगाया गया था और न ही किसी तरह की गोपनीयता या सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और फॉरेंसिक विभाग ने सफाई दी। गांधी मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. आशीष जैन ने कहा कि कुछ विशेष मामलों में शवों की सफाई या कीड़े हटाने की प्रक्रिया मॉर्च्युरी के बाहर बने शेड वाले हिस्से में की जाती है। उनका दावा था कि सामान्य पोस्टमॉर्टम मॉर्च्युरी के अंदर ही किए जाते हैं। हालांकि वायरल वीडियो प्रशासन के इन दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रहा है। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सिर्फ सफाई नहीं बल्कि शव का पूरा पोस्टमॉर्टम किया जा रहा था। डॉक्टर स्ट्रेचर पर ही चीर-फाड़ कर रहे थे और शव की खोपड़ी तक खोली जा रही थी। अस्पताल प्रशासन का दावा था कि यह प्रक्रिया शेड वाले हिस्से में होती है, लेकिन वीडियो में शव मॉर्च्युरी के मुख्य रास्ते पर खुले में रखा दिखाई दे रहा है। इस दौरान वहां से लगातार लोग गुजरते रहे। ऐसे में प्रशासन की सफाई पर सवाल उठना लाजिमी माना जा रहा है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं और संवेदनशीलता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग नाराजगी जता रहे हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि मृतक के सम्मान और आम लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। अब देखना होगा कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
बंगाल में TMC में अंदरूनी संकट गहराया, दो और पार्षदों ने छोड़े पद, नेतृत्व पर उठाए सवाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। अब पार्टी के मजबूत माने जाने वाले शहरी निकायों और नगर निगमों में भी बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में कोलकाता नगर निगम के दो वरिष्ठ पार्षदों ने अपने महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को टीएमसी नेता सुशांत घोष ने बरो-12 चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि अरूप चक्रवर्ती ने नगर निगम की अकाउंट्स कमेटी के चेयरमैन पद छोड़ने का ऐलान किया। हालांकि दोनों नेताओं ने फिलहाल पार्षद पद नहीं छोड़ा है। नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगीइस्तीफे के साथ दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि चुनावी हार को स्वीकार करना जरूरी है, क्योंकि हार मानने से इनकार करने पर पिछली जीतों का महत्व भी खत्म हो जाता है। राजनीतिक गलियारों में उनके बयान को पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला माना जा रहा है। दोनों नेताओं का आरोप है कि चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री आम कार्यकर्ताओं और पार्षदों से दूरी बना चुके हैं। चक्रवर्ती ने कहा कि लंबे समय तक कुछ प्रभावशाली नेताओं ने मुख्यमंत्री तक पहुंच को भी सीमित कर दिया था और अब हार के बाद वही नेता सार्वजनिक जीवन से गायब हैं। भाजपा सरकार की तारीफ से बढ़ीं अटकलेसुशांत घोष ने अपने घर के बाहर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए पुलिस जांच पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। भवानीपुर से शुरू हुआ असंतोषटीएमसी के भीतर विरोध का यह सिलसिला हाल ही में तब शुरू हुआ था, जब पार्षद देबोलीना बिस्वास ने केएमसी के बरो-9 अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। भवानीपुर विधानसभा सीट पर पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद यह नाराजगी सामने आई थी। भवानीपुर को लंबे समय तक टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। पार्टी के भीतर बढ़ रहा संकटराज्य की सत्ता से बाहर होने के बाद टीएमसी में लगातार अंदरूनी खींचतान बढ़ती जा रही है। हाल ही में वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। कई विधायक, सांसद और पार्षद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं और संगठन की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सत्ता परिवर्तन के बाद अब तक 60 से ज्यादा टीएमसी पार्षद विभिन्न नगरपालिकाओं और नगर निगमों में अपने पद छोड़ चुके हैं या संगठनात्मक गतिविधियों से अलग हो गए हैं। कई पार्षदों ने कार्यालय आना भी बंद कर दिया है, जिससे नगर निकायों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक तक नगरपालिकाएं और नगर निगम टीएमसी की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत रहे, लेकिन अब वहीं पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते दिखाई दे रहे हैं।
राजस्थान का श्रीगंगानगर दुनिया का सबसे गर्म शहर बना, तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस

श्रीगंगानगर। राजस्थान का श्रीगंगानगर बुधवार को भीषण गर्मी के चलते दुनिया का सबसे गर्म स्थान बन गया। यहां अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने उत्तर भारत में पड़ रही लू और गर्मी की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मई के अंतिम दिनों में पड़ रही तेज गर्मी, शुष्क रेगिस्तानी हवाएं और साफ आसमान इस असामान्य तापमान वृद्धि के मुख्य कारण हैं। इस रिकॉर्ड तापमान ने उत्तर प्रदेश के बांदा में पहले दर्ज किए गए उच्च तापमान के स्तर को भी छू लिया है। इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। कई शहरों में 45 से 46 डिग्री के पार तापमानबुधवार को बीकानेर और रोहतक में 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और चूरू में 46.4 डिग्री, झांसी में 46 डिग्री, हिसार में 45 डिग्री और नई दिल्ली में 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक दिन तक इसी तरह की भीषण गर्मी बनी रह सकती है। हालांकि, गुरुवार शाम से उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में आंधी, धूल भरी हवाएं और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है। क्यों बना श्रीगंगानगर सबसे गर्ममौसम विशेषज्ञों के अनुसार श्रीगंगानगर का तापमान बढ़ने के पीछे कई भौगोलिक और मौसमी कारण हैं। यह क्षेत्र राजस्थान के उत्तरी हिस्से में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है और थार रेगिस्तान के बेहद करीब है। मई के अंत में यहां की जमीन तेजी से गर्म हो जाती है, जिससे तापमान अचानक बढ़ जाता है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएं भी तापमान को और बढ़ा देती हैं। नमी की कमी और साफ आसमान ने बढ़ाई गर्मीविशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वातावरण में नमी की कमी है, जिससे बादल नहीं बन पा रहे हैं और सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं। सूखी मिट्टी भी गर्मी को और बढ़ा रही है, क्योंकि जमीन में नमी न होने पर सूर्य की ऊर्जा सीधे हवा और सतह को गर्म करती है। इस समय उत्तर भारत में किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या बारिश लाने वाली प्रणाली की अनुपस्थिति के कारण भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में कई दिनों से साफ मौसम बना हुआ है, जिससे गर्मी और अधिक जमा हो गई है। आने वाले दिनों में राहत की उम्मीदमौसम विभाग ने राहत की संभावना जताई है। अनुमान है कि गुरुवार शाम से तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बारिश शुरू हो सकती है, जिससे सप्ताहांत तक तापमान 40 डिग्री से नीचे आने की संभावना है। हालांकि, मौसम में बदलाव के दौरान तेज आंधी, बिजली गिरने और नुकसान पहुंचाने वाली हवाओं का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल श्रीगंगानगर देश और दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल बना हुआ है और भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
पश्चिम बंगाल में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में 30 लाख फर्जी लाभार्थी, CM शुभेंदु अधिकारी का दावा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि योजना के लगभग 30 लाख लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इनमें कथित तौर पर गैर-भारतीय, मृतक और वोटर लिस्ट से स्थायी रूप से हटाए गए लोगों के नाम शामिल हैं। कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नबन्ना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने नई ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना के आवेदन फॉर्म जारी किए। उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। आवेदन पत्रों का सत्यापन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। 2.20 करोड़ लाभार्थियों में 30 लाख पर सवालमुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के करीब 2.20 करोड़ लाभार्थी हैं, लेकिन इनमें से लगभग 30 लाख नाम संदिग्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लाभार्थी गैर-भारतीय, मृतक या फर्जी हैं। सत्यापन के बाद ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना में लगभग 2 करोड़ वास्तविक लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत आवेदन किया है या SIR से जुड़े ट्रिब्यूनल में वोटर सूची में शामिल होने की अपील की है, वे इस योजना के पात्र माने जाएंगे। पुरानी योजना से दोगुनी सहायतामुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी ने चुनावी घोषणा पत्र में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना शुरू करने का वादा किया था, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की जगह लेगी। पुरानी योजना में सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह दिए जाते थे। नई योजना में सभी पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। पारदर्शिता के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारीमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को ऐसी शिकायतें मिली थीं कि जिन लोगों के नाम वोटर सूची से हट चुके हैं और जिन्होंने ट्रिब्यूनल या CAA के तहत आवेदन नहीं किया, वे भी योजना का लाभ उठा रहे थे। इसी कारण लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल का विभाग इस योजना का नोडल विभाग होगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव, वित्त विभाग, जिला मजिस्ट्रेट, बीडीओ, नगर निगम आयुक्त, गृह विभाग और आधार नामांकन से जुड़े विभाग भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। नई योजना लागू होने तक जारी रहेगी पुरानी सहायतामुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक मौजूदा ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ बंद नहीं किया जाएगा। सरकार 1 जून से 90 दिनों तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से नामांकन अभियान चलाएगी। पंचायत क्षेत्रों में घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि सत्यापन की कमी के कारण कुछ पुरुषों के नाम भी लाभार्थियों की सूची में शामिल हो गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 जून तक सफलतापूर्वक नामांकन कराने वाली महिलाओं को अगली कैबिनेट बैठक के बाद DBT के जरिए राशि भेज दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि सोमवार से महिलाओं को राज्य परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी। वहीं आयुष्मान भारत योजना के कार्ड जुलाई से वितरित किए जा सकते हैं। केंद्र सरकार के साथ इस संबंध में 8 जून को MoU पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म

भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के दौरान इस बार भीषण गर्मी के साथ आंधी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है, वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लू, तेज गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 46 जिलों में हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव पिछले 10 दिनों से प्रदेश के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं। दोनों शहरों में गुरुवार के लिए भी तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। IMD भोपाल के मुताबिक, 18 मई से लगातार इन शहरों का तापमान सबसे अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। इस दौरान तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बुधवार को खजुराहो और नौगांव में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले तीन दिन बदल सकता है मौसममौसम विभाग ने 29 से 31 मई तक कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। कई शहरों में 44 डिग्री से ऊपर पहुंचा पाराबुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी रही। दतिया 45.7 डिग्री सेल्सियस के साथ तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा रीवा में 45.4 डिग्री, दमोह में 45.2 डिग्री, राजगढ़ और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तथा सतना में 44.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मंडला, नरसिंहपुर और श्योपुर में 44.6 डिग्री, सागर और रायसेन में 44.4 डिग्री, मलाजखंड में 44.2 डिग्री तथा गुना में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.5 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 43.6 डिग्री, जबलपुर में 43 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। कुछ जिलों में राहत के आसारमौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में लू से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में शाम के समय आंधी और बारिश की संभावना है। जिलों के लिए जारी अलर्टरेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।ऑरेंज अलर्ट: सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली।यलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 30 और 31 मई को कई इलाकों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत देखने को मिल सकती है।
Hast Rekha: हथेली के सूर्य पर्वत पर हों ये 5 निशान तो मिलती है खूब प्रसिद्धि, धन-दौलत की भी नहीं रहती कमी

नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं और पर्वतों का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें सूर्य पर्वत को बेहद प्रभावशाली माना जाता है। यह पर्वत अनामिका यानी रिंग फिंगर के नीचे स्थित होता है और व्यक्ति की प्रसिद्धि, आत्मविश्वास, मान-सम्मान, सरकारी सफलता और कला के क्षेत्र में उपलब्धियों का संकेत देता है। हस्तरेखा विशेषज्ञों के मुताबिक सूर्य पर्वत पर बने कुछ खास चिह्न जीवन में बड़ी सफलता और आर्थिक समृद्धि का संकेत माने जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति की हथेली में सूर्य पर्वत उभरा हुआ और साफ दिखाई देता है तो यह शुभ माना जाता है। वहीं इस पर्वत पर मौजूद कुछ विशेष निशान भविष्य के कई गहरे राज खोलते हैं। आइए जानते हैं सूर्य पर्वत पर बनने वाले उन 5 शुभ चिह्नों के बारे में जो व्यक्ति को प्रसिद्धि और धन लाभ दिला सकते हैं। सबसे पहले बात करते हैं वर्ग यानी चौकोर निशान की। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार सूर्य पर्वत पर वर्ग का निशान होना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे लोग समाज में अलग पहचान बनाते हैं और उन्हें खूब सम्मान मिलता है। ये लोग सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं और सरकारी क्षेत्र से भी लाभ प्राप्त करते हैं। इनका जीवन आमतौर पर सुख-सुविधाओं से भरपूर रहता है। सूर्य पर्वत पर वृत्त यानी गोल निशान भी खास महत्व रखता है। यह चिह्न बहुत कम लोगों की हथेली में दिखाई देता है। जिन लोगों के हाथ में यह निशान होता है, उन्हें जीवन में विदेश यात्रा के कई अवसर मिलते हैं। साथ ही ऐसे लोग मेहनत के दम पर बड़ी सफलता हासिल करते हैं और धीरे-धीरे उनका भाग्योदय होता है। त्रिकोण का निशान भी सूर्य पर्वत पर अत्यंत शुभ माना गया है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की हथेली में यह चिह्न होता है, वे कला, संगीत, अभिनय या रचनात्मक क्षेत्रों में खूब नाम कमाते हैं। उनकी प्रतिभा लोगों को आकर्षित करती है और समाज में उनकी विशेष पहचान बनती है। इसके अलावा सूर्य पर्वत पर नक्षत्र जैसा चिह्न होना भी बेहद शुभ संकेत माना जाता है। ऐसे लोगों के सरकारी नौकरी पाने की संभावना काफी मजबूत मानी जाती है। ये लोग प्रशासनिक या सरकारी क्षेत्र में ऊंचे पद तक पहुंच सकते हैं। साथ ही इन्हें जीवन में धन, प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान भी भरपूर मिलता है। हस्तरेखा शास्त्र में सूर्य पर्वत पर कई सीधी रेखाओं का होना भी शुभ संकेत माना गया है। यह व्यक्ति के मजबूत करियर और मेहनत से सफलता पाने की ओर इशारा करता है। ऐसे लोग जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाते हैं और अपने कार्यक्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। हालांकि हस्तरेखा शास्त्र को आस्था और पारंपरिक मान्यताओं से जोड़कर देखा जाता है। इसे वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना जाता, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोग हस्तरेखा के जरिए अपने भविष्य और व्यक्तित्व को समझने की कोशिश करते हैं।
वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी से दंग हुए क्रिस गेल: 59 छक्कों का रिकॉर्ड टूटने पर दिया बड़ा रिएक्शन

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जिस अंदाज में आग उगल रहा है उसने पूरी क्रिकेट दुनिया को हैरान कर दिया है। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने वो कारनामा कर दिखाया है जो आईपीएल के इतिहास में बड़े-बड़े दिग्गज बल्लेबाज नहीं कर पाए थे। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। इस तूफानी पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 5 चौके और 12 गगनचुंबी छक्के लगाए। इन्हीं 12 छक्कों के साथ उन्होंने आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल के नाम था जिन्होंने साल 2012 में एक सीजन में 59 छक्के लगाए थे। अब वैभव सूर्यवंशी 65 छक्कों के साथ इस लिस्ट में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। सबसे खास बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गए। अगर वह 29वीं गेंद पर आउट नहीं होते तो शायद आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक भी उनके नाम हो जाता। यह रिकॉर्ड फिलहाल क्रिस गेल के नाम है जिन्होंने 2013 में मात्र 30 गेंदों में सेंचुरी जड़ी थी। वैभव की इस रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गज खिलाड़ियों ने उनकी बल्लेबाजी को खास बताया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त हुई जब खुद क्रिस गेल ने वैभव की तारीफ में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया। क्रिस गेल ने इंस्टाग्राम स्टोरी और एक्स पर वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े शेयर करते हुए लिखा, “वैभव क्या जबरदस्त खिलाड़ी है। बहुत मजेदार नौजवान। IPL की नई सिक्स मशीन।” यूनिवर्स बॉस का यह रिएक्शन बताता है कि वैभव की बल्लेबाजी ने दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक को भी प्रभावित कर दिया है। वैभव सूर्यवंशी की इस पारी का असर ऑरेंज कैप की रेस पर भी पड़ा। अब उनके नाम आईपीएल 2026 में 680 रन हो गए हैं और वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने एक सीजन में 200 से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ 600 से अधिक रन बनाए हैं। अगर मैच की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 280 रन तक पहुंच जाएगी, लेकिन वैभव के आउट होने के बाद टीम की रफ्तार धीमी पड़ गई। ध्रुव जुरेल ने जरूर अर्धशतक लगाया लेकिन बाकी बल्लेबाज ज्यादा योगदान नहीं दे सके। 244 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर के जल्दी आउट होने के बाद पूरी टीम दबाव में आ गई और 196 रन पर सिमट गई। हैदराबाद की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई। अब राजस्थान रॉयल्स का सामना 29 मई को क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस से होगा। यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इस मैच की विजेता टीम फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगी। लेकिन फिलहाल क्रिकेट जगत में सबसे ज्यादा चर्चा सिर्फ एक नाम की हो रही है और वो नाम है वैभव सूर्यवंशी।
Netflix समेत कई प्लेटफॉर्म पर जून में आएगा एंटरटेनमेंट का तूफान

नई दिल्ली। जून 2026 ओटीटी दर्शकों के लिए जबरदस्त एंटरटेनमेंट लेकर आने वाला है। इस महीने नेटफ्लिक्स, सोनी लिव, जियो हॉटस्टार और जी5 जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर कई बड़ी फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। खास बात यह है कि इस बार दर्शकों को फैमिली ड्रामा, हॉरर, क्राइम थ्रिलर, स्पाई एक्शन और रोमांटिक ड्रामा जैसे हर तरह के कंटेंट का मजा मिलने वाला है। सबसे ज्यादा चर्चा नेटफ्लिक्स की रिलीज को लेकर है क्योंकि जून में अकेले नेटफ्लिक्स पर 8 नई फिल्में और सीरीज दस्तक देने वाली हैं। वहीं सोनी लिव भी अपने लोकप्रिय शो ‘गुल्लक’ के नए सीजन के साथ दर्शकों को भावुक और मनोरंजक सफर पर ले जाने के लिए तैयार है। सोनी लिव पर 5 जून को रिलीज हो रहा ‘गुल्लक सीजन 5’ इस महीने की सबसे चर्चित रिलीज में शामिल है। मिश्रा परिवार की छोटी-छोटी खुशियों और संघर्षों को दिखाने वाला यह शो पहले से ही दर्शकों का पसंदीदा रहा है। इस बार कहानी में परिवार के रिश्तों में आए बदलाव और बच्चों के बड़े होने के साथ पैदा हो रही दूरियों को दिखाया जाएगा। माइथोलॉजी पसंद करने वालों के लिए ‘हस्तिनापुर के वीर’ खास रहने वाला है। 2 जून को रिलीज होने वाली इस सीरीज में पांडवों के बचपन और उनके संघर्षों की कहानी दिखाई जाएगी। वहीं डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5’ भी 6 जून से दर्शकों का मनोरंजन करेगा। नेटफ्लिक्स इस महीने क्राइम और हॉरर कंटेंट से भरपूर रहने वाला है। ‘लॉ एंड ऑर्डर स्पेशल विक्टिम्स यूनिट’ जैसी लोकप्रिय क्राइम सीरीज 1 जून को प्लेटफॉर्म पर आ रही है। वहीं माधुरी दीक्षित की डार्क क्राइम कॉमेडी ‘मां बहन’ भी 4 जून को रिलीज होगी। इस फिल्म में एक परिवार की जिंदगी तब उलझ जाती है जब उनके किचन में एक पड़ोसी की लाश मिलती है। कोरियन कंटेंट पसंद करने वालों के लिए ‘टीच यू अ लेसन’ भी खास होने वाली है। यह एक्शन थ्रिलर स्कूल में हो रही बुलिंग और हिंसा पर आधारित है। वहीं हॉरर और मिस्ट्री के शौकीनों को ‘द वॉचर्स’ और ‘द नन 2’ जैसी फिल्में डर और रोमांच का पूरा डोज देने वाली हैं। समुद्री एडवेंचर फिल्म ‘मेग 2 द ट्रेंच’ भी नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी जिसमें विशालकाय शार्क से इंसानों की खतरनाक लड़ाई दिखाई जाएगी। इसके अलावा ‘कलर ऑफ ईविल ब्लैक’ जैसी डार्क क्राइम थ्रिलर भी दर्शकों को सस्पेंस से भर देगी। जियो हॉटस्टार पर ‘धुरंधर द रिवेंज रॉ और अनदेखा’ खास आकर्षण रहेगा। इस फिल्म का अनकट वर्जन दर्शकों को थिएटर से अलग अनुभव देगा। वहीं ‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ में बदले और रिश्तों की नई कहानी देखने को मिलेगी। जी5 पर रिलीज हो रही ‘ब्राउन’ भी काफी चर्चा में है। इस सीरीज में करिश्मा कपूर एक पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आएंगी जो एक खतरनाक सीरियल किलर को पकड़ने की कोशिश करती हैं। कुल मिलाकर जून का महीना ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। चाहे आपको फैमिली ड्रामा पसंद हो, हॉरर देखना अच्छा लगता हो या फिर क्राइम थ्रिलर का रोमांच चाहिए, इस महीने हर दर्शक के लिए कुछ न कुछ खास जरूर मौजूद रहेगा।
SD बर्मन की बात से आहत हुई थीं लता मंगेशकर: ईगो भुलाकर 5 साल बाद मोहम्मद रफी के साथ गाया था यह यादगार गीत

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में अगर किसी सिंगिंग जोड़ी ने सबसे ज्यादा जादू बिखेरा तो वह थी लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की जोड़ी। दोनों की आवाज का ऐसा असर था कि हर फिल्ममेकर अपनी फिल्म में इनकी आवाज चाहता था। 1950 और 60 के दशक में इस जोड़ी ने दर्जनों सुपरहिट गाने दिए। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब दोनों दिग्गजों के बीच ऐसा विवाद हुआ कि उन्होंने साथ गाना छोड़ने तक की कसम खा ली। दरअसल साल 1962 में गानों की रॉयल्टी को लेकर लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच मतभेद हो गया। लता मंगेशकर का मानना था कि गायकों को गानों की रॉयल्टी मिलनी चाहिए, जबकि मोहम्मद रफी इस विचार से सहमत नहीं थे। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने साथ काम न करने का फैसला कर लिया। इसके बाद करीब चार से पांच साल तक दोनों ने कोई डुएट सॉन्ग रिकॉर्ड नहीं किया। इस दौरान मोहम्मद रफी ने आशा भोसले और सुमन कल्याणपुर जैसी गायिकाओं के साथ कई सुपरहिट गाने दिए। दूसरी तरफ लता मंगेशकर भी अपने सोलो गानों में व्यस्त रहीं। लेकिन धीरे-धीरे इंडस्ट्री में नई आवाजों की एंट्री होने लगी और इसका असर लता मंगेशकर के करियर पर भी पड़ने लगा। इसी दौरान मशहूर संगीतकार एसडी बर्मन एक बड़ी फिल्म के लिए गाना तैयार कर रहे थे। उन्होंने इस गाने के लिए लता मंगेशकर को फोन किया। शुरुआत में लता ने गाने के लिए हामी भर दी, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि इस गाने में मोहम्मद रफी भी होंगे, उन्होंने तुरंत ऑफर ठुकरा दिया। कहा जाता है कि एसडी बर्मन इस जवाब से नाराज नहीं हुए बल्कि सीधे लता मंगेशकर के घर पहुंच गए। वहां उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के लता से साफ कहा कि उनकी यह जिद उनके ही करियर को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह यह गाना नहीं गाएंगी तो वह इसे सुमन कल्याणपुर से रिकॉर्ड करवा देंगे। एसडी बर्मन की यह बात लता मंगेशकर को भीतर तक चुभ गई। उन्हें एहसास हुआ कि उनका ईगो धीरे-धीरे उनकी जगह किसी और को दिला सकता है। यही वह पल था जब उन्होंने अपने पुराने विवाद को खत्म करने का फैसला लिया। इसके बाद लता मंगेशकर ने संगीतकार जय किशन के जरिए मोहम्मद रफी तक संदेश पहुंचाया। खास बात यह रही कि रफी साहब ने भी पुराने मनमुटाव को पीछे छोड़ते हुए तुरंत हामी भर दी। फिर वह ऐतिहासिक पल आया जिसका संगीत प्रेमी वर्षों से इंतजार कर रहे थे। मुंबई के शन्मुखानंद हॉल में दोनों दिग्गज फिर एक साथ रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचे और 1967 में रिलीज हुई देव आनंद की फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ के लिए सुपरहिट गाना ‘दिल पुकारे आ रे आ रे’ रिकॉर्ड किया गया। यह गाना रिलीज होते ही छा गया और इसके साथ ही लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की जादुई जोड़ी की वापसी हो गई। इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ गाने गाए और हिंदी सिनेमा को ऐसे यादगार नगमे दिए जिन्हें आज भी लोग उतने ही प्यार से सुनते हैं। यह किस्सा सिर्फ दो महान कलाकारों के विवाद का नहीं बल्कि इस बात का भी उदाहरण है कि कला के सामने अहंकार ज्यादा देर तक टिक नहीं सकता।
रणवीर सिंह का बड़ा ऑफर भी नहीं चला: फरहान अख्तर ने 10 करोड़ रुपए और फीस में 25% छूट का प्रस्ताव ठुकराया!

नई दिल्ली। बॉलीवुड में इन दिनों रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच चल रहा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ यह मामला अब इंडस्ट्री के सबसे चर्चित विवादों में शामिल हो चुका है। इसी बीच अब एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि रणवीर सिंह ने मामले को सुलझाने के लिए फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट को बड़ा ऑफर दिया था, लेकिन फरहान और रितेश सिधवानी ने उसे स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2026 के पहले हफ्ते में रणवीर सिंह ने एक्सेल एंटरटेनमेंट को 10 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा था। इतना ही नहीं उन्होंने भविष्य में किसी दूसरे प्रोजेक्ट में साथ काम करने की स्थिति में अपनी फीस में 25 प्रतिशत तक की कटौती करने की बात भी कही थी। बताया जा रहा है कि रणवीर इस विवाद को खत्म कर रिश्ते सुधारना चाहते थे, लेकिन एक्सेल एंटरटेनमेंट इस मामले में अपना फैसला पहले ही कर चुका था। खबरों के अनुसार फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी पिछले दो सालों में हुए घटनाक्रम से बेहद नाराज हैं। फिल्म की शूटिंग में लगातार देरी, बातचीत में अनिश्चितता और अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने की वजह से उन्हें आर्थिक और प्रोफेशनल दोनों तरह का नुकसान झेलना पड़ा। यही कारण है कि उन्होंने रणवीर सिंह के इस ऑफर को ठुकरा दिया और भविष्य में उनके साथ काम नहीं करने का फैसला किया। दरअसल पूरा विवाद फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़ा हुआ है। साल 2023 में फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह को नए डॉन के रूप में लॉन्च करते हुए फिल्म का टीजर जारी किया था। अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के बाद रणवीर को इस आइकॉनिक किरदार में देखने को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हुई थी। हालांकि कुछ फैंस इस फैसले से खुश नहीं थे, लेकिन रणवीर ने दर्शकों से उन्हें एक मौका देने की अपील की थी। इसके बाद अचानक खबर आई कि रणवीर सिंह फिल्म से बाहर हो गए हैं। बताया गया कि शूटिंग शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। उस समय तक फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काफी आगे बढ़ चुका था और इसी वजह से एक्सेल एंटरटेनमेंट को भारी नुकसान उठाना पड़ा। FWICE यानी फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने भी इस मामले में दखल दिया। संगठन ने बताया कि फरहान अख्तर ने अप्रैल 2026 में उनके पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दावा किया गया कि रणवीर सिंह ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, लेकिन डॉन 3 छोड़ने से कंपनी को करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। फरहान अख्तर ने इस नुकसान की भरपाई की मांग भी की है। इस पूरे विवाद के दौरान रणवीर सिंह की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि उनकी टीम ने पहले यह जरूर कहा था कि अभिनेता जानबूझकर चुप्पी बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ इंडस्ट्री में रणवीर के बैन होने की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन बाद में साफ किया गया कि उन्हें आधिकारिक रूप से बैन नहीं किया गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और क्या भविष्य में रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के रिश्ते फिर सामान्य हो पाएंगे या नहीं।