मध्य प्रदेश में LPG संकट: सिलेंडर 30% महंगे, होटल और घरों में हाहाकार

भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 6 दिनों से प्रदेश के कई शहरों में कॉमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की सप्लाई बाधित है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि होटल, रेस्टोरेंट और घरों में रसोई गैस की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें:भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में लोग सुबह-सुबह सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हो रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग भी सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई बार बुकिंग पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि कभी-कभी 6 से 8 घंटे इंतजार के बाद सिलेंडर मिल पा रहा है। होटल और रेस्टोरेंट्स पर असर:प्रदेश में करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट्स इस संकट से प्रभावित हैं। इन व्यवसायों को अपने संचालन के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे, जिससे खाना पकाने में बाधा और ग्राहकों की सेवा प्रभावित हो रही है। विकल्प और बढ़ा खर्च:गैस की कमी के कारण इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का उपयोग बढ़ गया है। हालांकि, इनके संचालन की लागत 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। भोपाल में कुछ रेहड़ियां और छोटे स्ट्रीट फूड स्टॉल्स अस्थायी रूप से बंद भी हो गए हैं। राज्यव्यापी स्थिति:LPG संकट केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। राजधानी से लेकर छिंदवाड़ा और अन्य शहरों में रसोई गैस की कमी ने आम जनता और व्यवसायों में हाहाकार मचा दिया है। विशेषज्ञों की चेतावनी:विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो इससे खाद्य सेवा उद्योग और घरेलू रसोई दोनों प्रभावित होंगे। लंबे समय तक गैस की कमी के कारण लोग सस्ता और असुरक्षित विकल्प, जैसे खुले भट्ठी या कोयला, इस्तेमाल करने पर मजबूर हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। सरकारी कदम:इस समय सरकारी एजेंसियां और वितरक प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सिलेंडर की सप्लाई बहाल हो। हालाँकि, अभी तक कोई ठोस समयरेखा नहीं दी गई है। मध्य प्रदेश में LPG संकट से गृहस्थी और व्यापार दोनों प्रभावित हैं। होटल और रेस्टोरेंट्स संचालन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, घरों में रसोई गैस की कमी आमजन की दिनचर्या पर असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की सुविधा दोनों पर लंबी अवधि में असर डाल सकता है।
Travel Tips: मार्च में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 5 डेस्टिनेशन्स, ना ठंड की चिंता ना गर्मी का झंझट

नई दिल्ली। मार्च ऐसा महीना होता है जब सीज़ बिल्कुल चलता रहता है। ना कोई परेशानी होती है और ना ही गर्मी का असर होता है। विशाल धूप, साना आकाश और कम भीड़ के कारण इस समय की यात्रा का अनुभव और भी बेहतर हो जाता है। अगर आप भी इस महीने कहीं भी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत की कुछ ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जहां आपको प्रकृति, संस्कृति और सबसे शानदार संगम देखने को मिलेगा। वाराणसी: अध्यात्म और शांति का अनुभववाराणसी में मार्च महीने में घूमने के लिए बेहद शानदार जगह मणि मिलती है। इस समय यहां की सुबह बेहद सुहावनी होती है और धूप के बीच घाटों का दृश्य मन मोह लेता है। यहां आप प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर सकते हैं और शहर की पुरानी कहानियों में डूबे हुए दार्शनिक दार्शनिक को महसूस कर सकते हैं। सुबह-सुबह गंगा नदी में नाव की सवारी और शाम को घाटों पर वाली गंगा आरती का अनुभव करने के लिए हर यात्री स्मारक पर जाता है। यूके: झीलों की नगरी का रोमांटिक दृश्यराजस्थान की गर्मी मार्च से पहले शुरू होने पर उदयपुर घूमने का सबसे सही समय माना जाता है। साफ नीले आकाश की परछाई जब पिछोला झील में खूबसूरत माला है, तो पूरे शहर में किसी भी तरह की पेंटिंग नजर आती है। यहां का ग्रैंड सिटी पैलेस, उदयपुर और जग मंदिर की भूमिका को प्रमुखता से तैयार किया गया है। वहीं सहेलियों-की-बारी में टहलना और झील किनारे शाम की चढ़ाई बेहद सच्चा अनुभव देती है। वायनाड: प्रकृति प्रेमियों की पसंदअगर आप हरियाली और प्रकृति के करीब घूमना चाहते हैं, तो वायनाड मार्च में घूमने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। यह इस समय बेहद खूबसूरत दिखती है। यहां आप प्राचीन एडक्कल गुफाएं देख सकते हैं और बाणासुर सागर बांध के शानदार नज़ारों का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा चेम्बरा पीक तक ट्रैकिंग करते हुए दिल के आकार वाली लेक तक का आनंददायक अनुभव भी देखने को मिलता है। उटी: फूल और चाय बागानों की सुंदरतादक्षिण भारत का प्रसिद्ध हिल स्टेशन ऊटी मार्च में अपनी असली सुंदरता का प्रतीक है। इस समय यहां के सजावटी रंग-बिरंगे फूलों से भरपूर रहते हैं और चारों ओर चाय के हरे-भरे बाग देखने को मिलते हैं। यहां की ऊटी झील में बोटिंग करना और प्रसिद्ध नीलगिरि माउंटेन रेलवे की टेरी ट्रेन की सवारी करना बेहद यादगार अनुभव होता है। अगर आप पेपैल से शानदार दृश्य देखना चाहते हैं, तो डोड्डाबेट्टा पीक जरूर जाएं। गैंगटोक: पहाड़ों में वसंत का जादूगंगटोक में मार्च महीने में वसंत का मौसम शुरू हो जाता है। इस समय यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है और आसपास के दृश्यों में साक्षात् दृश्य दिखाई देते हैं। यहां आप खूबसूरत त्सोम्गो झील का नजारा देख सकते हैं और शांत वातावरण वाले रमटेक मठ में समय सामात्यकर मनोवैज्ञानिक पवित्र पा सकते हैं। शाम के समय एमजी मार्ग, गंगटोक पर घूमना और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेना और भी खास बनाना है।
ग्वालियर: शराब के लिए पैसे न देने पर स्कूटी में आग, CCTV में कैद हुई घटना

ग्वालियर। हजीरा थाना क्षेत्र के बिरला नगर में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक व्यक्ति की घर के बाहर खड़ी स्कूटी में आग लगा दी गई। घटना का कारण था शराब के लिए पैसे न देना। पूरी वारदात घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। बिरला नगर निवासी जंडेल सिंह यादव ने पुलिस को बताया कि चेतन राजावत और पंकज कोली उससे शराब के लिए पैसे मांग रहे थे।पैसे देने से इनकार करने पर दोनों आरोपी उस रात वहां से चले गए।गुरुवार देर रात दोनों फिर उसके घर पहुंचे। एक आरोपी निगरानी करता रहा, जबकि दूसरा स्कूटी के पास गया। स्कूटी में आग लगाने की वारदातआरोपी ने स्कूटी पर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस कार्रवाईCCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।पंकज कोली को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चेतन राजावत अभी फरार है।सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि शराब के लिए पैसे न देने के विवाद में ही स्कूटी में आग लगाई गई। कीवर्ड्स (कोमा से अलग): ग्वालियर, बिरला नगर, हजीरा थाना, स्कूटी आग, शराब विवाद, पैसे नहीं देने, CCTV फुटेज, पंकज कोली, चेतन राजावत, पुलिस गिरफ्तारी, फरार आरोपी, जंडेल सिंह यादव, आगजनी, सड़क सुरक्षा, स्थानीय अपराध
अब कोई नहीं है सुपरमार्केट की ओर से: शॉकॉक कैंसिल करने पर देना होगा टैगडा पुअनी, बिना एयरलाइन की टैक्सी चलाना संभव नहीं है

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने ओला और उबर के जेईई ऐप पर आधारित टैक्सी सेवाओं को कंपनियों में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने मोटरयान ग्रुप एवं वितरण सेवा प्रदाता नियमावली-2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। सरकार का कहना है कि अब बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के कोई भी ऐप आधारित रेडियो सेवा संचालित नहीं हो सकती। इन पेशेवरों का मकसद यात्रियों की सुरक्षा और यात्री सेवाओं को सुरक्षित करना है। 30 दिनों में सलाह और सलाह दी गईराज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में संशोधन करते हुए नई नियमावली का मसौदा जारी किया है। इस पर आम लोगों, सुपरमार्केट और अन्य संबंधित स्टार्स से 30 दिनों के लिए सलाह और गोपनीयता की छूट दी गई है। सरकार का कहना है कि सभी सुझावों पर विचार करने के बाद प्रतिभा को अंतिम रूप दिया जाएगा और इसके बाद प्रदेश में चलने वाली सभी ऐप आधारित रेडियो सेवाओं को अंतिम चरण के अनुसार काम करना होगा। बिना किराये वाली गाड़ी चलाना संभव नहींनई व्यवस्था के अनुसार किसी भी प्रकार की रोड़ सेवा के बिना भर्ती, वाहन, फिटनेस और चालक के लिए यात्रा नहीं चलनी चाहिए। इसके साथ ही चालक का मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य होगा। यदि कोई सेवा प्रदाता या चालक दल के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का मानना है कि इससे अवैध विदेशी सेवाओं पर रोक से यात्रियों और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलेगी। बैंक कैंसिल करने पर अंतिम कीमतनई नियमावली में यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। यदि कोई चालक दल नामांकन स्वीकार करने के बाद बिना किसी वैध के उसे रद्द कर देता है, तो उस पर किराए का 10 प्रतिशत या अधिकतर 100 रुपये तक का मूल्य निर्धारण होगा। इसके अलावा अगले कोच में यात्री को किराए पर कुछ डीजल भी देगा। सरकार का मानना है कि इससे बार-बार शोक कंसिल करने की समस्या कम होगी। सरकार ने पासपोर्ट के लिए 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य कर दिया है। इसमें ऐप का सही उपयोग, मोटरयान नियम, सुरक्षित ड्राइविंग, यात्रियों से व्यवहार और सड़क दुर्घटना के समय सहायता जैसे विषय शामिल होंगे। अगर किसी ड्राइवर की रेटिंग 5 प्रतिशत से कम है तो उसे हर तीन महीने में फिल्म ट्रेनिंग लेनी होगी। ड्राइवर बनने के लिए तय किये गये नये नियमनई नीति के अनुसार ड्रॉइट ड्राइवर बनने के लिए कम से कम दो साल का ड्राइविंग अनुभव जरूरी होगा। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में किसी भी अपराध में दोषी पाए गए व्यक्ति को चालक बनने की अनुमति नहीं दी गई। सभी पासपोर्टों का पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन भी अनिवार्य होगा। सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई नियम तय किए हैं। ड्राइवर के पास कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा 10 लाख रुपये का आकस्मिक बीमा अनिवार्य है ऐप में महिला चालक दल का विकल्प आवश्यक यात्री लाइव ड्राइवर परिवार या दोस्तों के साथ साझा कर पैसा सभी साहिलियत में साहिली सिस्टम सक्रिय रहेगाअगर ड्राइवर तय रास्ते से हटता है तो कंट्रोल रूम को तुरंत जरूरी मिल जाएगा। नई नीति में प्रदूषण कम करने पर भी जोर दिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अब केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक ऑटो कैरिज ही जोड़ा जाएगा। चार पहिया औद्योगिक वाणिज्यिक वाहन, औद्योगिक मालवाहक वाहन और डोपहिया श्रेणी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले नए ऑटोमोबाइल को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी
बैतूल पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पुत्री के निधन पर जताई शोक संवेदना

बैतूल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को बैतूल पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पुत्री सुरभि खंडेलवाल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से बैतूल पहुंचे और शहर के गंज स्थित खंडेलवाल निवास जाकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि वे सुरभि के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करने आए हैं। उन्होंने कहा कि हेमंत खंडेलवाल ने अपनी पुत्री की पूरे समर्पण के साथ सेवा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरभि बचपन से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं लेकिन परिवार ने हमेशा उनकी पूरी देखभाल की। उन्होंने कहा कि परिवार के किसी सदस्य के बिछड़ने का दुख अत्यंत पीड़ादायक होता है और इस कठिन समय में वे परिवार के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में पूरा प्रदेश खंडेलवाल परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे शोक संतप्त परिवार को इस गहरे दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इससे पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री कृष्णा गौर भी बैतूल पहुंचे। दोनों नेताओं ने गंज स्थित खंडेलवाल निवास पहुंचकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और दिवंगत सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सड़क मार्ग से बैतूल पहुंचे थे। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। सुरभि खंडेलवाल के निधन के बाद से बैतूल में प्रदेशभर के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं का आना-जाना लगातार जारी है। शनिवार को भी खंडेलवाल निवास पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री जनप्रतिनिधि भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। खंडेलवाल निवास पर श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे लोगों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की थी। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर हेलीपैड और सुरक्षा इंतजाम भी प्रशासन द्वारा किए गए थे। प्रदेशभर से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शोक संदेश भेजे जा रहे हैं और सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस दुखद घटना के बाद खंडेलवाल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने का सिलसिला लगातार जारी है।
इंदौर–खंडवा ब्रॉडगेज रेल लाइन को पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

नई दिल्ली। इंदौर–खंडवा के बीच बनने वाली नई ब्रॉडगेज रेल लाइन को पर्यावरण और वन मंत्रालय से प्रारंभिक अनुमति मिल गई है। इससे लंबे समय से अटकी परियोजना का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना का दायराइस रेल लाइन के लिए 454 हेक्टेयर वनभूमि का उपयोग किया जाएगा। निर्माण क्षेत्र में कुल 1 लाख 34 हजार पेड़ों की कटाई होगी, जबकि करीब 17 हजार पेड़ों को संरक्षित किया जाएगा। परियोजना के तहत करीब 20 किलोमीटर के हिस्से में 16 सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। मुख्य सुरंगेंबड़िया से बेका के बीच: 4.1 किमी लंबी सुरंग चोरल से मुख्तियार बलवाड़ा के बीच: 2.2 किमी सुरंग राजपुर के पास: 1.6 किमी लंबी सुरंग इसके अलावा 13 छोटी सुरंगें 12.1 किमी क्षेत्र में बनाई जाएंगी। निर्माण और स्वीकृतिपरियोजना के निर्माण कार्य की अस्थायी अनुमति 10 मार्च 2026 से 9 जून 2026 तक दी गई है। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि वन भूमि उपयोग की आवश्यक सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। रेलवे को निर्देश दिए गए हैं कि यदि पुरानी रेल लाइन आगे उपयोग में नहीं आएगी, तो उसे हटाकर जमीन वन विभाग को लौटाई जाए और ग्रीन रेलवे कॉरिडोर प्रबंधन योजना तैयार की जाए।यह परियोजना इंदौर सहित पूरे मालवा और निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए अहम मानी जा रही है।
आईपीएल 2026: Kolkata Knight Riders की नई जर्सी का अनावरण, फैंस को पसंद आया नया डिजाइन

नई दिल्ली। थ्री बार आईपीएल खिताब जीता कोलकाता नाइट राइडर्स (केआर) ने आगामी सीज़न के लिए अपनी नई जर्सी का अनावरण किया है। यह जर्सी इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के लिए मुख्य थीम “लाइन्स ऑफ लिगेसी” तैयार की गई है। टीम प्रबंधन के अनुसार इस जर्सी के डिजाइन में उन ऐतिहासिक महलों को शामिल किया गया है जो युवाओं में केकेआर की पहचान और विरासत को आकार देते हैं। इस थीम के माध्यम से टीम अपने शानदार इतिहास और स्मारकों को बनाने की कोशिश कर रही है। ऐतिहासिक स्थलों के डिज़ाइन से प्रेरित हैन्यू जर्सी के डिजाइन में केकेआर के कई ऐतिहासिक और यादगार महलों की झलक देखने को मिलती है। आईपीएल के पहले मैच में ही ब्रेंडन मैकुलम की 158 रनों की धमाकेदार पारी से लेकर हाल के वर्षों में रिंकू सिंह के आखिरी ओवर में कॉन्स्टेंसी के पांच छक्कों तक के रोल को प्रतीकात्मक रूप से लॉन्च किया गया है। इन दोस्तों ने ना सिर्फ केकर के इतिहास को खास बनाया, बल्कि आईपीएल के सबसे चौंकाने वाले लॉन्च में भी अपनी जगह बनाई। टीम का कहना है कि इस बार जर्सी में इन मेमोरियल लम्हों को “सिर्फ याद नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें जर्सी के डिजाइन में गढ़ा गया है।” जर्सी के आश्रम से जुड़ने की कोशिशकेकर के इस जर्सी का उद्देश्य सिर्फ एक नई यूनी फॉर्म का पेशा बनाना नहीं है, बल्कि प्लेयर्स को टीम की कहानी से और उसके अनुसार बढ़ाना है। फ़्रैंचाइज़ी ने कहा कि इस डिज़ाइन के माध्यम से फैन टीम की उस यात्रा को कर फ़ेमस महसूस किया गया, जिसने केकेआर को आईपीएल के सबसे लोकप्रिय मैच में से एक बनाया है। टीम प्रबंधन ने बनाया गौरवनाइट राइडर्स स्पोर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकी मैसूर ने न्यू जर्सी के बारे में कहा कि “डी लाइन्स ऑफ लेगेसी केकेआर के शानदार इतिहास का सार है। हर लाइन टीम के उन खास लोगों के प्रतिनिधियों ने हमारी पहचान बनाई है।” उन्होंने कहा कि टीम ने इस विरासत पर गर्व किया है और आगामी सीज़न में वह इसी ऊर्जा और जुनून के साथ मैदान में उतरकर नई यादगार पल बनाने की कोशिश करेगी। 29 मार्च से केकेआर का अभियान शुरू होगाभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आईपीएल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 29 मार्च को होगी। टीम का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद कोलकाता की टीम पहली बार 2 अप्रैल को अपने घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैदान में उतरेगी। नीलामी में टीम में शामिल हुए बड़े खिलाड़ीआईपीएल 2026 की मूवी में केकेआर ने अपनी टीम को और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े खिलाड़ियों को शामिल किया है। टीम ने कैमरून ग्रीन, मथीशा पथिराना, रोवमैन पॉवेल और फिन एलन जैसे खिलाड़ियों को खरीदकर अपनी टीम में नई ताकत जोड़ने की कोशिश की है। क्रिकेट विशेषज्ञ का मानना है कि नए खिलाड़ी और खास थीम वाली जर्सी के साथ केकेआर इस सीजन में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे और चौथे आईपीएल खिताब की दौड़ में मजबूत प्रस्ताव बन सकते हैं।
नर्मदा परिक्रमा कर रहे संत दादा गुरु ने किए महाकालेश्वर के दर्शन, दधियोदक आरती में हुए शामिल

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में नर्मदा परिक्रमा कर रहे संत दादा गुरु ने प्रातःकालीन दधियोदक आरती में भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की। संत दादा गुरु पिछले पांच वर्षों से मां नर्मदा की पदयात्रा परिक्रमा कर रहे हैं और विशेष बात यह है कि वे इस संपूर्ण परिक्रमा के दौरान केवल नर्मदा जल पर ही जीवन यापन कर रहे हैं। उनकी इस कठिन साधना और तपस्या को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्सुकता देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार संत दादा गुरु आज सुबह उज्जैन पहुंचे जहां उन्होंने प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और प्रदेश व देश की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और साधु संतों ने भी संत दादा गुरु का स्वागत किया। बताया गया है कि संत दादा गुरु पिछले पांच वर्षों से मां नर्मदा की परिक्रमा पैदल कर रहे हैं। नर्मदा परिक्रमा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और कठिन धार्मिक साधना मानी जाती है जिसमें श्रद्धालु मां नर्मदा के उद्गम से लेकर संगम तक की यात्रा कर पुनः उसी मार्ग से वापस लौटते हैं। इस पूरी यात्रा में साधक को अनेक कठिनाइयों और प्राकृतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है लेकिन श्रद्धा और आस्था के बल पर साधक इस तपस्या को पूर्ण करते हैं। संत दादा गुरु की साधना का सबसे विशेष पहलू यह है कि वे पूरी परिक्रमा के दौरान केवल नर्मदा जल पर ही निर्भर रहकर जीवन यापन कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अत्यंत कठिन तपस्या मानी जाती है और इसे साधना संयम और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उनके इस संकल्प और साधना के कारण श्रद्धालुओं में उनके प्रति गहरा सम्मान देखा जा रहा है। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। दधियोदक आरती के समय मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के जयकारों के साथ पूजा अर्चना की। संत दादा गुरु ने भी भगवान महाकाल से देश और समाज में शांति समृद्धि और कल्याण की कामना की। धार्मिक जानकारों का कहना है कि नर्मदा परिक्रमा भारतीय सनातन परंपरा की एक महत्वपूर्ण साधना है और इसे पूरा करना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद संत दादा गुरु अपनी नर्मदा परिक्रमा यात्रा को आगे बढ़ाएंगे।
मध्यप्रदेश: बढ़ती गर्मी में स्कूल सत्र टालने की मांग, कांग्रेस का दावा – बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा

भोपाल। प्रदेश में मार्च से तापमान लगातार बढ़ रहा है और अप्रैल से नए स्कूल सत्र की शुरुआत के बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि छोटे बच्चों को भीषण गर्मी में स्कूल बुलाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजकर तुरंत निर्णय लेने का आग्रह किया। उनका कहना है कि कई निजी स्कूल फीस के लालच में जल्दी सत्र शुरू कर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मुख्य बातें: गर्मी का असर: मार्च से तापमान तेजी से बढ़ रहा है। अप्रैल और मई में लू और भीषण गर्म हवाओं का असर और बढ़ सकता है। निजी स्कूलों पर आरोप: कई स्कूल फीस वसूली के लिए छोटे बच्चों को मार्च, अप्रैल या जून में ही बुला लेते हैं। बुनियादी सुविधाओं की कमी: कई स्कूलों में शीतल पेयजल, पंखे, कूलर और वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। स्वास्थ्य जोखिम: तेज गर्मी से बच्चों में डिहाइड्रेशन, लू लगना, चक्कर आना और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सरकार से पांच प्रमुख मांगें: अप्रैल में शुरू होने वाले सत्र को गर्मी कम होने तक स्थगित किया जाए। यदि सत्र शुरू करना जरूरी हो तो स्कूलों का समय सुबह जल्दी रखा जाए। सभी स्कूलों में शीतल पेयजल, प्राथमिक उपचार और गर्मी से बचाव के निर्देश लागू हों। जिला प्रशासन इस मामले में विशेष निगरानी करे। निजी स्कूलों द्वारा मनमानी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। त्रिपाठी ने कहा, “बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा किसी भी प्रशासनिक प्रक्रिया से ज्यादा महत्वपूर्ण है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।” कीवर्ड्स (कोमा से अलग): मध्यप्रदेश, स्कूल सत्र, गर्मी, लू, निजी स्कूल, फीस का लालच, बच्चों का स्वास्थ्य, डिहाइड्रेशन, प्राथमिक उपचार, शीतल पेयजल, पंखे, कूलर, वेंटिलेशन, विवेक त्रिपाठी, कांग्रेस, शिक्षा विभाग, सरकार, ग्रामीण क्षेत्र, सुरक्षित स्कूल
दिल्ली: घरेलू कलह से परेशान महिला 39 घंटे बाद वैष्णो देवी से सुरक्षित मिली

नई दिल्ली। घरेलू कलह और मानसिक तनाव से जूझ रही एक महिला लंबे समय तक शांति और सुकून की तलाश में घर से बिना बताए चली गई। पति की शिकायत पर डीबीजी रोड पुलिस ने लगभग 39 घंटे की लगातार खोजबीन के बाद महिला को वैष्णो देवी से सुरक्षित ढूंढ निकाला। घटना के अनुसार, महिला पिछले कुछ समय से घरेलू कलह और मानसिक दबाव में थी। शांति पाने के लिए उसने कुछ दिन पहले से ही वैष्णो देवी जाने की तैयारी कर रखी थी। पुलिस की कार्रवाई: नौ मार्च को महिला के पति ने डीबीजी रोड थाने में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएचओ रणधीर सिंह के नेतृत्व में टीम तुरंत जांच में जुट गई। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर लोकेशन की मदद से पता चला कि महिला एक परिचित व्यक्ति के साथ जम्मू-कश्मीर की ओर जा रही थी। खोज अभियान:10 मार्च की रात पुलिस टीम शिकायतकर्ता के साथ दिल्ली से कटरा के लिए रवाना हुई। लगातार अपडेट्स और जांच के बाद टीम दोपहर दो बजे कटरा पहुंची। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि महिला वैष्णो देवी के पवित्र धाम में दर्शन कर रही थी। सुरक्षित पुनर्मिलन:11 मार्च की सुबह साढ़े चार बजे महिला को वैष्णो देवी क्षेत्र से सुरक्षित ढूंढ लिया गया। महिला ने पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव और भावनात्मक परेशानी से गुजर रही थी और शांति पाने के लिए यह कदम उठाया। मध्य जिला के उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को सुरक्षित उनके परिवार को सौंप दिया गया। इस मामले ने एक बार फिर यह दिखाया कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और समय पर परिवार और समाज का सहयोग कितना जरूरी है।