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इबोला पर भारत अलर्ट: एयरपोर्ट्स पर बढ़ी निगरानी,सरकार ने कहा-लक्षण दिखें तो तुरंत रिपोर्ट करें

नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। खासकर उन यात्रियों पर निगरानी बढ़ाई गई है जो हाई-रिस्क देशों जैसे DR कांगो, युगांडा और साउथ सूडान से यात्रा करके भारत पहुंच रहे हैं।एयरपोर्ट्स पर स्वास्थ्य जांच टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत पहचान की जा सके। किन लक्षणों पर तुरंत अलर्ट जरूरी?सरकारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि यदि किसी यात्री में निम्न लक्षण दिखते हैं तो तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर को जानकारी देना अनिवार्य होगा: तेज बुखार सिरदर्द और कमजोरी उल्टी या दस्त गले में खराश शरीर से खून निकलने के संकेत इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति संक्रमित मरीज के खून या शरीर के तरल पदार्थ (body fluids) के संपर्क में आया है, तो उसकी भी विशेष निगरानी की जाएगी। 21 दिन तक निगरानी का निर्देशस्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत आने के बाद यदि किसी यात्री में 21 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना होगा और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री साझा करनी होगी। यह समय सीमा इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इबोला वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड इसी अवधि के आसपास होता है। सरकार की तैयारी और निगरानी व्यवस्थाराष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम और अन्य एजेंसियों ने स्थिति की समीक्षा की है। सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है और देश के लिए जोखिम बहुत कम है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ाई गई है। एयरपोर्ट्स पर सख्त स्क्रीनिंगएयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया पर लगातार नजर रख रहा है। संदिग्ध मामलों को तुरंत आइसोलेट करने और आगे की जांच के लिए मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया है।सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य जांच में पूरा सहयोग करें और किसी भी लक्षण को छिपाने से बचें। इबोला जैसी गंभीर बीमारी को देखते हुए भारत ने समय रहते एहतियाती कदम उठाए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा को ध्यान में रखते हुए सतर्कता को प्राथमिकता दी जा रही है।

धर्मेंद्र की याद में टूटे बॉबी देओल, कहा-उनके जाने के बाद जिंदगी में खालीपन रह गया, हर बात आज भी याद आती है

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल एक बातचीत के दौरान उस समय भावुक हो गए जब उन्होंने अपने दिवंगत पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को याद किया। एक चर्चित कार्यक्रम में शामिल हुए बॉबी देओल ने अपने पिता के साथ जुड़ी यादों और उनके व्यक्तित्व को साझा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र केवल एक बड़े कलाकार ही नहीं बल्कि उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थे। बातचीत के दौरान कई बार उनका भावुक होना साफ दिखाई दिया, जिससे माहौल भी गंभीर और संवेदनशील हो गया। बॉबी देओल ने कहा कि उनके पिता धर्मेंद्र का व्यक्तित्व इतना सरल, स्नेहपूर्ण और प्रभावशाली था कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उन्हें दिल से पसंद करता था। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र के जाने के बाद परिवार ही नहीं बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के जीवन में भी एक गहरा खालीपन आ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। बॉबी ने कहा कि उनके लिए उनके पिता का हर पहलू खास था, चाहे वह उनका प्यार हो, उनका व्यवहार हो या फिर उनका गुस्सा, जो भी उन्हें मिला वह हमेशा अपनापन ही महसूस कराता था। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे उनकी पहचान के बारे में सवाल किया गया तो बॉबी देओल ने बेहद सादगी से जवाब दिया कि उनके लिए सबसे बड़ी पहचान उनका नाम या स्टारडम नहीं बल्कि यह है कि वे धर्मेंद्र के बेटे हैं। इस जवाब ने वहां मौजूद माहौल को और भी भावनात्मक बना दिया। उन्होंने कहा कि यह पहचान उनके लिए गर्व की बात है और जीवनभर रहेगी, क्योंकि उनके पिता ने उन्हें केवल अभिनय ही नहीं बल्कि इंसानियत और विनम्रता भी सिखाई है। बॉबी देओल ने यह भी साझा किया कि पिता के जाने के बाद भी उनकी यादें उनके हर दिन का हिस्सा बनी रहती हैं और जीवन के हर महत्वपूर्ण क्षण में उन्हें उनकी कमी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि समय भले ही आगे बढ़ रहा हो लेकिन पिता की मौजूदगी का एहसास आज भी उतना ही मजबूत है। इस दौरान उनकी आंखों में भावुकता साफ झलक रही थी और उनके शब्दों में एक बेटे का दर्द और प्रेम दोनों दिखाई दे रहे थे। फिल्मी करियर की बात करें तो बॉबी देओल इन दिनों अपनी आगामी परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा में हैं, लेकिन इस बातचीत में उनका पूरा ध्यान अपने निजी जीवन और पिता की यादों पर ही केंद्रित रहा। यह बातचीत दर्शाती है कि एक सफल कलाकार होने के बावजूद उनके भीतर एक बेटे का भावनात्मक पक्ष आज भी उतना ही गहरा और संवेदनशील है। Too short description:बॉबी देओल अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुक हो गए और कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी पहचान “धर्मेंद्र का बेटा होना” है। English Keywords:Bobby Deol, Dharmendra, emotional interview, Bollywood news, Shekhar Suman show

हार्दिक पांड्या पर कार्रवाई: धीमी ओवर-रेट के चलते जुर्माना ठोका गया

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Hardik Pandya पर लीग के आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) के उल्लंघन के लिए बड़ी कार्रवाई की गई है। मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले गए मुकाबले में उनके व्यवहार को अनुशासनहीन माना गया, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। मैच के दौरान दूसरी पारी के 10वें ओवर की चौथी गेंद के बाद हार्दिक पांड्या अपने रन-अप की ओर लौट रहे थे, तभी उन्होंने जानबूझकर स्टंप्स की बेल्स को गिरा दिया। इस हरकत को आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन माना गया, जो क्रिकेट उपकरण या मैदान की संरचना के दुरुपयोग से जुड़ा है। मैच रेफरी ने उन्हें लेवल-1 अपराध का दोषी पाया, जिसके बाद पांड्या ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और जुर्माने को बिना आपत्ति के मान लिया।  मैदान पर भी नहीं चला पांड्या का प्रदर्शनमैच में Mumbai Indians के कप्तान हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन भी खास नहीं रहा। उन्होंने गेंदबाजी में सिर्फ 2 ओवर फेंके, जबकि बल्लेबाजी में 27 गेंदों पर 26 रन बनाए। उनकी पारी में 2 चौके और 1 छक्का शामिल रहा, लेकिन टीम को उससे बड़ा फायदा नहीं मिल सका। केकेआर के खिलाफ MI की हारइस मुकाबले में मुंबई इंडियंस को Kolkata Knight Riders के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही। रोहित शर्मा 15 रन बनाकर आउटरयान रिकेल्टन 6 रन पर पवेलियननमन धीर खाता नहीं खोल सकेसूर्यकुमार यादव 15 रन पर क्लीन बोल्डतिलक वर्मा 20 रन (32 गेंद)हालांकि, अंत में कॉर्बिन बॉश की 18 गेंदों में नाबाद 32 रनों की पारी से टीम 147 रन तक पहुंचने में सफल रही।  केकेआर की आसान जीत और प्लेऑफ तस्वीरलक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर ने 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर जीत दर्ज की। मनीष पांडे ने 33 गेंदों पर 45 रन और रोवमैन पॉवेल ने 30 गेंदों पर 40 रन बनाकर जीत की नींव रखी। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में संतुलित प्रदर्शन के दम पर केकेआर ने मुकाबला अपने नाम किया। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है, जिससे टीम का यह सीजन निराशाजनक बन गया है। हार्दिक पांड्या पर लगी यह कार्रवाई मुंबई इंडियंस के लिए एक और झटका है, जो पहले ही खराब प्रदर्शन से जूझ रही थी। अब टीम के सामने अगले सीजन में वापसी की बड़ी चुनौती होगी, जबकि केकेआर ने इस जीत के साथ अपनी प्लेऑफ उम्मीदें मजबूत कर ली हैं।

प्रीतम ने ‘मशूका’ पर लगे आरोपों को बताया गलत, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस..

नई दिल्ली । बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ का नया गाना ‘मशूका’ रिलीज होते ही जहां दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया, वहीं इसके साथ ही विवादों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस गाने की धुन पर सवाल उठाते हुए इसे कॉपी बताया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। विवाद बढ़ने के साथ ही संगीतकार प्रीतम ने सामने आकर इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और ट्रोलर्स को स्पष्ट संदेश दिया कि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का दावा है कि ‘मशूका’ की धुन 1993 में रिलीज हुए एक इटालियन गीत से मिलती-जुलती है। इस तुलना के बाद इंटरनेट पर बहस तेज हो गई और कई यूजर्स ने संगीतकार को ट्रोल करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह मुद्दा संगीत प्रेमियों और फिल्म इंडस्ट्री के बीच चर्चा का केंद्र बन गया। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच गाने की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा और यह लगातार ट्रेंड करता रहा। विवाद बढ़ने के बाद प्रीतम ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि हर नए गाने के साथ कुछ लोग स्वयंभू संगीत विशेषज्ञ बनकर सामने आ जाते हैं और बेवजह समानताएं खोजने लगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल गलत हैं बल्कि बिना आधार के किसी कलाकार की मेहनत पर सवाल खड़ा करती हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कुछ लोग उनके समर्थन में आए तो कुछ ने बहस को और आगे बढ़ा दिया। फिल्म ‘कॉकटेल 2’ को लेकर पहले से ही दर्शकों में काफी उत्साह है और अब इस नए गाने ने फिल्म के प्रति जिज्ञासा और बढ़ा दी है। निर्माताओं ने पहले ही संकेत दिया है कि फिल्म का ट्रेलर जल्द ही जारी किया जाएगा, जिससे दर्शकों को कहानी की पहली झलक देखने को मिलेगी। इसके बाद फिल्म की रिलीज को लेकर भी उत्सुकता और तेज हो गई है। यह फिल्म एक लोकप्रिय पूर्व फिल्म की आध्यात्मिक अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसमें नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों को एक ताजा अनुभव देने की तैयारी है। फिल्म में प्रमुख कलाकारों की मौजूदगी भी इसे और अधिक चर्चा में ला रही है। कुल मिलाकर ‘मशूका’ गाने को लेकर उठा यह विवाद एक बार फिर यह दिखाता है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी रचना को लेकर तुरंत प्रतिक्रियाएं सामने आ जाती हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने फिल्म और इसके संगीत को और अधिक चर्चा में ला दिया है, जिससे रिलीज से पहले ही इसकी लोकप्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है।

21 मई को धातु बाजार में हलचल, सोना सस्ता और चांदी भी लुढ़की, निवेशकों को मिला नया संकेत

नई दिल्ली । 21 मई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ग्राहकों और निवेशकों के बीच हल्की राहत का माहौल देखने को मिला है। बाजार खुलते ही कीमती धातुओं के दाम नीचे आए और शुरुआती कारोबार में ही गिरावट का रुख स्पष्ट हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और मांग में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया है। सुबह के कारोबार में सोने की कीमतों में 500 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव में भी तेज गिरावट देखने को मिली। इससे पहले पिछले सत्र में सोना और चांदी अपेक्षाकृत स्थिर या ऊंचे स्तर पर बने हुए थे, लेकिन आज के सत्र में बाजार में नरमी का रुख रहा। शहरवार कीमतों के अनुसार देश के प्रमुख महानगरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के रेट अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए। नई दिल्ली और मुंबई में 22 कैरेट सोने का भाव लगभग समान स्तर पर रहा, जबकि 24 कैरेट सोना भी एक तय दायरे में कारोबार करता दिखा। कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी कीमतों में हल्का अंतर देखा गया, जो स्थानीय टैक्स और मांग के अनुसार बदलता रहा। चांदी की कीमतों में भी प्रति किलो स्तर पर उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जिससे बाजार में अस्थिरता का संकेत मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और डॉलर में बदलाव का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है, जबकि स्थिरता आने पर कीमतों में गिरावट देखी जाती है। इस समय बाजार में देखी जा रही गिरावट को अल्पकालिक सुधार के रूप में भी देखा जा रहा है। निवेशकों के लिए यह स्थिति खरीदारी का अवसर भी मानी जा रही है, हालांकि विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कुल मिलाकर 21 मई का दिन कीमती धातुओं के बाजार के लिए नरमी भरा रहा, जहां सोना और चांदी दोनों के दाम नीचे आए और उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर इन कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।

संजय कपूर केस में बढ़ी कानूनी हलचल, बच्चों के भविष्य से जुड़े खर्च पर अदालत में नई याचिका

नई दिल्ली । दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर से जुड़े संपत्ति विवाद में एक बार फिर नया कानूनी मोड़ सामने आया है, जिसने इस हाई-प्रोफाइल मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। इस बार मामला सीधे तौर पर बच्चों की शिक्षा और उनके रोजमर्रा के खर्चों से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की है। इस याचिका के बाद संपत्ति विवाद की जटिलताएं और बढ़ती दिखाई दे रही हैं, हालांकि अदालत पहले से ही इस मामले में अंतरिम आदेशों के तहत स्थिति को नियंत्रित कर रही है। प्रिया कपूर की ओर से अदालत में यह आग्रह किया गया है कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्च बिना किसी रुकावट के नियमित रूप से जारी रहने चाहिए। इसके लिए उन्होंने कुछ बैंक खातों के संचालन की अनुमति मांगी है, ताकि स्कूल फीस और अन्य आवश्यक शैक्षणिक खर्च समय पर पूरे किए जा सकें। यह मामला मुख्य रूप से संजय कपूर की बेटी समायरा और बेटे कियान की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रित बताया जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ विदेशी संयुक्त खातों के उपयोग की अनुमति दी जाए, ताकि बच्चों की विदेश में शिक्षा, रहने और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा किया जा सके। इस पहल को परिवार की ओर से बच्चों के हितों की सुरक्षा और उनकी शिक्षा को बाधित न होने देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब संपत्ति से जुड़े कई पहलुओं पर पहले से ही कानूनी जांच और विवाद चल रहा है। इससे पहले अदालत ने इस मामले में संपत्ति के बड़े और स्थायी निर्णयों पर रोक लगाते हुए स्थिति को यथावत बनाए रखने के आदेश दिए थे। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा है कि अंतिम निर्णय आने तक किसी भी पक्ष के अधिकारों को नुकसान न पहुंचे। हालांकि, बच्चों से जुड़े आवश्यक खर्चों को लेकर अदालत ने पहले भी संवेदनशील रुख अपनाया है और जरूरतों के आधार पर सीमित अनुमति देने पर विचार किया गया है। संजय कपूर के निधन के बाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी कथित वसीयत और संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार के भीतर मतभेद सामने आए। अलग-अलग पक्षों की ओर से संपत्ति के अधिकारों और प्रबंधन को लेकर दावे किए जाने लगे, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया। समय के साथ यह विवाद और जटिल होता गया और इसमें कई कानूनी पहलू जुड़ते चले गए। अब प्रिया कपूर की नई याचिका ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत इस नए अनुरोध पर क्या रुख अपनाती है और बच्चों के हितों तथा संपत्ति विवाद के बीच संतुलन कैसे स्थापित करती है। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और सभी पक्ष अदालत के अगले निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जिससे इस लंबे चल रहे विवाद की दिशा तय हो सकती है।

तापमान में लगातार उछाल: रीवा में अगले 3 दिन और बढ़ेगी गर्मी

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री दर्ज किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।  लगातार बढ़ रहा तापमान, रातें भी गर्मपिछले तीन दिनों के आंकड़ों के अनुसार रीवा में तापमान लगातार सामान्य से अधिक बना हुआ है।18 मई: 44.5°C19 मई: करीब 44°C20 मई: 44.5°Cन्यूनतम तापमान भी 26 से 27 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है।  अगले तीन दिन और बढ़ेगी गर्मीमौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं:22 मई: 45°C तक तापमान23 मई: 45 से 46°C24 मई: लगभग 45°Cइसी वजह से क्षेत्र में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।  दोपहर  में बाहर निकलने से बचने की सलाहआईएमडी ने साफ निर्देश दिए हैं कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। लगातार बढ़ती गर्मी से डिहाइड्रेशन, चक्कर और लू लगने का खतरा बढ़ गया है।  स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ीस्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 10 बजे के बाद ही गर्म हवाएं तेज हो जाती हैं, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। रीवा में लगातार बढ़ती गर्मी ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आने वाले दिनों में राहत की संभावना कम है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

देहरादून कॉन्सर्ट में बड़ा हादसा, बैरिकेड गिरते ही मची अफरा-तफरी, बीच में रोकना पड़ा जैस्मीन सैंडलस का शो

नई दिल्ली । देहरादून में आयोजित पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के लाइव कॉन्सर्ट के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक दर्शक क्षेत्र में लगा एक बैरिकेड गिर गया। इस घटना के बाद वहां मौजूद भीड़ में हलचल बढ़ गई और कई लोग असंतुलित होकर गिर पड़े। कुछ ही पलों में पूरा माहौल बदल गया और संगीत से भरा कार्यक्रम घबराहट में बदल गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामान्य और उत्साहपूर्ण माहौल में हुई थी, जहां हजारों की संख्या में फैंस अपनी पसंदीदा सिंगर को सुनने के लिए पहुंचे थे। जैस्मीन सैंडलस अपने लोकप्रिय गानों के साथ मंच पर परफॉर्म कर रही थीं और दर्शक भी पूरे जोश के साथ शो का आनंद ले रहे थे। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बैरिकेड गिरा, उसके आसपास खड़े कई लोग जमीन पर गिर पड़े और कुछ क्षणों के लिए वहां घबराहट का माहौल बन गया। लोग इधर-उधर भागने लगे और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे। स्थिति को देखते हुए मंच पर मौजूद जैस्मीन सैंडलस भी तुरंत सतर्क हो गईं। घटना के दौरान सिंगर ने अपना परफॉर्मेंस रोक दिया और माइक पर धार्मिक शब्दों के साथ स्थिति को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत अपनी सुरक्षा टीम और बाउंसर्स को निर्देश दिए कि भीड़ को नियंत्रित किया जाए और घायलों या प्रभावित लोगों की मदद की जाए। उनकी यह त्वरित प्रतिक्रिया मौके पर स्थिति को संभालने में मददगार साबित हुई। घटना के बाद जैस्मीन सैंडलस ने दर्शकों से माफी भी मांगी और कहा कि इस तरह की स्थिति से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने फैंस की सुरक्षा को सबसे ऊपर बताते हुए चिंता व्यक्त की और आयोजन व्यवस्था को लेकर भी संवेदनशील रुख अपनाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे अचानक बैरिकेड गिरने के बाद माहौल बदल जाता है और भीड़ में अफरा-तफरी फैल जाती है। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग सिंगर की समझदारी की सराहना कर रहे हैं कि उन्होंने बिना देर किए शो रोककर सुरक्षा को प्राथमिकता दी। जैस्मीन सैंडलस हाल के समय में अपने गानों को लेकर लगातार चर्चा में रही हैं। फिल्मों में उनके गाए हुए गाने भी लोकप्रिय हुए हैं, जिससे उनकी फैन फॉलोइंग में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर लाइव इवेंट्स में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को उजागर कर दिया है।

नई वैश्विक राजनीति पर बहस तेज: RIC थ्योरी फिर चर्चा में, भारत की भूमिका पर टिकी नजरें

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी विचारक माने जाने वाले Alexander Dugin के हालिया बयानों के बाद एक बार फिर “RIC (Russia–India–China)” और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की चर्चा तेज हो गई है। डुगिन का दावा है कि पश्चिमी देशों का वैश्विक दबदबा घट रहा है और रूस व चीन इसके विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जबकि भारत की भूमिका भविष्य की वैश्विक संरचना में निर्णायक हो सकती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञों का मानना है कि यह विचार अभी एक रणनीतिक सिद्धांत और राजनीतिक बहस तक ही सीमित है, न कि कोई औपचारिक गठबंधन या तय वैश्विक व्यवस्था। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दो दशकों में वैश्विक शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक तरफ United States अब भी सैन्य, तकनीकी और वित्तीय स्तर पर सबसे प्रभावशाली शक्ति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर China आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से अपना प्रभाव बढ़ा रही है। वहीं Russia पश्चिमी देशों के साथ टकराव के बीच अपने रणनीतिक हितों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत की स्थिति इस पूरे परिदृश्य में सबसे अलग मानी जा रही है। India लगातार “रणनीतिक स्वायत्तता” की नीति पर चलते हुए किसी एक गुट में पूरी तरह शामिल होने से बचता रहा है। भारत एक तरफ अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ आर्थिक व तकनीकी सहयोग बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ रूस के साथ ऐतिहासिक रक्षा संबंध भी बनाए हुए है। इसी बीच चीन-रूस-भारत को मिलाकर RIC समूह की चर्चा जरूर समय-समय पर उठती रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि तीनों देशों के बीच मौजूद सीमा विवाद, भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और अलग-अलग राष्ट्रीय हित इसे एक स्थायी गठबंधन बनने से रोकते हैं। विदेश नीति विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले समय में दुनिया किसी एक ध्रुव के बजाय “बहु-ध्रुवीय शक्ति संतुलन” की ओर बढ़ सकती है, लेकिन यह संतुलन किसी औपचारिक RIC ब्लॉक के रूप में नहीं बल्कि अलग-अलग वैश्विक साझेदारियों के जाल के रूप में सामने आएगा। कुल मिलाकर, डुगिन का यह विचार वैश्विक राजनीति में एक बहस जरूर पैदा करता है, लेकिन वास्तविक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था अभी भी जटिल और बदलते शक्ति संतुलन पर आधारित है, जिसमें किसी एक गुट का पूर्ण वर्चस्व या RIC जैसा एकीकृत ब्लॉक फिलहाल व्यवहारिक रूप से संभव नहीं दिखता।

रीवा में सरकारी शिक्षक का आत्मघाती कदम: सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी शिक्षक ने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी कलाई की नस काट ली। घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे की बताई जा रही है। शिक्षक को गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।  5 पन्नों के सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोपसीएम राइज स्कूल लालगांव में पदस्थ शिक्षक अनिल कुमार तिवारी ने अपने पांच पन्नों के सुसाइड नोट में विश्वविद्यालय थाना प्रभारी और एक पत्रकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि कथित तौर पर उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया, लगातार अपमानित किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह अत्यधिक तनाव में आ गए।  आत्महत्या के बाद ग्रुप में भेजी तस्वीरघटना के तुरंत बाद शिक्षक ने अपनी तस्वीर एक शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की, जिसके बाद सहकर्मियों में हड़कंप मच गया। तुरंत परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उस समय शिक्षक गांव में अकेले थे, जबकि परिवार रीवा शहर में मौजूद था। बेटे ने बताया पेड़ विवाद से शुरू हुई कहानीपीड़ित शिक्षक के बेटे के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक हरे-भरे पेड़ को काटने को लेकर हुई थी। आरोप है कि एक पक्ष ने उनकी जमीन पर लगे पेड़ को बिना अनुमति काट दिया, जिसका विरोध करने पर मामला बढ़ गया। इसके बाद धमकियां दी गईं और कथित तौर पर थाने में फर्जी केस दर्ज कराए गए, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से टूट गए।  अस्पताल में इलाज जारी, हालत गंभीरघटना के बाद परिजन और सहकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और शिक्षक को Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और आईसीयू में इलाज जारी है।  प्रशासनिक जांच की संभावनाइस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है। पुलिस और संबंधित पक्षों के आरोपों की पुष्टि के लिए जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। रीवा की यह घटना मानसिक तनाव, विवाद और आरोपों के बीच एक बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाती है। अब पूरा मामला जांच और तथ्यों की पुष्टि पर निर्भर है, जबकि शिक्षक की हालत नाजुक बनी हुई है।