वैश्विक निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ा, पीएम मोदी की यात्रा से 40 अरब डॉलर की संभावनाएं

नई दिल्ली । भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी मजबूती उस समय मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया पांच दिवसीय विदेश यात्रा के दौरान देश में लगभग 40 अरब डॉलर के निवेश की संभावनाएं सामने आईं। यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार योजनाओं, नई साझेदारियों और वैश्विक कंपनियों की बढ़ती रुचि का परिणाम बताया जा रहा है। इस यात्रा ने भारत की आर्थिक स्थिति और निवेश माहौल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में काम कर रही 50 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इन कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य लगभग 2.7 ट्रिलियन डॉलर से 3 ट्रिलियन डॉलर के बीच बताया गया, जो इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर भारत को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कई कंपनियां पहले से ही भारत में सक्रिय हैं और यहां उनका कुल निवेश और कारोबार लगभग 180 अरब डॉलर के आसपास है। अब ये कंपनियां भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, स्थिर नीतिगत वातावरण और बढ़ती घरेलू मांग को देखते हुए अपने संचालन को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं। इससे रोजगार, तकनीकी विकास और औद्योगिक उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण निवेश घोषणाएं भी सामने आईं, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात की ओर से भारत में लगभग 5 अरब डॉलर के नए निवेश का ऐलान प्रमुख रहा। इसके अलावा अन्य देशों और कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं में भी निवेश विस्तार और सहयोग की संभावनाएं मजबूत हुई हैं, जिन्हें मिलाकर कुल अनुमानित निवेश लगभग 40 अरब डॉलर तक पहुंचता है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा केवल निवेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे भारत के कई देशों के साथ रणनीतिक संबंध भी और मजबूत हुए हैं। नीदरलैंड के साथ व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, एआई और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप पर सहमति बनी। वहीं स्वीडन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर भी सहमति बनी, जो भविष्य में तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देगी। नॉर्वे में आयोजित एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की भागीदारी के दौरान नॉर्डिक देशों के साथ भारत के संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा हुई। इसी क्रम में इटली के साथ भी विशेष रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई, जिससे रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुलने की संभावना है। इन सभी घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि भारत वैश्विक निवेश और रणनीतिक साझेदारियों के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यह यात्रा न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इससे भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति भी और मजबूत हुई है, जिसका असर आने वाले वर्षों में देश की विकास गति पर साफ दिखाई दे सकता है।
प्लेऑफ रेस में KKR की राह: जीत-हार से कैसे बदल सकता है पूरा गणित

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Kolkata Knight Riders ने सीजन की शुरुआत बेहद खराब की थी। शुरुआती 6 मुकाबलों में लगातार हार ने टीम को बैकफुट पर धकेल दिया था, लेकिन इसके बाद टीम ने शानदार पलटवार किया। पिछले 7 मैचों में से 6 जीत दर्ज कर केकेआर ने न सिर्फ वापसी की, बल्कि प्लेऑफ की उम्मीदों को भी जिंदा रखा। फिलहाल टीम के 13 मैचों में 13 अंक हैं और वह अब भी अंतिम चार की दौड़ में बनी हुई है। मुंबई पर जीत से बढ़ा आत्मविश्वासईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में केकेआर ने Mumbai Indians को 4 विकेट से हराकर अहम जीत दर्ज की। कप्तान Ajinkya Rahane ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो सही साबित हुआ। मुंबई की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर सिर्फ 147 रन ही बना सकी। केकेआर की गेंदबाजी में Sunil Narine सबसे प्रभावी रहे, जिन्होंने 4 ओवर में केवल 13 रन देकर 1 विकेट लिया। इसके अलावा सौरभ दुबे और Kartik Tyagi ने भी 2-2 विकेट लेकर मुंबई की कमर तोड़ दी। लक्ष्य का पीछा कर मजबूत जीत148 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर ने 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर मैच जीत लिया। बल्लेबाजी में मनीष पांडे ने 33 गेंदों पर 45 रन बनाकर पारी को संभाला, जबकि Rovman Powell ने 30 गेंदों में 40 रनों की अहम पारी खेली। इस जीत ने टीम का आत्मविश्वास चरम पर पहुंचा दिया है। प्लेऑफ का पूरा गणित क्या कहता है?केकेआर का अब सिर्फ एक मुकाबला बचा है, जो Delhi Capitals के खिलाफ 24 मई को खेला जाएगा। यह मैच जीतना केकेआर के लिए बेहद जरूरी है, और साथ ही उसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। लेकिन केवल जीत काफी नहीं होगी, केकेआर को अन्य नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। यदि मुंबई इंडियंस अपने अगले मैच में Rajasthan Royals को हरा देती है, तो समीकरण केकेआर के पक्ष में जा सकते हैं। इसके बाद एक और अहम मुकाबला Punjab Kings और Lucknow Super Giants के बीच होगा, जिसमें अगर लखनऊ जीतती है, तो केकेआर की प्लेऑफ उम्मीदें पूरी हो सकती हैं। आखिरी लीग मैच बनेगा ‘करो या मरो’ मुकाबलाअब पूरा दारोमदार केकेआर के आखिरी मैच और बाकी टीमों के नतीजों पर टिका है। एक जीत उसे आगे ले जा सकती है, लेकिन एक हार या गलत परिणाम उसकी उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। आईपीएल 2026 की यह प्लेऑफ रेस बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां हर गेंद और हर रन निर्णायक साबित हो सकता है।
आईपीएल 2026: पर्पल कैप की रेस में कार्तिक त्यागी की एंट्री, मुकाबला हुआ रोमांचक

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में Kolkata Knight Riders ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Mumbai Indians को 4 विकेट से शिकस्त दी। ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर सिर्फ 147 रन ही बना सकी। मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने 41 रन तक अपने 4 विकेट गंवा दिए। मध्यक्रम में कॉर्बिन बॉश ने 32 रनों की पारी खेलकर स्कोर को संभालने की कोशिश की, जबकि कप्तान हार्दिक पांड्या ने 26 रन जोड़े। हालांकि, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रयान रिकेल्टन और तिलक वर्मा जैसे बड़े नाम फ्लॉप साबित हुए। केकेआर की गेंदबाजी और मजबूत चेजकेकेआर की ओर से गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की और मुंबई को बड़े स्कोर तक पहुंचने नहीं दिया। जवाब में केकेआर ने 148 रनों के लक्ष्य को 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम की जीत में मनीष पांडे की 45 रनों की अहम पारी और रोवमैन पॉवेल के 40 रनों का बड़ा योगदान रहा। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह और अनुकूल रॉय ने टीम को जीत दिलाई। कप्तान Ajinkya Rahane की रणनीति भी इस जीत में अहम रही, जिससे टीम ने प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार रखीं। पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलावगेंदबाजों की रेस में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है।भुवनेश्वर कुमार – 24 विकेट (टॉप पर कायम)कगिसो रबाडा – 21 विकेटअंशुल कंबोज – 20 विकेटजोफ्रा आर्चर – 18 विकेटकार्तिक त्यागी – 18 विकेट के साथ टॉप-5 में एंट्रीकार्तिक त्यागी ने लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर पर्पल कैप की रेस को और रोमांचक बना दिया है। ऑरेंज कैप पर युवा सितारे का कब्जाबल्लेबाजों की रेस में राजस्थान रॉयल्स के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी 579 रनों के साथ ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाए हुए हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी पूरे टूर्नामेंट में चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके बाद मिचेल मार्श (563 रन), हेनरिक क्लासन (555 रन), साई सुदर्शन (554 रन) और शुभमन गिल (552 रन) टॉप-5 में शामिल हैं। मुकाबले का निष्कर्इस जीत ने जहां KKR को प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखा है, वहीं पर्पल और ऑरेंज कैप की रेस भी बेहद रोमांचक हो गई है। आने वाले मुकाबलों में यह स्थिति और बदल सकती है।
आईपीएल 2026: केकेआर ने मुंबई इंडियंस को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें रखीं जिंदा

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 65वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हराकर प्लेऑफ की दौड़ में अपनी उम्मीदें जिंदा रखी हैं। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में केकेआर ने 18.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और 7 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 41 रन के स्कोर तक अपने 4 अहम विकेट गंवा दिए थे, जिससे पारी पर शुरुआती दबाव साफ नजर आया। हालांकि इसके बाद कप्तान हार्दिक पांड्या ने तिलक वर्मा के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की और 49 गेंदों में 43 रन की साझेदारी की। तिलक वर्मा 20 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान पांड्या ने 26 रनों का योगदान दिया। इसके बाद कॉर्बिन बॉश और दीपक चाहर ने आठवें विकेट के लिए 42 रनों की अहम साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। बॉश 32 रन बनाकर नाबाद लौटे। मुंबई की पूरी टीम 8 विकेट खोकर 147 रन ही बना सकी। केकेआर की ओर से गेंदबाजी में सौरभ दुबे, कैमरून ग्रीन और कार्तिक त्यागी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि सुनील नरेन को 1 सफलता मिली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही और फिन एलन जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे और मनीष पांडे ने पारी को संभालते हुए 38 रनों की साझेदारी की। रहाणे 21 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद कैमरून ग्रीन के आउट होने के बाद केकेआर ने 7.1 ओवर में 54 रन पर 3 विकेट खो दिए थे, जिससे मुकाबला रोमांचक स्थिति में पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद रोवमैन पॉवेल और मनीष पांडे ने 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। मनीष पांडे ने 45 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि पॉवेल ने 40 रन बनाए। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह और अनुकूल रॉय ने संयम दिखाते हुए टीम को जीत दिला दी। मुंबई इंडियंस की ओर से कॉर्बिन बॉश ने 3 विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि दीपक चाहर, गजनफर और जसप्रीत बुमराह को 1-1 सफलता मिली। हालांकि उनकी मेहनत टीम को जीत नहीं दिला सकी। इस जीत के साथ केकेआर ने प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि मुंबई इंडियंस के लिए आगे की राह और कठिन हो गई है।
अदाणी ग्रुप मामले के समाधान से भारत के न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर को मिल सकती है नई रफ्तार, अमेरिकी बिजनेस लीडर का बड़ा बयान

नई दिल्ली । भारत के ऊर्जा क्षेत्र और विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि अदाणी ग्रुप से जुड़े एक मामले के समाधान के बाद भारत को न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में आगे बढ़ने में नई गति मिल सकती है। यह टिप्पणी एक प्रमुख अमेरिकी बिजनेस लीडर ने की है, जिन्होंने भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में तेजी से हो रहे औद्योगीकरण और बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए केवल पारंपरिक या नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि एक स्थिर और भरोसेमंद आधार-लोड ऊर्जा प्रणाली की आवश्यकता है, जिसमें परमाणु ऊर्जा की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। उनके अनुसार किसी भी बड़े औद्योगिक राष्ट्र के लिए न्यूक्लियर एनर्जी एक अनिवार्य आधार है, जो 24 घंटे निरंतर और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकती है। बिजनेस लीडर ने यह भी कहा कि अदाणी ग्रुप जैसे बड़े भारतीय औद्योगिक समूहों की भूमिका ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण हो सकती है। उनके अनुसार इस तरह के समूह बड़े स्तर पर परियोजनाओं को तेजी से लागू करने की क्षमता रखते हैं, जो न्यूक्लियर एनर्जी जैसे जटिल क्षेत्र में भी सहायक साबित हो सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संबंधित मामलों के समाधान से अब सहयोग और निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं। उन्होंने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर और पवन ऊर्जा में हुई प्रगति की सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि केवल इन स्रोतों पर निर्भरता से बिजली ग्रिड में अस्थिरता की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उनके अनुसार बैटरी स्टोरेज और अन्य तकनीकी सीमाओं के कारण सौर ऊर्जा पूरी तरह से निरंतर आपूर्ति देने में सक्षम नहीं है, जबकि परमाणु ऊर्जा इस कमी को पूरा कर सकती है। विशेषज्ञ ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के उपयोग पर भी जोर दिया और कहा कि भारत जैसे बड़े और विविध देश में यदि इस तकनीक को स्थानीय स्तर पर लागू किया जाए तो ऊर्जा उत्पादन और वितरण प्रणाली अधिक कुशल हो सकती है। इससे बड़े ट्रांसमिशन नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी और लागत भी नियंत्रित रह सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी भारत में पहले से ही सहयोग की संभावनाओं पर काम कर रही है और भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है। उनके अनुसार यदि भारत विदेशी निवेश और तकनीकी साझेदारी के लिए और अधिक खुला दृष्टिकोण अपनाता है तो परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से विकास संभव है। उन्होंने यह भी राय दी कि वैश्विक स्तर पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में अधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी से तकनीकी नवाचार और सुरक्षा मानकों में सुधार हो सकता है। उनके अनुसार भारत इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है, बशर्ते नीति और निवेश वातावरण अधिक अनुकूल बनाया जाए।
अदालत से शमी को क्लीन चिट, चेक बाउंस मामले में फैसला आया पक्ष में

नई दिल्ली। । भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले में बड़ी राहत मिली है। चेक बाउंस से जुड़े चार साल पुराने केस में अलीपुर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां द्वारा दर्ज कराया गया था। मामले के अनुसार हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद शमी ने घरेलू खर्च के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया था। इसी आधार पर उन्होंने अदालत का रुख किया और शमी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। बुधवार को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर शमी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। फैसले के बाद शमी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें पहले से भरोसा था कि न्याय उनके पक्ष में आएगा, क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था। शमी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने हर स्थिति को हमेशा ईमानदारी से संभाला है और जो भी वित्तीय जिम्मेदारियां थीं, उन्हें पूरा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मैदान के अंदर और बाहर दोनों ही जगह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि मोहम्मद शमी फिलहाल आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह अपने निजी जीवन और कानूनी विवादों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। इस मामले के साथ-साथ शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण और गुजारा भत्ते को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शमी अपनी पत्नी को प्रति माह 1.5 लाख रुपये और बेटी के भरण-पोषण के लिए 2.5 लाख रुपये का भुगतान कर रहे हैं। वहीं हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए यह दलील दी है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शमी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों को नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई जारी है।
वैश्विक मजबूती का असर: भारतीय शेयर बाजार की दमदार शुरुआत, सेंसेक्स 75,500 के पार, निफ्टी में भी तेज उछाल

नई दिल्ली । वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुले। सेंसेक्स में तेजी के साथ उछाल देखा गया, जबकि निफ्टी ने भी मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। बाजार की यह चाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी सकारात्मक स्थिति से प्रभावित मानी जा रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में तेज बढ़त दर्ज की गई और यह 75 हजार के ऊपर कारोबार करता नजर आया। निफ्टी ने भी मजबूत शुरुआत करते हुए 23 हजार के ऊपर अपना स्तर बनाए रखा। बाजार में खासतौर पर डिफेंस सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसने पूरे बाजार के मूड को सकारात्मक बनाए रखा। इसके अलावा पीएसयू बैंक, रियल्टी, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंजप्शन और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में भी तेजी का रुख देखा गया। लगभग सभी प्रमुख सेक्टर शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए, जिससे बाजार में व्यापक स्तर पर मजबूती का संकेत मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी हुई दिखाई दी। दोनों सेगमेंट में तेजी के साथ खरीदारी देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं बल्कि मध्यम और छोटे शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा कायम है। इससे पूरे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेश गतिविधियां बढ़ीं। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में कई बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखी गई। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़े शेयरों ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। वहीं कुछ आईटी और फार्मा शेयरों में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक बाजार पर सीमित रहा। एशियाई बाजारों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर कुछ बाजारों में हल्की कमजोरी भी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर वैश्विक स्तर पर निवेशकों का मूड सकारात्मक बना रहा। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिसने एशियाई और भारतीय बाजारों को अतिरिक्त समर्थन दिया। बाजार विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर में कमजोरी भी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक कारक साबित हुए हैं। इन सभी कारणों ने मिलकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और बाजार में खरीदारी को प्रोत्साहित किया। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना हुआ है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार को स्थिरता प्रदान की है। लगातार निवेश के चलते बाजार में संतुलन बना हुआ है और तेजी का रुझान कायम है। कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वैश्विक संकेतों का सकारात्मक लाभ उठाते हुए दिन की शुरुआत मजबूती के साथ की है।
अनाथ बच्चों के हक में फैसला: रोजगार दस्तावेजों की जांच के बाद होगा मुआवजा तय

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील मामले में तीन नाबालिग बच्चों के हित में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है, जिनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। कटनी-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना में मजदूरी के दौरान जान गंवाने वाले मजदूर के बच्चों से जुड़े मुआवजा मामले में हाईकोर्ट ने लेबर कोर्ट को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अंतिम निर्णय सुनाने से पहले रोजगार से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों पर विचार किया जाए। यह मामला सिवनी जिले के देवरी तहसील निवासी कुलपत दास कुलदीप से जुड़ा है, जो कटनी-सिंगरौली रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। 19 दिसंबर 2018 को कार्य के दौरान मालगाड़ी से कोयले का बड़ा टुकड़ा गिरने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पति की मौत के बाद उनकी पत्नी बबली ने वर्ष 2019 में कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजे की मांग को लेकर लेबर कोर्ट में दावा प्रस्तुत किया था। लेकिन केस लंबित रहने के दौरान 3 नवंबर 2023 को पत्नी बबली का भी निधन हो गया, जिसके बाद यह जिम्मेदारी तीनों नाबालिग बच्चों के नाना प्रेमदास ने संभाली। वर्तमान में तीनों बच्चे, जिनकी उम्र 9 से 12 वर्ष के बीच है, अपने नाना के सहारे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। 4 मई 2026 को मामले की अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसी दौरान यह बात सामने आई कि मृतक के रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद बच्चों की ओर से लेबर कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर संबंधित दस्तावेजों को तलब करने की मांग की गई, लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हुई। अधिवक्ता राकेश सिंह ने अदालत को बताया कि दस्तावेजों के बिना न्यायपूर्ण निर्णय संभव नहीं है, फिर भी आवेदन पर विचार नहीं किया गया। लेबर कोर्ट के इस रवैये के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस विवेक जैन ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त पहले दस्तावेजों से जुड़े आवेदन पर निर्णय लें और उसके बाद ही अंतिम फैसला सुनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आवेदन खारिज किया जाता है, तो बच्चों को उस आदेश को चुनौती देने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया जाए। हाईकोर्ट का यह फैसला न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता को मजबूत करता है, बल्कि तीन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर एक उम्मीद की किरण भी लेकर आया है, जो अपने माता-पिता को खोने के बाद न्याय की लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं।
जबलपुर में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़: 80 हजार वेतन लेकर करता था सिर्फ 2 घंटे ड्यूटी

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां संजीवनी क्लीनिक में फर्जी एमबीबीएस डिग्री और जाली मेडिकल रजिस्ट्रेशन के आधार पर एक व्यक्ति के डॉक्टर बनकर काम करने का खुलासा हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी हर महीने करीब 80 हजार रुपये वेतन लेता था, लेकिन मरीजों का इलाज करने की बजाय केवल कुछ घंटे ही क्लीनिक में मौजूद रहता था। यह मामला तब सामने आया जब दमोह पुलिस की जांच में संजीवनी क्लीनिक से जुड़े दो अन्य फर्जी डॉक्टरों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच आगे बढ़ी तो जबलपुर के चेरीताल स्थित क्लीनिक में पदस्थ अजय मौर्य का नाम सामने आया, जिसे बाद में हिरासत में लिया गया। सूत्रों और जांच रिपोर्ट के अनुसार अजय मौर्य मार्च 2025 में क्लीनिक में नियुक्त हुआ था और डेढ़ साल से अधिक समय तक यहां कार्यरत रहा। इस दौरान वह हर महीने नियमित रूप से वेतन लेता रहा, लेकिन मरीजों के इलाज में उसकी भूमिका बेहद सीमित रही। क्लीनिक स्टाफ और मरीजों के अनुसार वह केवल दो घंटे के लिए आता था और ज्यादातर समय अपने केबिन में बैठा रहता था। स्थानीय मरीजों ने बताया कि इलाज का पूरा काम काउंटर पर बैठे स्टाफ द्वारा ही किया जाता था। मरीजों की समस्या सुनकर वहीं दवा दे दी जाती थी और डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती थी। कई मरीजों ने यह भी कहा कि उन्होंने डॉक्टर अजय मौर्य को कभी गंभीर रूप से मरीजों का परीक्षण करते नहीं देखा। क्लीनिक में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर ने भी इस बात की पुष्टि की कि डॉक्टर रोजाना केवल कुछ समय के लिए आते थे और जल्दी चले जाते थे। किसी को अंदेशा नहीं था कि उनके दस्तावेज फर्जी हो सकते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी डॉक्टर एनएचएम के तहत संविदा पर नियुक्त किए गए थे और पिछले कुछ वर्षों में लाखों रुपये वेतन के रूप में प्राप्त कर चुके थे। अकेले अजय मौर्य ने ही करीब 14 लाख रुपये से अधिक वेतन ले लिया था। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए की गई नियुक्तियों में दस्तावेजों की सही तरह से जांच नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर फर्जी डिग्रीधारी लोगों ने सरकारी सिस्टम में घुसपैठ कर ली। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला सिर्फ तीन लोगों तक सीमित नहीं है और प्रदेश में 70 से अधिक फर्जी डॉक्टर इसी तरह सरकारी या निजी क्लीनिकों में काम कर सकते हैं। इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क की भी संभावना जताई जा रही है, जो फर्जी डिग्री और मेडिकल रजिस्ट्रेशन तैयार कराने का काम करता है। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और जांच लगातार जारी है।
MSP भुगतान घोटाला: फर्जी खातों में पहुंची किसानों की मेहनत की रकम

शिवपुरी । शिवपुरी जिले में किसानों की मेहनत की कमाई पर बड़ा साइबर हमला सामने आया है, जहां समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान सीधे किसानों के खातों में न जाकर फर्जी बैंक खातों में पहुंच गया। इस मामले ने न केवल सरकारी भुगतान प्रणाली बल्कि आधार लिंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के कोलारस, बदरवास और शिवपुरी ब्लॉक की कई सहकारी संस्थाओं से जुड़े इस फर्जीवाड़े की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। शुरुआती जांच में करीब 100 संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाया गया है, जबकि संबंधित फिनो बैंक और कियोस्क आईडी की गहन जांच की जा रही है। साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट के अनुसार, अभी तक दो किसानों की विस्तृत शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि गुना जिले के चक्का क्षेत्र में रामलाल सहरिया के नाम पर जारी कियोस्क आईडी के जरिए संदिग्ध खाते खोले गए थे, जिनका इस्तेमाल इस पूरे फर्जीवाड़े में किया गया। मामले में सामने आए अलग-अलग उदाहरणों ने इस घोटाले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। ग्राम गंगौरा के किसान भजन सिंह ने पत्नी सुशीला देवी के नाम पर सेवा सहकारी संस्था कोटा में 86 क्विंटल गेहूं बेचा था, लेकिन भुगतान के लिए दिए गए एक्सिस बैंक खाते के बजाय 2.25 लाख रुपये फिनो बैंक के खाते में ट्रांसफर हो गए। परिवार का कहना है कि उनका इस बैंक में कोई खाता ही नहीं है। इसी तरह ग्राम बेंहटा के किसान विश्वीर सिंह जाट ने 306 क्विंटल गेहूं बेचा, जिसमें 6.65 लाख रुपये का भुगतान फर्जी खाते में चला गया। वहीं ग्राम सूखा राजापुर के अमर सिंह लोधी के 1.48 लाख रुपये भी SBI खाते के बजाय फिनो बैंक खाते में पहुंच गए, जबकि परिवार ने ऐसे किसी खाते से इनकार किया है। एक अन्य मामले में ग्राम सुरवाया के किसान राजेंद्र उर्फ गब्बर सिंह गुर्जर के 44 हजार 626 रुपये भी गलत खाते में ट्रांसफर हो गए, हालांकि समय रहते खाते को होल्ड कर दिया गया जिससे रकम निकाली नहीं जा सकी। जांच में सामने आया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किसानों के नाम पर बिना दस्तावेज और बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के खाते खोले गए और उन्हें आधार से लिंक कर दिया गया। एनपीसीआई सिस्टम का दुरुपयोग कर नए लिंक किए गए खातों में सरकारी भुगतान सीधे ट्रांसफर करा लिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका बेहद खतरनाक है क्योंकि इसी पैटर्न पर अन्य सरकारी योजनाओं जैसे पीएम आवास, लाड़ली बहना योजना, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन की राशि भी खतरे में पड़ सकती है। फिलहाल साइबर सेल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और बैंकिंग सिस्टम से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस बड़े फर्जीवाड़े में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचा जा सके।