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ट्विशा केस में बड़ा अपडेट: दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग खारिज, जांच पर सरकार का कदम

भोपाल। भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है। इस केस में अब अदालत ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग को खारिज कर दिया है, जिससे जांच प्रक्रिया को लेकर बहस और तेज हो गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले भोपाल एम्स में हुआ पोस्टमॉर्टम नियमों के अनुसार किया गया था और रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या मिलीभगत का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। केवल आशंकाओं के आधार पर दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराना उचित नहीं माना जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि शव को सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए ताकि वह खराब न हो। आदेश में कहा गया है कि शव को ऐसी मॉर्च्युरी में रखा जाए जहां उसे लंबे समय तक संरक्षित किया जा सके, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में केवल माइनस 4 डिग्री तापमान की सुविधा है, जो कुछ ही दिनों तक शरीर को सुरक्षित रख सकती है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दीर्घकालिक संरक्षण के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है। इसी बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले को और गंभीरता से लेते हुए CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्विशा के परिजनों से मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव सहायता देगी और यदि जरूरत पड़ी तो शव को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत रिटायर्ड जज और ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह की जमानत रद्द कराने के लिए भी आवेदन किया जाएगा। यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें प्रशासनिक, राजनीतिक और कानूनी स्तर पर भी कई पहलू जुड़ते जा रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने एफआईआर की धाराओं, आरोपी की गिरफ्तारी, फोरेंसिक जांच, कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज जैसी सभी जानकारियां तलब की हैं। दूसरी ओर, परिजनों ने अदालत के फैसले के बाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि उन्हें जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए दूसरी एजेंसी की आवश्यकता है। परिजनों ने रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने की भी मांग की है, जिसको लेकर राज्यपाल को पत्र भेजा गया है। फिलहाल पुलिस की तरफ से आरोपी समर्थ सिंह पर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम राशि भी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन हर एंगल से जांच जारी है। इसी बीच भोपाल में रिटायर्ड सैनिकों ने भी प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। बाइक रैली निकालकर उन्होंने प्रशासन पर दबाव बनाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शी जांच होनी चाहिए। कुल मिलाकर ट्विशा शर्मा केस अब एक हाई-प्रोफाइल जांच में बदल चुका है, जहां अदालत, सरकार, आयोग और जनता सभी की नजरें इस मामले के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं।

कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए एक खुशखबरी आई है। भारतीय दवाई नियामक बोर्ड ने कैंसर के लिए 7 मिनट टेंकेट्रिक इंजेक्शन को मंजूरी दे दी है।

नई दिल्ली । भारत में हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग कैंसर की चपेट में आकर मौत के मुंह में समा जाते हैं। लाखों भारतीय हर समय इस जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं जितनी भी रिपोर्ट्स इस बीमारी को लेकर सामने आती हैं, उसमें भारतीयों के ऊपर सबसे बड़ा खतरा कैंसर को ही बताया जाता है। कैंसर को लेकर कई लोगों की आम धारणा है कि बीमारी से पहले इंसान इसके इलाज से ज्यादा कमजोर हो जाता है। अब इस परेशानी को दूर करने के लिए कैंसर की एक नई ‘7 मिनट कैंसर इंजेक्शन’ को मंजूरी मिली है। इससे कैंसर का इलाज काफी आसान और सरल होने की संभावना है। मेडीकल के क्षेत्र की बड़ी कंपनी रोश की कैंसर दवा के नए टेंकेट्रिक इंजेक्शन को भारत दवा नियामक संस्था CDSCO ने मंजूरी दे दी है। मुंबई के कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर रमन नारंग के मुताबिक सामान्य तौर पर इम्यूनोथेरेपी में दवाईयां नसों के जरिए दी जाती है, जिसमें 30 मिनट से एक घंटे का वक्त लगता है। लेकिन इस नए इंजेक्शन में सिर्फ सात मिनट का वक्त लगता है। दूसरी बात इसे ड्रिप के जरिए नहीं बल्कि त्वचा के जरिए भी दिया जा सकता है। कैसे काम करती है नया 7 मिनट टेकेंट्रिक इंजेक्शनसामान्य रूप से कैंसर का इलाज कीमोथैरेपी के जरिए किया जाता है। इस इलाज प्रक्रिया में थैरेपी सीधा कैंसर कोशिकाओं पर हमला करती हैं। इसकी वजह से शरीर की जो स्वस्थ कोशिकाओं होती हैं, वह भी प्रभावित होती हैं, जिसकी वजह से मरीजों को बाल झड़ना, कमजोरी, उल्टी और थकान जैसी समस्या महसूस होती है। कीमोथैरपी की प्रक्रिया में इंसान बहुत ही ज्यादा कमजोर भी हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक नई 7 मिनट टेकेंट्रिक इंजेक्शन की इम्यूनोथेरेपी अलग तरीके से काम करती है। डॉक्टर्स के मुताबिक यह इंजेक्शन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती है। इस इंजेक्शन की दवा शरीर में मौजूद कैंसर कोशिकाओं को छिपने नहीं देती बल्कि प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करके सीधा उस पर हमला करती है। दूसरी बात कैंसर की दवाई को सामान्य तौर पर नसों के जरिए शरीर में भेजा जाता है, लेकिन इस इंजेक्शन को त्वचा के नीचे से सीधा प्रवेशित कराया जा सकता है। इसकी वजह से यह जल्दी काम करती है। इस मामले के जानकार लोगों के मुताबिक, 7 मिनट इंजेक्शन भारत में बढ़ते कैंसर मरीजों के लिए एक चमत्कार साबित हो सकता है। इससे लंबी दूरी से अस्पताल आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी, दूसरी तरफ अस्पताल में भी उनको कम समय लगेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में हर साल 14 से 15 लाख नए कैंसर मरीज सामने आते हैं। अगर यह दवाई कारगर सिद्द होती है तो इससे इन मरीजों के लिए इलाज थोड़ा आसान साबित होगा। दवाई अपने साथ कुछ समस्याएं लेकर भी आईहर दवाई के अपने कुछ साइड इफेक्ट भी होते हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक यह इंजेक्शन हर कैंसर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है। इसके अलावा इसके कुछ साइड इफेक्ट जैसे- बुखार, कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत, स्किन की दिक्कत या फेंफड़ों में सूजन भी आ सकती है। ऐसे में किसी भी तरह के इलाज के लिए डॉक्टर्स की निगरानी बहुत जरूरी है। भले ही कंपनी और डॉक्टर्स इस इलाज को कैंसर मरीजों के लिए चमत्कार बता रहे हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी परेशानी इसकी कीमत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक कैंसर मरीज को अपना इलाज पूरा करवाने के लिए इस इंजेक्शन के कम से कम 6 डोज की जरूरत होती है। वर्तमान में इस इंजेक्शन के एक डोज की कीमत 3.7 लाख रुपए है। ऐसे में अगर कोई पूरा इलाज लेता है, तो केवल दवाई का खर्च ही 22 लाख रुपए के आसपास पहुंच जाएगा। भारत जैसे मध्यम आय वाली जनता के लिए यह रकम बहुत ज्यादा है। भले ही कंपनी और रिपोर्ट्स इस इलाज को बेहतर बता रही हों। लेकिन डॉक्टर्स ने इसको लेकर अपना दूसरा नजरिया भी रखा है। डॉक्टर्स का कहना है कि यह कोई जादुई इलाज नहीं है। लेकिन वर्तमान में कैंसर मरीजों को लंबे इलाज और परेशानी का सामना करना पड़ता है, उससे राहत देने के लिए यह पर्याप्त है।

एक्ट्रेस ट्विशा केस: पुलिस जांच पर गंभीर सवाल, परिजनों ने उठाई आपत्ति

भोपाल । भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब यह केस पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्य और परिजनों के आरोपों ने पूरी कहानी को और जटिल बना दिया है। इस केस में पुलिस की पांच बड़ी चूकें सामने आने के बाद मुख्य आरोपी समर्थ सिंह घटना के 9 दिन बाद भी फरार है, जिससे जांच प्रक्रिया पर सवाल और गहरे हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिल गई थी, जिसमें मृतका के शरीर पर कई चोटों के निशान दर्ज थे। इसके बावजूद पुलिस द्वारा मामले को आत्महत्या मानते हुए शुरुआती जांच में तेजी नहीं दिखाई गई, जिसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत से ही उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और समय रहते आरोपी तक पहुंचने में भी पुलिस विफल रही। इस बीच पुलिस कमिश्नर ने आरोपी पर इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छह विशेष टीमें गठित की गई हैं। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है और लुक-आउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। परिजनों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए दूसरी एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि 13 मई की रात जब वे कटारा हिल्स थाने पहुंचे थे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया। परिवार का कहना है कि उनकी बातों को अनसुना किया गया, जिससे उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता दिखाई दे रहा है। इसी असंतोष के चलते परिवार हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। मामले में अदालत ने भी अहम हस्तक्षेप करते हुए शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने आदेश दिया है कि शव को माइनस 80 डिग्री तापमान में संरक्षित किया जाए, क्योंकि मौजूदा मॉर्च्युरी में केवल माइनस 4 डिग्री तापमान की सुविधा है, जो लंबे समय तक शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश के बाहर दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। वहीं पुलिस का कहना है कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस के अनुसार मृतका के गले पर मिले निशान फांसी लगाने के संकेत देते हैं। हालांकि परिजन इस दावे को खारिज करते हुए इसे संदिग्ध हत्या का मामला बता रहे हैं। फिलहाल यह केस सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है और #JusticeForTwisha जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील कर रहे हैं। CCTV फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है, जहां एक तरफ पुलिस अपनी जांच को सही बता रही है, वहीं दूसरी तरफ परिजन न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।

अब नहीं आएगा ऑयल का असर: ऑयली स्किन के लिए बेस्ट प्राइमर टिप्स

नई दिल्ली । ऑयली स्किन वालों के लिए मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखना हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है। चेहरे पर अतिरिक्त तेल (sebum) निकलने के कारण फाउंडेशन जल्दी पिघलने लगता है, मेकअप केक जैसा दिखने लगता है और लुक खराब हो जाता है। ऐसे में एक अच्छा Primer मेकअप रूटीन का सबसे अहम हिस्सा बन जाता है, जो त्वचा और मेकअप के बीच एक स्मूद लेयर बनाकर पूरे लुक को लंबे समय तक फ्रेश बनाए रखता है। ऑयली स्किन के लिए सबसे बेहतर प्राइमर वे माने जाते हैं जो मैटिफाइंग (Mattifying) होते हैं। ये त्वचा से निकलने वाले अतिरिक्त तेल को कंट्रोल करते हैं और चेहरे को एक सॉफ्ट, शाइन-फ्री फिनिश देते हैं। खासकर सिलिकॉन-बेस्ड प्राइमर, स्किन के पोर्स को ब्लर करके एक फ्लॉलेस बेस तैयार करते हैं, जिससे फाउंडेशन बेहतर तरीके से सेट हो जाता है। आजकल मार्केट में जेल-बेस्ड प्राइमर भी काफी लोकप्रिय हैं, जो हल्के होते हैं और त्वचा पर चिपचिपापन नहीं छोड़ते। ये प्राइमर गर्म और ह्यूमिड मौसम में भी मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखते हैं। इसके अलावा, ऑयल-फ्री फॉर्मूला वाले प्राइमर भी ऑयली स्किन के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं क्योंकि ये अतिरिक्त चमक को कम करते हैं और स्किन को बैलेंस करते हैं। मेकअप आर्टिस्ट्स के अनुसार, प्राइमर लगाने से पहले चेहरे को अच्छे से साफ करना और टोनर या हल्का मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी होता है। इसके बाद थोड़ी मात्रा में प्राइमर लेकर चेहरे के T-Zone यानी माथा, नाक और ठोड़ी पर अच्छी तरह ब्लेंड करना चाहिए, क्योंकि यहीं से सबसे ज्यादा ऑयल निकलता है। सही तरीके से लगाया गया प्राइमर मेकअप की लाइफ को कई घंटे तक बढ़ा सकता है। इसके अलावा, कुछ प्राइमर ऐसे भी होते हैं जिनमें स्किन-केयर इंग्रीडिएंट्स जैसे एलोवेरा, ग्रीन टी और विटामिन E शामिल होते हैं, जो त्वचा को शांत रखने के साथ-साथ पोषण भी देते हैं। यह ऑयली स्किन वालों के लिए डबल बेनिफिट देता है—एक तरफ मेकअप सेट रहता है और दूसरी तरफ स्किन हेल्दी भी बनी रहती है। आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और गर्मी के कारण ऑयली स्किन की समस्या और भी आम हो गई है। ऐसे में सही प्राइमर का चुनाव न सिर्फ मेकअप को परफेक्ट बनाता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। अगर आप दिनभर ऑफिस, कॉलेज या किसी फंक्शन में रहते हैं, तो एक अच्छा मैट प्राइमर आपका ब्यूटी गार्ड बन सकता है। निष्कर्ष यही है कि ऑयली स्किन के लिए सही प्राइमर चुनना कोई लक्जरी नहीं बल्कि जरूरत है, जो आपके पूरे मेकअप लुक को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करता है और चेहरे को बिना ऑयल के फ्रेश और ग्लोइंग बनाए रखता है।

अमिताभ बच्चन की मल्टी-रोल फिल्म क्यों नहीं चली? जानें दिलचस्प कहानी

नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कई यादगार और प्रयोगात्मक किरदार निभाए हैं, लेकिन उनकी एक फिल्म ऐसी भी रही जिसमें उन्होंने एक नहीं बल्कि तीन-तीन भूमिकाएं निभाईं। यह फिल्म थी साल 1983 में रिलीज हुई ‘महान’, जिसे भले ही आज एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट वाली फिल्म माना जाता है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और फ्लॉप साबित हुई। इस फिल्म की खास बात यह थी कि अमिताभ बच्चन ने इसमें एक साथ पिता और दो बेटों का किरदार निभाया था। उन्होंने राणा रणवीर, गुरु और इंस्पेक्टर शंकर जैसे तीन अलग-अलग रोल निभाए, जो कहानी को एक अनोखा मोड़ देते हैं। हर किरदार का अलग स्वभाव और अलग अंदाज दर्शकों को एक नया अनुभव देने की कोशिश करता है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म दर्शकों को थिएटर तक खींचने में सफल नहीं हो पाई। ‘महान’ की कहानी एक एक्शन-थ्रिलर फैमिली ड्रामा के रूप में पेश की गई थी, जिसका निर्देशन एस. रामनाथन ने किया था, जबकि इसकी पटकथा मशहूर लेखक कादर खान ने लिखी थी। फिल्म में सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि उस दौर के कई बड़े सितारे भी नजर आए थे, जिनमें जीनत अमान, अशोक कुमार, वहीदा रहमान, परवीन बाबी, अमजद खान, अरुणा ईरानी और शक्ति कपूर जैसे नाम शामिल थे। इतनी बड़ी स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का बजट लगभग 2.50 करोड़ रुपये था, जबकि इसने भारत और विदेशों से मिलाकर करीब 4.1 करोड़ रुपये की कमाई की थी। हालांकि कमाई हुई, लेकिन लागत और उम्मीदों के मुकाबले यह प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसके कारण इसे फ्लॉप फिल्मों की श्रेणी में रखा गया। रोचक बात यह भी है कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद जीतेंद्र थे। कहा जाता है कि किसी कारणवश जब जीतेंद्र उपलब्ध नहीं हो सके, तब उनके अनुरोध पर यह फिल्म अमिताभ बच्चन के हिस्से आई और उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण डबल से भी ज्यादा ट्रिपल रोल को स्वीकार किया। आज के समय में ‘महान’ को एक प्रयोगात्मक फिल्म के रूप में देखा जाता है, जिसमें अमिताभ बच्चन की अभिनय क्षमता का अलग ही रूप देखने को मिलता है। फिल्म की IMDb रेटिंग 6 के आसपास बताई जाती है और यह आज भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देखी जा सकती है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सफल नहीं हो सकी, लेकिन अमिताभ बच्चन के करियर में यह फिल्म उनके उस दौर की याद दिलाती है जब वे लगातार नए और चुनौतीपूर्ण किरदारों के साथ प्रयोग कर रहे थे और अपने अभिनय से इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बना रहे थे।

सलमान खान के वायरल वीडियो पर माहिरा खान का रिएक्शन, सोशल मीडिया में चर्चा

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि अस्पताल के बाहर पैपराजी पर उनका गुस्सा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में सलमान खान को उस वक्त बेहद नाराज देखा गया जब वह मुंबई के हिंदुजा अस्पताल से बाहर निकल रहे थे और वहां मौजूद फोटोग्राफर्स लगातार जोर-जोर से शोर मचा रहे थे। शोर-शराबे और अव्यवस्था से परेशान होकर सलमान खान का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इशारों में पैपराजी से सख्त नाराजगी जाहिर की। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई लोग सलमान खान के इस व्यवहार को सही ठहरा रहे हैं तो कुछ इसे पैपराजी कल्चर से जोड़कर देख रहे हैं। सलमान का यह वीडियो वायरल होते ही मनोरंजन जगत में भी इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच एक बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस माहिरा खान की, जिन्होंने सलमान खान के इस वीडियो पर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया दी। माहिरा खान ने सलमान खान का वही गुस्से वाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा “यार सल्लू…” और साथ में एक इमोशनल इमोजी भी लगाया, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्होंने सलमान के गुस्से को हल्के अंदाज में समझते हुए उनके समर्थन में रिएक्शन दिया है। माहिरा खान का यह रिएक्शन भी तेजी से वायरल हो रहा है और सोशल मीडिया पर लोग इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कई यूजर्स इसे सलमान खान के प्रति सपोर्ट मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ एक हल्का-फुल्का रिएक्शन बता रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि माहिरा खान की इस स्टोरी ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। दूसरी ओर, सलमान खान ने भी इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कई पोस्ट शेयर किए। इन पोस्ट में उन्होंने अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर पैपराजी के व्यवहार पर सवाल उठाए और अपने गुस्से को खुलकर सामने रखा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा मीडिया का सम्मान किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति में संवेदनशीलता जरूरी है। सलमान खान के इन पोस्ट के बाद इंडस्ट्री के कई सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स ने भी उनका समर्थन किया है। कई लोगों ने कहा कि अस्पताल जैसे स्थान पर शांति और संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है और पैपराजी कल्चर की सीमाएं तय होनी चाहिए। कुल मिलाकर, सलमान खान और माहिरा खान से जुड़ा यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है, जहां एक तरफ स्टार्स की प्राइवेसी को लेकर बहस तेज है, वहीं दूसरी तरफ पैपराजी कल्चर पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

एमपी में गर्मी ने तोड़े रिकार्ड, आज 7 जिलों में रेड अलर्ट, खजुराहो बना देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। बुधवार को राज्य के 16 शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने 33 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के मुताबिक, मई महीने में खजुराहो में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। बुधवार को खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर रहा। इससे अधिक तापमान मिस्र के अस्वान में 49.4 डिग्री, सऊदी अरब के अराफात में 48.4 डिग्री और उत्तरप्रदेश के बांदा में 48.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के नौगांव, निवाड़ी, दतिया, राजगढ़ समेत कई शहरों में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए पूरे मध्यप्रदेश में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रतलाम और झाबुआ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेशभर में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि 23 मई तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इसके बाद नौतपा शुरू होगा, जिसके दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा, इसलिए जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।

ज्योतिष टिप्स: गुरुवार को करें ये उपाय, दूर होगा गुरु ग्रह का प्रभाव

नई दिल्ली।  गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना, व्रत और मंत्र जाप करने से कुंडली में मौजूद गुरु दोष समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलने लगता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, भाग्य, धन, विवाह और करियर का कारक माना जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो तो जीवन में कई प्रकार की बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं, लेकिन गुरुवार के विशेष उपाय इन समस्याओं को दूर करने में अत्यंत प्रभावी माने गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने लगती हैं, चाहे वह स्वास्थ्य से जुड़ी हों, आर्थिक स्थिति से संबंधित हों या मानसिक शांति की आवश्यकता हो। यह मंत्र न केवल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है बल्कि व्यक्ति के भाग्य को भी मजबूत बनाता है। इसके अलावा विष्णु गायत्री मंत्र “ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्” का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और व्यक्ति का जीवन समृद्धि की ओर अग्रसर होता है। इसी प्रकार बृहस्पति देव का बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” ग्रह दोषों को शांत करने में अत्यंत प्रभावी माना गया है। वहीं “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का नियमित जाप करने से जीवन में नकारात्मकता दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, जो व्यक्ति नियमपूर्वक गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की पूजा करता है और मंत्र जाप करता है, उसकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। इसका सीधा प्रभाव उसके जीवन पर पड़ता है और नौकरी तथा व्यापार में तरक्की के नए अवसर प्राप्त होने लगते हैं। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बनने लगते हैं, जबकि विवाहित जीवन में आपसी प्रेम और समझ बढ़ती है। मान्यता यह भी है कि गुरुवार का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से दांपत्य जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इसके साथ ही आर्थिक संकट दूर होकर धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है। कुल मिलाकर गुरुवार के ये सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देने में सहायक माने गए हैं। नियमित श्रद्धा और विश्वास

फटकार के बाद सलमान खान से पैपराजी ने मांगी माफी, एक्‍टर ने दिया ये रिएक्शन..

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान ख़ान इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में पैपराजी पर नाराजगी जताने के बाद अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में पैपराजी सलमान खान से माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अभिनेता भी काफी खुश और शांत नजर आए। वायरल वीडियो में दिखा बदला हुआ माहौलसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान खान अपनी कार से उतरते हैं और कैमरों के सामने रुककर पोज देते हैं। इस दौरान वहां मौजूद पैपराजी उनसे माफी मांगने लगते हैं। एक फोटोग्राफर ने कहा, “भाईजान, कल के लिए सॉरी।” वहीं दूसरे ने कहा, “भाईजान, हम आपको बहुत प्यार करते हैं।” सलमान खान ने इस दौरान मुस्कुराते हुए सबकी बात सुनी। तभी अभिनेता रितेश देशमुख भी वहां पहुंचे और सलमान खान से गले मिलते नजर आए। दोनों सितारों की मुलाकात ने भी फैंस का ध्यान खींचा। अस्पताल के बाहर पैपराजी पर नाराज हुए थे सलमानदरअसल, मंगलवार देर रात सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे। वहां मौजूद पैपराजी उन्हें देखते ही जोर-जोर से “भाई-भाई” कहकर आवाज लगाने लगे और लगातार तस्वीरें लेने लगे। इस दौरान सलमान खान नाराज हो गए थे। उन्होंने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती होता, तो क्या वे ऐसी ही प्रतिक्रिया देते? उनकी नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। रात 3 बजे सलमान ने शेयर किए पोस्टघटना के बाद सलमान खान ने देर रात सोशल मीडिया पर लगातार तीन पोस्ट साझा किए। इन पोस्ट में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को जिम्मेदारी समझने की सलाह दी। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “साठ साल का हो गया हूं, लेकिन लड़ना नहीं भूला… ये याद रख लेना। जेल में डालोगे… हा हा…” सलमान के इन पोस्ट्स ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरीं।फिल्मों को लेकर भी चर्चा में हैं भाईजानवर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान जल्द ही फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी। इसके अलावा सलमान खान अभिनेत्री नयनतारा के साथ भी एक नई फिल्म पर काम कर रहे हैं। हालांकि, फिल्म के टाइटल का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी शूटिंग अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है।

MP: धार भोजशाला परिसर के नीचे दबी है हनुमान प्रतिमा….! जाने क्या उठी नई मांग?

धार। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) स्थित भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) में श्रद्धालुओं के निःशुल्क प्रवेश की मांग को लेकर एक याचिकाकर्ता ने बुधवार को ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) को आवेदन भेजा। वहीं, दूसरे याचिकाकर्ता ने अलग अर्जी में दावा किया कि इस मध्यकालीन स्मारक की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां दबी हो सकती हैं। ये ताजा आवेदन उन दो याचिकाकर्ताओं ने भेजे हैं, जिनकी ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ ने इस ASI संरक्षित परिसर को 15 मई को वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया था। सामाजिक संगठन ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ से जुड़े याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने ASI को भेजे आवेदन में कहा कि श्रद्धालुओं को उपासना के अधिकार के तहत भोजशाला में निःशुल्क प्रवेश दिया जाना चाहिए। आवेदन में कहा गया कि ASI द्वारा श्रद्धालुओं से वर्तमान में लिया जा रहा एक रुपए का प्रवेश शुल्क बंद किया जाए क्योंकि इस वसूली से उच्च न्यायालय के आदेश की ‘अवहेलना’ हो रही है। भोजशाला में लगे इस्लामी प्रतीकों को हटाने की मांगआवेदन में भोजशाला परिसर की दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित बंद कमरे को तत्काल खोलने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह कमरा मूल मंदिर परिसर का हिस्सा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि चूंकि उच्च न्यायालय ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर घोषित कर दिया है, इसलिए परिसर में ‘अनाधिकृत रूप से लगाए गए’ इस्लामी प्रतीकों को हटाया जाना चाहिए। मुस्लिम प्रतीकों को किसी अन्य कमरे में रखने की मांगभोजशाला मामले के एक अन्य याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने भी केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और ASI को भेजे अलग आवेदन में ऐसी ही मांग की और कहा कि इस्लामी प्रतीकों को मुस्लिम समुदाय के किसी भवन में सुरक्षित तौर पर रखा जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का दावा- भोजशाला में दबी है हनुमान जी की मूर्तितिवारी ने अपने आवेदन में दावा किया कि धार के लोगों की मान्यता है कि भोजशाला परिसर की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सच का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खुदाई करके इन मूर्तियों को बाहर निकाला जाना चाहिए और इन्हें परिसर में धार्मिक विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाना चाहिए। पिछले शुक्रवार को आया था भोजशाला को लेकर ऐतिहासिक फैसलाउच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने 15 मई को अपने फैसले में भोजशाला परिसर की धार्मिक प्रकृति वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर के रूप में निर्धारित की थी। साथ ही अदालत ने ASI के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार इस परिसर में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी। इस आदेश में हिंदुओं को केवल मंगलवार को स्मारक में पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई थी।