खाड़ी संकट का असर: GAIL ने Yelahanka Power Plant को गैस सप्लाई रोकी, बिजली उत्पादन पर असर संभव

नई दिल्ली। सरकारी महारत्न कंपनी GAIL (India) Limited (गेल) ने गुरुवार सुबह 6 बजे से बेंगलुरु स्थित Yelahanka Gas-based Power Plant को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है। इस फैसले की पुष्टि ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने की है। गैस सप्लाई बंद होने से इस गैस आधारित बिजली संयंत्र के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कर्नाटक का एकमात्र गैस आधारित प्लांटयह 370 मेगावाट क्षमता वाला बिजली संयंत्र Karnataka Power Corporation Limited (केपीसीएल) द्वारा स्थापित किया गया है। यह कर्नाटक का एकमात्र गैस आधारित पावर प्लांट है और मुख्य रूप से Bengaluru शहर को बिजली आपूर्ति के लिए बनाया गया था। यह संयंत्र पिछले साल दिसंबर से लगातार संचालन में था, लेकिन गैस आपूर्ति रुकने के बाद बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पश्चिम एशिया संकट से गैस की कमीअधिकारियों के अनुसार West Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव और विशेष रूप से Israel–Iran conflict के कारण प्राकृतिक गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते भारत में भी गैस की उपलब्धता कम हो गई है और सरकार को विभिन्न क्षेत्रों के लिए गैस आवंटन की प्राथमिकता तय करनी पड़ी है। बिजली क्षेत्र को मिली सबसे कम प्राथमिकताकेंद्र सरकार ने गैस आवंटन के लिए हाल ही में एक गजट अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत घरेलू खपत को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद परिवहन और उर्वरक क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है, जबकि बिजली उत्पादन को सबसे निचली श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि गैस की कमी रहने तक बिजली संयंत्रों को सीमित सप्लाई ही मिल पाएगी। कर्नाटक में बिजली की मांगफिलहाल कर्नाटक में प्रतिदिन लगभग 35.5 करोड़ यूनिट बिजली की मांग है। इस मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट के अलावा सौर और पवन ऊर्जा स्रोतों का भी इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही केंद्रीय ग्रिड से मिलने वाली बिजली और पावर एक्सचेंज व्यवस्था के माध्यम से भी अतिरिक्त बिजली ली जा रही है। अन्य राज्यों से भी मिल रही बिजलीराज्य सरकार बिजली आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अन्य राज्यों के साथ पावर एक्सचेंज व्यवस्था का भी सहारा ले रही है। इसके तहत Punjab, Uttar Pradesh और Haryana जैसे राज्यों से भी कुछ मात्रा में बिजली प्राप्त की जा रही है। गैस संकट जारी रहने पर असर संभवअधिकारियों का कहना है कि अगर Yelahanka Gas-based Power Plant को गैस सप्लाई और कम हुई या लंबे समय तक बंद रही, तो बिजली आपूर्ति पर हल्का असर पड़ सकता है। हालांकि राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अन्य स्रोतों से उत्पादन बढ़ाकर बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने की कोशिश की जाएगी। गैस आवंटन के नए नियमNatural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 के तहत सरकार ने गैस आवंटन के लिए विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता श्रेणियों में रखा है। इसमें घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस, एलपीजी उत्पादन, परिवहन के लिए सीएनजी और पाइपलाइन संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत का लगभग 100 प्रतिशत गैस आवंटन मिलेगा। अन्य क्षेत्रों को सीमित आपूर्तिउर्वरक संयंत्रों को दूसरी प्राथमिकता में रखा गया है और उन्हें औसत खपत का लगभग 70 प्रतिशत गैस मिलेगा। औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को तीसरी प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं बिजली उत्पादन क्षेत्र को सबसे निचली प्राथमिकता दी गई है, जिसके कारण गैस की कमी के दौरान इस क्षेत्र को सीमित आपूर्ति ही मिलने की संभावना है।
जबलपुर: मौत से पहले तड़पती रही पूजा, ससुराल वाले बनाते रहे वीडियो; दहेज हत्या के आरोप में ग्रामीणों ने बीच सड़क पर लगाया टेंट, चक्काजाम

जबलपुर। कटंगी के ग्राम कैमोरी में गुरुवार को उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई जब पूजा साहू की संदिग्ध मौत के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने कटंगी-पाटन मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सड़क के बीचों-बीच टेंट लगाकर बैठे परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने हत्यारोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। इस दौरान मृतका का एक हृदयविदारक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह तड़पती दिख रही है और ससुराल पक्ष उसे अस्पताल ले जाने के बजाय उसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है। विवाद की वजह: 10 लाख का दहेज और ‘खूनी’ साजिशपरिजनों के अनुसार, पूजा की शादी 6 फरवरी 2026 को जबलपुर के लार्डगंज निवासी निखिल साहू से हुई थी।आरोप है कि शादी के वक्त 10 लाख रुपये मांगे गए थे, जिसमें से 4 लाख रुपये और जेवर दे दिए गए थे। शेष 6 लाख रुपये के लिए पूजा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।20 फरवरी को पति निखिल, ससुर नरेश, सास ज्योति और ननद नम्रता पूजा को लेकर उज्जैन गए थे। परिजनों का दावा है कि यह पूजा को ठिकाने लगाने की एक सोची-समझी साजिश थी। इलाज के बजाय बनाया गया ‘मौत का सबूत’21 फरवरी की सुबह पूजा के मायके वालों को एक वीडियो भेजा गया, जिसने अब इस केस में सबूत की भूमिका निभा दी है:वीडियो में पूजा की हालत बेहद गंभीर दिख रही है। आरोप है कि ससुराल पक्ष उसे कोई संदिग्ध पदार्थ (संभवतः जहर) पिला रहा था और तड़पते हुए उसका वीडियो बनाकर मायके वालों को पैसे भेजने के लिए दबाव बना रहा था।परिजनों का आरोप है कि पूजा को किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया, बल्कि एक फर्जी डॉक्टर का पर्चा दिखाकर उन्हें गुमराह किया गया कि वह मामूली बीमार है। कुछ ही देर बाद पूजा की मौत की खबर दे दी गई। प्रशासन का रुख: समझाइश में जुटी पुलिसचक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जब तक पति और उसके पूरे परिवार की गिरफ्तारी नहीं होती, वे सड़क से नहीं हटेंगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है।
ऑनलाइन पायरेसी पर कार्रवाई, सरकार ने Telegram के 3,100+ चैनलों को किया चिन्हित

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पायरेटेड कंटेंट के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को नोटिस जारी किया है। Ministry of Information and Broadcasting ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत यह नोटिस जारी कर प्लेटफॉर्म से कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री हटाने और पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायत के बाद कार्रवाईयह कदम कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायतों के बाद उठाया गया है। इनमें JioCinema और Amazon Prime Video जैसे प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपियां टेलीग्राम पर बड़े पैमाने पर साझा की जा रही हैं। 3,142 चैनलों की पहचानशिकायतों की जांच के बाद अधिकारियों ने कुल 3,142 ऐसे टेलीग्राम चैनलों की पहचान की, जो कथित तौर पर फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री की अवैध कॉपियां शेयर कर रहे थे। सरकार ने टेलीग्राम से इन चैनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पायरेटेड कंटेंट हटाने को कहा है। टेलीग्राम फीचर्स का दुरुपयोगरिपोर्ट्स के अनुसार टेलीग्राम की कुछ सुविधाओं, जैसे बड़ी फाइल शेयरिंग की सीमा और यूजर्स की पहचान छिपाने की क्षमता का कुछ लोगों ने गलत इस्तेमाल किया। इन सुविधाओं का उपयोग कर बड़ी संख्या में पायरेटेड कंटेंट को साझा किया गया, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाईयह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप में पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया था। इनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू जैसे प्लेटफॉर्म शामिल थे। पहले भी ब्लॉक किए गए कई प्लेटफॉर्मइससे पहले जुलाई 2025 में भी सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट और ऐप्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, अभद्र या पोर्नोग्राफिक कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप लगे थे। आईटी नियमों के तहत सख्त प्रावधानInformation Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, पोर्नोग्राफिक, गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले, लैंगिक या जातीय आधार पर अपमानजनक और हिंसा या नफरत फैलाने वाले कंटेंट को होस्ट या प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है। ऑनलाइन पायरेसी पर रोक की कोशिशसरकार की यह नई कार्रवाई ऑनलाइन पायरेसी पर रोक लगाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध या आपत्तिजनक कंटेंट को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कानून के अनुसार जिम्मेदारी निभानी होगी और कॉपीराइट नियमों का पालन करना होगा।
भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार

भिण्ड । भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा आठवीं की छात्रा है और हाल ही में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया। जानकारी के अनुसार पीड़िता की मोहल्ले में रहने वाली दो सगी बहनों के साथ दोस्ती थी। दोनों बहनें अक्सर उसे अपने घर बुलाती थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने भाई Sahil से उसकी पहचान कराई। परिजनों का आरोप है कि एक दिन दोनों बहनों ने किशोरी को घर बुलाकर कमरे में अकेला छोड़ दिया और बाहर चली गईं। इसी दौरान साहिल ने उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी। पीड़िता के परिजन ने बताया कि उन्होंने साहिल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी साहिल फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी है। घटना ने इलाके में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं और पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है क्योंकि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।
बैतूल में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जयस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बैतूल । बैतूल जिले में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम में सभा आयोजित की जिसमें संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई। सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर बैतूल कलेक्ट्रेट का रुख किया। वहां उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से आदिवासी भूमि संरक्षण जमीन हड़पने के खिलाफ सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले वर्षों में आदिवासी भूमि से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक कार्रवाई में देरी और कानूनी रूप से सही संरक्षण न होने के कारण कई समुदाय प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी भूमि के संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए। आदिवासी समाज के लोग और युवा कार्यकर्ता इस प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए सतत जागरूक हैं और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए जिससे प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक उनकी मांगों का प्रभावी संदेश पहुंचा।
आईपीएल 2026 की शुरुआत में दबाव, Royal Challengers Bengaluru को M. Chinnaswamy Stadium में कड़ी चुनौती

नई दिल्ली। Indian Olympic Association (आईओए) ने देश के सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के ओलंपिक एसोसिएशनों से अपील की है कि वे इस वर्ष Olympic Day के अवसर पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाएं। इस अभियान के तहत प्रत्येक एसोसिएशन को 2036 पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के संदेश को बढ़ावा दिया जा सके। पी. टी. उषा ने दी पहल की जानकारीआईओए की अध्यक्ष P. T. Usha की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस पहल का उद्देश्य ओलंपिक आंदोलन की पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। इसके जरिए देशभर के समुदायों को पर्यावरण से जुड़े सकारात्मक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ओलंपिक वन पहल से जुड़ा अभियानआईओए ने बताया कि यह पौधारोपण अभियान International Olympic Committee की ‘ओलंपिक फॉरेस्ट’ पहल के अनुरूप है। यह खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत की बढ़ती प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। 2036 पेड़ लगाने का लक्ष्य भविष्य में एक सतत और बेहतर दुनिया बनाने के ओलंपिक विजन का प्रतीक माना जा रहा है। समुदाय की भागीदारी पर जोरआईओए ने राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के ओलंपिक संघों से स्थानीय खेल संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, खिलाड़ियों, युवा संगठनों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है। खेल परिसरों, स्कूलों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण कर ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। बेहतर भविष्य के लिए पहलइस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और खेलों के जरिए एक स्वस्थ और बेहतर दुनिया बनाने के ओलंपिक आंदोलन के लक्ष्य को मजबूत करना है। आईओए का मानना है कि इस तरह के अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। क्या है ओलंपिक डेOlympic Day खेल और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला एक वैश्विक आयोजन है, जिसे हर साल 23 जून को मनाया जाता है। यह दिन International Olympic Committee की स्थापना की याद में मनाया जाता है। आईओसी की स्थापना वर्ष 1894 में हुई थी, जबकि पहला ओलंपिक डे 1948 में मनाया गया था।
बैतूल में नरोत्तम मिश्रा ने सुरभि खंडेलवाल को दी श्रद्धांजलि

बैतूल । बैतूल मध्यप्रदेश में गुरुवार को पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दुखद निधन के शोक में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के निवास पर पहुंचकर उनकी पुत्री सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि दी अर्पित की। मिश्रा ने खंडेलवाल परिवार से मुलाकात कर इस कठिन समय में संवेदना व्यक्त की और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने दिवंगत सुरभि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कुछ समय तक परिवार के साथ बैठकर शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार इस दुखद समय में अकेला नहीं है और पार्टी एवं समाज उनके साथ खड़ा है। मिश्रा की यह श्रद्धांजलि स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव का अवसर भी बनी। खंडेलवाल परिवार ने मिश्रा के इस दुख साझा करने के कदम की सराहना की और कहा कि उनके साथ मौजूदगी से परिवार को कुछ सांत्वना मिली। यह घटना बैतूल में राजनीति और समाज के बीच मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बनकर सामने आई, जहां नेता अपने संवेदनशील दृष्टिकोण से परिवार के दुःख में साझीदार बने।
बैतूल के घोघरा में चार साल से बंद नल-जल योजना, ग्रामीण नदी और कुएं पर निर्भर

बैतूल । बैतूल जिले के आदिवासी बहुल भीमपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चोहटा पोपटी के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोघरा में नल-जल योजना पिछले चार वर्षों से ठप पड़ी हुई है। इस वजह से ग्रामीणों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए आज भी प्राकृतिक स्रोतों नदी और कुएं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत बोरवेल और ट्यूबवेल का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही पाइपलाइन बिछा दी गई है और संपवेल का निर्माण भी तैयार है। बावजूद इसके योजना को शुरू नहीं किया गया है जिससे गांव के लोग अब भी कठिन परिस्थितियों में जलापूर्ति के लिए प्रयासरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी खासकर गर्मियों में गंभीर रूप ले लेती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई है। पंचायत और स्थानीय प्रशासन से बार-बार संपर्क के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। वहीं ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस योजना को चालू करके गांव में सुरक्षित और नियमित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि योजना शुरू होने से ग्रामीणों का जीवन आसान होगा और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
ग्वालियर में ई-वाहनों को बढ़ावा: पहला चार्जिंग स्टेशन शुरू, 15 रुपए प्रति यूनिट पर मिलेगी सुविधा

ग्वालियर। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नगर निगम ने पहला ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिया है। अब शहर के ई-वाहन चालक पेट्रोल पंप की तरह आसानी से अपने वाहनों को चार्ज करा सकेंगे। यहां ₹15 प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। यह चार्जिंग स्टेशन सिटी सेंटर स्थित तरुण पुष्कर के पास स्थापित किया गया है। इसका उद्घाटन गुरुवार को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार ने किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघप्रिय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है, ताकि वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। पेट्रोल पंप की तरह होगी चार्जिंगनगर निगम की सहायक यंत्री (विद्युत) अभिलाषा बघेल ने बताया कि यह स्टेशन पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस है और यहां पेट्रोल पंप की तरह चार्जिंग गन का उपयोग किया जाएगा। वाहन चालक अपने ई-वाहन को चार्जिंग गन से कनेक्ट कर चार्ज करा सकेंगे। चार्जिंग पूरी होने के बाद मशीन में इस्तेमाल हुई बिजली की यूनिट और कुल राशि स्क्रीन पर दिखाई देगी। भुगतान करने के बाद कर्मचारी चार्जिंग गन हटा देंगे। इससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी रहेगी। 45 मिनट में 80 प्रतिशत बैटरी चार्जयह चार्जिंग स्टेशन 60 KVA क्षमता का है। इसकी मदद से बड़ी इलेक्ट्रिक कार की करीब 80 प्रतिशत बैटरी लगभग 45 मिनट में चार्ज हो सकती है। इससे शहर में ई-वाहन चलाने वालों को तेज और सुविधाजनक चार्जिंग सुविधा मिल सकेगी। एक साथ दो वाहन होंगे चार्जइस स्टेशन पर एक समय में दो ई-वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। इससे व्यस्त समय में भी वाहन चालकों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शहर में पांच स्थानों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशननगर निगम ने शहर में कुल पांच स्थानों को ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया है। फिलहाल इनमें से तीन स्थानों पर स्टेशन चालू हो चुके हैं। इनमेंतरुण पुष्कर, सिटी सेंटर,नगर निगम मुख्यालय के पास मल्टीलेवल पार्किंग (सिटी सेंटर) मल्टीलेवल पार्किंग कंपूशामिल हैं। बाकी स्थानों पर भी जल्द ही चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाने की योजना है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदमनगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण में कमी आएगी और शहर का पर्यावरण बेहतर होगा। इसी उद्देश्य से शहर में धीरे-धीरे चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत

ग्वालियर। पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अहम आदेश देते हुए एक महिला को सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके ससुराल लौटने की अनुमति दी। अदालत ने साथ ही महिला के पति और ससुर को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना न करें। कोर्ट ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की है। यह मामला हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में अदालत के सामने आया था। याचिकाकर्ता प्रदीप राठौर ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका राठौर को उसके पति नरेंद्र राठौर और ससुर द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि परिवार के लोगों को उससे संपर्क करने नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते मामला अदालत तक पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने महिला, उसके पति और अन्य संबंधित पक्षों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अदालत में उपस्थित हुए और जजों ने महिला सहित सभी की बात विस्तार से सुनी। सुनवाई के दौरान प्रियंका राठौर ने अदालत के सामने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पति और ससुर अक्सर उन्हें परेशान करते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उसके पति ने उसे सीढ़ियों से धक्का देने की कोशिश भी की थी, जिससे वह काफी भयभीत हो गई थी। हालांकि, महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसका 8 वर्षीय बेटा है और वह अपने बेटे के भविष्य और परिवार को बचाने की कोशिश करना चाहती है। इसी कारण उसने फिलहाल ससुराल वापस जाकर रिश्तों को सुधारने और विवाद सुलझाने का एक मौका देने की इच्छा जताई। दूसरी ओर, महिला के पति नरेंद्र राठौर, जो एक बैंक में मार्केटिंग से जुड़े कार्य करते हैं, ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपनी पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे और उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि वे परिवार को साथ लेकर चलना चाहते हैं। महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अदालत ने एक विशेष व्यवस्था भी की है। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता अंजली ज्ञानानी और जनकगंज थाने की महिला आरक्षक अंतिमा तिवारी तथा आरती लोधी को छह महीने के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे समय-समय पर महिला से संपर्क कर उसकी स्थिति की जानकारी लें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि महिला के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना या दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी। इस आदेश को घरेलू विवाद के मामलों में महिला सुरक्षा और पारिवारिक समाधान के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जहां अदालत ने एक ओर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की है तो दूसरी ओर परिवार को भी संबंध सुधारने का अवसर दिया है।