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ग्वालियर में ई-वाहनों को बढ़ावा: पहला चार्जिंग स्टेशन शुरू, 15 रुपए प्रति यूनिट पर मिलेगी सुविधा

ग्वालियर।  शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नगर निगम ने पहला ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिया है। अब शहर के ई-वाहन चालक पेट्रोल पंप की तरह आसानी से अपने वाहनों को चार्ज करा सकेंगे। यहां ₹15 प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। यह चार्जिंग स्टेशन सिटी सेंटर स्थित तरुण पुष्कर के पास स्थापित किया गया है। इसका उद्घाटन गुरुवार को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार ने किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघप्रिय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है, ताकि वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। पेट्रोल पंप की तरह होगी चार्जिंगनगर निगम की सहायक यंत्री (विद्युत) अभिलाषा बघेल ने बताया कि यह स्टेशन पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस है और यहां पेट्रोल पंप की तरह चार्जिंग गन का उपयोग किया जाएगा। वाहन चालक अपने ई-वाहन को चार्जिंग गन से कनेक्ट कर चार्ज करा सकेंगे। चार्जिंग पूरी होने के बाद मशीन में इस्तेमाल हुई बिजली की यूनिट और कुल राशि स्क्रीन पर दिखाई देगी। भुगतान करने के बाद कर्मचारी चार्जिंग गन हटा देंगे। इससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी रहेगी। 45 मिनट में 80 प्रतिशत बैटरी चार्जयह चार्जिंग स्टेशन 60 KVA क्षमता का है। इसकी मदद से बड़ी इलेक्ट्रिक कार की करीब 80 प्रतिशत बैटरी लगभग 45 मिनट में चार्ज हो सकती है। इससे शहर में ई-वाहन चलाने वालों को तेज और सुविधाजनक चार्जिंग सुविधा मिल सकेगी। एक साथ दो वाहन होंगे चार्जइस स्टेशन पर एक समय में दो ई-वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। इससे व्यस्त समय में भी वाहन चालकों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शहर में पांच स्थानों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशननगर निगम ने शहर में कुल पांच स्थानों को ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया है। फिलहाल इनमें से तीन स्थानों पर स्टेशन चालू हो चुके हैं। इनमेंतरुण पुष्कर, सिटी सेंटर,नगर निगम मुख्यालय के पास मल्टीलेवल पार्किंग (सिटी सेंटर) मल्टीलेवल पार्किंग कंपूशामिल हैं। बाकी स्थानों पर भी जल्द ही चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाने की योजना है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदमनगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण में कमी आएगी और शहर का पर्यावरण बेहतर होगा। इसी उद्देश्य से शहर में धीरे-धीरे चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत

ग्वालियर। पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अहम आदेश देते हुए एक महिला को सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके ससुराल लौटने की अनुमति दी। अदालत ने साथ ही महिला के पति और ससुर को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना न करें। कोर्ट ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की है। यह मामला हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में अदालत के सामने आया था। याचिकाकर्ता प्रदीप राठौर ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका राठौर को उसके पति नरेंद्र राठौर और ससुर द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि परिवार के लोगों को उससे संपर्क करने नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते मामला अदालत तक पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने महिला, उसके पति और अन्य संबंधित पक्षों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अदालत में उपस्थित हुए और जजों ने महिला सहित सभी की बात विस्तार से सुनी। सुनवाई के दौरान प्रियंका राठौर ने अदालत के सामने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पति और ससुर अक्सर उन्हें परेशान करते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उसके पति ने उसे सीढ़ियों से धक्का देने की कोशिश भी की थी, जिससे वह काफी भयभीत हो गई थी। हालांकि, महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसका 8 वर्षीय बेटा है और वह अपने बेटे के भविष्य और परिवार को बचाने की कोशिश करना चाहती है। इसी कारण उसने फिलहाल ससुराल वापस जाकर रिश्तों को सुधारने और विवाद सुलझाने का एक मौका देने की इच्छा जताई। दूसरी ओर, महिला के पति नरेंद्र राठौर, जो एक बैंक में मार्केटिंग से जुड़े कार्य करते हैं, ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपनी पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे और उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि वे परिवार को साथ लेकर चलना चाहते हैं। महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अदालत ने एक विशेष व्यवस्था भी की है। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता अंजली ज्ञानानी और जनकगंज थाने की महिला आरक्षक अंतिमा तिवारी तथा आरती लोधी को छह महीने के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे समय-समय पर महिला से संपर्क कर उसकी स्थिति की जानकारी लें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि महिला के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना या दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी। इस आदेश को घरेलू विवाद के मामलों में महिला सुरक्षा और पारिवारिक समाधान के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जहां अदालत ने एक ओर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की है तो दूसरी ओर परिवार को भी संबंध सुधारने का अवसर दिया है।

भोपाल: सूखी सेवनिया स्टेशन पर 'ट्रेन हादसा' छत काटकर निकाले गए यात्री, NDRF और रेलवे की जॉइंट मॉक ड्रिल में दिखा रेस्क्यू का दम!

भोपाल। राजधानी के नजदीक सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह ठीक 11 बजे एक बड़े रेल हादसे की ‘इमरजेंसी कॉल’ ने पूरे मंडल को अलर्ट मोड पर ला दिया। सूचना थी कि स्टेशन के पास एक ट्रेन पटरी से उतर गई है और कोच एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं। देखते ही देखते मौके पर हूटर बजाती दुर्घटना राहत ट्रेनें (ART) और NDRF की टीमें पहुँच गईं। यह नजारा भोपाल रेल मंडल द्वारा आयोजित एक फुल स्केल मॉक ड्रिल का था, जिसका उद्देश्य आपदा के समय रिस्पांस टाइम और तालमेल को परखना था। रेस्क्यू ऑपरेशन: गैस कटर से काटी गई ट्रेन की छतमॉक ड्रिल को इतना वास्तविक रूप दिया गया था कि ड्रिल के दौरान ट्रेन के कोचों को एक-दूसरे के ऊपर चढ़ा हुआ दिखाया गया। अंदर फंसे ‘यात्रियों’ को बचाने के लिए टीमों ने निम्नलिखित कदम उठाए: कटर का इस्तेमाल: कोच के भीतर फंसे यात्रियों तक पहुँचने के लिए NDRF की टीम ने हाइड्रोलिक और गैस कटर का उपयोग कर खिड़कियों के शीशे तोड़े और ट्रेन की छत को काटकर रास्ता बनाया। बोगी के नीचे फंसे डमी यात्रियों को निकालने के लिए आधुनिक ‘हाई-प्रेशर एयरबैग्स’ का सहारा लिया गया, जिससे भारी-भरकम कोच को उठाकर रास्ता बनाया गया।बाहर निकाले गए यात्रियों को तुरंत मौके पर मौजूद रेलवे मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए ‘अस्पताल’ रवाना किया। अफसरों की मौजूदगी: डीआरएम ने खुद परखा रिस्पांस टाइमइस पूरी ड्रिल के दौरान भोपाल रेल मंडल के प्रबंधक (DRM) पंकज त्यागी अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बचाव कार्य की बारीकियों का निरीक्षण किया और टीमों के तालमेल को सराहा।ड्रिल में रेलवे के आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP), मेडिकल विंग और NDRF के जवानों ने एक साथ काम किया।स्टेशन मास्टर से सूचना मिलने के बाद राहत ट्रेनों के पहुँचने और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने तक का समय ‘गोल्डन ऑवर’ के मानकों के अनुरूप रहा। सुरक्षा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास है। सूखी सेवनिया में हुई यह मॉक ड्रिल इस बात का प्रमाण है कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में हमारी रेलवे और राहत टीमें कम से कम समय में जान-माल की रक्षा करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

होम ग्राउंड पर चुनौती, Royal Challengers Bengaluru के लिए M. Chinnaswamy Stadium में शुरुआती मैच मुश्किल

नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर Abhinav Mukund का मानना है कि मौजूदा चैंपियन Royal Challengers Bengaluru (आरसीबी) को आगामी Indian Premier League सीजन में अपने घरेलू मैदान पर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि टीम के शुरुआती मुकाबले काफी कठिन होंगे और खिलाड़ियों के लिए हालात को जल्दी समझना जरूरी होगा। चिन्नास्वामी स्टेडियम में चुनौतीपूर्ण शुरुआतमुकुंद के अनुसार M. Chinnaswamy Stadium की परिस्थितियां आरसीबी के लिए शुरुआत में थोड़ी मुश्किल साबित हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल टीम के चैंपियन बनने के बाद हुए विजय जुलूस के दौरान भगदड़ की घटना के बाद करीब आठ से नौ महीनों तक इस मैदान पर कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला गया। ऐसे में खिलाड़ियों को मैदान की स्थिति और पिच के व्यवहार को समझने में समय लग सकता है। विरोधी टीमों से कड़ी टक्करमुकुंद ने JioHotstar पर बातचीत के दौरान कहा कि आरसीबी को अपने शुरुआती मैचों में मजबूत टीमों से भिड़ना है। टीम का पहला मुकाबला 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ होगा, जबकि 4 अप्रैल को उन्हें Chennai Super Kings से भिड़ना है। उन्होंने इन दोनों मुकाबलों को आरसीबी के लिए अग्नि परीक्षा जैसा बताया। घरेलू मैदान पर पिछला प्रदर्शन कमजोरपिछले सीजन में आरसीबी का प्रदर्शन अपने घरेलू मैदान की तुलना में बाहर के मैचों में बेहतर रहा था। बेंगलुरु की टीम घर पर केवल दो मैच जीत सकी थी, जबकि तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। यह आंकड़े बताते हैं कि टीम को अपने ही मैदान पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए और मेहनत करनी होगी। चिन्नास्वामी में आरसीबी का रिकॉर्डआरसीबी ने M. Chinnaswamy Stadium में अब तक कुल 96 आईपीएल मैच खेले हैं। इनमें टीम को 46 मुकाबलों में जीत मिली है, जबकि 47 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। चार मैच ऐसे भी रहे जिनका कोई नतीजा नहीं निकल सका। आंकड़े बताते हैं कि इस मैदान पर आरसीबी का रिकॉर्ड संतुलित रहा है, इसलिए नए सीजन में टीम के लिए यहां मजबूत प्रदर्शन करना बेहद अहम होगा।

‘इससे बड़ा पल नहीं’ -बैक टू बैक ICC Men's T20 World Cup खिताब पर Jasprit Bumrah की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। भारत के स्टार तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah ने कहा है कि लगातार दो टी20 विश्व कप जीतना उनके करियर का सबसे खास और गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा चुनौतीपूर्ण काम करना चाहते थे और क्रिकेट को भी इसी सोच के साथ चुना था। जब उन्हें मैदान पर कुछ अलग और खास करने का मौका मिलता है, तो उससे उन्हें बेहद खुशी मिलती है। चुनौती लेना हमेशा पसंद रहाBoard of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) के बीसीसीआई टीवी पर साझा किए गए एक वीडियो में बुमराह ने कहा कि वह कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटना चाहते। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए आगे आना ही असली खिलाड़ी की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा मैच के अहम मौकों पर गेंदबाजी करना पसंद करते हैं और इसी चुनौती ने उन्हें क्रिकेट की ओर आकर्षित किया। अहमदाबाद से शुरू हुआ सफरबुमराह ने बताया कि उनका क्रिकेट करियर Ahmedabad से शुरू हुआ था। उन्होंने गुजरात के लिए खेलते हुए अपने खेल को निखारा और धीरे-धीरे राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे। अब उसी धरती पर विश्व कप खेलना और फाइनल में शानदार प्रदर्शन करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि पिछली बार टीम जीत से थोड़ा पीछे रह गई थी, लेकिन इस बार भारत ने बाजी मार ली। परिवार की मौजूदगी ने बनाया पल खासबुमराह ने कहा कि इस जीत को और खास बनाने वाली बात यह थी कि उनका परिवार भी उस समय उनके साथ मौजूद था। उनका बेटा और उनकी मां स्टेडियम में मौजूद थे, जिससे यह जीत उनके लिए और भावुक पल बन गई। उन्होंने कहा कि इस तरह के पल जीवन में बहुत कम आते हैं और वह इसके लिए भगवान के बेहद आभारी हैं। भारत ने रचा इतिहासभारतीय टीम ने 8 मार्च को खेले गए ICC Men’s T20 World Cup 2026 के फाइनल में New Zealand national cricket team को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही India national cricket team लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई। भारत अब तक कुल तीन टी20 विश्व कप खिताब जीत चुका है। फाइनल में बुमराह का शानदार प्रदर्शनफाइनल मुकाबले में बुमराह ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में केवल 15 रन देकर चार विकेट झटके। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। इससे पहले सेमीफाइनल में भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

भ्रष्टाचार रोधी नियमों का उल्लंघन, International Cricket Council ने Jevon Searles समेत तीन लोगों को किया सस्पेंड

नई दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद International Cricket Council (आईसीसी) ने भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के चलते वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर Javon Searles, टाइटंस टीम के मालिक Chitranjan Rathod और टीम अधिकारी Griffith को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई Cricket West Indies और आईसीसी के एंटी-करप्शन कोड के तहत की गई है। ‘बिम10’ टूर्नामेंट से जुड़े आरोपआईसीसी के बयान के अनुसार तीनों पर 2023-24 में खेले गए BIM10 Tournament से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जो क्रिकेट वेस्टइंडीज एंटी-करप्शन कोड के दायरे में आते हैं। इसके अलावा टीम अधिकारी ग्रिफिथ पर अंतरराष्ट्रीय मैचों से जुड़ा एक अतिरिक्त आरोप भी है, जो सीधे आईसीसी एंटी-करप्शन कोड के तहत आता है। तुरंत प्रभाव से निलंबनआईसीसी ने बताया कि तीनों को तत्काल प्रभाव से क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि उन्हें आरोपों का जवाब देने के लिए 11 मार्च 2026 से 14 दिन का समय दिया गया है। इस दौरान वे अपने बचाव में जवाब दाखिल कर सकते हैं। अलग-अलग धाराओं में आरोपआईसीसी के अनुसार चितरंजन राठौड़ पर क्रिकेट वेस्टइंडीज कोड के तहत तीन आरोप लगाए गए हैं, जबकि सियरल्स पर चार आरोप दर्ज किए गए हैं। वहीं टीम अधिकारी ग्रिफिथ पर क्रिकेट वेस्टइंडीज कोड के तहत चार और आईसीसी कोड के तहत एक अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोपक्रिकेट वेस्टइंडीज एंटी-करप्शन कोड के आर्टिकल 2.1.1 के तहत आरोप है कि ‘बिम10’ टूर्नामेंट 2023-24 के मैचों के नतीजे, आचरण या किसी अन्य पहलू को फिक्स करने, फिक्स करने की कोशिश करने या अनुचित तरीके से प्रभावित करने की कोशिश की गई। इसके अलावा आर्टिकल 2.1.4 के तहत खिलाड़ियों को भ्रष्ट गतिविधियों के लिए उकसाने, निर्देश देने या सुविधा उपलब्ध कराने के आरोप भी शामिल हैं। जांच में सहयोग न करने का आरोपआर्टिकल 2.4.4 के तहत आरोप है कि संभावित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में अधिकारियों के साथ उचित सहयोग नहीं किया गया। वहीं सियरल्स और ग्रिफिथ पर आर्टिकल 2.4.2 के उल्लंघन का भी आरोप है, जिसके तहत किसी भी संदिग्ध संपर्क या प्रस्ताव की जानकारी क्रिकेट वेस्टइंडीज को देना अनिवार्य होता है। ग्रिफिथ पर अतिरिक्त आरोपग्रिफिथ पर आईसीसी एंटी-करप्शन कोड के आर्टिकल 2.4.7 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसके तहत आरोप है कि उन्होंने एंटी-करप्शन यूनिट की जांच में बाधा डालने, जरूरी जानकारी छिपाने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की। आईपीएल में भी खेल चुके हैं सियरल्सगौरतलब है कि Javon Searles वेस्टइंडीज अंडर-19 टीम के लिए खेल चुके हैं और 2018 में Kolkata Knight Riders की ओर से Indian Premier League में भी हिस्सा ले चुके हैं। फिलहाल आईसीसी की इस कार्रवाई के बाद उनके क्रिकेट करियर पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पश्चिम एशिया तनाव का असर: Silver में 5,000 रुपये से ज्यादा की तेजी, कीमती धातुओं में उछाल

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर शुरुआती कारोबार में सोने में हल्की गिरावट दिखी, लेकिन बाद में इसमें मजबूती लौट आई। वहीं चांदी ने शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए तेज उछाल दर्ज किया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निचले स्तर पर मजबूत खरीदारी के कारण चांदी में यह तेजी देखने को मिली। सोने की कीमतों में हल्की बढ़तखबर लिखे जाने तक दोपहर करीब 1:36 बजे एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 361 रुपये यानी 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,62,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। सोने ने दिन की शुरुआत 1,62,799 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से की थी, जो पिछले बंद भाव 1,61,789 रुपये से ज्यादा था। हालांकि बाद में वैश्विक बाजार से कमजोर संकेत मिलने के कारण इसकी कीमतों में कुछ गिरावट भी देखी गई। मांग क्षेत्र बना 1.56–1.57 लाख का स्तरविशेषज्ञों का मानना है कि 1,56,000 से 1,57,000 रुपये का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार यदि कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो मध्यम अवधि में सोने का तेजी वाला रुझान बरकरार रह सकता है। अगर सोना 1,65,000 रुपये के स्तर से ऊपर मजबूती से निकलता है, तो आगे चलकर 1,75,000 से 1,80,000 रुपये तक नई तेजी देखने को मिल सकती है। चांदी में 5,900 रुपये से ज्यादा का उछालदूसरी ओर चांदी की कीमतों में सत्र के दौरान मजबूत तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर मई डिलीवरी वाली चांदी 5,911 रुपये यानी 2.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,74,402 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी ने 2,69,212 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 2,68,491 रुपये से थोड़ा ज्यादा था। दिन के दौरान मजबूत खरीदारी के कारण इसकी कीमतों में तेजी और बढ़ गई। वैश्विक बाजार में मिला-जुला रुखवैश्विक बाजार में हालांकि सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड लगभग 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर रहे। वहीं स्पॉट सिल्वर लगभग स्थिर रहकर 85.82 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया तनाव का असरबाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे समय में निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिनों में इसी वजह से इन धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। तेल और डॉलर के कारण कमजोर हुआ रुपयाइसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय मुद्रा Indian Rupee भी दबाव में आ गई। गुरुवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा United States Dollar के मुकाबले करीब 0.3 प्रतिशत गिरकर 92.3575 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इससे पहले इसी सप्ताह रुपया 92.3475 के स्तर तक गिरा था, जिसे गुरुवार को पार कर दिया गया।

Antarctica की बर्फ के नीचे अनोखी अन्टर-सी झील, वैज्ञानिकों को मिले प्राचीन जीवन के संकेत

नई दिल्ली। धरती के सबसे ठंडे और रहस्यमयी महाद्वीप Antarctica में स्थित Lake Untersee दुनिया की सबसे अनोखी झीलों में से एक मानी जाती है। यह झील Queen Maud Land के ग्रुबर पर्वतों के पास अनुचिन ग्लेशियर के किनारे स्थित है। अत्यधिक ठंड के कारण यह झील पूरे साल मोटी बर्फ की परत से ढकी रहती है। यहां का औसत वार्षिक तापमान शून्य से लगभग 10 डिग्री सेल्सियस नीचे रहता है। कठिन और बेहद ठंडे वातावरण के बावजूद यह झील वैज्ञानिकों के लिए किसी प्राकृतिक प्रयोगशाला से कम नहीं है, क्योंकि इसके अंदर ऐसे जीवन के संकेत मिलते हैं जो अरबों साल पुराने हो सकते हैं। उपग्रह से मिली झील की नई तस्वीरहाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के Landsat 9 उपग्रह में लगे ओएलआई सेंसर ने 16 फरवरी 2026 को अंटार्कटिका की गर्मियों के दौरान इस झील की तस्वीर ली। इस तस्वीर में बर्फ से ढकी झील और उसके आसपास का ठंडा व बंजर परिदृश्य साफ दिखाई देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार झील का अधिकांश पानी पास स्थित अनुचिन ग्लेशियर के मौसमी पिघलाव से आता है। सूरज की रोशनी बर्फ की परत से होकर नीचे पानी तक पहुंचती है और उसे थोड़ा गर्म करती है, लेकिन तेज हवाएं और बेहद ठंडी सतह वाष्पीकरण और सब्लिमेशन की प्रक्रिया को तेज कर देती हैं। इसी कारण झील की सतह पर बर्फ ज्यादा नहीं पिघलती। झील की गहराई और अनोखी रासायनिक संरचनानासा की वेबसाइट के अनुसार इस झील की अधिकतम गहराई लगभग 558 फीट तक मापी गई है। इसकी सबसे खास बात इसके पानी की अनोखी रासायनिक संरचना है। झील में घुली हुई ऑक्सीजन का स्तर काफी ज्यादा है, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बहुत कम पाई जाती है। इसके अलावा झील का पीएच स्तर काफी एल्कलाइन यानी क्षारीय है। दुनिया में बहुत कम झीलें ऐसी हैं जो पूरे साल जमी रहती हैं और जिनमें बड़े आकार के स्ट्रोमेटोलाइट्स पाए जाते हैं। यही वजह है कि यह झील वैज्ञानिकों के लिए विशेष महत्व रखती है। 3 अरब साल पुराने जीवन का संकेतइस झील में पाए जाने वाले स्ट्रोमेटोलाइट्स दरअसल सूक्ष्मजीवों द्वारा बनाई गई संरचनाएं होती हैं। इन्हें फोटोसिंथेटिक साइनोबैक्टीरिया बनाते हैं, जो चिपचिपी सतह पर तलछट को फंसा कर कैल्शियम कार्बोनेट की परतें बनाते हैं। समय के साथ ये संरचनाएं ऊपर की ओर बढ़ती जाती हैं और ऑक्सीजन छोड़ती हैं। वर्ष 2011 में Dale Andersen और उनकी टीम ने यहां इन विशाल स्ट्रोमेटोलाइट्स की खोज की थी। इनकी ऊंचाई लगभग आधा मीटर तक हो सकती है, जबकि अंटार्कटिका की अन्य झीलों जैसे Lake Joyce में ये केवल कुछ सेंटीमीटर ऊंचे पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ये संरचनाएं पृथ्वी पर 3 अरब साल पहले मौजूद शुरुआती जीवन की झलक दिखाती हैं। कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने वाले जीवइस झील में बड़े जीवों के रूप में टार्डिग्रेड्स पाए जाते हैं, जिन्हें दुनिया के सबसे मजबूत जीवों में गिना जाता है। ये बेहद कठोर परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि झील के साफ पानी, कम तलछट, सीमित रोशनी और बर्फ की मोटी परत के कारण यहां स्ट्रोमेटोलाइट्स असामान्य रूप से बड़े आकार में विकसित हो पाते हैं। यही कारण है कि यह झील सूक्ष्मजीवों के अध्ययन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भी अहमएस्ट्रोबायोलॉजिस्ट इस झील को अंतरिक्ष में जीवन की संभावनाओं को समझने के लिए एक मॉडल के रूप में देखते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह झील Europa और Enceladus जैसे बर्फीले चंद्रमाओं या Mars पर कभी मौजूद रही प्राचीन बर्फीली झीलों के अध्ययन के लिए उपयोगी उदाहरण हो सकती है। इन जगहों पर भी बर्फ के नीचे पानी और सूक्ष्मजीवी जीवन की संभावना जताई जाती है। झील में अचानक आने वाले बदलावहालांकि यह झील बाहर से स्थिर दिखाई देती है, लेकिन इसके भीतर कभी-कभी बड़े बदलाव भी होते हैं। वर्ष 2019 में University of Ottawa के वैज्ञानिकों की एक टीम ने यहां विस्तृत फील्ड रिसर्च की थी। ICESat-2 के डेटा से पता चला कि पास की Lake Obersee के फटने से लगभग 1.75 करोड़ क्यूबिक मीटर पानी अचानक इस झील में आ गया था। इस घटना से झील के पीएच स्तर और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में बदलाव आया, जिससे सूक्ष्मजीवी जीवन की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई। पर्यावरण के लिए चेतावनी भीवैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लेशियल झीलों के अचानक फटने से आने वाली ऐसी बाढ़ अंटार्कटिका के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए इस क्षेत्र में लगातार निगरानी और शोध की जरूरत है। इसके बावजूद लेक अन्टरसी आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्यमयी और अनमोल प्राकृतिक प्रयोगशाला बनी हुई है, जहां पृथ्वी के शुरुआती जीवन के रहस्यों को समझने की नई संभावनाएं छिपी हुई हैं।

International Cricket Council ने दी जानकारी, West Indies cricket team और South Africa national cricket team के बचे खिलाड़ी स्वदेश रवाना

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद International Cricket Council (आईसीसी) ने गुरुवार को पुष्टि की कि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों के बाकी खिलाड़ी भी अब अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए हैं। दरअसल, ICC Men’s T20 World Cup 2026 खत्म होने के बाद दोनों टीमों के कुछ खिलाड़ी और स्टाफ सदस्य भारत में ही रुक गए थे। मिडिल ईस्ट में चल रहे भू-राजनीतिक संकट और हवाई यात्रा में आई बाधाओं के कारण उनकी वापसी में देरी हो गई थी। अब आईसीसी के समन्वय और प्रयासों के बाद सभी खिलाड़ियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की गई है। पिछले 24 घंटों में रवाना हुए अंतिम ट्रैवल ग्रुपआईसीसी के अनुसार पिछले 24 घंटों के भीतर दक्षिण अफ्रीका के बचे हुए 29 सदस्य और वेस्टइंडीज के 16 सदस्य फ्लाइट से अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए। इसके साथ ही खिलाड़ियों और स्टाफ की घर वापसी से जुड़ा एक जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन पूरा हो गया। आईसीसी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में कई बाधाएं आई थीं, जिससे खिलाड़ियों की यात्रा योजनाओं में लगातार बदलाव करना पड़ा। क्रिकेट बोर्ड और स्टाफ का जताया आभारआईसीसी ने इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग के लिए Cricket South Africa और Cricket West Indies का आभार जताया। परिषद ने अपने स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और उनके परिवारों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया। आईसीसी ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सभी संबंधित एजेंसियों और क्रिकेट बोर्डों के बीच बेहतर तालमेल के कारण ही यह ऑपरेशन सफल हो सका। पहले भी कुछ खिलाड़ी लौट चुके थेआईसीसी ने इससे पहले बुधवार को जानकारी दी थी कि दक्षिण अफ्रीका के चार खिलाड़ी और उनके परिवार के पांच सदस्य पहले ही अपने देश के लिए रवाना हो चुके थे। वहीं बाकी 29 सदस्य अगले 24 घंटों के भीतर यात्रा करने वाले थे। इसी तरह वेस्टइंडीज टीम के नौ सदस्य पहले ही कैरिबियन के लिए रवाना हो गए थे, जबकि बाकी 16 खिलाड़ियों ने भारत से उड़ान भरने के लिए अपनी फ्लाइट बुक कर ली थी। मिडिल ईस्ट संकट से प्रभावित हुई हवाई यात्राखिलाड़ियों की घर वापसी में देरी की मुख्य वजह खाड़ी क्षेत्र में चल रहा संकट रहा। इस स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा हुआ। कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसके अलावा मिसाइल अलर्ट, उड़ानों के रूट में बदलाव, और कमर्शियल तथा चार्टर फ्लाइट्स के अचानक स्थगित होने या रीशेड्यूल होने जैसी समस्याओं के कारण भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई एजेंसियों के समन्वय से संभव हुआ ऑपरेशनआईसीसी की ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स टीमों ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में कई एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। परिषद ने बताया कि सरकारों, एयरलाइंस, चार्टर सेवा प्रदाताओं, एयरपोर्ट अथॉरिटीज और सदस्य क्रिकेट बोर्डों के साथ लगातार समन्वय किया गया। हालात के अनुसार यात्रा योजनाओं में बदलाव किए गए ताकि खिलाड़ियों और स्टाफ को सुरक्षित तरीके से उनके देशों तक पहुंचाया जा सके। आईसीसी ने बताई सीमाएंआईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा से जुड़ी कई समस्याएं उसके नियंत्रण से बाहर थीं। वैश्विक स्तर पर पैदा हुई सुरक्षा और लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण उड़ानों के संचालन में अचानक बदलाव हो रहे थे। इसके बावजूद परिषद ने सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता दी और अंततः सभी सदस्यों को सुरक्षित घर भेजने में सफलता हासिल की।

ईरान के हमलों के बीच कतर से सीमित उड़ानें शुरू, भारत के लिए भी विशेष विमान रवाना

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में ईरान की ओर से जारी हमलों के बीच नागरिक उड़ानों पर भारी असर पड़ा है। दूसरे देशों के नागरिक इस तनावपूर्ण माहौल में फंसे हुए हैं। इसी बीच कतार वायुमार्ग ने 12 मार्च से दोहा से सीमित उड़ानों का संचालन शुरू करने की घोषणा की है। एयरलाइन ने बताया कि 12 से 17 मार्च तक दोहा के लिए और दोहा से सीमित विमान चलाए जाएंगे। एयरलाइन के अपडेटेड शेड्यूल के अनुसार 12 मार्च को हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कुल 29 विमान उड़ान भरेंगे जिनमें 15 प्रस्थान और 14 आगमन होंगे। दोहा से उड़ानें मुंबई नई दिल्ली कोच्चि इस्लामाबाद न्यूयॉर्क फ्रैंकफर्ट बीजिंग लंदन काहिरा और जोहान्सबर्ग के लिए होंगी। वहीं दोहा आने वाली उड़ानों में सोल जेद्दा नई दिल्ली हांगकांग मस्कट मेलबर्न डलास और बैंकॉक शामिल हैं। भारत के लिए उड़ानों का विशेष शेड्यूल भी तैयार किया गया है। 13 मार्च को दोहा से कोच्चि के लिए उड़ान होगी। 14 मार्च को मुंबई 15 मार्च को नई दिल्ली और 16 मार्च को कोच्चि और मुंबई के लिए उड़ानें संचालित होंगी। वहीं कोच्चि से दोहा 14 मार्च को मुंबई से 15 मार्च और नई दिल्ली से 16 मार्च को विमान रवाना होंगे। 17 मार्च को दोहा से कोच्चि और मुंबई के लिए उड़ानें जारी रहेंगी। कतर एयरवेज ने कहा कि कतर नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अस्थायी प्राधिकरण मिलने के बाद लिमिटेड ऑपरेटिंग कॉरिडोर का इस्तेमाल कर विमान संचालित किए जा रहे हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि ये उड़ानें नियमित कमर्शियल ऑपरेशन की वापसी नहीं हैं। इन अस्थायी उड़ानों का उद्देश्य प्रभावित यात्रियों को उनके परिवार और प्रियजनों से मिलाना है। कतर एयरस्पेस की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही नियमित संचालन फिर से शुरू होगा। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कैबिनेट मीटिंग में कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संघर्ष के दौरान देश की तैयारियों और क्षमता को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने नागरिक सुरक्षा और एयरलाइन संचालन की स्थिरता पर जोर दिया। इस बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ जासूसी के आरोप में चार बहरीन नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें उम्र 22 से 36 वर्ष के लोग शामिल हैं जबकि एक 25 वर्षीय व्यक्ति विदेश में फरार है। मंत्रालय के अनुसार आरोपियों ने हाई रिजॉल्यूशन कैमरा और एन्क्रिप्टेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें ली और उन्हें IRGC को भेजा। सुरक्षा और यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए कतर एयरवेज का यह कदम संकटग्रस्त क्षेत्र में फंसे यात्रियों के लिए राहत का संकेत देता है खासकर भारत समेत अन्य देशों के नागरिकों के लिए।