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गोल्ड लोन सेक्टर में धमाका: मुथूट फिनकॉर्प लाएगी 4000 करोड़ का IPO, तेज ग्रोथ से बढ़ी उम्मीदें

नई दिल्ली । भारत के तेजी से बढ़ते फाइनेंशियल सेक्टर में एक बड़ा कदम सामने आया है, जहां गोल्ड लोन कारोबार से जुड़ी प्रमुख कंपनी मुथूट फिनकॉर्प ने 4000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है। देश में बढ़ती सोने की कीमतों और संगठित लेंडिंग मार्केट के विस्तार के बीच यह कदम न केवल कंपनी की आक्रामक विकास रणनीति को दर्शाता है, बल्कि पूरे गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं का संकेत भी देता है। कंपनी का उद्देश्य इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई पूंजी को मुख्य रूप से अपने बिजनेस विस्तार और नए क्षेत्रों में प्रवेश के लिए उपयोग करना है, न कि मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए। मुथूट फिनकॉर्प का मानना है कि भारत में गोल्ड लोन बाजार अभी भी बड़े स्तर पर असंगठित खिलाड़ियों के नियंत्रण में है, जबकि संगठित और रेगुलेटेड कंपनियों की हिस्सेदारी अभी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में तेजी से विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। कंपनी का फोकस इस अवसर को भुनाकर अपने नेटवर्क और डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने पर है। इसी रणनीति के तहत कंपनी केवल पारंपरिक गोल्ड लोन तक सीमित नहीं रहकर अब MSME लोन, प्रॉपर्टी लोन और डिजिटल फाइनेंशियल सेवाओं की ओर भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे उसका कारोबार अधिक विविध और मजबूत बन सके। कंपनी की ग्रोथ रणनीति में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका भी अहम मानी जा रही है, जिसके जरिए वह नए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और लोन प्रोसेसिंग को अधिक सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस विस्तार योजना के साथ-साथ कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट को भी मंजूरी दी है, जिससे शेयरों की उपलब्धता बढ़ेगी और छोटे निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के कदम अक्सर निवेशकों के भरोसे को मजबूत करते हैं और शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने हाल के वर्षों में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। इसके एसेट अंडर मैनेजमेंट में लगातार वृद्धि देखने को मिली है, जबकि मुनाफे में भी उल्लेखनीय उछाल आया है। विशेष रूप से हाल की तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि उसका बिजनेस मॉडल तेजी से मजबूत हो रहा है। इसी मजबूत वित्तीय आधार ने निवेशकों की रुचि को और बढ़ा दिया है। गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी की सबसे बड़ी वजह सोने की ऊंची कीमतें और लेंडिंग मार्केट का तेजी से संगठित होना माना जा रहा है। जैसे-जैसे ग्राहक असंगठित स्रोतों के बजाय रेगुलेटेड कंपनियों की ओर बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए विस्तार की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं। मुथूट फिनकॉर्प का यह प्रस्तावित आईपीओ इसी बदलाव के बीच एक महत्वपूर्ण वित्तीय कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में कंपनी को बाजार में और मजबूत स्थिति दिला सकता है।

लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला: बारात देखने के दौरान हिंसा से मचा हड़कंप

मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां सिर्फ बारात देखने के दौरान हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक युवक पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, खमालिया निवासी 24 वर्षीय विजय थाना परिसर के पीछे स्थित आंगनवाड़ी के पास खड़ी बारात को देख रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके वहां खड़े होने पर आपत्ति जताई। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने युवक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उसके ऊपर पत्थर भी फेंके। अपनी जान बचाने के लिए विजय भागते हुए सीधे अमझेरा थाना परिसर में घुस गया। इसके बावजूद आरोपी उसका पीछा करते हुए काफी दूर तक पहुंचे। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमले और अफरा-तफरी के दृश्य साफ दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और महिला सहित कुल 5 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को लेकर फैली अफवाहों पर सरकार की सफाई, मंदिरों के सोने पर कोई योजना नहीं

नई दिल्ली । मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के पास मौजूद सोने को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर फैली एक चर्चा को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। कुछ दावों में यह कहा जा रहा था कि सरकार गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत मंदिरों और धार्मिक स्थलों के सोने को उपयोग में लाने या बेचने की योजना बना रही है, लेकिन वित्त मंत्रालय ने इन सभी दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऐसी कोई योजना न तो प्रस्तावित है और न ही इस दिशा में कोई कदम उठाया जा रहा है, जिसमें मंदिरों या धार्मिक ट्रस्टों के स्वामित्व वाले सोने को मोनेटाइज करने की बात शामिल हो। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहें गलत जानकारी पर आधारित हैं और इनसे जनता के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा हो सकता है। वित्त मंत्रालय ने अपने स्पष्टीकरण में यह भी कहा है कि गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का उद्देश्य व्यक्तिगत या संस्थागत सोने को बैंकिंग प्रणाली में लाना होता है, लेकिन इसे किसी भी धार्मिक संस्था के संपत्ति अधिकारों से जोड़कर देखना पूरी तरह गलत है। सरकार ने यह साफ किया है कि धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति और उनके अधिकारों का सम्मान किया जाता है और इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें। सरकार का कहना है कि गलत जानकारी के प्रसार से न केवल भ्रम फैलता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी गलत संदेश जाता है। इसलिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले में यह भी सामने आया कि हाल के दिनों में आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, जिनमें सोने और अन्य कीमती धातुओं से जुड़ी नीतियों को लेकर गलत दावे शामिल हैं। ऐसे में सरकार ने समय रहते स्पष्टिकरण जारी कर स्थिति को साफ करने का प्रयास किया है ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी न फैले। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में सूचना तेजी से फैलती है, लेकिन कई बार बिना पुष्टि के दावे भी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित संस्थाओं के लिए जरूरी हो जाता है कि वे समय पर सही जानकारी साझा करें ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल वित्त मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मंदिरों के सोने को लेकर किसी भी प्रकार की मोनेटाइजेशन योजना सरकार की ओर से नहीं लाई जा रही है और यह पूरा दावा निराधार है।

देवास में लापरवाही उजागर: ग्रीन शेड गिरने से बाल-बाल बचे लोग

  मध्य प्रदेश। देवास शहर में सोमवार रात अस्पताल तिराहा पर लगा ग्रीन नेट शेड अचानक गिरने से हड़कंप मच गया। यह शेड भीषण गर्मी से राहगीरों को राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा लगाया गया था, जो सड़क के दोनों ओर स्थापित था। घटना देर रात की है, जब क्षेत्र में आवाजाही कम थी। इसी कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि यह घटना दिन के समय होती तो चौराहे पर भीड़भाड़ के कारण गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि किसी वाहन की टक्कर से शेड का सपोर्टिंग पाइप क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण पूरा ढांचा अचानक गिर पड़ा। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शेड किसी वाहन की टक्कर से गिरा या इसके पीछे कोई तकनीकी खामी या अन्य कारण था। नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार से भी रिपोर्ट तलब की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी ग्रीन नेट शेड्स की जांच के निर्देश दिए हैं।

सोने में हल्की हलचल, चांदी फिसली, वैश्विक हालात से कीमती धातुओं पर दबाव बरकरार

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अनिश्चितता और राजनीतिक तनाव के बीच कीमती धातुओं के बाजार में हल्की स्थिरता का माहौल देखा जा रहा है। वैश्विक घटनाक्रमों के असर से सोने की कीमतों में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है, जबकि चांदी पर दबाव बना हुआ है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बाजार में कोई बड़ी दिशा स्पष्ट नहीं दिख रही है। घरेलू वायदा बाजार में सोने की शुरुआत सपाट रही और शुरुआती कारोबार में इसमें हल्की तेजी और गिरावट दोनों का असर देखने को मिला। कीमतें एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होती रहीं, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ट्रेंड की प्रतीक्षा कर रहा है। दिन के दौरान सोने ने न्यूनतम और अधिकतम स्तर के बीच सीमित अंतर में ही कारोबार किया, जिससे अस्थिरता के बावजूद स्थिरता का माहौल बना रहा। चांदी के बाजार में इसके उलट कमजोरी का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ही कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और पूरे सत्र में दबाव बना रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में नरमी का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण चांदी में अस्थिरता अधिक बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखा गया, जहां सोना और चांदी दोनों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख देशों की नीतियों को लेकर बनी स्थिति ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि सोने को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा समय में इसमें भी सीमित दायरे की गतिविधि देखी जा रही है। वैश्विक तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह भी रहा कि कुछ सैन्य और राजनीतिक फैसलों में नरमी के संकेत मिले हैं, जिससे कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी बाजारों पर भी हल्का असर पड़ा है। इस स्थिति ने सोने की तेज रफ्तार को फिलहाल रोक दिया है और बाजार को एक संतुलित दायरे में ला दिया है। पिछले एक वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने और चांदी दोनों ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। सोने में लगभग 40 प्रतिशत और चांदी में इससे भी अधिक तेजी देखी गई है, जिससे लंबे समय के निवेशकों को अच्छा फायदा हुआ है। हालांकि मौजूदा समय में बाजार की चाल धीमी पड़ गई है और निवेशक अगली बड़ी दिशा के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव की दिशा ही तय करेगी कि सोना और चांदी किस ओर रुख करेंगे। फिलहाल बाजार में सावधानी और इंतजार का माहौल बना हुआ है, जहां बड़ी तेजी या गिरावट की बजाय सीमित दायरे में कारोबार जारी रहने की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।

इस फार्मा कंपनी ने बनाया निवेशकों को मालामाल, 1 साल में 120% रिटर्न से ₹40,000 करोड़ की वेल्थ ग्रोथ, आगे और तेजी की उम्मीद

नई दिल्ली ।फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी लॉरस लैब्स ने पिछले एक साल में शेयर बाजार में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को मालामाल कर दिया है। कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर से करीब 120 प्रतिशत तक उछल चुका है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में लगभग 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। इस तेजी के चलते कंपनी का बाजार पूंजीकरण भी लगभग दोगुना होकर नए स्तर पर पहुंच गया है, जिसने इसे बाजार की सबसे चर्चित स्टॉक्स में शामिल कर दिया है। हैदराबाद स्थित इस फार्मा कंपनी के शेयर ने हाल ही में नया 52 हफ्तों का उच्च स्तर छुआ, जिससे बाजार में इसकी मजबूत स्थिति और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत मिला है। तकनीकी चार्ट्स के अनुसार, शेयर अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो इसकी मजबूत अपट्रेंड को दर्शाता है। लगातार बेहतर होते वित्तीय नतीजों और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस ने इस तेजी को और समर्थन दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी ने पिछले कुछ समय में अपने बिजनेस मॉडल में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। मार्जिन में मजबूती, कमाई में बढ़ोतरी और एपीआई तथा कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेगमेंट्स में बेहतर प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। पहले जिस कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था, अब वह रिकवरी के मजबूत संकेत दे रही है, जिससे बाजार में इसके प्रति सकारात्मक धारणा बनी हुई है। पूरे फार्मा सेक्टर की बात करें तो यह बाजार में अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता है। जब भी आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है या बाजार में उतार-चढ़ाव आता है, तब फार्मा कंपनियों के शेयर निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बनकर उभरते हैं। यही कारण है कि पिछले एक साल में जहां मुख्य बाजार सूचकांक में गिरावट देखने को मिली, वहीं फार्मा सेक्टर ने मजबूती के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है। इस सेक्टर में कई अन्य कंपनियों ने भी अच्छा रिटर्न दिया है, लेकिन लॉरस लैब्स की रैली सबसे अधिक चर्चा में रही है। ग्लेनमार्क, टोरेंट फार्मा, बायोकॉन और ऑरोबिंदो फार्मा जैसी कंपनियों ने भी निवेशकों को अच्छा लाभ दिया है, जिससे पूरे सेक्टर में उत्साह का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं और हेल्थकेयर की मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए फार्मा सेक्टर को सुरक्षित निवेश माना जाता है। इसी कारण निवेशकों की दिलचस्पी इस सेक्टर में लगातार बनी हुई है, खासकर तब जब वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित बना हुआ हो। हालांकि, इतनी तेज रैली के बाद कुछ विशेषज्ञ सतर्कता की सलाह भी दे रहे हैं। उनका मानना है कि शेयर में हालिया तेजी के बाद वैल्यूएशन थोड़ा ऊंचा हो चुका है, जिससे आगे उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। नए निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय सही मौके का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, शेयर में अभी भी अपट्रेंड बरकरार है और आगे भी इसमें बढ़त की संभावना देखी जा रही है। हालांकि, कुछ प्रमुख स्तरों पर रुकावट भी देखने को मिल सकती है, जहां से बाजार में हल्का दबाव आ सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए संतुलित रणनीति अपनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां बालगढ़ चौराहे पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। जानकारी के अनुसार, मृतक मुकेश, जो शहर की एक निजी कंपनी में काम करता था, मंगलवार सुबह करीब 4:45 बजे खून से लथपथ हालत में बालगढ़ क्षेत्र में एक पान की गुमटी के पीछे पड़ा मिला। राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। मृतक मुकेश और आरोपी भावेश चौधरी एक ही मोहल्ले में रहते थे और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान आरोपी भावेश ने धारदार हथियार (फरसी) से मुकेश पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल से पुलिस ने खून से सनी फरसी भी बरामद कर ली है, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था। थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मक्सी दंगे का आरोपी गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार

मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी दंगा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 20 महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी लारेब मेव को मक्सी पुलिस ने सोमवार रात सब्जी मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मंगलवार सुबह उज्जैन से आई सीआईडी टीम के हवाले कर दिया गया। सीआईडी टीम ने उसे न्यायालय में पेश किया और आगे की पूछताछ तथा मामले के अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए रिमांड की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, लारेब मेव दंगा प्रकरण दर्ज होने के बाद से लगातार पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अब भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में एक बार फिर मक्सी दंगा मामला चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराध अनुसंधान कार्यालय में पदस्थ टीआई लाखन सिंह भूरिया ने बताया कि इस केस में एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

सरकार की रणनीति में बदलाव के संकेत, IDBI Bank बिक्री प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की संभावना से बाजार में जोश

नई दिल्ली । भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं, जहां सरकार के स्वामित्व वाले IDBI Bank के निजीकरण को लेकर रुकी हुई प्रक्रिया फिर से गति पकड़ सकती है। इस संभावना की खबर सामने आने के बाद बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई और बैंक के शेयर में करीब 7 प्रतिशत तक की तेज़ी दर्ज की गई, जिससे स्टॉक ने इंट्राडे में नया उच्च स्तर छू लिया। सूत्रों के अनुसार सरकार IDBI Bank में अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। इससे पहले इस डील को रोक दिया गया था क्योंकि शुरुआती दौर में मिली बोलियां अपेक्षित मूल्य से कम थीं, जिससे सरकार संतुष्ट नहीं थी। अब अधिकारियों द्वारा यह आकलन किया जा रहा है कि प्रक्रिया को अधिक आकर्षक और व्यवहारिक बनाने के लिए इसमें कुछ बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि नए और मजबूत निवेशक इसमें रुचि दिखाएं। बताया जा रहा है कि सरकार इस बार बिक्री प्रक्रिया को सरल और निवेशकों के लिए अधिक लाभकारी बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। इसमें बैंक के मूल्यांकन ढांचे में बदलाव और रिजर्व प्राइस को समायोजित करने जैसी संभावनाएं शामिल हैं, ताकि बोली लगाने वाले अधिक प्रतिस्पर्धी माहौल में भाग ले सकें। पहले चरण में मिली कमजोर प्रतिक्रिया के बाद यह माना जा रहा है कि नए सिरे से रणनीति बनाकर प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा सकता है। इस डील में IDBI Bank की हिस्सेदारी बिक्री लंबे समय से सरकार की बड़ी आर्थिक योजनाओं का हिस्सा रही है। सरकार लगातार अपने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हिस्सेदारी घटाकर निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन इस बैंक की बिक्री अब तक कई कारणों से पूरी नहीं हो पाई है। यदि यह सौदा सफल होता है तो यह हाल के वर्षों में बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी हिस्सेदारी बिक्री में से एक माना जाएगा। पहले इस प्रक्रिया में कई बड़े निवेशकों ने रुचि दिखाई थी, जिनमें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समूह भी शामिल थे, लेकिन कीमत और शर्तों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। अब संभावना जताई जा रही है कि यदि प्रक्रिया दोबारा शुरू होती है तो इसमें नए निवेशकों को भी शामिल किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए नियामकीय मंजूरी की आवश्यकता होगी, जिससे समय और बढ़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खबरों का सीधा असर बैंकिंग शेयरों पर पड़ता है और निवेशकों की उम्मीदें तुरंत बदल जाती हैं। IDBI Bank के शेयर में आई तेजी भी इसी सकारात्मक धारणा का परिणाम मानी जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला प्रक्रिया की औपचारिक घोषणा और निवेश शर्तों पर निर्भर करेगा।

लू ने बढ़ाई मुश्किलें: शाजापुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित

मध्य प्रदेश। शाजापुर जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है। सोमवार को भी अधिकतम तापमान लगभग 45 डिग्री दर्ज किया गया, जिसके बाद से पूरे जिले में भीषण तपिश और लू जैसे हालात बने हुए हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार, इस समय रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता मात्र 15 प्रतिशत के आसपास है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं गर्मी के असर को और बढ़ा रही हैं, जिससे लू का प्रभाव और अधिक महसूस किया जा रहा है। दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो जाते हैं कि शहर के बाजार और मुख्य चौराहों पर सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर 1 बजे के बाद सड़कें लगभग खाली हो जाती हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो गर्म हवाओं और जलते सूरज से बचने के लिए चेहरे को रुमाल, गमछा, हेलमेट और चश्मे से ढककर निकल रहे हैं। गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि मोबाइल फोन अत्यधिक गर्म होकर धीमे काम कर रहे हैं या बार-बार बंद हो जा रहे हैं। कुछ मामलों में स्मार्टफोन की कार्यक्षमता पर भी असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, फिलहाल कुछ दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रहेगा, हालांकि 20 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट संभव है। लेकिन नौतपा के दौरान एक बार फिर तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं प्री-मानसून गतिविधियां 1 जून के आसपास शुरू होने और 16 जून तक मानसून के शाजापुर पहुंचने की संभावना जताई गई है। फिलहाल, तेज गर्मी और लू ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और प्रशासन ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।