Chambalkichugli.com

ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी कराने में जुटी सरकार, ये दो देश कर रहे मदद

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत सरकार (Indian Government) अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान में मौजूद भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सरकार उन भारतीयों की मदद कर रही है जो ईरान से बाहर निकलना चाहते हैं। इसके लिए आर्मेनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) के रास्ते लोगों को सुरक्षित बाहर लाने की व्यवस्था की जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है और हाई अलर्ट पर काम कर रहा है। दूतावास भारतीय छात्रों, तीर्थयात्रियों और अन्य नागरिकों से लगातार संपर्क में है। जो लोग ईरान छोड़ना चाहते हैं उन्हें जमीन के रास्ते आर्मेनिया और अजरबैजान भेजा जा रहा है, जहां से वे व्यावसायिक उड़ानों के जरिए भारत लौट सकते हैं। ईरान में कितने भारतीय मौजूद हैं?विदेश मंत्रालय के मुताबिक ईरान में करीब नौ हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र और तीर्थयात्री शामिल हैं। सरकार ने कहा कि कई भारतीय पहले ही सरकार की एडवाइजरी का पालन करते हुए स्वदेश लौट चुके हैं। बाकी लोगों से भी लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए हैं?सरकार ने बताया कि कुछ छात्रों और आगंतुकों को सुरक्षा कारणों से ईरान के अलग-अलग शहरों में स्थानांतरित किया गया है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो चौबीसों घंटे काम कर रहा है। यहां परिवार के लोग फोन या ईमेल के जरिए जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अधिकारियों से मदद ले सकते हैं। खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा क्यों अहम है?विदेश मंत्रालय के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं। सरकार ने कहा कि इन सभी भारतीयों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार क्षेत्र के कई नेताओं के संपर्क में हैं और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं। संघर्ष में भारतीयों को कितना नुकसान हुआ?सरकार ने बताया कि हालिया घटनाओं में दो भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और एक व्यक्ति लापता है। ये तीनों एक व्यापारी जहाज पर मौजूद थे, जो हमले का शिकार हुआ था। इसके अलावा कुछ भारतीय घायल भी हुए हैं। एक भारतीय इस्राइल में और एक दुबई में घायल हुआ है। दोनों का इलाज चल रहा है और भारतीय दूतावास उनके संपर्क में है।

संसद में आज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी

नई दिल्ली। संसद (Parliament) में लोकसभा स्पीकर पद (Lok Sabha Speaker’s post) से हटाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar) के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। संभावना है कि तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में एकजुट विपक्ष (Opposition) गुरुवार को सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देगा। नोटिस पर लोकसभा के 120 और राज्यसभा के 60 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। तृणमूल की रणनीति मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को प. बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की है। सीईसी के खिलाफ टीएमसी को मिला कांग्रेस-सपा का साथपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद नोटिस देने के लिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। योजना दोनों सदनों में नोटिस देने की है। दरअसल, महाभियोग की प्रक्रिया के लिए लोकसभा में 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है। सीईसी को हटाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट के जजों को हटाने की तरह ही प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। जल्दबाजी में क्यों हैं तृणमूलदरअसल पार्टी चाहती है कि अप्रैल-मई में बंगाल विधानसभा चुनाव में एसआईआर को बड़ा मुद्दा बनाने के लिए इसी सत्र में महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा हो। प्रक्रिया शुरू करने और मुख्य रूप से चर्चा के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है। यदि बृहस्पतिवार को नोटिस दिया गया तो इसी सत्र में प्रस्ताव पर चर्चा हो जाएगी। नोटिस में सीईसी पर सरकार के इशारे पर एसआईआर के बहाने जानबूझकर उचित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया गया है। क्या है महाभियोग की प्रक्रिया?मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह ही होती है। इसके लिए ‘साबित दुर्व्यवहार’ या ‘अक्षमता’ को आधार बनाना होता है। यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है। इसे पास कराने के लिए सदन के कुल सदस्यों के बहुमत और मौजूद व वोट देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।

साउथ हॉरर फिल्म ‘हनी’ प्राइम वीडियो पर ट्रेंडिंग, 11 साल की बेटी के साथ होती है रूह कंपाने वाली घटना

नई दिल्ली। प्राइम वीडियो पर साउथ फिल्म हनी अब दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। यह फिल्म फरवरी 2026 में तेलुगू में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर अपनी कहानी और थ्रिलिंग सीन के कारण लोकप्रिय रही। अब यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ट्रेंड कर रही है। फिल्म की कहानी साइकोलॉजिकल हॉरर और थ्रिलर पर आधारित है, जो दर्शकों के दिल-दिमाग में डर और रोमांच दोनों पैदा करती है। कहानी की शुरुआत और गांव का माहौलफिल्म की कहानी एक अंधविश्वासी गांव से शुरू होती है। गांव वाले पहाड़ी गुफाओं में शैतानी शक्तियों की पूजा करते हैं। अपनी पूजा के दौरान वे सिर पर नारियल फोड़ते हैं और अजीब रीति-रिवाज निभाते हैं। इसी माहौल में आनंद नामक मुख्य पात्र की एंट्री होती है, जो सरल और कम बोलने वाला इंसान है, लेकिन अंधविश्वास में विश्वास रखता है। काला जादू और धन की लालसाआनंद अपनी गरीबी मिटाने और अमीर बनने के लिए काले जादू का सहारा लेता है। वह शैतानी शक्तियों की पूजा करता है और धीरे-धीरे अपने परिवार को भी इसमें शामिल कर लेता है। ऑफिस में भी आनंद अपने ड्रा से काले जादू का सामान लोगों को देता है, जिससे वह खुद परेशान हो जाता है और पड़ोसी उससे दूरी बनाने लगते हैं। बेटी के साथ भयावह घटनाएँफिल्म में सबसे खतरनाक और दिल दहला देने वाला हिस्सा यह है कि आनंद अपनी 11 साल की बेटी मीरा को भी काले जादू में शामिल करता है। उसे बिल्ली का खून लाने और राक्षसी अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए मजबूर किया जाता है। मीरा अपने पिता के डर के कारण सब कुछ करती है। इस दौरान कहानी में रोमांच तब बढ़ता है जब मूर्ति बनाने वाले आर्टिस्ट का किरदार शामिल होता है, जो मीरा और उसकी मां को आनंद से बचाने की कोशिश करता है। साइकोलॉजिकल हॉरर का प्रभावफिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसके साइकोलॉजिकल हॉरर सीन हैं। आनंद की पूजा और अजीब-अजीब आवाजें, बेटी पर हो रहे अत्याचार और गांव के अंधविश्वासी रीति-रिवाज दर्शकों की रूह कंपा देते हैं। अंत में भी कहानी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रहती, जिससे दर्शक फिल्म खत्म होने के बाद भी डर और सस्पेंस महसूस करते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोकप्रियताहनी की इस डरावनी कहानी और अनोखे हॉरर एलिमेंट्स की वजह से यह प्राइम वीडियो पर ट्रेंड कर रही है। दर्शक सोशल मीडिया पर फिल्म के सीन, थ्रिल और हॉरर इफेक्ट्स को लेकर चर्चा कर रहे हैं। 11 साल की बेटी के साथ जो घटना होती है, वह खासकर माता-पिता और हॉरर प्रेमियों के लिए बेहद भयावह और चर्चा योग्य है। हनी केवल एक साउथ फिल्म नहीं बल्कि साइकोलॉजिकल हॉरर थ्रिलर का बेहतरीन उदाहरण है। काले जादू, डरावने सीन और पिता-पुत्री के बीच हो रही भयावह घटनाएँ इसे प्राइम वीडियो पर ट्रेंडिंग बनाती हैं। फिल्म का अंत भी दर्शकों के लिए डर और सस्पेंस बनाए रखता है, यही वजह है कि यह अब हर हॉरर प्रेमी की वॉचलिस्ट में शामिल है।

13 मार्च को ओटीटी पर बंपर धमाका, एक साथ रिलीज होंगी 9 फिल्में और वेब सीरीज

नई दिल्ली। वीकेंड एंटरटेनमेंट का मज़ा अब घर बैठे ही दोगुना होने वाला है। 13 मार्च, शुक्रवार को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर 9 नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं। इनका मज़ा दर्शक अमेज़न प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार और जी5 पर ले सकते हैं। एस्पिरेंट्स सीजन 3 – अमेज़न प्राइम वीडियो:मॉस्ट अवेटेड सीरीज ‘एस्पिरेंट्स 3’ शुक्रवार को प्राइम वीडियो पर दस्तक दे रही है। नवीन कस्तूरिया, शिवांकित सिंह परिहार, सनी हिंदूजा और अभिलाष थपलियाल की कहानी दर्शकों को रोमांचक और मनोरंजक अनुभव देगी। जूटोपिया 2 – जियोहॉटस्टार:एनिमेटेड फिल्म ‘जूटोपिया’ का दूसरा भाग बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आएगा। जूडी हॉप्स और निक वाइल्ड शहर के नए रहस्यों को सुलझाते नजर आएंगे। द ताज स्टोरी – लायंसगेट प्ले:परेश रावल की फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ ताजमहल से जुड़े कानूनी और सामाजिक विवादों पर आधारित है। यह फिल्म इतिहास को रोचक तरीके से पेश करती है। भारत महासयुलाकु विग्न्याप्ति – जी5:तेलुगू रोमांटिक कॉमेडी फिल्म, जिसमें शराब व्यापारी राम सत्यनारायण (रवि तेजा) की जिंदगी की उलझनें और पत्नी तथा दूसरी महिला के बीच फंसी कहानी दिखाई गई है। फंकी – नेटफ्लिक्स:केवी अनुदीप की मेटा-कॉमेडी फिल्म ‘फंकी’ में फिल्ममेकर कोमल की कहानी दिखाई गई है। पहले प्रोजेक्ट का बजट 4 करोड़ से बढ़कर 40 करोड़ रुपये हो जाता है और कॉमेडी के साथ रोमांचक ट्विस्ट भी देखने को मिलते हैं। लैंडलॉर्ड – जी5:कन्नड़ भाषा की पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म, जो 1980-90 के दशक के ग्रामीण कोलार इलाके में जमीनदार और मजदूरों के जीवन को दर्शाती है। नांगल – सन NXT:तमिल सेमी-ऑटोबायोग्राफिकल फिल्म, जिसमें तीन भाइयों और उनके कुत्ते कैथी के साथ बचपन की चुनौतियों को दिखाया गया है। पूकी – जी5:तमिल रोमांटिक ड्रामा फिल्म, जो मॉडर्न Gen-Z रिश्तों और उनकी समस्याओं पर आधारित है। रिजॉर्ट – जियोहॉटस्टार:तमिल वेब सीरीज, जिसमें ड्रॉपआउट वेत्री रिजॉर्ट के एलीट किचन में अपनी काबिलियत साबित करने का सपना पूरा करने की कोशिश करता है। इस शुक्रवार ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर एक साथ इन फिल्मों और सीरीज की रिलीज वीकेंड एंटरटेनमेंट के लिए दर्शकों को रोमांच और मनोरंजन का बंपर डोज़ देगी।

कुंभ फेम मोनालिसा की शादी और लव जिहाद विवाद पर ताऊ ने किया साफ बयान

नई दिल्ली। कुंभ मेले से प्रसिद्ध हुई सोशल मीडिया स्टार मोनालिसा की केरल में अचानक शादी ने मीडिया और दर्शकों के बीच नए विवाद को जन्म दे दिया है। कुछ सूत्रों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला भी बताया, लेकिन मोनालिसा के ताऊ वर्षा भोसले ने साफ किया कि उन्हें इस एंगल की कोई जानकारी नहीं थी और मोनालिसा को केवल एक्टिंग सिखाने के बहाने केरल बुलाया गया था। वर्षा भोसले ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, “हमें बताया गया था कि मोनालिसा को अच्छे ट्रेनिंग के लिए केरल बुलाया जा रहा है ताकि वह जल्द काम के लिए तैयार हो सके। उसी भरोसे में वह अपने पिता के साथ केरल गई थी, लेकिन वहां अचानक शादी की खबर सामने आ गई, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।” उन्होंने आगे बताया कि मोनालिसा के पिता भी उस समय केरल में मौजूद थे। अचानक बने माहौल ने शादी तक स्थिति को पहुंचा दिया। पिता को बेटी के साथ निर्णय लेने के लिए थाने तक जाना पड़ा। वर्षा ने कहा, “बाप के लिए यह बेहद कठिन स्थिति होती है। बेटी अपने साथ हो और अचानक ऐसा कुछ सामने आए तो समझ नहीं आता कि क्या करें।” वहीं, फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा ने इसे ‘लव जिहाद’ करार दिया और दावा किया कि मोनालिसा को एक्टिंग सिखाने के बहाने बुलाया गया और वहीं यह पूरी घटना हुई। हालांकि, मोनालिसा के ताऊ ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी और अब जो भी हुआ उसे बदलना संभव नहीं है। परिवार ने यह भी कहा कि यह सब बहुत अचानक हुआ और अब मोनालिसा की शादी को उसकी किस्मत का फैसला माना जा रहा है। मीडिया और सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो गया है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि मोनालिसा की शादी और इसके पीछे के कारणों को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन परिवार ने स्थिति को शांतिपूर्ण रूप से संभालने की कोशिश की है। संबंधित अधिकारियों और पुलिस की जांच के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

बुध देव के उदय से इन 5 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ और गोल्डन पीरियड की होगी शुरुआत

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुध देव को बुद्धि, तर्कशक्ति, संवाद और व्यापार का कारक माना गया है। जब बुध देव अपनी चाल बदलते हैं, तो इसका असर व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और आर्थिक स्थिति पर दिखाई देता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 18 मार्च 2026 को बुध देव उदित अवस्था में लौट रहे हैं और यह स्थिति 27 अप्रैल 2026 तक रहेगी। इस अवधि में बुध देव किन 5 राशि वालों की किस्मत संवारेंगे, जानिए। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए बुध देव का उदय शुभ प्रभाव लाएगा। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी बुद्धिमत्ता और वाकपटुता की सराहना होगी। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। फंसा हुआ धन वापस मिलने के योग हैं और निवेश से लाभ होने की संभावना है। भाई-बहनों के साथ रिश्तों में सुधार आएगा और घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा। मिथुन राशिमिथुन राशि के जातकों के लिए बुध देव का उदय अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। छात्रों और लेखकों के लिए यह समय स्वर्णिम है। आपकी रचनात्मकता अपने चरम पर होगी। व्यापारियों को नए सौदे मिल सकते हैं, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। मानसिक तनाव कम होगा और आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। तुला राशितुला राशि वालों के लिए बुध देव का उदय खुशहाली लेकर आएगा। भाग्य स्थान में बुध की मजबूती से अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। परिवार के साथ धार्मिक स्थल की यात्रा के योग बन रहे हैं। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आपकी सलाह को महत्व देंगे। धनु राशिधनु राशि वालों के लिए यह समय साझेदारी और रिश्तों को मजबूत करने वाला है। जीवनसाथी के साथ पुराने विवाद सुलझेंगे और तालमेल बढ़ेगा। साझेदारी में काम करने वालों के लिए बड़ी व्यावसायिक डील फाइनल होने के योग हैं। यदि कोई कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है। कुंभ राशिकुंभ राशि वालों के लिए बुध देव का उदय धन और ज्ञान में वृद्धि करेगा। शेयर बाजार या पैतृक संपत्ति से अचानक लाभ मिलने के संकेत हैं। नई चीजें सीखने या नया स्टार्टअप शुरू करने के लिए यह समय सबसे उपयुक्त है। शिक्षा के क्षेत्र में संतान की उपलब्धि से मन प्रसन्न रहेगा। नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।

वजन घटाने के चक्कर में इंटरमिटेंट फास्टिंग से सावधान! जानें इसके खतरनाक असर

नई दिल्ली । आजकल तेजी से वजन कम करने और फिट दिखने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। इसमें लोग 14 से 16 घंटे तक भूखे रहते हैं और केवल एक सीमित समय में भोजन करते हैं। सोशल मीडिया और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स इसे ‘जादुई वजन घटाने का तरीका’ बता रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे गलत तरीके से अपनाने पर शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।महिलाओं के हॉर्मोन्स पर असर महिलाओं का हॉर्मोनल सिस्टम पुरुषों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होता है। लंबे समय तक भूखा रहने से शरीर तनाव की स्थिति में चला जाता है और कोर्टिसोल स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसका सीधा असर पीरियड्स, थायरॉयड फंक्शन और फर्टिलिटी पर पड़ सकता है। कई शोध बताते हैं कि अनियमित उपवास से प्रजनन क्षमता से जुड़े हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। पाचन और ब्लड शुगर पर असर पाचन तंत्र को समय पर ईंधन की जरूरत होती है। भोजन में देरी से वात दोष बढ़ जाता है, जिससे गैस, सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बार-बार शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होने से बेहोशी, चक्कर और घबराहट की शिकायत भी हो सकती है। मांसपेशियों में कमजोरी इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक बड़ा नुकसान मसल लॉस है। जब शरीर को समय पर कैलोरी नहीं मिलती तो यह ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को गलाने लगता है। परिणामस्वरूप वजन तो कम दिखता है लेकिन शरीर अंदर से कमजोर और खोखला हो जाता है। 6-8 घंटे की ईटिंग विंडो में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा लेना मुश्किल हो जाता है। कौन रहें सावधान डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, गर्भवती महिलाएं और ईटिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचें। विशेषज्ञों का सुझाव है कि वजन घटाने के लिए क्रैश डाइट के बजाय संतुलित आहार, पोषक तत्वों से भरपूर भोजन और नियमित व्यायाम को अपनाएं। किसी भी ट्रेंड या डाइट को अपनाने से पहले हेल्थ रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

लोकसभा में विपक्ष को झटका… ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव हुआ खारिज

नई दिल्ली। ओम बिरला (Om Birla) को स्पीकर पद (Speaker Post) से हटाने का प्रस्ताव बुधवार को लोकसभा (Lok Sabha) में ध्वनिमत से खारिज हो गया, जिससे विपक्ष (Opposition) को झटका लगा है। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से माफी की मांग की गई थी, चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल ने घोषणा की कि अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है। पाल ने विपक्ष से अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह किया ताकि वह प्रस्ताव पर वोटिंग करा सकें। लेकिन विरोध जारी रहने पर, उन्होंने सदन से वोटिंग की मांग की और प्रस्ताव को वॉइस वोट से खारिज कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले, गृह मंत्री ने बिरला को स्पीकर पद से हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा। विपक्ष ने शाह की कुछ बातों पर आपत्ति जताई और नारे लगाने लगे, कार्यवाही में बाधा डाली और उनसे माफी की मांग की। दो दिन तक चली बहस का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि सदन अपने नियमों से चलेगा, किसी पार्टी के नियमों से नहीं। उन्होंने कहा, “यह कोई आम बात नहीं है, क्योंकि लगभग चार दशकों के बाद स्पीकर के खिलाफ ऐसा मोशन लाया गया है।” गृह मंत्री ने कहा कि पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विपक्षी पार्टियां स्पीकर की ईमानदारी पर सवाल उठा रही हैं। शाह ने कहा कि भाजपा सबसे लंबे समय तक विपक्ष में रही है, लेकिन पार्टी ने कभी किसी स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन नहीं लाया। उन्होंने कहा, “इस सदन के स्थापित इतिहास के अनुसार, इसकी कार्यवाही आपसी विश्वास के आधार पर चलती है। स्पीकर एक न्यूट्रल कस्टोडियन के रूप में काम करते हैं, जो रूलिंग पार्टी और विपक्ष दोनों को रिप्रेजेंट करते हैं। पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव आया है।” शाह ने कहा कि विपक्ष ने बिरला की ईमानदारी पर सवाल उठाए और कहा कि यह देश की डेमोक्रेटिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने जैसा है। बहस के पूरे समय के दौरान बिरला सदन में मौजूद नहीं थे। बिरला के खिलाफ प्रस्ताव अफसोसजनक: शाहगृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संकल्प लाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि विपक्षी दलों ने बिरला की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो बहुत अफसोसजनक है। उन्होंने सदन में विपक्ष के संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि किसी को भी नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं है। शाह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दावा करते हैं कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता, जबकि ”वह खुद बोलना नहीं चाहते।” उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने विधेयकों पर चर्चा में भाग नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि वह (राहुल) पिछले साल शीतकालीन सत्र के दौरान जर्मनी की यात्रा पर थे। शाह ने कहा, ”जब-जब महत्वपूर्ण सत्र होता है, उनका विदेश दौरा होता है। जब आप विदेश में हैं तो आप कैसे बोलेंगे। यहां वीडियो कांफ्रेंस का प्रावधान नहीं है। अगर ऐसा प्रावधान होता तो उन्हें बोलने का मौका दे देते।”

Delhi में मटियाला गांव के मछली बाजार में लगी भीषण आग… 400 झुग्गियां जलीं

नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के मटियाला गांव (Matiala Village) के मछली बाजार (Fish market) में बुधवार देर रात को भीषण आग (Massive Fire) लग गई। इस आगजनी में लगभग 300 से 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। दमकल विभाग को रात करीब 11:50 बजे आग लगने की सूचना मिली। करीब 23 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। पुलिस हेड कांस्टेबल रामरतन ने बताया कि आग बहुत करीब आ गई थी, मात्र दो-तीन फीट की दूरी तक। उस समय हमें पता चला कि उस तरफ एक कार खड़ी थी और आग उसके बहुत करीब पहुंच गई थी। मैं वहां गया और कुछ अन्य लोग मेरे साथ आए। उन्होंने पत्थर से कार का शीशा तोड़ दिया और शीशा तोड़ने के बाद कार को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। नोएडा के कंपनी में भीषण आग, कुछ लोग जख्मीउधर, नोएडा के थाना फेस 1 के अंतर्गत बी 40 सेक्टर 4 नोएडा स्थित कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड कंपनी में भीषण आग लग गई। इस कंपनी में बिजली का मीटर बनाए जाने का काम होता है। वीरवार सुबह अचानक लगी आग के कारणों का पता नहीं चला है। सूचना मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस बल और फायर बिग्रेड की मदद से आग बुझाने का कार्य किया जा रहा है। कुछ व्यक्ति घायल हुए हैं जो अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस उच्चाधिकारी और सीएफओ गौतमबुद्धनगर मौके पर मौजूद है। आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।

हार्दिक पांड्या विवाद: टी20 जीत के जश्न में तिरंगे के कथित अपमान पर एफआईआर की मांग

नई दिल्ली। भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद जश्न के बीच क्रिकेटर हार्दिक पांड्या अब एक नए विवाद में घिर गए हैं। पुणे के एक वकील ने आरोप लगाया है कि जीत के जश्न के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिसे तिरंगे के अपमान के रूप में देखा जा सकता है। इस मामले में पुणे पुलिस से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है और पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि की है। मिली जानकारी के अनुसार यह शिकायत पुणे के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में दी गई है। शिकायतकर्ता वकील वाजिद खान का कहना है कि भारत की टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत के बाद अहमदाबाद के स्टेडियम में खिलाड़ियों और दर्शकों ने जोरदार जश्न मनाया था। इसी दौरान हार्दिक पांड्या तिरंगा अपने शरीर पर लपेटकर मैदान में जश्न मनाते हुए दिखाई दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ इस तरह का व्यवहार देश की गरिमा के खिलाफ माना जा सकता है। शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की पहचान और सम्मान का प्रतीक है और इसके उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। वकील ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर यह देखा जाए कि क्या इस घटना में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े कानूनों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह तिरंगे का सम्मान बनाए रखे। पुणे पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस मामले में एक लिखित शिकायत मिली है। फिलहाल आवेदन की जांच की जा रही है और कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही तय किया जाएगा कि इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं। गौरतलब है कि भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद अहमदाबाद के स्टेडियम में खिलाड़ियों ने मैदान पर दर्शकों के साथ जश्न मनाया था। इसी दौरान हार्दिक पांड्या तिरंगे के साथ जश्न मनाते नजर आए थे। अब उसी घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और पुलिस जांच के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।