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वजन घटाने के चक्कर में इंटरमिटेंट फास्टिंग से सावधान! जानें इसके खतरनाक असर

नई दिल्ली । आजकल तेजी से वजन कम करने और फिट दिखने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। इसमें लोग 14 से 16 घंटे तक भूखे रहते हैं और केवल एक सीमित समय में भोजन करते हैं। सोशल मीडिया और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स इसे ‘जादुई वजन घटाने का तरीका’ बता रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे गलत तरीके से अपनाने पर शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।महिलाओं के हॉर्मोन्स पर असर महिलाओं का हॉर्मोनल सिस्टम पुरुषों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होता है। लंबे समय तक भूखा रहने से शरीर तनाव की स्थिति में चला जाता है और कोर्टिसोल स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसका सीधा असर पीरियड्स, थायरॉयड फंक्शन और फर्टिलिटी पर पड़ सकता है। कई शोध बताते हैं कि अनियमित उपवास से प्रजनन क्षमता से जुड़े हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। पाचन और ब्लड शुगर पर असर पाचन तंत्र को समय पर ईंधन की जरूरत होती है। भोजन में देरी से वात दोष बढ़ जाता है, जिससे गैस, सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बार-बार शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होने से बेहोशी, चक्कर और घबराहट की शिकायत भी हो सकती है। मांसपेशियों में कमजोरी इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक बड़ा नुकसान मसल लॉस है। जब शरीर को समय पर कैलोरी नहीं मिलती तो यह ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को गलाने लगता है। परिणामस्वरूप वजन तो कम दिखता है लेकिन शरीर अंदर से कमजोर और खोखला हो जाता है। 6-8 घंटे की ईटिंग विंडो में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा लेना मुश्किल हो जाता है। कौन रहें सावधान डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, गर्भवती महिलाएं और ईटिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचें। विशेषज्ञों का सुझाव है कि वजन घटाने के लिए क्रैश डाइट के बजाय संतुलित आहार, पोषक तत्वों से भरपूर भोजन और नियमित व्यायाम को अपनाएं। किसी भी ट्रेंड या डाइट को अपनाने से पहले हेल्थ रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

लोकसभा में विपक्ष को झटका… ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव हुआ खारिज

नई दिल्ली। ओम बिरला (Om Birla) को स्पीकर पद (Speaker Post) से हटाने का प्रस्ताव बुधवार को लोकसभा (Lok Sabha) में ध्वनिमत से खारिज हो गया, जिससे विपक्ष (Opposition) को झटका लगा है। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से माफी की मांग की गई थी, चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल ने घोषणा की कि अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है। पाल ने विपक्ष से अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह किया ताकि वह प्रस्ताव पर वोटिंग करा सकें। लेकिन विरोध जारी रहने पर, उन्होंने सदन से वोटिंग की मांग की और प्रस्ताव को वॉइस वोट से खारिज कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले, गृह मंत्री ने बिरला को स्पीकर पद से हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा। विपक्ष ने शाह की कुछ बातों पर आपत्ति जताई और नारे लगाने लगे, कार्यवाही में बाधा डाली और उनसे माफी की मांग की। दो दिन तक चली बहस का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि सदन अपने नियमों से चलेगा, किसी पार्टी के नियमों से नहीं। उन्होंने कहा, “यह कोई आम बात नहीं है, क्योंकि लगभग चार दशकों के बाद स्पीकर के खिलाफ ऐसा मोशन लाया गया है।” गृह मंत्री ने कहा कि पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विपक्षी पार्टियां स्पीकर की ईमानदारी पर सवाल उठा रही हैं। शाह ने कहा कि भाजपा सबसे लंबे समय तक विपक्ष में रही है, लेकिन पार्टी ने कभी किसी स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन नहीं लाया। उन्होंने कहा, “इस सदन के स्थापित इतिहास के अनुसार, इसकी कार्यवाही आपसी विश्वास के आधार पर चलती है। स्पीकर एक न्यूट्रल कस्टोडियन के रूप में काम करते हैं, जो रूलिंग पार्टी और विपक्ष दोनों को रिप्रेजेंट करते हैं। पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव आया है।” शाह ने कहा कि विपक्ष ने बिरला की ईमानदारी पर सवाल उठाए और कहा कि यह देश की डेमोक्रेटिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने जैसा है। बहस के पूरे समय के दौरान बिरला सदन में मौजूद नहीं थे। बिरला के खिलाफ प्रस्ताव अफसोसजनक: शाहगृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संकल्प लाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि विपक्षी दलों ने बिरला की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो बहुत अफसोसजनक है। उन्होंने सदन में विपक्ष के संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि किसी को भी नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं है। शाह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दावा करते हैं कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता, जबकि ”वह खुद बोलना नहीं चाहते।” उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने विधेयकों पर चर्चा में भाग नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि वह (राहुल) पिछले साल शीतकालीन सत्र के दौरान जर्मनी की यात्रा पर थे। शाह ने कहा, ”जब-जब महत्वपूर्ण सत्र होता है, उनका विदेश दौरा होता है। जब आप विदेश में हैं तो आप कैसे बोलेंगे। यहां वीडियो कांफ्रेंस का प्रावधान नहीं है। अगर ऐसा प्रावधान होता तो उन्हें बोलने का मौका दे देते।”

Delhi में मटियाला गांव के मछली बाजार में लगी भीषण आग… 400 झुग्गियां जलीं

नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के मटियाला गांव (Matiala Village) के मछली बाजार (Fish market) में बुधवार देर रात को भीषण आग (Massive Fire) लग गई। इस आगजनी में लगभग 300 से 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। दमकल विभाग को रात करीब 11:50 बजे आग लगने की सूचना मिली। करीब 23 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। पुलिस हेड कांस्टेबल रामरतन ने बताया कि आग बहुत करीब आ गई थी, मात्र दो-तीन फीट की दूरी तक। उस समय हमें पता चला कि उस तरफ एक कार खड़ी थी और आग उसके बहुत करीब पहुंच गई थी। मैं वहां गया और कुछ अन्य लोग मेरे साथ आए। उन्होंने पत्थर से कार का शीशा तोड़ दिया और शीशा तोड़ने के बाद कार को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। नोएडा के कंपनी में भीषण आग, कुछ लोग जख्मीउधर, नोएडा के थाना फेस 1 के अंतर्गत बी 40 सेक्टर 4 नोएडा स्थित कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड कंपनी में भीषण आग लग गई। इस कंपनी में बिजली का मीटर बनाए जाने का काम होता है। वीरवार सुबह अचानक लगी आग के कारणों का पता नहीं चला है। सूचना मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस बल और फायर बिग्रेड की मदद से आग बुझाने का कार्य किया जा रहा है। कुछ व्यक्ति घायल हुए हैं जो अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस उच्चाधिकारी और सीएफओ गौतमबुद्धनगर मौके पर मौजूद है। आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।

हार्दिक पांड्या विवाद: टी20 जीत के जश्न में तिरंगे के कथित अपमान पर एफआईआर की मांग

नई दिल्ली। भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद जश्न के बीच क्रिकेटर हार्दिक पांड्या अब एक नए विवाद में घिर गए हैं। पुणे के एक वकील ने आरोप लगाया है कि जीत के जश्न के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिसे तिरंगे के अपमान के रूप में देखा जा सकता है। इस मामले में पुणे पुलिस से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है और पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि की है। मिली जानकारी के अनुसार यह शिकायत पुणे के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में दी गई है। शिकायतकर्ता वकील वाजिद खान का कहना है कि भारत की टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत के बाद अहमदाबाद के स्टेडियम में खिलाड़ियों और दर्शकों ने जोरदार जश्न मनाया था। इसी दौरान हार्दिक पांड्या तिरंगा अपने शरीर पर लपेटकर मैदान में जश्न मनाते हुए दिखाई दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ इस तरह का व्यवहार देश की गरिमा के खिलाफ माना जा सकता है। शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की पहचान और सम्मान का प्रतीक है और इसके उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। वकील ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर यह देखा जाए कि क्या इस घटना में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े कानूनों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह तिरंगे का सम्मान बनाए रखे। पुणे पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस मामले में एक लिखित शिकायत मिली है। फिलहाल आवेदन की जांच की जा रही है और कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही तय किया जाएगा कि इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं। गौरतलब है कि भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद अहमदाबाद के स्टेडियम में खिलाड़ियों ने मैदान पर दर्शकों के साथ जश्न मनाया था। इसी दौरान हार्दिक पांड्या तिरंगे के साथ जश्न मनाते नजर आए थे। अब उसी घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और पुलिस जांच के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।

MP: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल की बेटी सुरक्षि का निधन, नेताओं ने व्यक्त किया दुख

बैतूल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) भाजपा के अध्यक्ष (BJP president) और बैतूल विधायक (Betul MLA) हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) और उनकी पत्नी ऋतु खंडेलवाल की बेटी सुरभि (Daughter Surbhi) का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं और उनका अंतिम संस्कार शाम 5 बजे बैतूल में किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी एक स्पेशल चाइल्ड थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस दुखद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अफसोस जताया है और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने के लिए प्रार्थना की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘भाजपा के माननीय प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल का बीमारी के कारण निधन अत्यंत पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को शांति तथा परिजनों को संबल प्रदान करें। ॐ शांति!’ उधर केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताते हुए लिखा, ‘भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल जी की बेटी सुरभि खंडेलवाल के निधन का समाचार हृदय व्यथित करने वाला है। बेटी का जाना घर को सूना कर देता है। इस गहन दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं हेमंत जी और शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर बेटी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति।’ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बारे में दुख व्यक्त करते हुए लिखा, ‘मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष माननीय हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और मर्मांतक है। इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ श्री हेमंत जी एवं समस्त शोकाकुल परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बारे में शोक जताते हुए लिखा, ‘मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल जी के निधन का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करे। ॐ शांति। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लिखा कि ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल जी के असामयिक निधन का समाचार सुनकर मन अत्यंत दुखी हैं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परमधाम में स्थान व शोकाकुल परिवारजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति’ प्रदेश के एक अन्य मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बिटिया को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। ईश्वर बिटिया की आत्मा को शांति दें एवं शोक संतप्त परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।’ इंदौर के महापौर पुष्य मित्र भार्गव ने लिखा, ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुःख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ श्री हेमंत खंडेलवाल जी एवं समस्त शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रभु से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति’

ISRO ने की अगले चंद्र मिशन की तैयारी…. चंद्रयान 4 और 5 को लेकर आई बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के अगले चंद्र मिशन (Lunar Mission) को लेकर दोहरी खुशखबरी सामने आई है। भारत चंद्रयान-4 (Chandrayaan 4) के तहत चांद से सैंपल इकट्ठा करके उन्हें धरती पर वापस लाने की योजना बना रहा है, जबकि चंद्रयान-5 (Chandrayaan 5) में ज्यादा वजन वाला लैंडर होगा, जिसकी मिशन लाइफ ज्यादा। यह जानकारी इसरो चेयरमैन वी नारायणन (ISRO Chairman V Narayanan) ने बुधवार को दी। उन्होंने ISRO के भविष्य के मिशनों के बारे में भी बात की, जिसमें वीनस की स्टडी और दूसरा मार्स लैंडिंग मिशन शामिल है। इसरो के स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवेयरनेस ट्रेनिंग (START 2026) प्रोग्राम के चौथे एडिशन के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा, “अब हम चंद्रयान प्रोग्राम को जारी रखने पर काम कर रहे हैं। चंद्रयान-4 में, हम सैंपल इकट्ठा करके उन्हें वापस लाने की योजना बना रहे हैं। चंद्रयान-5 में ज्यादा वजन वाला लैंडर होगा, जिसकी मिशन लाइफ ज्यादा होगी।” उन्होंने याद दिलाया कि चंद्रयान-3 में लैंडर की मिशन लाइफ सिर्फ 14 दिन थी। नारायणन ने कहा, “आने वाले मिशन में, हम लगभग 100 दिनों की लाइफ की बात कर रहे हैं। रोवर भी भारी होगा। चंद्रयान-3 में लगभग 25 किलो का रोवर था, जबकि आने वाले मिशन में लगभग 350 किलो का रोवर होगा।” वीनस ऑर्बिटर मिशन जैसे इसरो के आने वाले प्रोग्राम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमने मार्स ऑर्बिटर मिशन पहले ही पूरा कर लिया है, और अब हम मार्स लैंडिंग मिशन पर काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ये कुछ ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिन पर सरकार की मंजूरी के लिए बात हो रही है। इसलिए साइंस एरिया में बहुत दिलचस्पी है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तहत, स्पेस प्रोग्राम के विजन को बढ़ाया गया है और कहा, “हम अभी गगनयान प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं और अपने एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में भेजने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की प्लानिंग कर रहे हैं, शायद अगले दो सालों में।” उन्होंने आगे कहा, “हम 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने की भी प्लानिंग कर रहे हैं। इसके अलावा, हम भारतीयों को चांद पर उतारने और 2040 तक उन्हें सुरक्षित वापस लाने पर काम कर रहे हैं। ब्रेनस्टॉर्मिंग एक्टिविटीज पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इसलिए स्पेस सेक्टर में कई एक्टिविटीज हो रही हैं। नागरिकों के लिए फ़ूड सिक्योरिटी, वॉटर सिक्योरिटी, कम्युनिकेशन और सेफ्टी पक्का करने वाली एप्लीकेशन से जुड़ी एक्टिविटीज के अलावा, साइंस एरिया में भी कई इनिशिएटिव प्लान किए गए हैं।” नारायणन ने बताया कि भारत के स्पेस प्रोग्राम ने अब तक 10 साइंटिफिक मिशन पूरे किए हैं, जिसमें एस्ट्रोसैट भी शामिल है, जिसने हाल ही में ऑर्बिट में एक दशक पूरा किया है और अभी भी बहुत अच्छी तरह से काम कर रहा है। उन्होंने भारत के अलग-अलग लूनर एक्सप्लोरेशन मिशन – चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, और चंद्रयान-3- के बारे में भी बताया और कहा कि इनसे कई साइंटिफिक खोजें हुईं। उन्होंने आगे कहा, “हम बहुत आगे बढ़ रहे हैं।” साल 2023 में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बारे में बताते हुए, इसरो चेयरमैन ने कहा कि भारत चांद के साउथ पोल के पास सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बन गया है।

West Asia में जारी संघर्ष के बीच EU ने 19 ईरानी अधिकारियों पर लगाए नए प्रतिबंध

तेहरान। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष के बीच यूरोपीय संघ (European Union) ने ईरान (Iran) पर दबाव बढ़ाते हुए 19 ईरानी अधिकारियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंधों को मंजूरी दी है। इन पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन और घरेलू दमन में शामिल होने के आरोप हैं। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के राजदूतों द्वारा लिया गया यह निर्णय तेहरान को जवाबदेह ठहराने के लिए ब्लॉक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कल्लास ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यूरोपीय संघ ईरान को जवाबदेह ठहराना जारी रखेगा। आज सदस्य देशों के राजदूतों ने मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार 19 अधिकारियों और संस्थाओं को लक्षित करते हुए नए प्रतिबंधों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध उन व्यक्तियों और संगठनों पर केंद्रित हैं जिन पर ईरान में घरेलू दमन और मानवाधिकार हनन के आरोप हैं। हालांकि, इन प्रतिबंधों को लागू होने से पहले यूरोपीय संघ परिषद की औपचारिक मंजूरी अभी आवश्यक है। कल्लास की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई खाड़ी देशों और इजरायल में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे समुद्री मार्ग प्रभावित हुए और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर असर पड़ा। ईरान का पलटवारइससे पहले मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने यूरोपीय नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए उन पर ‘पाखंड और दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया था। बगाई की यह टिप्पणी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और काजा कल्लास के बयानों के जवाब में आई। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए वॉन डेर लेयेन पर आरोप लगाया कि वह हमेशा ‘इतिहास के गलत पक्ष’ में खड़ी रही हैं। ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय नेताओं को पाखंड बंद करना चाहिए और आरोप लगाया कि वे अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों को वैध ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मीनाब शहर में कथित अमेरिकी हमलों के कारण बच्चों की मौत का भी जिक्र किया और इस पर यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। लेबनान को लेकर बयानबाजी तेजयूरोपीय संघ के राजदूतों की बैठक में उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि ईरान के लोग स्वतंत्रता, गरिमा और अपने भविष्य का फैसला करने के अधिकार के हकदार हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि मौजूदा युद्ध व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है। वहीं काजा कल्लास ने कहा कि लेबनान ईरान से जुड़े संघर्ष का नया मोर्चा बनने के खतरे में है। उन्होंने कहा कि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायल पर हमले पूरे क्षेत्र को और अधिक अस्थिर कर सकते हैं। कल्लास ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इजरायल को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन तनाव बढ़ने से लेबनान में संघर्ष और गहरा सकता है। इसके जवाब में इस्माइल बगाई ने कहा कि यह ‘दोहरे मापदंड का चरम उदाहरण’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इजरायल गाजा और लेबनान में सैन्य कार्रवाई कर रहा था, तब यूरोपीय संघ ने उदासीन रुख अपनाया और उसके कुछ सदस्य देशों ने इजरायल को हथियार भी उपलब्ध कराए।

रसोई से कारोबार तक असर: एमपी में LPG की भारी कमी, सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को सप्लाई

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगी है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप पड़ी है, जबकि घरेलू सिलेंडर के लिए भी लोगों को 5 से 7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऑयल कंपनियों के अनुसार फिलहाल प्रदेश में सिर्फ करीब 15 प्रतिशत एलपीजी ही उपलब्ध है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर इमरजेंसी सेवाओं और घरेलू उपयोग के लिए रखा गया है। ऐसे में गुरुवार से प्रदेश में गैस संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है। कमर्शियल गैस की सीमित सप्लाई के कारण अब सिलेंडर केवल अस्पतालों, सेना और पुलिस की कैंटीन, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैंड की कैंटीन जैसे जरूरी स्थानों को ही दिए जाएंगे। इसके लिए खाद्य विभाग को जरूरत के हिसाब से ऑयल कंपनियों को सूची भेजनी होगी। दूसरी ओर होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और छोटे कारोबारियों को फिलहाल कमर्शियल गैस नहीं मिल सकेगी। इससे खानपान और अन्य व्यवसायों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। राजधानी भोपाल में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ गई है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अनुसार शहर में करीब डेढ़ हजार होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना दो से ढाई हजार कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती है। जिन संस्थानों के पास कुछ स्टॉक बचा है, वे अधिकतम 48 घंटे तक ही काम चला पाएंगे। इसके बाद गैस सप्लाई नहीं मिलने पर कई होटल और रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है। होटल संचालकों ने सरकार से कमर्शियल गैस की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। सरकारी स्तर पर घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। राजधानी के कई इलाकों में लोगों को सिलेंडर बुकिंग के बाद कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर लोगों के बीच सिलेंडर को लेकर भाग-दौड़ की स्थिति भी बनी है। इस बीच अधिकारियों का कहना है कि अब एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद अगली बुकिंग करीब 25 दिन बाद ही की जा सकेगी। साथ ही सर्वर की तकनीकी समस्या और कुछ लोगों द्वारा अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की वजह से भी एजेंसियों के बाहर भीड़ बढ़ रही है। गैस संकट का असर शादी समारोहों पर भी पड़ सकता है। मार्च महीने में प्रदेश में करीब 20 हजार से ज्यादा शादियां होने वाली हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। पिछले तीन दिनों से सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कैटरिंग और भोजन व्यवस्था करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भोपाल के बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। व्यापारियों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई खाद्य वस्तुओं और ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़ गए हैं। दालों की कीमतों में तेजी आई है, जबकि मिर्च और धनिया जैसे मसाले भी महंगे हुए हैं। पिस्ता, अंजीर और केसर जैसे ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है क्योंकि इनका आयात बड़े पैमाने पर ईरान के रास्ते होता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पैकेजिंग उद्योग पर भी पड़ा है। प्लास्टिक और पैकेजिंग से जुड़े सामानों के दामों में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी बताई जा रही है। वहीं खाद्य तेल के बाजार में भी तेजी देखी जा रही है। सोयाबीन तेल की कीमतों में पिछले पंद्रह दिनों में लगभग 14 रुपए प्रति किलो तक वृद्धि हुई है, जबकि मूंगफली तेल के 15 लीटर जार की कीमत भी तेजी से बढ़ी है। इधर गैस और जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर वितरण की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरी सेवाओं और घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। प्रदेश सरकार ने लोगों से घबराने की बजाय अधिकृत जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

MP: खरगोन में महिला ने पहले 3 मासूमों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी कूदी…. तीनों बच्चों की मौत

खरगोन। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone District) के सनावद थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां पर एक महिला (Woman) ने अपने तीन मासूम बच्चों ( 3 Innocent Children) को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद भी कुएं में कूद गई। जिसके बाद तीनों बच्चों की तो पानी में डूबने से मौत हो गई, लेकिन महिला बच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर पति का कहना है कि महिला के साथ उसका कोई विवाद नहीं हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला नानी बाई ने अपने दो साल के बेटे अर्जुन और चार वर्षीय पुत्र करण को खेत में बने कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह खुद भी अपने लगभग 15 दिन के शिशु को लेकर कुएं में कूद गई। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि यह घटना सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव और भोमवाड़ा के बीच स्थित एक खेत में हुई। खुद बाहर निकली, बच्चों की हो गई मौतहालांकि बताया जा रहा है कि नानी बाई तैरना जानती थी। उसने कुएं के भीतर मौजूद रस्सी और सीढ़ी के सहारे किसी तरह बाहर निकलने में सफलता पा ली, लेकिन उसके तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के समय महिला का पति काम पर गया थाघटना की सूचना मिलते ही सनावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के समय महिला का पति कालू मजदूरी के लिए खेतों में गया हुआ था। कालू ने पुलिस को बताया कि वह अपने लगभग 20 साथियों के साथ खंडवा जिले के पिपलूद क्षेत्र से मजदूरी के लिए यहां आया हुआ था और सभी मजदूर गेहूं काटने का काम कर रहे थे। मजदूर खेत के पास ही अस्थायी रूप से रह रहे हैं। पति बोला- पत्नी के साथ नहीं हुआ था कोई विवादमहिला के पति ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे वह अन्य मजदूरों के साथ खेत में गेहूं काटने चला गया था। कुछ समय बाद उसे घटना की सूचना मिली। कालू के अनुसार उसका अपनी पत्नी नानी बाई के साथ किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।

बैंक पर हमले पर भड़का ईरान, मुस्लिम देशों को दी चेतावनी, सिटी बैंक ने दुबई में अपनी कई शाखाएं कीं बंद

नई दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने गुरुवार को देश के सबसे पुराने बैंक की शाखा पर हुए बम हमले की निंदा की और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। इससे पहले ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने मिडिल ईस्ट में बैंक और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने की योजना का ऐलान किया था। इस खतरे को देखते हुए सिटी बैंक ने संयुक्त अरब अमीरात में केवल एक शाखा को छोड़कर अपनी सभी शाखाएं बंद रखने का निर्णय लिया। सुरक्षा चिंताओं के चलते अन्य कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है। अराघची ने जताया दुख ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि देश के सबसे पुराने बैंक की शाखा पर हमला उस समय हुआ, जब यह कर्मचारियों से भरी हुई थी। ये कर्मचारी ईरानी नए साल से पहले लोगों की मदद में लगे हुए थे। अराघची ने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान के सशस्त्र बल इस अपराध का प्रतिशोध जरूर लेंगे। उनका यह बयान खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी बैंकों के बीच डर का माहौल पैदा कर गया। घटना तेहरान के बैंक सेपाह की एक इमारत या डेटा सेंटर पर कथित इजरायली-अमेरिकी हमले के बाद सामने आई। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला रात में हुआ और बैंक उस समय सैन्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में काम कर रहा था। ज्वाइंट सैन्य कमान का ऐलान ईरान की ज्वाइंट सैन्य कमान खतम अल-अनबिया हेडक्वाटर ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि अब मिडिल ईस्ट में बैंक और वित्तीय संस्थान उनके निशाने पर होंगे। कमान ने मुस्लिम देशों को चेतावनी दी कि अब उनके निशाने पर मिडिल ईस्ट के बैंक और वित्तीय संस्थान हैं, और इनके लिए आवश्यक तैयारी कर ली गई है। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई कि वे बैंकों से एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें। सिटी बैंक ने शाखाएं बंद कीं बदलते हालात को देखते हुए सिटी बैंक ने यूएई में अपनी अधिकांश शाखाओं को बंद करने का निर्णय लिया। बैंक ने कहा कि देश में बदलती स्थिति के कारण यह कदम उठाया गया है, हालांकि विस्तार से जानकारी नहीं दी गई। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों पर असर ईरान की धमकी ने खासकर दुबई, सऊदी अरब और बहरीन के आर्थिक हितों को जोखिम में डाल दिया है। दुबई, जो कई वैश्विक वित्तीय संस्थानों का केंद्र है, वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय संस्थानों को युद्ध के दायरे में लाने से वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।