Chambalkichugli.com

भोपाल में सड़क सुधार के बीच बड़ा संकट: ज्योति कॉम्प्लेक्स की दुकानों में भरा सीवेज, लगा जाम

भोपाल। भोपाल के व्यस्त एमपी नगर इलाके में स्थित ज्योति टॉकीज चौराहे के पास धंसी सड़क की मरम्मत का काम शुरू होते ही बुधवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। सीवेज लाइन के काम के दौरान नाले का पानी बंद किए जाने से ज्योति कॉम्प्लेक्स की करीब 150 दुकानों में गंदा पानी भर गया, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बदबूदार पानी अचानक बेसमेंट और दुकानों में घुसने से दुकानदारों को दुकानें छोड़कर बाहर आना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख आक्रोशित व्यापारियों ने ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस जाने वाले एकमात्र रास्ते को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। पहले से ही बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर आने वाला मार्ग सड़क मरम्मत के कारण बंद है, ऐसे में दोनों तरफ से रास्ते बाधित होने से इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। चेतक ब्रिज, एमपी नगर जोन-1 और जोन-2 से आने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोगों को लगभग दो किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। दरअसल, सड़क मरम्मत के दौरान पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नाले का पानी बंद कर दिया था। इससे सीवेज लाइन पर दबाव बढ़ गया और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। देखते ही देखते चेंबर ओवरफ्लो हो गए और गंदा पानी सीधे कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में भरने लगा। ज्योति कॉम्प्लेक्स में कई मोबाइल और अन्य व्यापारिक दुकानें बेसमेंट में संचालित होती हैं, इसलिए व्यापारियों को बड़ा नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और टैंकरों की मदद से बेसमेंट में भरे गंदे पानी को बाहर निकालने का काम शुरू किया। देर रात तक मरम्मत और सफाई का काम चलता रहा। गुरुवार को ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नगर निगम की टीम पूरे दिन मौके पर नजर रखेगी। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस ने इलाके में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है, ताकि मरम्मत कार्य के दौरान यातायात प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि सड़क और सीवेज लाइन को स्थायी रूप से ठीक करने के लिए यह काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल भारी बारिश के दौरान एमपी नगर की इसी मुख्य सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया था। उस समय सड़क पर करीब 8 फीट गहरा और लगभग 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया था, जिसमें एक कार तक समा सकती थी। तब अस्थायी मरम्मत कराई गई थी, लेकिन बाद में पीडब्ल्यूडी ने पूरे हिस्से को मजबूती से दोबारा बनाने का फैसला किया। कई बार टेंडर प्रक्रिया के बाद अब जाकर सड़क सुधार का काम शुरू हुआ है।

आज का दिन निवेश, शिक्षा और यात्रा के लिए अनुकूल – 12 मार्च 2026 पंचांग

नई दिल्ली।12 मार्च 2026, बुधवार का दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के साथ शुरू होगा। इस दिन का वार बुधवार है, जो बुध देवता और व्यापार, ज्ञान तथा बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता है। योग वैधृति और करण गर हैं, जो विशेष रूप से नए कार्यों की शुरुआत और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्तआज सूर्योदय सुबह 6:25 बजे होगा, जो दिन के आरंभ में सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है। सूर्यास्त शाम 6:25 बजे तक रहेगा, जिससे दिनभर की गतिविधियों में संतुलन और नियमितता बनी रहेगी। चंद्र उदय और नक्षत्र प्रभावचंद्रमा सुबह 6:50 बजे उदय होगा। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की विशेषता है कि यह मानसिक स्थिरता, अध्ययन और रणनीतिक कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक, शिक्षा और निवेश संबंधी कार्य सफलता की ओर बढ़ते हैं। अमृतकाल और शुभ समयआज का अमृतकाल सुबह 9:30 बजे से 11:15 बजे तक रहेगा। यह समय स्वास्थ्य, शिक्षा, पूजा-पाठ और धन संबंधी कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक का समय भी शुभ है। इस समय नई योजनाओं की शुरुआत और महत्वपूर्ण बैठकें लाभकारी साबित हो सकती हैं। राहु काल और अशुभ समयआज दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक का राहु काल है। इस अवधि में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश या यात्रा को टालना बेहतर रहेगा। साथ ही रात 8:00 बजे से 9:30 बजे तक का समय अशुभ माना गया है, इसलिए व्यक्तिगत और व्यापारिक निर्णय इस समय से परहेज करें। गुलिक कालसुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक का गुलिक काल है। इस समय कुछ सीमित और सावधानीपूर्वक कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन निवेश या बड़े फैसले टालना हितकर रहेगा। विशेष टिप्स और सावधानियांबुधवार का दिन बुद्ध और व्यापार से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। आज शिक्षा, निवेश, यात्रा, नए प्रोजेक्ट्स और पूजा-पाठ में लाभ मिलने की संभावना अधिक है। वहीं राहु काल और अशुभ समय में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य या यात्रा टालना लाभकारी रहेगा। ध्यान रखें कि स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना भी इस दिन आवश्यक है। आर्थिक और व्यक्तिगत निर्णयआज निवेश, व्यापारिक सौदे या नए आर्थिक कार्य शुरू करना शुभ रहेगा। किसी भी नई योजना में भागीदारी के लिए सुबह के शुभ समय का लाभ उठाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन और नए विषय सीखना लाभकारी रहेगा। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियांइस दिन पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक कार्यों में भाग लेने से मानसिक संतोष मिलेगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाएगा। 12 मार्च 2026 का दिन न केवल कार्य और निवेश के लिए शुभ है, बल्कि शिक्षा, यात्रा और धार्मिक गतिविधियों में सफलता के संकेत भी देता है। शुभ समय का पालन करते हुए महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी रहेगा, जबकि राहु काल और अशुभ समय में सतर्क रहना आवश्यक है। आज का दिन संतुलन, सोच-समझ और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए अनुकूल है।

फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले की कोशिश, आरोपी ने तानी पिस्तौल, बोला- 20 साल से मारने की थी योजना

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर रात एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण यह हमला नाकाम हो गया और फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित बच गए। पुलिस ने हमलावर को तुरंत पकड़कर हिरासत में ले लिया है। जानकारी के अनुसार जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित एक विवाह समारोह में यह घटना हुई। समारोह में फारूक अब्दुल्ला के साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति अचानक उनके करीब पहुंचा और पिस्तौल तानकर गोली चलाने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमले को विफल कर दिया और आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने उसके पास से पिस्तौल भी जब्त कर ली है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर को घेरकर कुछ लोग उसे पकड़ते और मारते-पीटते दिखाई दे रहे हैं। कौन है हमलावर?पुलिस के अनुसार हमलावर का नाम कमल सिंह जामवाल है, जो जम्मू के पुरानी मंडी क्षेत्र का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उसका जन्म वर्ष 1963 में हुआ था। जम्मू के पुराने शहर इलाके में उसकी कई दुकानें हैं और वह उन्हीं दुकानों से मिलने वाले किराए से अपना गुजारा करता है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दावा किया है कि वह पिछले 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। उसने कहा कि यह उसका व्यक्तिगत उद्देश्य था। जिस पिस्तौल से गोली चलाई गई, वह भी उसी की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?समारोह में मौजूद राकेश सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम एक राजनीतिक दल के विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष की बेटी की शादी का था। उन्होंने कहा कि सभी लोग बैठे हुए थे। तभी डॉ. साहब (फारूक अब्दुल्ला) ने कहा कि अब चलना चाहिए। जैसे ही वे उठे, तभी एक व्यक्ति उनके पीछे आया और पिस्तौल तान दी। तभी किसी ने उसे हटाया और गोली ऊपर की ओर चल गई। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालघटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया और कहा कि जिन नेताओं ने देश के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं, उन्हें पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए। उमर अब्दुल्ला ने कही यह बातअपने पिता पर हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईश्वर की कृपा से उनके पिता एक बड़े खतरे से बच गए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल लेकर उनके बेहद करीब तक पहुंच गया और उसने नजदीक से गोली चला दी। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति हथियार लेकर कैसे पहुंच गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

एमपी में गर्मी ने दिखाए तेवर, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में बढ़ी गर्मी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रतलाम सबसे गर्म शहर रहा। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई बड़े शहरों में भी गर्मी के तेवर तेज दिखाई दिए। मौसम विभाग के अनुसार, तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इन दिनों बारिश, बादल छाने और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव के कारण विभाग ने दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर और उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री तथा जबलपुर में 36.5 डिग्री तापमान रहा। अन्य शहरों में भी पारा तेजी से बढ़ा। रतलाम में तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रहा। मार्च में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है। दूसरे सप्ताह से तेज हुई गर्मीप्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहरों में तापमान अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्य प्रदेश तक पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है। इन जिलों में बदलेगा मौसम14 मार्च: ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।15 मार्च: ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने की संभावना है। अनुमान है कि करीब 15 से 20 दिन तक लू का असर रह सकता है। आमतौर पर पिछले 10 वर्षों में 15 मार्च के बाद गर्मी तेज होती थी, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

स्प्रिंग वेकेशन अलर्ट! मार्च के पहले हफ्ते में एक्सप्लोर करें ये 3 शानदार जगहें

नई दिल्ली। अगर आप उत्तर भारत के हिल स्टेशन्स घूम-घूमकर थोड़ा अलग एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो कर्नाटक का कूर्ग आपके लिए शानदार विकल्प है। घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, झरनों की आवाज और हरियाली-यहां पहुंचते ही मन रिलैक्स मोड में चला जाता है। मार्च में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, जो ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए एकदम सही है। नेचर लवर्स और कपल्स दोनों के लिए यह जगह किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं। शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन शांति में बिताने हैं, तो कूर्ग जरूर प्लान करें। ऋषिकेश: सुकून भी, एडवेंचर भीअगर आपका दिल आध्यात्म और एडवेंचर दोनों चाहता है, तो ऋषिकेश से बेहतर जगह कम ही मिलेगी। मार्च-अप्रैल में यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है। सुबह-सुबह गंगा किनारे बैठना या आरती का नजारा देखना-दिल को गजब की शांति देता है। वहीं एडवेंचर लवर्स के लिए रिवर राफ्टिंग और बंजी जंपिंग जैसे ऑप्शन भी मौजूद हैं। यहां आप योग और मेडिटेशन के जरिए खुद से जुड़ सकते हैं। सच कहें तो ऋषिकेश ऐसा डेस्टिनेशन है, जहां सोल और एड्रेनालिन दोनों को सुकून मिलता है। सिक्किम: फूलों की खुशबू और पहाड़ों का जादूअगर आप इस बार कुछ अलग और यादगार ट्रिप चाहते हैं, तो सिक्किम का प्लान बनाइए। मार्च में यहां वसंत ऋतु की शुरुआत होती है और घाटियां रंग-बिरंगे फूलों से सज जाती हैं। भारत का ‘स्कॉटलैंड’ कूर्ग,अगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन्स कई बार घूम चुके हैं और कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग (जिसे कोडगु भी कहा जाता है) का प्लान शानदार रहेगा। कर्नाटक में स्थित कूर्ग को ‘भारत का स्कॉटलैंड’ यूं ही नहीं कहा जाता-यहां के घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, खूबसूरत झरने और सुकून भरा माहौल किसी विदेशी हिल स्टेशन जैसा अहसास कराते हैं। अगर आप नेचर लवर हैं और भीड़-भाड़ से दूर शांति में वक्त बिताना चाहते हैं, तो यकीन मानिए कूर्ग आपको पहली ही नजर में पसंद आ जाएगा। बर्फ से ढके पहाड़, शांत बौद्ध मठ और साफ-सुथरा वातावरणहर चीज मन मोह लेती है। गंगटोक जैसे शहर में आप मॉडर्न कैफे कल्चर के साथ पहाड़ों का सुकून भी एंजॉय कर सकते हैं। एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहां ट्रेकिंग और नाथुला पास की सैर खास अनुभव देती है। एक बार आए, तो बार-बार आने का मन करेगा।

चैत्र नवरात्रि 2026: कलश स्थापना के साथ घर लाएं ये 5 शुभ चीजें, मां दुर्गा की कृपा से दूर होगी आर्थिक तंगी

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चैत्र महीने का विशेष महत्व माना जाता है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं जिनमें चैत्र नवरात्रि का स्थान सबसे खास है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च से होने जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्तगण मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना करते हैं और उपवास रखकर देवी की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा भूमिलोक पर आती हैं और नौ दिनों तक भक्तों के बीच निवास करती हैं। यही कारण है कि इस अवधि में देवी को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा पाठ भजन कीर्तन और मंदिरों में भव्य सजावट की जाती है। ज्योतिष और धर्मशास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ कुछ शुभ वस्तुएं घर लाना बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इन पवित्र चीजों को घर में लाने और पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है सोई हुई किस्मत जागती है और घर में सुख समृद्धि का वास होता है। सबसे पहले केला का पेड़ लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि आपके घर में पहले से केला का पेड़ नहीं है तो नवरात्रि के पहले दिन इसे लगाना अच्छा माना जाता है। हिंदू धर्म में केला का पेड़ पूजनीय माना जाता है और इसकी पूजा करने से घर में समृद्धि सुख और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही लाल गुड़हल का फूल भी विशेष महत्व रखता है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा को लाल गुड़हल का फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह फूल देवी मां को अत्यंत प्रिय है और इसे चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के अवसर पर हरसिंगार का पौधा घर में लगाना भी शुभ माना जाता है। यह पौधा सुख शांति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसे घर में लगाने से परिवार में समृद्धि और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। इसी प्रकार शंखपुष्पी का फूल भी देवी मां को अर्पित करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन देवी को शंखपुष्पी का फूल चढ़ाने से भक्तों की हर कामना पूर्ण होती है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं। इसके अलावा तुलसी का पौधा भी बेहद पवित्र माना जाता है। अगर घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो नवरात्रि के शुभ अवसर पर इसे लगाना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। तुलसी की प्रतिदिन पूजा और जल अर्पित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और देवी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इस प्रकार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन इन पवित्र चीजों को घर में लाकर विधि विधान से पूजा करने से जीवन में सुख समृद्धि शांति और खुशहाली का वास होता है तथा मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Bridal Fashion Tips: सिर्फ लहंगा ही नहीं, ज्वेलरी की ये छोटी गलती बिगाड़ सकती है पूरा ब्राइडल लुक

नई दिल्ली । शादी का दिन हर दुल्हन के जीवन का सबसे खास दिन होता है। इस दिन हर लड़की चाहती है कि उसका ब्राइडल लुक परफेक्ट और सबसे अलग नजर आए। आमतौर पर दुल्हनें अपने लहंगे पर ज्यादा ध्यान देती हैं, लेकिन फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि असली ब्राइडल चार्म केवल लहंगे से नहीं बल्कि सही ज्वेलरी से आता है। कई बार ज्वेलरी के चुनाव में छोटी सी गलती भी पूरे ब्राइडल लुक को बिगाड़ सकती है। आजकल वेडिंग सीजन में दुल्हनों के बीच विंटेज और रॉयल स्टाइल का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर दुल्हन अपने गहनों का चुनाव सोच समझकर करे तो उसका लुक किसी राजघराने की राजकुमारी जैसा दिख सकता है। इसके लिए कुछ खास ज्वेलरी पीस ऐसे हैं जिन्हें ब्राइडल लुक में जरूर शामिल करना चाहिए। नथ से मिलता है रॉयल टच ब्राइडल लुक में नथ का सबसे अहम स्थान होता है। आजकल बड़ी गढ़वाली नथ और पारंपरिक पोलकी नथ काफी ट्रेंड में हैं। अगर दुल्हन का चेहरा छोटा है तो स्लीक डिजाइन वाली नथ बेहतर लगती है, जबकि रॉयल लुक के लिए कुंदन या मोतियों वाली भारी नथ चेहरे की खूबसूरती को और निखार देती है। कमरबंद से बढ़ती है ग्रेस कमरबंद न केवल लहंगे को सही जगह पर बनाए रखने में मदद करता है बल्कि कमर को आकर्षक शेप भी देता है। सिल्क लहंगे या भारी जरी वर्क वाले आउटफिट के साथ गोल्डन या स्टोन स्टडेड कमरबंद बेहद रॉयल दिखाई देता है। इसे नाभि से थोड़ा ऊपर बांधने पर दुल्हन की लंबाई भी अधिक नजर आती है। माथापट्टी और शीशपट्टी का बढ़ा क्रेज अब केवल सिंपल मांग टीका पहनने का ट्रेंड धीरे धीरे कम हो रहा है। रॉयल और ग्रेसफुल लुक के लिए माथापट्टी या शीशपट्टी को काफी पसंद किया जा रहा है। यह दुल्हन के सिर को मुकुट जैसा लुक देती है और भारी दुपट्टे को सेट करने में भी मदद करती है। बाजूबंद और हथफूल से निखरते हैं हाथ दुल्हन के हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए बाजूबंद और हथफूल बेहद खास माने जाते हैं। बाजूबंद ब्लाउज के डिजाइन को हाईलाइट करता है, जबकि बारीक मोतियों या स्टोन वाले हथफूल हाथों को बेहद आकर्षक और शाही लुक देते हैं। पायल से पूरा होता है श्रृंगार शादी का श्रृंगार पायल की झंकार के बिना अधूरा माना जाता है। रॉयल लुक के लिए घुंघरू वाली भारी चांदी की पायल या स्टोन वर्क वाली ब्राइडल पायल चुनना बेहतर रहता है। फैशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्वेलरी का चुनाव करते समय हमेशा लहंगे के रंग और उसके वर्क का ध्यान रखना चाहिए। यदि लहंगा बहुत भारी है तो ज्वेलरी में संतुलन बनाकर दुल्हन एक क्लासी और एलिगेंट ब्राइडल लुक हासिल कर सकती है। सही ज्वेलरी के साथ दुल्हन का पूरा व्यक्तित्व निखर कर सामने आता है।

12 मार्च 2026 के लिए राशिफल अपडेट: प्यार, पैसा और स्वास्थ्य की पूरी जानकारी

नई दिल्ली।आज का दिन सभी राशियों के लिए संतुलन और अवसर का संकेत देता है। आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मक सोच से कार्य, परिवार और स्वास्थ्य में सुधार संभव है। आर्थिक मामलों में सतर्कता और निवेश में सोच-समझकर कदम उठाना लाभकारी रहेगा। मेष (Aries) – आत्मविश्वास और सफलता का दिनआज मेष राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। कामकाज में मन लगेगा और नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने की संभावना है। किसी नई योजना की शुरुआत करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि, आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है, अनावश्यक खर्च से बचें। छोटे निवेश और व्यावसायिक लेन-देन सोच-समझकर करें। वृषभ (Taurus) -रिश्तों में मधुरता और स्वास्थ्य पर ध्यानवृषभ राशि के लिए आज का दिन सुखद रहेगा। सकारात्मक सोच के कारण रिश्तों में मधुरता आएगी। लंबित कार्य पूरे होंगे और घर-परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। हल्का व्यायाम और संतुलित आहार आपके शरीर और मन को स्वस्थ बनाए रखेंगे। मिथुन (Gemini) -परिवार और व्यापार में संतुलनआज मिथुन राशि के जातकों के लिए परिवार के साथ समय बिताना लाभकारी रहेगा। व्यापारिक मामलों में नई योजनाओं पर ध्यान दें। अचानक खर्च की संभावना बनी हुई है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। परिवार और व्यापार दोनों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें। कर्क (Cancer) -शिक्षा और कार्यक्षेत्र में सफलताकर्क राशि के लोगों के लिए शिक्षा और कार्यक्षेत्र में सफलता के योग हैं। ध्यान और योग के माध्यम से मानसिक तनाव कम होगा। निवेश और आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लें। नई योजनाओं और अवसरों में लाभ मिलेगा। सिंह (Leo) -सहयोग और संयम आवश्यकसिंह राशि के जातकों को आज साथियों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य बनाए रखें और निर्णय सोच-समझकर लें। कन्या (Virgo) -मेहनत रंग लाएगी और यात्रा लाभकारीकन्या राशि के लोगों की मेहनत आज रंग लाएगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा और ऊर्जा बनी रहेगी। यात्रा के योग हैं, यात्रा में लाभ मिलने की संभावना है। नए कार्य या व्यवसायिक अवसर लाभकारी साबित हो सकते हैं। तुला (Libra) -पारिवारिक सहयोग और वित्तीय लाभतुला राशि के जातकों के लिए पारिवारिक सहयोग मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात सुखद अनुभव देगी। वित्तीय मामलों में लाभ के अवसर बन सकते हैं। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना मानसिक संतोष देगा। वृश्चिक (Scorpio) -संयम और स्वास्थ्य पर ध्यानवृश्चिक राशि के लोगों को आज मानसिक शांति के लिए समय निकालना चाहिए। कार्यस्थल पर विरोधी बाधा डाल सकते हैं, इसलिए संयम बनाए रखें। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और मानसिक तनाव कम करने के उपाय अपनाएं। धनु (Sagittarius) -आर्थिक सुधार और सामाजिक गतिविधियांधनु राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार होगा। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने से मानसिक संतोष मिलेगा। पुराने संपर्क और दोस्ती मजबूत होंगी। मकर (Capricorn) -मेहनत का परिणाम और विवाद से बचेंमकर राशि के लोगों के लिए आज मेहनत का प्रतिफल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। परिवार में किसी विवाद से बचें और महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें। कुम्भ (Aquarius) -सोच-समझकर निर्णय लेंकुम्भ राशि के जातकों के लिए आज निवेश और पैसों के मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। मित्रों और परिवार के साथ समय बिताने से खुशी और मानसिक संतोष मिलेगा। मीन (Pisces) -रचनात्मक कार्य और सहयोगमीन राशि के लिए रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और हल्का व्यायाम करें। नए अवसरों और संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है।

ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमला: तेल स्टोरेज टैंकों में लगी आग, सुल्तान ने ईरानी राष्ट्रपति से जताई नाराजगी, मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ा

      नई दिल्ली। ओमान के दक्षिणी शहर सलालाह के पोर्ट पर तेल स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले की सूचना मिली है। ओमानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद पोर्ट के फ्यूल स्टोरेज टैंकों में आग भड़क गई, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने पुष्टि की कि पोर्ट पर मौजूद किसी व्यापारी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के बाद ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान को फोन कर इस हमले पर अपनी गहरी नाराजगी जताई। सुल्तान ने कहा कि ओमान मौजूदा संघर्ष में तटस्थ है और अपनी सुरक्षा व क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। तुर्किये के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि ईरान में जारी युद्ध को तुरंत रोकना होगा, वरना पूरा क्षेत्र आग की चपेट में आ सकता है। एर्दोआन ने कहा कि कूटनीति के माध्यम से ही इस संकट का समाधान संभव है और तुर्किये अभी भी दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बताया कि अमेरिका के सहयोग से चल रहा अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, और इस ऑपरेशन की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति पर असर को देखते हुए घोषणा की कि उसके 32 सदस्य देश आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में उतारेंगे। IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने बताया कि यह एजेंसी के इतिहास में सबसे बड़ा तेल रिलीज होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम युद्ध के कारण तेल आपूर्ति में आई बाधा को दूर करने के लिए उठाया गया है। 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात युद्ध से पहले के स्तर से केवल 10% तक ही पहुंच पाया है। IEA ने कहा कि आपातकालीन भंडार से तेल सदस्य देशों की परिस्थितियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा। 1974 में स्थापित IEA के इतिहास में यह छठी बार है जब सदस्य देश मिलकर रणनीतिक भंडार से तेल जारी कर रहे हैं। इससे पहले 1991 के खाड़ी युद्ध, 2005 के हरिकेन कैटरीना, 2011 के लीबिया युद्ध और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ऐसा कदम उठाया गया था। IEA के 32 सदस्य देशों में अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। भारत इस एजेंसी का सदस्य नहीं है, लेकिन 2017 से यह IEA का एसोसिएट देश है। ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमला, सुल्तान की नाराजगी, मध्यस्थता के प्रयास और 32 देशों द्वारा 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारने की योजना के बीच, मिडिल-ईस्ट में तनाव और ऊर्जा संकट गहराता दिखाई दे रहा है। html, body, body:not(.web_whatsapp_com) *, html body:not(.web_whatsapp_com) *, html body.ds *, html body:not(.web_whatsapp_com) div *, html body:not(.web_whatsapp_com) span *, html body p *, html body h1 *, html body h2 *, html body h3 *, html body h4 *, html body h5 *, html body:not(.web_whatsapp_com) *:not(input):not(textarea):not([contenteditable=””]):not( [contenteditable=”true”] ), html body:not(.web_whatsapp_com) *[class]:not(input):not(textarea):not([contenteditable=””]):not( [contenteditable=”true”] ), html body:not(.web_whatsapp_com) *[id]:not(input):not(textarea):not([contenteditable=””]):not( [contenteditable=”true”] ) { user-select: text !important; } html body *:not(input):not(textarea)::selection, body *:not(input):not(textarea)::selection, html body div *:not(input):not(textarea)::selection, html body span *:not(input):not(textarea)::selection, html body p *:not(input):not(textarea)::selection, html body h1 *:not(input):not(textarea)::selection, html body h2 *:not(input):not(textarea)::selection, html body h3 *:not(input):not(textarea)::selection, html body h4 *:not(input):not(textarea)::selection, html body h5 *:not(input):not(textarea)::selection { background-color: #3297fd !important; color: #ffffff !important; } /* linkedin */ /* squize */ .www_linkedin_com .sa-assessment-flow__card.sa-assessment-quiz .sa-assessment-quiz__scroll-content .sa-assessment-quiz__response .sa-question-multichoice__item.sa-question-basic-multichoice__item .sa-question-multichoice__input.sa-question-basic-multichoice__input.ember-checkbox.ember-view { width: 40px; } /*linkedin*/ /*instagram*/ /*wall*/ .www_instagram_com ._aagw { display: none; } /*developer.box.com*/ .bp-doc .pdfViewer .page:not(.bp-is-invisible):before { } /*telegram*/ .web_telegram_org .emoji-animation-container { display: none; } html body.web_telegram_org .bubbles-group > .bubbles-group-avatar-container:not(input):not(textarea):not( [contenteditable=””] ):not([contenteditable=”true”]), html body.web_telegram_org .custom-emoji-renderer:not(input):not(textarea):not([contenteditable=””]):not( [contenteditable=”true”] ) { pointer-events: none !important; } /*ladno_ru*/ .ladno_ru [style*=”position: absolute; left: 0; right: 0; top: 0; bottom: 0;”] { display: none !important; } /*mycomfyshoes.fr */ .mycomfyshoes_fr #fader.fade-out { display: none !important; } /*www_mindmeister_com*/ .www_mindmeister_com .kr-view { z-index: -1 !important; } /*www_newvision_co_ug*/ .www_newvision_co_ug .v-snack:not(.v-snack–absolute) { z-index: -1 !important; } /*derstarih_com*/ .derstarih_com .bs-sks { z-index: -1; } html body .alc_unlock-pseudo-before.alc_unlock-pseudo-before.alc_unlock-pseudo-before::before { pointer-events: none !important; } html body .alc_unlock-pseudo-after.alc_unlock-pseudo-after.alc_unlock-pseudo-after::after { pointer-events: none !important; }

मार्च में हैं घूमने का प्लान, तो सुकून और रिफ्रेशमेंट के लिए चुनें ये परफेक्ट डेस्टिनेशन्स

नई दिल्ली। अगर आपको ट्रैवल करना पसंद है, तो नई जगहों को देखने और समझने की चाहत हमेशा बनी रहती होगी। हर सीजन की अपनी खासियत होती है, लेकिन कुछ डेस्टिनेशन ऐसे भी हैं जहां मार्च के महीने में जाना खास अनुभव दे सकता है। दरअसल, यह समय न तो कड़ाके की ठंड का होता है और न ही तेज गर्मी का, जिससे घूमना ज्यादा आरामदायक बन जाता है। अगर आप रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तनाव कम करना चाहते हैं और शांति भरे माहौल में वक्त बिताने का सोच रहे हैं, तो मार्च में ट्रिप प्लान करना एक अच्छा फैसला हो सकता है। इस दौरान आप ऐसी जगहों को चुन सकते हैं, जहां प्राकृतिक खूबसूरती, सुकून और हल्का-फुल्का मौसम आपके मूड को पूरी तरह फ्रेश कर दे। आइए हम आपको कुछ ऐसे ही जगहों के बारे में बतायेंगे। कूर्ग (कर्नाटकअगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मशहूर हिल स्टेशनों की कई बार यात्रा कर चुके हैं और इस बार कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग जाने का प्लान बना सकते हैं। कर्नाटक में बसा कूर्ग अपनी प्राकृतिक खूबसूरती की वजह से “भारत का स्कॉटलैंड” कहलाता है। यहां फैले कॉफी के बागान, हरी-भरी पहाड़ियां, मनमोहक झरने और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं। प्रकृति के करीब समय बिताने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर हरियाली और सुकून की तलाश में हैं, तो कूर्ग का सफर आपको जरूर पसंद आएगा। ऋषिकेश (उत्तराखंड)अगर आप अब तक ऋषिकेश नहीं जा पाए हैं, तो मार्च का महीना यहां घूमने के लिए बेहतरीन मौका हो सकता है। उत्तराखंड में स्थित यह खूबसूरत शहर वसंत ऋतु में और भी आकर्षक हो जाता है। खासतौर पर मार्च और अप्रैल के दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है, जिससे यात्रा का आनंद दोगुना हो जाता है। सुबह के समय कई श्रद्धालु पवित्र गंगा नदी में स्नान कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। यहां का वातावरण मन को सुकून देता है और कुछ समय के लिए शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी को भुला देता है। सिर्फ शांति ही नहीं, रोमांच के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास है। रिवर राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश देशभर में प्रसिद्ध है, जहां आप एडवेंचर और प्रकृति का बेहतरीन मेल महसूस कर सकते हैं। सिक्किमक्या आप कभी सिक्किम की वादियों तक पहुंचे हैं? अगर अब तक यह जगह आपकी ट्रैवल लिस्ट में ही है, तो मार्च इसका सही समय हो सकता है। वसंत ऋतु के दौरान यहां का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है और रंग-बिरंगे फूलों से सजी घाटियां मन मोह लेती हैं। प्राकृतिक नज़ारों के बीच बिताया गया समय आपके तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़, साफ हवा और शांत वातावरण यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। सिक्किम अपने खूबसूरत लैंडस्केप, प्राचीन बौद्ध मठों और रोमांचक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। एक बार यहां की वादियों को करीब से देखने के बाद आपका मन बार-बार इस शांत और सुंदर राज्य की ओर खिंच सकता है।