गंगा जल संधि पर तनाव बढ़ा, बांग्लादेश ने भारत से नए समझौते की मांग की 30 साल पुराना फॉर्मूला बताया नाकाफी

नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर एक बार फिर तनाव के संकेत दिखने लगे हैं। बांग्लादेश की BNP सरकार से जुड़े वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध गंगा जल संधि के नवीनीकरण और उसकी शर्तों पर काफी हद तक निर्भर करेंगे। बांग्लादेशी नेताओं ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन दशकों में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण गंगा नदी के प्रवाह में बड़ा बदलाव आया है, जिससे 1996 का पुराना जल बंटवारा फॉर्मूला अब दोनों देशों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है। मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर सहित कई नेताओं ने कहा कि गंगा जल संधि को और अधिक गारंटीड और लंबे समय के लिए लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत द्वारा साझा नदियों पर बनाए गए ढांचों से बांग्लादेश के जल प्रवाह पर असर पड़ा है, जिससे कृषि और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। 1996 में हुआ था ऐतिहासिक समझौतागौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल संधि 12 दिसंबर 1996 को 30 वर्षों के लिए लागू की गई थी, जो 2026 में समाप्त होने वाली है। इस संधि के तहत फरक्का बैराज पर उपलब्ध जल को 10-10 दिनों के चक्र में दोनों देशों के बीच बांटा जाता है। समझौते के अनुसार पानी की उपलब्धता के आधार पर अलग-अलग फॉर्मूला लागू होता है— 70,000 क्यूसेक से कम पानी पर बराबर बंटवारा 70,000–75,000 क्यूसेक पर तय अनुपात 75,000 क्यूसेक से अधिक पर अलग वितरण व्यवस्था दोनों देशों के बीच पानी के प्रवाह की निगरानी के लिए संयुक्त नदी आयोग (Joint Rivers Commission) भी काम करता है। भारत पर भी बढ़ी घरेलू मांग की चुनौतीवहीं भारत की ओर से भी यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसी भी नए समझौते को संतुलित और सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर ही तय किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण नदी प्रवाह में बदलाव ने इस समझौते को और जटिल बना दिया है। यही वजह है कि 2026 में संधि खत्म होने से पहले दोनों देशों के बीच नई बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है। फिलहाल स्थिति यह है कि बांग्लादेश अधिक जल गारंटी की मांग कर रहा है, जबकि भारत संतुलित और व्यावहारिक समाधान पर जोर दे रहा है। आने वाले महीनों में यह मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा कूटनीतिक विषय बन सकता है।
सिनेमा और खुशियों का संगम: एटली ने बेटी को दिया खूबसूरत नाम ‘मियू’, फैंस हुए भावुक

नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित निर्देशक एटली एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी एक बेहद भावनात्मक और खुशी भरी खबर है। ‘जवान’ जैसी सुपरहिट फिल्म से अपनी अलग पहचान बना चुके एटली और उनकी पत्नी प्रिया एटली हाल ही में एक बेटी के माता-पिता बने थे, और अब उन्होंने अपनी नन्ही परी के नाम का खुलासा कर दिया है, जिसने फैंस के दिलों को छू लिया है। कपल ने अपनी बेटी का नाम ‘मियू’ रखा है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बेहद खूबसूरत अंदाज में साझा किया। एटली और प्रिया द्वारा साझा की गई तस्वीर में एक नन्ही सी बच्ची का हाथ दिखाई देता है, जिसे पेस्टल रंगों की सौम्य पृष्ठभूमि में बेहद सादगी और भावनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। इस तस्वीर के साथ लिखा गया संदेश माता-पिता की भावनाओं को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में यह छोटी सी जान आने के बाद सब कुछ बदल गया है और उनके दिल में एक नया, गहरा और अनमोल रिश्ता जुड़ गया है। ‘मियू’ नाम केवल सुनने में ही सुंदर नहीं है, बल्कि इसका अर्थ भी उतना ही खास और भावनात्मक बताया गया है। इस नाम का मतलब सुंदरता, कोमलता और प्रेम से जुड़ा हुआ है, जो एक नवजात बच्ची की मासूमियत और उसके प्रति माता-पिता के गहरे स्नेह को दर्शाता है। एटली ने इस नाम के माध्यम से अपनी बेटी के लिए अपने भावनात्मक जुड़ाव को एक सरल लेकिन गहरे अर्थ वाले शब्द में व्यक्त किया है, जिसे फैंस भी बेहद पसंद कर रहे हैं। जैसे ही यह नाम सामने आया, सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई। फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों और प्रशंसकों ने एटली और प्रिया को बधाइयां दीं और इस नाम को बेहद अनोखा और अर्थपूर्ण बताया। कई लोगों ने इसे एक आधुनिक और भावनात्मक नाम करार दिया, जो सरल होते हुए भी गहरी भावना को व्यक्त करता है। यह पहली बार नहीं है जब एटली अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में आए हैं, लेकिन इस बार उनका यह पोस्ट लोगों के दिलों को ज्यादा गहराई से छू गया है। एटली इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘राका’ को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं, जिसमें बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट और स्टार कास्ट को लेकर पहले ही जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अल्लू अर्जुन के साथ उनकी इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खासा बज बना हुआ है, और हाल ही में इसका पोस्टर भी जारी किया गया था, जिसने फिल्म को लेकर उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। लेकिन इस बीच उनकी बेटी के नाम की घोषणा ने उनके जीवन के एक नए और भावनात्मक अध्याय को दुनिया के सामने ला दिया है, जिसने उनके प्रशंसकों को भी खुशी से भर दिया है।
पुरानी दोस्ती और यादों में खोए असम सीएम: हिमंत बिस्वा सरमा की पोस्ट ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में अपने जीवन के पुराने और यादगार पलों को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट डाली, जिसने व्यापक रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने कॉलेज और युवा दिनों की उन यादों को ताजा किया, जब वे अपने दोस्तों के साथ बिना किसी जिम्मेदारी के जीवन को खुलकर जीते थे। मुख्यमंत्री ने एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वह और उनके दोस्त उन पलों को पहले ही जी चुके थे, जिन्हें बाद में लोकप्रिय फिल्म ‘दिल चाहता है’ में दर्शाया गया। इस बयान ने न केवल उनके समर्थकों बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया। उन्होंने अपने संदेश में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का सबसे खूबसूरत समय वह होता है जब व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ नई जगहों को देखता है, यात्रा करता है और ऐसे अनुभव जुटाता है जो हमेशा याद रहते हैं। उनके अनुसार यह समय फिर वापस नहीं आता, इसलिए इसे पूरी तरह जीना चाहिए और यादों में संजोना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी ने एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया, क्योंकि यह संदेश आज की व्यस्त और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में संतुलन और रिश्तों के महत्व को उजागर करता है। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, जहां कई लोगों ने उनकी भावनाओं से सहमति जताई और इसे दोस्ती की सच्ची भावना का प्रतीक बताया। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में भी प्रतिक्रिया दी, जिससे यह पोस्ट और अधिक चर्चाओं में आ गई। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि यह देखना दिलचस्प है कि एक उच्च पद पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति अपने पुराने दिनों और दोस्तों को इतने सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के साथ याद करता है। उनकी इस पोस्ट में जिस फिल्म ‘दिल चाहता है’ का उल्लेख किया गया, वह भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित फिल्म मानी जाती है, जिसने युवाओं की दोस्ती और जीवनशैली को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया था। इस फिल्म ने दोस्ती, आजादी और जीवन के अलग-अलग पड़ावों को बेहद वास्तविक और प्रभावशाली ढंग से दर्शाया था, जिसकी वजह से यह आज भी युवाओं के बीच लोकप्रिय बनी हुई है। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री की यह पोस्ट केवल एक व्यक्तिगत स्मृति नहीं रही, बल्कि इसने लोगों को अपने पुराने दिनों और रिश्तों को याद करने पर मजबूर कर दिया। यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई कि कैसे सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी व्यक्तिगत यादें और भावनाएं लोगों से गहरा जुड़ाव बना सकती हैं और सोशल मीडिया पर सकारात्मक संवाद को जन्म दे सकती हैं।
गंगा दशहरा 2026: जानें सही तिथि, ब्रह्म मुहूर्त और स्नान-दान का शुभ समय

नई दिल्ली। गंगा दशहरा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी पर्व माना जाता है, जिसे हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आगमन होता है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि का आरंभ 25 मई 2026, सोमवार को सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर होगा और यह तिथि 26 मई मंगलवार को सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इस वर्ष गंगा दशहरा 25 मई को ही मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु सुबह से ही पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं और भगवान शिव तथा मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में ब्रह्म मुहूर्त को अत्यंत शुभ माना गया है। गंगा दशहरा 2026 पर स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट तक श्रेष्ठ रहेगा। इस अवधि में स्नान करने और दान देने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा भी सुबह के अन्य शुभ मुहूर्तों में स्नान-दान किया जा सकता है। इस पावन अवसर पर लोग गंगा स्नान के साथ-साथ जरूरतमंदों को जल, फल, वस्त्र और अन्न का दान करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि गंगा दशहरा के दिन किया गया छोटा सा पुण्य कार्य भी कई जन्मों के पापों को समाप्त करने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि यह पर्व देशभर में अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक भी माना जाता है, जो मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा और नए जीवन की दिशा प्रदान करता है।
फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव साझा करतीं त्रिधा चौधरी: पहचान बनाने के लिए करना पड़ता है संघर्ष

नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले नए कलाकारों के लिए सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। पहचान बनाने की दौड़ में कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं और परिस्थितियों के अनुसार समझौते भी करने पड़ते हैं। इसी विषय पर अभिनेत्री त्रिधा चौधरी ने हाल ही में अपने अनुभव साझा करते हुए इंडस्ट्री की हकीकत पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री जरूर बदली है, लेकिन शुरुआती दौर में संघर्ष और समझौते आज भी वास्तविकता का हिस्सा हैं। त्रिधा चौधरी ने बताया कि आज के समय में नए कलाकार पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो गए हैं और किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले उसके हर पहलू को समझने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि अब कलाकार केवल उत्साह में आकर निर्णय नहीं लेते, बल्कि करियर के दीर्घकालिक प्रभावों को ध्यान में रखकर सोच-समझकर कदम उठाते हैं। इसके बावजूद शुरुआती दौर में कई बार ऐसे हालात बनते हैं जहां उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। अपने निजी अनुभव साझा करते हुए त्रिधा ने कहा कि उन्होंने कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम किया है, जहां कई बार उन्हें अपनी फीस में भी समझौता करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमेशा मजबूरी नहीं होती, बल्कि कई बार अनुभव, अवसर और बड़े बैनर के साथ काम करने की सीख को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया जाता है। उनके अनुसार बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना करियर को मजबूत करने में मदद करता है, भले ही शुरुआती चरण में कुछ समझौते करने पड़ें। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार कलाकारों को तय समय से अधिक काम करना पड़ता है, लेकिन इसे इंडस्ट्री का हिस्सा माना जाता है। नए कलाकारों के लिए यह अनुभव सीखने का अवसर भी बन जाता है, क्योंकि बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने से उन्हें प्रोफेशनल माहौल को समझने का मौका मिलता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जो नए कलाकारों को शोषण जैसी लग सकती हैं, खासकर जब वे इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे होते हैं। त्रिधा चौधरी ने यह भी कहा कि बड़े बैनर और प्रोडक्शन हाउस कलाकारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल फिल्मों में काम का अवसर देते हैं, बल्कि प्रचार, पहचान और करियर को स्थिरता देने में भी मदद करते हैं। उनके अनुसार इंडस्ट्री का यह संतुलन समझना जरूरी है, जहां एक तरफ संघर्ष और समझौते हैं, वहीं दूसरी तरफ सीखने और आगे बढ़ने के अवसर भी मौजूद हैं। इन दिनों त्रिधा चौधरी अपनी नई फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह एक प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज और देश से जुड़े कई गंभीर विषयों को भी दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं और फिल्म को एक अलग गहराई देती हैं। कुल मिलाकर, त्रिधा चौधरी के इस बयान ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के उस पहलू को सामने रखा है जहां नए कलाकारों को अपने करियर की शुरुआत में संघर्ष, अवसर और समझौते—तीनों का सामना करना पड़ता है।
कान्स रेड कार्पेट पर चमकीं सनम सईद, मांगटीका और गजरे के साथ बना ग्लोबल फैशन मोमेंट

नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार एक ऐसा लुक देखने को मिला जिसने अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पाकिस्तानी अभिनेत्री सनम सईद ने जैसे ही रेड कार्पेट पर एंट्री ली, कैमरों की नजरें उन पर टिक गईं और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। उनका यह डेब्यू न केवल ग्लैमर का प्रदर्शन था, बल्कि पारंपरिक और आधुनिक फैशन के अनोखे मेल का भी एक खूबसूरत उदाहरण बन गया। सनम सईद ने इस खास मौके पर ऑफ-व्हाइट और ब्लू शेड की एक बैकलेस हैल्टर नेक ड्रेस पहनी, जिसमें सिल्वर एम्बेलिशमेंट और मिरर वर्क की बारीक कारीगरी की गई थी। फ्लोई डिजाइन और लेयर्ड सिल्हूट ने उनके पूरे लुक को एक रॉयल और ग्रेसफुल अपील दी। यह आउटफिट न सिर्फ ग्लैमर से भरपूर था, बल्कि इसमें भारतीय उपमहाद्वीप की पारंपरिक कढ़ाई की झलक भी साफ दिखाई दे रही थी, जिसने इसे और खास बना दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ड्रेस को तैयार करने में कई कारीगरों की महीनों की मेहनत शामिल रही। बारीक जरदोजी और हैंडवर्क ने इसे एक आर्ट पीस का रूप दिया, जिसे रेड कार्पेट के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया था। फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि यह लुक मॉडर्न ग्लोबल स्टाइल और ट्रेडिशनल क्राफ्ट का बेहतरीन संगम है, जिसने कान्स के मंच पर एक अलग पहचान बनाई। सनम सईद के लुक का सबसे आकर्षक हिस्सा उनकी स्टाइलिंग रही। उन्होंने अपने बालों को एक स्लीक बन में बांधा और उसमें सफेद फूलों का गजरा लगाया, जिसने उनके पूरे लुक में एक देसी और पारंपरिक चार्म जोड़ दिया। इसके साथ माथे पर सजा मांगटीका और स्टेटमेंट ईयर कफ ज्वेलरी ने उनके लुक को पूरी तरह से रॉयल टच दिया। यह संयोजन पश्चिमी फैशन प्लेटफॉर्म पर भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्य की एक मजबूत प्रस्तुति के रूप में देखा जा रहा है। मेकअप के मामले में भी उन्होंने सादगी और एलिगेंस को चुना। न्यूड बेस, सॉफ्ट ब्राउन स्मोकी आईज और न्यूड लिप शेड ने उनके फीचर्स को उभारते हुए लुक को संतुलित बनाए रखा। उनका यह सॉफ्ट ग्लैम स्टाइल पूरे आउटफिट की भव्यता के साथ पूरी तरह मेल खा रहा था, जिससे उनका व्यक्तित्व और भी प्रभावशाली नजर आया। रेड कार्पेट पर उनकी मौजूदगी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए। फैशन प्रेमियों और दर्शकों ने उनके देसी-रॉयल लुक की जमकर सराहना की। कई लोगों ने इसे कान्स के सबसे यादगार फैशन मोमेंट्स में से एक बताया। हर तस्वीर में उनका आत्मविश्वास और ग्रेस साफ झलक रहा था, जिसने उन्हें वैश्विक फैशन चर्चा का केंद्र बना दिया। कुल मिलाकर, सनम सईद का यह कान्स डेब्यू न केवल उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि कैसे पारंपरिक और आधुनिक फैशन को मिलाकर एक नया वैश्विक स्टाइल स्टेटमेंट तैयार किया जा सकता है।
अदिति राव हैदरी का कान्स 2026 लुक वायरल, हाई स्लिट गाउन में बिखेरा ग्लैमर

नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार भी भारतीय सितारों ने अपनी मौजूदगी से खास पहचान बनाई है। इसी बीच अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने अपने बेहद ग्लैमरस और स्टाइलिश लुक से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पहले दिन पारंपरिक साड़ी में नजर आने के बाद, अदिति ने अपने दूसरे लुक में ऐसा अंदाज अपनाया जिसने रेड कार्पेट पर फैशन प्रेमियों को प्रभावित कर दिया। अदिति राव हैदरी इस बार नियॉन मेटैलिक ग्रीन वन-शोल्डर गाउन में नजर आईं, जो अपनी डिजाइन और चमकदार फिनिश के कारण तुरंत चर्चा में आ गया। हाई स्लिट डिजाइन वाले इस गाउन ने उनके लुक में बोल्डनेस और एलिगेंस का बेहतरीन संतुलन पेश किया। वहीं पीछे लगी लंबी केप ने उनके पूरे लुक को रॉयल टच दिया, जिससे उनका अंदाज और भी प्रभावशाली नजर आया। यह खास आउटफिट मशहूर डिजाइनर के स्प्रिंग और समर कलेक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसे रेड कार्पेट की भव्यता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था। गाउन का मेटैलिक टोन और अनोखा कट अदिति के व्यक्तित्व के साथ पूरी तरह मेल खा रहा था, जिससे उनका लुक फोटोग्राफर्स और दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया। अदिति के इस लुक को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे पुराने हॉलीवुड ग्लैमर से जोड़कर देखा। हालांकि उन्होंने इस ग्लैमर को आधुनिक फैशन टच के साथ पेश किया, जिससे उनका स्टाइल और भी यूनिक बन गया। उनके इस अवतार में आत्मविश्वास और सादगी दोनों का सुंदर मिश्रण देखने को मिला, जिसने फैशन प्रेमियों को काफी प्रभावित किया। स्टाइलिंग के मामले में अदिति ने अपने लुक को काफी संतुलित रखा। उन्होंने भारी ज्वेलरी की बजाय एक सादे और एलिगेंट डायमंड नेकलेस को चुना, जिससे उनका गाउन और अधिक उभरकर सामने आया। हल्का मेकअप और गोल्डन फुटवियर ने उनके पूरे लुक को परफेक्ट फिनिश दिया, जिससे वह रेड कार्पेट पर एक रॉयल अपीयरेंस देती नजर आईं। सोशल मीडिया पर अदिति राव हैदरी के इस लुक की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस उनके फैशन सेंस, ग्रेस और एलिगेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने उनके देसी और वेस्टर्न दोनों लुक्स को सराहा, जो उन्होंने इस इवेंट में पेश किए। कान्स फिल्म फेस्टिवल में अदिति का यह अंदाज एक बार फिर साबित करता है कि वह न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, बल्कि फैशन के मामले में भी एक मजबूत पहचान रखती हैं। उनका यह ग्रीन गाउन लुक लंबे समय तक कान्स 2026 के यादगार फैशन मोमेंट्स में शामिल रहेगा।
आरती के दौरान विवाद बढ़ा, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने उठाया कदम

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर आरती के दौरान अचानक ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसने पूरे परिसर का माहौल तनावपूर्ण कर दिया। किन्नर अखाड़े की तेलंगाना शाखा की महामंडलेश्वर साध्वी काली नंद गिरी और मंदिर के पुजारियों व सुरक्षा कर्मियों के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, साध्वी काली नंद गिरी दोपहर 12 बजे की आरती में शामिल होने मंदिर पहुंची थीं। आरती के दौरान भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें किनारे हटने के लिए कहा गया, ताकि अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिल सके। इसी बात को लेकर साध्वी आक्रोशित हो गईं और मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद साध्वी ने विरोध स्वरूप अपनी कार से पेट्रोल लाकर खुद पर डाल लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। यह देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कारणों से एक गेट को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया, जबकि दूसरे गेट से दर्शन व्यवस्था जारी रखी गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई और जीवाजीगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए साध्वी को समझाइश दी और उन्हें थाने ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि आरती के दौरान भारी भीड़ थी और केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए साध्वी से थोड़ा किनारे होने का अनुरोध किया गया था। इसी साधारण व्यवस्था संबंधी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किन परिस्थितियों में इतना गंभीर हुआ। प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार में परफॉर्मेंस रिव्यू मीटिंग, आज तय होंगे कामकाज के नए फोकस

मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के ढाई साल पूरे होने से ठीक पहले आज भोपाल में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होने जा रही है, जिसमें मंत्रियों के कामकाज का विस्तृत आकलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व कार्यालय में मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के गठन (दिसंबर 2023) से लेकर अब तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन करना और आने वाले ढाई साल के लिए नए लक्ष्य तय करना है। हर मंत्री को अपने विभाग का पूरा रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें उपलब्धियां और अधूरे कार्य दोनों शामिल रहेंगे। बैठक में सबसे पहले प्रभार वाले जिलों में विभिन्न समितियों के गठन की स्थिति पर सवाल उठाए जाएंगे। दिशा समिति, जनभागीदारी समिति, जिला स्तरीय समन्वय समिति और मॉनिटरिंग कमेटी जैसी व्यवस्थाओं के गठन और उनके कामकाज की समीक्षा की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि कौन सी समितियां सक्रिय हैं और कौन सी अब तक अधूरी हैं। इसके अलावा मंत्रियों से उनके प्रभार वाले क्षेत्रों और स्वयं की विधानसभा सीटों की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होगी। खासकर हारी हुई सीटों पर संगठन की रणनीति, बूथ स्तर की स्थिति और विपक्ष की गतिविधियों पर फोकस रहेगा। बैठक में यह भी पूछा जाएगा कि मंत्रियों ने अपने विभागों में किन समस्याओं का सामना किया, कौन सी नई पहल की और कहां सुधार की जरूरत है। कुछ मंत्री अफसरों की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतें भी रख सकते हैं। आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारियों की समीक्षा होगी। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उनके जिलों में चुनावी स्थिति कैसी है, कौन से क्षेत्र मजबूत हैं और किन जगहों पर रणनीति बदलने की जरूरत है। साथ ही प्रत्येक मंत्री से यह रिपोर्ट ली जाएगी कि मुख्यमंत्री संकल्प पत्र के तहत दिए गए लक्ष्यों में से कितने पूरे हुए हैं और कितने अभी लंबित हैं। निगम, मंडल और बोर्ड के साथ समन्वय की स्थिति भी जांची जाएगी। राज्यमंत्रियों के साथ कार्य विभाजन को लेकर भी स्पष्टता मांगी जाएगी कि कौन-कौन से कार्य कैबिनेट स्तर पर देखे जा रहे हैं और कौन से राज्यमंत्री संभाल रहे हैं। बैठक में मंत्रियों के दौरे, जनसंपर्क, विकास कार्यों की समीक्षा और प्रमुख योजनाओं जैसे लाड़ली बहना, किसान कल्याण, गृह प्रवेश योजना आदि में उनकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा होगी। अंत में प्रभार वाले जिलों की प्रमुख समस्याओं जैसे जल संकट, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पर समाधान की रणनीति भी प्रस्तुत करनी होगी। यह बैठक सरकार के अगले ढाई साल की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
नया वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ दुनिया बढ़ रही है, अमेरिका-इजरायल दबाव बेअसर होगा: ईरान का बड़ा दावा, गालिबाफ ने दिया सख्त संदेश

नई दिल्ली। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि दुनिया अब एक नए वैश्विक व्यवस्था (New World Order) की ओर बढ़ रही है और पश्चिमी देशों का दबदबा तेजी से कमजोर हो रहा है। गालिबाफ ने दावा किया कि भविष्य अब ग्लोबल साउथ और विकासशील देशों का होगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने हाल के समय में अमेरिका और इजरायल के दबाव के खिलाफ जो प्रतिरोध दिखाया है, उसने इस वैश्विक बदलाव की गति को और तेज कर दिया है। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बयान का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया में ऐतिहासिक बदलाव हो रहा है और शक्ति का संतुलन बदल रहा है। गालिबाफ ने यह भी कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था अब पुराने ढांचे पर टिक नहीं सकती। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए गालिबाफ ने कहा कि ईरान का प्रतिरोध उस बदलाव का हिस्सा है, जो आने वाले समय में वैश्विक राजनीति को नई दिशा देगा। उनका दावा है कि अब वे देश आगे बढ़ेंगे जिन्हें पहले पश्चिमी प्रभाव में माना जाता था। The world stands at the cusp of a new order. As President Xi said “The transformation unseen in a century is accelerating across the globe,” and I emphasize that the Iranian nation’s 70-day resistance has accelerated this transformation. The future belongs to the Global South. — محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) May 16, 2026 यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक मंच पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव, व्यापार युद्ध और ताइवान जैसे मुद्दों को लेकर पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात में भी वैश्विक शक्ति संतुलन पर चर्चा हुई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का यह बयान सिर्फ राजनीतिक संदेश नहीं बल्कि पश्चिमी दबदबे को चुनौती देने की रणनीतिक कोशिश भी माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ सकता है।