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ट्रम्प का दावा- ईरान की कमर तोड़ी, जंग जल्द खत्म होगी: हमलों से तबाह हुए सैन्य ठिकाने, तेल संकट से दुनिया में मचा हड़कंप

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और सैन्य संघर्ष को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान उम्मीद से ज्यादा सफल रहा है और यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान में कई अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकाने तबाह हो चुके हैं और अब वहां हमला करने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है। ट्रम्प के मुताबिक शुरुआती सैन्य योजना करीब छह हफ्तों की थी, लेकिन अमेरिकी सेना ने तय समय से पहले ही कई बड़े लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। इधर युद्ध के असर से वैश्विक ऊर्जा बाजार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी International Energy Agency (IEA) ने घोषणा की है कि उसके 32 सदस्य देश अपने आपातकालीन भंडार से करीब 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करेंगे। एजेंसी के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol के अनुसार यह फैसला तेल आपूर्ति में आई भारी बाधा को कम करने के लिए लिया गया है। 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद फारस की खाड़ी का अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की आपूर्ति होती है। बताया जा रहा है कि युद्ध के बाद इस मार्ग से तेल निर्यात पहले के मुकाबले 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है। दूसरी ओर ईरान ने भी युद्ध के गंभीर मानवीय नुकसान का दावा किया है। ईरान के शिक्षा मंत्री Alireza Kazemi ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में अब तक 206 छात्र और शिक्षक मारे गए हैं और 161 लोग घायल हुए हैं। वहीं मीनाब शहर के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए मिसाइल हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई है। इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। युद्ध के कारण तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें 21 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोल की औसत कीमत 3.58 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जबकि डीजल भी तेजी से महंगा हुआ है। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ईरान के सैन्य अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे Strait of Hormuz को बंद भी कर सकते हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ेगा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कई देशों में सुरक्षा और कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। स्पेन ने इजराइल से अपना राजदूत वापस बुला लिया है, जबकि क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कुल मिलाकर यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक असर वाला संकट बनता जा रहा है।

भोपाल: राष्ट्रीय स्तर के हारमोनियम वादक ने की खुदकुशी; नाबालिग मंगेतर से रेप केस में जेल से आने के बाद था तनाव में, पिता की प्रतिष्ठा का था गम

भोपाल। राजधानी के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली हारमोनियम वादक विवेक तिवारी (24) ने मंगलवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। विवेक हाल ही में अपनी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था। बुधवार सुबह अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रतिष्ठा का बोझ: पुजारी पिता और ‘राष्ट्रीय सम्मान’ का सायाविवेक तिवारी केवल एक सामान्य युवक नहीं था, बल्कि हारमोनियम वादन में उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका था।विवेक के पिता गांव के मंदिर में पुजारी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि विवेक इस बात को लेकर गहरे मानसिक तनाव में था कि उसके ऊपर लगे ‘रेप’ के आरोपों से उसके पुजारी पिता की समाज में प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।करीब 6 महीने जेल में रहने के बाद विवेक मात्र 20 दिन पहले ही रिहा हुआ था। घर लौटने के बाद से ही वह गुमसुम और तनावग्रस्त रहने लगा था।यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब नवंबर 2025 में विवेक के खिलाफ उसकी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ। दोनों परिवारों के बीच सहमति थी कि लड़की के बालिग होते ही दोनों का विवाह कर दिया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही मामला पुलिस तक पहुँच गया। पारिवारिक विवाद रेप की शिकायत के बाद जब पीड़िता के माता-पिता विवेक के घर पहुँचे, तो वहां जमकर विवाद हुआ। इस दौरान विवेक की माँ और बहन पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी मामला दर्ज किया गया था। पुलिस कार्रवाई: सुसाइड नोट गायब, कमरा सीलबिलखिरिया टीआई उमेश चौहान के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।पुलिस ने विवेक के कमरे को सील कर दिया है और एफएसएल (FSL) टीम की मौजूदगी में कमरे की विस्तृत तलाशी ली जाएगी।फिलहाल परिजनों की स्थिति बयान देने योग्य नहीं है। पुलिस जल्द ही उनके और पीड़िता के परिवार के विस्तृत बयान दर्ज कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि करेगी।

सुबह उठते ही महसूस होती है कमजोरी? शरीर में हो सकती है इन पोषक तत्वों की कमी, डाइट में तुरंत करें बदलाव

नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में कई लोग सुबह उठते ही थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस करते हैं। कई बार लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर आयरन की कमी यानी एनीमिया इसके प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तो खून में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर शरीर के अंगों और मांसपेशियों को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे व्यक्ति को सुबह उठते ही थकान, चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगती है। यह समस्या विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं में तेजी से बढ़ती देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खान पान और संतुलित डाइट के जरिए इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। इसके लिए कुछ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को रोजाना के आहार में शामिल करना जरूरी है। गुड़ और मूंगफली गुड़ आयरन का एक सस्ता और प्रभावी स्रोत माना जाता है। रोजाना थोड़ा सा गुड़ चने या मूंगफली के साथ खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और खून की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। हरी पत्तेदार सब्जियां पालक, मेथी और बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन और फाइबर से भरपूर होती हैं। इन्हें नियमित रूप से खाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।दालें और चने काले चने, राजमा और उड़द की दाल प्रोटीन के साथ साथ आयरन का भी अच्छा स्रोत हैं। इन्हें अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और कमजोरी दूर होती है। तिल का सेवन काले और सफेद तिल दोनों ही आयरन से भरपूर होते हैं। तिल के लड्डू या चटनी का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और खून की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। विटामिन सी का महत्व विशेषज्ञों का कहना है कि केवल आयरन युक्त भोजन करना ही पर्याप्त नहीं होता। शरीर में आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन सी की भी जरूरत होती है। इसलिए आयरन युक्त भोजन के साथ नींबू, संतरा या आंवला जैसे विटामिन सी से भरपूर फल जरूर खाने चाहिए। यदि आपको लगातार सुबह उठते समय कमजोरी, चक्कर या थकान महसूस होती है तो इसे नजरअंदाज न करें। अपनी डाइट में पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेकर खून की जांच भी करवाएं। स्वस्थ शरीर ही बेहतर और सफल जीवन की नींव होता है।

चैत्र नवरात्रि 2026: जानिए 9 दिनों में किस दिन कौन सा रंग पहनना है शुभ, पूरी लिस्ट यहां देखें

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं पूजा अर्चना करते हैं और मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन एक विशेष रंग पहनने की परंपरा भी है। माना जाता है कि उस दिन से जुड़े शुभ रंग को पहनने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवरात्रि का पहला दिन सफेद नवरात्रि के पहले दिन का रंग सफेद माना जाता है। यह पवित्रता शांति और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं। दूसरा दिन लाल नवरात्रि के दूसरे दिन लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग प्रेम शक्ति और उत्साह का प्रतीक है। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है जो तपस्या और भक्ति की देवी मानी जाती हैं।तीसरा दिन रॉयल ब्लू तीसरे दिन का रंग रॉयल ब्लू होता है। यह दिव्य ऊर्जा स्थिरता और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है जिनका स्वरूप साहस और वीरता का प्रतीक है। चौथा दिन पीला नवरात्रि के चौथे दिन पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह उत्साह उल्लास और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन देवी कुष्मांडा की पूजा की जाती है जिन्हें ब्रह्मांड की सृष्टि करने वाली देवी माना जाता है। पाँचवाँ दिन हरा पाँचवें दिन का रंग हरा होता है जो उर्वरता विकास और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन देवी स्कंदमाता की पूजा की जाती है जो भगवान कार्तिकेय की माता हैं। छठवाँ दिन ग्रे छठे दिन स्लेटी यानी ग्रे रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह संतुलन शक्ति और धैर्य का प्रतीक है। इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है जिन्हें शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। सातवाँ दिन नारंगी सातवें दिन का रंग नारंगी है जो ऊर्जा उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी कालरात्रि की पूजा की जाती है जो दुर्गा का उग्र रूप मानी जाती हैं और बुराई का नाश करती हैं। आठवाँ दिन पीकॉक ग्रीन आठवें दिन का रंग पीकॉक ग्रीन यानी मोर हरा होता है। यह सुंदरता शालीनता और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है जिन्हें पवित्रता और शांति की देवी माना जाता है। नौवाँ दिन गुलाबी नवरात्रि के अंतिम दिन गुलाबी रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह प्रेम करुणा और सद्भाव का प्रतीक है। इस दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है जो भक्तों को ज्ञान सिद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं। इस प्रकार नवरात्रि के नौ दिनों में निर्धारित रंग पहनकर मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति सकारात्मक ऊर्जा और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

मध्य प्रदेश: जीतू पटवारी ने जल संसाधन विभाग में टेंडर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, 15 दिन में कार्रवाई का अल्टीमेटम

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को जल संसाधन विभाग (WRD) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा किया। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर केवल ‘ठेकेदारी और कमीशन’ का खेल चल रहा है। उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस सबूतों के साथ CBI के पास जाएगी। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा, “सरकार इसे ‘कृषि वर्ष’ कह रही है, जबकि यह ‘कमीशन वर्ष’ है। कल ही सरकार ने 5800 करोड़ का कर्ज लिया है, लेकिन पैसा किसानों के पास नहीं, बल्कि चहेते ठेकेदारों की जेब में जा रहा है।” पांच प्रमुख आरोपटेंडर सिंडिकेट और गिनी-चुनी कंपनियों का कब्जा: पटवारी ने कहा कि बड़े टेंडरों में केवल फलोदी और गुप्ता कंस्ट्रक्शन जैसी कंपनियां ही दिखाई देती हैं। यह रोटेशन सिस्टम है, जिसमें कभी एक कंपनी L1 (सबसे कम बोली) बनती है और कभी दूसरी। प्रतिस्पर्धा खत्म कर दी गई है। दुबई कनेक्शन और मनी ट्रेल: पटवारी ने नौशाद और अश्विन नाटू का जिक्र किया। आरोप लगाया कि इनके माध्यम से मंत्रियों के रिश्तेदारों का दुबई में साझा व्यवसाय है, जो सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है। फर्जी बैंक गारंटी का महाघोटाला: विभाग में फर्जी बैंक गारंटी जमा कर ठेकेदार करोड़ों का एडवांस ले रहे हैं। जल निगम में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बावजूद e-BG सिस्टम लागू नहीं किया गया। भाजपा कार्यालय और केन-बेतवा लिंक: केन-बेतवा प्रोजेक्ट का ठेका उस नागार्जुन कंपनी को दिया गया है जो भाजपा का दफ्तर बना रही है। पटवारी ने कहा, “पार्टी दफ्तर बनाओ, कमीशन दो और फिर मर्जी से काम करो या लटका दो।” तकनीकी धोखाधड़ी: जमीन पर सस्ते HDPE पाइप डाले गए और कागजों में महंगे DI पाइप दिखाकर करोड़ों का भुगतान निकलवाया गया। पटवारी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर नौशाद और अश्विन नाटू कौन हैं और क्या सरकार विभाग में जमा सभी बैंक गारंटियों की जांच कराएगी। पटवारी ने कहा कि यदि 15 दिन में स्वतंत्र ऑडिट और जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस दस्तावेजों के साथ CBI जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंचाई के रकबे का सरकारी आंकड़ा झूठा है और कांग्रेस खुद इसका सत्यापन कर सच सामने लाएगी।

SHAHDOLACCIDENT: शहडोल में सड़क हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दंपति की मौत, पुत्री गंभीर घायल

  SHAHDOLACCIDENT: शहडोल । मध्यप्रदेश शहडोल जिले के केशवाही थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें बाइक सवार दंपति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और हड़कंप का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना केशवाही थाना क्षेत्र के मझौली गांव के पास उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार अज्ञात बड़े वाहन ने पीछे से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में बाइक चला रहे लल्लू बैगा और उनकी पत्नी सरस्वती बैगा को गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनकी पुत्री सोहनी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद मृतक दंपति के शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिवार में इस हादसे के बाद मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि दंपति मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे और अचानक हुए इस हादसे से पूरा गांव स्तब्ध है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं, दो वार्डों के रहवासी प्रभावित:CMO ने कचरा शिफ्ट करने और मशीन लगाने का दिया आश्वासन

नई दिल्ली। पिपरिया के शांतिवन डंपिंग यार्ड से उठने वाला धुआं राजेंद्र वार्ड और महाराणा प्रताप वार्ड के निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। साड़िया रोड स्थित इस यार्ड में वर्षों से नगर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है, और खुले में पड़े कचरे में आग लगने से जहरीला धुआं निकल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट जलने से हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। परिवारों ने बच्चों में लगातार खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है। नागरिकों का यह भी कहना है कि कचरा निष्पादन केंद्र पर पूर्व में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन इसका प्रभावी संचालन नहीं हो रहा है। वार्डवासियों ने प्रशासन से खुले में कचरा जलाने पर तत्काल रोक लगाने, वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था लागू करने और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि सौंदर्यीकरण योजनाओं से पहले स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। स्थाई समाधान करेंगेइस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आरपी नायक ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और डंप कचरे के किनारे पानी की नली बनवाई गई है। उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए जमाडा में चार एकड़ जमीन लेने की जानकारी दी, जहां शांतिवन का कचरा शिफ्ट किया जाएगा। कचरे के निष्पादन के लिए एक मशीन भी मंगवाई गई है। सीएमओ नायक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलेगी।वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे और कचरा गाड़ियों को शांतिवन में जाने से रोकेंगे।

KHARGONE FIRE: खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत

  KHARGONE FIRE: खरगोन । मध्यप्रदेश खरगोन जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के ढेर में लगी आग को प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित कर लिया है। आग बुझाने के बाद भी कई दिनों तक कचरे से धुआं निकलता रहा जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसी बीच धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के बाद अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए दो वर्षीय बच्चे की मौत हो जाने से इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है। प्रशासन के अनुसार ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के बड़े ढेर में आग लगने से लगातार धुआं निकल रहा था जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आग पर काबू पाने और धुएं को समाप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू किए। कलेक्टर भव्या मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है। हालांकि सोमवार तक कचरे के ढेर से धुआं निकलता रहा जिसके कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार को धुएं को पूरी तरह खत्म करने के लिए आठ फायर टेंडर तैनात किए गए थे। इसके अलावा करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से कचरे को पलट पलटकर भीतर सुलग रही आग और धुएं को समाप्त करने का काम किया गया। आग और धुएं को नियंत्रित करने के लिए कचरे के ढेर पर फोम का भी छिड़काव किया गया। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद बीती रात तक धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। इसी दौरान धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर एक दो वर्षीय बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया था। दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और दुख का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और ट्रेंचिंग ग्राउंड से निकलने वाले धुएं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कचरा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र के लोगों से भी सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की अपील की है।

SUMMER GLOWUP: गर्मियों में भी रहेगा ग्लो बरकरार! बस रूटीन में करें ये 3 आसान बदलाव

  SUMMER GLOWUP: नई दिल्ली। गर्मियों की दस्तक के साथ ही त्वचा की परेशानियां भी सिर उठाने लगती हैं। तेज धूप, उमस और पसीने की वजह से चेहरा काला पड़ने लगता है और ऑयली स्किन वालों की समस्या दोगुनी हो जाती है। कई लोग महंगे क्रीम और फेसवॉश पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन सही रिजल्ट नहीं मिल पाता। दरअसल, गर्मियों में स्किन को खूबसूरत रखने का राज महंगे प्रोडक्ट्स में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में छिपा है। अगर आप अपनी डेली रूटीन में तीन छोटे लेकिन असरदार बदलाव कर लें, तो तपती धूप में भी चेहरा फ्रेश, साफ और चमकदार बना रह सकता है। चेहरा धोने का सही तरीका ही असली गेमचेंजर गर्मी में बार-बार चेहरा धोना आम आदत है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती भी साबित हो सकती है। जरूरत से ज्यादा फेसवॉश इस्तेमाल करने से त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे स्किन और ज्यादा ऑयली बन जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में दो से तीन बार माइल्ड फेसवॉश से चेहरा साफ करना काफी है। बाहर से आने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धोना या हल्के छींटे मारना धूल-मिट्टी और पसीना हटाने में मदद करता है। वहीं रात को सोने से पहले चेहरा जरूर साफ करें, ताकि त्वचा को सांस लेने का मौका मिले और पोर्स बंद न हों। women skin careधूप में निकलना हो या घर की खिड़की के पास बैठना-सूरज की यूवी किरणें हर जगह असर डालती हैं। यही किरणें टैनिंग, पिग्मेंटेशन और झुर्रियों का कारण बनती हैं। इसलिए सनस्क्रीन को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा वाली सनस्क्रीन को बाहर निकलने से 20 मिनट पहले लगाएं। खास बात यह है कि हर 3 से 4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है, खासकर अगर आप धूप में ज्यादा समय बिता रहे हों। यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर कालेपन और समय से पहले एजिंग से बचाती है। अंदर से ठंडक, बाहर से चमक सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि अंदर से शरीर को हाइड्रेट रखना भी उतना ही जरूरी है। गर्मियों में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, ताकि शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल सकें। अपनी डाइट में खीरा, तरबूज, संतरा और नींबू पानी जैसी चीजें शामिल करें, जो शरीर को ठंडक देती हैं। ज्यादा तेल-मसाले वाला और तला हुआ खाना कम करें, क्योंकि इससे पिंपल्स और ऑयली स्किन की समस्या बढ़ सकती है। जितना संतुलित और हल्का खानपान होगा, उतनी ही त्वचा प्राकृतिक रूप से दमकेगी। Tags:skincare tipssummer caresummer fashionsummer skin carewomen carewomen skin care

BHOPAL SUICIDE CASE: भोपाल: पत्नी को आखिरी कॉल कर कहा- ‘सब खत्म, अब मैं जा रहा हूँ’, फिर युवक ने लगा ली फांसी; मांडवा बस्ती में पसरा मातम

BHOPAL SUICIDE CASE: भोपाल। राजधानी के मांडवा बस्ती (IIFM के पास) में मंगलवार देर रात एक युवक ने मौत को गले लगा लिया। 24 वर्षीय राकेश खातेकर ने सुसाइड करने से ठीक पहले अपनी पत्नी को फोन किया और खौफनाक लहजे में कहा कि “मैं जा रहा हूँ… अब सब खत्म है।” जब तक परिजन और पत्नी कुछ समझ पाते और घर पहुँचते, राकेश फंदे पर झूल चुका था। कमला नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनाक्रम: मायके गई थी पत्नी, फोन पर दी ‘मौत की सूचना’ पुलिस जांच में सामने आया है कि राकेश की पत्नी सोमवार को अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। घर में राकेश अकेला था।मंगलवार रात का वो कॉल: देर रात राकेश ने अपनी पत्नी को फोन लगाया। बातचीत के दौरान उसने अचानक अपनी जीवनलीला समाप्त करने की बात कही। राकेश की बातें सुनकर घबराई पत्नी ने तुरंत भोपाल में रहने वाले अन्य रिश्तेदारों को फोन किया। परिजन आनन-फानन में मांडवा बस्ती स्थित घर पहुँचे, लेकिन अंदर का नजारा देख उनकी चीख निकल गई। राकेश का शव फंदे पर लटका हुआ था। जांच का दायरा: सुसाइड की वजह अब भी रहस्य कमला नगर पुलिस के अनुसार, राकेश ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है।पत्नी और परिजनों से शुरुआती पूछताछ में अब तक किसी ठोस विवाद की बात सामने नहीं आई है। राकेश ने फोन पर भी मौत की बात कही, लेकिन वजह का जिक्र नहीं किया।पुलिस सभी पहलुओं (मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी या पारिवारिक विवाद) से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए आत्महत्या की असली वजह तलाशने की कोशिश की जा रही है। मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma) भोपाल सुसाइड न्यूज़, कमला नगर थाना, मांडवा बस्ती सुसाइड, राकेश खातेकर भोपाल, आईआईएफएम भोपाल क्राइम, एमपी न्यूज़ अपडेट, पारिवारिक कलह, आखिरी कॉल सुसाइड।