गर्मियों में भी रहेगा ग्लो बरकरार! बस रूटीन में करें ये 3 आसान बदलाव

नई दिल्ली। गर्मियों की दस्तक के साथ ही त्वचा की परेशानियां भी सिर उठाने लगती हैं। तेज धूप, उमस और पसीने की वजह से चेहरा काला पड़ने लगता है और ऑयली स्किन वालों की समस्या दोगुनी हो जाती है। कई लोग महंगे क्रीम और फेसवॉश पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन सही रिजल्ट नहीं मिल पाता। दरअसल, गर्मियों में स्किन को खूबसूरत रखने का राज महंगे प्रोडक्ट्स में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में छिपा है। अगर आप अपनी डेली रूटीन में तीन छोटे लेकिन असरदार बदलाव कर लें, तो तपती धूप में भी चेहरा फ्रेश, साफ और चमकदार बना रह सकता है। चेहरा धोने का सही तरीका ही असली गेमचेंजरगर्मी में बार-बार चेहरा धोना आम आदत है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती भी साबित हो सकती है। जरूरत से ज्यादा फेसवॉश इस्तेमाल करने से त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे स्किन और ज्यादा ऑयली बन जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में दो से तीन बार माइल्ड फेसवॉश से चेहरा साफ करना काफी है। बाहर से आने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धोना या हल्के छींटे मारना धूल-मिट्टी और पसीना हटाने में मदद करता है। वहीं रात को सोने से पहले चेहरा जरूर साफ करें, ताकि त्वचा को सांस लेने का मौका मिले और पोर्स बंद न हों। women skin careधूप में निकलना हो या घर की खिड़की के पास बैठना-सूरज की यूवी किरणें हर जगह असर डालती हैं। यही किरणें टैनिंग, पिग्मेंटेशन और झुर्रियों का कारण बनती हैं। इसलिए सनस्क्रीन को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा वाली सनस्क्रीन को बाहर निकलने से 20 मिनट पहले लगाएं। खास बात यह है कि हर 3 से 4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है, खासकर अगर आप धूप में ज्यादा समय बिता रहे हों। यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर कालेपन और समय से पहले एजिंग से बचाती है। अंदर से ठंडक, बाहर से चमकसिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि अंदर से शरीर को हाइड्रेट रखना भी उतना ही जरूरी है। गर्मियों में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, ताकि शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल सकें। अपनी डाइट में खीरा, तरबूज, संतरा और नींबू पानी जैसी चीजें शामिल करें, जो शरीर को ठंडक देती हैं। ज्यादा तेल-मसाले वाला और तला हुआ खाना कम करें, क्योंकि इससे पिंपल्स और ऑयली स्किन की समस्या बढ़ सकती है। जितना संतुलित और हल्का खानपान होगा, उतनी ही त्वचा प्राकृतिक रूप से दमकेगी। Tags:skincare tipssummer caresummer fashionsummer skin carewomen carewomen skin care
Gudi Padwa 2026: मराठी लुक को रॉयल बनाएंगी ये खूबसूरत नथ डिजाइन्स, त्योहार पर ट्राई करें लेटेस्ट स्टाइल

नई दिल्ली । गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का एक प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि राज्य की समृद्ध संस्कृति परंपरा और फैशन का भी प्रतीक माना जाता है। इस खास अवसर पर महिलाएं पारंपरिक मराठी वेशभूषा जैसे पैठणी साड़ी या सिल्क साड़ी पहनती हैं और अपने लुक को पूरा करने के लिए पारंपरिक आभूषणों का विशेष ध्यान रखती हैं। महाराष्ट्रियन श्रृंगार में नथ का स्थान बेहद खास माना जाता है जो पूरे लुक को आकर्षक और रॉयल बना देती है। गुड़ी पड़वा के मौके पर महिलाएं अलग अलग प्रकार की नथ पहनकर अपने पारंपरिक लुक में चार चांद लगा सकती हैं। फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार आजकल पारंपरिक डिजाइन्स के साथ मॉडर्न स्टाइल का कॉम्बिनेशन भी काफी पसंद किया जा रहा है। पारंपरिक पेशवाई नथ पेशवाई नथ को मराठी नथ का सबसे पारंपरिक और रॉयल रूप माना जाता है। इसमें लाल और हरे रंग के नगों के साथ मोतियों का खूबसूरत काम किया जाता है। यदि आप गुड़ी पड़वा पर भारी काम वाली पैठणी साड़ी पहन रही हैं तो पेशवाई नथ आपके पूरे लुक को महारानी जैसा भव्य बना सकती है।स्लीक ब्राह्मणी नथ जो महिलाएं सादगी और एलिगेंस पसंद करती हैं उनके लिए ब्राह्मणी नथ एक बेहतरीन विकल्प है। यह डिजाइन थोड़ा लंबा और पतला होता है और इसमें छोटे छोटे मोतियों का काम किया जाता है। यह खासतौर पर सिल्क साड़ियों के साथ बहुत आकर्षक लगता है।डायमंड और पोलकी नथ आजकल पारंपरिक नथ डिजाइन्स में मॉडर्न टच भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। गोल्ड के साथ डायमंड या पोलकी वर्क वाली नथ युवतियों के बीच खासा ट्रेंड में है। यह डिजाइन हैवी मेकअप और फेस्टिव लुक के साथ बेहद स्टाइलिश दिखाई देता है। मोती जड़ाऊ नथ अगर आपकी साड़ी हल्के रंग की है तो सफेद मोतियों वाली जड़ाऊ नथ आपके लुक को और भी खूबसूरत बना सकती है। यह चेहरे पर एक फ्रेश और ब्राइट लुक देती है और पारंपरिक के साथ साथ एलिगेंट स्टाइल भी प्रदान करती है।क्लिप ऑन नथ आजकल उन लड़कियों के लिए भी कई विकल्प मौजूद हैं जिनकी नाक छिदी हुई नहीं है। क्लिप ऑन नथ को आसानी से पहना जा सकता है और यह दिखने में बिल्कुल असली नथ जैसी लगती है। इस वजह से यह युवतियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। इसके अलावा नथ चुनते समय चेहरे के आकार का भी ध्यान रखना जरूरी है। यदि आपका चेहरा गोल है तो थोड़ी लंबी नथ चुनना बेहतर माना जाता है जिससे चेहरा स्लिम दिखाई देता है। वहीं लंबे चेहरे वाली महिलाओं पर छोटी और गोल नथ ज्यादा अच्छी लगती है। गुड़ी पड़वा के इस खास अवसर पर सही नथ का चुनाव करके महिलाएं अपने पारंपरिक मराठी लुक को और भी आकर्षक और स्टाइलिश बना सकती हैं।
IPL 2026 के शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल जारी: 28 मार्च को RCB-SRH का ओपनिंग मुकाबला, एम चिन्नास्वामी में सुरक्षा पर विशेष ध्यान

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के पहले 20 मैचों का शेड्यूल बुधवार को आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस बार भी टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला 28 मार्च को बेंगलुरु के प्रतिष्ठित एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। बेंगलुरु का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पिछले साल RCB के पहले IPL खिताब के बाद हुई विक्ट्री परेड की वजह से सुर्खियों में आया था। 4 जून 2025 को हुई उस परेड के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मची थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और 33 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस कारण इस बार स्टेडियम में मैचों के लिए विशेष सुरक्षा और एक्सपर्ट निरीक्षण का इंतजाम किया जाएगा। कर्नाटक सरकार की एक्सपर्ट कमेटी 13 मार्च को मैदान का निरीक्षण करेगी, जिसके बाद ही ओपनिंग मुकाबले की अनुमति दी जाएगी। IPL 2026 के पहले फेज में 16 दिन में कुल 20 मैच खेले जाएंगे, जिनमें चार डबल हेडर शामिल हैं। मुंबई इंडियंस (MI) अपनी पांचवीं चैंपियन टीम के रूप में 29 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में अपना पहला मैच खेलेगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ गुवाहाटी में अपना अभियान शुरू करेगी। इस सीजन CSK में ऋतुराज गायकवाड की कप्तानी में संजू सैमसन भी खेलते दिखेंगे, जिन्होंने हाल ही में T20 वर्ल्ड कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता है। देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के कारण इस बार IPL की शुरुआत दो दिन टालकर 28 मार्च की गई है। इन चुनाव वाले राज्यों के प्रमुख स्टेडियम जैसे एमए चिदंबरम (चेन्नई), ईडन गार्डन्स (कोलकाता), बारसापारा स्टेडियम (गुवाहाटी) और एम चिन्नास्वामी (बेंगलुरु) में मैचों का संचालन किया जाएगा। चुनाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट के दूसरे फेज का शेड्यूल चुनावों के बाद जारी किया जाएगा। RCB ने पिछले सीजन के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार IPL खिताब जीता था। इसलिए परंपरा के अनुसार इस बार भी ओपनिंग मैच, क्वालिफायर-2 और फाइनल मुकाबला RCB के होम ग्राउंड एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार स्टेडियम के बाहर और भीतर अतिरिक्त पुलिस और भीड़ नियंत्रण प्रबंध करने का आदेश दिया है। विक्ट्री परेड में हुई दुर्घटना की याद को ध्यान में रखते हुए आयोजक और स्थानीय प्रशासन ने सभी सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा पूरी कर ली है। इस तरह IPL 2026 का आगाज न केवल रोमांचक मुकाबलों से होगा, बल्कि पिछले साल की घटनाओं से सीख लेकर सुरक्षा के सख्त इंतजामों के साथ होगा। खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी।
ग्वालियर में बेटे ने पिता और बेटी को बेरहमी से पीटा, गृहस्थी का सामान महिला मित्र के घर ले गया

ग्वालियर । ग्वालियर की पुरानी छावनी बाथम मोहल्ला में एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 72 वर्षीय रामदास तोमर और उनकी बेटी मोहिनी तोमर अपने ही बेटे राजेश तोमर की हिंसक हरकतों का शिकार बन गए। आरोप है कि राजेश ने अपनी महिला मित्र रेखा बाथम के लिए पूरे परिवार और गृहस्थी को जोखिम में डालते हुए घर से सभी कीमती सामान अपने साथ ले लिया और पिता-पुत्री को जमकर पीटा। रामदास तोमर ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनका बेटा राजेश शराब पीने का आदी बन चुका है और अक्सर घर में मारपीट करता है। उनकी बहू और बच्चों के साथ भी वह अक्सर मारपीट करता था। इस बार राजेश ने परिवार की गैरमौजूदगी में घर से पूरे गृहस्थी का सामान निकाल लिया। जब रामदास और उनकी बेटी मोहिनी सामान लेने उनके घर गए, तो राजेश ने उन्हें पीटा। इस दौरान उसकी महिला मित्र रेखा बाथम ने भी बेटी पर हमला किया। घटना के बाद पिता-पुत्री को मानसिक और शारीरिक चोटें आईं, और उन्हें स्थानीय पुलिस के पास शिकायत दर्ज करानी पड़ी। पुलिस ने बताया कि रेखा बाथम बाथम मोहल्ला में रहती है और राजेश उसका टेंपो चलाता है। घटना के समय रेखा के बच्चे और परिवार अपने गांव गए हुए थे, जिससे राजेश को मौका मिला और उसने रात के समय घर से दो बार सामान भरकर ले गया। केवल एक ड्रम और टब जैसी कुछ वस्तुएं छोड़ दी गईं। रामदास ने बताया कि राजेश की महिला मित्र के लिए अति लगाव ने उसे परिवार और जिम्मेदारियों से दूर कर दिया। अपने पिता और बेटी के साथ हिंसा करने के बाद राजेश ने गृहस्थी का सामान अपने प्रेम संबंध के घर पहुंचा दिया। पुलिस ने कहा कि इस मामले में पिता की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पुरानी छावनी थाना पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और उसकी महिला मित्र की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि परिवार और समाज दोनों सुरक्षित रह सकें। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना परिवारिक संबंधों में आए तनाव, अविवेकपूर्ण संबंध और व्यक्तिगत लालच का एक गंभीर उदाहरण है। इसके साथ ही यह समाज और समुदाय के लिए चेतावनी भी है कि अविवेकपूर्ण निर्णय और गलत संगति किस हद तक हिंसा और पारिवारिक विवाद में बदल सकते हैं।
भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई

नई दिल्ली। भोपाल नगर निगम ने कल्पना नगर स्थित कम्यूनिटी हॉल को लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। निगम को कॉलोनीवासियों द्वारा सूचना मिली थी कि इस भवन में अवैध रूप से मदरसा संचालित किया जा रहा है। शिकायत के बाद नगर निगम के जोन 15 के अमले और अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वार्ड 64 में स्थित कम्यूनिटी हॉल को खाली कराया। निगम अधिकारियों के अनुसार, कम्यूनिटी हॉल में मदरसा संचालित होने की जानकारी मिलने पर जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह ने संचालिका रूशदा सुल्तान को पहले नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद मदरसा संचालिका ने भवन खाली नहीं किया, जिसके बाद बुधवार को निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया और कम्यूनिटी हॉल को कब्जे से मुक्त करवा दिया। नगर निगम की इस कार्रवाई से कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि निगम ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं देगा और शहर में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक भवन पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जों को समाप्त करने के लिए बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भविष्य में भी निगम ऐसे मामलों पर सतर्कता बनाए रखेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल नगर निगम शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
भोपाल संभाग में डेवलपमेंट प्लान पर एसीएस की बैठक: पानी की समस्या और नगरीय विकास पर जोर, विधायकों ने ग्रीष्मकालीन पानी संकट उजागर किया

भोपाल। भोपाल संभाग की विकास योजनाओं और शासकीय नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को कमिश्नर ऑफिस में अहम बैठक की। बैठक में संभाग के विभिन्न जिलों से जुड़े कलेक्टर, जिपं सीईओ और विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्य चर्चा का केंद्र पानी से जुड़े मुद्दे, पेयजल आपूर्ति, अधोसंरचना विकास और स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग रहा। बैठक में भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी, सांची विधायक प्रभुराम चौधरी, शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा और बैरसिया विधायक विष्णु खत्री उपस्थित रहे। अन्य जिलों के विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। एसीएस शुक्ला ने पानी आपूर्ति, नल-जल योजना और जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि समूह पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना प्राथमिकता होनी चाहिए। शुक्ला ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और विधायकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें और उनके द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए शुक्ला ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और आंगनवाड़ियों की संचालन मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। किसी भी कमी या अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। अधोसंरचना और नगरीय विकास के तहत, उन्होंने अमृत-2.0 योजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों और सार्वजनिक ढांचों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में न छोड़ा जाए। शहरों की बाहरी सीमाओं पर बहुद्देश्यीय विकास परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि शहरी विकास नियोजित रूप में हो। बैठक में दोहरा प्रभार वाले अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे संबंधित कार्यस्थलों पर नियमित समीक्षा के लिए उपस्थित रहें और किसी प्रकार की बाधा रोकें। साथ ही, बांधों और अधिग्रहीत भूमि का शीघ्र नामांतरण संबंधित विभागों के नाम करने के निर्देश भी दिए गए। एसीएस शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शहरों के विकास और नागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अनिवार्य है। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली

भोपाल। भोपाल नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कल्पना नगर स्थित एक कम्यूनिटी हॉल को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई कॉलोनीवासियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सामुदायिक उपयोग के लिए बने इस भवन पर कब्जा कर वहां मदरसे का संचालन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह मामला वार्ड क्रमांक 64 के कल्पना नगर इलाके का है, जहां लंबे समय से कम्यूनिटी हॉल में निजी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को लिखित शिकायत देकर बताया था कि जिस भवन का उपयोग क्षेत्र के सामाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, वहां अवैध रूप से मदरसा चलाया जा रहा है, जिससे कॉलोनीवासियों को असुविधा हो रही है। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के जोन क्रमांक 15 के अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित संचालिका को भवन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह की ओर से संचालिका रूशदा सुल्तान को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कम्यूनिटी हॉल से तत्काल सामान हटाकर भवन खाली कर दिया जाए। हालांकि तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब भवन खाली नहीं किया गया तो निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। बुधवार को अतिक्रमण निरोधक दस्ते और जोन क्रमांक 15 के अमले ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने कम्यूनिटी हॉल में रखा सामान हटवाया और भवन को पूरी तरह खाली कराकर नगर निगम के कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक भवनों का उपयोग केवल सार्वजनिक और सामाजिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन भवनों का निजी उपयोग करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों की लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि सामुदायिक भवनों का उपयोग उनके वास्तविक उद्देश्य के अनुसार ही हो सके।
महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा ने बॉयफ्रेंड फरमान से रचाई शादी: केरल मंदिर में लिए फेरे, परिवार से खतरे के चलते पुलिस से मांगी सुरक्षा

नई दिल्ली। महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली युवती मोनालिसा भोंसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी निजी जिंदगी को लेकर है। मोनालिसा ने केरल में अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान के साथ मंदिर में शादी कर ली है। शादी से पहले दोनों तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचे और सुरक्षा की मांग की। मोनालिसा ने पुलिस को बताया कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से फरमान के साथ शादी कर रही हैं, लेकिन उन्हें अपने परिवार से खतरा है, खासकर पिता जबरन उन्हें वापस घर ले जाना चाहते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों ने बयान दिया कि वे पिछले कुछ महीनों से एक-दूसरे को जानते हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। इसके बाद दोनों ने मंदिर में सादगी से शादी कर ली। बताया जा रहा है कि मोनालिसा इन दिनों अपनी डेब्यू फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” की शूटिंग के सिलसिले में केरल आई हुई थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात फरमान खान से हुई। दोनों फिल्म से जुड़े काम के दौरान करीब आए और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। फरमान खान के मुताबिक शुरुआत में उन्होंने रिश्ते को लेकर हिचक दिखाई थी, लेकिन बाद में दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और शादी करने का फैसला कर लिया। मोनालिसा ने बताया कि उनके परिवार वाले गांव में ही किसी अन्य व्यक्ति से उनकी शादी कराना चाहते थे, जो उन्हें मंजूर नहीं था। इसी वजह से उन्होंने अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी दबाव में नहीं हैं और अपनी इच्छा से फरमान के साथ नई जिंदगी शुरू कर रही हैं। हालांकि इस शादी के बाद विवाद भी खड़ा हो गया है। मोनालिसा को फिल्म में मौका देने वाले फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए इस पूरे मामले को “लव जिहाद” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस लड़की को उन्होंने मौका देने के लिए कर्ज लेकर फिल्म बनाई, उसने अचानक शादी कर उनके सपनों को तोड़ दिया। हालांकि इस मामले में मोनालिसा या फरमान की ओर से निर्देशक के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि मोनालिसा भोंसले को पहचान प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान मिली थी। वह अपने परिवार के साथ वहां रुद्राक्ष की माला बेचने गई थीं। इसी दौरान एक कंटेंट क्रिएटर ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो तेजी से वायरल हो गया। उनकी मुस्कान और सादगी लोगों को इतनी पसंद आई कि वह देखते ही देखते इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। बाद में बढ़ती भीड़ और परेशानी के कारण वह महाकुंभ छोड़कर घर लौट आई थीं, लेकिन उसी वायरल वीडियो ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी और उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिल गया। अब उनकी शादी की खबर ने एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
भोपाल के 6 अस्पतालों पर 'तालाबंदी' की तलवार: 1 अप्रैल से संचालन पर रोक की चेतावनी; बिना रिन्यूअल इलाज करने पर होगी कानूनी स्ट्राइक

भोपाल। राजधानी भोपाल में लाइसेंस नवीनीकरण (Renewal) की अनदेखी करने वाले निजी अस्पतालों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय ने शहर के 6 प्रमुख अस्पतालों को कड़ा नोटिस जारी करते हुए अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि 31 मार्च 2026 तक इन अस्पतालों ने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया, तो 1 अप्रैल से इनका संचालन पूरी तरह अवैध माना जाएगा और इन्हें सील करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इन 6 अस्पतालों की बढ़ी मुश्किलें: नोटिस की लिस्टस्वास्थ्य विभाग की रडार पर आए इन अस्पतालों ने तय समय-सीमा में आवेदन नहीं किया थाजहरा अस्पताल: लालघाटी चौराहा।सरदार पटेल अस्पताल: मोतिया तालाब रोड।राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर: कैपिटल पेट्रोल पंप के पास।हेल्थ केयर हॉस्पिटल: बीडीए कॉलोनी, गोदरमऊ (गांधीनगर)।भगवती गौतम अस्पताल: दानिश कुंज, कोलार रोड।सचिन ममता अस्पताल: सोनागिरी, पिपलानी। लापरवाही भारी: ढाई महीने की मोहलत, फिर भी नहीं जागे संचालकसीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार, निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को एनएचएस (NHS) पोर्टल पर आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का पर्याप्त समय दिया गया था।नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन: मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के तहत बिना वैध पंजीयन के किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्था का संचालन नियमों के खिलाफ है। 3 साल का लाइसेंस: आमतौर पर 1 अप्रैल से अगले तीन वर्षों के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है, जिसके लिए रिन्यूअल की प्रक्रिया अनिवार्य है। 31 मार्च के बाद क्या होगा? प्रशासन का सख्त रुखस्वास्थ्य विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि1 अप्रैल से इन 6 अस्पतालों का संचालन पूरी तरह ‘अवैध’ घोषित किया जा सकता है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी निजी अस्पताल मानकों का पालन करें, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर नियमों को ताक पर रखना अब इन अस्पतालों को भारी पड़ने वाला है। 31 मार्च की रात इन संचालकों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ जैसी होगी—या तो कागजी प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा 1 अप्रैल की सुबह अस्पताल के गेट पर स्वास्थ्य विभाग का ताला लगा मिल सकता है। मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)भोपाल न्यूज, सीएमएचओ भोपाल नोटिस, निजी अस्पताल रिन्यूअल, डॉ. मनीष शर्मा, नर्सिंग होम एक्ट एमपी, भोपाल हेल्थ अपडेट, जहरा अस्पताल लालघाटी, राय हॉस्पिटल भोपाल, स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई 2026।
भोपाल: मंडप से उठा गैंगस्टर दूल्हा! इल्लीगल गैंग बनाकर पुजारी का किया था अपहरण; शादी के खर्च के लिए मांगे थे 8 लाख

भोपाल। राजधानी की कोहेफिजा पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग और ब्लैकमेलिंग कांड का पर्दाफाश करते हुए ‘इल्लीगल’ गैंग के सरगना आकाश उर्फ भूरा हड्डी को उसके अपने ही शादी समारोह से गिरफ्तार कर लिया है। 12 मार्च को होने वाली अपनी शादी की रकम जुटाने के लिए आकाश ने अपने साथियों और एक युवती के साथ मिलकर एक पुजारी का अपहरण किया और उसे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 8 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। साजिश: युवती को ढाल बनाकर घर में घुसी गैंगपुलिस जांच के अनुसार, फरियादी पुजारी आरोपी आकाश उपाध्याय का किराएदार है। आरोपियों ने पुजारी को ‘सॉफ्ट टारगेट’ मानकर यह जाल बुना: हनीट्रैप का जाल: सोमवार रात गिरोह की एक युवती ने पुजारी का दरवाजा खटखटाया और अंदर घुसते ही शोर मचाना शुरू कर दिया। बंधक बनाकर मारपीट: तुरंत बाद 10-15 बदमाश कमरे में घुसे और पुजारी पर रेप की कोशिश का आरोप लगाकर उसे पीटना शुरू किया। आरोपी उसे जबरन वाहन में डालकर तौफीक उर्फ शूटर के कमरे पर ले गए और वहां बंधक बना लिया। आरोपियों ने पुजारी के साथ युवती की झूमाझटकी का वीडियो भी शूट किया, जिसे वायरल करने की धमकी देकर 8 लाख रुपये मांगे गए। एक्शन: निकाह से पहले पुलिस की ‘एंट्री’पुजारी के भाई ने डर के मारे पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद आरोपियों ने पुजारी को छोड़ा। मुक्त होते ही पीड़ित सीधे कोहेफिजा थाने पहुँचा।बुधवार दोपहर जब मुख्य आरोपी आकाश उर्फ भूरा हड्डी एयरपोर्ट रोड स्थित एक गार्डन में अपनी शादी की रस्मों में व्यस्त था, तभी पुलिस ने दबिश देकर उसे मंडप से उठा लिया।पुलिस ने आकाश सहित चार आरोपियों (रामजी ठाकुर, आकाश उपाध्याय और अन्य) को गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। गैंग की युवती और अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं। आरोपी का प्रोफाइल: 35 केस और ‘इल्लीगल’ गैंगटीआई केजी शुक्ला के मुताबिक, आकाश उर्फ भूरा हड्डी एक आदतन अपराधी हैउस पर पहले से हत्या और लूट जैसे 35 संगीन मामले दर्ज हैं। वह हाल ही में गांधीनगर मर्डर केस में जमानत पर बाहर आया था।वह ‘इल्लीगल’ नाम से गैंग चलाता है, जिसमें 15 से ज्यादा युवक और युवतियां शामिल हैं, जो शहर में संगठित रूप से ब्लैकमेलिंग का धंधा करते हैं।