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MP Weather Update बारिश और ओलों ने मचाई तबाही 72 घंटे से जारी सिस्टम से बिगड़ा हालात

मध्यप्रदेश में पिछले 72 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा हुआ है जहां साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की जा रही है राजधानी भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर और उज्जैन सहित लगभग 42 जिलों में मौसम का असर देखा गया है जिससे जनजीवन के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है मौसम विभाग के अनुसार 18 मार्च को सक्रिय हुआ सिस्टम अभी भी प्रभावी बना हुआ है और इसके कारण लगातार मौसम में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि ने खासकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है गेहूं केला पपीता और संतरा जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही हैं जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिला है जहां पिछले 24 घंटों में 100 से अधिक कस्बों और शहरों में वर्षा दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ाडोंगरी में दर्ज की गई इसके अलावा बड़वानी बैतूल भोपाल और दमोह सहित कई स्थानों पर आधे इंच से अधिक बारिश हुई है वहीं अलीराजपुर झाबुआ खंडवा छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में ओलावृष्टि की सूचना भी सामने आई है शनिवार को मौसम विभाग ने टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना सतना रीवा सिंगरौली मैहर कटनी उमरिया शहडोल डिंडोरी और अनूपपुर सहित कई जिलों के लिए तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है पूर्वी जिलों पर इस सिस्टम का अधिक असर पड़ने की संभावना जताई गई है जिससे वहां स्थिति और गंभीर हो सकती है मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तीन ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में यह अस्थिरता बनी हुई है और यह सिस्टम आगे बढ़ने के साथ असर दिखाता रहेगा हालांकि 22 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा लेकिन इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा जिससे बारिश की तीव्रता कम हो सकती है वहीं 26 मार्च के आसपास एक और नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना जताई गई है जिससे प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है इस लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि कटाई के समय हो रही यह बारिश और ओलावृष्टि फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है मध्यप्रदेश में मौसम का यह दौर किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके

गिल का बयान चर्चा में, बोले- नंबर 1 बल्लेबाज को सलाह की जरूरत नहीं; अभिषेक पर भी दी राय

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सितारों के बीच शानदार तालमेल का एक मजेदार किस्सा सामने आया है। विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान लगातार तीन बार ज़ीरो पर आउट होने के बाद वे शुभमन गिल से मदद मांगी थी। बल्ला मांगकर ढूंढी फॉर्मअभिषेक शर्मा ने बताया कि खराब फॉर्म से जूझते हुए उन्होंने गिल को मैसेज किया—“इससे पहले कि कोई और रिकॉर्ड बन जाए, मुझे अपना बल्ला दे दो।” यह बात मजाक में कही गई थी, लेकिन इससे उन्हें मानसिक रूप से काफी राहत मिली और आत्मविश्वास वापस आया। गिल का दिलचस्प जवाबजब शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या उन्होंने अभिषेक को कोई सलाह दी थी, तो वे हंसते हुए कहा“दुनिया के नंबर-1 T20 बल्लेबाज को कौन सलाह देगा?गिल ने यह भी बताया कि अभिषेक अक्सर उनका बल्ला इस्तेमाल करते रहते हैं। प्रदर्शन रहा उतार-चढ़ाव भराअभिषेक शर्मा का टूर्नामेंट में प्रदर्शन शुरुआत में नाकाम रहा और वह लगातार तीन बार ज़ीरो पर आउट हुए। हालांकि, वे वापसी करते हुए अहम मौकों पर शानदार बल्लेबाजी की। फाइनल में बड़ी भूमिका निभाईअभिषेक ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहतरीन मुलाकात की, जिससे टीम को खिताब जीतने में बड़ी मदद मिली। टीम सिलेक्शन पर भी चर्चावहीं शुभमन गिल को इस टूर्नामेंट के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था। उनकी जगह संजू सैमसन और इशान किशन को मौका दिया गया। यह किस्सा दिखाता है कि क्रिकेट सिर्फ टेक्नीक का खेल नहीं, बल्कि कॉन्फिडेंस और टीममेट्स के साथ रिश्तों का भी खेल है। गिल और अभिषेक की दोस्ती और हल्का-फुल्का अंदाज टीम के पॉजिटिव माहौल को भी बरकरार है।

साउथ तुकोगंज में दहशत लॉरेंस नाम पर 15 करोड़ की फिरौती और जान से मारने की धमकी

इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में एक रियल एस्टेट कारोबारी को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है कारोबारी संजय जैन से 15 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है पीड़ित के अनुसार उन्हें सबसे पहले एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को गैंग का सदस्य बताया और पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की जब संजय जैन ने इनकार किया तो आरोपी ने खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ बताते हुए धमकी दी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे कॉल के बाद भी धमकियों का सिलसिला जारी रहा और उसी नंबर से व्हाट्सएप पर वॉइस मैसेज और वीडियो कॉल आने लगे इसके अलावा एक अन्य नंबर से भी संपर्क करने की कोशिश की गई जिस पर धार्मिक तस्वीर लगी हुई थी वॉइस मैसेज में साफ तौर पर कहा गया कि रकम नहीं देने पर हत्या कर दी जाएगी शुरुआत में आरोपी ने 10 करोड़ रुपये की मांग की थी जिसे बाद में बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया धमकी देने वाले ने कारोबारी के परिवार और उनके करीबियों के बारे में भी जानकारी होने का दावा किया जिससे यह मामला और गंभीर हो गया धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि उसे कारोबारी की लोकेशन उनके आने जाने के रास्तों और व्यापार से जुड़ी जानकारी भी है इन बातों से पीड़ित और उनका परिवार पूरी तरह दहशत में आ गया है कारोबारी ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल की लोकेशन और आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं पुलिस साइबर सेल की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और व्हाट्सएप नंबरों की जांच कर रही है इस घटना ने एक बार फिर संगठित अपराध और डिजिटल माध्यम से हो रही धमकियों की गंभीरता को उजागर किया है पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के मामलों को लेकर सतर्क हो गई हैं ताकि ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके और व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान की जा सके

Gary Kirsten का बड़ा खुलासा, Pakistan Cricket Board की दखलअंदाजी से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर अपने एडमिनिस्ट्रेटिव कैंपेन को लेकर चर्चा में है। साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज और कोच गैरी कर्स्टन ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की भारी दखलअंदाजी के कारण उन्हें पाकिस्तान टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा देना पड़ा। 6 महीने में खत्म हुआ कार्यकाल गैरी कर्स्टन को T20 विश्व कप 2024 से पहले दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम का हेड कोच बनाया गया था। हालांकि, वह महज छह महीने के भीतर ही पद छोड़ने पर मजबूर हो गए, जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया। “दखलअंदाजी का स्तर बहुत ज्यादा था”कर्स्टन ने कहा कि टीम के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप इतना ज्यादा था कि खिलाड़ियों के साथ स्थिर और सकारात्मक माहौल बनाना मुश्किल हो गया। उन्होंने माना कि इस तरह की स्थिति का सामना उन्होंने अपने करियर में पहले कभी नहीं किया था। कोच बनता है आसान बनानाउन्होंने यह भी कहा कि जब टीम का प्रदर्शन खराब होता है, तो कोच सबसे आसान बनाना बन जाता है। ऐसे में वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज कर सारा दोष कोच पर डाल दिया जाता है। कॉन्ट्रैक्ट विवाद भी बना कारणकर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी अनियमितताओं, बकाया भुगतान और बार-बार शर्तों में बदलाव के आरोप लगाए। इन सभी कारणों ने उनके इस्तीफे के फैसले को प्रभावित किया। अब श्रीलंका टीम की कमानपाकिस्तान से अलग होने के बाद गैरी कर्स्टन को श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। वह 15 अप्रैल से कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 2028 तक रहेगा। यह घटना कार्यभार है कि किसी भी टीम की सफलता के लिए सिर्फ खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि मजबूत और स्थिर प्रबंधन भी उतना ही जरूरी होता है।

देशभर में मनाई जा रही ‘Eid’, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; Narendra Modi ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। पूरे देश में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा। अलग-अलग शहरों में नमाजदेश के कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और पटना में ईद की नमाज अदा की गई। मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में लोग नमाज अदा और देश में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगी। पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार भाईचारे, करुणा और इंसानियत का संदेश देता है। वे सभी नागरिकों के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की। सुरक्षा के कड़े इंतजामईद के मौके पर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। राजधानी दिल्ली में पुलिस द्वारा बहु-स्तरीय सुरक्षा तैनात की गई, जहां ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। पटना के गांधी मैदान में मुख्य नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे और नीतीश कुमार भी इस अवसर पर मौजूद रहे। कानपुर में हाई अलर्टकानपुर में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस, पीएसी, स्वाट और साइबर टीम को तैनात किया गया, जबकि पूरे शहर की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए की गई। सौहार्द और एकता का संदेशईद-उल-फितर का यह पर्व देशभर में प्रेम, एकता और भाईचारे का प्रतीक बनकर सामने आया। नमाज, दुआ और मिलन के इस खास दिन ने एक बार फिर समाज में सकारात्मकता और सद्भाव का संदेश दिया।

‘Eid’ पर दिग्गज क्रिकेटरों का संदेश, Sachin Tendulkar समेत कई खिलाड़ियों ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली यूट्यूब पर ईद-उल-फितर का त्योहार हार्सोल्लास और सोयट भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। इस खास बात पर भारतीय क्रिकेट जगत के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं और प्रेम, शांति और एकता का संदेश साझा किया। दिग्गज खिलाड़ियों ने दी बधाईभारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आईडी का यह पर्व विश्वास, दया और उदारता की भावना को मजबूत करे।वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने सभी के अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। पूर्व घातक इरफान पठान और उनके भाई यूसुफ पठान ने भी पूरे देश को ईद की मुबारकबाद देते हुए दुआ की कि यह दिन सभी के जीवन में शांति और बरकत लेकर आए। इसके अलावा मोहम्मद कैफ ने भी सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए एक आदर्श संदेश भेजा।इस त्योहार की खुशियां बांटकर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपने परिवार के साथ तस्वीर साझा की। ईद का महत्वईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो पवित्र महीने के अंत में मनाया जाता है। पूरे महीने रोजे रखने के बाद लोग अथाह का रोमांच अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां बांटते हैं। मित्र ईद की परंपराइस त्यौहार को “मीठी ईद” भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में स्वादिष्ट व्यंजन और शीर खुरमा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जाते हैं। परिवार और समाज के बीच प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करना एक खास अवसर होता है। क्रिकेट स्टार्स के लिमिटेड रिसर्च ने एक बार फिर यह साबित किया कि उत्सव सिर्फ साख तक नहीं होता, बल्कि वे लोगों को जोड़ने और समाज में सकारात्मकता फैलाने का काम भी करते हैं। ईद का यह पर्व पूरे देश में एकता, प्रेम और सम्मलेन का प्रतीक प्रकट होता है।

From the education system to crime, cases of misconduct and fraud have come to light on multiple fronts in Jabalpur.

जबलपुर में एक साथ कई अलग अलग घटनाओं ने प्रशासन और आम लोगों को सतर्क कर दिया है जहां एक ओर शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर सख्त रुख अपनाया है वहीं दूसरी ओर ठगी और धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं शिक्षा विभाग की ओर से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने पर 400 से अधिक प्राचार्यों और शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है जिला शिक्षा अधिकारी ने उन शिक्षकों से जवाब मांगा है जो निर्धारित समय पर मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थित नहीं हुए 22 फरवरी से शुरू हुए इस कार्य में करीब 441 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए जिनमें पीएम श्री और मॉडल स्कूलों के शिक्षक भी शामिल हैं यदि इन नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है इस सख्ती से शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया है दूसरी ओर शहर में धोखाधड़ी के मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ज्वेलर्स पर 35 लाख रुपये की ठगी का आरोप सामने आया है आरोपी ने चांदी में मुनाफे का झांसा देकर निवेश के नाम पर यह रकम ली पीड़ित मनोज पांडे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है इस मामले में आरोपी विनोद सोनी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है इसी तरह संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में एक और गंभीर मामला सामने आया है जहां एक सहकर्मी युवती को शादी का झांसा देकर आरोपी ने उससे 17 लाख रुपये ऐंठ लिए पीड़िता के अनुसार आरोपी ने न केवल पैसे लिए बल्कि शादी के नाम पर शारीरिक संबंध भी बनाए बाद में शादी से इनकार कर दिया और जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसे ब्लॉक कर दिया इतना ही नहीं दिए गए चेक भी बाउंस करा दिए गए जिससे मामला और गंभीर हो गया इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर में एक तरफ जहां शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती जा रही है वहीं दूसरी तरफ धोखाधड़ी और अपराध के मामलों पर भी पुलिस सक्रिय हो गई है प्रशासन अब ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके

सोना सस्ता, पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा: आम आदमी पर दोहरी मार, जानिए आज का पूरा अपडेट

नई दिल्ली। देश में आज आर्थिक मोर्चे पर मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली है। जहां एक तरफ सोने की कीमतों में गिरावट आई है, वहीं दूसरी तरफ इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर इजरायल-ईरान संघर्ष का असर अब भारत के बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। सोने के दाम में गिरावट21 मार्च 2026 को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹650 सस्ता होकर ₹1,52,650 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी दिन यह ₹1,53,300 पर बंद हुआ था। हालांकि, वायदा बाजार MCX पर सोने में हल्की तेजी देखी गई और कीमत ₹1,44,825 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट: ₹1,47,218, 23 कैरेट: ₹1,46,628, 22 कैरेट: ₹1,34,852, 18 कैरेट: ₹1,10,41, 14 कैरेट: ₹86,123, देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और पटना में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.50 लाख के आसपास बना हुआ है। इंडस्ट्रियल डीजल के दाम में बड़ा उछालतेल कंपनियों ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में एक साथ ₹22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। अब इसकी कीमत बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर हो गई है, जो पहले ₹87.67 थी। इस बढ़ोतरी की जानकारी Indian Oil Corporation ने दी है। नई कीमतें 20 मार्च 2026 से लागू कर दी गई हैं। डीजल के दाम बढ़ने के पीछे मुख्य कारण हैं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, खासकर इजरायल-ईरान संघर्ष कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सप्लाई चेन में बाधा इंडस्ट्रियल डीजल सीधे आम वाहनों में इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन इसका असर हर किसी की जेब पर पड़ता है, ट्रांसपोर्ट महंगा होगा फैक्ट्रियों की लागत बढ़ेगी बिजली उत्पादन महंगा होगा रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं जहां सोने की कीमतों में गिरावट से खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है, वहीं डीजल के बढ़ते दाम आने वाले समय में महंगाई को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आम आदमी को एक तरफ राहत और दूसरी तरफ महंगाई की मार दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये पर सियासत पोस्टर वार और बयानबाजी से गरमाया माहौल

इंदौर में रुपये की गिरती कीमत को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है डॉलर के मुकाबले रुपया 93 के पार पहुंचने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं और इसी क्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं ने शहर में पोस्टर वार शुरू कर दिया है इन पोस्टरों में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को भी निशाने पर लिया गया है कांग्रेस नेताओं ने साल 2013 के उनके एक पुराने ट्वीट का जिक्र करते हुए सवाल उठाया है कि जब पहले रुपये की गिरावट पर चिंता जताई जाती थी तो आज स्थिति और गंभीर होने के बावजूद चुप्पी क्यों साधी गई है पोस्टरों में व्यंग्यात्मक अंदाज में यह सवाल किया गया है कि देश की आर्थिक स्थिति पर अब आवाज क्यों नहीं उठ रही कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी के नेतृत्व में लगाए गए इन पोस्टरों में केवल आलोचना ही नहीं बल्कि एक अनोखी घोषणा भी की गई है पार्टी ने ऐलान किया है कि जो भी व्यक्ति अमिताभ बच्चन से रुपये की गिरावट पर ट्वीट करवा देगा उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा इतना ही नहीं अगर खुद अमिताभ बच्चन इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हैं तो यह इनाम उन्हें देने की बात भी कही गई है इस घोषणा के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है और शहर की राजनीति में इसे लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है कांग्रेस का कहना है कि पहले जब रुपये की गिरावट को देश की इज्जत से जोड़ा जाता था तब बड़े नाम इस पर खुलकर बोलते थे लेकिन अब जब स्थिति और खराब है तो वे चुप क्यों हैं कांग्रेस ने अपने बयान में यह भी कहा है कि सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि जूही चावला अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री जैसे कई अन्य कलाकारों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है पार्टी का कहना है कि जो लोग पहले सोशल मीडिया पर हर मुद्दे पर सक्रिय रहते थे वे अब आर्थिक मुद्दों पर मौन क्यों हैं कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रुपये के कमजोर होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है आयात महंगा होने से पेट्रोल डीजल और गैस के दाम बढ़ते हैं महंगाई बढ़ती है विदेश में पढ़ाई और इलाज महंगा हो जाता है और कंपनियों की लागत बढ़ने से रोजगार पर भी असर पड़ता है इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की आर्थिक छवि भी प्रभावित होती है पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पोस्टर तक सीमित मुद्दा नहीं रहेगा बल्कि इसे लेकर आगे भी आंदोलन किया जाएगा और जनता के बीच इस विषय को उठाया जाएगा कुल मिलाकर रुपये की गिरती कीमत अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है और आने वाले समय में यह बहस और तेज होने की संभावना है

लगातार चौथे हफ्ते बाजार में गिरावट, मिडिल ईस्ट संकट से Nifty 50-BSE Sensex पर दबाव

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। लगातार चौथे हफ्ते बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। वैश्विक अनिश्चितता, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की दिशा पर दबाव बनाए रखा। निफ्टी-सेंसेक्स का प्रदर्शनसप्ताह के दौरान निफ्टी 50 में 0.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि आखिरी कारोबारी दिन यह 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,114.50 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई सेंसेक्स हफ्ते के आखिर में 325.72 अंकों (0.44%) की तेजी के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे हफ्ते में इसमें 0.04 प्रतिशत की हल्की गिरावट रही। तेल की कीमतों से बढ़ती चिंतावैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि जींस का रुख सतर्क बना हुआ है और बाजार पर दबाव बना हुआ है। सेक्टर आधारित प्रदर्शनइस हफ्ते सेक्टरों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। आईटी और पीएसयू बैंकिंग सर्विसेज ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि मेटल सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।हालांकि, व्यापक बाजार में कमजोरी नजर आई-मिडकैप में मामूली बढ़त और स्मॉलकैप में गिरावट देखने को मिली। रुपये में गिरावट और FII की बिकवालीभारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.49 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे डॉलर की मजबूत मांग और विदेशी जींस (FII) की लगातार बिकवाली प्रमुख कारण रहे। पिछले 13 ट्रेडिंग सत्रों में एफआईआई करीब 81,263 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। निफ्टी की रायमोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, निकट अवधि में बाजार का रुख सतर्क ही रहेगा। निफ्टी कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया का तनाव जींस की भावना को प्रभावित कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार:निफ्टी के लिए 23,850 तत्काल रेजिस्टेंस हैइसके बाद 24,000 और 24,150 अहम स्तर होंगेनीचे की ओर 22,950 और 22,700 मजबूत सपोर्ट हैं वहीं बैंक निफ्टी के लिए 52,000–53,000 का फाइलरा सपोर्ट और 54,000–55,000 रेजिस्टेंस माना जा रहा है। पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की रिकवरी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करें। यदि निवेशकों को सतर्क रहकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।