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बंगाल में संघर्ष की जीत: घरों में काम करने वाली कल्पिता माझी बनीं विधायक, बदली जिंदगी की तस्वीर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की औशग्राम विधानसभा सीट से इस बार एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां संघर्ष और मेहनत ने राजनीति में बड़ी सफलता दिलाई। कल्पिता माझी ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक पद हासिल किया है। गुस्करा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 स्थित मझपुकुर पार की रहने वाली कल्पिता माझी पहले घरेलू कामगार के रूप में काम करती थीं। वह चार घरों में झाड़ू-पोछा और सफाई कर लगभग ₹2,500 प्रतिमाह कमाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती थीं। अब वही कल्पिता जनता के वोट से विधायक बन गई हैं। चुनाव परिणामों के मुताबिक, उन्होंने औशग्राम सीट से 1,07,692 वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। यह जीत सिर्फ राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके लंबे संघर्ष की पहचान भी है। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली कल्पिता माझी ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही सक्रिय चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। कल्पिता इससे पहले साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरी थीं, लेकिन तब उन्हें तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर भरोसा कायम रखा, जो इस बार जीत में बदल गया। घरेलू काम से लेकर चुनावी मैदान तक का उनका सफर साधारण जीवन से उठकर जनप्रतिनिधि बनने की मिसाल है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया और अपने संघर्ष को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। राज्य के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार बड़ी जीत दर्ज करते हुए 206 सीटों पर कब्जा जमाया और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं और एक सीट पर बढ़त के साथ कुल 81 सीटों तक सीमित रहना पड़ा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं, जबकि AJUP भी 2 सीटों पर सिमट गई। वाम दल CPI(M) और AIF को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा।

खंडवा: 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, विद्यालय ने खेलों में रचा इतिहास

नई दिल्ली। खंडवा में आयोजित 28 से 30 अप्रैल 2026 की क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में पीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय के 80 छात्रों ने खो-खो, कबड्डी, शतरंज, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, योग और ताइक्वांडो जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लिया। कबड्डी में दोहरी स्वर्ण जीत14 आयु वर्ग और 17 आयु वर्ग की बालक कबड्डी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं 17 आयु वर्ग की बालिका खो-खो टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी चमके खिलाड़ीशतरंज में आर्यन सोलंकी ने रजत पदकलॉन टेनिस में आराध्य जोशी ने रजत पदकटेबल टेनिस में आरव दुबे को रजत, प्रिंसी पटेल और नंदिनी दीलावरे को कांस्ययोग में दिकांश जमरा ने कांस्यताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन कियाशूटिंग में अश्विनी चौहान ने रजत पदक हासिल किया 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय चयनउत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कुल 28 खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इनमें कबड्डी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, शूटिंग और योग के खिलाड़ी शामिल हैं।कबड्डी से अंश कामटे, मोहम्मद मिस्बाह, तनिष्क पारखे, टेबल टेनिस से आरव दुबे और अन्य प्रमुख खिलाड़ी चयनित हुए हैं। विद्यालय में उत्साह का माहौलविद्यालय प्राचार्य धनीराम पटेल, उप प्राचार्य हरेंद्र प्रसाद, योग शिक्षक नितिन पाटीदार और खेल प्रशिक्षक बेनी प्रसाद बघेल सहित सभी शिक्षकों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताई।  खेल प्रतिभा का उभरता केंद्रपीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा ने एक बार फिर साबित किया है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर छात्र राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।

Bada Mangal 2026: 19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, 8 बड़े मंगल में बरसेगी बजरंगबली की कृपा! जानें कथा और चमत्कारी महत्व

नई दिल्ली। ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है और यह दिन हनुमान जी की विशेष पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-अर्चना करने से बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस बार बड़ा मंगल खास माना जा रहा है, क्योंकि लगभग 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जब ज्येष्ठ मास में 4 नहीं बल्कि 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। क्यों खास है बड़ा मंगल?मान्यता है कि ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान राम और हनुमान जी का मिलन हुआ था। जब भगवान राम माता माता सीता की खोज में भटक रहे थे, उसी दौरान उनकी मुलाकात हनुमान जी से हुई थी। इस मिलन के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। दूसरी कथा: अमरत्व का वरदानएक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन हनुमान जी को चिरंजीवी (अमर) होने का वरदान प्राप्त हुआ था। इसलिए भी ज्येष्ठ मास के मंगलवार को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। तीसरी कथा: नवाब वाजिद अली शाह से जुड़ी मान्यतानवाब वाजिद अली शाह की बेगम हनुमान जी की परम भक्त थीं। उन्हें सपने में हनुमान जी के दर्शन हुए, जिसके बाद उन्होंने अलीगंज हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया। कहा जाता है कि मंदिर बनने के कुछ समय बाद लखनऊ में भयंकर महामारी फैल गई थी। इससे बचने के लिए बेगम ने बड़े मंगल के दिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर भंडारा कराया। तभी से लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर भव्य भंडारे और आयोजन की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी जारी है। बड़ा मंगल केवल एक धार्मिक दिन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन हनुमान जी की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है।

बड़ा मंगल पर इन राशियों पर बरसेगी हनुमान जी की विशेष कृपा, मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली। बड़ा मंगल 5 मई से शुरू होकर 23 जून तक मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है और सामान्य मंगलवार की तुलना में अधिक विशेष और फलदायी माना जाता है। इस दौरान अनुशासन और ब्रह्मचर्य का पालन करना शुभ माना गया है। बड़ा मंगल के पीछे कई पौराणिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं। मान्यता है कि इसी दिन हनुमान जी ने पांडु पुत्र भीम का अहंकार दूर किया था, जिसके कारण इसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है। वहीं त्रेतायुग में ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी और भगवान श्रीराम की पहली भेंट हुई थी। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में हनुमान जी कुछ विशेष राशियों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। मेष राशिमेष राशि को हनुमान जी की प्रिय राशियों में प्रमुख माना जाता है। इस राशि के लोग साहसी और परिश्रमी होते हैं। बजरंगबली की कृपा से इनके कार्यों में तेजी आती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। सच्चे मन से पूजा करने पर सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। सिंह राशिसिंह राशि के जातक नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास के लिए जाने जाते हैं। हनुमान जी की कृपा से इन्हें समाज में सम्मान और सफलता प्राप्त होने के अवसर बढ़ जाते हैं। वृश्चिक राशिवृश्चिक राशि के लोग दृढ़ निश्चयी होते हैं। हनुमान जी की आराधना से इनके जीवन में भय और परेशानियां कम होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है। कुंभ राशिकुंभ राशि के लोग धार्मिक प्रवृत्ति और सकारात्मक सोच वाले माने जाते हैं। हनुमान जी की पूजा से इन्हें सही दिशा मिलती है और जीवन में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुलते हैं।

पैसों से भरा रहेगा पर्स! बस छिपाकर रख लें ये गुप्त चीजें, बरकत देख दुनिया रह जाएगी हैरान

नई दिल्ली। पर्स सिर्फ पैसे रखने की जगह नहीं, बल्कि धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर पर्स को सही तरीके से रखा जाए और उसमें कुछ खास चीजें रखी जाएं, तो यह माता माता लक्ष्मी की कृपा को आकर्षित कर सकता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि पैसा आता तो है, लेकिन टिकता नहीं ऐसे में ये छोटे-छोटे उपाय आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। पीपल का पत्ता: धन आकर्षण का सरल उपायहिंदू मान्यता के अनुसार पीपल का पेड़ में भगवान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में एक साफ पीपल का पत्ता लें, उसे गंगाजल से शुद्ध करें और उस पर केसर या चंदन से ‘श्रीं’ लिखें। सूखने के बाद इसे पर्स के गुप्त हिस्से में रख दें। माना जाता है कि यह पत्ता धन को अपनी ओर आकर्षित करता है। जब पत्ता सूख जाए या खराब हो जाए, तो उसे किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर नया पत्ता रख लें। अक्षत के 21 दाने: खर्चों पर लगामअक्षत यानी बिना टूटे चावल, जो शुभता और समृद्धि का प्रतीक होते हैं। 21 दाने लेकर उन्हें लाल कपड़े या कागज में लपेटकर पर्स में रखें। लाल रंग ऊर्जा और मंगल का प्रतीक है, जबकि चावल को शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो धन-वैभव का कारक माना जाता है। यह उपाय अनावश्यक खर्चों को कम करने और आय के नए रास्ते खोलने में सहायक माना जाता है। लक्ष्मी की प्रिय कौड़ी: बरकत और सुरक्षाकौड़ी को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है, क्योंकि इसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन से जुड़ी है। एक सफेद या पीली कौड़ी को लक्ष्मी जी के चरणों से स्पर्श कराकर पर्स में रखें। यह न केवल आर्थिक तंगी दूर करने में मदद करती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा से भी बचाव करती है। यदि कौड़ी उपलब्ध न हो, तो चांदी का लक्ष्मी-गणेश वाला सिक्का भी रखा जा सकता है। पर्स से जुड़ी जरूरी सावधानियांबरकत बनाए रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पर्स में कभी भी फटे नोट, पुराने बिल या उधारी की पर्चियां न रखें, क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का कारण माना जाता है। साथ ही, पर्स में पूर्वजों की तस्वीर रखना भी उचित नहीं माना जाता, इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका पर्स हमेशा भरा रहे और धन टिके, तो इन सरल उपायों को अपनाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखें। सही आदतें और सकारात्मक ऊर्जा मिलकर ही असली समृद्धि लाती हैं।

महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित महादेवगढ़ मंदिर में एक विशेष धार्मिक आयोजन के तहत बंगाली परिवार ने महाकाल की भव्य महाआरती की। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा। महाकाल की आराधना में उमड़ी श्रद्धाआयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महाआरती में भाग लिया और “अखंड भारत” की कामना करते हुए देश की एकता और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।  बंगाली परिवार की सक्रिय भागीदारीइस धार्मिक आयोजन में बंगाली परिवार के कई सदस्य शामिल रहे, जिनमें सुनीता सोनोने, दिव्या लेंडे, आशा मराठा, मीता विश्वास, डॉ. टी.के. विश्वास, रीता राय, शिवानी घोष, रितिका घोष, जय घोष, पारितोष घोष, डॉ. पी. कुमार, डॉ. पी.के. मलिक और सुशांत राय प्रमुख रूप से मौजूद थे। भक्ति के साथ सामाजिक संदेश भीइस आयोजन ने केवल धार्मिक आस्था को ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं ने मिलकर देश की खुशहाली और शांति की कामना की।  आस्था और एकता का संगममहादेवगढ़ मंदिर में हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें भक्तिभाव और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

सिर्फ 5 मिनट में घर पर पाएं पार्लर जैसे सॉफ्ट और चमकदार हाथ, आसान DIY ट्रिक से बदल जाएगी स्किन

नई दिल्ली।रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे हाथ सबसे ज्यादा काम करते हैं और इसका असर धीरे-धीरे उनकी त्वचा पर साफ दिखाई देने लगता है। धूल, धूप, पानी और लगातार काम करने की वजह से हाथों की स्किन अपनी नमी खो देती है और रूखी व बेजान नजर आने लगती है। कई लोग इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए पार्लर में महंगे ट्रीटमेंट करवाते हैं, लेकिन हर बार ऐसा करना आसान नहीं होता। ऐसे में घर में मौजूद एक साधारण चीज, चीनी, हाथों की देखभाल के लिए बेहद आसान और असरदार उपाय साबित हो सकती है। चीनी को प्राकृतिक स्क्रब के रूप में इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसके छोटे-छोटे दाने त्वचा की ऊपरी परत पर जमी डेड स्किन को धीरे-धीरे हटाने में मदद करते हैं। इससे त्वचा साफ होती है और उसकी प्राकृतिक चमक वापस आने लगती है। जब चीनी को शहद, नींबू और तेल के साथ मिलाया जाता है, तो यह एक ऐसा मिश्रण बन जाता है जो स्किन को साफ करने के साथ-साथ उसे गहराई से मॉइस्चराइज भी करता है। इस होममेड मैनीक्योर को तैयार करना बहुत ही आसान है और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता। इसके लिए एक चम्मच चीनी, आधा चम्मच शहद, कुछ बूंदें नींबू का रस और एक चम्मच नारियल तेल या ऑलिव ऑयल की जरूरत होती है। इन सभी चीजों को एक छोटी कटोरी में मिलाकर एक गाढ़ा स्क्रब तैयार किया जाता है। अगर हाथ ज्यादा रूखे हों, तो तेल की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है ताकि स्किन को अतिरिक्त नमी मिल सके। मैनीक्योर शुरू करने से पहले हाथों को हल्के गुनगुने पानी में कुछ मिनट के लिए भिगोना चाहिए, जिससे त्वचा नरम हो जाए और स्क्रब का असर बेहतर हो सके। इसके बाद तैयार स्क्रब को हाथों पर हल्के हाथों से धीरे-धीरे मसाज करते हुए लगाना चाहिए। लगभग 3 से 5 मिनट तक मसाज करने से डेड स्किन हटने लगती है और हाथों की सतह स्मूद महसूस होने लगती है। इसके बाद हाथों को साफ पानी से धो लेना चाहिए और तुरंत मॉइस्चराइजर या हैंड क्रीम लगानी चाहिए ताकि त्वचा में नमी लॉक हो जाए। यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही आसान है और इसे सप्ताह में एक या दो बार किया जाए तो हाथों की स्किन में साफ बदलाव देखा जा सकता है। इस घरेलू मैनीक्योर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका बन जाता है। यह उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो अपने हाथों की देखभाल कम समय और कम खर्च में करना चाहते हैं। नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से हाथ धीरे-धीरे ज्यादा सॉफ्ट, साफ और चमकदार नजर आने लगते हैं, जैसे किसी प्रोफेशनल ट्रीटमेंट के बाद होते हैं।

इस समर ट्राई करें ठंडा-ठंडा Grapes Mojito, मिनटों में मिलेगा कूलिंग इफेक्ट

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही ठंडी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स की डिमांड बढ़ जाती है। तेज धूप और गर्म हवाओं से राहत पाने के लिए लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक या अन्य पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर आप कुछ हेल्दी और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं, तो Grapes Mojito आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है। यह ड्रिंक न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि तुरंत एनर्जी भी प्रदान करता है। Grapes Mojito खासतौर पर गर्मियों में इसलिए फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें अंगूर, पुदीना और नींबू जैसे तत्व होते हैं। अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं। वहीं पुदीना पेट को ठंडा रखता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, जबकि नींबू शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। जरूरी सामग्रीइस स्वादिष्ट ड्रिंक को बनाने के लिए आपको 1 कप हरे या काले अंगूर, 8-10 पुदीने की पत्तियां, 1 नींबू (टुकड़ों में कटा हुआ), 1-2 चम्मच चीनी या शहद, एक चुटकी काला नमक (वैकल्पिक), बर्फ के टुकड़े, 1 कप सोडा या स्पार्कलिंग वॉटर और आधा कप ठंडा पानी चाहिए। बनाने की आसान विधिसबसे पहले अंगूर को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसके बाद मिक्सर में अंगूर, पुदीना, नींबू का रस, चीनी और काला नमक डालकर स्मूद पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को छानकर एक गिलास में डालें। अब इसमें बर्फ के टुकड़े डालें और ऊपर से सोडा या स्पार्कलिंग वॉटर मिलाएं। धीरे-धीरे इसे मिक्स करें ताकि इसका स्वाद बरकरार रहे। अब तैयार Mojito को अंगूर और पुदीने की पत्तियों से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें। यह ड्रिंक न सिर्फ दिखने में आकर्षक लगता है, बल्कि स्वाद में भी बेहद लाजवाब होता है। क्यों है खास ये ड्रिंक?घर पर बना Grapes Mojito पूरी तरह नेचुरल होता है, जिसमें किसी तरह का आर्टिफिशियल फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव नहीं होता। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए एक हेल्दी ऑप्शन है। साथ ही, इसे आप पार्टी, गेट-टुगेदर या रोजमर्रा की गर्मी से राहत पाने के लिए कभी भी बना सकते हैं।इस गर्मी में खुद को कूल और एनर्जेटिक रखने के लिए इस आसान और स्वादिष्ट Grapes Mojito को जरूर ट्राई करें।

भीषण गर्मी में घर पर बनाएं ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, स्वाद भी हेल्दी भी

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप और थकान लेकर आता है, ऐसे में ठंडी आइसक्रीम मिल जाए तो सारा मूड फ्रेश हो जाता है। हालांकि बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम स्वादिष्ट जरूर होती है, लेकिन उसमें प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल फ्लेवर भी होते हैं। ऐसे में घर पर बनी आइसक्रीम न सिर्फ स्वाद में बेहतर होती है, बल्कि सेहत के लिए भी ज्यादा फायदेमंद रहती है। खास बात यह है कि आप इसे अपनी पसंद के फ्लेवर में आसानी से तैयार कर सकते हैं। घर पर आइसक्रीम बनाना बेहद आसान है और इसके लिए ज्यादा मेहनत की भी जरूरत नहीं होती। वनीला आइसक्रीम बनाने के लिए सबसे पहले 2 कप ठंडी फ्रेश क्रीम लें और उसे अच्छी तरह फेंटें जब तक वह गाढ़ी और फ्लफी न हो जाए। इसके बाद इसमें 1 कप कंडेंस्ड मिल्क डालकर हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि मिश्रण की क्रीमीनेस बनी रहे। अब इसमें एक छोटा चम्मच वनीला एसेंस डालें और स्वाद के अनुसार 2-3 चम्मच चीनी मिलाएं। अगर आप आइसक्रीम को और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इसमें चॉकलेट चिप्स, ड्राई फ्रूट्स या अपनी पसंद के टॉपिंग्स भी जोड़ सकते हैं। इससे इसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं। जब मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाए, तो इसे एक एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रीजर में 6 से 8 घंटे के लिए रख दें। बीच-बीच में एक-दो बार इसे बाहर निकालकर हल्का सा मिक्स कर लें, इससे आइसक्रीम ज्यादा स्मूद और क्रीमी बनती है।अगर आप फ्रूटी फ्लेवर पसंद करते हैं, तो इसी बेस में आम का पल्प मिलाकर Mango Ice Cream भी तैयार कर सकते हैं। यह खासतौर पर बच्चों और परिवार के सभी सदस्यों को खूब पसंद आती है और गर्मियों में एक परफेक्ट ट्रीट बन जाती है। घर पर बनी आइसक्रीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी तरह का प्रिजर्वेटिव नहीं होता। आप अपनी जरूरत और हेल्थ के हिसाब से इसमें शुगर की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं। साथ ही, यह बाहर मिलने वाली आइसक्रीम की तुलना में काफी किफायती भी पड़ती है। इस गर्मी में बाहर की बजाय घर पर ही ठंडी, स्वादिष्ट और हेल्दी आइसक्रीम बनाएं और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें। यह न सिर्फ आपको गर्मी से राहत देगी, बल्कि आपके स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखेगी।

मनाली में वीकेंड पर पर्यटकों की बाढ़, 3 दिन में 7000+ वाहन पहुंचे

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसे Manali में इस वीकेंड पर्यटकों का जबरदस्त सैलाब देखने को मिला। तीन दिनों के भीतर 7 हजार से अधिक पर्यटक वाहन मनाली पहुंचे, जिससे पूरा पर्यटन कारोबार एक बार फिर से गुलजार हो उठा। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ स्थानीय जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचे। आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को करीब 1550 वाहन मनाली पहुंचे थे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या अचानक बढ़कर 3000 तक पहुंच गई। शनिवार को थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन फिर भी करीब 2500 वाहन शहर में दाखिल हुए। रविवार को वापसी का दौर ज्यादा रहा, हालांकि करीब 1500 पर्यटक वाहन फिर भी मनाली पहुंचे। पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा असर होटल इंडस्ट्री पर भी देखने को मिला। शहर के प्रमुख होटलों में ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। रोहतांग दर्रे की बहाली का इंतजारहालांकि, अभी तक Rohtang Pass पर्यटकों के लिए पूरी तरह से नहीं खुल पाया है। ऐसे में पर्यटक बर्फ का आनंद लेने के लिए Koksar का रुख कर रहे हैं, जहां भारी किराया देकर स्नो प्वाइंट तक पहुंचना पड़ रहा है। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि रोहतांग दर्रा खुलते ही पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा। कोकसर से ग्राम्फू तक लगा जामरविवार को कोकसर में हालात ऐसे हो गए कि Gramphu तक सड़क किनारे 3-4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पर्यटकों ने बर्फ से ढकी वादियों में जमकर मस्ती की और सुहावने मौसम का आनंद उठाया। शिंकुला दर्रे के लिए एडवाइजरीयदि आप Shinkula Pass की ओर जाने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि केवल फोर-बाय-फोर (4×4) वाहन से ही यात्रा करें। यहां सड़क पर जमी बर्फ काफी फिसलन भरी है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जल्द ही सड़क बहाली के बाद पर्यटकों को मढ़ी तक जाने की अनुमति दी जा सकती है। जैसे ही रोहतांग मार्ग पूरी तरह खुलता है, पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, वीकेंड पर मनाली में उमड़ी भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पहाड़ों की ओर लोगों का रुख तेजी से बढ़ रहा है।