भारत की कला का वैश्विक प्रदर्शन पीएम मोदी ने फ्रांस में मैक्रों दंपति को दिए पारंपरिक हस्तशिल्प उपहार

नई दिल्ली । फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों के माध्यम से भारत की कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्प कौशल की गहराई और विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया गया। राष्ट्रपति मैक्रों को प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कलमकारी महाभारत पेंटिंग भेंट की। यह पेंटिंग पारंपरिक कलमकारी शैली में तैयार की गई है और इसे बनाने में लगभग छह महीने का समय लगा। इस कलाकृति में महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को अत्यंत सूक्ष्म और कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है, जिसमें धर्म, न्याय, कर्तव्य और नैतिकता जैसे शाश्वत मूल्यों को उभारा गया है। इस पेंटिंग का सबसे महत्वपूर्ण संदेश भगवद्गीता से प्रेरित है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्म, आत्मसंयम और जीवन के कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं। यह कलाकृति केवल एक पौराणिक दृश्य प्रस्तुति नहीं बल्कि नैतिक नेतृत्व, मानवीय गरिमा और शांति जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का प्रतीक भी मानी जाती है, जो आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक हैं। वहीं, ब्रिजिट मैक्रों को प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना का पारंपरिक पोचमपल्ली सिल्क स्टोल उपहार स्वरूप भेंट किया। यह स्टोल हाथ से बुनी गई इकत रेजिस्ट-डाइंग तकनीक से तैयार किया जाता है और अपनी विशिष्ट ज्यामितीय और पुष्पीय डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है। इसकी उत्कृष्ट बनावट और पारंपरिक शिल्पकला इसे भारतीय वस्त्र विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनाती है। भारत की यह हस्तशिल्प परंपरा न केवल सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है बल्कि फैशन और कला की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान रखती है। फ्रांस जैसे देश, जहां कला और फैशन को विशेष महत्व दिया जाता है, वहां ऐसे उपहार सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संबंधों को और मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अपने विदेशी दौरों के दौरान विभिन्न वैश्विक नेताओं को भारत की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़े उपहार भेंट करते हैं। इसका उद्देश्य भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और विश्व समुदाय को भारतीय शिल्प परंपरा से परिचित कराना है।
'सिकंदर' के सेट पर फिजियोथेरेपी और भारी सुरक्षा घेरे के बीच काम होने का हुआ प्रामाणिक खुलासा

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार सलमान खान के पेशेवर जीवन और उनकी कार्यशैली को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है। अभिनेता विशाल वशिष्ठ ने फिल्म ‘सिकंदर’ के निर्माण के दौरान सेट पर बने वास्तविक हालातों को साझा करते हुए बताया कि सुपरस्टार सलमान खान ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों, मानसिक तनाव और असहनीय शारीरिक दर्द के बावजूद इस फिल्म के फिल्मांकन को पूरा किया था। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब इस फिल्म के निर्माण और अभिनेता की सेट पर उपस्थिति को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही थीं। सह-कलाकार के इस बयान ने अभिनेता के काम के प्रति उनके गहरे समर्पण और उच्च व्यावसायिक प्रतिबद्धता को मजबूती से रेखांकित किया है। इस फिल्म के निर्माण का दौर अभिनेता के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के लिहाज से बेहद संवेदनशील और अत्यंत कठिन माना जा रहा था। साल 2024 में अपने बेहद करीबी मित्र और अनुभवी राजनेता बाबा सिद्दीकी की अचानक हुई हत्या के बाद सलमान खान गहरे मानसिक आघात और भावनात्मक संकट से गुजर रहे थे। इसके साथ ही, लगातार मिल रही सुरक्षा धमकियों के कारण उनके इर्द-गिर्द सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा करना पड़ा था। इस प्रकार के भारी सुरक्षा घेरे, मानसिक तनाव और हर पल बने रहने वाले जान के खतरे के बीच सेट पर आकर काम करना पूरी टीम और स्वयं अभिनेता के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन चुका था। मानसिक और बाहरी दबावों के अलावा अभिनेता उस समय गंभीर शारीरिक समस्याओं और असहनीय कष्ट से भी जूझ रहे थे। फिल्म के मुख्य दृश्यों के फिल्मांकन के दौरान सलमान खान की पसली में गंभीर चोट आई थी, जिससे उन्हें उठने-बैठने, झुकने और सामान्य रूप से चलने में भी तीव्र दर्द का सामना करना पड़ रहा था। सेट पर मौजूद रहे सह-कलाकारों के अनुसार, यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी बल्कि पूरी टीम ने इस दर्द को बेहद करीब से महसूस किया था। अभिनेता जैसे-तैसे बेहद धीमी गति से चलकर कैमरे के सामने अपने दृश्यों को पूरा करते थे और निर्देशक के कट बोलते ही तुरंत अपनी फिजियोथेरेपी प्रक्रिया के लिए चले जाते थे। इस भीषण शारीरिक कष्ट के बावजूद फिल्म की कहानी की मांग के अनुसार उन्हें लगातार भारी एक्शन दृश्यों की शूटिंग करनी पड़ी थी, जिसे उन्होंने बिना किसी शिकायत के पूरा किया। विशाल वशिष्ठ ने अभिनेता की प्रशंसा करते हुए कहा कि मनोरंजन उद्योग में इतने लंबे समय तक रहने और शीर्ष मुकाम पर होने के बाद भी उनका ऐसा समर्पण देखना किसी भी कलाकार के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। सेट के बाहर उनके जीवन में क्या खतरनाक उथल-पुथल चल रही थी, इसका नकारात्मक प्रभाव उन्होंने कभी भी अपने काम की गति और सेट के माहौल पर नहीं पड़ने दिया। यह प्रामाणिक बयान हाल ही में निर्देशक एआर मुरुगाडोस के उन कथनों के परिप्रेक्ष्य में बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसमें उन्होंने फिल्म के कठिन शेड्यूल और शूटिंग के समय में किए गए बड़े बदलावों का जिक्र किया था। आंतरिक और बाहरी चुनौतियों के कारण कई बार दिन के शेड्यूल को रात में बदलना पड़ा था, जिससे क्रू को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। सह-कलाकार के इस नए वक्तव्य ने साफ कर दिया है कि समय में हुए वे बदलाव किसी लापरवाही का परिणाम नहीं बल्कि अभिनेता की गंभीर चिकित्सीय स्थिति और सुरक्षा कारणों की अनिवार्य आवश्यकता थे।
भस्म आरती में दिव्य स्वरूप में सजे बाबा महाकाल: रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आभूषणों से हुआ अलौकिक श्रृंगार

मध्यप्रदेश । धर्मनगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान भक्तों को बाबा महाकाल के दिव्य और मनमोहक स्वरूप के दर्शन हुए। प्रातःकालीन बेला में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रों और घंटियों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले सभा मंडप में विराजमान वीरभद्र भगवान के समक्ष स्वस्ति वाचन किया गया और भगवान महाकाल से पूजा-अर्चना की आज्ञा ली गई। इसके पश्चात चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधिवत जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद तथा विभिन्न फलों के रस से निर्मित पंचामृत द्वारा भगवान का अभिषेक किया गया। वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न इस पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भाग लिया। भस्म आरती के दौरान नंदी हॉल में नंदी महाराज का भी स्नान, ध्यान और विशेष पूजन किया गया। वहीं भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आकर्षक आभूषणों से किया गया। भगवान को भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट और पवित्र भस्म अर्पित कर उनका दिव्य स्वरूप सजाया गया। भस्म अर्पण के पश्चात बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पों की विशेष मालाएं धारण कराई गईं। इस अलौकिक श्रृंगार ने भगवान महाकाल के स्वरूप को और अधिक दिव्यता प्रदान की। पूजन के समापन पर फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। परंपरा के अनुसार महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। यह भस्म आरती महाकाल मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण और अद्वितीय धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इसी कारण प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और बाबा महाकाल की कृपा प्राप्त करते हैं।
साइबर ठगी के पैसों से खरीदा सोना, उज्जैन में पकड़ा गया गिरोह: MBA पास युवकों का नेटवर्क बेनकाब, BJP नेता का बेटा निकला मास्टरमाइंड

मध्यप्रदेश । साइबर अपराधियों द्वारा ठगी के पैसों को वैध बनाने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों का एक चौंकाने वाला मामला उज्जैन में सामने आया है। उज्जैन पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी से हासिल रकम को सोने में निवेश कर उसे नकदी में बदलने की साजिश रच रहा था। मामले में नर्मदापुरम के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी एक स्थानीय भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिमेष वर्मा, कशिश बढ़ानी और राहुल गुप्ता आपस में मित्र हैं और तीनों उच्च शिक्षित हैं। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर उज्जैन के विभिन्न ज्वेलरी शोरूम से करीब 4.65 लाख रुपए का सोना खरीदा। इन खरीदारी का भुगतान साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर किया गया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब फ्रीगंज स्थित एक ज्वेलर्स के बैंक खाते को संदिग्ध ट्रांजेक्शन के चलते होल्ड कर दिया गया। शोरूम संचालक ने इसकी सूचना माधवनगर थाने में दी। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में खरीदारी करने आए युवक के मोबाइल पर आए एक कॉल का नंबर स्क्रीन पर दिखाई दे गया। यही नंबर जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुआ। माधवनगर थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से महाकाल क्षेत्र के एक होटल में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनिमेष वर्मा कुछ महीने पहले क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से टेलीग्राम पर सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में आया था। ठगों ने उसे मोटे कमीशन और त्वरित मुनाफे का लालच दिया था। आरोपियों ने पिछले दस दिनों में उज्जैन के कई ज्वेलरी शोरूम से सोना खरीदा। दुकानदारों के क्यूआर कोड दिल्ली में बैठे साइबर ठगों को भेजे जाते थे। इसके बाद राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के शिकार लोगों के बैंक खातों से सीधे भुगतान किया जाता था। सोना खरीदने के बाद उसे बेचकर रकम को नकदी में बदलने की योजना थी। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पीड़ितों के खातों से लाखों रुपए के भुगतान की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का हिस्सा है, जो ठगी के पैसों को पेट्रोल पंपों और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश कर वैध बनाने का प्रयास करता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 21 जून तक रिमांड पर लिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए एक विशेष टीम दिल्ली भेजी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर अपराध के इस संगठित नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास T20I में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं

नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने न केवल 74 रनों की शानदार पारी खेली बल्कि इस प्रारूप में 600 चौके पूरे करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनकर एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया जो अब तक पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट में कोई भी खिलाड़ी हासिल नहीं कर सका था। हेडिंग्ले में खेले गए इस मैच में मंधाना ने अपनी पारंपरिक आक्रामक और क्लासिक बल्लेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 47 गेंदों पर 74 रन बनाते हुए कई आकर्षक चौके लगाए और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने चौकों की संख्या 600 के पार पहुंचा दी। यह उपलब्धि उन्होंने अपने 168वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हासिल की, जो उनकी निरंतरता और उच्च स्तर की बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है। मंधाना की पारी की खासियत उनकी टाइमिंग और गैप्स का सटीक उपयोग रहा, जिसके दम पर उन्होंने लगातार रन गति बनाए रखी और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी इस पारी के चलते भारत ने नीदरलैंड्स के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा किया और मुकाबले में 95 रनों से शानदार जीत दर्ज की। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाली खिलाड़ियों की सूची में अब मंधाना शीर्ष पर पहुंच चुकी हैं। उनके 604 चौकों के साथ न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 521 चौकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि पाकिस्तान के बाबर आजम, आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग और भारत के रोहित शर्मा क्रमशः पीछे हैं। यह आंकड़ा बताता है कि मंधाना किस तरह लगातार विश्व क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दबदबा बनाए हुए हैं। इस ऐतिहासिक पारी के दौरान मंधाना ने एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ते हुए महिला टी20 विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह उनका छठा 50+ स्कोर रहा, जो उनकी स्थिरता और बड़े मैचों में योगदान को दर्शाता है। मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की 115 रनों की मजबूत साझेदारी की बदौलत 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 114 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां श्री चरणी ने चार विकेट झटके और शेफाली वर्मा ने तीन विकेट लेकर टीम की जीत को सुनिश्चित किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने विश्व कप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अब टीम का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा, जहां एक बार फिर सभी की नजरें स्मृति मंधाना पर टिकी होंगी कि क्या वह अपनी यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रख पाती हैं।
शाहिद कपूर की फिल्म की रिलीज के बाद दर्शकों में बढ़ा सिनेमाई उत्साह, 'अल्फा' और 'वेलकम टू द जंगल' सहित इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर टिकीं सबकी नजरें

नई दिल्ली । भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की भव्य रिलीज के साथ ही दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के सिनेमाघरों में दस्तक देने के तुरंत बाद मनोरंजन जगत की प्रतिष्ठित ट्रैकिंग वेबसाइट आईएमडीबी ने दर्शकों की पसंद और उत्सुकता के आधार पर मोस्ट एंटीसिपेटेड यानी सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली आगामी हिंदी फिल्मों की सूची को अपडेट कर दिया है। इस नई सूची से साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले हफ्तों में सिनेमाघरों से लेकर विभिन्न डिजिटल और टेलीविजन प्लेटफॉर्म्स पर बड़े सितारों के बड़े बजट वाले प्रोजेक्ट्स दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस सूची में सबसे पहला और बड़ा नाम निर्देशक अहमद खान के मार्गदर्शन में बन रही मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेल्कम टू द जंगल’ का है। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, रवीना टंडन, अरशद वारसी और दिशा पाटनी जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी यह बड़े बजट की फिल्म आगामी 26 जून को सीधे सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। हाल ही में जारी हुए इसके ट्रेलर ने दर्शकों के बीच पहले ही भारी उत्सुकता पैदा कर दी है, जिससे इसे बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। थिएटर रिलीज की इस कतार में अगला बड़ा नाम निर्देशक इंद्र कुमार की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी ‘धमाल 4’ का है। साल 2007 में शुरू हुई इस मशहूर सीरीज के चौथे भाग में अजय देवगन, रितेश देशमुख, रवि किशन, संजय मिश्रा और जावेद जाफरी जैसे कलाकार अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को गुदगुदाने के लिए लौट रहे हैं। कॉमेडी शैली की यह फिल्म अगले महीने की 10 तारीख यानी 10 जुलाई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी, जिसे लेकर सिनेमाप्रेमियों के बीच जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। एक्शन और थ्रिलर के शौकीनों के लिए यशराज फिल्म्स के चर्चित स्पाई यूनिवर्स की अगली बड़ी पेशकश ‘अल्फा’ भी सिनेमाघरों में तहलका मचाने को तैयार है। शिव रवैल द्वारा निर्देशित इस कड़क स्पाई थ्रिलर फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में हैरतअंगेज एक्शन करती नजर आएंगी। बॉबी देओल और अनिल कपूर जैसे मजबूत अभिनेताओं से सजी इस फिल्म में सुपरस्टार ऋतिक रोशन का एक विशेष कैमियो भी शामिल किया गया है, जो दर्शकों के लिए बड़ा सरप्राइज होगा। यह फिल्म आगामी 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। सिल्वर स्क्रीन के अलावा डिजिटल स्पेस और टेलीविजन क्षेत्र में भी मनोरंजन का बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। निर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा की बहुप्रतीक्षित थ्रिलर फिल्म ‘इक्का’ आगामी 10 जुलाई को सीधे नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम की जाएगी, जिसमें सनी देओल एक कड़क वकील की मुख्य भूमिका में अक्षय खन्ना और दिया मिर्जा के साथ स्क्रीन साझा करते दिखेंगे। वहीं दूसरी ओर, प्रख्यात फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी भी डिजिटल माध्यम में अपना पहला कदम रख रहे हैं। उनके निर्देशन में बनी कॉमेडी क्राइम सारांश सीरीज ‘प्रीतम पेड्रो’ 3 जुलाई को जियो हॉटस्टार पर रिलीज होगी, जिसमें विक्रांत मैसी, संजय दत्त और बोमन ईरानी मुख्य भूमिकाओं में हैं। छोटे पर्दे की बात करें तो कलर्स टीवी पर 29 जून से एक नया धारावाहिक ‘जूही मुही’ शुरू हो रहा है, जिसमें ईशा सिंह एक ऑटिस्टिक बच्ची का चुनौतीपूर्ण किरदार निभा रही हैं और उनके साथ वरिष्ठ अभिनेता संजय सूरी भी अहम भूमिका में नजर आएंगे।
ढाबा संचालक को उम्रकैद: महिला से दुष्कर्म और जातिसूचक प्रताड़ना के मामले में उज्जैन कोर्ट का बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में वर्ष 2024 में सामने आए दुष्कर्म और अत्याचार के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। महिला के साथ दुष्कर्म करने और जातिसूचक अपमान करने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को अदालत ने कठोर दंड देते हुए समाज में ऐसे अपराधों के प्रति सख्त संदेश दिया है। मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया के अनुसार यह घटना 15 सितंबर 2024 की है। पीड़िता अपने एक परिचित युवक के साथ मोटरसाइकिल से महिदपुर क्षेत्र स्थित घड़ी वाले बाबा के दर्शन करने गई थी। दर्शन के बाद दोनों रात करीब 10 बजे माकड़ौन थाना क्षेत्र में स्थित एक ढाबे पर भोजन करने पहुंचे। यह ढाबा आरोपी लाखन सिंह गुर्जर द्वारा संचालित किया जाता था। अभियोजन के अनुसार भोजन करने के बाद जब दोनों ने बिल का भुगतान करना चाहा तो आरोपी ने पैसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने दोनों पर रात में वहीं रुकने का दबाव बनाया। जब पीड़िता और उसके साथी ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दोनों को अपमानित भी किया। मामले में यह भी सामने आया कि आरोपी ने हथियार दिखाकर पीड़िता के साथी को वहां से भगा दिया। इसके बाद उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया और घटना की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य पेश किए, जिन्हें न्यायालय ने स्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी माना। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी लाखन सिंह गुर्जर (37), निवासी ग्राम झिरनिया, थाना माकड़ौन, जिला उज्जैन को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वी) के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई तथा 6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। इस फैसले को महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यायालय के निर्णय ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और जातिगत अत्याचार जैसे गंभीर मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।
ईरान समझौते पर आगे बढ़ने की कोशिश स्विट्जरलैंड यात्रा टलने के बावजूद अमेरिका प्रतिबद्ध

नई दिल्ली । वाशिंगटन में ईरान के साथ तकनीकी वार्ता के अगले चरण को लेकर चल रही तैयारी के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance की स्विट्जरलैंड यात्रा को फिलहाल टाल दिया गया है। यह यात्रा उस प्रक्रिया का हिस्सा थी जिसमें दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए प्रारंभिक समझौते को लागू करने और उसके क्रियान्वयन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से बातचीत होनी थी। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यात्रा स्थगित होने के बावजूद बातचीत की प्रक्रिया जारी है और दोनों पक्ष जल्द से जल्द अगले चरण की तकनीकी चर्चा शुरू करने के लिए तैयार हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि तकनीकी बातचीत की तारीख अभी अंतिम रूप में तय नहीं हुई है और स्थिति लगातार बदल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल किसी भी समय प्रस्थान के लिए तैयार है लेकिन वार्ता की व्यवस्था और समय तय करना आसान प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उपराष्ट्रपति उसी दिन यात्रा नहीं कर रहे हैं और आगे की जानकारी परिस्थितियों के अनुसार साझा की जाएगी। अमेरिकी प्रशासन ने यह संकेत दिया कि जैसे ही अगले चरण की बातचीत को लेकर कोई निश्चित कार्यक्रम तय होगा उसे सार्वजनिक किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं की जा रही है बल्कि समन्वय से जुड़े तकनीकी कारणों के चलते समय में बदलाव हुआ है। प्रशासन ने यह भी दोहराया कि उनका उद्देश्य जल्द से जल्द तकनीकी वार्ता शुरू करना है ताकि समझौते के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाया जा सके। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब वाशिंगटन और तेहरान दोनों ही पक्ष समझौते के बाद निगरानी और अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की तैयारी कर रहे हैं। इन वार्ताओं में सबसे अहम विषय यह माना जा रहा है कि समझौते को जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाए और उसकी प्रभावी निगरानी कैसे सुनिश्चित की जाए। उपराष्ट्रपति ने पहले संकेत दिया था कि तकनीकी बातचीत कुछ ही दिनों में शुरू हो सकती है और इसके लिए स्विट्जरलैंड संभावित स्थान हो सकता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि इस प्रक्रिया का समन्वय चुनौतीपूर्ण है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच समय और स्थान को लेकर लगातार बदलाव की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने कहा था कि योजना के अनुसार स्विट्जरलैंड जाने की तैयारी थी लेकिन यह स्थिति परिस्थितियों पर निर्भर करती है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि बातचीत का मुख्य फोकस तकनीकी विवरणों पर होगा जिनमें निगरानी प्रक्रिया सत्यापन तंत्र और ईरान के संवर्धित यूरेनियम से जुड़े प्रबंधन जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन तकनीकी पहलुओं पर सहमति बनना ही बड़े समझौते की सफलता की असली परीक्षा होगी। व्हाइट हाउस ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन केवल बयानों पर नहीं बल्कि व्यावहारिक कार्यों पर भरोसा करता है और इसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। अमेरिका का कहना है कि बातचीत में प्रगति तभी मानी जाएगी जब जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सामने आएंगे और समझौते का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 दिन के प्रतिबंध को दी वैधता; परीक्षा की शुचिता पर सख्त रुख

नई दिल्ली । देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले दिल्ली हाईकोर्ट के एक अहम फैसले ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति को कानूनी मजबूती प्रदान कर दी है। अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए पांच दिनों के अस्थायी प्रतिबंध को उचित और आवश्यक बताते हुए उसे चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस फैसले को परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हित और परीक्षा की पवित्रता को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। न्यायालय के अनुसार, यदि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से परीक्षा संबंधी गोपनीय सूचनाओं के प्रसार, पेपर लीक या संगठित नकल की आशंका हो, तो संबंधित एजेंसियों को समय रहते प्रभावी कदम उठाने का अधिकार है। कोर्ट ने माना कि सरकार द्वारा लिया गया निर्णय एक निवारक कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य संभावित अनियमितताओं को रोकना था। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं। सरकार का पक्ष था कि कुछ संगठित समूह परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में परीक्षा से ठीक पहले सीमित अवधि के लिए प्रतिबंध लगाना आवश्यक समझा गया ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। अदालत ने यह भी माना कि संबंधित आदेश विधिक प्रक्रिया के तहत जारी किया गया था और इसमें निर्धारित प्रावधानों का पालन किया गया। न्यायालय ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन जब मामला लाखों छात्रों के भविष्य और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ा हो, तब नियामक संस्थाओं को आवश्यक कदम उठाने का अधिकार प्राप्त है। सुनवाई के दौरान प्लेटफॉर्म की ओर से यह तर्क दिया गया कि पूरे मंच को ब्लॉक करना अत्यधिक कठोर कदम है और केवल संदिग्ध खातों या समूहों पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। हालांकि अदालत इस तर्क से सहमत नहीं हुई। न्यायालय ने कहा कि यदि संबंधित एजेंसियों को व्यापक स्तर पर दुरुपयोग की आशंका दिखाई देती है, तो परिस्थितियों के अनुरूप व्यापक कदम भी उठाए जा सकते हैं। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि प्रतिबंध स्थायी नहीं बल्कि सीमित अवधि के लिए लगाया गया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है। हाल के वर्षों में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग ने परीक्षा संचालन को जहां अधिक सुविधाजनक बनाया है, वहीं साइबर दुरुपयोग और सूचना लीक जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे में प्रशासन और न्यायपालिका दोनों परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दे रहे हैं। इस निर्णय के बाद अब NEET-UG री-एग्जाम की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक एजेंसियां और अधिक सतर्क नजर आ रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और तकनीकी नियंत्रण के जरिए परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अदालत के फैसले ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि छात्रों के हित और परीक्षा की शुचिता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जम्मू कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के प्रचार को किया खारिज

नई दिल्ली । जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के बासठवें सत्र में भारत ने पाकिस्तान और इस्लामी सहयोग संगठन की ओर से जम्मू कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट कहा कि जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और इस विषय पर किसी भी प्रकार का भ्रम या गलत व्याख्या स्वीकार नहीं की जा सकती। भारतीय प्रतिनिधि ने मंच पर कहा कि पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और गलत इरादों पर आधारित हैं तथा इनका उद्देश्य केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करना है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से अपने घरेलू संकट और आतंकवाद को दिए जा रहे समर्थन से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रचार का सहारा लेता रहा है। भारतीय पक्ष ने यह भी कहा कि इस्लामी सहयोग संगठन द्वारा की गई टिप्पणियां तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और यह एकतरफा दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। भारत ने यह दोहराया कि जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा था और है तथा हमेशा रहेगा और इस वास्तविकता को कोई भी बयान बदल नहीं सकता। भारतीय प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि असली मुद्दा वह क्षेत्र है जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है और जिसे पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर के रूप में जाना जाता है। भारत ने आरोप लगाया कि वहां दशकों से लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है और सैन्य दबाव के कारण जनता की मूलभूत स्वतंत्रताओं को सीमित किया गया है। भारत ने कहा कि यह स्थिति किसी भी प्रकार से लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और लगातार असंतोष और अशांति का कारण बनी हुई है। भारत ने आगे कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी नीति के रूप में इस्तेमाल करता है और फिर खुद को आतंकवाद का शिकार बताने की कोशिश करता है। भारतीय प्रतिनिधि ने इस विरोधाभास को उजागर करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की दोहरी नीति लंबे समय से देखी जा रही है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे दावे वास्तविकता को नहीं बदल सकते और न ही तथ्यों को छिपा सकते हैं। सिंधु जल संधि पर टिप्पणी करते हुए भारत ने कहा कि यह समझौता उस समय की परिस्थितियों में हुआ था जब क्षेत्रीय स्थिति अलग थी लेकिन अब समय बदल चुका है और जल संसाधनों के प्रबंधन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार देखना होगा। भारत ने संकेत दिया कि आतंकवाद और सहयोग एक साथ नहीं चल सकते और किसी भी प्रकार की साझेदारी तभी संभव है जब पारस्परिक विश्वास और जिम्मेदारी सुनिश्चित हो। भारत ने अपने वक्तव्य में यह भी स्पष्ट किया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति और स्थिरता के पक्ष में है लेकिन किसी भी प्रकार के झूठे प्रचार और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित बयानों को स्वीकार नहीं करेगा। भारत ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखना है तथा वह इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।