किसानों के खाते में बड़ी राहत, PM-Kisan Yojana की कुल राशि 4.27 लाख करोड़ के पार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi ने किसानों को आर्थिक मजबूती देने में नया मुकाम हासिल कर लिया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 4.27 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। हाल ही में Narendra Modi द्वारा जारी 22वीं किस्त ने इस आंकड़े को और आगे बढ़ा दिया है। 22वीं किस्त से 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को राहतइस महीने जारी की गई 22वीं किस्त के तहत 18,640 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई, जिससे 9.32 करोड़ से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ मिला। इनमें करीब 2.15 करोड़ महिला किसान भी शामिल हैं, जो इस योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। दुनिया की सबसे बड़ी DBT योजनाओं में शामि पीएम-किसान आज दुनिया की सबसे बड़ी Direct Benefit Transfer आधारित योजनाओं में गिनी जाती है। आधार-आधारित सत्यापन और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि सहायता सीधे सही लाभार्थी तक पहुंचे। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। किसानों की आय बढ़ाने में मददगारNITI Aayog और International Food Policy Research Institute के आकलन के अनुसार, इस योजना ने किसानों की आय बढ़ाने और उनकी कर्ज पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाई है। समय पर मिलने वाली सहायता से किसान बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों में निवेश कर पा रहे हैं। जमीनी स्तर पर दिख रहा असरदेश के अलग-अलग हिस्सों में किसानों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। केरल की किसान भामिनी के मुताबिक, समय पर मिलने वाली राशि से वह अपनी खेती को बेहतर बना पा रही हैं। अंडमान-निकोबार के किसान अनिल हलदार ने इस मदद से तरबूज की खेती शुरू कर फसल विविधता बढ़ाई। वहीं जम्मू-कश्मीर के किसान दीपक सिंह नेगी इस राशि से खेती के जरूरी इनपुट खरीदकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों सुधार रहे हैं। बजट में भी मिला बड़ा समर्थनसरकार ने किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे साफ है कि सरकार इस योजना को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। क्या है पीएम-किसान योजना? 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो 2,000 रुपए की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
ग्वालियर में तानसेन होटल तिराहा पर तेल फैलने से बाइक सवार घायल, ट्रैफिक बाधित

ग्वालियर । ग्वालियर के तानसेन होटल तिराहा पर गुरुवार को एक अज्ञात वाहन से काला तेल फैल जाने से आधा दर्जन से अधिक बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो गए। घटना शहर के व्यस्ततम इलाके में हुई जहां से बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। घटना के समय कई लोग गिरे हुए बाइक सवारों की मदद के लिए आगे आए लेकिन उन्होंने भी फिसलकर जमीन पर गिरने से चोटें लगीं। गवाहों ने बताया कि एक के बाद एक लोग गिरते नजर आए और वहां का माहौल पूरी तरह भयभीत हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पहल करते हुए अन्य वाहनों को मार्ग बदलने के लिए डाइवर्ट किया। थोड़ी देर में ट्रैफिक पुलिस भी मौके पर पहुंची और बैरिकेडिंग कर तेल फैली जगह को कवर किया ताकि आगे किसी दुर्घटना की संभावना कम हो सके। घायल बाइक सवार नितिन तिवारी ने घटना की जानकारी साझा की।
MSME सेक्टर को बड़ा बूस्ट: FTA से वैश्विक बाजार में बढ़ेगी भारतीय उद्योगों की पकड़

नई दिल्ली। भारत के लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर के लिए हाल के मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किसी बड़े अवसर से कम नहीं हैं। खगेन मुर्मू ने गुरुवार को कहा कि सरकार की एफटीए नीति और डिजिटलीकरण पर बढ़ता फोकस छोटे उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बना रहा है। एसोचैम द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल एसएमई कॉन्क्लेव’ में उन्होंने इसे एमएसएमई सेक्टर के लिए “गेमचेंजर” बताया। एमएसएमई-ऑस्ट्रेलिया जैसे व्यवसायों से खुला निर्यात का रास्ता मुर्मू ने विदेशों पर संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए एफटीए और यूरोपीय संघ के साथ खोए व्यवसायों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन व्यवसायों के जरिए भारतीय उत्पादों को शून्य या बहुत कम टैरिफ पर विदेशी बाजारों तक पहुंच मिल रही है। इसका सीधा फायदा वस्त्र, हस्तशिल्प और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर को मिल रहा है, जहां भारतीय उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धा बन रहे हैं। निर्यात में एमएसएमई की बड़ी गतिविधियांभारत के कुल निर्यात में एमएसएमई सेक्टर का योगदान लगभग 45-48 प्रतिशत है। यह आंकड़ा बताता है कि छोटे उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मुर्मु ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि ये उद्यम केवल घरेलू बाजार तक सीमित न रहें, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनें। डिजिटलीकरण बना विकास का नया इंजनविशेषज्ञों के अनुसार, MSME सेक्टर के अगले विकास चरण में डिजिटलीकरण एक्टिव भूमिका निभाएगा। पद्मा जायसवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाएं भारतीय MSME के लिए 500 अरब डॉलर तक के नए बाजार अवसर खोल सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के निर्यात और GDP में डिजिटल सेवाओं का योगदान करीब 25 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। GeM और डिजिटल प्लेटफॉर्म से सीधा बाजार कनेक्शनसरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस और उद्यम पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म छोटे उद्योगों को सीधे मनरेगा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हो रही है और छोटे उद्योगों को बेहतर कीमत और बाजार मिल रहा है। हालांकि, विश्लेषकों ने यह भी माना कि इन प्लेटफॉर्म के बारे में जागरूकता और कौशल विकास बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छोटे उद्योग इसका लाभ उठा सकें। वैश्विक सप्लायर बनने की दिशा में भारतसम्मेलन में यह स्पष्ट किया गया कि भारत का लक्ष्य अब केवल उत्पादन करना नहीं, बल्कि वैश्विक उपलब्धता चेन में मजबूत स्थान बनाना है। एफटीए और डिजिटल एकीकरण के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नव संवत्सर पर महाकाल मंदिर में नीम मिश्रित जल से अभिषेक, ब्रह्मध्वज से हुई परंपरा की पुनःस्थापना

उज्जैन । उज्जैन में गुड़ी पड़वा और नव संवत्सर के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। भक्तों ने ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः के जयघोष के साथ नूतन वर्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर भगवान महाकाल का परंपरानुसार नीम मिश्रित जल से अभिषेक किया गया जो नववर्ष की शुरुआत में शुद्धि और आरोग्यता की कामना का प्रतीक है। नीम के औषधीय गुणों को ध्यान में रखते हुए यह अभिषेक न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी देता है। भक्तों ने इस मौके पर सुख शांति और निरोग जीवन की प्रार्थना की। इसके साथ ही महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा के दिन मंदिर के शिखर पर ब्राह्मध्वज का भव्य ध्वजारोहण किया गया। यह परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल की लगभग 2000 साल पुरानी गौरवशाली परंपरा का पुनरुद्धार है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस पहल के तहत विक्रम संवत और ध्वज परंपरा को फिर से व्यापक स्वरूप दिया गया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है बल्कि भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता और प्राचीन गौरव का प्रतीक भी माना जाता है। बाबा महाकाल के दरबार में नव संवत्सर की शुरुआत विशेष पूजा अभिषेक और ब्रह्मध्वज के साथ हुई जिससे श्रद्धालुओं में उल्लास और आस्था का माहौल बना रहा।
बुधनी की बेटी पूजा शर्मा ने मध्य प्रदेश में बनाया इतिहास, ज्योतिर विज्ञान में जीता गोल्ड मेडल

बुधनी । मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के छोटे से मंडी गांव की मेधावी छात्रा पूजा शर्मा ने विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से वर्ष 2025 की स्नातक परीक्षा में ज्योतिर विज्ञान विषय में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूजा शर्मा ने जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया। पूजा शर्मा जो पिता कमलेश शर्मा की संतान हैं ने अपनी लगन मेहनत और प्रतिभा से यह उपलब्धि हासिल की। इस ऐतिहासिक क्षण पर राज्य स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया जिसमें मांगू भाई पटेल राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। पूजा की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और गांव में बल्कि पूरे बुधनी क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पूजा की यह उपलब्धि दूर दराज के गांवों की बेटियों के लिए शिक्षा और उत्कृष्टता की मिसाल बनेगी। यह साबित करती है कि छोटे गांव से निकलकर भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। पूजा ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता गुरुओं और परिवार की मेहनत को दिया और कहा कि वह चाहती हैं कि गांव की अन्य लड़कियां भी पढ़ाई पर ध्यान दें और अपने सपनों को पूरा करें। यह उपलब्धि न केवल पूजा के लिए बल्कि पूरे बुधनी क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और यह दर्शाती है कि मेहनत लगन और शिक्षा से किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है।
डीपफेक के खिलाफ सख्त कदम, Gautam Gambhir ने Delhi High Court में लगाई गुहार

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच Gautam Gambhir ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी पहचान, आवाज और चेहरे के दुरुपयोग को रोकने के लिए सिविल केस दायर किया है। यह मामला खासतौर पर एआई से बनाए जा रहे डीपफेक वीडियो और फर्जी डिजिटल कंटेंट से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ा फर्जी कंटेंट का खतरागंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के आखिर से Instagram, X (ट्विटर), YouTube और Facebook पर उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में फर्जी वीडियो और पोस्ट बनाए गए। इन वीडियो में फेस-स्वैपिंग और वॉइस-क्लोनिंग जैसी तकनीकों का उपयोग कर उन्हें ऐसे बयान देते दिखाया गया, जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक फर्जी वीडियो में उनके इस्तीफे की घोषणा दिखाई गई, जिसे 29 लाख से ज्यादा बार देखा गया, जबकि एक अन्य क्लिप को 17 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी दुरुपयोग मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। कुछ ई-कॉमर्स साइट्स पर भी बिना अनुमति के गंभीर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे। इस मामले में Amazon और Flipkart जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को भी पक्षकार बनाया गया है। इसके अलावा टेक कंपनियों में Meta Platforms, Google और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी केस में शामिल किया गया है, ताकि कोर्ट के आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके। 16 पक्षकारों के खिलाफ केस, 2.5 करोड़ हर्जाने की मांग गंभीर ने इस मामले में कुल 16 प्रतिवादियों (डिफेंडेंट्स) के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि सभी फर्जी अकाउंट्स और कंटेंट को तुरंत हटाया जाए, साथ ही भविष्य में उनके नाम, चेहरे और आवाज के इस्तेमाल पर स्थायी रोक लगाई जाए। उन्होंने 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है। यह केस Copyright Act 1957, Trade Marks Act 1999 और Commercial Courts Act 2015 के तहत दायर किया गया है। पहले भी आए हैं ऐसे बड़े फैसलेदिल्ली हाईकोर्ट पहले भी पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर कई अहम फैसले दे चुका है। इनमें Amitabh Bachchan, Anil Kapoor और Sunil Gavaskar से जुड़े मामलों में कोर्ट ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग कानूनन अपराध है-खासतौर पर एआई के दौर में। गंभीर का बयान: “यह सिर्फ मेरा नहीं, सभी का मामला” गौतम गंभीर ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी पहचान को गलत जानकारी फैलाने और कमाई का जरिया बनाया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत नुकसान का मामला नहीं, बल्कि कानून, सम्मान और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। क्यों अहम है यह मामला?आज के डिजिटल दौर में एआई डीपफेक तकनीक तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह केस एक मिसाल बन सकता है, जो यह तय करेगा कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक हस्ती की पहचान का दुरुपयोग करने वालों पर कितनी सख्ती होगी।
चयन समिति में स्थिरता की चाह, Ajit Agarkar 2027 तक पद पर बने रहने के इच्छुक
नई दिल्ली। यूरोप की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिता यूईएफए चैंपियंस लीग में स्पेनिश दिग्गज एफसी बार्सिलोना ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया। बार्सिलोना ने इंग्लिश क्लब न्यूकैसल यूनाइटेड को 7-2 के बड़े अंतर से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। दो मैचों के कुल स्कोर में बार्सिलोना ने 8-3 से जीत दर्ज कर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। पहले लेग में मुकाबला 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ था, लेकिन दूसरे लेग में कैंप नोउ पर बार्सिलोना ने जिस अंदाज में खेल दिखाया, उसने मैच को एकतरफा बना दिया। पहले हाफ में गोलों की बारिश, रोमांच चरम परमुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। छठे मिनट में ही रफीन्हा ने शानदार गोल कर बार्सिलोना को बढ़त दिलाई। हालांकि न्यूकैसल ने भी तुरंत जवाब दिया और एंथनी एलंगा ने बेहतरीन गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद बार्सिलोना ने अपनी लय पकड़ी और फर्मिन लोपेज़ तथा मार्क बर्नाल के गोलों की मदद से बढ़त बना ली। लेकिन एलंगा ने एक और गोल कर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में युवा स्टार लैमिन यमल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर बार्सिलोना को 3-2 की बढ़त दिलाई। इस तरह पहले हाफ में ही पांच गोल देखने को मिले, जिसने दर्शकों का पूरा पैसा वसूल कर दिया। दूसरे हाफ में बार्सिलोना का दबदबा, न्यूकैसल बेबसदूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही बार्सिलोना ने मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। अनुभवी स्ट्राइकर रॉबर्ट लेवांडोव्स्की ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे और टीम की बढ़त को मजबूत कर दिया। वहीं फर्मिन लोपेज ने भी एक और गोल कर अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। न्यूकैसल की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब सैंड्रो टोनाली चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। टीम की मिडफील्ड कमजोर पड़ गई और इसका फायदा बार्सिलोना ने बखूबी उठाया। अंत में राफिन्हा का डबल, जीत पर लगी मुहरमुकाबले के अंतिम डेस्क में राफिन्हा ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 7-2 कर दिया और बार्सिलोना की शानदार जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और अब वह क्वार्टरफाइनल में भी इसी लय को जारी रखने के इरादे से उतरेगी। कोच हंसी फ्लिक ने भी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया और अंत में अपने प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने का मौका मिला, जो आगे के मुकाबलों के लिए अहम साबित हो सकता है। आत्मविश्वास से लबरेज बार्सिलोना, अब नजर अगले मुकाबले परइस बड़ी जीत के बाद बार्सिलोना ने न सिर्फ क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वियों को भी साफ संदेश दे दिया है कि वह इस बार खिताब के बड़े दावेदार हैं। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बेहतरीन संतुलन के साथ टीम शानदार फॉर्म में नजर आ रही है।
क्रिकेट जगत में उत्सव का माहौल, दिग्गज खिलाड़ियों ने दी Gudi Padwa की शुभकामनाएं

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ियों ने गुड़ी पड़वा और उगादी के शुभ अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर क्रिकेट सितारों के पीएम ने इस पर्व के उत्साह को और बढ़ाया। सचिन से लेकर सूर्यकुमार तक, सभी ने दी शुभकामनाएंक्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने संदेश में सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने लिखा कि यह नया साल सभी के लिए आनंद और सफलता लेकर आए। वहीं, टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नए सपने और नई शुरुआत के साथ इस पर्व का स्वागत करने की बात कही। हरभजन का खास संदेश, परंपरा और स्वास्थ्य पर जोरपूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने संदेश में नई ऊर्जा और परंपराओं से जुड़े रहने का महत्व बताया। उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य और संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देते हुए त्योहार की शुभकामनाएं दीं। लक्ष्मण ने भारत की विविधता की झलक दिखाईवीवीएस लक्ष्मण ने अपने संदेश में भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया। उन्होंने चेटी चंद, नवरेह और सजीबू नोंग्मा पनबा जैसे अलग-अलग क्षेत्रीय नववर्ष त्योहारों का जिक्र करते हुए “एकता में विविधता” का संदेश दिया। रहाणे और कुंबले ने भी दी शुभकामनाएंपूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने सभी के जीवन में सफलता और खुशियों की कामना की। वहीं दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने उगादी के मौके पर लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। क्या है गुड़ी पड़वा और उगादी का महत्वगुड़ी पड़वा महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है, जो हिंदू लूनिसोलर कैलेंडर के नए साल की शुरुआत का प्रतीक होता है। इस दिन लोग अपने घरों में ‘गुड़ी’ स्थापित करते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाते हैं। वहीं उगादी दक्षिण भारत में नए साल के रूप में मनाया जाता है। ये सभी त्योहार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन आते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाए जाते हैं। देशभर में उत्सव का माहौलमार्च-अप्रैल के इस समय में पूरे भारत में नववर्ष के इन त्योहारों की धूम रहती है। रंग-बिरंगे जुलूस, पारंपरिक पकवान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोग नए साल का स्वागत करते हैं।
“कोई जरूरत हो तो बताना” – Rishabh Pant और Arjun Tendulkar की दोस्ती ने जीता दिल

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 से पहले Lucknow Super Giants के कैंप से एक दिलचस्प और सकारात्मक खबर सामने आई है। टीम के कप्तान Rishabh Pant और युवा ऑलराउंडर Arjun Tendulkar के बीच शानदार बॉन्डिंग देखने को मिल रही है, जिसने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नई टीम, नई शुरुआत का मौकामहान क्रिकेटर Sachin Tendulkar के बेटे अर्जुन तेंदुलकर अब इस सीजन में Mumbai Indians की जगह एलएसजी के लिए खेलते नजर आएंगे। अब तक उनका करियर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन इस बार वह खुद को साबित करने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं। प्रैक्टिस सेशन में दिखी शानदार केमिस्ट्रीएलएसजी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में पंत और अर्जुन के बीच मजेदार बातचीत देखने को मिली। पंत ने जब अर्जुन के बल्ले का वजन पूछा और जवाब मिला 1220 ग्राम, तो वह हैरान रह गए। अर्जुन ने बताया कि भारी बल्ले से खेलने का फायदा यह है कि “हल्का सा टच भी गेंद को दूर तक भेज देता है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता 1300 ग्राम से ज्यादा वजन का बल्ला इस्तेमाल करते थे। “कोई जरूरत हो तो बताना” -पंत का भरोसावीडियो में सबसे खास पल तब आया जब ऋषभ पंत ने अर्जुन से कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो, तो वह हमेशा उनके लिए मौजूद रहेंगे। यह बात दिखाती है कि टीम में सिर्फ प्रोफेशनल रिश्ता ही नहीं, बल्कि एक मजबूत दोस्ती भी बन रही है। कम उम्र, मजबूत कनेक्शनऋषभ पंत और अर्जुन तेंदुलकर की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है, जिसकी वजह से दोनों जल्दी ही अच्छे दोस्त बन गए। टीम माहौल में इस तरह की बॉन्डिंग खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। अर्जुन की मेहनत ने किया प्रभावितपंत ने अर्जुन की डेडिकेशन की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि अर्जुन अपनी शादी के तुरंत बाद ही ट्रेनिंग के लिए जुट गए और Yuvraj Singh के साथ अभ्यास करने लगे। यह उनके प्रोफेशनल एटीट्यूड को दर्शाता है। करियर के लिए अहम मौकाअर्जुन तेंदुलकर के लिए आईपीएल 2026 बेहद अहम सीजन हो सकता है। अब तक उन्होंने आईपीएल में सीमित मौके पाए हैं-5 मैचों में 3 विकेट और 13 रन। लेकिन एलएसजी में उन्हें खुद को साबित करने का बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकता है। फैंस को उम्मीद, क्या चमकेगा अर्जुन का सितारा?अब देखने वाली बात होगी कि क्या अर्जुन इस मौके का फायदा उठाकर अपनी पहचान बना पाते हैं। वहीं, पंत जैसे कप्तान का समर्थन उनके आत्मविश्वास को जरूर बढ़ाएगा।
Babar Azam fitness issue : टी20 विश्व कप में फिटनेस विवाद, Babar Azam और Fakhar Zaman को लेकर फिजियो पर उठे सवाल

Babar Azam fitness issue : नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला टीम के दो बड़े सितारे बाबर आजम और फखर जमान की फिटनेस से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी T20 विश्व कप के दौरान पूरी तरह फिट नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल किया गया। इस खुलासे के बाद क्रिकेट गलियारों में हलचल मच गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा मुद्दा, जांच की मांग तेज इस विवाद ने तब जोर पकड़ा जब पूर्व क्रिकेटर आकिब जावेद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर इस मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से जांच की मांग की। वहीं, मेडिकल पैनल से जुड़े विशेषज्ञ डॉ. जावेद मुगल ने भी इस मामले में गंभीर सवाल उठाए हैं। चोट की गंभीरता के बाद मैं सामने सूत्रों के अनुसार, T20 विश्व कप के बाद जब बाबर आजम की विस्तृत जांच हुई, तो उनकी चोट पहले बताई गई तुलना में ज्यादा गंभीर निकले। इसी वजह से उन्होंने नेशनल T20 कप से दूरी बनाई। दूसरी ओर, फखर जमान भी लंबे समय से फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह मिली। फिजियो की भूमिका पर उठने वाला सवाल इस पूरे मामले में टीम के फिजियो क्लिफ डीकन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। चयन समिति का कहना है कि उन्होंने केवल उन खिलाड़ियों को चुना जिन्हें फिजियो से फिटनेस क्लीयरेंस मिली थी। हालांकि, क्लिफ डीकन पर आरोप है कि वह पहले भी देर चोट से जूझ रहे खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति देते रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या फिटनेस क्लीयरेंस देने में सेहतमंद रही? पीसीबी जांच करेगा, हो सकती है कार्रवाई अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे मामले की जांच करने का फैसला किया है। जांच के बाद ही यह साफ हो जाएगा कि क्या वास्तव में अनफिट खिलाड़ियों को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में उतारा गया था। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो बोर्ड से संबंधित अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है। आगे का कार्यक्रम और नजरें पीएसएल पर फिलहाल बाबर आजम नेशनल क्रिकेट अकादमी में रिहा कर रहे हैं और जल्द ही मैदान पर वापसी की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में पेशावर जाल्मी की कप्तानी करते नजर आएंगे। अब सबकी नजर PCB की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो पाकिस्तान क्रिकेट के इंडिपेंडेंट वर्क और फिटनेस मैनेजमेंट की सच्चाई सामने ला सकती है।