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निफ्टी की सीमित रेंज टूटते ही बाजार में आ सकता है बड़ा ट्रेंड, वोल्टास पर दबाव बरकरार और तेजस नेटवर्क में मजबूत रिकवरी के संकेत

नई दिल्ली । शेयर बाजार इस समय लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, जहां निवेशक किसी स्पष्ट दिशा के इंतजार में नजर आ रहे हैं। बाजार की चाल फिलहाल सीमित दायरे में घूम रही है, जिससे यह समझना मुश्किल हो गया है कि अगली बड़ी मूव किस दिशा में होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी अपनी मौजूदा रेंज से बाहर नहीं निकलता, तब तक किसी मजबूत ट्रेंड की पुष्टि नहीं की जा सकती। उनका मानना है कि एक बार यह दायरा टूटने के बाद बाजार किसी एक दिशा में तेज और स्पष्ट रुख अपना सकता है, जो आने वाले दिनों में निर्णायक साबित होगा। इस समय बाजार की स्थिति को प्रभावित करने वाले कई वैश्विक कारण भी सामने हैं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख हैं। इन वजहों से निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और खरीदारी में सतर्कता देखी जा रही है। इसके साथ ही आईटी और बैंकिंग जैसे बड़े सेक्टरों में कमजोरी ने भी बाजार की रफ्तार को सीमित कर दिया है, जिससे प्रमुख इंडेक्स ऊपर की ओर मजबूत बढ़त नहीं दिखा पा रहे हैं। इसी बीच वोल्टास के शेयरों पर दबाव लगातार बना हुआ है। यह स्टॉक पिछले कुछ समय से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और हाल के सत्रों में इसमें गिरावट का रुझान देखने को मिला है। तकनीकी संकेत भी इसकी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां मोमेंटम में गिरावट और बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह स्टॉक एक निश्चित स्तर के ऊपर मजबूती नहीं दिखाता, तब तक इसमें सुधार की संभावना सीमित बनी रह सकती है। दूसरी ओर तेजस नेटवर्क के शेयरों में हाल के दिनों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। यह स्टॉक अपने निचले स्तर से तेजी से उभरता हुआ दिखाई दिया है और इसमें बढ़ते वॉल्यूम के साथ खरीदारी भी बढ़ी है। तकनीकी रूप से यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो इसे सकारात्मक संकेत देता है। हालांकि, इस तेजी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि स्टॉक मौजूदा स्तरों पर स्थिरता बनाए रखे, अन्यथा इसमें फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर बाजार की मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि निफ्टी की अगली बड़ी दिशा उसके रेंज ब्रेकआउट पर निर्भर करेगी। वहीं स्टॉक स्तर पर वोल्टास में कमजोरी और तेजस नेटवर्क में सुधार के संकेत अलग-अलग अवसर और जोखिम दोनों को दर्शा रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए चयनात्मक और सतर्क रणनीति अपनाना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।

एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी

नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ की एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जो मातृत्व की शक्ति को एक नई परिभाषा देती है। 40 वर्षीय कंचन असाटी, जो पिछले 10 वर्षों से गंभीर किडनी रोग से जूझ रही थीं, उन्हें उनकी 75 वर्षीय मां मनोरमा असाटी ने अपनी किडनी दान कर नया जीवन दिया। यह सफल ट्रांसप्लांट जून 2025 में भोपाल के बंसल अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उम्र के जोखिम के बावजूद यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। आज मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं। 10 साल की बीमारी और लंबा संघर्षकरीब एक दशक पहले गर्भावस्था के दौरान कंचन को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का पता चला था। समय के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती गई और क्रिएटिनिन व यूरिया का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। दिल्ली, इंदौर, हरियाणा और अहमदाबाद जैसे कई बड़े अस्पतालों में इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत में डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है। 10 रिश्तेदारों की किडनी नहीं हुई मैचपरिवार ने बेटी की जान बचाने के लिए कई प्रयास किए। लगभग 10 रिश्तेदारों की जांच कराई गई, लेकिन किसी की भी किडनी मैच नहीं हुई। आखिर में मां मनोरमा असाटी का टेस्ट किया गया, जिसमें उनकी किडनी मैच कर गई। हालांकि, उम्र 75 वर्ष होने के कारण डॉक्टरों ने शुरुआत में ट्रांसप्लांट को अत्यधिक जोखिम भरा बताते हुए ऑपरेशन से मना कर दिया था। लेकिन परिवार की उम्मीद और मां के दृढ़ संकल्प ने हालात बदल दिए। पति के निधन के बाद और कठिन हुआ जीवनइस संघर्ष के बीच वर्ष 2024 में कंचन के पति अमित आनंद असाटी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इसके बाद वे पूरी तरह डायलिसिस पर निर्भर हो गईं और अपने दो बच्चों के साथ संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं। बेटी की हालत को दिन-ब-दिन बिगड़ते देख मां ने निर्णय लिया कि अगर उनकी किडनी से बेटी की जान बच सकती है, तो वे यह जोखिम उठाने को तैयार हैं। डॉक्टरों ने बताया भावनात्मक और मेडिकल मिसालबुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत आनंद असाटी ने इस केस को एक दुर्लभ और प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि मां के त्याग और प्रेम की सबसे बड़ी मिसाल है। अब दोनों स्वस्थ, नई जिंदगी की शुरुआतसफल ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। मनोरमा असाटी वर्तमान में दमोह में रह रही हैं, जबकि कंचन अपने बच्चों के साथ सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी हैं।

ईरान-यूएस टकराव चरम पर: IRGC की सीधी चेतावनी, अमेरिकी ठिकाने और जहाज निशाने पर 14-पॉइंट प्रस्ताव पर तनाव जारी

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुली चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि फारस की खाड़ी या होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया, तो जवाब में सीधे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों पर हमला किया जाएगा। IRGC नौसेना कमांड ने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की “आक्रामक कार्रवाई” को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया है कि उसके मिसाइल और ड्रोन पहले से ही अमेरिकी ठिकानों और संभावित लक्ष्यों पर लॉक हैं और केवल आदेश का इंतजार है। इस बीच, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन ने ईरान के सामने 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने, यूरेनियम संवर्धन पर रोक और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को लेकर कई सख्त शर्तें शामिल हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि इस प्रस्ताव पर जल्द जवाब की उम्मीद है, लेकिन ईरान ने किसी समयसीमा को मानने से इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी प्रस्ताव अभी समीक्षा में है और इसका जवाब “उचित समय पर और राष्ट्रीय हितों को देखते हुए” दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी बाहरी दबाव में निर्णय नहीं करेगा। तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है। कतर के पास एक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध प्रोजेक्टाइल से हमला और ईरान के खार्ग द्वीप के पास बड़े तेल रिसाव ने समुद्री सुरक्षा और पर्यावरणीय चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल रिसाव 20 वर्ग मील तक फैल चुका है, जिससे क्षेत्रीय पारिस्थितिकी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी बीच अमेरिका के प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि समझौते की स्थिति में ईरान पर लगे प्रतिबंध धीरे-धीरे हटाए जा सकते हैं और उसकी जमी हुई संपत्ति भी जारी की जा सकती है, लेकिन इसके बदले परमाणु गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण जरूरी होगा। क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए ब्रिटेन और फ्रांस ने भी अपनी नौसैनिक तैनाती बढ़ा दी है, जबकि रूस ने प्रस्ताव दिया है कि वह ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को सुरक्षित रखने के लिए तैयार है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट अब वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का सबसे संवेदनशील क्षेत्र बन गया है, जहां किसी भी टकराव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी। लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाईजानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी। सबूत मिटाने की कोशिश का आरोपशनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई। मरने से पहले दिए आरोपियों के नामअस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं। शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवालदो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। पुलिस की कार्रवाई जारीपुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार

नई दिल्ली । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक संपन्न कराया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भस्म अर्पण के साथ हुआ दिव्य श्रृंगारकपूर आरती के बाद हरिओम जल अर्पित किया गया और फिर भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान का दिव्य श्रृंगार और भी भव्य रूप में सामने आया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की मालाएं बाबा महाकाल को अर्पित की गईं। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भोग और आरती के बाद भक्तों को मिला दर्शनश्रृंगार पूर्ण होने के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।

उज्जैन में आस्था का संगम: अर्जुन रामपाल ने किए महाकाल दर्शन, साथ दिखीं गायिका इशिता विश्वकर्मा

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Arjun Rampal रविवार तड़के मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन किए। वे सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उनका पूरा ध्यान शिव साधना में केंद्रित नजर आया। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार पर विधिवत दर्शन किए और भगवान महाकाल के सामने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा उनका देहरी पूजन कराया गया। मंदिर प्रशासन ने किया पारंपरिक स्वागतमंदिर प्रशासन की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने अर्जुन रामपाल का ‘महाकाल’ लिखे दुपट्टे से स्वागत किया। अभिनेता ने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां की व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक अनुभव देने वाली है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ तैयारियों का भी उल्लेख किया। अर्जुन रामपाल इससे पहले भी मार्च 2025 में उज्जैन आ चुके हैं, जब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। इशिता विश्वकर्मा ने जन्मदिन पर लिया महाकाल का आशीर्वादइसी दौरान गायिका Ishita Vishwakarma भी महाकाल मंदिर पहुंचीं और भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए। यह अवसर उनके 24वें जन्मदिन के साथ खास बन गया। इशिता ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं और बाबा महाकाल में उनकी गहरी आस्था है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है। भस्म आरती के दौरान उन्होंने भक्ति गीत “मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा” भी प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

कूनो से बाहर निकला KGP-1 चीता: मुरैना जिला की ओर मूवमेंट, वन विभाग अलर्ट पर

नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत कूनो नेशनल पार्क से लाया गया Kuno National Park का चीता KGP-1 अब लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। पिछले करीब 60 दिनों से यह चीता ग्वालियर वन मंडल के तिघरा और घाटीगांव के जंगलों में सक्रिय था, लेकिन अब उसने मुरैना जिले की सीमा की ओर रुख कर लिया है। वन विभाग के अनुसार चीता ने हाल ही में आसन नदी पार कर नए जंगल क्षेत्र की ओर मूवमेंट किया है। यह बदलाव उसकी प्राकृतिक प्रवृत्ति और भोजन-पानी की तलाश का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इंसानी गतिविधियों और शोर से दूरी बनाए रखने के लिए वह लगातार सुरक्षित जंगल क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। GPS कॉलर से हर मूवमेंट पर नजरवन विभाग की टीमें चीते की निगरानी के लिए अत्याधुनिक GPS सैटेलाइट कॉलर का उपयोग कर रही हैं। इस कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है ताकि वह सुरक्षित रहे और किसी भी मानव बस्ती में प्रवेश न करे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि KGP-1 का व्यवहार काफी बदलता रहता है। कभी वह लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रहता है, तो कभी भोजन और पानी की तलाश में बड़े इलाके में घूमने लगता है। डेढ़ महीने से ग्वालियर में बना हुआ था सक्रियपिछले लगभग डेढ़ से दो महीनों तक यह चीता ग्वालियर वन मंडल में लगातार मूवमेंट करता रहा, जिससे प्रशासन सतर्क था। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में लोगों को जंगल की ओर न जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी। मुरैना सीमा पर बढ़ा अलर्टअब जब चीता मुरैना सीमा की ओर बढ़ गया है, तो ग्वालियर और मुरैना दोनों वन मंडलों की संयुक्त टीमें अलर्ट मोड पर हैं। सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताअधिकारियों का कहना है कि चीते की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उसे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रहने और मानव संपर्क से दूर रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मूवमेंट पूरी तरह प्राकृतिक है और इसका उद्देश्य नए क्षेत्र में शिकार और निवास की तलाश है।

ग्वालियर में सनसनी: पानी की टंकी में मरा सांप मिलने से 19 हजार लोगों की सुरक्षा पर चिंता

नई दिल्ली। ग्वालियर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड क्रमांक 10 के घासमंडी मिर्जापुर मस्जिद इलाके में स्थित पानी की टंकी में मरा हुआ सांप मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह वही टंकी है जिससे करीब 19 हजार लोगों को पेयजल की सप्लाई होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस टंकी की लंबे समय से सफाई नहीं की गई थी, जिसके कारण अंदर गंदगी जमा हो गई और अंततः मरा हुआ सांप पानी में पाया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि लोग कई दिनों से इसी पानी का उपयोग कर रहे थे, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवादइस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें एक युवक लकड़ी की मदद से टंकी के अंदर से मरा हुआ सांप बाहर निकालता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार की है, लेकिन इसका वीडियो रविवार को सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाए। नगर निगम पर गंभीर सवालरहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार टंकी की सफाई और पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि निगम की लापरवाही के कारण वे दूषित पानी पीने को मजबूर थे, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।हालांकि इस मामले पर अभी तक नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है। स्थानीय प्रतिनिधियों को भी नहीं जानकारीवार्ड क्रमांक 10 के पार्षद शकील मंसूरी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में उन पर हमला हुआ था और वे फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। इसलिए वे क्षेत्र की स्थिति पर पूरी तरह अपडेट नहीं हैं। पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी लापरवाहियांयह पहली बार नहीं है जब ग्वालियर में पानी की टंकी को लेकर सवाल उठे हों। दो महीने पहले भी मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी टंकी में पांच मरी हुई छिपकलियां मिलने का मामला सामने आया था, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए थे। लोगों की मांग: जिम्मेदारों पर हो कार्रवाईघटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने टंकी की तुरंत सफाई, पानी की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

MP में NH-52 का बड़ा अपग्रेड: 4 लेन से 6 लेन बनेगा इंदौर-खलघाट कॉरिडोर, NHAI ने शुरू किया काम

इंदौर । मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-52 (NH-52) के इंदौर-खलघाट-सेंधवा-महाराष्ट्र सेक्शन को 4-लेन से 6-लेन में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस अहम हिस्से के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर काम शुरू कर दिया है। यह हिस्सा आगरा-मुंबई कॉरिडोर का महत्वपूर्ण भाग है, जिसकी लंबाई लगभग 160 किलोमीटर है। इस अपग्रेड के बाद क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा। परियोजना के तहत भेरू घाट, बाकनेर घाट और बिजासन घाट जैसे कठिन पहाड़ी क्षेत्रों को भी 6-लेन में बदला जाएगा। DPR तैयार होने के बाद शुरू होगा निर्माणNHAI के अनुसार फिलहाल DPR तैयार करने का काम जारी है। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लंबे समय के ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। नर्मदा पर बनेगा नया पुलखलघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी पर एक नया समानांतर पुल बनाने का भी प्रस्ताव है। इससे मौजूदा पुल पर दबाव कम होगा और 6-लेन कॉरिडोर पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से यात्रा का समय घटेगा, ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच संपर्क और मजबूत होगा। सुरक्षा और सड़क सुधार पर जोरNHAI ने बताया कि पहले हुए 4-लेन कार्यों के दौरान सड़क का रिअलाइनमेंट, चौड़ीकरण और ढलान सुधार जैसे कई कदम उठाए गए थे, जिससे सुरक्षा में सुधार हुआ। अब 6-लेन विस्तार में इन सुधारों को और मजबूत किया जाएगा। इस परियोजना में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बाईपास, सर्विस रोड, फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने की योजना भी शामिल है। खासकर बिजासन घाट जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैकस्पॉट) को सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रोजाना 40 हजार वाहनों का दबावNH-52 का यह हिस्सा आगरा से मुंबई को जोड़ने वाले प्रमुख कॉरिडोर का हिस्सा है, जिससे इंदौर और मुंबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्र भी जुड़े हैं। इस मार्ग से रोजाना लगभग 40,000 वाहन गुजरते हैं, जिनमें भारी मालवाहन भी शामिल हैं। 6-लेन बनने के बाद यह मार्ग अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद होगा, साथ ही यात्रा समय में भी कमी आएगी। औद्योगिक विकास को मिलेगा फायदाइस परियोजना से NH-47 और प्रस्तावित इंदौर-वेस्टर्न बायपास को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही मध्य भारत के औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और सप्लाई चेन और बेहतर होगी।

MP हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: प्रमुख सचिव समेत 3 अधिकारियों पर 25-25 हजार का जमानती वारंट

नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। मामला रीवा जिला उद्योग केंद्र में पदोन्नति से जुड़ा है, जहां कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद पालन नहीं किया गया था। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम सुनवाई में आदेश की अवमानना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के प्रमुख सचिव सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। यह कार्रवाई उस मामले में की गई है, जिसमें कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद पदोन्नति से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं किया गया था। यह पूरा मामला रीवा जिला उद्योग केंद्र से जुड़ा है, जहां पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश तिवारी की पदोन्नति पर निर्णय लंबित था। याचिकाकर्ता का कहना था कि वे मैनेजर पद पर पदोन्नति के लिए पूरी तरह पात्र हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर लगातार टालमटोल की जा रही थी। कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद नहीं हुआ पालनइस मामले में हाईकोर्ट ने 4 नवंबर 2024 को स्पष्ट आदेश जारी करते हुए संबंधित विभाग को 90 दिनों के भीतर पदोन्नति पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की। तीन वरिष्ठ अधिकारी बने पक्षकारइस अवमानना याचिका में एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, आयुक्त दिलीप कुमार सिंह और जिला उद्योग केंद्र रीवा के जनरल मैनेजर राहुल दुबे को पक्षकार बनाया गया था। अदालत में यह भी सामने आया कि तीनों अधिकारियों को नोटिस विधिवत रूप से तामील कर दिए गए थे, इसके बावजूद वे सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट की नाराजगी और कड़ा रुखसुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और इसे कोर्ट के आदेश की गंभीर अवमानना माना। इसके बाद अदालत ने भोपाल और रीवा के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जारी वारंट को तामील कराएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी के साथ तीनों अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया। अगली सुनवाई एक सप्ताह बादमामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। इस दौरान अदालत यह भी तय करेगी कि आगे की कार्रवाई क्या होगी। यह मामला एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।