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इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना

नई दिल्ली । इंदौर के प्रजाप्रत नगर स्थित राम टेकरी इलाके में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक खड़ी कार में अचानक आग लग गई। यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की बताई जा रही है। घटना रात करीब 11 बजे की है, जब स्थानीय लोगों ने कार से धुआं और आग की लपटें निकलते देख तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब 5 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक आग कार के आगे के हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी और वाहन को काफी नुकसान हो चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और उसे रोकना मुश्किल हो गया। कुछ ही मिनटों में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और पुलिस दोनों ही इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि असल वजह सामने आ सके। अभी तक किसी तरह की साजिश या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की है, जो द्वारकापुरी क्षेत्र के निवासी हैं और सुदामा नगर से जुड़े हुए हैं। वे प्रदेश युवा मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उनका संबंध क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ के परिवार से भी बताया जाता है। घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस तब ली जब दमकल विभाग ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह। वहीं फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश में तेज गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। रविवार से ही तापमान में बढ़ोतरी महसूस होने लगेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को प्रदेश में ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में बादल छाए रहे। शाम के समय भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश के साथ तेज आंधी चली। प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम बदला हुआ था। 9 मई तक कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी ट्रफ और चक्रवातीय गतिविधियों का असर देखने को मिला, जिसके चलते मई के शुरुआती दिनों में गर्मी से राहत बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, 10 मई के बाद मौसम साफ होने लगेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा। 12 और 13 मई को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। विभाग के अनुसार, गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें, शरीर को हाइड्रेट रखें और दोपहर में लंबे समय तक धूप में निकलने से बचें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इंदौर हादसा: भारी पार्सल गिरा, सफाईकर्मी घायल-प्रशासन ने गोदाम किया सील

नई दिल्ली । इंदौर के राजमोहल्ला इलाके में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। नगर निगम की सफाईकर्मी सुनीता बाली, जो वार्ड क्रमांक 69 में नियमित सफाई कार्य कर रही थीं, उस समय गंभीर रूप से घायल हो गईं जब उनके ऊपर लगभग 1 क्विंटल वजन का भारी पार्सल गिर गया। यह हादसा उस समय हुआ जब हंसचाल ट्रेवल्स की बस पर सामान चढ़ाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की छत पर रखा भारी लगेज चढ़ाते समय एक व्यक्ति के हाथ से फिसल गया और सीधे नीचे काम कर रही सफाईकर्मी पर गिर पड़ा। अचानक हुए इस हादसे में सुनीता बाली गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए घायल महिला को उठाया और वर्मा यूनियन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद कंधे और पसली में फ्रैक्चर की पुष्टि की है। फिलहाल महिला का इलाज जारी है और उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हादसे के बाद इलाके में मौजूद लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि बसों पर सामान लोड करने के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि इंडियन ट्रांसपोर्ट के गोदाम से यह पार्सल बस पर लोड किया जा रहा था। लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम को सील कर दिया है। नगर निगम अधिकारियों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, प्रातःकालीन सफाई अभियान के दौरान यह हादसा हुआ है। एआरओ स्तर के अधिकारी को मौके पर भेजा गया और पूरी स्थिति का निरीक्षण किया गया। साथ ही सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी भारी वस्तु को बिना उचित सुरक्षा उपायों के कैसे लोड किया जा रहा था। जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।यह हादसा एक बार फिर शहर में ट्रांसपोर्ट और लोडिंग अनलोडिंग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

तमिलनाडु में विजय सरकार की सबसे बड़ी चुनौती, चुनावी वादों पर खर्च कैसे उठाएगा कर्ज में डूबा राज्य?

नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय ने शानदार चुनावी सफलता हासिल कर सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बना लिया है। लेकिन अब उनकी असली परीक्षा सरकार चलाने और जनता से किए गए बड़े चुनावी वादों को पूरा करने की होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव जीतने से ज्यादा कठिन काम आर्थिक दबावों के बीच वादों को जमीन पर उतारना होगा। चुनाव प्रचार के दौरान विजय और उनकी पार्टी टीवीके ने कई महत्वाकांक्षी घोषणाएं की थीं। इनमें महिलाओं को हर महीने ₹2500 सहायता राशि, गरीब महिलाओं के विवाह के लिए 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी, स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक की मदद और हर साल 6 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन वादों ने महिला मतदाताओं पर बड़ा असर डाला। युवाओं के लिए भी पार्टी ने बड़े ऐलान किए थे। बेरोजगार ग्रेजुएट्स को ₹4000 मासिक भत्ता देने और छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹20 लाख तक का बिना गारंटी वाला शिक्षा ऋण देने का वादा किया गया। इसके अलावा किसानों के लिए कृषि ऋण माफी और धान-गन्ने पर कानूनी एमएसपी लागू करने की बात भी कही गई। सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि और अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने जैसे वादों ने भी चुनाव में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल इन सभी योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने का है। तमिलनाडु देश के औद्योगिक रूप से मजबूत राज्यों में गिना जाता है, लेकिन राज्य पर पहले से भारी कर्ज़ का बोझ है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है, जिसकी बड़ी वजह कल्याणकारी योजनाओं, सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और ब्याज भुगतान को माना जा रहा है। ऐसे में नई सरकार के सामने दोहरी चुनौती होगी। एक ओर जनता से किए गए वादों को पूरा करने का दबाव रहेगा, वहीं दूसरी ओर वित्तीय अनुशासन बनाए रखना भी जरूरी होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खर्च और राजस्व के बीच संतुलन नहीं बना, तो राज्य की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। विजय की सबसे बड़ी ताकत उनकी लोकप्रियता और मजबूत जनाधार है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आने के कारण उनके पास बड़ी संख्या में समर्थक हैं, लेकिन प्रशासन चलाने के लिए केवल लोकप्रियता काफी नहीं मानी जाती। शासन में आर्थिक प्रबंधन, नीतिगत फैसले और प्रशासनिक अनुभव की भी अहम भूमिका होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि विजय सरकार विकास और कल्याणकारी योजनाओं के बीच संतुलन कैसे बनाती है। तमिलनाडु की जनता ने नई उम्मीदों के साथ उन्हें मौका दिया है, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती उन उम्मीदों को हकीकत में बदलने की होगी।

भोपाल में सनसनी: छात्रा की मौत के बाद मकान मालिक की आत्महत्या, जांच पर उठे सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कोहेफिजा इलाके से एक रूह कपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ न्याय और जांच के चक्रव्यूह में फंसकर एक और जिंदगी खत्म हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा रोशनी की आत्महत्या के करीब तीन महीने बाद, उसी मकान के मालिक विजय राठौर ने शनिवार देर रात अपने घर में खुदकुशी कर ली। इस घटना ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है, बल्कि पुलिसिया कार्यप्रणाली और सामाजिक दबाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजय राठौर की मौत के बाद उनकी पत्नी करुणा राठौर ने व्यवस्था और छात्रा के परिवार पर तीखे प्रहार किए हैं। करुणा का आरोप है कि उनके पति पूरी तरह बेकसूर थे, लेकिन छात्रा की मौत के बाद से ही उन्हें ‘अपराधी’ की तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। पत्नी के मुताबिक, छात्रा के परिजन लगातार उनके घर आकर हत्या के झूठे केस में फंसाने की धमकियां देते थे। इतना ही नहीं, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बयानों के नाम पर विजय को थाने बुलाकर घंटों बैठाया जाता था, जिससे वे गहरे मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चले गए थे। पढ़ाई का दबाव बना काल, पर संदेह ने ली दूसरी जानघटना की जड़ें फरवरी माह से जुड़ी हैं, जब छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उस समय छात्रा के परिजनों और साथी मेडिकल छात्रों ने इसे हत्या करार देते हुए थाने का घेराव किया था। हालांकि, बाद में पुलिस जांच और मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट में एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। रोशनी ने मरने से पहले खुद को व्हाट्सएप किए गए मैसेज में लिखा था  “सॉरी मम्मी-पापा, नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस करना उससे भी कठिन है।” स्पष्ट था कि छात्रा पढ़ाई के दबाव के कारण जान दे रही थी, लेकिन इस सच्चाई के बावजूद मकान मालिक पर शक की सुई और दबाव कम नहीं हुआ। पत्नी की न्याय की गुहारविजय राठौर की पत्नी ने मांग की है कि उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले छात्रा के परिजनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि विजय बार-बार कहते थे कि पुलिस और छात्रा का परिवार उन्हें जीने नहीं देगा। शनिवार रात इसी प्रताड़ना से हारकर उन्होंने मौत को गले लगा लिया। वर्तमान में कोहेफिजा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। विजय की बेटी बेंगलुरु में रहती है, जिसके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। थाना प्रभारी केजी शुक्ला का कहना है कि परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एक छात्रा के करियर के दबाव ने पहले एक घर का चिराग बुझाया, और अब जांच के दबाव ने दूसरे हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को छीन लिया है।

IPL 2026 Playoff Race: GT टॉप-2 में फिर भी सबसे पीछे! जानिए किस टीम के कितने प्रतिशत चांस

नई दिल्ली ।  आईपीएल 2026 अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मैच प्लेऑफ की तस्वीर बदल रहा है। शनिवार को गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 77 रनों से हराकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की, बल्कि पॉइंट्स टेबल में भी दूसरा स्थान हासिल कर लिया। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम ने इस मुकाबले में ऐसा दमदार प्रदर्शन किया, जिसने बाकी टीमों की टेंशन बढ़ा दी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी जीत के बावजूद गुजरात टाइटंस को प्लेऑफ की दौड़ में सबसे कमजोर दावेदार माना जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक गुजरात टाइटंस के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 72.52 प्रतिशत है, जो टॉप-5 टीमों में सबसे कम है। जबकि सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उससे आगे हैं। क्रिकेट फैंस के लिए यह आंकड़ा चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन इसके पीछे टीमों का आगामी शेड्यूल सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। SRH बनी सबसे मजबूत दावेदारइस समय प्लेऑफ की रेस में सबसे मजबूत स्थिति सनराइजर्स हैदराबाद की नजर आ रही है। हैदराबाद के प्लेऑफ में पहुंचने के चांस 89.59 प्रतिशत बताए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, टीम के टॉप-2 में फिनिश करने की संभावना भी 60 प्रतिशत से ज्यादा है। लगातार संतुलित प्रदर्शन ने SRH को इस सीजन की सबसे खतरनाक टीम बना दिया है। पंजाब और राजस्थान भी मजबूत स्थिति मेंपंजाब किंग्स के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 84.81 प्रतिशत आंकी गई है। टीम ने इस सीजन कई करीबी मुकाबले जीतकर खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। वहीं राजस्थान रॉयल्स, हालिया हार के बावजूद 80.31 प्रतिशत चांस के साथ रेस में बनी हुई है। हालांकि खराब नेट रन रेट उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो सकती है। RCB और GT के बीच कांटे की टक्करआरसीबी के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 77.55 प्रतिशत है, जबकि गुजरात 72.52 प्रतिशत पर है। दोनों टीमों के बीच फर्क ज्यादा नहीं है, लेकिन गुजरात का बाकी शेड्यूल उसे मुश्किल में डाल रहा है। GT को अपने आखिरी लीग मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद, कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। दूसरी ओर राजस्थान के मुकाबले अपेक्षाकृत कमजोर टीमों के खिलाफ हैं, जिससे उसके चांस ज्यादा माने जा रहे हैं। चेन्नई अब भी रेस में जिंदाचेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बावजूद वापसी की है। टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना फिलहाल 38.81 प्रतिशत है। हालांकि अगर ऋतुराज गायकवाड़ की टीम अपने बाकी मुकाबले जीत जाती है, तो पूरा समीकरण बदल सकता है। इन टीमों का सपना लगभग खत्मकोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें अब लगभग खत्म मानी जा रही हैं। दिल्ली के प्लेऑफ चांस शून्य प्रतिशत बताए गए हैं, जबकि मुंबई और लखनऊ भी 2 प्रतिशत से नीचे पहुंच चुके हैं। अब आईपीएल 2026 का हर मुकाबला करो या मरो जैसा बन चुका है। आने वाले दिनों में पॉइंट्स टेबल में और बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

CSK बनी ‘साइलेंट किलर’! RCB-राजस्थान का प्लेऑफ सपना तोड़ सकता है चेन्नई का डरावना समीकरण

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बाद जोरदार वापसी की है। अब ऋतुराज गायकवाड़ की टीम ऐसा समीकरण बना रही है, जो RCB और राजस्थान रॉयल्स जैसी मजबूत टीमों को प्लेऑफ से बाहर कर सकता है। गुजरात की बड़ी जीत के बाद पॉइंट्स टेबल का खेल और रोमांचक हो गया है। आईपीएल 2026 अब अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। 52 मुकाबले पूरे होने के बाद भी कोई टीम आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ में नहीं पहुंची है और न ही कोई बाहर हुई है। लेकिन इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स ने ऐसा ‘साइलेंट किलर’ अवतार दिखाया है, जिसने आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स जैसी दावेदार टीमों की टेंशन बढ़ा दी है। सीजन की शुरुआत में लगातार तीन हार झेलने वाली चेन्नई अब जबरदस्त वापसी कर चुकी है और प्लेऑफ की रेस को पूरी तरह पलटने की स्थिति में पहुंच गई है। शनिवार को गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 77 रनों से हराकर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर कर दिया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 229 रन बनाए। जवाब में राजस्थान की टीम 152 रन पर सिमट गई। राशिद खान की घातक गेंदबाजी ने राजस्थान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इस हार के बाद राजस्थान 12 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गई और यहीं से चेन्नई के लिए प्लेऑफ के दरवाजे खुलते नजर आने लगे। चेन्नई सुपर किंग्स फिलहाल 10 मैचों में 10 अंक लेकर छठे नंबर पर है, लेकिन टीम के पास अभी 4 मुकाबले बाकी हैं। यही चार मैच पूरे टूर्नामेंट का समीकरण बदल सकते हैं। अगर चेन्नई अपने सभी बचे हुए मैच जीत लेती है, तो उसके 18 अंक हो जाएंगे और टीम सीधे टॉप-2 में पहुंच सकती है। यही स्थिति आरसीबी और राजस्थान दोनों के लिए खतरे की घंटी बन गई है। आरसीबी के पास फिलहाल 12 अंक हैं और उसे मुंबई, कोलकाता, पंजाब और हैदराबाद जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है। अगर आरसीबी अपने चार में से तीन मैच हार जाती है और चेन्नई लगातार जीत दर्ज करती है, तो बेहतर नेट रन रेट होने के बावजूद बेंगलुरु की टीम 14 अंकों पर अटककर बाहर हो सकती है। राजस्थान रॉयल्स की स्थिति भी ज्यादा मजबूत नहीं दिख रही। टीम के पास अधिकतम 18 अंक तक पहुंचने का मौका जरूर है, लेकिन खराब नेट रन रेट और लगातार दबाव उसके लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। दिल्ली, लखनऊ और मुंबई के खिलाफ बचे मुकाबलों में एक हार भी राजस्थान की राह कठिन बना सकती है, जबकि दो हार सीधे प्लेऑफ से बाहर कर सकती हैं। चेन्नई के पास सबसे बड़ा फायदा यह है कि उसके कुछ मुकाबले उन्हीं टीमों के खिलाफ हैं, जो प्लेऑफ की रेस में उससे ऊपर हैं। यानी CSK सिर्फ खुद अंक नहीं जुटाएगी, बल्कि प्रतिद्वंद्वियों को भी पीछे धकेलेगी। लखनऊ के खिलाफ आज का मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। अगर चेन्नई यह मैच बड़े अंतर से जीतती है, तो टीम टॉप-4 में एंट्री कर सकती है और राजस्थान नीचे खिसक जाएगा। चेपॉक का इतिहास भी चेन्नई के पक्ष में जाता है। घरेलू मैदान पर CSK हमेशा खतरनाक टीम साबित हुई है। ऐसे में ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टीम अगर लगातार जीत का सिलसिला जारी रखती है, तो आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। अब सभी की नजरें चेन्नई के अगले मुकाबलों पर टिकी हैं, क्योंकि यही मैच तय करेंगे कि कौन प्लेऑफ में जाएगा और किसका सपना टूटेगा।

शनि जयंती के शुभ संयोग से खुलेंगे भाग्य के द्वार, इन 5 राशि वालों को मिलेगा अपार धन-लाभ

नई दिल्ली  साल 2026 की शनि जयंती कई मायनों में बेहद खास रहने वाली है। 16 मई को पड़ने वाली इस शनि जयंती पर ग्रहों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है, जिसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। खास बात यह है कि इस बार शनि जयंती शनिवार के दिन ही आ रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दौरान बुधादित्य राजयोग और केदार योग का निर्माण हो रहा है, जिसका असर कई राशियों पर सकारात्मक रूप से दिखाई देगा। इनमें खास तौर पर 5 राशियों के लोगों की किस्मत अचानक चमक सकती है। दरअसल, 15 मई 2026 को सूर्य और बुध का वृषभ राशि में गोचर होगा। इन दोनों ग्रहों की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा, जो बुद्धि, करियर, सम्मान और धन लाभ का कारक माना जाता है। वहीं 7 घरों में ग्रहों की उपस्थिति से बनने वाला केदार योग आर्थिक मजबूती और सुख-समृद्धि का संकेत देता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इन शुभ योगों का सबसे ज्यादा फायदा वृषभ, सिंह, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के लोगों को मिल सकता है। वृषभ राशि वालों को मिलेगा करियर में बड़ा उछालवृषभ राशि में ही बुधादित्य योग बन रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी और पदोन्नति मिल सकती है। कारोबारियों को पुराने क्लाइंट्स से बड़ा फायदा होने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में भी राहत मिल सकती है। सिंह राशि वालों की बढ़ेगी प्रतिष्ठासिंह राशि के लोगों के लिए यह समय सामाजिक सम्मान और प्रोफेशनल सफलता लेकर आ सकता है। ऑफिस में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। नए बिजनेस अवसर मिल सकते हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। तुला राशि वालों को होगा धन लाभतुला राशि के लोगों के लिए केदार योग बेहद शुभ माना जा रहा है। संपत्ति खरीदने के योग बन सकते हैं। निवेश से लाभ होगा और लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा। वृश्चिक राशि वालों को मिल सकती है नई नौकरीवृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि जयंती नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। नौकरी बदलने का अवसर मिल सकता है। विदेश यात्रा या पढ़ाई के योग भी बन रहे हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और करियर में नई दिशा मिल सकती है। कुंभ राशि वालों के लिए खुलेगा सफलता का रास्ताकुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं, इसलिए शनि जयंती का प्रभाव इस राशि पर विशेष रूप से देखने को मिलेगा। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। करियर में उम्मीद से बड़ी सफलता मिल सकती है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और सेहत में भी सुधार आने के संकेत हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा, दान और संयमित जीवनशैली अपनाने से शुभ फलों में वृद्धि होती है। हालांकि किसी भी भविष्यवाणी को पूरी तरह निश्चित मानने के बजाय इसे आस्था और विश्वास के रूप में देखना चाहिए।

कटरा: मां वैष्णो देवी की नगरी, जहां श्रद्धा के साथ खानपान के नियम भी निभाए जाते हैं

नई दिल्ली। भारत में खाने की बात हो और प्याज-लहसुन का जिक्र न आए, ऐसा शायद ही कभी होता हो। हर घर की रसोई से लेकर बड़े-बड़े होटलों तक इन दोनों का इस्तेमाल आम माना जाता है। लेकिन जम्मू-कश्मीर का कटरा एक ऐसा शहर है, जहां पहुंचते ही खान-पान की पूरी तस्वीर बदल जाती है। यहां न बाजारों में प्याज-लहसुन बिकता दिखाई देता है, न ढाबों और होटलों के खाने में इसका इस्तेमाल होता है और न ही लोग इसे अपने घरों में रखना पसंद करते हैं। यही वजह है कि कटरा को देश के सबसे अनोखे धार्मिक शहरों में गिना जाता है। कटरा माता वैष्णो देवी मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां से माता के दरबार के लिए यात्रा शुरू करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यात्रा शुरू करने से पहले शरीर और मन की पवित्रता बनाए रखना जरूरी माना जाता है। इसी वजह से पूरे शहर में सात्विक भोजन की परंपरा विकसित हुई। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्याज और लहसुन तामसिक भोजन की श्रेणी में आते हैं, जो मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि वर्षों से यहां इनका इस्तेमाल नहीं किया जाता। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह परंपरा किसी सरकारी आदेश या कानूनी प्रतिबंध के कारण नहीं चल रही, बल्कि लोगों की आस्था और आपसी सम्मान से कायम है। यहां रहने वाले दूसरे धर्मों के लोग, यहां तक कि मुस्लिम परिवार भी स्थानीय परंपराओं का सम्मान करते हुए प्याज-लहसुन से दूरी बनाए रखते हैं। यही सामाजिक सौहार्द कटरा को बाकी शहरों से अलग पहचान देता है। अक्सर लोगों को लगता है कि बिना प्याज और लहसुन के खाना स्वादिष्ट नहीं हो सकता, लेकिन कटरा इस सोच को बदल देता है। यहां के रसोइए हींग, अदरक, हरी मिर्च और खास मसालों के इस्तेमाल से ऐसा स्वाद तैयार करते हैं कि श्रद्धालु खाने की तारीफ किए बिना नहीं रहते। दाल, कढ़ी, सब्जियां, पूरी और चटनियों का स्वाद यहां अलग ही अनुभव देता है। कई लोग तो कटरा के सात्विक भोजन को सेहत और स्वाद का बेहतरीन मेल मानते हैं। कटरा की यह परंपरा सिर्फ खान-पान तक सीमित नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और धार्मिक वातावरण का हिस्सा बन चुकी है। दुकानदार भी प्याज-लहसुन का स्टॉक नहीं रखते और यदि कोई पर्यटक इसकी मांग करता है, तो उसे विनम्रता से यहां की परंपरा के बारे में बताया जाता है। यही वजह है कि कटरा आज भी अपनी आध्यात्मिक पहचान और सात्विक जीवनशैली के कारण देश-दुनि

ग्लोइंग और साफ त्वचा के लिए Azelaic Acid बना पसंदीदा विकल्प, एक्सपर्ट्स ने बताए इसके फायदे

नई दिल्ली ।आज के समय में स्किनकेयर केवल सुंदर दिखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोग अब अपनी त्वचा को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने पर भी ध्यान देने लगे हैं। बाजार में मौजूद कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के बीच Azelaic Acid तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। त्वचा विशेषज्ञ इसे एक ऐसा तत्व मानते हैं जो चेहरे की कई सामान्य समस्याओं पर एक साथ काम करने की क्षमता रखता है। Azelaic Acid खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जो मुहांसों, चेहरे की लालिमा, असमान स्किन टोन और जिद्दी दाग-धब्बों से परेशान रहते हैं। यह त्वचा को धीरे-धीरे साफ और संतुलित बनाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह त्वचा पर ज्यादा कठोर प्रभाव डाले बिना असर दिखाता है, इसलिए संवेदनशील त्वचा वाले लोग भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक्टिव त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाने के बजाय अंदर से काम करता है। यह स्किन पोर्स को साफ रखने, बैक्टीरिया को नियंत्रित करने और सूजन को कम करने में मदद करता है। इसी कारण इसे पिंपल्स और उनके निशानों दोनों पर असरदार माना जाता है। कई लोग इसे अपने स्किनकेयर रूटीन का स्थायी हिस्सा बना रहे हैं क्योंकि यह लंबे समय तक त्वचा की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है। त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि Azelaic Acid का इस्तेमाल धीरे-धीरे शुरू करना चाहिए। शुरुआत में कम प्रतिशत वाले प्रोडक्ट्स का उपयोग बेहतर माना जाता है ताकि त्वचा इस एक्टिव के अनुकूल हो सके। शुरुआती दिनों में हल्की झुनझुनी, खुजली या सूखापन महसूस होना सामान्य हो सकता है, लेकिन समय के साथ त्वचा इसकी आदी हो जाती है। यदि जलन अधिक महसूस हो तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है। इस एक्टिव की खास बात यह भी है कि इसे अन्य स्किनकेयर तत्वों के साथ संतुलित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। कई लोग इसे नियासिनमाइड और विटामिन-सी जैसे इंग्रीडिएंट्स के साथ उपयोग करते हैं ताकि त्वचा की चमक और रंगत बेहतर हो सके। हालांकि, किसी भी नए एक्टिव को रूटीन में शामिल करने से पहले अपनी त्वचा की जरूरतों को समझना बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज की जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण और तनाव के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। ऐसे में Azelaic Acid जैसे एक्टिव्स लोगों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर सामने आए हैं। यह न केवल चेहरे की बनावट को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि त्वचा को अधिक संतुलित और स्वस्थ दिखाने में भी योगदान देता है। स्किनकेयर में धैर्य को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है और Azelaic Acid के साथ भी यही बात लागू होती है। इसके परिणाम धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। कुछ लोगों को शुरुआती सुधार कुछ हफ्तों में महसूस हो सकता है, जबकि दाग-धब्बों और पिग्मेंटेशन पर असर दिखने में अधिक समय लग सकता है। नियमित और सही इस्तेमाल के साथ यह त्वचा की रंगत और टेक्सचर में स्पष्ट बदलाव ला सकता है।