उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान भोलेनाथ से मांगी टीम इंडिया की टी20 विश्व कप 2026 फाइनल जीत की विशेष कृपा

उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को शाम 7 बजे से खेला जाना है। इस अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा आयोजित की गई और भारतीय टीम की खिताबी जीत का आशीर्वाद मांगा गया। विशेष पूजा में भारतीय टीम के खिलाड़ियों की तस्वीरों के साथ जल और दूध से भगवान का अभिषेक किया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी अक्षय पुजारी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि रंगपंचमी के इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल की विशेष पूजा की गई और टीम इंडिया की फाइनल जीत की प्रार्थना की गई। भक्तों ने हृदय से यह प्रार्थना की कि टीम इंडिया इतिहास रचते हुए टी20 विश्व कप का खिताब जीत सके। महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने बताया कि उन्होंने बाबा महाकाल के चरणों में निवेदन किया है कि वह भारतीय टीम को न्यूजीलैंड को हराकर विश्व चैंपियन बनने का आशीर्वाद दें। भक्तों में इस अवसर पर उत्साह और श्रद्धा का मिश्रण साफ देखा गया। भरुच से आए जयेश ने भी भगवान महादेव से प्रार्थना करते हुए कहा कि टीम इंडिया को जीत मिले और वह अपने देश को गर्वित करे। उज्जैन ही नहीं, राजस्थान के चुरु में भी क्रिकेट प्रेमियों ने भारतीय टीम के विश्व चैंपियन बनने की दुआ की। युवाओं ने कहा कि फाइनल मुकाबले में दोनों टीमें दबाव में होंगी, लेकिन भारतीय टीम को जीत हासिल कर इतिहास बदलना है। टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक भारतीय टीम ने कभी फाइनल में जीत नहीं दर्ज की है और यही चुनौती इसे और रोमांचक बनाती है। क्रिकेट फैंस ने अपनी उम्मीद जताई कि अगर भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 के आसपास स्कोर बना ले और न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज फिन एलन और टिम साइफर्ट के विकेट शुरुआती ओवरों में निकल जाएं, तो टीम की जीत की संभावना और बढ़ जाएगी। उनके अनुसार टीम इंडिया का संतुलित प्रदर्शन और गेंदबाजी विभाग की तेज़ी टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। टीम इंडिया लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के करीब है। अगर भारतीय टीम खिताब जीतने में सफल होती है, तो यह लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के साथ ही कुल तीन टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी। इस अवसर पर पूरी भारतवर्ष में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है और महाकाल मंदिर में आयोजित पूजा ने इसे और भी खास बना दिया है। भगवान महाकाल के आशीर्वाद के साथ अब भारतीय टीम मैदान में उतरने के लिए तैयार है। फैंस की उम्मीद है कि यह प्रार्थना और भक्ति भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी और भारत एक बार फिर टी20 विश्व कप के खिताब को अपने नाम करेगा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहम मुकाबला, ICC अध्यक्ष जय शाह ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। क्रिकेट प्रेमियों के लिए टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल अब बस कुछ घंटे दूर है। यह रोमांचक मुकाबला अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में शाम 7 बजे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। आईसीसी के अध्यक्ष Jay Shah ने इस मौके पर दोनों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह टूर्नामेंट रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा है और इसमें एसोसिएट देशों के शानदार प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं। अब समय है भारत और न्यूजीलैंड को फाइनल के लिए गुड लक कहने का जो भारी दर्शक संख्या के सामने खेला जाएगा और जिसे करोड़ों लोग देखेंगे। टी20 विश्व कप 2026 ने क्रिकेट के इतिहास में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अकेले भारत में दर्शकों की संख्या 500 मिलियन को पार कर गई है, जो किसी भी टी20 विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। आईसीसी की स्ट्रीमिंग सर्विस ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। भारत और वेस्टइंडीज के सुपर 8 मैच के दौरान स्ट्रीमिंग की उच्चतम संख्या 2024 के फाइनल रिकॉर्ड को पार कर गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ICC ने अपने वीडियो व्यूज में नया मील का पत्थर पार किया। ICC ने कुल 10 बिलियन वीडियो व्यूज के आंकड़े को पार कर लिया है और 2024 में हासिल किए गए 16 बिलियन व्यूज को पार करने की राह पर है। इसके अलावा भारत और इंग्लैंड के बीच हुए दूसरे सेमीफाइनल ने JioHotstar पर 65.2 मिलियन दर्शकों की पीक डिजिटल कंसंट्रेशन दर्ज की, जो दुनिया में किसी भी लाइव इवेंट के लिए सबसे अधिक है। 2026 के टी20 विश्व कप में मुकाबले काफी रोमांचक और उलटफेर से भरे रहे। ग्रुप स्टेज में 20 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया और हर ग्रुप से टॉप दो टीमें सुपर 8 में पहुंचीं। शुरुआत में ही बड़ी टीमों का परीक्षण हुआ जबकि जिम्बाब्वे, नेपाल और इटली जैसी टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गए और पाकिस्तान को सुपर-8 में जगह नहीं मिली। सुपर-8 स्टेज ने मुकाबले और कड़े कर दिए। आठ क्वालिफाई करने वाली टीमों भारत, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और पाकिस्तान को दो ग्रुप में बांटा गया। हर ग्रुप से केवल शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं। भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया जबकि न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को परास्त कर फाइनल की टिकट पक्की की। ऐतिहासिक और रोमांचक मुकाबलों से भरे इस टूर्नामेंट में फाइनल का इंतजार करोड़ों क्रिकेट फैंस के लिए सबसे बड़ा उत्सव साबित होने वाला है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला न सिर्फ टीमों की तकनीक और रणनीति की परीक्षा है बल्कि दर्शकों के लिए भी रोमांचक और यादगार पल लेकर आएगा। जय शाह ने दोनों टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में यादगार रहेगा।
MP में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी: मालवा निमाड़ सबसे गर्म, राजस्थान की रेगिस्तानी हवाओं से बढ़ा तापमान

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में दिन के समय लू जैसी तपन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में रविवार को रंगपंचमी के दिन भी तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। राजधानी भोपाल के साथ साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। इसके साथ ही वातावरण में नमी की मात्रा भी कम हो गई है। यही कारण है कि प्रदेश में मार्च के पहले ही पखवाड़े में गर्मी का असर तेजी से बढ़ गया है। शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक रतलाम में तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा धार में 38.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.6 डिग्री, Sagar में 37.2 डिग्री और Guna में 37 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 36.5 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, ग्वालियर में 35.7 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का असर मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद दिखाई देता है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तेज गर्मी को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल मौसम केंद्र ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में लोगों को जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढंकने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदेश का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में कई शहरों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि वास्तविक हीट वेव यानी लू का दौर अप्रैल और मई में देखने को मिल सकता है, जब प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।
महाकाल को सबसे पहले रंग अर्पित, भस्म आरती से शुरू हुआ रंगपंचमी उत्सव

उज्जैन। रंगपंचमी पर्व पर रविवार तड़के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के साथ पावन उत्सव की शुरुआत हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भगवान महाकालेश्वर को केसर युक्त जल अर्पित किया गया। इसके साथ ही भगवान का त्रिपुंड, मुंडमाल और रजत आभूषणों से श्रृंगार किया गया। शिव परिवार को चढ़ाया हर्बल रंगइस अवसर पर भगवान महाकाल, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी को हर्बल रंग अर्पित किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर मंत्रोच्चार के साथ हरिओम का जल भी अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान का जलाभिषेक पंचामृत, दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड लगाया गया।भगवान को रजत मुकुट, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पमाला अर्पित की गई।भोग में फल और मिष्ठान रखा गया। सुरक्षा और प्रतिबंधदो साल पहले धुलेंडी पर गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद इस बार भक्तों और पुजारियों को रंग लाने की अनुमति नहीं दी गई।सुबह दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सख्त सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश मिला।गर्भगृह, नंदी मंडपम, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम और पूरे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग, गुलाल लाना, उड़ाना या एक-दूसरे को लगाना प्रतिबंधित रहा।विशेष उपकरण से रंग उड़ाने पर भी सख्त रोक लगाई गई। विशेष बातेंइस साल भी रंगपंचमी की शुरुआत भस्म आरती और हर्बल रंग अर्पित करने की परंपरा के अनुसार हुई। मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और मंदिर प्रबंधन पूरी तरह सक्रिय रहे।
महिला दिवस पर बदली तस्वीर: ग्वालियर चंबल में आत्मरक्षा के लिए हथियार रख रहीं महिलाएं, 600 के करीब महिला लाइसेंस धारक

ग्वालियर । अंतरराष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग से महिला सशक्तिकरण की एक अलग और मजबूत तस्वीर सामने आ रही है। कभी डकैतों के आतंक से पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में अब महिलाएं आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार रख रही हैं। ग्वालियर भिंड और मुरैना जिलों में महिलाएं रिवॉल्वर और पिस्टल के लाइसेंस लेकर अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दे रही हैं। Gwalior चंबल क्षेत्र में देश में सबसे अधिक लाइसेंसी हथियार जारी होने की बात कही जाती है। अब इस परंपरा में महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार केवल ग्वालियर जिले में ही 30 हजार से अधिक हथियार लाइसेंस जारी हैं जिनमें लगभग 600 लाइसेंस महिलाओं के नाम पर हैं। यह संख्या धीरे धीरे बढ़ती जा रही है जो इस क्षेत्र में बदलती सामाजिक सोच को दर्शाती है। ग्वालियर शहर के धर्मवीर पेट्रोल पंप क्षेत्र में रहने वाली विद्या देवी कौरव भी उन महिलाओं में शामिल हैं जिनके पास लाइसेंसी हथियार है। उन्होंने बताया कि हथियार रखना उनके लिए शौक नहीं बल्कि आत्मरक्षा का माध्यम है। विद्या देवी बताती हैं कि उनकी शादी के समय पूरा क्षेत्र दस्यु प्रभावित था और सन 1970 के दशक में डकैतों ने उनके पति को दो बार पकड़ लिया था। इन घटनाओं के बाद उनका परिवार सब कुछ छोड़कर ग्वालियर आकर बस गया। उन्होंने कहा कि उस समय उनके मन में एक सवाल उठा कि यदि घर में पुरुष न हों तो महिलाएं अपनी सुरक्षा कैसे करेंगी। उनका मानना है कि अक्सर यह कहा जाता है कि हथियार पुरुष ही चला सकते हैं लेकिन जब महिलाओं के पास हथियार होंगे ही नहीं तो वे चलाना कैसे सीखेंगी। इसी सोच के साथ उन्होंने लाइसेंसी हथियार लिया। विद्या देवी का कहना है कि ग्वालियर की धरती वीरता की प्रतीक रही है क्योंकि यहां महान स्वतंत्रता सेनानी Rani Lakshmibai ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। ऐसे में महिलाओं को भी उनसे प्रेरणा लेते हुए आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। ग्वालियर के गोले का मंदिर क्षेत्र में रहने वाली गुड्डी बैस भी पिछले 20 वर्षों से लाइसेंसी हथियार रखती हैं। उनका कहना है कि लोग अक्सर हथियार को शौक से जोड़कर देखते हैं जबकि असल में यह आत्मरक्षा का साधन है। उन्होंने बताया कि एक समय उनके पति पर जानलेवा हमला हुआ था जिसके बाद उन्हें महसूस हुआ कि जरूरत पड़ने पर खुद की और परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार होना जरूरी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार हथियारों के लाइसेंस जारी करने में सुरक्षा और नियमों का पूरा ध्यान रखा जाता है। एसडीएम सीबी प्रसाद के मुताबिक जिले में लाइसेंसी हथियारों की संख्या भले अधिक हो लेकिन उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन सख्त निगरानी रखता है। ग्वालियर चंबल क्षेत्र की यह बदलती तस्वीर बताती है कि महिलाएं अब केवल घर परिवार तक सीमित नहीं रहीं। वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए भी तैयार हैं। यह बदलाव न केवल इस क्षेत्र की सामाजिक सोच में परिवर्तन का संकेत है बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा भी बन रहा है।
8 मार्च महाकाल भस्म आरती: पंचमी पर दिव्य श्रृंगार में दर्शन दिए बाबा महाकाल, गूंजे जयकारे

उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर रविवार तड़के भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। अलसुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन प्राप्त हुए। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ और जय श्री महाकाल के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी देवताओं का विधि विधान से पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। जलाभिषेक के पश्चात दूध दही घी शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न इस अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक और दिव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के दौरान बाबा महाकाल के मस्तक पर बेलपत्र से ॐ और चंद्र अर्पित किया गया। इसके साथ ही उन्हें विभिन्न आभूषणों और पुष्प मालाओं से अलंकृत किया गया। भगवान को रुद्राक्ष की माला रजत की मुण्डमाल शेषनाग का रजत मुकुट और सुगंधित फूलों की मालाएं अर्पित कर दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया। इस अद्भुत श्रृंगार में भगवान महाकाल का रूप अत्यंत मनमोहक और भव्य दिखाई दे रहा था। भस्म आरती की परंपरा के अनुसार सबसे पहले मंदिर में प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती संपन्न होने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म अर्पित की गई। यह भस्म आरती भगवान महाकाल की सबसे प्राचीन और विशेष परंपराओं में से एक मानी जाती है जिसे देखने के लिए देश विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। अल सुबह संपन्न हुई इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित नंदी महाराज के दर्शन भी किए। मान्यता के अनुसार भक्त नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कहते हैं और भगवान महाकाल से उसे पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं। भक्तों ने नंदी महाराज के कान के पास जाकर अपनी इच्छाएं व्यक्त कीं और भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर परिसर में लगातार हर हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयकारे गूंजते रहे। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया। हर दिन होने वाली भस्म आरती की तरह आज की आरती भी अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुई। भगवान महाकाल के इस दिव्य श्रृंगार और भस्म आरती के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे और बाबा से सुख समृद्धि तथा मंगल की कामना की।
रंग पंचमी पर महाकाल की शरण में CM मोहन यादव: दंडवत कर लिया आशीर्वाद, महाकाल गेर के ध्वज का किया पूजन

उज्जैन । रंग पंचमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रीमोहन यादव धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बाबा महाकाल के चरणों में दंडवत होकर प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में इस दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। रंग पंचमी के इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन की पारंपरिक और ऐतिहासिक महाकाल गेर से जुड़ी परंपराओं का भी पालन किया। उन्होंने महाकाल की गेर के ध्वज का विधि-विधान से पूजन किया। यह गेर उज्जैन की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है और हर वर्ष रंग पंचमी के अवसर पर बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान वीरभद्र का भी पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने अखाड़ों में रखे पारंपरिक शस्त्रों का पूजन कर उनका संचालन और प्रदर्शन भी किया। अखाड़ा परंपरा के अनुसार यह शस्त्र पूजन वीरता और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा शस्त्र संचालन के प्रदर्शन ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और संत समाज का उत्साह बढ़ाया। दरअसल उज्जैन में रंग पंचमी के दिन महाकाल की गेर का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर शहर में पारंपरिक गेर और चल समारोह निकाले जाते हैं जिनमें हजारों श्रद्धालु और भक्त शामिल होते हैं। शाम के समय भगवान वीरभद्र ध्वज चल समारोह भी निकाला जाएगा जिसमें संत समाज अखाड़ों के साधु और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। ढोल-ताशों गुलाल और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा शहर भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आता है। महाकाल मंदिर में दर्शन और पूजन के साथ ही मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने इस पर्व को और भी विशेष बना दिया।
केंद्र सरकार के मंत्रालयों में नौकरी का मौका SSC CGL 2025 में 15130 पदों पर भर्ती प्रिफरेंस विंडो मार्च में खुलेगी
नई दिल्ली:सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा SSC CGL 2025 के लिए फाइनल वैकेंसी चार्ट जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 15130 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह संख्या पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी अच्छी मानी जा रही है और इससे बड़ी संख्या में युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में काम करने का अवसर मिलेगा। कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों विभागों और संगठनों में की जाएगी। SSC CGL परीक्षा के माध्यम से ग्रुप B और ग्रुप C के पदों पर भर्ती की जाती है। इस भर्ती के जरिए आयकर विभाग केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग प्रवर्तन निदेशालय विदेश मंत्रालय और सीबीआई जैसे प्रतिष्ठित विभागों में काम करने का मौका मिलता है। आयोग द्वारा जारी वैकेंसी चार्ट के अनुसार कुल 15130 पदों को अलग अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें सबसे ज्यादा 6464 पद अनारक्षित यानी जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 3834 पद निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति के लिए 2223 पद और अनुसूचित जनजाति के लिए 1134 पद तय किए गए हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 1475 सीटें आरक्षित की गई हैं। इस वैकेंसी चार्ट के जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों को अपनी पसंद के पद और विभाग चुनने का अवसर मिलेगा। कर्मचारी चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के लिए ऑप्शन कम प्रिफरेंस विंडो मार्च 2026 में खोली जाएगी। इसी विंडो के माध्यम से उम्मीदवार अपनी पसंद के पदों और विभागों को प्राथमिकता के आधार पर चुन सकेंगे। उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर SSC CGL भर्ती से संबंधित सैंपल फॉर्म भी जारी किया है। इस सैंपल फॉर्म की मदद से अभ्यर्थी यह समझ सकते हैं कि ऑनलाइन फॉर्म किस प्रकार भरना है और किस तरह अपनी प्राथमिकताओं को दर्ज करना है। इससे फॉर्म भरते समय होने वाली सामान्य गलतियों से बचा जा सकता है। कर्मचारी चयन आयोग ने उम्मीदवारों को विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी है। आयोग के अनुसार एक बार ऑप्शन कम प्रिफरेंस फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपनी शैक्षणिक योग्यता और पदों के लिए निर्धारित शारीरिक मानकों की पहले से जांच कर लें और उसी के आधार पर अपनी प्राथमिकताएं तय करें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दस्तावेज सत्यापन के दौरान कोई उम्मीदवार किसी पद के लिए निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करता पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को पूरी सावधानी के साथ फॉर्म भरना चाहिए और आयोग के सभी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। SSC CGL 2025 की यह भर्ती लाखों स्नातक युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित मंत्रालयों और विभागों में नौकरी पाने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मौका साबित हो सकता है। भर्ती से जुड़ी सभी ताजा जानकारी कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर उपलब्ध रहेगी जहां उम्मीदवार समय समय पर अपडेट देख सकते हैं।
केसरी चैप्टर 2 की कामयाबी अनन्या पांडे बनीं न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 की रील आइकॉन

नई दिल्ली:बॉलीवुड अभिनेत्री Ananya Panday इन दिनों अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रही हैं। हाल ही में उन्हें News18 Showsha Reel Awards 2026 में रील आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें फिल्म Kesari Chapter 2 में उनके शानदार अभिनय के लिए मिला है। इस खास उपलब्धि के बाद एक्ट्रेस बेहद खुश नजर आईं और उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी फैंस के साथ साझा की। दरअसल 7 मार्च की रात आयोजित हुए न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 का यह समारोह कई सितारों के लिए खास रहा लेकिन अनन्या पांडे के लिए यह शाम और भी यादगार बन गई। अवॉर्ड मिलने के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ट्रॉफी के साथ एक फोटो शेयर की जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। अनन्या पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में ट्रॉफी की तस्वीर साझा करते हुए आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि केसरी चैप्टर 2 के लिए यह अवॉर्ड मिलने पर वह बेहद आभारी हैं और उन्होंने @cnnnews18 और @showsha को धन्यवाद दिया। एक्ट्रेस की इस पोस्ट पर फैंस लगातार कमेंट कर उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके काम की तारीफ कर रहे हैं। फिल्म केसरी चैप्टर 2 में अनन्या पांडे ने एक ऐसा किरदार निभाया है जो ऐतिहासिक और देशभक्ति से जुड़ी कहानी की भावनात्मक गहराई को सामने लाता है। उनके अभिनय ने फिल्म की कहानी को और प्रभावी बना दिया। दर्शकों का कहना है कि इस फिल्म में उनका किरदार उनके पिछले रोल्स से काफी अलग है और उन्होंने अपने अभिनय से इस भूमिका में जान डाल दी है। फिल्म में अनन्या के साथ बॉलीवुड सुपरस्टार Akshay Kumar और अभिनेता R. Madhavan भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। इस फिल्म की कहानी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है जिसमें Jallianwala Bagh Massacre से जुड़ी सच्चाई और उस दौर के संघर्ष को दिखाया गया है। फिल्म में अनन्या का किरदार इस कहानी को भावनात्मक और प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाता है। बताया जाता है कि फिल्म केसरी चैप्टर 2 18 अप्रैल 2025 को रिलीज हुई थी और रिलीज के बाद इसे दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इस फिल्म को अनन्या पांडे के करियर के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है क्योंकि इस भूमिका के जरिए उन्होंने अपने अभिनय का एक नया पक्ष दर्शकों के सामने रखा है। न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 में मिला यह सम्मान अनन्या पांडे के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे उनके करियर को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
औरत को तारीफ नहीं सम्मान चाहिए इंटरनेशनल वूमेन्स डे पर समाज के आईने में झांकती एक बात

नई दिल्ली:हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में International Women’s Day मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं के सम्मान अधिकार और उपलब्धियों की बात की जाती है। लेकिन सच यही है कि हर साल यह दिन हमें यह याद दिला देता है कि समाज अब भी औरत के असली वजूद को पूरी तरह समझ नहीं पाया है। हम अक्सर कहते हैं कि हमारी बेटियां बेटों से कम नहीं हैं लेकिन इस वाक्य के भीतर ही एक छिपा हुआ सच है कि कहीं न कहीं हम अभी भी बराबरी को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाए हैं। जब हम कहते हैं कि औरत आजाद है तो इसका मतलब यह भी होता है कि उसकी आजादी अभी अधूरी है। जब हम कहते हैं कि बेटियों को भी पढ़ाना चाहिए उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए तो यह भी इस बात का संकेत है कि इस दिशा में अभी बहुत काम बाकी है। आज की महिला जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। राजनीति से लेकर विज्ञान खेल से लेकर सेना और कला से लेकर व्यापार तक महिलाएं हर जगह अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि उसे बार बार खुद को साबित करने की जरूरत क्यों पड़ती है। समाज अक्सर किसी महिला की सफलता को तब स्वीकार करता है जब वह उन सीमाओं को पार कर लेती है जिन्हें लंबे समय तक पुरुषों ने तय किया था। कई बार तो महिला की कामयाबी को इस तरह देखा जाता है जैसे उसने किसी पुरुष की भूमिका निभाकर यह उपलब्धि हासिल की हो। असल में हमें यह समझना होगा कि औरत केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज का ताना बाना है। परिवार रिश्तों और भावनाओं को जोड़कर रखने वाली सबसे मजबूत कड़ी अक्सर वही होती है। बचपन से अपने सपनों को सहेजने वाली और फिर अपनों की खुशियों के लिए उन्हें पीछे छोड़ देने वाली भी अक्सर वही होती है। बेटी के रूप में वह रहमत है मां के रूप में जन्नत है बहन के रूप में इज्जत है और दोस्त के रूप में भरोसा है। लेकिन समाज का दूसरा चेहरा भी उतना ही कड़वा है। महिलाओं के साथ हिंसा और अपमान की घटनाएं समय समय पर सामने आती रहती हैं। देश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने पूरे समाज को झकझोर दिया। Manipur women parading case 2023 हो या Kanjhawala case 2023 Delhi जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। इसी तरह Bilkis Bano का मामला भी बार बार यह सवाल उठाता है कि न्याय और संवेदनशीलता के मामले में समाज कहां खड़ा है। समस्या की जड़ कहीं और भी है। हम अक्सर महिलाओं का सम्मान उनके रिश्तों के आधार पर करते हैं। हमें लगता है कि हमें अपनी मां बहन बेटी या पत्नी की ही इज्जत करनी चाहिए। लेकिन असली सम्मान तब होगा जब सड़क पर चलने वाली या दफ्तर में काम करने वाली हर महिला को वही सम्मान मिले जो हम अपने घर की महिलाओं को देते हैं। हमारी संस्कृति और साहित्य में भी कई बार औरत की खूबसूरती को केवल उसके चेहरे उसकी आंखों या उसकी जुल्फों तक सीमित कर दिया गया है। शायरियों और कविताओं में उसकी आंखों की गहराई और उसके होंठों की नाजुकी का खूब जिक्र मिलता है। इसमें कोई शक नहीं कि महिला की सुंदरता बेमिसाल होती है लेकिन उसकी असली पहचान केवल उसके रूप में नहीं बल्कि उसके व्यक्तित्व उसकी सोच उसकी मेहनत और उसकी संवेदनशीलता में होती है। आज की महिला शायद केवल तारीफ नहीं चाहती बल्कि सम्मान चाहती है। उसे यह एहसास चाहिए कि समाज उसे बराबरी की नजर से देखता है। क्योंकि सच यही है कि किसी महिला को खूबसूरत कहना अच्छी बात हो सकती है लेकिन उसकी इज्जत करना उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है।