जंग की आंच से महंगाई तेज: कच्चे तेल में उछाल, भारत में गैस महंगी, पड़ोस में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर

नई दिल्ली:मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। तेल बाजार में आई तेज उथल-पुथल ने कई देशों में महंगाई की आग भड़का दी है और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। हाल ही में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। माना जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की वजह से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इसी कारण सरकार को आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए देश की ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश देने पड़े। हालांकि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम जिस तेजी से बढ़ रहे हैं उससे आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। युद्ध की वजह से वैश्विक तेल बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। एक सप्ताह के भीतर ही कच्चे तेल की कीमतों में करीब 35 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। अमेरिकी क्रूड ऑयल के फ्यूचर्स में यह अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है। WTI Crude Oil की कीमत लगभग 9.89 डॉलर बढ़कर करीब 90.90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है जबकि Brent Crude भी करीब 7.28 डॉलर की तेजी के साथ 92.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में इस तेजी ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि भारत सरकार ने फिलहाल लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कोई बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी। इसके बावजूद कई शहरों में लोगों के बीच आशंका का माहौल बन गया है और पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पुणे मसूरी और नोएडा जैसे शहरों में लोग एहतियात के तौर पर अपनी गाड़ियों की टंकी फुल कराने पहुंच रहे हैं ताकि संभावित बढ़ोतरी से पहले ईंधन का स्टॉक किया जा सके। जहां भारत में फिलहाल कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है वहीं पड़ोसी देश Pakistan में ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। वहां पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। लगभग 20 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 335.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। अगर भारत की बात करें तो राजधानी Delhi में 8 मार्च 2026 को पेट्रोल की कीमत लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। वहीं सीएनजी की कीमत करीब 77.09 रुपये प्रति किलो और पीएनजी लगभग 47.89 रुपये प्रति एससीएम के आसपास है। दरअसल इस पूरे संकट की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz भी है जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। युद्ध के चलते इस मार्ग पर जोखिम बढ़ने के बाद भारत ने वैकल्पिक रास्तों से तेल आयात बढ़ाने की रणनीति अपनाई है और अन्य मार्गों से तेल खरीद में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और इसका असर पेट्रोल डीजल तथा गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महासंग्राम आज भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल में खिताब की जंग नरेंद्र मोदी स्टेडियम में धोनी की मौजूदगी से बढ़ा रोमांच

नई दिल्ली:आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला आज क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। पूरे देश में इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें खिताब के लिए आमने सामने होंगी। शाम 6.30 बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे और इसके बाद तय होगा कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का नया चैंपियन कौन बनेगा। भारत के लिए यह मुकाबला बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि टीम इंडिया लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और टीम ने सिर्फ एक ही मुकाबले में हार का सामना किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन ने टीम इंडिया को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम भी इस बार अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप खिताब के बेहद करीब पहुंच चुकी है। न्यूजीलैंड ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है और कई मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी है। हालांकि इस अभियान के दौरान टीम को दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा जबकि एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इसके बावजूद टीम ने लगातार दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड ने कई बार भारतीय टीम को मुश्किल में डाला है। टी20 वर्ल्ड कप के पिछले मुकाबलों में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल करने में कठिनाई हुई है। 2007 2016 और 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर बड़ा झटका दिया था। यही वजह है कि इस फाइनल मुकाबले को बेहद रोमांचक माना जा रहा है। फाइनल से पहले एक और दिलचस्प बात चर्चा में है और वह है भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी। सेमीफाइनल मुकाबले के बाद से ही सोशल मीडिया पर धोनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया था। मुंबई में मौजूद रहने के बाद अब धोनी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं और माना जा रहा है कि फाइनल मुकाबले के दौरान स्टेडियम में उनके नाम की गूंज सुनाई दे सकती है। भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव के हाथों में है जबकि न्यूजीलैंड की कमान मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। भारत के पास संजू सैमसन ईशान किशन तिलक वर्मा हार्दिक पांड्या शिवम दुबे अक्षर पटेल जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव जैसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं न्यूजीलैंड की टीम में फिन एलन रचिन रविंद्र ग्लेन फिलिप्स डेरिल मिशेल मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे खिलाड़ी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। अहमदाबाद के विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज लाखों क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी रहेंगी। भारत जहां लगातार दूसरी ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास लिखना चाहता है वहीं न्यूजीलैंड पहली बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर नया अध्याय शुरू करने की कोशिश करेगा। ऐसे में यह फाइनल मुकाबला रोमांच और दबाव से भरपूर होने की पूरी संभावना है।
राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर: ममता बनर्जी के व्यवहार पर CM मोहन यादव की कड़ी आपत्ति, माफी की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रपति पद की गरिमा को लेकर कड़ा बयान देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यवहार पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद लोकतंत्र का सर्वोच्च और प्रतिष्ठित पद है, जो राजनीति से ऊपर है और इसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान जो परिस्थितियां बनीं और जिस तरह का अमर्यादित व्यवहार सामने आया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर हों, तब उस राज्य की सरकार और मुख्यमंत्री का दायित्व होता है कि वे पूरे सम्मान और गरिमा के साथ उनका स्वागत करें तथा मर्यादा का पालन करें। सीएम यादव ने कहा कि ऐसे हालात बनाना, जिससे देश और दुनिया के सामने राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचे, यह किसी भी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पद पूरे राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है और इस पद का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि और नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को हल्की राजनीति का हिस्सा बनाना और स्थानीय या दलीय राजनीति में घसीटना भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, यह मानसिकता लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को राजनीतिक विवादों से दूर रखना चाहिए और सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह पद पूरे देश की गरिमा और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर राष्ट्रपति पद का अपमान हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र अपनी मजबूत संस्थाओं और संवैधानिक पदों की गरिमा के कारण ही विश्व में सम्मानित है। ऐसे में राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद के प्रति सम्मान और मर्यादा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और उसके सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता।
ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”

नई दिल्ली। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी जंग का नौवां दिन बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इज़राइल ने ईरान में तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इज़राइली मीडिया के अनुसार, ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी रुख:पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। उनका कहना है कि या तो ईरान खुद आत्मसमर्पण करे या उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने लायक ही न बचे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं, बल्कि ‘लूजर’ बन गया है। ईरान की चेतावनी:ईरानी सेना ने भी धमकी दी है कि अगर अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में आए, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने खाड़ी में ऑयल टैंकर भेजने की बात कही थी, जो आमतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं। जंग के आँकड़े: सिविल इलाकों पर हमला: 6,668 घर और दुकानें नष्ट: 5,535 घर और 1,041 दुकानें मेडिकल सेंटर और स्कूल: 14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूल मृत्यु: 1,483 इज़राइल में घायल: 1,765 लोग रेड क्रिसेंट सेंटर: 13 हमले का शिकार अंतरराष्ट्रीय दबाव और ईरान की प्रतिक्रिया:ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और कहा कि अब सिर्फ तब हमला होगा जब उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला किया जाए। ट्रम्प ने इसे अमेरिका और इज़राइल के लगातार हमलों का नतीजा बताया। संक्षेप में:इज़राइल के हमलों ने ईरान के तेल भंडारों को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है। अमेरिका की धमकियों और ट्रम्प के बयान ने ईरान की स्थिति को कमजोर कर दिया है। अब युद्ध का रुख सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेल और ऊर्जा ढांचे पर भी असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है।
टी-20 फाइनल से पहले उज्जैन में मिर्ची यज्ञ: मां बगलामुखी धाम में रातभर मंत्रोच्चार, टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना

उज्जैन । भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टी 20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जहां मैदान पर टिकी हैं, वहीं कई जगहों पर टीम इंडिया की जीत के लिए धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शनिवार रात प्रसिद्ध मां बगलामुखी धाम में टीम इंडिया की जीत की कामना को लेकर विशेष मिर्ची यज्ञ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु संत और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। भैरवगढ़ रोड स्थित मां बगलामुखी धाम में आयोजित इस अनुष्ठान की शुरुआत विधि विधान के साथ हुई। करीब 51 पुजारियों ने मंत्रोच्चार करते हुए हवन कुंड में आहुति दी और टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की। यज्ञ के दौरान पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां बगलामुखी की कृपा से भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में जीत हासिल करेगी। इस अवसर पर मंदिर के महंत पीर रामनाथ महाराज ने भी विशेष पूजा अर्चना कर टीम इंडिया की जीत की कामना की। उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी संकटों को दूर करने वाली देवी मानी जाती हैं और उनकी कृपा से हर बाधा समाप्त होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ियों को देवी का आशीर्वाद मिलेगा और भारत विजय हासिल करेगा। रविवार शाम सात बजे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी 20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेला जाना है। इस अहम मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। इसी उत्साह और आस्था के संगम के रूप में उज्जैन में यह विशेष मिर्ची यज्ञ किया गया। यज्ञ में क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया भी शामिल हुए और हवन में आहुति देकर टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना की। अनुष्ठान के दौरान बटुकों ने हाथों में तिरंगा और भारतीय खिलाड़ियों की तस्वीरें लेकर मंत्रोच्चार किया। भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव सहित अभिषेक शर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और ईशान किशन के नाम से विशेष प्रार्थनाएं की गईं। पूरे आयोजन में आस्था और देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि मिर्ची यज्ञ का विशेष महत्व होता है। परंपरागत रूप से यह यज्ञ शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस यज्ञ में खड़ी लाल मिर्च, सरसों, जायफल, श्रीफल, शुद्ध घी, बहेड़ा और अन्य हवन सामग्री से आहुति दी जाती है। सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि प्राचीन समय में राजा युद्ध पर जाने से पहले विशेष यज्ञ करवाते थे, ताकि विजय सुनिश्चित हो सके। उसी परंपरा के तहत आज टीम इंडिया की सफलता के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान किया गया है। महंत रामनाथ जी ने भी बताया कि पहले भी इस तरह के अनुष्ठानों के बाद भारतीय टीम को सफलता मिली है। रातभर चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मां बगलामुखी से प्रार्थना की कि भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करे और देश का नाम रोशन करे।
टिक्की खाने निकली लड़की को किडनैप कर 3 लड़कों ने गैंगरेप किया

ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 20 साल की एक लड़की के साथ गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 20 साल की एक लड़की के साथ गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डबरा देहात थाना पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। जानकारी के अनुसार, डबरा देहात क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती अपनी बुआ के घर गई थी। गुरुवार रात करीब 10 बजे जब वह पास ही में टिक्की खाने गई। उसी दौरान ई-रिक्शा सवार दो युवकों ने उसका मुंह दबाकर उसे जबरन बैठा लिया। रास्ते में उन्होंने अपने एक और साथी को साथ लिया और युवती को ‘अरु तिराहा’ स्थित एक कॉलेज परिसर में ले गए। वहां तीनों ने बारी-बारी से युवती के साथ रेप किया। शुक्रवार सुबह आरोपियों ने युवती को वापस दुकान के पास छोड़ दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। खौफ के कारण युवती चुप रही, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उसने अपनी चाची को आपबीती सुनाई। शुक्रवार रात परिजन पीड़िता को लेकर डबरा देहात थाने पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। डबरा देहात थाना प्रभारी सुधाकर सिंह तोमर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
10 नए बैटलशिप बना रहा अमेरिका, पुराने युद्धपोतों से 100 गुना ज्यादा ताकतवर होंगे: ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में अमेरिकी सैन्य रणनीति और विदेश नीति को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे 10 अत्याधुनिक बैटलशिप तैयार कर रहा है, जो पुराने युद्धपोतों की तुलना में करीब 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली होंगे। ट्रंप के मुताबिक इन युद्धपोतों का मकसद दुश्मनों को सीधे टक्कर देने से पहले ही डर पैदा करना है, ताकि वे किसी तरह का जोखिम उठाने से बचें। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने महंगे रॉकेट सिस्टम की जगह बड़े बैटलशिप्स के इस्तेमाल का सुझाव दिया था। उनके अनुसार 30 लाख डॉलर तक के महंगे रॉकेट दागने के बजाय बड़े गोले दागने वाले युद्धपोत अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं। उनका कहना है कि इन नए बैटलशिप्स की मौजूदगी ही दुश्मनों को चुनौती देने से रोकने के लिए काफी होगी। ‘शक्ति से शांति’ की नीति पर जोर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को शांतिवादी बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कई बड़े संघर्षों को खत्म किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध समाप्त करवाए और यूरोप की सुरक्षा के लिए भी लगातार प्रयास किए। ट्रंप का कहना था कि महासागरों से घिरे होने के कारण अमेरिका पर सीधे खतरे अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन फिर भी वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए मजबूत सैन्य शक्ति जरूरी है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का भी जिक्र किया और कहा कि व्यापार और टैरिफ जैसे आर्थिक उपायों के जरिए संकट को कम करने में मदद मिली, जिससे संभावित बड़ा युद्ध टल गया। वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ ट्रंप ने लैटिन अमेरिका की स्थिति पर बोलते हुए बताया कि जनवरी 2026 में अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला में एक विशेष कार्रवाई की। उनके मुताबिक इस ऑपरेशन में देश के तत्कालीन नेता Nicolás Maduro को पकड़ लिया गया। ट्रंप ने इस अभियान को “18 मिनट की शुद्ध सैन्य कार्रवाई” बताते हुए कहा कि इसके बाद वेनेजुएला में नई सरकार बनी है, जिसके साथ अमेरिका सहयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव के बाद देश में तेल उत्पादन बढ़ा है और अमेरिका के साथ सोने तथा अन्य खनिजों को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ है। ईरान पर कार्रवाई का दावा राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को भी बड़ी सफलता बताया। उन्होंने दावा किया कि तीन दिनों के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान के 42 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया। ट्रंप के अनुसार इस कार्रवाई में कुछ बड़े युद्धपोत भी शामिल थे, जिससे ईरान की नौसैनिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने ‘मिडनाइट हैमर’ नामक बी-2 बमवर्षक हमले का भी जिक्र किया और कहा कि इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा। ट्रंप के मुताबिक उस समय ईरान परमाणु हथियार बनाने से कुछ ही महीनों दूर था, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई से इस खतरे को टाल दिया गया। आक्रामक लेकिन निर्णायक विदेश नीति ट्रंप ने अपने बयानों में बार-बार कहा कि उनकी नीति “शक्ति के जरिए शांति” बनाए रखने की है। उनके अनुसार मजबूत सैन्य तैयारी, आर्थिक दबाव और रणनीतिक कार्रवाई के जरिए दुनिया में स्थिरता कायम की जा सकती है। उन्होंने नए बैटलशिप्स के निर्माण, वेनेजुएला में कार्रवाई और ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन को अपनी विदेश नीति की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर पेश किया। ट्रंप का कहना है कि उनकी रणनीति का उद्देश्य युद्ध शुरू करना नहीं, बल्कि संभावित संघर्षों को रोकना है।
शाहरुख के बाद अब सलमान संग दिखेंगी हीरोइन बनेंगी साउथ एक्ट्रेस नयनतारा?

मुंबई। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) जल्द ही साउथ की चर्चित अभिनेत्री नयनतारा (Nayanthara) के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आ सकते हैं। खबर है कि निर्देशक वामशी पैदिपल्ली (Vamshi Paidipally) की अगली बड़े बजट की फिल्म में यह नई जोड़ी दिखाई दे सकती है। हालांकि फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक वामशी पैदिपल्ली एक बड़े स्केल की एंटरटेनर फिल्म बना रहे हैं, जिसमें सलमान खान मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म को निर्माता Dil Raju प्रोड्यूस कर सकते हैं। चर्चा है कि इस पैन इंडिया हिंदी फिल्म के लिए नयनतारा को लीड एक्ट्रेस के तौर पर अप्रोच किया गया है। अगर सब कुछ तय होता है, तो पहली बार सलमान और नयनतारा की जोड़ी बड़े पर्दे पर नजर आएगी। शाहरुख के साथ ‘जवान’ में नजर आई थीं नयनतारा नयनतारा को हिंदी दर्शकों ने सबसे ज्यादा Jawan में देखा था, जिसमें उन्होंने Shah Rukh Khan के साथ अहम भूमिका निभाई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना था कि फिल्म में Deepika Padukone के कैमियो के कारण नयनतारा का रोल थोड़ा फीका पड़ गया था। वामशी पैदिपल्ली दे चुके हैं कई हिट फिल्में निर्देशक वामशी पैदिपल्ली साउथ सिनेमा के सफल फिल्मकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने Munna से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने Brindavanam, Yevadu, Oopiri और Maharshi जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। फिल्म महार्षि को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। सलमान पर बड़ी हिट देने का दबाव पिछले कुछ वर्षों में Salman Khan की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan, Tiger 3 और Sikandar को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। ऐसे में फैंस को उनकी अगली बड़ी हिट का इंतजार है। आने वाले प्रोजेक्ट्स सलमान खान इन दिनों बैटल ऑफ गलवान पर आधारित फिल्म में व्यस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास Kick 2 और Babbar Sher जैसे प्रोजेक्ट्स की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वामशी पैदिपल्ली वाली फिल्म की शूटिंग अप्रैल से शुरू हो सकती है और इसे अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज किया जा सकता है। अगर यह प्रोजेक्ट फाइनल होता है तो सलमान खान और नयनतारा की नई जोड़ी फैंस के लिए खास सरप्राइज साबित हो सकती है।
रंगपंचमी पर मालवा में रंगों की धूम: इंदौर उज्जैन भोपाल में भव्य गेर, सीएम मोहन यादव ने महाकाल मंदिर में किया शौर्य प्रदर्शन

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में होली के पांचवें दिन मनाई जाने वाली रंगपंचमी इस बार भी पूरे मालवा क्षेत्र में रंगों गुलाल और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इंदौर उज्जैन और भोपाल सहित कई शहरों में पारंपरिक गेर निकल रही है जिसमें लाखों लोग शामिल होकर इस अनूठी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बन रहे हैं। ढोल नगाड़ों रंग गुलाल और आकर्षक झांकियों के बीच सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया है। इंदौर की ऐतिहासिक गेर इस बार भी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। राजवाड़ा से शुरू होने वाली यह गेर करीब 75 वर्षों से चली आ रही है और अब इसकी पहचान देश विदेश तक पहुंच चुकी है। इस बार करीब पांच लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है जिनमें 100 से अधिक विदेशी पर्यटक भी मौजूद हैं। शहर की सड़कों पर गुलाल मशीनों और पिचकारियों से रंगों की बरसात हो रही है जबकि छतों से फूलों की वर्षा कर पर्यटकों और गेर में शामिल लोगों का स्वागत किया जा रहा है। इंदौर की गेर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है जिससे इस आयोजन की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है। उधर उज्जैन में रंगपंचमी का पर्व धार्मिक आस्था और वीर परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और विधि विधान से पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पारंपरिक महाकाल गेर में भाग लिया और अखाड़ों की परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन तथा शस्त्र संचालन का प्रदर्शन किया। तलवार सहित पारंपरिक हथियारों के संचालन से उन्होंने अखाड़ा संस्कृति और शौर्य परंपरा को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की गेर और अखाड़ों की परंपरा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है जो वीरता आध्यात्मिकता और सामाजिक एकता का प्रतीक है। भोपाल में भी रंगपंचमी को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के पुराने बाजारों और गलियों से निकलने वाली गेर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। रंग गुलाल ढोल ताशों और पारंपरिक संगीत के बीच पूरा शहर रंगों से सराबोर हो गया है। पुराने शहर की हवेलियों और बाजारों के बीच निकलने वाली यह गेर राजधानी की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करती है। खंडवा में भी रंगपंचमी के अवसर पर नगर निगम तिराहे से फाग यात्रा निकाली जा रही है जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 350 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रंगपंचमी के इन आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस द्वारा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है। लाखों की भीड़ के बीच स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दरअसल रंगपंचमी मालवा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है जहां रंगों के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी मिलता है। ढोल ताशों की गूंज भजनों की धुन और झांकियों की झलक के बीच यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था को व्यक्त करता है बल्कि प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक वैभव को भी नई पहचान देता है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति को पसंद आई रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म ‘धुरंधर’, (Dhurandhar) ने देश ही नहीं, विदेशों में भी चर्चा बटोरी है। हाल ही में अलेक्जेंडर स्टब (Alexander Stubb) ने भारत दौरे से पहले यह फिल्म देखी और इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्म की कहानी काफी पसंद आई और अब वे इसके सीक्वल का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के दूसरे भाग ‘धुरंधर’, का ट्रेलर पहले ही रिलीज हो चुका है, जिसे दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। बेटे के सुझाव पर देखी फिल्म फिनलैंड के राष्ट्रपति Alexander Stubb ने बातचीत में बताया कि भारत आने से पहले उनके बेटे ने उन्हें धुरंधर देखने की सलाह दी थी। उन्होंने फिल्म देखने के बाद कहा कि कहानी काफी प्रभावशाली है और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को जिस तरह दिखाया गया है, वह उन्हें पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे धुरंधर 2 में मुख्य किरदार हमजा की आगे की कहानी देखने के लिए उत्साहित हैं। ट्रेलर को मिला शानदार रिस्पॉन्स धुरंधर 2 के ट्रेलर को सोशल मीडिया और यूट्यूब पर शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। ट्रेलर में हमजा के साथ जसकीरत सिंह रंगी का किरदार भी अहम भूमिका में नजर आ रहा है। फिल्म में Sanjay Dutt का चौधरी असलम और R. Madhavan का किरदार भी कहानी को नया मोड़ देता दिखाई दे रहा है। ट्रेलर में एक्शन और ड्रामा के साथ-साथ दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक भी देखने को मिला है। वहीं यालीना के किरदार को भी इस बार एक्शन अवतार में दिखाया गया है। 19 मार्च को रिलीज होगी फिल्म बताया जा रहा है कि फिल्म के दोनों हिस्सों की शूटिंग एक साथ की गई थी, लेकिन पहले भाग की सफलता के बाद दूसरे पार्ट के कुछ सीन दोबारा फिल्माए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म में Yami Gautam भी अहम भूमिका में नजर आ सकती हैं। अब दर्शकों को 19 मार्च का इंतजार है, जब रणवीर सिंह की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म बड़े पर्दे पर दस्तक देगी। फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं।