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Dhurandhar: धुरंधर 3’ की आहट से बढ़ी हलचल, स्पाई यूनिवर्स को लेकर बड़ा सरप्राइज संभव..

Dhurandhar:नई दिल्ली । रणवीर सिंह की सुपरहिट स्पाई फ्रेंचाइजी ‘धुरंधर’ को लेकर एक बार फिर से चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है। दो फिल्मों की शानदार सफलता के बाद अब दर्शकों की नजर इसके अगले अध्याय पर टिकी हुई है। फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन किया, बल्कि अपनी कहानी और एक्शन के दम पर एक अलग पहचान भी बनाई, जिसके चलते यह देश की प्रमुख स्पाई फ्रेंचाइजी में शामिल हो चुकी है। अब इस फ्रेंचाइजी के भविष्य को लेकर जो संकेत मिल रहे हैं, उन्होंने फैंस की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार, निर्देशक आदित्य धर साल के अंत तक दर्शकों के लिए कोई बड़ा सरप्राइज पेश कर सकते हैं। हालांकि अभी तक तीसरे भाग की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह जरूर साफ है कि कहानी यहीं खत्म नहीं होने वाली है। फ्रेंचाइजी से जुड़े लोगों के हालिया बयानों से यह संकेत मिला है कि ‘धुरंधर’ की कहानी अभी आगे बढ़ेगी और दर्शकों के लिए कुछ नया और बड़ा तैयार किया जा रहा है। इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे सीधे ‘धुरंधर 3’ की तैयारी मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि मेकर्स इस बार एक बड़े स्पाई यूनिवर्स का विस्तार कर सकते हैं। पहले की फिल्मों ने जिस तरह दर्शकों को प्रभावित किया था, उसने इस फ्रेंचाइजी के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है। दमदार एक्शन, गहरी कहानी और बड़े स्तर के विजुअल्स ने इसे दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। इसी वजह से अब इसके अगले भाग को लेकर उत्सुकता और ज्यादा बढ़ गई है। Google Chrome Alert: बिना बताए 4GB की AI फाइल डाउनलोड कर रहा ब्राउजर? स्टोरेज और डेटा पर बड़ा खतरा! निर्देशक आदित्य धर इस समय अपने निजी जीवन में कुछ समय परिवार के साथ बिता रहे हैं, लेकिन उनके दिमाग में नए आइडियाज लगातार आकार ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह आने वाले समय में कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर सकते हैं, जिनमें ऐतिहासिक और एक्शन से जुड़े विषय शामिल हो सकते हैं। इसी बीच यह भी चर्चा है कि उनके पास कई बड़े फिल्मी विचार हैं, जिनमें एक ऐतिहासिक किरदार पर आधारित फिल्म, एक स्पोर्ट्स ड्रामा और एक बड़े पैमाने की एक्शन फिल्म शामिल हो सकती है। इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स में प्रमुख अभिनेता की वापसी की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। हालांकि ‘धुरंधर 3’ को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से संकेत मिल रहे हैं, उससे यह साफ है कि फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाने की पूरी तैयारी चल रही है। साल के अंत में किसी बड़े ऐलान की संभावना ने फैंस की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है। अब सभी की नजरें आने वाले समय पर टिकी हैं, जब यह साफ हो पाएगा कि ‘धुरंधर’ का अगला अध्याय किस रूप में सामने आएगा और क्या यह सच में एक नए बड़े स्पाई यूनिवर्स की शुरुआत होगी या फिर सीधा तीसरे भाग का धमाकेदार ऐलान होगा।

AI Data Center: 5G से आगे बढ़ीं टेलीकॉम कंपनियां: अब Sovereign Cloud और AI Data Centers पर बड़ा दांव

 AI Data Center: नई दिल्ली। दुनियाभर की टेलीकॉम कंपनियां अब सिर्फ 5G नेटवर्क और ब्रॉडबैंड सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। टेलीनॉर से लेकर भारती एयरटेल और रिलायंस जियो तक, सभी कंपनियां अब सॉवरेन क्लाउड, AI डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य का सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल मान रही हैं।बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता, डेटा सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती जरूरत ने टेलीकॉम सेक्टर की दिशा बदल दी है। क्यों बढ़ रही Sovereign Cloud की मांग? अब क्लाउड सिर्फ डेटा स्टोर करने तक सीमित नहीं रह गया है। यह डेटा कंट्रोल, सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता का बड़ा हिस्सा बन चुका है।दुनिया के कई देश अब बैंकिंग, हेल्थकेयर और सरकारी डेटा को विदेशी कंपनियों के सर्वर पर रखने से बचना चाहते हैं। इसी वजह से यूरोप और एशिया में लोकल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है। नॉर्वे की टेलीकॉम कंपनी Telenor ने हाल ही में नई Sovereign Cloud कंपनी शुरू की है। वहीं BT International ने यूरोप में क्लाउड नेटवर्क मजबूत करने के लिए STACKIT के साथ साझेदारी की है। AI ने बदल दिया पूरा खेल AI सिस्टम को बड़े डेटा सेंटर, हाई प्रोसेसिंग पावर और तेज नेटवर्क की जरूरत होती है। यही वजह है कि टेलीकॉम कंपनियां अब AI Hosting और Cloud Services में अरबों रुपये निवेश कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, 5G और स्पेक्ट्रम पर भारी खर्च के बाद अब सिर्फ मोबाइल टैरिफ से कमाई पर्याप्त नहीं रही। इसलिए कंपनियां AI और क्लाउड सर्विसेज को नया रेवेन्यू मॉडल बना रही हैं। Google Chrome Alert: बिना बताए 4GB की AI फाइल डाउनलोड कर रहा ब्राउजर? स्टोरेज और डेटा पर बड़ा खतरा! भारत में भी तेजी से बढ़ रहा निवेश भारत भी डिजिटल संप्रभुता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डेटा लोकलाइजेशन और स्वदेशी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है। Bharti Airtel की सब्सिडियरी Nxtra देशभर में बड़े डेटा सेंटर नेटवर्क तैयार कर रही है, जो भविष्य की AI और क्लाउड जरूरतों को पूरा करेंगे। वहीं Reliance Jio लगातार अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्लाउड बिजनेस का विस्तार कर रही है। कंपनी के मुताबिक, JioAICloud के 4.2 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हो चुके हैं। अडानी समूह भी रेस में शामिल AdaniConneX पूरे भारत में बड़े डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी में है। अडानी समूह ने Sovereign AI और ऊर्जा क्षेत्र में 100 अरब डॉलर निवेश की योजना का भी ऐलान किया है। भविष्य की असली जंग अब डेटा पर विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में टेलीकॉम सेक्टर की असली ताकत सिर्फ मोबाइल नेटवर्क नहीं, बल्कि AI सिस्टम, डेटा सेंटर और राष्ट्रीय डिजिटल डेटा पर नियंत्रण से तय होगी। अब टेलीकॉम कंपनियां खुद को सिर्फ नेटवर्क प्रोवाइडर नहीं, बल्कि भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ के तौर पर तैयार कर रही हैं।

Neetu Kapoor Life Story: टूटने के बाद वापसी की कहानी: ऋषि कपूर के निधन ने बदल दी नीतू कपूर की जिंदगी, ऐसे संभाली खुद को

Neetu Kapoor Life Story: नई दिल्ली । कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां इंसान के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं होता। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री नीतू कपूर की जिंदगी में भी ऐसा ही एक दौर आया, जिसने उन्हें अंदर तक हिला दिया था। जीवनसाथी ऋषि कपूर के निधन के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया और वह लंबे समय तक मानसिक और भावनात्मक संघर्ष से गुजरती रहीं। ऋषि कपूर के जाने के बाद नीतू कपूर ने खुद को अकेलेपन और गहरे दुख में पाया। लंबे समय तक साथ रहने के बाद अचानक आई इस कमी ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। शुरुआती महीनों में हालत इतनी कठिन थी कि उन्हें सामान्य जीवन जीना भी भारी लगने लगा। रातों की नींद गायब हो गई और मन लगातार बेचैन रहने लगा। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उस समय उनकी मानसिक स्थिति इतनी कमजोर हो गई थी कि उन्हें हर दिन खुद को संभालने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। कई रातें ऐसी भी थीं जब उन्हें नींद नहीं आती थी और वह मानसिक तनाव से बाहर निकलने के लिए अस्थायी रूप से शराब का सहारा लेने लगी थीं। धीरे-धीरे यह स्थिति उनके लिए और मुश्किल होती चली गई। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उन्हें महसूस हुआ कि वे बिना किसी सहारे के सामान्य रूप से सो भी नहीं पा रही हैं। इसी दौरान उन्हें चिकित्सकीय मदद लेनी पड़ी। डॉक्टरों की देखरेख में उन्हें अस्थायी रूप से इलाज दिया गया, ताकि वह मानसिक रूप से स्थिर हो सकें और नींद ले सकें। यह प्रक्रिया कुछ दिनों तक चली, जिसके बाद धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार आने लगा। कॉन्सर्ट विवाद या कुछ और? तारा–वीर के रिश्ते टूटने की असली वजह पर नया खुलासा.. इस कठिन दौर में उन्हें समझ आया कि खालीपन और दुख से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता खुद को किसी उद्देश्य में व्यस्त रखना है। उन्होंने काम की ओर लौटने का फैसला किया। यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन इसी ने उनकी जिंदगी में नई शुरुआत की नींव रखी। फिल्मों में वापसी के दौरान शुरुआत में उन्हें काफी घबराहट और असहजता महसूस होती थी, लेकिन धीरे-धीरे काम ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाना शुरू किया। शूटिंग सेट पर व्यस्त रहना, लोगों से बातचीत करना और रचनात्मक माहौल में समय बिताना उनके लिए एक तरह की थेरेपी बन गया। उन्हें इस बात का भी एहसास हुआ कि काम सिर्फ पेशेवर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन पाने का एक माध्यम भी हो सकता है। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को दोबारा उसी ऊर्जा के साथ स्थापित किया, जिसके लिए वह पहले जानी जाती थीं। समय के साथ नीतू कपूर ने न केवल अपनी पेशेवर जिंदगी को संभाला बल्कि निजी जीवन में भी संतुलन पाया। परिवार का साथ और काम में निरंतरता ने उन्हें उस अंधेरे दौर से बाहर निकलने में मदद की, जो कभी उनके लिए बेहद कठिन लग रहा था। आज उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि जीवन में कितना भी बड़ा दुख क्यों न हो, इंसान धीरे-धीरे खुद को संभाल सकता है और नई शुरुआत कर सकता है। नीतू कपूर की यह यात्रा दर्द से मजबूती तक की एक ऐसी कहानी है, जो यह सिखाती है कि समय और साहस मिलकर सबसे कठिन हालात को भी बदल सकते हैं।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर दिल्ली में निर्णायक मंथन: रेलवे और रक्षा कर्मियों की सैलरी-पेंशन में बड़े बदलाव की उम्मीद

 8th Pay Commission: नई दिल्ली । देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें एक बार फिर तेज हो गई हैं। लंबे समय से जिन बदलावों का इंतजार किया जा रहा था, अब वे धीरे-धीरे चर्चा के केंद्र में आते दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में दिल्ली में होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक को इस पूरे प्रक्रिया का निर्णायक चरण माना जा रहा है, जहां रेलवे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी संगठनों की भागीदारी विशेष रूप से अहम रहने वाली है। इस बैठक का उद्देश्य केवल औपचारिक बातचीत नहीं बल्कि कर्मचारियों की वास्तविक आर्थिक स्थिति को समझना और भविष्य की वेतन संरचना की दिशा तय करना है। महंगाई के बढ़ते दबाव और जीवनयापन की लागत में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर में सुधार और शुरुआती वेतन में बढ़ोतरी की मांग को प्रमुखता से उठाया है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता, पदोन्नति प्रणाली और पेंशन संरचना जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोग ने इस बार बैठकों में शामिल होने की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से जोड़ दिया है, जिससे केवल पंजीकृत और अधिकृत प्रतिनिधि ही चर्चा का हिस्सा बन सकेंगे। इसके लिए एक विशेष पहचान प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसमें ऑनलाइन आवेदन और एक विशिष्ट पहचान संख्या का निर्माण अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है कि केवल योग्य और आधिकारिक प्रतिनिधित्व रखने वाले संगठन ही अपनी बात रख सकें। Google Fitbit Air Launch: 5 मिनट चार्ज में दिनभर चलेगा ट्रैकर, 7 दिन की बैटरी और AI हेल्थ फीचर्स ने बढ़ाई हलचल कर्मचारी संगठनों के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पहली बार नीति निर्धारण की शुरुआती अवस्था में ही उनकी राय को औपचारिक रूप से शामिल किया जा रहा है। इससे पहले कई बार यह शिकायत रही है कि सुझाव अंतिम चरण में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार प्रक्रिया को शुरुआत से ही अधिक सहभागी बनाने की कोशिश की जा रही है। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं और आर्थिक परिस्थितियों का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। विशेष रूप से रेलवे और रक्षा जैसे बड़े क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की सेवा शर्तों, जोखिम भत्तों और पेंशन ढांचे पर गहराई से चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इन चर्चाओं के आधार पर एक प्रारंभिक ढांचा तैयार किया जाएगा, जो आगे चलकर अंतिम रिपोर्ट का आधार बनेगा। इस पूरे आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए सीमित समय दिया गया है, ऐसे में शुरुआती बैठकें बेहद निर्णायक मानी जा रही हैं। इन बैठकों के परिणाम न केवल वर्तमान वेतन संरचना को प्रभावित करेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में सरकारी नौकरी की आर्थिक आकर्षण क्षमता पर भी असर डाल सकते हैं। फिलहाल देशभर के कर्मचारियों की नजरें दिल्ली में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रक्रिया से वेतन और पेंशन व्यवस्था में ऐसे बदलाव सामने आएंगे, जो लंबे समय से चली आ रही मांगों को आंशिक या पूर्ण रूप से संबोधित कर सकेंगे।

dividend announcement: कंपनी ने चौथी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए, जिससे शेयर बाजार में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

dividend announcement: नई दिल्ली ।टाटा समूह की प्रमुख लाइफस्टाइल और ज्वैलरी कंपनी Titan Company ने अपने हालिया तिमाही नतीजों में जबरदस्त प्रदर्शन कर बाजार और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी ने चौथी तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में तेज़ उछाल दर्ज करते हुए यह साबित किया है कि उसका बिजनेस मॉडल लगातार मजबूत हो रहा है और उपभोक्ता मांग भी स्थिर रूप से बढ़ रही है। इसी प्रदर्शन के आधार पर कंपनी ने निवेशकों को प्रति शेयर ₹15 डिविडेंड देने की घोषणा की है, जिससे शेयरधारकों में उत्साह और बढ़ गया है। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 35 प्रतिशत बढ़कर 1,179 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 871 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी की कुल आय में लगभग 78 प्रतिशत की बड़ी छलांग देखने को मिली और रेवेन्यू बढ़कर 23,934 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि कंपनी के विभिन्न बिजनेस सेगमेंट में मजबूत बिक्री और ग्राहकों की बढ़ती मांग का परिणाम मानी जा रही है। हालांकि कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन मार्जिन में थोड़ी गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद कुल मिलाकर कंपनी का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। बाजार में कंपनी की स्थिति को देखते हुए निवेशकों का भरोसा और भी मजबूत हुआ है, खासकर तब जब रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई हो। Google Fitbit Air Launch: 5 मिनट चार्ज में दिनभर चलेगा ट्रैकर, 7 दिन की बैटरी और AI हेल्थ फीचर्स ने बढ़ाई हलचल सबसे बड़ा योगदान कंपनी के ज्वैलरी बिजनेस से आया है, जिसने इस तिमाही में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 18,195 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों की मांग में कोई कमी नहीं आई, बल्कि प्रीमियम और ब्रांडेड ज्वैलरी की खरीदारी में और तेजी देखी गई। शादी और त्योहारों के सीजन ने भी इस सेगमेंट को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा घड़ियों के कारोबार में भी कंपनी ने स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया है। प्रीमियम और एनालॉग घड़ियों की मांग बढ़ने से इस सेगमेंट की बिक्री में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। उपभोक्ता अब अधिक गुणवत्ता और डिजाइन आधारित उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका सीधा फायदा कंपनी को मिला है। कंपनी के नेतृत्व ने इस वित्त वर्ष को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह साल कई मायनों में रिकॉर्ड तोड़ साबित हुआ है। कम समय में रेवेन्यू में तेज़ बढ़ोतरी ने कंपनी की रणनीति और बाजार में उसकी पकड़ को और मजबूत किया है। शेयर बाजार में भी कंपनी के नतीजों का सकारात्मक असर देखने को मिला। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के कारण कंपनी के शेयर में तेजी दर्ज की गई और यह नए इंट्राडे स्तर तक पहुंच गया। डिविडेंड की घोषणा ने बाजार में और भी सकारात्मक माहौल बना दिया है, जिससे आने वाले समय में निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

OnEMI Technology Solutions: शेयर बाजार में शानदार आगाज़: ‘किश्त’ की पैरेंट कंपनी ने पहले दिन ही निवेशकों को कराया मुनाफा

OnEMI Technology Solutions: नई दिल्ली ।डिजिटल फाइनेंस और ऑनलाइन लोन सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से उभर रही OnEMI Technology Solutions ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत कर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते ही निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिला, जिससे IPO में हिस्सा लेने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे।कंपनी के शेयर अपने तय इश्यू प्राइस से करीब 11 प्रतिशत ऊपर खुले। शुरुआती कारोबार में ही शेयरों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और यह लिस्टिंग निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित हुई। बाजार में पहले से ही इस IPO को लेकर उत्साह बना हुआ था और लिस्टिंग के बाद वह भरोसा और मजबूत होता दिखाई दिया। हालांकि कुछ निवेशकों को इससे भी अधिक प्रीमियम की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा बाजार की अस्थिर परिस्थितियों के बीच इस प्रदर्शन को मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लेंडिंग सेक्टर की बढ़ती मांग ने कंपनी के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। करीब 926 करोड़ रुपये के इस IPO को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। अंतिम दिन तक यह इश्यू कई गुना सब्सक्राइब हुआ, जिससे साफ संकेत मिला कि बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। खास बात यह रही कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने कंपनी में सबसे अधिक रुचि दिखाई। रियलिटी शो के अंदर की सच्चाई पर बोलीं तनीषा, कहा- स्क्रीन टाइम के लिए लोग रिश्तों और नामों का इस्तेमाल करते हैं संस्थागत निवेशकों के अलावा गैर-संस्थागत और रिटेल निवेशकों ने भी IPO में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से यह इश्यू बाजार में चर्चा का विषय बन गया। IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए बड़ी रकम जुटाकर अपनी मजबूत स्थिति का संकेत दे दिया था। OnEMI Technology Solutions की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। कंपनी डिजिटल लेंडिंग और पेमेंट सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है और अपने प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को कई तरह की वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी पर्सनल लोन, छोटे कारोबारियों के लिए लोन, EMI फाइनेंसिंग और अन्य डिजिटल क्रेडिट सेवाओं के माध्यम से तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने करोड़ों यूजर्स तक अपनी पहुंच बनाई है। बड़ी संख्या में ग्राहकों के जुड़ने और डिजिटल सेवाओं की मांग बढ़ने से कंपनी का कारोबार लगातार मजबूत हुआ है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट भी तेजी से बढ़ा है, जो उसके विस्तार और ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है। वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो कंपनी ने आय और मुनाफे दोनों में लगातार सुधार दर्ज किया है। यही वजह है कि निवेशकों ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। डिजिटल फाइनेंस सेक्टर में बढ़ते अवसरों के कारण कंपनी को आगे भी मजबूत ग्रोथ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कंपनी ने संकेत दिया है कि IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से अपने फाइनेंस कारोबार को और मजबूत करने में किया जाएगा। इसके जरिए कंपनी ज्यादा लोन ग्रोथ हासिल करने और डिजिटल फाइनेंस मार्केट में अपनी स्थिति को और बेहतर बनाने की योजना पर काम करेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल क्रेडिट और ऑनलाइन फाइनेंस सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए विकास के बड़े अवसर मौजूद हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि कंपनी अपनी मौजूदा ग्रोथ को भविष्य में किस तरह बनाए रखती है।

Apple India Policy: अमेरिका में 14 दिन में रिटर्न, भारत में ‘नो रिफंड’; आखिर क्यों अलग हैं Apple के नियम?

नई दिल्ली। अगर आप नया iPhone, MacBook या कोई दूसरा Apple प्रोडक्ट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले कंपनी की रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी जरूर जान लें। भारत में Apple की नीति कई ग्राहकों को चौंका सकती है, क्योंकि यहां कंपनी अमेरिका जैसी आसान रिफंड सुविधा नहीं देती। भारत में Apple की सख्त ‘नो रिफंड’ पॉलिसीApple ने भारत में पहले ऑनलाइन स्टोर के जरिए एंट्री की थी और बाद में दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में अपने ऑफिशियल रिटेल स्टोर खोले। लेकिन खरीदारी के बाद ग्राहकों को जो सबसे बड़ा फर्क देखने को मिलता है, वह है कंपनी की रिटर्न पॉलिसी। Apple India की आधिकारिक नीति के अनुसार, भारत में खरीदे गए किसी भी प्रोडक्ट को केवल पसंद न आने या मन बदल जाने की स्थिति में वापस नहीं किया जा सकता। यानी प्रोडक्ट सही तरीके से काम कर रहा है, फिर भी ग्राहक उसे रिफंड या एक्सचेंज नहीं करा सकता। खराब प्रोडक्ट होने पर क्या मिलेगा विकल्प?हालांकि, अगर डिवाइस में तकनीकी खराबी निकलती है और वह वारंटी या AppleCare+ के दायरे में है, तो कंपनी सर्विस और रिपेयर की सुविधा देती है। कुछ विशेष मामलों में कंपनी डिफेक्टिव प्रोडक्ट को बदल भी सकती है।ग्राहक देशभर के अधिकृत Apple सर्विस सेंटर पर जाकर मरम्मत या सहायता ले सकते हैं। अमेरिका में अलग हैं नियमभारत के मुकाबले अमेरिका में Apple ग्राहकों को ज्यादा लचीलापन देता है। वहां ग्राहक डिलीवरी मिलने के 14 दिनों के भीतर प्रोडक्ट को रिटर्न या एक्सचेंज कर सकते हैं, चाहे वजह पसंद न आना ही क्यों न हो। यानी अमेरिकी ग्राहकों को “नो क्वेश्चन रिटर्न” जैसी सुविधा मिलती है, जबकि भारतीय ग्राहकों को यह विकल्प नहीं दिया गया है। आखिर क्यों अलग हैं नियम?Apple ने आधिकारिक तौर पर भारत और अमेरिका की अलग-अलग नीतियों का स्पष्ट कारण नहीं बताया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे बाजार की प्रकृति, ग्राहकों का व्यवहार और बिजनेस मॉडल जैसे कारण हो सकते हैं। भारत में बढ़ते प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार के बीच कई ग्राहक अब मांग कर रहे हैं कि Apple को यहां भी अमेरिका जैसी रिटर्न और एक्सचेंज सुविधा शुरू करनी चाहिए। ग्राहकों के लिए जरूरी सलाहअगर आप Apple Store India से कोई महंगा प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, तो खरीदारी से पहले रिटर्न, वारंटी और सर्विस नियम अच्छी तरह पढ़ लें। इससे बाद में किसी तरह की परेशानी या गलतफहमी से बचा जा सकता है

Share market India: शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही पैकेजिंग कंपनी, 50 रुपये प्रति शेयर वाला IPO बना चर्चा का विषय

  Share market India: नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में एक और नया आईपीओ निवेशकों के लिए अवसर लेकर आने वाला है। पैकेजिंग सेक्टर में काम करने वाली कंपनी आरएफबीएल फ्लेक्सी पैक जल्द ही अपना SME आईपीओ लॉन्च करने जा रही है। कम कीमत और तेजी से बढ़ते पैकेजिंग उद्योग की वजह से यह इश्यू निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कंपनी का आईपीओ 12 मई से खुलेगा, जबकि निवेशक 14 मई तक इसमें आवेदन कर सकेंगे। इस आईपीओ का प्राइस बैंड 47 रुपये से 50 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग 35 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसके तहत करीब 71 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। शेयर बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग 19 मई को हो सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कम कीमत वाला यह इश्यू छोटे और मध्यम निवेशकों को आकर्षित कर सकता है। आईपीओ में आवेदन करने के लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 3,000 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा। यदि कोई निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन करता है तो उसे लगभग 1.50 लाख रुपये का निवेश करना पड़ेगा। वहीं बड़े निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि इससे कहीं अधिक रखी गई है। शेयर आवंटन की प्रक्रिया 15 मई तक पूरी होने की उम्मीद है। कंपनी पिछले कई वर्षों से फ्लेक्सिबल पैकेजिंग मटेरियल के निर्माण और व्यापार में सक्रिय है। यह मुख्य रूप से प्लास्टिक फिल्म रोल और पैकेजिंग पाउच तैयार करती है, जिनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थ, फार्मा और घरेलू उत्पादों की पैकेजिंग में किया जाता है। कंपनी विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज पैकेजिंग समाधान भी उपलब्ध कराती है, जिससे उसकी बाजार में अच्छी पकड़ बनी हुई है। रियलिटी शो के अंदर की सच्चाई पर बोलीं तनीषा, कहा- स्क्रीन टाइम के लिए लोग रिश्तों और नामों का इस्तेमाल करते हैं भारत में पैकेज्ड फूड, एफएमसीजी और फार्मास्यूटिकल सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इन उद्योगों में बढ़ती मांग का सीधा फायदा पैकेजिंग कंपनियों को मिल रहा है। इसी अवसर को देखते हुए कंपनी अपने कारोबार का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी आधुनिक मल्टीलेयर पैकेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करती है, जिससे उत्पादों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहती है। कंपनी की उत्पादन इकाई गुजरात के हिम्मतनगर में स्थित है। सीमित संसाधनों के बावजूद कंपनी लगातार अपने कारोबार को मजबूत करने में लगी हुई है। आधुनिक तकनीक और मजबूत वितरण नेटवर्क की मदद से कंपनी पैकेजिंग उद्योग में अपनी स्थिति को और बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 135 करोड़ रुपये से अधिक की आय दर्ज की थी। इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा भी मजबूत रहा, जिससे संकेत मिलता है कि कारोबार लगातार स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष में भी कंपनी ने संतोषजनक प्रदर्शन किया है और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम जारी रखा है। आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से कारोबार विस्तार, पूंजीगत खर्च और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बाजार में अपनी मौजूदगी को मजबूत करना है। बढ़ती पैकेजिंग इंडस्ट्री और कम प्राइस बैंड को देखते हुए यह आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

Banking Stocks Crash: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से निवेशकों की बढ़ी चिंता

 Banking Stocks Crash: नई दिल्ली ।सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में एक बार फिर कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सामान्य स्थिति दिखाई देने के बावजूद दिन चढ़ने के साथ बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और अंत तक दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में तेज मुनाफावसूली ने बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया, जबकि आईटी कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने कुछ हद तक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। कारोबार के दौरान निवेशकों का रुझान काफी सतर्क नजर आया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक चिंताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इसका असर सबसे ज्यादा बैंकिंग शेयरों पर दिखाई दिया, जहां बड़े सरकारी और निजी बैंकों में लगातार बिकवाली देखने को मिली। कई प्रमुख बैंकिंग शेयर दिनभर दबाव में कारोबार करते रहे, जिससे पूरे बाजार का माहौल कमजोर पड़ गया। दिन के अंत तक सेंसेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। लगातार दूसरे दिन बाजार में कमजोरी आने से निवेशकों के बीच सतर्कता और बढ़ गई है। हालांकि इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन कर बाजार को पूरी तरह टूटने से बचाने की कोशिश की। कॉन्सर्ट विवाद या कुछ और? तारा–वीर के रिश्ते टूटने की असली वजह पर नया खुलासा.. आईटी सेक्टर शुक्रवार को बाजार का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभरा। टेक्नोलॉजी कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे इस सेक्टर के शेयर तेजी के साथ बंद हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक डिजिटल मांग और तकनीकी सेवाओं की बढ़ती जरूरत के कारण निवेशक आईटी कंपनियों को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। इसके अलावा एफएमसीजी और कंज्यूमर सेक्टर में भी हल्की मजबूती देखने को मिली, जिसने बाजार को कुछ सहारा दिया। दूसरी ओर बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में गिरावट काफी गहरी रही। सरकारी बैंकों के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला, जबकि प्राइवेट बैंक और वित्तीय सेवा कंपनियां भी बिकवाली से नहीं बच सकीं। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, मेटल, एनर्जी और रियल एस्टेट सेक्टर भी कमजोरी के साथ बंद हुए। बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। उपभोक्ता उत्पाद, हेल्थकेयर और पेंट सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बना रहा। इन कंपनियों में आई तेजी ने यह संकेत दिया कि बाजार में अभी भी चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश के अवसर मौजूद हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर रहते हैं और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली कम होती है, तो बाजार में दोबारा सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशक सतर्क रणनीति के साथ मजबूत और स्थिर कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

TCS Nida Khan arrested: फरार निदा खान को पकड़ने के लिए पुलिस का सीक्रेट ऑपरेशन, फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारी

TCS Nida Khan arrested: नई दिल्ली। चर्चित TCS कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने एक बेहद गोपनीय और फिल्मी स्टाइल ऑपरेशन के जरिए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रही निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव इलाके से पकड़ा गया। कई दिनों तक सादे कपड़ों में निगरानी पुलिस को सूचना मिली थी कि निदा खान नरेगांव की कैसर कॉलोनी में किराए के फ्लैट में छिपी हुई है। इसके बाद पुलिस ने बिना किसी हलचल के इलाके में निगरानी शुरू की। करीब 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी कई दिनों तक सादे कपड़ों में आम लोगों की तरह इलाके में घूमते रहे। पुलिस ने सरकारी वाहन या वर्दी का इस्तेमाल भी नहीं किया ताकि किसी को शक न हो। Apple India Policy: भारत में iPhone खरीदते ही फंस जाते हैं ग्राहक! अमेरिका में 14 दिन तक मिलता है रिटर्न का अधिकार मोबाइल लोकेशन और टेक्निकल सर्विलांस से मिला सुराग पुलिस ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए निदा की मौजूदगी की पुष्टि की। जानकारी के मुताबिक, वह अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ फ्लैट में रह रही थी। सूत्रों के अनुसार, निदा खान हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की तैयारी कर रही थी और कुछ वकीलों से कानूनी सलाह भी ले रही थी। पुलिस को डर था कि अगर उसे कानूनी राहत मिल गई तो गिरफ्तारी मुश्किल हो सकती है। अचानक रेड कर पुलिस ने दबोचा करीब तीन-चार दिन तक लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने सही समय देखकर अचानक छापा मारा और निदा खान को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक अधिकारी के आवास पर पेश किया गया, जहां से नासिक पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया। क्या है पूरा मामला? जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान 2021 से TCS में प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर काम कर रही थी। उस पर आरोप है कि वह कर्मचारियों को धार्मिक रूपांतरण के लिए प्रभावित कर रही थी और इस्लामिक साहित्य, वीडियो व अन्य सामग्री भेजती थी। पुलिस को शक है कि यह मामला किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।