आईपीएल में कैप्टन की कुर्सी के लिए कितना तैयार ईशान किशन? हैरान कर देने वाले हैं ये आंकड़े

नई दिल्ली। सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। एसआरएच सीजन की शुरुआत में नए कैप्टन पैट कमिंस के निधन की वजह से खेलेगी। जब तक पैट कमिंस अपनी इंजरी से रिकवर वापस नहीं आ गए, तब तक हैदराबाद ने ईशान किशन को अपना नया कैप्टन चुना, वहीं अभिषेक शर्मा इस दौरान उप-कैप्टन की जिम्मेदारी निभाएंगे। एक तरफ जहां भारतीय खिलाड़ी ईशान किशन ने यह उपलब्धि हासिल की है, वहीं दूसरी तरफ उनके जहान में सवाल है कि क्या वह आईपीएल जैसे बड़े मंच पर प्लैटफॉर्म बनाने के लिए कितनी तैयार हैं? ऑर्डिज़ियन का प्रेसिडेंट ने अपनी बैटिंग परंपरा पर तो नहीं कहा? तो अपनी जानकारी के लिए बताएं, ईशान किशन आईपीएल में विज्ञापन के लिए बिल्कुल तैयार हैं। उनके इस प्रमोशन के लिए चयन सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप में उनकी सफलता को देखने के लिए नहीं किया गया है, बल्कि इसके पीछे उनके डोमेस्टिक क्रिकेट की कड़ी मेहनत है। जी हां, ईशान किशन की टीम इंडिया में कमबैक भी इसी डोमेस्टिक क्रिकेट की विचारधारा के दम पर हुआ था। 2026 की शुरुआत में ही जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप के लिए ईशान किशन का सेलेक्शन हुआ तो हर कोई हैरान रह गया कि अचानक उनकी टीम इंडिया में एंट्री कैसे हो गई। इनका नाम तो टी20 क्रिकेट में दूर-दूर तक नहीं था। मगर बता दें, जब सभी शुभमन गिल और संजू सैमसन खिलाड़ी पर ध्यान दिया गया था तब ईशान किशन डोमेस्टिक क्रिकेट में धमाल मचा रहे थे। ईशान किशन की अगुआई में ही मिर्जा शेख मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब जीतने में कामयाब रहे थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सैथ्थ कैप्टन ही नहीं बल्कि सैथ्थ सैक्टर से भी प्रेरणा ली थी। अगर टी20 के आंकड़े की बात करें तो, बेस्ट कैप्टन ईशान किशन ने 2019 से अब तक 29 टी20 मैचों में खिलाड़ी की है, जिसमें से उन्होंने 24 मैच जीते और केवल पांच हारे। वहीं, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके मैकेनिक ने झारखंड में 11 से फाइनल में 10 मैच जीते थे। कैप्टन बने हुए हैं और ख़ूंखार हो जाते हैं ईशान किशनऑर्थोडॉक्स के थोक व्यापारी, मगर ईशान किशन के मामले में ऐसा नहीं है। कैप्टन वह बॅट से और खुंखार हो जाते हैं। किशन ने वैश्वीकरण की अतिरिक्त जिम्मेदारी बैठक में शानदार प्रदर्शन किया। कैप्टन के मुताबिक 29 टी20 मैचों में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 43.12 के शानदार औसत से 1,078 रन बनाए हैं। ख़ास बात यह है कि उनके सात टी20 शतकों में से चार शतक की बात तब आई थी, जब वे टीम की टीमें कर रहे थे।
देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदलादिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा। अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपातहिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं। पंजाब-हरियाणा में भी बारिशपंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। मौसम का पूर्वानुमानमौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
RCB लगातार 2-3 ट्रॉफी जीत सकती है, एबी डी विलियर्स ने विराट कोहली की तारीफ में कह दी ये बात

नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डी विलियर्स का मानना है कि ‘जुझारू खिलाड़ियों की टीम’ विराट कोहली पर से दबाव कम करेगी जिससे मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को आईपीएल 2026 में लंबा सफर तय करने के लिए जरूरी ताकत मिलेगी। कोहली आरसीबी के एक अहम खिलाड़ी हैं और वे उस खिताब को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे जिसे उन्होंने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद पिछले सत्र में जीता था। आरसीबी के पूर्व बल्लेबाज डिविलियर्स ने जियोस्टार से कहा, ”विराट यह महसूस कर सकते हैं, उन्हें यह अहसास हो सकता है कि अब सारा बोझ उठाने वाले अकेले वही नहीं हैं। ” उन्होंने आगे कहा, ”उनके आस-पास जुझारू खिलाड़ियों की एक टीम है जो सभी ट्रॉफी जीतने के लिए तैयार हैं। मुझे लगता है कि वे बहुत अच्छी स्थिति में हैं। यह लगभग वही टीम है, उन्हें ज्यादा बदलाव नहीं करने पड़े और उनके पास यह मानने का अच्छा कारण है कि वे आने वाले इस सत्र में फिर से कमाल कर सकते हैं। ” भले ही कोहली जनवरी से ब्रेक पर रहे हों, लेकिन डिविलियर्स ने भरोसा जताया कि यह भारतीय सुपरस्टार आईपीएल में पूरी तैयारी के साथ उतरेगा। डिविलियर्स ने कहा, ”मैंने अपनी जिंदगी में जितनी मेहनत करने वाले लोग देखे हैं, उनमें से सबसे बेहतरीन विराट हैं। वह इस टूर्नामेंट में बिना पूरी तैयारी के नहीं उतरेंगे। ” दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व दिग्गज ने भरोसा जताया कि आरसीबी अब लगातार खिताब की दावेदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, ”आपको याद होगा कि वह (कोहली) ड्रेसिंग रूम में अक्सर इस बारे में बात करते थे ‘अगर हम एक बार जीत सकते हैं तो हम जल्द ही दो, तीन, चार बार भी जीतेंगे।’ मुझे इस बात पर पूरा भरोसा है। मुझे लगता है कि आरसीबी अब उस स्थिति में है जहां वे लगातार जीत हासिल कर सकते हैं। शायद लगातार दो या तीन ट्रॉफी भी। ” भारत के दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने कहा कि अगर कोहली इस आईपीएल सत्र में कुछ नए शॉट्स के साथ नजर आते हैं तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। कुंबले ने कहा, ”अगर वह इस सत्र में एक अलग अंदाज के साथ उतरते हैं शायद ‘स्कूप शॉट’ या ‘रिवर्स स्कूप’ जैसे शॉट्स आजमाते हैं तो इस पर हैरान नहीं हों। ” उन्होंने कहा, ”हमने पिछले कई साल से एबी डिविलियर्स को लगातार ऐसा करते देखा है और विराट भी अपनी बल्लेबाजी में इस चीज को शामिल कर सकते हैं। उनके जैसे महान खिलाड़ी हमेशा खुद को बेहतर बनाने, सुधार करने और खुद को चुनौती देने की कोशिश में लगे रहते हैं। ‘’
कतर ने दिए ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश

तेहरान। ईरानी हमलों (Iranian attacks) के खिलाफ अब मिडिल ईस्ट (Middle East) के देश कार्रवाई शुरू कर चुके हैं। अब कतर (Qatar) ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। इसके लिए 24 घंटों का समय दिया गया है। अमेरिका और इजरायल (America and Israel) से युद्ध के बीच खाड़ी देशों में हमले करने को लेकर ईरान पहले ही कई मुल्कों के निशाने पर आ चुका है। खबर है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मुस्लिम देशों की बड़ी बैठक भी होने वाली है। कतर के विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘कतर के विदेश मंत्रालय ने देश में स्थित इस्लामी गणराज्य ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट सौंपा है। इसमें कहा गया है कि कतर, दूतावास के सैन्य अताशे (Military Attache) और सुरक्षा अताशे (Security Attache) के साथ-साथ इन दोनों कार्यालयों के समस्त स्टाफ को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित करता है। कतर ने मांग की है कि ये सभी अधिकारी अधिकतम 24 घंटे के भीतर देश छोड़कर चले जाएं।’ क्या होता है पर्सोना नॉन ग्राटाडिप्लोमेसी के लिहाज से जब कोई देश किसी विदेशी अधिकारी या अधिकारियों को अपने यहां रहने की अनुमति देने से मना कर देता है या उसे देश छोड़ने का आदेश देता है, तो उसे ‘persona non grata’ घोषित किया जाता है। हमले से नाराज होकर उठाया कदममंत्रालय ने कहा कि ईरान की तरफ से बार-बार कतर को निशाना बनाने और कतर राज्य के खिलाफ किए गए खुले आक्रमण के जवाब में लिया गया है, जिसने कतर की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन किया है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 और अच्छे पड़ोस के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है। चेतावनी भी दे दीकतर ने साफ किया है कि ईरान अगर इस तरह का रवैया जारी रखता है, तो आगे और भी कड़े उपाय किए जाएंगे। साथ ही कहा, ‘कतर अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के अनुसार अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता है।’ ईरान ने दी कतर समेत कई देशों को धमकीईरान ने अपने ‘गैस फील्ड’ पर हमले के बाद धमकी दी है कि वह कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) में तेल और गैस के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ईरान ने धमकी जारी की हो। ईरान ने विशेष रूप से सऊदी अरब की ‘समरेफ रिफाइनरी’ और उसके ‘जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स’ को निशाना बनाने की धमकी दी है। उसने संयुक्त अरब अमीरात के ‘अल हसन गैस फील्ड’ और कतर में स्थित पेट्रोकेमिकल संयंत्रों तथा एक रिफाइनरी पर भी हमले की धमकी दी है।
भारत में बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी…. 30 साल में 79% तक घटी, UN ने की सराहना

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) (United Nations – UN) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत (India) ने बच्चों की मौतों को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के लगातार प्रयासों से नवजात (जन्म के तुरंत बाद) और 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में काफी कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 1990 में जहां हर 1000 बच्चों में से 127 बच्चों की 5 साल से पहले मौत हो जाती थी, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर सिर्फ 27 रह गई है। यानी लगभग 79% की कमी आई है। इसी तरह नवजात बच्चों की मौत भी 57 से घटकर 17 प्रति 1000 रह गई है, जो करीब 70% की गिरावट है। सरकार की योजनाओं से मिली सफलता- जेपी नड्डाकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह सफलता सरकार की योजनाओं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मिली है। जैसे कि जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) और टीकाकरण अभियान ने इसमें बड़ा योगदान दिया है। दक्षिण एशिया में 1990 से अब तक 76% की कमीरिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दक्षिण एशिया में बच्चों की मौतों में 1990 से अब तक 76% की कमी आई है, जिसमें भारत का सबसे बड़ा योगदान रहा है। भारत में अस्पताल में सुरक्षित डिलीवरी, बेहतर इलाज और बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण जैसी सुविधाओं ने हालात को काफी सुधारा है। बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बना भारतयूनिसेफ ने भी भारत की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार और राज्यों के मिलकर काम करने से यह संभव हुआ है। साथ ही, यह भी बताया गया कि बच्चों की ज्यादातर मौतें रोकी जा सकती हैं अगर समय पर इलाज और सही देखभाल मिले। हालांकि, अभी भी दक्षिण एशिया में दुनिया के करीब 25% बच्चों की मौत होती है, लेकिन तेजी से सुधार हो रहा है। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जो बड़े स्तर पर बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।
FASTag: सरकार ने लागू किए सख्त नियम….टोल नहीं कटा तो अब भरना होगा डबल जुर्माना

नई दिल्ली। हाईवे (Highway) पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार (Government) ने FASTag Rules में बदलाव करते हुए नया सख्त नियम (New Strict Rule) लागू किया है। अब अगर टोल प्लाजा पर किसी कारण से FASTag से भुगतान नहीं हो पाता है, तो वाहन मालिक को तय समय में भुगतान करना जरूरी होगा, वरना दोगुना जुर्माना देना पड़ेगा। 72 घंटे में भुगतान नहीं किया तो देना होगा डबल चार्जनए नियम के अनुसार, अगर कोई वाहन बिना टोल भुगतान किए बैरियर-फ्री टोल प्लाजा से गुजर जाता है और 72 घंटे के भीतर बकाया राशि नहीं चुकाता, तो उस पर दोगुना शुल्क लगाया जाएगा। यानी अगर आपने समय पर भुगतान नहीं किया, तो आपको मूल टोल से दो गुना रकम चुकानी पड़ेगी। क्यों लाए गए ये नए नियम?सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि बिना भुगतान के टोल पार करने वालों पर रोक लगे और डिजिटल टोल सिस्टम को और मजबूत किया जा सके। नियमों का पालन सुनिश्चित हो। यह बदलाव नेशनल हाईवे फीस नियमों में संशोधन के तहत लागू किया गया है। टोल एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तयसिर्फ वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि टोल एजेंसियों पर भी जिम्मेदारी तय की गई है। अगर किसी उपभोक्ता की शिकायत पर टोल एजेंसी 5 दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं करती है तो उस मामले में बकाया टोल की मांग अपने आप खत्म हो जाएगी। यानी अगर गलती एजेंसी की है और समय पर समाधान नहीं हुआ, तो आपको राहत मिल सकती है। क्या है ‘अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क’?संशोधित नियमों में ‘अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क’ को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। यह वह टोल है जो इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली द्वारा वाहन के गुजरने की पुष्टि के बावजूद प्राप्त नहीं होता है। ऐसे मामलों में, पंजीकृत वाहन मालिकों को एक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जाएगा, जिसमें वाहन का विवरण, टोल पार करने की तारीख और स्थान, और देय राशि की जानकारी होगी। ये नोटिस एसएमएस, ईमेल, मोबाइल ऐप और एक विशेष पोर्टल के माध्यम से भेजे जाएंगे। साथ ही, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को वाहन डेटाबेस ‘वाहन’ से जोड़ा जाएगा, ताकि बकाया राशि वाले वाहनों की आसानी से पहचान की जा सके। FASTag यूजर्स के लिए जरूरी सलाहFASTag में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें। ट्रांजैक्शन अलर्ट चेक करते रहें। कोई समस्या हो तो तुरंत शिकायत दर्ज करें। 72 घंटे के अंदर भुगतान जरूर करें। कुल मिलाकर, सरकार ने टोल वसूली को पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इससे जहां नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी, वहीं सही यूजर्स को भी सुरक्षा और राहत मिलेगी।
माइग्रेन का आसान टेस्ट घर पर, समझें 5-4-3-2-1 फॉर्मूला और बचाव..

नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है लेकिन हर सिरदर्द को नजरअंदाज करना सही नहीं होता क्योंकि यह माइग्रेन भी हो सकता है यह एक जटिल न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसकी समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है विशेषज्ञों के अनुसार माइग्रेन को पहचानने के लिए 5-4-3-2-1 का एक आसान फॉर्मूला अपनाया जाता है जिसे आम व्यक्ति भी समझ सकता है इस फॉर्मूले के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को जीवन में कम से कम 5 बार तेज सिरदर्द का अटैक आया हो और यह दर्द 4 घंटे से लेकर 3 दिन तक बना रहता हो तो यह एक संकेत हो सकता है इसके अलावा दर्द की 4 खासियतों में से कम से कम 2 मौजूद हों जैसे सिर के एक तरफ दर्द होना धड़कन जैसा दर्द होना दर्द बहुत तेज होना या रोजमर्रा के काम में बाधा आना तो माइग्रेन की संभावना बढ़ जाती है साथ ही 2 में से 1 लक्षण जैसे मतली उल्टी या तेज रोशनी और आवाज से परेशानी भी इसका अहम संकेत माना जाता है माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले कारण भी काफी अहम होते हैं तेज धूप चमकदार रोशनी और शोर इस समस्या को बढ़ा सकते हैं वहीं कुछ खाने की चीजें जैसे चीज चॉकलेट कॉफी और चाइनीज फूड भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं तेज परफ्यूम या गंध भी कई लोगों में माइग्रेन का कारण बनती है महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है खासकर हार्मोनल बदलाव के दौरान डॉक्टरों का मानना है कि माइग्रेन को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है क्योंकि इसका असर याददाश्त और ध्यान क्षमता पर पड़ सकता है लंबे समय में यह स्ट्रेस और डिप्रेशन का कारण बन सकता है और गंभीर मामलों में ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ा सकता है इससे बचाव के लिए कुछ आसान आदतें अपनाना जरूरी है रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें स्क्रीन टाइम कम करें और उन फूड्स से दूरी बनाए रखें जो माइग्रेन को बढ़ाते हैं नियमित दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल करने में मदद कर सकती है अगर सिरदर्द बार बार हो रहा है या ऊपर बताए गए लक्षण दिख रहे हैं तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है क्योंकि सही समय पर पहचान ही सबसे बड़ा बचाव है
मौसम बदलते ही क्यों रखा जाता है नवरात्रि व्रत जानिए इसके पीछे का आयुर्वेदिक कारण
नई दिल्ली। Navratri में व्रत रखना केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है बल्कि इसके पीछे गहरा आयुर्वेदिक विज्ञान भी छिपा हुआ है। अक्सर लोग इसे पूजा पाठ और श्रद्धा से जोड़कर देखते हैं लेकिन अगर इसे Ayurveda के नजरिए से समझें तो यह शरीर और मन दोनों के लिए एक प्राकृतिक रीसेट प्रक्रिया की तरह काम करता है। दरअसल नवरात्रि ऐसे समय पर आती है जब मौसम में बदलाव हो रहा होता है। यह परिवर्तन सीधे हमारे शरीर को प्रभावित करता है। आयुर्वेद के अनुसार इस दौरान शरीर में वात और पित्त दोष असंतुलित हो सकते हैं जिससे पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में व्रत रखने और हल्का सात्विक भोजन लेने से शरीर को संतुलन में लाने में मदद मिलती है। व्रत के दौरान लोग फल कुट्टू सिंघाड़ा दही और साबूदाना जैसे हल्के और आसानी से पचने वाले आहार लेते हैं। इससे पाचन तंत्र को आराम मिलता है और रोजाना के भारी तले भुने और मसालेदार भोजन से जो दबाव बनता है वह कम हो जाता है। इस प्रक्रिया से शरीर को खुद को सुधारने और ऊर्जा को पुनः संतुलित करने का समय मिलता है। आयुर्वेद में पाचन शक्ति यानी अग्नि को स्वास्थ्य का आधार माना गया है। जब अग्नि मजबूत होती है तो शरीर स्वस्थ रहता है। व्रत रखने से यह अग्नि पुनः सक्रिय होती है और शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलने लगते हैं। यही वजह है कि व्रत के दौरान लोग खुद को हल्का ऊर्जावान और अधिक सक्रिय महसूस करते हैं। नवरात्रि का व्रत केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। इस दौरान ध्यान पूजा और संयम का पालन किया जाता है जिससे मानसिक शांति प्राप्त होती है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में यह एक तरह का मानसिक शुद्धिकरण है जो व्यक्ति को भीतर से संतुलित और शांत बनाता है। इसके अलावा नवरात्रि में खाए जाने वाले सात्विक खाद्य पदार्थ न केवल पचने में आसान होते हैं बल्कि शरीर को आवश्यक पोषण भी प्रदान करते हैं। ये भोजन शरीर को हल्का रखते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव संभव होता है। इस तरह नवरात्रि का व्रत आस्था और स्वास्थ्य दोनों का सुंदर संतुलन प्रस्तुत करता है।
नवरात्र विशेष: यह वन तुलसी चढ़ाने से प्रसन्न होती हैं मां दुर्गा, औषधीय गुणों का खजाना

नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां भगवती की आराधना में जहां विभिन्न फूल और पत्तियां अर्पित की जाती हैं वहीं एक खास पौधा ऐसा भी है जो देवी को अत्यंत प्रिय माना जाता है। आमतौर पर पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना जाता है लेकिन एक विशेष प्रकार की तुलसी जिसे दौना दवना मरुआ या वन तुलसी कहा जाता है मां दुर्गा को बेहद प्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान इस वन तुलसी की पत्तियां और फूल अर्पित करने से मां प्रसन्न होती हैं और घर में सुख समृद्धि व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पौधा आकार में छोटा लगभग 1 से 2 फुट ऊंचा होता है लेकिन इसकी सुगंध अत्यंत तेज और मनमोहक होती है। इसके पत्ते गुलदाउदी की तरह कटावदार होते हैं और इसकी खुशबू इतनी प्रभावशाली मानी जाती है कि महंगे परफ्यूम भी इसके सामने फीके पड़ जाते हैं। धार्मिक परंपराओं में दौना को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का भी प्रिय माना गया है लेकिन विशेष रूप से नवरात्रि में मां दुर्गा को इसे अर्पित करने की परंपरा है। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में इस पौधे को लगाने से वातावरण शुद्ध रहता है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है। यह न केवल पूजा को पूर्णता प्रदान करता है बल्कि घर को सुगंधित और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। अगर आयुर्वेद की दृष्टि से देखें तो वन तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर है। आयुर्वेद में इसे कफ वात और कृमि रोगों के उपचार में लाभकारी बताया गया है। यह सर्दी खांसी जुकाम बुखार जोड़ों के दर्द सूजन और पेट की समस्याओं में भी कारगर है। इसके पत्ते बीज जड़ और डंठल सभी औषधीय रूप से उपयोगी होते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी तुलसी के गुणों को स्वीकार किया गया है। अमेरिका की राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय में प्रकाशित शोधों के अनुसार तुलसी का सेवन डायबिटीज हृदय रोग तनाव और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। खास बात यह है कि इसके सेवन से गंभीर दुष्प्रभाव नहीं पाए गए हैं। वन तुलसी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। यह श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती है और अस्थमा ब्रोंकाइटिस व खांसी जैसी समस्याओं में राहत देती है। साथ ही इसकी सुगंध प्राकृतिक रूप से मच्छरों को दूर रखने और हवा को शुद्ध करने में भी सहायक होती है। इस तरह वन तुलसी न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी एक अमूल्य औषधि है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर इसे अर्पित करना जहां मां भगवती को प्रसन्न करता है वहीं इसका उपयोग शरीर और मन दोनों को स्वस्थ और संतुलित रखने में मदद करता है
Love Horoscope 19 March: आपके रिश्ते में आज क्या होगा, मीन और अन्य राशियों के लिए विशेष भविष्यवाणी

नई दिल्ली। 19 मार्च का दिन प्रेम जीवन में महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है आज अमावस्या तिथि है जो सुबह 06:53 बजे तक रहेगी और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र तथा शुभ योग शुक्ल के साथ किस्तुघ्न और बव करण का संयोग भी बन रहा है इन ज्योतिषीय परिस्थितियों के चलते यह दिन कई राशियों के प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव और नई संभावनाओं को लेकर आएगा मेष राशि के लिए यह दिन दोस्तों के साथ समय बिताने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने का है जिससे जीवन में ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा हालांकि जीवनसाथी कभी-कभी आपको संदिग्ध या दूर लग सकते हैं ऐसे में धैर्य और समझदारी बनाए रखना जरूरी है वृष राशि वालों को प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखना होगा अपनी समझदारी और ताकत से दिन के अवसरों का लाभ उठाएं उत्सव और उत्साह से भरे इस दिन को अपने साथी के साथ साझा करना लाभकारी रहेगा मिथुन राशि के लोग आज अपने सच्चे भावनाओं को आसानी से व्यक्त कर पाएंगे यह समय अपने प्रेमी के साथ समय बिताने और संबंध को मजबूत करने का है कर्क राशि वालों के लिए यह दिन व्यापार और प्रेम मामलों में सफलता और कौशल लाएगा आप परिवार और धर्म की ओर झुकाव महसूस करेंगे और रोमांचक अनुभवों का आनंद ले सकेंगे सिंह राशि वालों को किसी गुरु या मार्गदर्शक से मदद मिलने का अवसर मिलेगा अपने प्रेमी को खुश रखने पर ध्यान दें जिससे आप भी संतुष्ट और प्रसन्न रहेंगे कन्या राशि के लिए आज परिवार और करीबी लोगों पर ध्यान अधिक रहेगा दिन खुशियों और मौज-मस्ती से भरा रहेगा प्रेम में पैसा प्राथमिकता न पाएं और भावनाओं को महत्व दें तुला राशि वालों को अपनी बुद्धिमत्ता और गुणों का उपयोग कर अपने प्रेम जीवन में रोमांच बनाए रखना होगा अलग-अलग तरीकों से अपने प्रेम को व्यक्त करें और संबंध में नवीनता बनाए रखें वृश्चिक राशि वालों को यात्रा करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना होगा बच्चों और बीमार लोगों की देखभाल में समय व्यतीत होगा आपकी रचनात्मक सोच और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता आसपास सकारात्मक प्रभाव डालेगी धनु राशि वाले प्रेम जीवन में किसी खास सरप्राइज को याद रखें इससे आपका दिन आनंदमय होगा अपने अनुभवों और योजनाओं का उपयोग कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं आज प्रेम जीवन में महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता हो सकती है मकर राशि के लोग यदि अपने साथी के बारे में निश्चित नहीं हैं तो निर्णय लेने से पहले विचार करें बड़ों की सलाह महत्वपूर्ण होगी सही समय पर सही निर्णय लेना लाभकारी रहेगा कुंभ राशि वालों के लिए आज किसी खास मित्र के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना रोमांचक रहेगा आपसी सहमति और विश्वास बनाए रखें ताकि कठिन परिस्थितियों में भी रिश्ता मजबूत बना रहे मीन राशि के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है आपके प्रेम जीवन में कुछ समस्याएं और बाधाएं चिंता का कारण बन सकती हैं साथी के साथ पूरी ईमानदारी से पेश आएँ किसी भी बात को छिपाने से बचें इससे आपसी विश्वास और मजबूत होगा प्रेम जीवन में पारदर्शिता और भावनाओं की स्पष्टता महत्वपूर्ण रहेगी इस प्रकार 19 मार्च का दिन विभिन्न राशियों के प्रेम जीवन में अपने अनुभव और समझदारी के अनुसार उतार-चढ़ाव लाएगा और मीन राशि के लोगों को अपने संबंधों में विशेष सतर्कता और विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता है