मेटा का हाईकोर्ट में बयान: इंस्टाग्राम डेटा केवल सरकार के साथ साझा, यूजर्स की निजता पर जोर

नई दिल्ली। Meta Platforms ने अदालत को बताया कि इंस्टाग्राम की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा जारी रहेगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि पॉलिसी में बदलाव केवल इतना है कि यदि किसी आपराधिक जांच या कानूनी प्रक्रिया के तहत सरकार जानकारी मांगेगी, तभी डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने यह भी कहा कि किसी भी तीसरे पक्ष को यूजर्स का डेटा नहीं दिया जाएगा, जिससे निजता का संरक्षण सुनिश्चित रहेगा। इंस्टाग्राम की नई नीति पर विवादInstagram की ओर से 8 मई से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा में बदलाव की सूचना दी गई थी, जिसके बाद इसे लेकर याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह बदलाव यूजर्स की प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है। कपिल सिब्बल ने दी नीति की कानूनी व्याख्यावरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने अदालत में कहा कि कंपनी पूरी तरह कानून के दायरे में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम या आपराधिक मामलों की जांच के तहत ही सरकार को डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की निजी जानकारी सार्वजनिक या तीसरे पक्ष को साझा नहीं की जाएगी। डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड पर उठे सवालसुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम के तहत बनाए गए डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया में अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसी वजह से शिकायत सीधे अदालत में दायर करनी पड़ी। कोर्ट का रुख और आगे की प्रक्रियाअदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए Meta Platforms से छह सप्ताह के भीतर विस्तृत लिखित जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई में कंपनी की नीति और स्पष्ट हो सकती है।
मनोज तिवारी का ममता सरकार पर तीखा हमला, बोले- ‘खेल मंत्री होकर भी सिर्फ चाय-बिस्किट तक सीमित रहा काम’

नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि खेल मंत्री रहते हुए उन्हें पिछले पांच वर्षों तक सही तरीके से काम नहीं करने दिया गया। मनोज तिवारी ने सीधे तौर पर टीएमसी नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता और छवि से डरकर उन्हें लगातार अलग-थलग रखा गया। उन्होंने कहा कि खेल विभाग में उनकी भूमिका केवल “चाय और बिस्किट खाने” तक सीमित कर दी गई थी। ‘कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया गया’तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें खेल विभाग के कई अहम कार्यक्रमों से दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि डूरंड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मैदान पर मौजूद रहने के बावजूद उन्हें आधिकारिक निमंत्रण तक नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, इसके पीछे अरूप बिस्वास की राजनीतिक सोच काम कर रही थी। मेसी के कार्यक्रम को लेकर भी साधा निशानापूर्व मंत्री ने लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह उस आयोजन में इसलिए शामिल नहीं हुए क्योंकि उन्हें पहले से अंदेशा था कि वहां उन्हें अपमानित किया जा सकता है। तिवारी ने दावा किया कि आयोजन के दौरान खेल प्रेमियों को भी निराशा हाथ लगी और मेसी कुछ ही मिनटों में कार्यक्रम छोड़कर चले गए। ‘सरकार जनता नहीं, अपने हितों के लिए काम कर रही थी’मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने खेल और शिवपुर के विकास से जुड़े कई मुद्दे कैबिनेट बैठकों में उठाए, लेकिन उनकी बातों को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की सोच बेहद संकीर्ण थी और उसका फोकस जनता की बजाय अपने राजनीतिक हितों पर ज्यादा था। ममता बनर्जी को लेकर भी कही बड़ी बाततिवारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि एक बार जब उन्होंने अपनी बात रखने की कोशिश की तो मुख्यमंत्री ने उनसे कहा, “क्या मेरे पास और कोई काम नहीं है?” तिवारी के अनुसार, उन्हें अपनी बात रखने के लिए 20 सेकंड का समय भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्हें एहसास हो गया था कि यह सरकार लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि इसकी नींव “झूठे वादों” पर टिकी हुई है। मनोज तिवारी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में खेल प्रशासन और राजनीतिक खींचतान को लेकर लगातार बहस चल रही है। उनके आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
शुक्र गोचर 2026: शनिश्चरी अमावस्या से पहले शुक्र का राशि परिवर्तन, 12 राशियों पर दिखेगा बड़ा असर

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार शनिश्चरी अमावस्या 16 मई को पड़ रही है, लेकिन उससे दो दिन पहले यानी 14 मई को शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के मुताबिक, 14 मई सुबह 10:35 बजे शुक्र अपनी स्वराशि वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र का यह गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं और बुध-शुक्र के बीच मित्रता का संबंध है। ऐसे में यह परिवर्तन कई राशियों के लिए प्रेम, वैवाहिक जीवन, आर्थिक स्थिति और सुख-सुविधाओं के लिहाज से शुभ संकेत लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं कि शुक्र के मिथुन राशि में प्रवेश का असर सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा। मेषशुक्र का गोचर मेष राशि के तीसरे भाव में होगा। मित्रों और भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी। करियर में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं। वृषभवृषभ राशि के दूसरे भाव में शुक्र का प्रवेश धन और समृद्धि बढ़ाने वाला रहेगा। बचत में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। व्यापार में लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है। मिथुनशुक्र का गोचर आपकी ही राशि में होने जा रहा है। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपकी ओर प्रभावित होंगे। मानसिक संतोष मिलेगा। वाहन, संपत्ति या संतान सुख के योग बन रहे हैं। विदेश से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। कर्ककर्क राशि के द्वादश भाव में शुक्र का प्रवेश खर्च बढ़ा सकता है। मानसिक तनाव और असहजता महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी। सिंहसिंह राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर आमदनी बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन और शिक्षा के लिहाज से भी समय अनुकूल रहेगा। कन्याकन्या राशि के दशम भाव में शुक्र का प्रवेश करियर में सफलता और नई उपलब्धियां दिला सकता है। रुके हुए काम पूरे होंगे। नौकरीपेशा लोगों को पद और प्रतिष्ठा मिलने के योग हैं। तुलातुला राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्यवृद्धि और अचानक धन लाभ का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुका पैसा वापस मिल सकता है। परिवार और रिश्तों में सहयोग बढ़ेगा। वृश्चिकवृश्चिक राशि के अष्टम भाव में शुक्र का गोचर आकस्मिक लाभ दे सकता है। निवेश से फायदा होने की संभावना है। हालांकि प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। धनुधनु राशि वालों के सप्तम भाव में शुक्र का प्रवेश वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ाएगा। जीवनसाथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी रहेगी। मकरमकर राशि वालों को स्वास्थ्य और खर्च दोनों मामलों में सावधानी रखनी होगी। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। हालांकि शिक्षा और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। कुंभकुंभ राशि के पंचम भाव में शुक्र का गोचर प्रेम संबंधों को मजबूत करेगा। बुद्धिमत्ता और समझने की क्षमता बढ़ेगी। धन लाभ और संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा मिलने के योग हैं। आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ सकती है। मीनमीन राशि के चौथे भाव में शुक्र का प्रवेश पारिवारिक मामलों में कुछ तनाव पैदा कर सकता है। छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि ससुराल पक्ष से सहयोग मिलने के संकेत हैं।
MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर सहित 11 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। अगले 4 दिन मौसम रहेगा बदला-बदलामौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 9 और 10 मई को गर्मी का प्रभाव पूरे प्रदेश में बढ़ जाएगा। लगातार सातवें दिन भी बारिशबुधवार को प्रदेश में लगातार सातवें दिन भी कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। धार सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा। मई की शुरुआत में लगातार हुई बारिश से फिलहाल गर्मी से राहत बनी हुई है और अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। 10 मई से फिर बदलेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में दिखाई दे सकता है। वर्तमान में प्रदेश के मध्य और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जबकि पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है।
दही के साथ ये चीजें खाना पड़ सकता है भारी, पेट की गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है

नई दिल्ली। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ आंतों के स्वास्थ्य को भी सुधारता है। लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब इसे सही तरीके से और सही खाद्य पदार्थों के साथ खाया जाए। दूध और दही साथ में खाने से बचेंदूध और दही दोनों ही डेयरी उत्पाद हैं, लेकिन इन्हें एक साथ या एक ही समय पर खाने से पाचन पर असर पड़ सकता है। इससे गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि दोनों अलग-अलग तरीके से पचते हैं। मछली और दही का कॉम्बिनेशन भी नुकसानदायकआयुर्वेद और एक्सपर्ट्स के अनुसार मछली और दही को साथ में नहीं खाना चाहिए। दोनों ही प्रोटीन से भरपूर होते हैं और इन्हें एक साथ लेने पर पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे अपच और त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। तला-भुना और ऑयली खाना बढ़ा सकता है परेशानीदही के साथ ज्यादा तला-भुना या ऑयली फूड लेने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इससे पेट में भारीपन, सुस्ती और अपच जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। अचार और फर्मेंटेड फूड्स से दूरी रखेंदही को अचार या अन्य फर्मेंटेड फूड्स के साथ खाना भी सही नहीं माना जाता। दोनों में बैक्टीरिया की मात्रा अधिक होती है, जिससे आंतों का संतुलन बिगड़ सकता है और पेट खराब हो सकता है। कुछ फलों के साथ भी न खाएं दहीतरबूज, खरबूजा जैसे अधिक पानी वाले फलों के साथ दही का सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है। इससे डाइजेस्टिव सिस्टम प्रभावित होता है और गैस या फर्मेंटेशन की समस्या हो सकती है। एक्सपर्ट्स की सलाहविशेषज्ञों का कहना है कि दही को हमेशा हल्के और संतुलित भोजन जैसे रोटी, खिचड़ी या सब्जियों के साथ ही खाना चाहिए। सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाकर ही दही के पूरे स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है।
10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा

नई दिल्ली। इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में तस्कर आरिफ और उसके साथी वसीम को होटल में बंधक बनाकर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को एक होटल में रखा गया, जहां पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और माल के बारे में सवाल किए गए। आरिफ ने आरोप लगाया कि उससे जब्त माल और आपूर्ति को लेकर पूछताछ की गई और दबाव बनाया गया। 10 लाख की डील, 5 लाख में ‘छुट्टी’ का दावातस्कर आरिफ के बयान के अनुसार उसे छोड़ने के लिए पहले 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में मामला 5 लाख रुपए में तय होने की बात सामने आई। आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसे छोड़ा गया।रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी बातचीत में पुलिस अधिकारियों और उनके संपर्कों की भूमिका सामने आई है। फाइव स्टार होटल में रखकर पूछताछ का आरोपरिपोर्ट के अनुसार आरिफ और वसीम को एक होटल में रखा गया था, जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित रूप से मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरिफ ने यह भी दावा किया कि उसके एक कस्टमर को बुलाकर भी पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया। मोबाइल में नकली नोटों का वीडियो, फिर कार्रवाई का दावारिपोर्ट में बताया गया कि एक आरोपी के मोबाइल में नकली नोटों से जुड़े वीडियो मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने और पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान कई लेन-देन और वसूली के आरोप सामने आए। पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर चुकाए पैसेआरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पैसे जुटाने के लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लिया। इसके बाद कथित रूप से 1 लाख रुपए देकर उसे छोड़ा गया। जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप12 पेज की जांच रिपोर्ट में एएसआई, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में नियंत्रण और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।हालांकि, अभी तक रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई लंबित है और मामला विभागीय स्तर पर जांच के घेरे में है। विभाग में मचा हड़कंपमामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
आंगन की सही दिशा में पौधे लगाने से मिल सकती है सांपों से राहत..

नई दिल्ली। बरसात और गर्मी के मौसम में कई इलाकों में सांपों के घरों की ओर आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। मौसम में बदलाव के कारण जब उनके प्राकृतिक ठिकाने प्रभावित होते हैं, तो वे सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में मानव बस्तियों की ओर बढ़ सकते हैं। ऐसे समय में लोग अक्सर चिंता में आ जाते हैं और सुरक्षा के उपाय ढूंढने लगते हैं। वास्तु शास्त्र में ऐसे कुछ पौधों का उल्लेख मिलता है जिन्हें घर के आसपास लगाने से वातावरण संतुलित रहता है और कई प्रकार के जीवों से दूरी बनाए रखने में मदद मिलती है। इन्हें सही दिशा में लगाने पर घर के चारों ओर एक तरह का प्राकृतिक सुरक्षा घेरा बनने की बात कही जाती है। इनमें एक प्रमुख पौधा स्नेक प्लांट माना जाता है, जो अपने लंबे और नुकीले पत्तों के कारण अलग पहचान रखता है। इसे घर के दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार यह पौधा न केवल वातावरण को शुद्ध करने में मदद करता है, बल्कि घर के आसपास नमी को नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है, जिससे अनचाहे जीवों के आने की संभावना कम मानी जाती है। दूसरा महत्वपूर्ण पौधा गेंदा है, जिसे आमतौर पर सजावट और धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जाता है। इसकी तेज सुगंध और रंग-बिरंगे फूल इसे खास बनाते हैं। वास्तु के अनुसार इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना बेहतर माना जाता है। कई लोग इसे घर की सीमा या बाउंड्री पर भी लगाते हैं ताकि इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र में बना रहे। मान्यता है कि इन पौधों की गंध और बनावट कुछ जीवों के लिए असहज वातावरण पैदा करती है, जिससे वे उस स्थान से दूर रहना पसंद करते हैं। हालांकि यह पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है, फिर भी पारंपरिक रूप से इसे एक सरल और प्राकृतिक उपाय के रूप में अपनाया जाता रहा है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी होती है। पौधों को सही मात्रा में पानी देना, उन्हें साफ-सुथरी और धूप वाली जगह पर रखना आवश्यक माना गया है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि पौधों के आसपास गंदगी, लकड़ियां या कबाड़ जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे उनका प्रभाव कम हो सकता है और अनचाहे जीव वहां छिप सकते हैं। यह भी माना जाता है कि सूखे या मुरझाए पौधे घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए उन्हें समय पर बदल देना चाहिए। कुल मिलाकर, सही दिशा में लगाए गए ये सामान्य पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ एक सुरक्षित और संतुलित वातावरण बनाने में भी सहायक माने जाते हैं। हालांकि किसी भी गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ सलाह लेना हमेशा जरूरी होता है।
17 मई से शुरू अधिक मास: 27 साल बाद खास संयोग, जानें क्या करें और क्या बिल्कुल न करें

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार 17 मई से अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा। इस बार खास बात यह है कि यह ज्येष्ठ मास में लग रहा है, जिससे पूरा महीना 60 दिनों का हो गया है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान विष्णु को समर्पित इस मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, लेकिन इसमें शुभ मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। क्या करें अधिक मास को भक्ति और साधना का महीना कहा गया है। इस दौरान भगवान विष्णु की रोज पूजा-अर्चना करें “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें विष्णु सहस्त्रनाम, गीता या श्रीमद्भागवत का पाठ करें जरूरतमंदों को वस्त्र, फल, जल और अन्न का दान करें पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही शुद्ध जल से स्नान कर पुण्य अर्जित करें माना जाता है कि इस महीने किए गए जप-तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। क्या न करें इस पूरे मास में कुछ कामों से बचना जरूरी माना गया है शादी-विवाह, गृह प्रवेश, सगाई जैसे शुभ कार्य न करें नया बिजनेस या बड़ा काम शुरू करने से बचें तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज) से दूरी रखें झूठ बोलने और किसी का अपमान करने से बचें अधिक मास क्यों लगता है?हिंदू पंचांग चंद्र गणना पर आधारित है, जो सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटा होता है। यह अंतर हर साल बढ़ता जाता है और करीब 32 महीने बाद एक अतिरिक्त महीना जोड़ना पड़ता है इसी को अधिक मास कहा जाता है। कुल मिलाकर, अधिक मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और दान-पुण्य का विशेष समय माना जाता है, जहां सांसारिक कार्यों की बजाय आध्यात्मिक साधना को महत्व दिया जाता है।
ईयरबड्स खरीदने से पहले रुकिए! ये 7 स्मार्ट टिप्स जान लिए तो नहीं होगा पैसा बर्बाद

नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में ईयरबड्स सिर्फ म्यूजिक सुनने का साधन नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं ऑफिस कॉल्स से लेकर जिम और गेमिंग तक। लेकिन बाजार में ढेरों ऑप्शन के बीच गलत चुनाव आपका अनुभव खराब कर सकता है। इसलिए अगर आप नए ईयरबड्स लेने जा रहे हैं, तो इन जरूरी बातों को जरूर ध्यान में रखें। सबसे पहले साउंड क्वालिटी पर फोकस करें। अच्छे ईयरबड्स में बैलेंस्ड बेस, क्लियर वोकल्स और हाई वॉल्यूम पर भी बिना डिस्टॉर्शन के ऑडियो मिलना चाहिए। इसके बाद आता है नॉइज कैंसिलेशन (ANC) अगर आप ट्रैवल या भीड़भाड़ वाली जगहों पर इस्तेमाल करते हैं, तो यह फीचर बाहरी शोर को कम कर शानदार अनुभव देता है। बैटरी लाइफ भी बेहद अहम है। ऐसे ईयरबड्स चुनें जो कम से कम 4-5 घंटे का प्लेबैक दें और केस के साथ 20-25 घंटे का बैकअप हो। साथ ही फास्ट चार्जिंग सपोर्ट हो, ताकि कम समय में ज्यादा इस्तेमाल मिल सके।कनेक्टिविटी के लिए लेटेस्ट Bluetooth (5.2 या उससे ऊपर) बेहतर रहेगा, खासकर गेमिंग के लिए लो-लेटेंसी बहुत जरूरी है। अगर आप कॉलिंग ज्यादा करते हैं, तो ENC (Environmental Noise Cancellation) माइक्रोफोन जरूर देखें, ताकि आपकी आवाज साफ पहुंचे। जिम या आउटडोर यूज के लिए IP रेटिंग (IPX4/IPX5) जरूरी है, जिससे पसीना या हल्की बारिश से डिवाइस सुरक्षित रहे। आखिर में सबसे जरूरी चीज कंफर्ट और फिट। लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए एर्गोनॉमिक डिजाइन और सही फिटिंग वाले ईयरबड्स चुनें, जिनके साथ अलग-अलग साइज के ईयर-टिप्स मिलें। सही ईयरबड्स वही हैं जो आपकी जरूरत के हिसाब से फिट बैठें, सिर्फ ब्रांड या कीमत देखकर फैसला लेना आपको नुकसान में डाल सकता है।
आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर के कोयलारी गांव में आटे में छिपाकर रखे गए विस्फोटक को गायों ने खा लिया, जिससे हुए धमाके में 2 गायों की मौत हो गई और 4 गायें व एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। घटना 5 मई की है जब कोयलारी गांव के तालाब के पास गायें पानी पीने पहुंचीं। वहां खेत किनारे आटे और दाल में लिपटे विस्फोटक गोले रखे गए थे। भूखी गायों ने उन्हें चारा समझकर खा लिया। जैसे ही उन्होंने इन्हें चबाया, जोरदार धमाका हुआ और मवेशियों के जबड़े बुरी तरह फट गए।धमाके में दो गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 4 गायें और एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर हालत: जबड़ा लटका, खाना-पानी बंदघायल पशुओं की स्थिति बेहद गंभीर है। उनका निचला जबड़ा पूरी तरह टूटकर लटक गया है। कई पशुओं के गले और आहार नली तक पत्थर पहुंच गए हैं, जिससे वे न तो खाना खा पा रहे हैं और न ही पानी पी पा रहे हैं।पशु चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत नाजुक है और अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। बचने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है। मौके से मिले और विस्फोटक, बम स्क्वॉड की कार्रवाईसूचना मिलने पर पुलिस और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि खेत के पास और भी 9 विस्फोटक गोले छिपाए गए थे। नर्मदापुरम से बम स्क्वॉड बुलाकर इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया। आरोपी गिरफ्तार, ‘सूअर मारने के लिए रखा बम’ बतायापुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक कोयलारी गांव निवासी राकेश चौहान के खेत के पास रखे गए थे। घटना के बाद वह फरार हो गया था, जिसे बाद में इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए ये “सूअर मार बम” रखे थे और उन पर आटा-दाल चिपका दी थी, ताकि जानवर उन्हें खा लें। पुलिस ने उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है। डॉक्टरों की चेतावनी: हालत बेहद नाजुकपशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक में छोटे पत्थर भी भरे थे, जो मवेशियों के मुंह और आहार नली तक पहुंच गए हैं। इससे अंदरूनी चोटें गंभीर हो गई हैं और जीवित बचने की संभावना बहुत कम है। वन्यजीवों के लिए भी खतरावन विभाग ने मामले की जांच वन्यजीव एंगल से भी शुरू कर दी है, क्योंकि यह क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे “चारा बम” न केवल मवेशियों बल्कि हिरण, नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। सुरक्षा पर सवालविशेषज्ञों का कहना है कि आटे में छिपे ऐसे विस्फोटक ग्रामीणों, बच्चों और जानवरों सभी के लिए बड़ा खतरा हैं। पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।